Blog

  • पानी पीने के लिए कौन सा ग्लास चुनेंगे आपकी पसंद क्या कहती है आपके व्यक्तित्व के बारे में..

    पानी पीने के लिए कौन सा ग्लास चुनेंगे आपकी पसंद क्या कहती है आपके व्यक्तित्व के बारे में..

    पानी पीने के लिए कौन सा ग्लास चुनेंगे आपकी पसंद क्या कहती है आपके व्यक्तित्व के बारे में..

    सोशल मीडिया और मनोरंजन से जुड़ी कई पर्सनैलिटी क्विज लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इनमें किसी तस्वीर, रंग या वस्तु का चुनाव करके व्यक्तित्व के बारे में रोचक बातें बताई जाती हैं।

    ध्यान रखें कि ऐसी क्विज का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता। इन्हें केवल मनोरंजन और आत्मचिंतन के उद्देश्य से देखा जाना चाहिए।

    अगर आपने पहला ग्लास चुना

    कहा जाता है कि आप दूसरों की समस्याओं को समझने और उनकी मदद करने की कोशिश करते हैं। आप संवेदनशील और जिम्मेदार स्वभाव के हो सकते हैं।

    अगर आपने दूसरा ग्लास चुना

    ऐसी मान्यता है कि आप शांत दिमाग से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पसंद करते हैं। समस्याओं का व्यावहारिक समाधान ढूंढना आपकी विशेषता हो सकती है।

    अगर आपने तीसरा ग्लास चुना

    इस चुनाव को कुछ लोग आध्यात्मिक सोच और जीवन के उद्देश्य को समझने की इच्छा से जोड़ते हैं। आप मानवीय मूल्यों को महत्व देने वाले व्यक्ति हो सकते हैं।

    अगर आपने चौथा ग्लास चुना

    कहा जाता है कि आप कल्पनाशील और रचनात्मक सोच वाले व्यक्ति हैं। नई चीजें सीखना और जीवन के गहरे पहलुओं को समझना आपको पसंद हो सकता है।

    अगर आपने पांचवां ग्लास चुना

    कुछ पर्सनैलिटी क्विज इसे अंतर्ज्ञान और गहरी सोच से जोड़ती हैं। आप अपने अनुभवों के आधार पर निर्णय लेना पसंद कर सकते हैं।

    अगर आपने छठा ग्लास चुना

    ऐसा माना जाता है कि आप प्रकृति से जुड़ाव महसूस करते हैं। शांत वातावरण और प्राकृतिक स्थानों में समय बिताने से आपको सुकून मिल सकता है।

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह केवल एक मनोरंजन आधारित पर्सनैलिटी क्विज है। किसी ग्लास का चुनाव आपके व्यक्तित्व, भविष्य या जीवन के बारे में प्रमाणित जानकारी नहीं देता। वास्तविक व्यक्तित्व अनेक अनुभवों, आदतों और परिस्थितियों से मिलकर बनता है।

  • किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    हमारे शरीर में दो ऐसे अंग हैं जो दिन रात बिना रुके काम करते हैं किडनी और लिवर

    किडनी का काम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है जबकि लिवर भोजन को प्रोसेस करने पोषक तत्वों को संग्रहित करने और शरीर की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है

    समस्या यह है कि इन अंगों में होने वाला नुकसान अक्सर शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देता जब तक जांच रिपोर्ट में बदलाव दिखाई देते हैं तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी हो सकती है

    अच्छी बात यह है कि स्वस्थ जीवनशैली और कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके इन अंगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है

    जौ का पानी

    जौ को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण माना गया है

    इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है कई लोग जौ का पानी नियमित रूप से पीना पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है

    सुबह और शाम हल्का जौ का पानी पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है

    खीरा और नींबू

    खीरे में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे शरीर को पर्याप्त जल मिलता है

    नींबू में विटामिन सी और अन्य लाभकारी तत्व पाए जाते हैं पर्याप्त पानी और संतुलित आहार किडनी तथा संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं

    दोपहर में एक खीरा और सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है

    आंवला

    आंवला आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध रसायन माना जाता है

    यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है आयुर्वेदिक ग्रंथों में आंवला को दीर्घायु पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है

    सुबह एक से दो ताजे आंवले या सीमित मात्रा में आंवला रस का सेवन किया जा सकता है

    हल्दी और काली मिर्च

    हल्दी भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है

    हल्दी में पाए जाने वाले तत्वों पर आधुनिक विज्ञान लगातार शोध कर रहा है पारंपरिक रूप से इसे सूजन कम करने और स्वास्थ्य को सहयोग देने वाला माना जाता है

    काली मिर्च के साथ लेने पर इसके कुछ सक्रिय तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है

    रात में हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च वाला दूध या गुनगुना पानी लिया जा सकता है

    सहजन यानी मोरिंगा

    यदि किसी एक देसी पौधे को सुपरफूड कहा जाए तो सहजन उसका मजबूत दावेदार माना जाता है

    इसकी पत्तियां फलियां और पाउडर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं आयुर्वेद में भी सहजन का विशेष महत्व बताया गया है

    सहजन की सब्जी दाल में इसकी पत्तियां या सीमित मात्रा में मोरिंगा पाउडर को आहार में शामिल किया जा सकता है

    लेकिन केवल ये पांच चीजें ही पर्याप्त नहीं हैं

    यदि आप वास्तव में किडनी और लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कुछ आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है

    इन गलतियों से बचें

    अत्यधिक नमक का सेवन

    बिना डॉक्टर की सलाह के बार बार दर्द निवारक दवाओं का सेवन

    जरूरत से ज्यादा चाय और मीठे पेय पदार्थ पीना

    अक्सर लोग अच्छे खाद्य पदार्थ तो खाते हैं लेकिन इन आदतों को नहीं बदलते जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता

    आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा की भी बात करता है

    स्वास्थ्य संबंधी सूचना

    यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है यदि आपको किडनी लिवर डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो किसी भी घरेलू उपाय या आहार में बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र में उत्तर पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है और इसे सबसे शुभ दिशाओं में से एक माना जाता है

    पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस दिशा को स्वच्छ शांत और हल्का रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है

    आइए जानते हैं ऐसी पांच चीजों के बारे में जिन्हें वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है

    जल से भरा कलश

    वास्तु में ईशान कोण को जल तत्व से जुड़ी दिशा माना गया है

    इस दिशा में स्वच्छ जल से भरा कलश या छोटा जल फव्वारा रखा जा सकता है

    मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है

    पूजा स्थान

    यदि संभव हो तो घर का पूजा स्थान उत्तर पूर्व दिशा में बनाया जा सकता है

    कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इस दिशा में पूजा करने से मन को शांति और एकाग्रता मिलती है

    तुलसी का पौधा

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है

    तुलसी की नियमित देखभाल करना भी आवश्यक माना गया है

    कुबेर यंत्र

    कुछ वास्तु मान्यताओं में उत्तर पूर्व दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करना शुभ माना जाता है

    ऐसा विश्वास है कि यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक होता है

    क्रिस्टल बॉल या क्रिस्टल पिरामिड

    वास्तु के अनुसार क्रिस्टल बॉल या क्रिस्टल पिरामिड को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है

    इसे उत्तर पूर्व दिशा में रखने से घर का वातावरण संतुलित रहने की मान्यता है

    उत्तर पूर्व दिशा में क्या नहीं रखना चाहिए

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा को हमेशा साफ और खुला रखना चाहिए

    इस स्थान पर कूड़ादान झाड़ू भारी फर्नीचर या कबाड़ रखने से बचने की सलाह दी जाती है

    मान्यता है कि इस दिशा को व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण अधिक सकारात्मक महसूस हो सकता है

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह जानकारी वास्तु शास्त्र में वर्णित पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है इनके प्रभावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं इसलिए इन्हें आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए

  • मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक पिता ने अपनी ही मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बना लिया. पीड़िता ने अपनी मां को इस बारे में बताया, जिसके बाद मां ने शिकायत दर्ज कर ली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

    Balod Rape Case: आज के समय में लड़कियां बहुत कम जगहों पर सुरक्षित महसूस करती हैं. सबसे ज्यादा वे घर में ही सुरक्षित महसूस करती हैं. वहां पर भी सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है, जब वे अपने माता पिता और भाई बहन के साथ होते हैं. हालांकि अगर किसी के अपने लोग ही आपके लिए खतरा बन जाएं, तो वो कहां जाए. एक हृदयविदारक मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से आया है. यहां  रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. 

    क्या है पूरा मामला?

    यहां एक 37 साल के व्यक्ति ने अपनी ही 12 साल की बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया, उस समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी. जब पत्नी घर पहुंची, तो बेटी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई. इसके बाद उसकी मां ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत पाकर मामला दर्ज कर लिया. पुलिस आरोपी पिता के पास गई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

    कहां का है मामला?

    जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गुंडरदेही इलाके का है. पीड़िता अपनी मां के साथ गुंडरदेही थाने पहुंची थी. उसने पुलिस के सामने आपबीती सुनाई. इसके बाद मां की शिकायत के बाद केस दर्ज कर लिया. शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. 

    एडिशनल एसपी ने दी जानकारी

    इस मामले की जानकारी देते हुए बालोद एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने कहा कि थाना गुंडरदेही में प्रार्थिया ने आपबीती सुनाते हुए केस दर्ज कर लिया है. शिकायत में बताया गया है कि आरोपी पिता ने अपनी 12 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जेल भेज दिया गया है

  • छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक 24 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और लगातार अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    नवाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली रूबी उर्फ ऋतु साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उसकी शादी फरवरी 2024 में मुकेश साहू से हुई थी। मायकेवालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे छोटे कद और संतान न होने को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे।

    छोटे कद और संतान न होने पर करते थे अपमान

    परिजनों ने बताया कि ऋतु बीए पास थी और कंप्यूटर कोर्स करने के बाद नौकरी भी करती थी। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, इसलिए भाइयों ने उसकी शादी पूरे रीति-रिवाज से कराई थी। उनका कहना है कि शादी से पहले ही लड़की के कद की जानकारी ससुराल पक्ष को दे दी गई थी, लेकिन विवाह के बाद उसे करीब साढ़े चार फुट लंबाई का ताना दिया जाता था। साथ ही संतान न होने पर उसे अपमानित किया जाता और सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से भी रोका जाता था।

    नौकरी को लेकर भी लगाया धोखा देने का आरोप

    मायके पक्ष का आरोप है कि शादी से पहले दूल्हे को आढ़तिया (व्यापारी) बताया गया था, जबकि बाद में पता चला कि वह निजी लोडिंग वाहन चलाता है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ऋतु ने एक बार अपनी नानी से इस बारे में जिक्र भी किया था, लेकिन परिवार को परेशान न करने के लिए वह ज्यादा कुछ नहीं बताती थी।

    जहर खाने का आरोप, 28 घंटे तक अस्पतालों में घुमाने की बात

    परिजनों का दावा है कि प्रताड़ना से परेशान होकर ऋतु ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। आरोप है कि इसके बाद भी ससुराल वाले उसे समय पर उचित इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले गए और करीब 28 घंटे तक अलग-अलग अस्पतालों में घुमाते रहे। परिवार का कहना है कि उन्हें भी शुरुआत में सिर्फ इतना बताया गया कि ऋतु की तबीयत खराब है, जबकि उसकी मौत होने के बाद पूरी जानकारी दी गई।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मायके पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक नाबालिग द्वारा अपने जीजा पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और पैसों की मांग की। वहीं आरोपी की पत्नी, जो पीड़िता की बड़ी बहन है, ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पारिवारिक विवाद का मामला बताया है।

    नाबालिग ने लगाए गंभीर आरोप

    पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता का आरोप है कि जब वह स्कूल में पढ़ती थी और ट्यूशन जाती थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने घटना का निजी वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा।

    पत्नी ने बताया पारिवारिक साजिश

    मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से अपने पति का बचाव किया। उनका कहना है कि उन्होंने आरोपी से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार विरोध कर रहा था। पत्नी का आरोप है कि इसी वजह से परिवार ने झूठे आरोप लगाकर उनके पति को फंसाने की कोशिश की है।

    पुलिस कर रही तकनीकी जांच

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शिकायत में जिन वीडियो, मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, उनकी भी जांच की जा रही है। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।

    जांच पूरी होने का इंतजार

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पर जल अर्पित करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन, सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर लाखों श्रद्धालु श्रद्धा भाव से जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ ही पूजन से जुड़े कुछ पारंपरिक नियम भी बताए गए हैं।

    जल किस दिशा से चढ़ाना चाहिए

    कुछ धार्मिक परंपराओं के अनुसार शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ अन्य परंपराओं में मंदिर की संरचना और जल निकासी के अनुसार अलग व्यवस्था भी देखने को मिलती है।

    इसी कारण सभी मंदिरों में एक ही नियम लागू नहीं होता। यदि किसी मंदिर में पुजारी द्वारा विशेष व्यवस्था बताई जाए तो उसी का पालन करना उचित माना जाता है।

    जल अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखें

    स्वच्छ मन और श्रद्धा के साथ जल अर्पित करें।

    जल धीरे धीरे शिवलिंग पर चढ़ाएं।

    जल के साथ बेलपत्र, धतूरा, आक और सफेद पुष्प भी श्रद्धानुसार अर्पित किए जा सकते हैं।

    पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

    शिवलिंग की परिक्रमा क्यों पूरी नहीं की जाती

    अधिकांश शिव मंदिरों में श्रद्धालु शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करते बल्कि जल निकासी स्थान तक पहुंचकर वापस लौट आते हैं।

    धार्मिक मान्यता है कि शिवलिंग से अभिषेक का जल जिस मार्ग से बाहर निकलता है उसे लांघना उचित नहीं माना जाता। इसी कारण अधूरी या अर्ध परिक्रमा करने की परंपरा प्रचलित है।

    क्या दिशा ही सबसे महत्वपूर्ण है

    शास्त्रों में पूजन विधि का महत्व अवश्य बताया गया है लेकिन भगवान शिव को भाव और श्रद्धा का देवता भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति को भगवान शिव स्वीकार करते हैं।

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह जानकारी विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग अलग संप्रदायों, मंदिरों और क्षेत्रों में पूजा की विधि में अंतर हो सकता है। अपने मंदिर के पुजारी या धार्मिक गुरु द्वारा बताए गए नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।

  • दांतों में सड़न बढ़ने से पहले जान लें ये 4 घरेलू नुस्खे, कैविटी से बचाव में हो सकते हैं असरदार..

    दांतों में सड़न बढ़ने से पहले जान लें ये 4 घरेलू नुस्खे, कैविटी से बचाव में हो सकते हैं असरदार..

    दांतों में सड़न बढ़ने से पहले जान लें ये 4 घरेलू नुस्खे, कैविटी से बचाव में हो सकते हैं असरदार..

    अक्सर लोग कहते हैं कि एक बार दांत में कैविटी बन जाए तो वह कभी ठीक नहीं हो सकती

    अधिकांश मामलों में यह बात सही होती है लेकिन यदि कैविटी शुरुआती अवस्था में हो तो कुछ उपाय दांतों को और अधिक खराब होने से बचाने तथा मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं

    सबसे बड़ी समस्या यह है कि कैविटी की शुरुआत में अक्सर कोई दर्द नहीं होता जब तक दर्द शुरू होता है तब तक कई बार दांत काफी प्रभावित हो चुका होता है और फिर फिलिंग रूट कैनाल या अन्य उपचार की जरूरत पड़ सकती है

    आयुर्वेद और आधुनिक शोध दोनों कुछ ऐसे सरल उपायों की ओर संकेत करते हैं जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने दांतों को मजबूत रखने और ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं

    मुलेठी यानी यष्टिमधु की दातून

    आयुर्वेद में यष्टिमधु का विशेष महत्व बताया गया है और पारंपरिक रूप से इसकी दातून मुख स्वास्थ्य के लिए उपयोग की जाती रही है

    मुलेठी में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकते हैं

    यदि आपको नीम की दातून पसंद नहीं है तो मुलेठी एक अच्छा विकल्प हो सकती है

    सप्ताह में तीन से चार बार मुलेठी की दातून का उपयोग किया जा सकता है

    ग्रीन टी रिंस

    ग्रीन टी में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल मुंह के बैक्टीरिया और एसिड के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं

    दोपहर या रात के भोजन के बाद गुनगुनी ग्रीन टी से लगभग तीस सेकंड तक कुल्ला करना ओरल हेल्थ के लिए लाभदायक हो सकता है

    ऑयल पुलिंग

    ऑयल पुलिंग आयुर्वेद की एक प्राचीन प्रक्रिया है

    सुबह खाली पेट एक चम्मच नारियल तेल को दस से पंद्रह मिनट तक मुंह में घुमाने से मुंह की सफाई बेहतर हो सकती है और बैक्टीरिया की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है

    शुरुआत में पांच मिनट से शुरू करके धीरे धीरे समय बढ़ाया जा सकता है

    चीज या पनीर

    बहुत से लोग यह सुनकर हैरान हो जाते हैं कि चीज और पनीर भी दांतों के लिए लाभदायक हो सकते हैं

    इनमें कैल्शियम फॉस्फेट और कैसीन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो दांतों के एनामेल को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं

    भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में चीज या ताजा पनीर चबाना लाभकारी माना जाता है

    यदि दांत में गड्ढा बन चुका है तेज दर्द है या संक्रमण है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और दंत चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं

    आयुर्वेद क्या कहता है

    आयुर्वेद में दांतों की देखभाल केवल ब्रश करने तक सीमित नहीं मानी गई है

    दातून मुख शुद्धि संतुलित आहार और सही दिनचर्या को भी दंत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है

    स्वास्थ्य संबंधी सूचना

    यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है यदि आपको दांतों में लगातार दर्द सूजन पस खून आना या कैविटी की समस्या है तो योग्य दंत चिकित्सक से जांच और उचित उपचार अवश्य कराएं

  •  कमरे से आ रही थी तेज बदबू, जब फर्श की खुदाई हुई तो पुलिस ने देखा कुछ ऐसा कि…

     कमरे से आ रही थी तेज बदबू, जब फर्श की खुदाई हुई तो पुलिस ने देखा कुछ ऐसा कि…

     कमरे से आ रही थी तेज बदबू, जब फर्श की खुदाई हुई तो पुलिस ने देखा कुछ ऐसा कि…

    उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ जिले में गुरुवार को पुलिस ने एक घर के अंदर फर्श खोलकर दफनाया गया 85 वर्षीय एक व्यक्ति का सड़ा गला शव बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सबसे छोटे बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी)…

    Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ जिले में गुरुवार को पुलिस ने एक घर के अंदर फर्श खोलकर दफनाया गया 85 वर्षीय एक व्यक्ति का सड़ा गला शव बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सबसे छोटे बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) आलोक कुमार ने बताया कि महेशगंज थाना क्षेत्र के अथासा गांव के रहने वाले जगदीश द्विवेदी (85) के लापता होने की जांच के दौरान उनके घर के अंदर से उनका शव निकाला गया। उन्होंने बताया कि पुलिस के मुताबिक द्विवेदी की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि द्विवेदी के तीन बेटे थे जिनमें से संतोष और अजय दिल्ली में काम करते हैं, जबकि सबसे छोटा बेटा विजय उनके साथ रहता था।

    मिली जानकारी के मुताबिक, कुमार के अनुसार पड़ोसियों ने 21 जुलाई को संतोष को बताया कि घर से बदबू आ रही है जिसके बाद संतोष ने अपने पिता और भाई को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि संतोष और अजय गांव लौटे और 22 जुलाई को थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और गुरुवार को जांच के दौरान पुलिस ने जब घर का दरवाजा खोला तो उसमें तेज दुर्गंध महसूस की गई।

    कुमार ने बताया कि एक कमरे के अंदर ताजा खोदी गई जमीन का हिस्सा मिला, जो कब्र जैसा लग रहा था। उन्होंने बताया कि इस जगह की खुदाई करने पर पुलिस को जगदीश द्विवेदी का सड़ा-गला शव मिला जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में द्विवेदी के सबसे छोटे बेटे विजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

  • 1 लाख का कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची मौत की साजिश… भरोसा बना हथियार, फिर कारोबारी को चाकुओं से गोदकर नदी में फेंका शव..

    1 लाख का कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची मौत की साजिश… भरोसा बना हथियार, फिर कारोबारी को चाकुओं से गोदकर नदी में फेंका शव..

    1 लाख का कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची मौत की साजिश… भरोसा बना हथियार, फिर कारोबारी को चाकुओं से गोदकर नदी में फेंका शव..

    एक बुजुर्ग कारोबारी को क्या पता था कि जिस युवक पर वह भरोसा करते हैं, वही उनकी जिंदगी का आखिरी सफर तय कराएगा। रास्ते भर सब कुछ सामान्य दिखता रहा, लेकिन सुनसान जगह पर पहुंचते ही ऐसा खौफनाक खेल शुरू हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया।

    पुलिस जांच के मुताबिक, एक युवक ने कारोबारी से करीब एक लाख रुपये उधार लिए थे। समय बीतने के साथ जब रकम लौटाने का दबाव बढ़ने लगा, तो उसने कर्ज चुकाने के बजाय हमेशा के लिए रास्ता साफ करने की साजिश रच डाली। योजना में उसके दो नाबालिग साथी भी शामिल बताए गए।

    वारदात वाले दिन युवक अपने साथी के साथ बाइक लेकर बुजुर्ग कारोबारी के पास पहुंचा। पुरानी पहचान होने के कारण कारोबारी बिना किसी शक के उसकी बाइक पर बैठ गए। रास्ते में उन्हें मंदिर ले जाने का बहाना बनाया गया और फिर एक सुनसान इलाके की ओर ले जाया गया, जहां बाकी साथी पहले से इंतजार कर रहे थे।

    जैसे ही कारोबारी वहां पहुंचे, आरोपियों ने उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश में शव को नदी में फेंक दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए।

    कुछ घंटों बाद ग्रामीणों की नजर नदी में तैरते शव पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से मिले सुरागों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।

    इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक-एक कड़ी जुड़ती गई और आखिरकार मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर कबूल किया कि हत्या का मकसद एक लाख रुपये का कर्ज लौटाने से बचना था।

    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।