जनपद बिजनौर के थाना नूरपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले सात सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, ₹12,300 नकद तथा अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे Cy-Vajra अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की जांच में यह गिरोह सामने आया। आरोपियों ने परिवहन विभाग की आधिकारिक HSRP वेबसाइट की हूबहू नकल कर bookkhsrplate.com
और bookmyhsrp.com
नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की थीं। इन वेबसाइटों के माध्यम से आम लोगों से HSRP बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराकर साइबर ठगी की जा रही थी।
थाना नूरपुर में इस संबंध में 8 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 9 जुलाई को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी वेबसाइट बनाने के लिए डोमेन खरीदने, वेबसाइट डिजाइन और तकनीकी कार्यों में ऑनलाइन AI टूल्स सहित विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया। ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में मंगाकर आपस में बांट लिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य बैंक खातों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के एक शहर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग शिक्षक कथित तौर पर कई दिनों तक अपने ही घर में बंद रहे। आरोप है कि उनकी पत्नी उन्हें कमरे में बंद कर मायके चली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आसपास के लोग भी ताला खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
बताया जा रहा है कि पत्नी घर छोड़ते समय कुछ दिनों का खाना बनाकर रख गई थी। जब वह खाना खत्म हो गया, तब बुजुर्ग के भाई ने खिड़की के रास्ते उन्हें भोजन पहुंचाना शुरू किया। कई दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा।
पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना
काफी दिन बीतने के बाद एक पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह कथित तौर पर इतने डरे हुए थे कि उन्होंने पहले दरवाजा न खोलने की बात कही। बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
पहले भी कई बार हो चुकी थी ऐसी घटना
बुजुर्ग ने बताया कि यह पहली बार नहीं था। उनका दावा है कि उनकी पत्नी पहले भी कई बार उन्हें कमरे में बंद करके बाहर जा चुकी है। इस बार भी कुछ दिनों के लिए खाना बनाकर रखा गया था और उसके बाद उनके भाई ने खिड़की के जरिए भोजन पहुंचाया।
मामले की जांच जारी
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तिरुपति अपराध : तिरुपति ग्रामीण मंडल में ओटेरू राष्ट्रीय राजमार्ग के पास घटी घटना ने सनसनी मचा दी है। कुरनूल जिले के अडोनी निवासी मेस्त्री श्रीनिवासुलु (35) की इसी इलाके में बेरहमी से हत्या कर दी गई। रात में शराब पीने गए अज्ञात लोगों ने उन पर हमला किया। तिरुपति में मेस्त्री श्रीनिवासुलु की हत्या से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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तिरुपति में फोरमैन की हत्या
घटना का विवरण इस प्रकार है:
श्रीनिवास तिरुपति में काम के सिलसिले में रहते हैं और राजमिस्त्री का काम करके अपना जीवन यापन करते हैं। घटना वाली रात, जब वह शराब पी रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। उनके बीच क्या बात हुई, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उन्होंने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहीं से मिली सीमेंट की ईंटें उठाईं और श्रीनिवास के सिर पर वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
तिरुपति अपराध: पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है
सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। हत्या के पीछे व्यक्तिगत विवाद या किसी अन्य कारण का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मैनपुर क्षेत्र के बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
मैनपुर पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को आकाश कश्यप की संदिग्ध मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत गंभीर मारपीट के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के पर्यवेक्षण में मैनपुर थाना पुलिस की विशेष टीम ने की।
मामूली विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना किसी पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम नहीं था, बल्कि मामूली विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा ने एक युवक की जान ले ली। हालांकि पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि मारपीट के पीछे कोई पुरानी रंजिश, आपसी दुश्मनी या अन्य कारण तो नहीं था। विवेचना अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और बनावट को बहुत महत्व दिया गया है। वास्तु नियमों का पालन करने से घर में पॉजिटिविटी और सुख-समृद्धि बनी रहने की मान्यता है। वहीं, कुछ वास्तु संबंधी गलतियां नकारात्मक प्रभाव बढ़ा सकती हैं। इन्हीं में से एक किचन और बाथरूम का एक-दूसरे के बिल्कुल पास होना है। अगर घर में ऐसी स्थिति है तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
किचन-बाथरूम न हों साथ: वास्तु शास्त्र की माने तो घर में किचन और बाथरूम एक-दूसरे से सटाकर नहीं बनाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। अगर पहले से ऐसा निर्माण है तो बाथरूम का दरवाजा इस्तेमाल के बाद हमेशा बंद रखें। ऐसा करने से किचन तक नकारात्मक प्रभाव पहुंचने की संभावना कम मानी जाती है।
मुख्य द्वार पर सही पौधे:घर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास कांटेदार या दूध निकलने वाले पौधे लगाने से बचना चाहिए। ये घर के वातावरण को नकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। घर के आगे कांटेदार पौधे होते हैं तो दुश्मन बढ़ने लगते हैं। पारिवारिक जीवन में मतभेद बढ़ने लगते हैं और घर के लोगों की सेहत खराब रहती है।
आग और पानी रखें अलग: रसोई में गैस स्टोव और सिंक या पानी से जुड़े अन्य स्थानों को एक-दूसरे के बिल्कुल पास नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार अग्नि और जल दो विपरीत तत्व हैं, इसलिए इनके बीच उचित दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है।
डस्टबिन: वास्तु शास्त्र की माने तो घर के आगे कूड़ेदान नहीं होना चाहिए। ये घर वालों के लिए कष्टकारी माना जाता है। इसके कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है। जो घर के लोगों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन लाने और उनकी सेहत खराब करने में जिम्मेदार माना जाता है।
साफ-सफाई का रखें ध्यान: घर में नियमित रूप से साफ-सफाई करना भी वास्तु का महत्वपूर्ण नियम माना जाता है। मकड़ी के जाले, कबाड़ और बेकार सामान को समय-समय पर हटाते रहने से घर का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित रहता है। मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है।
मधुमेह : भारत में करोड़ों मधुमेह रोगियों को राहत देने के लिए एक नया चिकित्सीय आविष्कार सामने आया है। डेनमार्क की अग्रणी दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारतीय बाजार में विश्व का पहला साप्ताहिक बेसल इंसुलिन इंजेक्शन ‘अविक्ली’ लॉन्च किया है। आमतौर पर, मधुमेह की गंभीरता के आधार पर, रोगियों को प्रतिदिन इंसुलिन इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। लेकिन, यह नया इंजेक्शन सप्ताह में केवल एक बार ही पर्याप्त है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि यह टाइप-1 और टाइप-2 दोनों प्रकार के मधुमेह के उपचार में चमत्कारिक रूप से कारगर है। इस नवोन्मेषी इंसुलिन के कारण, रोगियों द्वारा एक वर्ष में लिए जाने वाले इंजेक्शनों की संख्या 365 से घटकर मात्र 52 रह जाएगी। इससे रोगियों को प्रतिदिन सुई चुभने के दर्द से बड़ी राहत मिलेगी।
कीमत: 2,611 रुपये। आम आदमी के लिए दस सप्ताह की खुराक उपलब्ध है।
कंपनी ने इस इंजेक्शन की कीमत इस तरह तय की है कि यह न केवल चिकित्सकीय रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी मरीजों के लिए फायदेमंद हो। भारतीय बाजार में 1 मिलीलीटर पेन की कीमत 2,611 रुपये निर्धारित की गई है। इस एक पेन में लगभग 700 यूनिट इंसुलिन होता है। इसकी खासियत यह है कि यह 1 मिलीलीटर पेन एक सामान्य मधुमेह रोगी के लिए लगभग 10 सप्ताह (ढाई महीने) तक लगातार पर्याप्त है। इसका मतलब है कि यह प्रीमियम चिकित्सा सेवा, जिसे सप्ताह में एक बार लिया जाता है, औसतन प्रति माह एक हजार रुपये से कम की लागत पर उपलब्ध होगी। चिकित्सा सूत्रों को उम्मीद है कि यह ‘अविकली’ इंजेक्शन उन लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा जो हर दिन इंसुलिन लेना भूल जाते हैं और जो बहुत यात्रा करते हैं, और इससे मधुमेह को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा।
केले के फूल के फायदे: हमारे आसपास प्रकृति में पाए जाने वाले कई पौधों में औषधीय गुणों का भंडार छिपा है। आमतौर पर हम सभी केले और प्लांटैन खूब खाते हैं। लेकिन, बहुत से लोग यह नहीं जानते कि केले के पेड़ से निकलने वाले ‘केले के फूल’ में केले की तुलना में दस गुना अधिक पोषक तत्व और खनिज होते हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में इसे पकाकर या कच्चा खाया जाता है, लेकिन कई घरों में इसे बेकार समझकर फेंक दिया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा अनुसंधान के अनुसार, आहार में केले के फूल को शामिल करने से न केवल मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, बल्कि गुर्दे की पथरी को घोलने में भी मदद मिलती है। आइए जानते हैं उस अनोखे केले के फूल के 7 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ, जो हमारे शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है।
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केले के फूल के 7 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ
रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना
केले के फूल में मधुमेह रोधी गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर में इंसुलिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होता है। टाइप-2 मधुमेह के रोगियों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि इसका नियमित सेवन रक्त शर्करा के स्तर को अचानक बढ़ने से रोककर नियंत्रित करने में मदद करता है।
केले के फूल के फायदे: गुर्दे की पथरी की रोकथाम
केले का फूल एक उत्कृष्ट प्राकृतिक मधुमेह निवारक के रूप में कार्य करता है। इसका अर्थ है कि यह शरीर से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है। इसमें मौजूद विशेष यौगिक गुर्दे में कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल के जमाव को रोकते हैं। इससे गुर्दे की पथरी का खतरा काफी कम हो जाता है।
गर्भाशय संबंधी समस्याओं की जांच करें
केले का फूल महिलाओं के मासिक धर्म के दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव और पीसीओडी (प्रोजेस्टेरोन सिंड्रोम) की समस्याओं के लिए एक शक्तिशाली औषधि है। यह शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ाता है, गर्भाशय को स्वस्थ रखने में मदद करता है और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करता है।
पाचन क्रिया में सुधार होता है।
केले के फूल में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पेट में एसिड के स्तर को संतुलित करता है और एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है। यह पाचन संबंधी संक्रमणों से भी प्रभावी रूप से बचाव करता है।
एनीमिया की रोकथाम
हमारे देश में कई महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। केले के फूल में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसे सब्जी के रूप में पकाकर खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है और थकान व कमजोरी दूर होती है।
हृदय स्वास्थ्य सुरक्षित है।
इसमें मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और धमनियों में रक्त के थक्के बनने से रोकते हैं। इससे दिल के दौरे का खतरा कम होता है।
तनाव और चिंता को कम करता है
केले के फूल में प्राकृतिक मैग्नीशियम पाया जाता है। मैग्नीशियम एक प्राकृतिक अवसादरोधी है जो हमारे मूड को बेहतर बनाता है। यह नसों को शांत करता है, मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है और रात को अच्छी नींद लाने में मदद करता है।
यदि आप सप्ताह में कम से कम एक बार केले के फूल को साफ करके प्याज और मसालों के साथ करी के रूप में पकाते हैं, तो आपको इसके अद्भुत स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होंगे।
जोगुलम्बा गडवाल अपराध: खेत के पास सो रहे एक युवक की निर्मम हत्या..! यह घटना मालदकल मंडल के उलिगेपल्ली गांव में घटी। पुलिस मौके पर पहुंची… जोगुलम्बा गडवाल जिले के मालदकल मंडल के उलिगेपल्ली गांव में एक दुखद घटना घटी। बुधवार रात खेत के पास सो रहे 22 वर्षीय बोया महेश नामक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हत्या के पूरे विवरण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाए हैं।
उलिगेपल्ली में हुई क्रूर हत्या की घटना
जोगुलाम्बा गडवाल अपराध: जांच जारी
हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है ताकि पता चल सके कि यह कोई पुराना विवाद था या कोई और कारण। पूरी जानकारी जुटाने के लिए वे महेश के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच कर रही है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर स्पष्टता की प्रतीक्षा है।
कोंडागांव। जिले के फरसगांव और केशकाल थाना क्षेत्र में शिक्षकों को विभिन्न बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार अब तक इस गिरोह ने 43 शिक्षकों को अपना शिकार बनाया है और उनसे करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। हालांकि कुछ पीड़ित शिक्षकों का कहना है कि बदनामी और सामाजिक संकोच के कारण कई लोग अब भी सामने नहीं आए हैं। उनका दावा है कि जिले में 150 से 200 शिक्षक इस तरह की ठगी का शिकार हो सकते हैं।
शिकायतों से खुला करोड़ों की ठगी का राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब फरसगांव निवासी संजय कोडोपी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्हें और उनके साथियों को विभिन्न बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की गई।
इसी तरह बड़ेडोंगर निवासी अनंत कुमार निर्मलकर ने करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। वहीं केशकाल क्षेत्र के देवेन्द्र किशोर खवास, योगेश्वर बैद्य सहित अन्य शिक्षकों ने भी करोड़ों रुपये की ठगी की रिपोर्ट पुलिस को दी।
इन शिकायतों के आधार पर फरसगांव और केशकाल थानों में कुल चार अलग-अलग अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।
ऐसे फंसाए जाते थे शिक्षक
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरोह पहले शिक्षकों से संपर्क करता और कम समय में कई बैंकों से बड़ी राशि का पर्सनल लोन दिलाने का भरोसा देता।
इसके बाद बैंक कर्मचारियों और लोन एजेंटों के माध्यम से अलग-अलग बैंकों में लोन आवेदन करवाए जाते। लोन स्वीकृत होने के बाद शिक्षकों को केवल 40 प्रतिशत राशि दी जाती, जबकि शेष 60 प्रतिशत रकम आरोपियों और उनके सहयोगियों के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी।
आरोपी पीड़ितों को भरोसा दिलाते थे कि दो से तीन वर्षों के भीतर पूरा लोन, ब्याज और एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। लेकिन कुछ समय बाद आरोपी रकम लेकर फरार हो जाते थे और पूरा कर्ज शिक्षकों के सिर पर छोड़ देते थे।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से कराया लोन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। कई शिक्षकों के पते में बदलाव कर नकली आधार कार्ड बनवाए गए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लोन स्वीकृत कराया गया।
तीन महीने चली तकनीकी और वित्तीय जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय और एसडीओपी केशकाल अरुण नेताम के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ितों और आरोपियों के बैंक खातों का विस्तृत विश्लेषण किया। मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। लगातार तीन महीने तक अलग-अलग जिलों में दबिश देने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
शिवशंकर दास (अंबिकापुर)
दिलीप कुमार सोनी (अंबिकापुर)
विरेंद्र तिर्की (जशपुर)
श्यामसुंदर जांगड़े (सारंगढ़)
अंशुमान सिंह (अंबिकापुर)
जब्त किए गए सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी और रजिस्टर, लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर समेत अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सभी दस्तावेजों की जांच जारी है।
अन्य जिलों तक नेटवर्क फैले होने की आशंका
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक एजेंटों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की ठगी को अंजाम दे चुका है। इसी कारण जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
बैंकिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले ने बैंकिंग प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के अनुसार एक बैंक से लिया गया लोन क्रेडिट रिकॉर्ड (CIBIL/Loan Database) में अपडेट होने में लगभग 6 से 7 दिन का समय लग जाता है। इसी अंतराल का फायदा उठाकर आरोपी पीड़ितों के नाम पर दो से तीन दिनों के भीतर अलग-अलग बैंकों से कई पर्सनल लोन स्वीकृत करा लेते थे।
ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सभी बैंकों के बीच रियल-टाइम क्रेडिट वेरिफिकेशन और लोन हिस्ट्री की तत्काल जांच की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, ताकि एक ही व्यक्ति को कम समय में कई बैंकों से समानांतर लोन मिलने की संभावना समाप्त हो सके।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के काले कारोबार पर पुलिस ने जबरदस्त कार्रवाई की है। जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महज 48 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर एक महिला समेत 7 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 24.53 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। बरामद चिट्टे की कीमत अवैध बाजार में लाखों रुपए बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने तीनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर तस्करों के पूरे नैटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है।
कंदरौर में रिहायशी मकान में दबिश, 11.20 ग्राम चिट्टे के साथ 5 गिरफ्तार
पहले मामले में थाना सदर की टीम ने कंदरौर क्षेत्र के एक रिहायशी मकान में दबिश देकर 11.20 ग्राम चिट्टे के साथ 5 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ये कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर अमल में लाई है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरजीत सिंह उर्फ कालू निवासी गांव कंदरौर, तहसील सदर व जिला बिलासपुर, शंकर दयाल निवासी बल्ही-झलेड़ा, डाकघर बिनौला व जिला बिलासपुर, हंसराज निवासी घरबासड़ा, डाकघर चलैहली, तहसील घुमारवीं व जिला बिलासपुर, शीतल उर्फ डेजी निवासी डियारा व जिला बिलासपुर और विपिन कुमार निवासी मैहरन, डाकघर हरलोग, तहसील घुमारवीं व जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में केस दर्ज किया है।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर नाकाबंदी, बाइक सवार से 8.48 ग्राम चिट्टा बरामद
दूसरी मामले में स्पैशल डिटैक्शन टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर एक बाइक सवार को 8.48 ग्राम चिट्टे के साथ दबोचा है। जानकारी के अनुसार टीम ने पट्टा के समीप नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान एक बाइक सवार को रोककर जब तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 8.48 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने बाइक सवार अंकुर सैणी निवासी घरबासड़ा, डाकघर व तहसील बल्ह, जिला मंडी को गिरफ्तार किया है। इसके खिलाफ भी पुलिस थाना सदर में मामला दर्ज किया गया है।
पुराने सलापड़ पुल के पास 4.85 ग्राम चिट्टे के साथ तस्कर काबू
तीसरे मामले में बरमाणा थाना पुलिस ने पुराने सलापड़ पुल के पास नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान पुलिस ने हरदयाल सिंह निवासी सलापड़, डाकघर सुदाहन, तहसील सुंदरनगर व जिला मंडी को चैकिंग के लिए रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 4.85 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी हरदयाल को गिरफ्तार कर थाना बरमाणा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
तस्करों की सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस : एसपी
बिलासपुर के एसपी अभिषेक धीमान ने इन तीनों मामलों की पुष्टि करते हुए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इन मामलों में मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य सफेदपोश लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाते हुए लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर एक्शन लिया जा सके।