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  • सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    अलवर पुलिस ने ‘साइबर संग्राम अभियान 3.0’ के तहत एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी चौंका देने वाली है। महज 5वीं तक पढ़ा 20 वर्षीय शौकीन कुछ साल पहले आर्थिक तंगी में था, लेकिन साइबर ठगी के दम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।

    ऐसे बनाया करोड़ों का साम्राज्य

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 24 सदस्यों की गैंग बना रखी थी, जो फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट और ऑनलाइन फ्रॉड का पूरा नेटवर्क चलाती थी। ठगी के पैसों से उसने कार, मकान और कृषि भूमि तक खरीद ली। पुलिस ने उसकी ब्रेजा कार भी जब्त कर ली है।

    मेडिकल इमरजेंसी और सस्ते कपड़ों के नाम पर ठगी

    गिरोह सोशल मीडिया पर मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठता था। इसके अलावा महिलाओं के लिए सस्ते सूट-सलवार बेचने के फर्जी विज्ञापन डालकर खुद को कपड़ा फैक्ट्री का मालिक बताता और लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाकर ठगी करता था।

    खुद के नाम पर नहीं था मोबाइल या सिम

    जांच में सामने आया कि आरोपी ने कभी भी अपने नाम से मोबाइल या सिम कार्ड नहीं खरीदा। उसके पास से मिले मोबाइल, सिम और बिल दूसरे लोगों के नाम पर थे। पुलिस को शक है कि फर्जी सिम सप्लाई करने वाला बड़ा नेटवर्क भी इस गैंग से जुड़ा हुआ है।

    पहले भी दर्ज हो चुका था केस

    दो साल पहले आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में चंडीगढ़ में दर्ज एक मामले से उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

    कई राज्यों में फैला था जाल

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जम्मू-कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका है। अब फरार साथियों की तलाश जारी है।

    पुलिस का बड़ा अभियान

    20 जुलाई से 4 अगस्त तक चले विशेष अभियान में अलवर पुलिस ने:

    • 33 साइबर केस दर्ज किए
    • 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया
    • ₹37.67 लाख की ठगी की रकम होल्ड कराई
    • ₹6.55 लाख पीड़ितों को वापस दिलवाए

    पुलिस का कहना है कि 15 अगस्त से पहले जिले के बड़े साइबर अपराधियों पर कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने का अभियान जारी रहेगा।

  • हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही किसी देसी व पौष्टिक विकल्प की तलाश में हैं, तो अलसी की चटनी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अलसी (Flaxseed) में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

    क्यों फायदेमंद है अलसी की चटनी?

    विशेषज्ञों के अनुसार, अलसी को हल्का भूनकर चटनी के रूप में खाने से इसका स्वाद बेहतर हो जाता है और इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना आसान होता है। अलसी में मौजूद पोषक तत्व शरीर के कई कार्यों में सहायक हो सकते हैं।

    अलसी में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड, डाइटरी फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय स्वास्थ्य, पाचन और संपूर्ण फिटनेस के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

    अलसी की चटनी खाने के संभावित फायदे

    नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर अलसी की चटनी से ये संभावित लाभ मिल सकते हैं:

    • शरीर को प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की अच्छी मात्रा मिलती है।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
    • फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज की समस्या कम करने में सहायक हो सकता है।
    • लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
    • कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है।
    • महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी इसकी भूमिका पर शोध जारी है, हालांकि इस संबंध में और वैज्ञानिक प्रमाणों की आवश्यकता है।

    घर पर ऐसे बनाएं अलसी की चटनी

    अलसी की चटनी बनाना काफी आसान है। इसके लिए आपको चाहिए:

    • 1 कप अलसी के बीज
    • 5–6 लहसुन की कलियां
    • 2–3 सूखी लाल मिर्च
    • 1 छोटा चम्मच जीरा
    • कुछ करी पत्ते
    • स्वादानुसार नमक
    • थोड़ा-सा नींबू का रस

    सबसे पहले अलसी, जीरा और अन्य सामग्री को हल्का भून लें। ठंडा होने के बाद सभी चीजों को मिक्सर में पीस लें। तैयार चटनी को रोटी, पराठे, दाल-चावल या सलाद के साथ खाया जा सकता है।

    सेवन से पहले रखें ये सावधानियां

    अलसी का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या ब्लड थिनर जैसी दवाएं ले रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नए आहार या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    रक्षा बंधन हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं। वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस दिन राखी बांधने का शुभ समय और पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण नियम।

    रक्षा बंधन 2026 की तिथि

    • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 9:08 बजे
    • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026, सुबह 9:48 बजे

    राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए ये समय शुभ माना गया है:

    • प्रथम शुभ मुहूर्त: सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक
    • द्वितीय शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:52 बजे से शाम 4:35 बजे तक

    राहुकाल में न बांधें राखी

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता है।

    राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक

    इस अवधि में राखी बांधने से बचने की सलाह दी जाती है।

    क्या इस बार भद्रा का दोष रहेगा?

    रक्षा बंधन पर भद्रा काल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि भद्रा में राखी बांधना पारंपरिक रूप से शुभ नहीं माना जाता। राहत की बात यह है कि 28 अगस्त 2026 को भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, इसलिए राहुकाल को छोड़कर दिन के अन्य समय में राखी बांधी जा सकती है।

    राखी बांधने के पारंपरिक नियम

    • सबसे पहले भगवान या अपने इष्ट देव को राखी अर्पित करें।
    • भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं।
    • भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
    • पूजा की थाली में दीपक जलाकर पहले भगवान और फिर भाई की आरती करें।
    • भाई की दाईं कलाई में राखी बांधें।
    • मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दें।
    • भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहन को उपहार या दक्षिणा भेंट करे।

    रक्षा बंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने के वचन का पावन उत्सव है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न पंचांगों में मुहूर्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    जेन जी जनरेशन के स्लैंग तो खूब वायरल हुए और लोगों ने इसके मतलब भी खोज कर निकाल लिए। लेकिन केवल स्लैंग ही नहीं जेन जी बगैर बोलें भी काफी कुछ बोल जाते हैं और वो आपकी समझ से बाहर हो सकता है। इसलिए जान लें जेन जी के इन हाथ के इशारों का असली मतलब।

    जेन जी हाथ से कर रहे ऐसे 4 इशारे तो समझें इनका मतलब

    जेन जी वो जनरेशन है जो इस समय सबका ध्यान खींच रही है। लेकिन लोग इनकी अच्छी सोच की बजाय इनके स्लैंग और उंगलियों के इशारों पर फोकस कर रहे हैं। सीजेपी वाले प्रोटेस्ट में इनके स्लैंग तो सबकी जुबान पर चढ़ गए लेकिन इनके हाथ वालों इशारों को लोगों ने गंदा समझकर इग्नोर किया। जबकि ये हाथ के इशारे गंदे नहीं बल्कि इशारों-इशारों में अपनी बात को कहने का तरीका हैं। अब कम शब्दों में तो जेन जी अपनी बात बोलते हैं ये तो सभी जान गए लेकिन कई बार ये बिना बोले भी बहुत कुछ बोल जाते हैं, वो भी केवल हाथ के इशारे करके। तो यहां समझें ऐसे ही 4 हैंड गेस्चर जो जेन जी मन की बातों को बताने के लिए करते हैं।जेन जी के हाथ के इशारों की मीनिंग

    दोनों हाथ की पहली उंगली को एक दूसरे से लड़ाना

    अब इस इशारे को देखकर किसी भी तरह की गंदी बात को मन में ना लाएं क्योंकि ये इशारा तो वो ये बताने के लिए करते हैं कि उन्हें शर्म आ रही है। अब मिलेनियल्स की तरह दोनों हथेलियों के बीच शर्माने वाला फैशन तो आउट हो चुका है। तो अब अगर इन्हें शर्म आती है तो ये दोनों हाथ की इंडेक्स फिगर को आपस में टकराकर दिखाते हैं।

    दोनों हथेलियों को ऊपर नीचे हिलाना

    फर्स्ट फिंगर और अंगूठे को टच कर रहे तो ये ‘क्लॉक इट’ है

    दोनों हाथ की इंडेक्स फिंगर और अंगूठे को आपस में मिलाकर बार-बार इशारे करते हैं तो इसे गलत ना समझें, इसका मतलब है क्लॉक इट, यानि कि वो आपकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। तो अगली बार कोई जेन जी सामने आकर यूं उंगलियां हिलाए और बोले क्लॉक इट, तो इसे गलत ना समझें, वो आपकी बातों से सहमत होकर ऐसे इशारे कर रहा।

    मिडिल फिंगर और थंब को जोड़कर बोलते हैं ये

    वहीं अगर पहली उंगली की बजाय वो मिडिल फिंगर और थंब को एक दूसरे से जल्दी-जल्दी मिलाते हैं तो ऐसे इशारे का मतलब बिल्कुल बदल जाता है। दरअसल, जब जेन जी मिडिल फिंगर और थंब को आपस में टकरा रहे होते हैं तो इसका मतलब है कि वो आपकी तारीफ कर रहे हैं। एक तरह से वो आपके लिए ताली बजा रहे हैं। तो बस वो अपनी दो उंगलियों से ही आपके लिए ताली बजा देते हैं। अगली बार आसपास कोई जेनजी आपके लिए इस तरह से उंगलियों को हिलाए तो समझ जाएं कि वो आपकी तारीफ कर रहा और ताली बजा रहा।

  • डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    एमपी के पन्ना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. जिस परिवार में दो दिन पहले नवजात के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. जिला अस्पताल में भर्ती अपनी प्रसूता पत्नी के लिए खून की व्यवस्था करने की चिंता में एक व्यक्ति ने कथित रूप से फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

    पत्नी की तबीयत को लेकर परेशान था पति

    जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के रमजुपुर निवासी 45 वर्षीय महेंद्र सिंह उर्फ बाबू की पत्नी ने दो दिन पहले ही बच्चे को जन्म दिया. परिजनों के मुताबिक, डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में खून की कमी हो गई थी, जिसके चलते परिवार उसकी देखभाल और इलाज को लेकर चिंतित था. महेंद्र सिंह भी पत्नी की हालत को लेकर लगातार परेशान बताए जा रहे थे.

    खून की व्यवस्था को लेकर बढ़ा मानसिक दबाव

    मृतक की बहू रिंकी सिंह के अनुसार, डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि सुबह तक आवश्यक व्यवस्था हो जाएगी. इसके बावजूद महेंद्र सिंह काफी तनाव और घबराहट में थे. परिवार के लोगों ने उन्हें कुछ देर आराम करने और खाना खाने के लिए भेजा था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे.

    नगर सेना ग्राउंड परिसर में मिला शव

    बुधवार 5 अगस्त को नगर सेना ग्राउंड परिसर में एक पेड़ पर महेंद्र सिंह का शव लटका हुआ मिला. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की.

    दो दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी

    परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े दुख से कम नहीं है. जिस घर में नवजात के जन्म के बाद खुशियों का माहौल था, वहीं अब शोक छा गया है. परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है. नवजात के जन्म के कुछ ही दिनों बाद परिवार पर यह दुखद संकट आ गया.

    घटना की सूचना मिलने पर पन्ना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

  • पैरों में आग लगने जैसी फीलिंग को न करें नजरअंदाज, जानें कारण, लक्षण और इलाज..

    पैरों में आग लगने जैसी फीलिंग को न करें नजरअंदाज, जानें कारण, लक्षण और इलाज..

    पैरों में आग लगने जैसी फीलिंग को न करें नजरअंदाज, जानें कारण, लक्षण और इलाज..

    Burning feet : पैरों में होती जलन से अगर आप भी परेशान हो चुके हैं , तो डॉक्टर की सलाह पर सही इलाज करा सकते हैं। क्योंकि ये हेल्थ के लिए बहुत ही जरुरी है।

    Burning feet: अगर आपके पैरों से भी आग निकलती है और तमाम इलाज कराने के बाद भी ये ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से इसका सही कारण जरुर जानें। इसके साथ ही वो इसका इलाज भी बता रही हैं। एम्स दिल्ली की न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि, विटामिन बी12 की कमी के कारण पैरों में जलन, झनझनाहट  और सुन्नपन का असली कारण है। विटामिन बी12 हमारी नसों की  सेफ्टी परत यानी माइलिन शीथ को बनाने और बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो नसें कमजोर होने लगती हैं और पैरों से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने लगते हैं। जिसकी वजह से रात में सोते हुए पैरों में तेज दर्द और बेचैनी होती है।

    Burning feet क्यों होता है?

    डॉक्टर रावत का कहना है कि, इस दौरान तलवों में हर समय या रात के समय असहज जलन महसूस होना,  इसके साथ ही पैरों और उंगलियों में चींटियां चलने जैसा अहसास होना या हिस्सा सुन्न हो जाना भी इसका एक कारण माना जाता है। इस दौरान मरीज को पैरों में भारीपन महसूस होता है। वहीं, पैरों में ठंडक रहती है। पैरों में होने वाली इस समस्या के प्रमुख कारण विटामिन बी12 कमी होती है। इसकी कमी से पेट भी खराब रहता है । जिसके कारण शरीर में विटामिन बी 12 नहीं बन पाता है।

    पैरों में हो रही जलन का असली कारण

    अगर आपके पैरों में भी इस तरह का दर्द और झुनझनी हो रही है तो सबसे पहले ब्लड टेस्ट करवाएं , फिर डॉक्टर की सलाह पर इलाज कराएं। विटामिन बी 12 की कमी को नॉनवेज से पूरा किया जा सकता है , लेकिन जो लोग वेज खाते हैं, उन्हें  अपनी डाइट में मशरूम, पालक, दूध, दही, पनीर और अंडे लेने चाहिए।डॉक्टर की सलाह पर मरीज विटामिन बी 12 के सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। वेज वाले लोग दूध, दही, पनीर और छाछ के साथ फलों और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। वहीं, नॉनवेज खाने वाले लोग अंडा, मछली, किचन और मटन खा सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह पर विटामिन बी12 टैबलेट्स या कैप्सूल का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा या फिर सप्लीमेंट का सेवन ना करें।

  • नजर उतारने में न करें ये गलती! जानें कितनी बार हाथ घुमाने से माना जाता है असरदार..

    नजर उतारने में न करें ये गलती! जानें कितनी बार हाथ घुमाने से माना जाता है असरदार..

    नजर उतारने में न करें ये गलती! जानें कितनी बार हाथ घुमाने से माना जाता है असरदार..

    बुरी नजर कैसे करें दूर

    नजर उतारने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। लोग बच्चों से लेकर बड़ों की नजर उतारी जाती है। हालांकि आज भी नजर उतारने की विधि को लेकर तमाम लोग कन्फ्यूज रहते हैं। तमाम लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर नजर उतारते हुए हाथ कितनी बार घुमाना चाहिए या सही माना जाता है? तो चलिए जानते हैं कि आखिर धार्मिक मान्यता के अनुसार नजर उतारने का सही तरीका क्या है? साथ में जानें इससे जुड़ी और भी जरूरी नियमों को।

    इतनी बार घुमाएं हाथ

    धार्मिक मान्यता के आधार पर नजर उतारते समय 7 बार हाथ घुमाया जाए तो ये सबसे अच्छा होता है। दरअसल 7 नंबर को बहुत ही खास महत्व दिया जाता है। जैसे 7 फेरे हो गए ये फिर 7 ऋषि हो गए और हमारे शरीर में भी 7 चक्र होते हैं। इन्हीं मान्याताओं के चलते ही नजर उतारते वक्त भी 7 बार हाथ घुमाया जाना सही माने लगा। सदियों से चली आ रही इस नियम को कई लोग आज भी फॉलो करते हैं और यही सही तरीका भी है।

    नजर उतारने का सही तरीका

    आपको जिस भी व्यक्ति की नजर उतारनी है सबसे पहले उसे अपने सामने आराम से बैठा दें। कोशिश करें कि नजर उतरवाने वाले का चेहरा उत्तर या फिर पूर्व दिशा की ओर हो। अब आप मुट्ठी में सूखी लाल मिर्च, पीली सरसों, सेंधा नमक लें। ध्यान रखें कि इसे दाहिने हाथ में ही लेना है। अब सामने वाले व्यक्ति के सिर से पैर तक 7 बार हाथ घुमाएं। हाथ आप नियम के हिसाब से एंटी क्लॉकवाइज दिशा में घुमाने की कोशिश करें। मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी नजर सही तरीके से दूर होती है और घर से भी नेगेटिविटी हटती है।

    नजर उतारने के बाद करें ये काम

    अब जिन चीजों को आपने हाथ में लिया था उसे आग में डाल दें। बाद में राख को आप किसी बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। इसके बाद आप अपने हाथ को अच्छे से साफ कर लें। बस इस बात का ध्यान रखें कि नजर उतारते वक्त आपको बात नहीं करनी है और ना ही मन में उलटे-सीधे ख्याल लाने हैं। मन ही मन अपने ईष्ट देवता को याद करने की कोशिश करें और सही मंत्र का उच्चारण करें। इस दौरान नजर उतरवाने वाले व्यक्ति को भी शांत रहना चाहिए। बात की जाए टाइमिंग की तो सूर्यास्त के बाद ही इस काम को करना सही माना जाता है।

  • वारंगल में पुलिस की बाइक से Rapido राइड का आरोप, वायरल वीडियो के बाद जांच शुरू..

    वारंगल में पुलिस की बाइक से Rapido राइड का आरोप, वायरल वीडियो के बाद जांच शुरू..

    वारंगल में पुलिस की बाइक से Rapido राइड का आरोप, वायरल वीडियो के बाद जांच शुरू..

    Warangal News: तेलंगाना के वारंगल में पुलिस की सरकारी ‘ब्लू कोल्ट’ मोटरसाइकिल का कथित तौर पर Rapido बाइक-टैक्सी सेवा में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ₹26 की राइड में पहुंची पुलिस की बाइक

    रिपोर्ट के मुताबिक, एक यात्री ने अंबेडकर जंक्शन से सूबेदारी तक जाने के लिए Rapido पर 26 रुपये की बाइक राइड बुक की थी। यात्री उस समय हैरान रह गया जब उसे लेने के लिए पुलिस की ब्लू कोल्ट मोटरसाइकिल पहुंची, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर TS 09 PC 2795 बताया गया।

    सवाल पूछने पर क्या बोला राइडर?

    यात्री द्वारा सरकारी बाइक के इस्तेमाल पर सवाल उठाने पर राइडर ने कथित तौर पर कहा कि यह बाइक उसे उसके एक दोस्त ने दी है, जो पुलिस कॉन्स्टेबल है। यात्री ने पूरी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    पुलिस ने क्या कहा?

    मामले में एनुमामूला सर्कल इंस्पेक्टर ने पुष्टि की कि संबंधित मोटरसाइकिल पुलिस स्टेशन की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह बाइक एक सब-इंस्पेक्टर के उपयोग में थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति द्वारा कथित रूप से Rapido सेवा के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।

    विभागीय कार्रवाई की सिफारिश

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित सब-इंस्पेक्टर को चेतावनी दी गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी गई है। अब वायरल वीडियो, वाहन के रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    नोट: फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकारी वाहन का दुरुपयोग किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुआ।

  • सिर्फ करेला ही नहीं, ये 4 चीजें भी ब्लड शुगर मैनेज करने में हो सकती हैं मददगार, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ..

    सिर्फ करेला ही नहीं, ये 4 चीजें भी ब्लड शुगर मैनेज करने में हो सकती हैं मददगार, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ..

    सिर्फ करेला ही नहीं, ये 4 चीजें भी ब्लड शुगर मैनेज करने में हो सकती हैं मददगार, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ..

    डायबिटीज के मरीज अक्सर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। करेला लंबे समय से इस सूची में शामिल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ अन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह के साथ ब्लड शुगर मैनेजमेंट में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इन्हें दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

    1. मेथी के दाने

    मेथी के दानों में घुलनशील फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह भोजन के पाचन और कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को धीमा करने में मदद कर सकता है, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।

    कुछ अध्ययनों में मेथी में पाए जाने वाले यौगिकों को इंसुलिन की कार्यक्षमता में सहायक बताया गया है, लेकिन इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

    2. दालचीनी

    दालचीनी में ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जिन पर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। कुछ शोध बताते हैं कि यह शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसके प्रभाव सभी लोगों में समान नहीं होते और इसे उपचार का विकल्प नहीं माना जा सकता।

    3. जामुन के बीज

    आयुर्वेद में जामुन के बीजों का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। इनमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इनके लाभों को लेकर और अधिक उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रमाणों की आवश्यकता है।

    4. भोजन के बाद टहलना

    विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए भोजन के बाद 15–20 मिनट की हल्की वॉक काफी फायदेमंद हो सकती है। टहलने से मांसपेशियां रक्त में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा के रूप में करने लगती हैं, जिससे भोजन के बाद बढ़ने वाली ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

    क्या करेला जरूरी है?

    करेला पौष्टिक सब्जी है और इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन केवल करेला खाने या उसका जूस पीने से डायबिटीज नियंत्रित होने का दावा वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन सबसे महत्वपूर्ण है।

    डायबिटीज के मरीज रखें ये सावधानियां

    • डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद न करें।
    • नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं।
    • मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
    • रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
    • किसी भी हर्बल उपाय या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के उपचार के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर या एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

  • दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। स्मृति नगर थाना क्षेत्र में चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठी एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत की गई। आरोप है कि एक युवक ने छात्रा को जबरन चूमने (किस) की कोशिश की और विरोध करने पर उसके दोस्त के साथ मारपीट भी की। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता बालोद जिले की रहने वाली है और पढ़ाई के लिए भिलाई के स्मृति नगर इलाके में रहती है। 31 जुलाई को वह मॉडल टाउन स्थित शनि मंदिर के पास एक चाय की दुकान पर अपने दोस्तों के साथ बैठी थी। इसी दौरान हेमंत क्षत्री नाम का युवक वहां पहुंचा और छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते हुए जबरन ‘किस’ करने का प्रयास किया।

    जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके एक दोस्त के साथ भी मारपीट की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद पीड़िता ने स्मृति नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

    गौरतलब है कि भिलाई में महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती कथित तौर पर उसका पीछा करने वाले युवक का सामना करती और उसे फटकार लगाती नजर आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।