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  • पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    बिहार के नवादा जिले में एक महिला की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपनी लाड़ली बेटी की शादी में ननद को नहीं दिलाया था. महिला के फैसले से घर और परिवार के लोगों में आक्रोश फैला हुआ था और घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती थी. महिला की हत्या के आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बदले की आग में जल रहे उसके ससुर, देवर और जेठ बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि महिला का पति विदेश में नौकरी करता है जबकि बच्चे घर पर नहीं थे जिसका फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने महिला को बेरहमी से मारना-पीटना शुरू कर दिया जिससे आहत महिला ने प्राण त्याग दिए. इस पूरे हादसे का एक इकलौता गवाह ने घर के सदस्यों को महिला की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

    मृतका के बेटे ने दी गवाही

    यह मामला नवादा जिले के नरहट क्षेत्र के हजरतपुर गांव का बताया जा रहा है जहां इस पूरी वरादात के इकलौते गवाह और महिला के भूपेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बेटे ने गवाही दी कि बहन की शादी में फुआ को निमंत्रण नहीं दिया था जिसके कारण घर में आए दिन विवाद हो रहे थे. सदस्यों में मतभेद रहने लगा था इसलिए मां की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी.

    घर पर अकेला पाकर किया कांड

    45 वर्षीय मृतका पुतुल अपने तीनों बच्चों के साथ गांव के निवास पर अकेली रहती थीं, जबकि पति साउथ अफ्रीका में बेल्डर का काम करते हैं. पुतुल की बेटी की शादी 2 महीने पहले ही हुई थी जिसमें फुआ को न्यौता नहीं दिया था. इससे पहले भी एक मुंडन संस्कार में मृतका की ओर से ननद को निमंत्रण नहीं भेजा था जिसके कारण घर में लंबे समय से लड़ाई-झगड़े हो रहे थे. गुरुवार, देर शाम को भी परिवार के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई थी. महिला को अकेला पाकर ससुर, देवर और पति के बड़े भाई तीनों एक साथ महिला से मारपीट पर उतर आए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

    घटनास्थल से फरार हो गए आरोपी

    मृतका के बेटे ने बताया कि बाबा, चारा और भैसूर ने उसकी मां के साथ बुरी तह से मारपीट की जिससे महिला घायल हो गई थी और कई चोटें भी आईं. महिला की मौत के तुरंत बाद पूरे घर और इलाके में सनसनी फैल गई है. इस वारदात के बाद तीनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया तो शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. फिलहाल मामले की सिरे से जांच-पड़ताल की जा रही है.

    शुरुआती जांच से पता चला कि घटना के वक्त घर में महिला अकेली थी. बच्चे 11 किमी. दूर हिसुआ पढ़ने गए थे. पति विदेश में था. इसलिए तीनों ने मौका देखा और छत फांदकर घर में घुंस आए. तीनों ने मिलकर महिला पर जानलेवा हमले किए, प्रताडना दी और बेरहमी से हत्या कर डाली. बेटे ने बताया कि जब काफी देर तक मां का फोन नहीं लगा तो हालात संदिग्ध लगे जिसके बाद घर की दीवार भी गिरी हुई मिली. बेटे ने बताया कि फुआ के अलावा चाचा से भी वर्षों से विवाद चल रहा था जिसके चलते आना-जाना पूरी तरह से बंद था. फिलहाल घर में मातम पसरा हुआ है. महिला के पति के देश वापस लौटने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा.

  • न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    जापान के इबाराकी प्रीफेक्चर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 42 वर्षीय महिला किसी तरह एक घर से निकलकर पास की दुकान पहुंची, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। उसने दुकान के कर्मचारी को कागज पर लिखकर मदद मांगी। इसके बाद सामने आए आरोपों ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। मामले में 49 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।

    दुकान में लिखित नोट देकर मांगी सहायता

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता आरोपी के घर से निकलकर पास की एक दुकान पहुंची। चूंकि वह बोल नहीं पा रही थी, इसलिए उसने एक लिखित नोट के जरिए अपनी आपबीती बताई और मदद की गुहार लगाई। दुकान कर्मचारी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई।

    होंठ सिलने का आरोप, पुलिस कर रही जांच

    पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि 29 जून को आरोपी ने सुई और धागे की मदद से पीड़िता के होंठ सिल दिए थे, जिससे वह बोल नहीं पा रही थी। इस आरोप के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी ने आरोप स्वीकार किए हैं या नहीं।

    लंबे समय से आरोपी के घर में रह रही थी पीड़िता

    प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीड़िता अप्रैल 2025 से आरोपी के घर में रह रही थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों के बीच क्या संबंध था और किन परिस्थितियों में वह वहां रहने लगी थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह अपनी इच्छा से वहां रह रही थी या किसी दबाव में।

    डर के कारण नहीं निकल सकी बाहर

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय तक भय के कारण घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। मौका मिलने पर वह किसी तरह वहां से निकलकर पास की दुकान पहुंची और लिखित संदेश के माध्यम से मदद मांगी। इसी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

    घर में अन्य लोगों की मौजूदगी की भी जांच

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उस मकान में कई अन्य लोग भी रहते थे, जिनमें महिलाएं और एक किशोर भी शामिल था। पुलिस इन दावों की पुष्टि करने और उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

    कई पहलुओं पर जांच जारी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी के बारे में यह भी दावा किया गया है कि वह पहले जरूरतमंद महिलाओं और युवाओं को रहने की जगह उपलब्ध कराती थी। हालांकि पुलिस इन जानकारियों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। फिलहाल अधिकारियों ने घटना के पीछे की वजह या संभावित मकसद का खुलासा नहीं किया है।

    जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और संभावित कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    Bengaluru Triple Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिसने सभी को हैरान कर दिया है. जानकारी सामने आ रही है कि बदले की भावना या शायद मानसिक अस्थिरता के कारण 34 साल के एक व्यक्ति ने एक ही बार में अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया. आरोपी ने अपनी मां, बुजुर्ग दादी और अविवाहित जीजा पर चाकू से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी.

    बताया जा रहा है कि इस तीहरे हत्याकांड के बाद जब आरोपी भागने में नाकाम रहा तो उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी. जिसके बाद एक ही घर में 4 शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.

    कब की है घटना?

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात घटित हुई. पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 34 वर्षीय प्रशांत के तौर पर हुई है. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि वो पेशे से ड्राइवर था. वो अपनी मां मंगलम्मा, बुजुर्ग दादी नंजम्मा और अविवाहित साला सतीश के साथ रहता था. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था तो प्रशांत के सिर पर खूनी गुस्सा सवार हो गया. उसने घर से तेज धार वाला चाकू उठाया और तीनों पीड़ितों को एक-एक करके जानलेवा हमला किया. मदद के लिए चिल्लाने का मौका दिए बिना ही उसने उन्हें घातक चोटें पहुंचाईं. जिसकी वजह से तीनों की मौके पर मौत हो गई.

    आरोपी ने दे दी जान

    मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, इस भयानक और खूंखार हत्याकांड को अंजाम देने के बाद प्रशांत अंधेरे का फायदा उठाकर घर से भागने की कोशिश में था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. घर से आ रही संदिग्ध आवाजों और प्रशांत के घबराए हुए व्यवहार को देखकर स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए. सूझबूझ दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने कातिल प्रशांत को घेर लिया.

    जिसके बाद आरोपी प्रशांत ने वो कदम उठाया. जिससे सभी सन्न रह गए. अपनी जान और पुलिस की हिरासत के डर से प्रशांत वापस घर से अंदर भागा. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और उसे उसी खौफनाक मंजर के बीच फंसा दिया. हालांकि स्थानीय लोगों का इरादा प्रशांत को पुलिस के हवाले करना था. लेकिन आरोपी प्रशांत ने खौफनाक कदम उठा लिया. जब अगली सुबह पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो उन्हें प्रशांत का शव छत के पंखे से लटका हुआ मिला.

    प्रशांत ने क्यों की हत्या?

    इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस अधिकारी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी प्रशांत गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था. हम इस भयानक घटना के असली कारण का पता लगाने के लिए उसके इलाज और मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रहे हैं.

  • झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

    झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

    झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

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    जमशेदपुर में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एमजीएम थाना क्षेत्र के सिमुलडांगा में बुधवार की रात शराब पिलाकर महिला के साथ दो लोगों ने गैंगरेप किया। इस दौरान विरोध करने पर महिला से मारपीट भी की। पीड़िता का एमजीएम अस्पताल में इलाज कराया गया। पुलिस ने घटना में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, आरोपी का मोबाइल तथा घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद की गई हैं। साथ ही अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।

    ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बुधवार देर रात करीब एक बजे डायल 112 के माध्यम से एमजीएम थाना प्रभारी को सूचना मिली कि सिमुलडांगा गांव के समीप सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी है। इसके बाद पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में एमजीएम थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची और महिला को अस्पताल पहुंचाया।

    पहले मिर्जाडीह ले गए, फिर सिमुलडांगा

    पीड़िता के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे ओमप्रकाश और जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा उसे डिमना चौक से बाइक पर बैठाकर डिमना लेक के पास मिर्जाडीह हाट की ओर ले गए। वहां दोनों ने पहले उसे शराब पिलाई और जबरदस्ती का प्रयास किया। इसके बाद वे डिमना चौक पहुंचे, जहां से फिर शराब खरीदी और महिला को भिलाईपहाड़ी एवं सिमुलडांगा के बीच रूपाईडांगा मैदान के पास सुनसान स्थान पर ले गए। यहां दोनों ने महिला को जबरन शराब पिलाई और स्वयं भी पी। इसके बाद दुष्कर्म किया। विरोध पर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, मुंह, बांह और पीठ पर गंभीर चोटें आई। महिला ने एक आरोपी ओमप्रकाश के चेहरे पर नाखून मार दिया,जो जांच में साक्ष्य साबित हुआ। पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि छह घंटे के भीतर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में मुखियाडांगा में रहने वाला ओमप्रकाश (38) व छोटू गैरेज के नाम से पहचाने जाने वाला जितेंद्र कुमार शर्मा (26) शामिल हैं। दोनों बिहार के रहने वाले हैं।

    पुलिस को रात 1 बजे 112 नंबर पर मिली सूचना

    पुलिस को घटना की सूचना बुधवार रात एक बजे डायल 112 पर मिली थी। पुलिस ने घटनास्थल से शराब की बोतलें, तीन प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लास बरामद किए। वहीं, आरोपी ओमप्रकाश के किराये के मकान से बाइक और मोबाइल जब्त किया। अभियान का नेतृत्व पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार ने किया। छापेमारी में एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास सहित कई पदाधिकारी थे।

  • मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    अध्याय 5 : मृत्यु का रहस्य

    भाग 5.1 (अध्याय–1)

    मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
    ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥

    गरुड़ पुराण का नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के मन में मृत्यु, यमलोक और नरक का विचार आता है। इसलिए बहुत से लोग इस ग्रंथ को केवल किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही सुनते या पढ़ते हैं। किंतु यह धारणा पूर्णतः सही नहीं है। गरुड़ पुराण केवल मृत्यु का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही ढंग से जीने का मार्गदर्शन देने वाला दिव्य शास्त्र है।

    जब भगवान श्रीहरि विष्णु के वाहन और परम भक्त गरुड़ जी ने भगवान से पूछा—

    “हे प्रभु! मृत्यु क्या है? मनुष्य इससे इतना भयभीत क्यों रहता है? और मृत्यु के बाद वास्तव में क्या होता है?”

    तब भगवान विष्णु ने अत्यंत करुणा के साथ मृत्यु का रहस्य बताना प्रारम्भ किया।

    भगवान ने कहा—

    “हे गरुड़! मृत्यु वह नहीं है जिसे संसार का अज्ञानी मनुष्य समझता है। मृत्यु किसी जीव का अंत नहीं, बल्कि उसके शरीर का अंत है। आत्मा न कभी जन्म लेती है और न कभी मरती है। वह केवल एक शरीर को छोड़कर दूसरे मार्ग पर आगे बढ़ती है।”

    यही गरुड़ पुराण का मूल संदेश है।


    मृत्यु से मनुष्य क्यों डरता है?

    भगवान विष्णु कहते हैं कि मनुष्य मृत्यु से नहीं, बल्कि अज्ञान से डरता है।

    जिसे यह ज्ञान नहीं कि वह वास्तव में शरीर नहीं, बल्कि आत्मा है, वह मृत्यु को सब कुछ समाप्त हो जाना मान लेता है।

    मनुष्य सोचता है—

    • मेरा परिवार छूट जाएगा।
    • मेरा धन यहीं रह जाएगा।
    • मेरा घर, मेरा व्यवसाय, मेरी प्रतिष्ठा समाप्त हो जाएगी।
    • अब मेरा क्या होगा?

    यही मोह और अज्ञान मृत्यु के भय का सबसे बड़ा कारण है।

    लेकिन जो मनुष्य आत्मा के स्वरूप को जान लेता है, उसके लिए मृत्यु भय का विषय नहीं रहती। वह इसे ईश्वर की बनाई हुई एक स्वाभाविक व्यवस्था के रूप में स्वीकार करता है।


    मृत्यु क्या है?

    गरुड़ पुराण के अनुसार—

    “जब आत्मा अपने कर्मों के अनुसार इस शरीर में रहने का समय पूर्ण कर लेती है, तब वह इस शरीर को छोड़ देती है। इसी घटना को मृत्यु कहते हैं।”

    अर्थात मृत्यु केवल शरीर और आत्मा का अलग होना है।

    शरीर पंचमहाभूतों से बना है—

    • पृथ्वी
    • जल
    • अग्नि
    • वायु
    • आकाश

    इन पाँच तत्वों का एक दिन अपने मूल स्वरूप में लौट जाना निश्चित है।

    आत्मा इन पाँच तत्वों से नहीं बनी है। इसलिए वह इनकी तरह नष्ट भी नहीं होती।


    शरीर और आत्मा में अंतर

    गरुड़ पुराण बार-बार समझाता है कि मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यही है कि वह शरीर को ही अपना वास्तविक स्वरूप मान बैठता है।

    शरीर बदलता है—

    • बचपन
    • युवावस्था
    • वृद्धावस्था

    लेकिन इन सभी अवस्थाओं में “मैं” का अनुभव करने वाला कौन है?

    वह आत्मा है।

    शरीर बीमार होता है, बूढ़ा होता है और अंत में समाप्त हो जाता है।

    आत्मा इन सबसे परे है।

    इसीलिए भगवान विष्णु कहते हैं कि बुद्धिमान मनुष्य शरीर की देखभाल तो करता है, लेकिन अपना पूरा जीवन केवल शरीर के सुख में व्यर्थ नहीं करता। वह आत्मा के कल्याण का भी प्रयास करता है।


    श्रीमद्भगवद्गीता का प्रमाण

    भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं—

    “न जायते म्रियते वा कदाचित्
    नायं भूत्वा भविता वा न भूयः।
    अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो
    न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥” (गीता 2.20)

    भावार्थ :

    आत्मा का कभी जन्म नहीं होता और न कभी मृत्यु होती है। वह अजन्मा, नित्य, शाश्वत और सनातन है। शरीर के नष्ट होने पर भी आत्मा नष्ट नहीं होती।

    गरुड़ पुराण इसी सिद्धांत को और विस्तार से समझाता है।


    संसार में जो आया है, उसे जाना भी होगा

    भगवान विष्णु गरुड़ जी से कहते हैं—

    इस संसार का यही नियम है।

    • जो जन्मा है, वह एक दिन अवश्य मरेगा।
    • जो बना है, वह एक दिन नष्ट होगा।
    • जो मिला है, वह एक दिन छूट जाएगा।

    राजा हो या भिखारी…

    विद्वान हो या अज्ञानी…

    धनी हो या निर्धन…

    मृत्यु किसी में भेदभाव नहीं करती।

    इसीलिए ऋषि-मुनियों ने कहा है कि मृत्यु संसार का सबसे बड़ा सत्य है।


    फिर मनुष्य को क्या करना चाहिए?

    यदि मृत्यु निश्चित है, तो क्या मनुष्य सब कुछ छोड़कर बैठ जाए?

    भगवान विष्णु कहते हैं—नहीं।

    मृत्यु का ज्ञान मनुष्य को आलसी नहीं, बल्कि सजग बनाना चाहिए।

    मनुष्य को चाहिए कि—

    • सत्य बोले।
    • धर्म का पालन करे।
    • माता-पिता की सेवा करे।
    • किसी के साथ अन्याय न करे।
    • भगवान का स्मरण करे।
    • अपने कर्मों को पवित्र बनाए।

    क्योंकि मृत्यु के बाद धन नहीं, कर्म साथ जाते हैं।


    गरुड़ पुराण का पहला संदेश

    भगवान विष्णु कहते हैं—

    “हे गरुड़! जो मनुष्य मृत्यु को समझ लेता है, वह जीवन को भी सही अर्थों में समझ लेता है।”

    जो व्यक्ति मृत्यु को भूलकर जीता है, वह अक्सर लोभ, क्रोध, मोह और अहंकार में फँस जाता है।

    लेकिन जो यह स्मरण रखता है कि एक दिन यह शरीर छूट जाएगा, वह अपने प्रत्येक कर्म को सोच-समझकर करता है।

    ऐसा व्यक्ति दूसरों को दुःख नहीं देता, क्योंकि उसे ज्ञात होता है कि प्रत्येक कर्म का फल उसे अवश्य मिलेगा।


    जीवन की शिक्षा

    गरुड़ पुराण हमें मृत्यु से डरना नहीं सिखाता, बल्कि मृत्यु के माध्यम से सही जीवन जीना सिखाता है।

    यदि हम प्रतिदिन यह स्मरण रखें कि यह शरीर नश्वर है, तो—

    • हमारा अहंकार कम होगा।
    • क्रोध कम होगा।
    • लालच कम होगा।
    • दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा बढ़ेगी।
    • भगवान के प्रति श्रद्धा दृढ़ होगी।

    यही मृत्यु के ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य है।


    अगले अध्याय में

    गरुड़ पुराण – अध्याय 5.1 (भाग–2)

    “मृत्यु क्यों होती है? क्या हर मृत्यु पहले से निश्चित होती है? प्रारब्ध, काल और ईश्वर की व्यवस्था का गूढ़ रहस्य।”

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे

  • बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    सिवनी के उगली में बंद घर से शिक्षक दंपति के पूरी तरह जले शव बरामद हुए। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। पुलिस, फोरेंसिक और एफएसएल टीम जांच में जुटी है। हादसा, आत्महत्या या हत्या सभी पहलुओं से जांच जारी है।

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

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    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के उगली थाना अंतर्गत ग्राम उगली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद घर के भीतर शिक्षक दंपति के पूरी तरह से जल चुके शव बरामद हुए हैं। शव इस कदर जल चुके हैं कि वे केवल राख और हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गए हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना भी असंभव हो गया है। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरा इलाका स्तब्ध है और हर तरफ केवल इसी रहस्यमयी घटना की चर्चा हो रही है।

    दो दिनों से बंद था घर, नहीं हो रहा था संपर्क 
    मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे (पदस्थ: ग्राम कुम्हड़ा, केवलारी) और शिक्षक समन सिंह धुर्वे (पदस्थ: दामीझोला, मोहबर्रा) के रूप में की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से इस दंपति से उनके परिजनों और परिचितों का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो शुक्रवार शाम को लोग उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा बंद था। जब भीतर जाकर देखा गया तो अंदर का नजारा बेहद खौफनाक और विचलित करने वाला था।

    पलंग पर मिले कंकाल, सामान भी जलकर खाक
    घर के भीतर कमरे में दोनों के शव पलंग पर पड़े हुए थे। आग की लपटें इतनी भीषण रही होंगी कि शवों के साथ-साथ कमरे में रखा पलंग, कूलर और अन्य सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह दर्दनाक घटना दो दिन पहले रात के वक्त या उसके बाद किसी समय घटित हुई है। हालांकि, बंद कमरे के भीतर इतनी भीषण आग कैसे लगी और बाहर किसी को भनक क्यों नहीं लगी, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

    डीएनए टेस्ट से होगी आधिकारिक पुष्टि 
    मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सिवनी के पुलिस अधीक्षक, केवलारी के पुलिस उपअधीक्षक और फिंगरप्रिंट व फोरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। चूंकि शव पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं, इसलिए वैज्ञानिक रूप से पहचान स्थापित करने के लिए दंपति के बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हो सकेगी कि ये शव शिक्षक दंपति के ही हैं।

    जांच में जुटी पुलिस 
    शिक्षक दंपति के बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं, जिसके कारण वे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह एक दर्दनाक हादसा है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश और सुनियोजित हत्या है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटना की परिस्थितियों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, उगली थाना पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की…

    Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की है और जांचकर्ताओं को आशंका है कि यह वारदात कथित अवैध संबंधों से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों में महिला का पति, देवर, चाचा ससुर और कथित प्रेमी शामिल हैं।

    जंगल और गन्ने के खेत में मिले मां-बेटे के शव
    पुलिस के अनुसार, महिला पिछले करीब 2 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी। पुलिस ने बताया कि बुधवार को मोदहा तैय्या गांव के पास जंगल से महिला का शव बरामद हुआ था और इसके अगले दिन गुरुवार को उसके 10 वर्षीय बेटे का शव करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत से बरामग किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई जबकि महिला का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था।

    पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे
    पुलिस ने बताया कि दोनों की पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरों को जला दिया गया था हालांकि, बच्चे का चेहरा पूरी तरह से नहीं जला था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान मोदहा तैय्या गांव निवासी जसराम के बेटे अंकुश के रूप में की और बाद में महिला की पहचान जसराम की पत्नी सीमा के रूप में हुई।

    कातिलों के बेहद करीब पहुंची पुलिस
    पुलिस के मुताबिक, जसराम ट्रक चालक है लेकिन बीमारी के कारण वह काम करने में असमर्थ है और गांव में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि वहीं, सीमा करीब 2 साल पहले वैवाहिक विवाद के बाद अपने बेटे के साथ अलग रहने लगी थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सीमा कुछ समय से फलैदा गांव के एक व्यक्ति के कथित तौर पर संपर्क में थी। सिंह ने बताया कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। केवल घटनाक्रम और बाकी कड़ियों को जोड़ना बाकी है।

  • शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    Amravati Minor Suicide Case : महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बता दें कि यह दर्दनाक वाकया अमरावती के शेंदुरजनाघाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। आत्महत्या से पहले मृतका ने एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट लिखा है जिसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रेमी, उसके एक दोस्त और मृतका की ही दो सहेलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    सुसाइड नोट के मुताबिक पीड़िता का पिछले 10 महीनों से एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म (शारीरिक शोषण) किया। पीड़िता ने खत में इस बात का भी गंभीर आरोप लगाया है कि इस पूरे कृत्य में मुख्य आरोपी की मदद उसकी दो सहेलियों ने भी की थी।

    पिता की बदनामी नहीं सह सकती 

    सुसाइड नोट में लड़की ने अपना गहरा दर्द बयां करते हुए लिखा- मैं अपने पिता पर कोई तनाव नहीं डाल सकती, समाज में बात फैलने पर पिता की बदनामी होगी। इसी गहरे मानसिक सदमे और लोकलाज के डर से उसने जहर पी लिया। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। शेंदुरजनाघाट पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को…

    Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को दोषी ठहराया था और शुक्रवार को उसे सजा सुनाई गयी।

    भाभी का इनकार और मासूम की निर्मम हत्या
    उपाध्याय ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि 30 मई को वीराज अपनी भाभी रति से मिलने गया था। उन्होंने बताया कि अरांव थाना क्षेत्र के बमई गांव की रहने वाली रति उस समय शिकोहाबाद में अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थीं। उपाध्याय ने बताया कि वीराज ने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने ठुकरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी ने अपने डेढ़ वर्षीय भतीजे आरव को बार-बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी।

    पुलिस की 6 दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
    वकील ने बताया कि इसके बाद वह बच्चे के शव को कंधे पर रखकर ले गया और ज5ब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो वह शव वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया और महज 6 दिनों में सभी गवाहों के बयान दर्ज करा दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष ने केवल एक गवाह प्रस्तुत किया।

    कातिल चाचा को सीधे मौत की सजा
    फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की और आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को मौत की सजा सुनाते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। वीराज ने पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई की पत्नी से शादी करना चाहता था और उसका बेटा इस राह में बाधा था।

  • तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    Telangana POCSO Accused Mass Murder: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में छह लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोक्सो एक्ट के आरोपी ने जमानत पर बाहर निकलने के बाद अपनी पत्नी और दो बच्चों के अलावा आरोप लगाने वाली नाबालिग, उसकी मां और नानी की बेरहमी से हत्या कर दी। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।

    तेलंगाना पुलिस के अनुसार, यह घटना रंगा रेड्डी जिले के शाहाबाद क्षेत्र के दैवलागुडा गांव की है। आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पर कुछ दिनों पहले ही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले में आरोपी को जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

    पहले की पत्नी और बच्चों की हत्या

    बताया जा रहा है कि आरोपी राजकुमार ने कथित तौर पर चाकू से वार करके सबसे पहले अपनी पत्नी को मौत के घाट उताया और उसके बाद अपने ही दो बच्चों का कत्ल कर दिया। वारदात को अंजाम देते ही परिवार में कोहराम मच गया। अपने परिवार को खत्म करने के बाद आरोपी दूसरी जगह पहुंचा, जहां उसने उस पर आरोप लगाने वाली पीड़ित नाबालिग लड़की, उसकी मां और नानी की हत्या कर दी।


    तेलंगाना पुलिस ने बताया कि राजकुमार नाम के एक व्यक्ति ने बेरहमी से छह लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी। उसने अपनी पत्नी, अपने दो बच्चों और तीन अन्य लोगों की हत्या कर दी। आरोपी ने अपने खिलाफ पोक्सो का मामला दर्ज होने के बाद बदले की भावना से ये हत्याएं कीं।

    यह भी पढ़ें – फिरोजाबाद आरव हत्याकांड: डेढ़ साल के मासूम के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा; 40 दिन में मौत का फरमान

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

    हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी राजशेखर को अपनी हिरासत में ले लिया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस थाने में ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने औपचारिक मामला दर्ज कर लिया।

    फिलहाल, तेलंगाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीमों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। जांच अधिकारी घटनाओं के क्रम को समझने और इस हत्याकांड के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।