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  • खुदाई के दौरान मजदूर को मिली पिनों से भरी रहस्यमयी गुड़िया, कीलें निकालते ही बोला- ‘अब कोई आजाद हो गया होगा’, वीडियो ने छेड़ी बहस..

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक निर्माण स्थल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुदाई कर रहे एक मजदूर को जमीन के भीतर से लकड़ी की एक ऐसी गुड़िया मिलती है, जिसमें कई पिन और कीलें चुभी हुई दिखाई देती हैं। इस अजीबोगरीब खोज के बाद मजदूर का दावा लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    वीडियो में मजदूर बताता है कि खुदाई के दौरान उसे यह गुड़िया मिली। उसके मुताबिक, गुड़िया में बड़ी संख्या में पिन और कीलें लगी थीं। वह प्लास की मदद से एक-एक करके सभी पिन निकालता है और कहता है कि जिस व्यक्ति को इस गुड़िया के जरिए कथित तौर पर बांधा गया होगा, वह अब आजाद हो गया होगा।

    पिन निकालते समय मजदूर उन लोगों की भी आलोचना करता नजर आता है, जिन्होंने कथित तौर पर इस गुड़िया को जमीन में दबाया था। उसका मानना है कि इसे किसी टोने-टोटके या तांत्रिक मान्यता के तहत छिपाया गया होगा।


    हालांकि, इस वीडियो की वास्तविक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो सकी है। इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स में भी घटना का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं बताया गया है। वायरल क्लिप को इंस्टाग्राम पर @lindaikejiblogofficial नाम के अकाउंट से साझा किया गया, जहां इसे लाखों बार देखा जा चुका है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ यूजर्स इसे रहस्यमयी घटना मानते हुए मजदूर के दावे का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि ऐसी बातें केवल अंधविश्वास हैं और इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कई यूजर्स ने लोगों से तथ्यों और तर्क के आधार पर ऐसी घटनाओं को देखने की अपील भी की है।

  • पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साड़ी को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती तौर पर मामले को हादसा बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरेराम किशुनजी सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला था। घटना 19 जुलाई को बदलापुर पूर्व स्थित एक किराए के मकान में हुई।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, साड़ी खरीदकर न लाने की बात को लेकर हरेराम और उनकी पत्नी सुनीता देवी (30) के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर रसोई में रखा प्रेशर कुकर का ढक्कन उठाकर पति पर हमला किया। इसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत एक हादसे के कारण हुई है। इसी आधार पर शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया। हालांकि, सरकारी अस्पताल से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (गला दबाना) बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसके बाद संदेह के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    बदलापुर पूर्व पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    Ghaziabad Double Murder: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है, लेकिन गाजियाबाद से सामने आई एक घटना ने इस रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. दो बेटों ने अपने ही मां-बाप की बेरहमी से हत्या कर दी. अपने माता-पिता की हत्या के बाद शोक में डूबी एक बहन ने रोते हुए कहा, “ऐसे भाई किसी को न मिलें. जिन्होंने हमारे मम्मी-पापा की जान ले ली. जैसे मेरे भाइयों ने मेरे माता-पिता को मारा है, वैसे ही उन्हें भी उनके किए की सजा मिले.”*

    मामला गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके का है. पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई की रात दो बेटों ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक दंपति की बेटियां दीपिका और ज्योति भी मौके पर पहुंचीं. घर के बाहर लोगों की भीड़ और भारी पुलिस बल तैनात था, जबकि घर के भीतर मातम पसरा हुआ था. पुलिस बेटियों के बयान दर्ज कर रही थी और इस दौरान उनका रो-रोकर बुरा हाल था.

    जन्मदिन की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदलीं

    मृतक गंगाशरण मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे और कई वर्षों से परिवार के साथ गाजियाबाद में रह रहे थे. उनके दो बेटे दीपक और ललित तथा दो बेटियां दीपिका और ज्योति हैं. दोनों बेटों की शादी लॉकडाउन के दौरान हुई थी, लेकिन बाद में इनसे तंग आकर उनकी पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं. पिता गंगाशरण अखबार वितरक थे. पूरा परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता है, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर किरायेदार रहता है. किरायेदार ने ही पुलिस को खबर दी थी.

    घटना वाले दिन छोटे बेटे ललित का जन्मदिन था. उसकी मां विमलेश ने बेटे की लंबी उम्र के लिए पड़ोस की महिलाओं के साथ कीर्तन कराया और घर में खीर-पूरी बनाई. शाम तक घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन रात होते-होते यह खुशी मातम में बदल गई.

    शराब पीने को लेकर हुआ विवाद

    परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाई शराब के आदी थे और अक्सर नशे की हालत में घर में झगड़ा करते थे. 20 जुलाई की रात भी दोनों शराब पी रहे थे. जब माता-पिता ने इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई. आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों बेटों ने पहले पिता गंगाशरण पर हमला किया. मां विमलेश बचाने आईं तो उन पर भी हमला कर दिया. दोनों का गला दबाने के बाद उन पर हथौड़े से वार किए गए. गंभीर रूप से घायल दंपति को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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    बेटियों ने सुनाई भाइयों की करतूत

    मृतक दंपति की बड़ी बेटी दीपिका ने आरोप लगाया कि दोनों भाई लंबे समय से शराब के आदी थे और अक्सर माता-पिता के साथ मारपीट व झगड़ा करते थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि शराब के लिए दोनों ने अपनी मां के सोने के जेवर तक बेच दिए थे. इसके बावजूद माता-पिता हर बार उन्हें माफ कर देते थे और उम्मीद करते थे कि एक दिन वे सुधर जाएंगे.

    दीपिका ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके अपने सगे भाई ही माता-पिता के कातिल बन जाएंगे. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुटी है.

  • टोल कर्मी ने रुकने का दिया इशारा, तेज रफ्तार SUV ने मारी टक्कर, CCTV में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू टोल प्लाजा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। देर रात एक तेज रफ्तार सफेद SUV ने टोल बैरियर पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को टक्कर मार दी और बिना रुके मौके से फरार हो गई। पूरी वारदात टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 जुलाई 2026 की रात करीब 11:22 बजे हुई। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि टोल कर्मचारी बैरियर के पास खड़ा होकर आने वाली SUV को रुकने का संकेत देता है। लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से बैरियर पार कर देता है और कर्मचारी को टक्कर मारते हुए निकल जाता है।

    टक्कर इतनी तेज थी कि कर्मचारी उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य टोल कर्मी उसकी मदद के लिए दौड़े। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी को मामूली चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर है। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर फरार SUV चालक की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने टोल कर्मी के सुरक्षित बच जाने पर राहत जताई है।

  • पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पंजाब के गुरदासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 37 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अमृतपाल सिंह के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता और मृतक के भाई हीरा सिंह ने आरोप लगाया कि अमृतपाल और उसकी पत्नी मनप्रीत कौर के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई थी।

    शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद अमृतपाल ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की सूचना मिलने पर सदर थाना गुरदासपुर पुलिस ने मृतक के भाई के बयान के आधार पर पत्नी मनप्रीत कौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • “दिन के 5 हजार कमा लेता हूं…” छोले-कुल्चे वाले की कमाई सुनकर हैरान रह गई महिला, वीडियो हुआ वायरल

    Delhi Viral Video: दिल्ली के एक छोले-कुल्चे विक्रेता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला जब उससे रोज की कमाई के बारे में पूछती है, तो उसका जवाब सुनकर वह खुद हैरान रह जाती है। इस वीडियो ने एक बार फिर छोटे कारोबार और स्ट्रीट फूड बिजनेस से होने वाली कमाई को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

    “महीने में करीब डेढ़ लाख रुपये”

    वायरल वीडियो में महिला कंटेंट क्रिएटर सड़क किनारे छोले-कुल्चे बेचने वाले विक्रेता से उसकी कमाई के बारे में सवाल करती है। विक्रेता बताता है कि वह औसतन रोज करीब 5,000 रुपये और महीने में लगभग 1.5 लाख रुपये तक कमा लेता है।

    यह जवाब सुनकर महिला चौंक जाती है और मजाकिया अंदाज में कहती है कि उसकी अपनी सैलरी इससे कम है।

    “मुझे भी छोले-कुल्चे बनाने आते हैं”

    वीडियो में महिला हंसते हुए कहती है कि अगर ऐसा है तो वह भी रेहड़ी लगाना शुरू कर सकती है, क्योंकि उसे छोले-कुल्चे बनाना आता है। वह मजाक में विक्रेता से यह भी पूछती है कि क्या वह उसकी बिजनेस पार्टनर बन सकती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने कहा कि मेहनत और सही लोकेशन होने पर स्ट्रीट फूड का कारोबार अच्छी आय दे सकता है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी वायरल वीडियो में बताए गए आय के आंकड़ों को बिना स्वतंत्र पुष्टि के अंतिम सत्य नहीं मान लेना चाहिए, क्योंकि वास्तविक कमाई स्थान, ग्राहकों की संख्या, खर्च और मौसम जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

    नोट: वीडियो में बताई गई कमाई का दावा संबंधित विक्रेता ने स्वयं किया है। इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक आय व्यक्ति तथा परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    पंजाब के कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में शाम की सैर पर निकली दो सगी बहनों के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि तीन हथियारबंद बदमाशों ने दोनों महिलाओं को तलवार दिखाकर रोका और उनसे सोने के आभूषण लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    पीड़ित महिलाओं की पहचान बलजीत कौर और कुलविंदर कौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बलजीत कौर अपनी बहन से मिलने सुल्तानपुर लोधी आई थीं। दोनों शाम के समय पवित्र काली बेईं के किनारे टहलने निकली थीं, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।

    पीड़ितों के अनुसार, बदमाशों ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया। जब दोनों बहनों ने भागने की कोशिश की तो घबराहट में गिर गईं। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी गर्दन पर तलवार रखकर सोने के आभूषण लूट लिए।

    महिलाओं का कहना है कि लुटे गए आभूषणों में सोने की चेन, अंगूठी और टॉप्स शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 4 तोला बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है।

  • कमजोर लकड़ी के पुल पर बाइक दौड़ाना पड़ा भारी, फिसला बाइकर तो कुछ सेकंड के लिए थम गईं सांसें, वीडियो वायरल

    सोशल मीडिया पर एक रोमांचक लेकिन बेहद खतरनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक बाइकर पहाड़ी इलाके में बने संकरे और लकड़ी के पुल को पार करने की कोशिश करता है, लेकिन बीच रास्ते उसका संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ पल के लिए ऐसा लगता है कि वह बाइक समेत नीचे गहरी खाई या नदी में गिर जाएगा।

    वायरल वीडियो में दो बाइकर्स एक पहाड़ी रास्ते पर बने पुराने और कमजोर लकड़ी के पुल के सामने रुकते दिखाई देते हैं। पुल की हालत देखकर दोनों कुछ देर तक आगे बढ़ने को लेकर सोचते हैं। आखिरकार पहला बाइकर सावधानी से पुल पार कर लेता है।

    इसके बाद दूसरा बाइकर जैसे ही पुल पर आगे बढ़ता है, अचानक उसका संतुलन बिगड़ जाता है। बाइक फिसलने लगती है और वह पुल के किनारे की ओर झुक जाता है। कुछ सेकंड के लिए हादसा तय नजर आता है, लेकिन तभी वह तेजी से हाथ बढ़ाकर पुल की रेलिंग पकड़ लेता है। इसी वजह से उसकी जान बच जाती है और वह नीचे गिरने से बाल-बाल बच जाता है।

    यह वीडियो Jamal नाम के एक्स (X) अकाउंट से साझा किया गया है। पोस्ट के साथ लोगों से अपील की गई है कि एडवेंचर और लापरवाही में फर्क समझें। किसी भी रोमांचक यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे गैर-जरूरी जोखिम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसे कमजोर पुलों पर बाइक ले जाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। वहीं कई यूजर्स ने राहत जताई कि बाइकर की सूझबूझ और रेलिंग पकड़ लेने से उसकी जान बच गई।

  • अस्पताल में पार्टनर बनाने का झांसा, डॉक्टर दंपत्ति पर ₹39 लाख की ठगी का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    अस्पताल में पार्टनर बनाने का झांसा, डॉक्टर दंपत्ति पर ₹39 लाख की ठगी का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    अस्पताल में पार्टनर बनाने का झांसा, डॉक्टर दंपत्ति पर ₹39 लाख की ठगी का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अस्पताल खोलने और पार्टनरशिप दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी करने के मामले में पुलिस ने डॉक्टर दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक निवेशक से करीब 39.15 लाख रुपये लेकर फर्जी साझेदारी के दस्तावेज सौंप दिए।

    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के यमुनानगर निवासी श्यामलाल ने अगस्त 2025 में मिर्जापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ निवासी डॉ. नितिन, उनकी पत्नी अन्नू और उनके सहयोगी मागेराम ने मिर्जापुर में नया अस्पताल खोलने की योजना बताकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया। आरोपियों ने अस्पताल में साझेदार बनाने और अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया।

    शिकायत के मुताबिक, भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में पीड़ित से 39 लाख 15 हजार 829 रुपये ले लिए और पार्टनरशिप के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज भी दे दिए। काफी समय बीतने के बाद जब अस्पताल शुरू नहीं हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।

    मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 19 जुलाई को मुख्य आरोपी डॉ. नितिन को स्पोर्ट्स कॉलेज जाटोवाला के पास से गिरफ्तार किया। अगले दिन उसकी पत्नी अन्नू को बादशाही बाग बस स्टैंड के पास से हिरासत में लिया गया। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि डॉ. नितिन के खिलाफ शामली जिले में भी कथित धोखाधड़ी का एक अन्य मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। वहीं, इस मामले के तीसरे आरोपी मागेराम की तलाश जारी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

  • बॉस की जान बचाने के लिए किडनी दान की, फिर नौकरी से निकालने का आरोप; सालों पुराना मामला फिर चर्चा में.

    बॉस की जान बचाने के लिए किडनी दान की, फिर नौकरी से निकालने का आरोप; सालों पुराना मामला फिर चर्चा में.

    बॉस की जान बचाने के लिए किडनी दान की, फिर नौकरी से निकालने का आरोप; सालों पुराना मामला फिर चर्चा में.

    अमेरिका का एक पुराना मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला कर्मचारी ने अपनी बॉस की जान बचाने के लिए किडनी दान करने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। लेकिन बाद में महिला ने आरोप लगाया कि इस मानवीय कदम के बावजूद उसे सम्मान या सहयोग मिलने के बजाय नौकरी से निकाल दिया गया।

    रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला साल 2011 का है और इसमें कर्मचारी डेबी स्टीवंस (Debbie Stevens) तथा उनकी बॉस जैकी ब्रूसिया (Jackie Brucia) का नाम सामने आया था।

    बताया जाता है कि डेबी की किडनी उनकी बॉस से सीधे मैच नहीं हुई। इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने के बजाय पेयर्ड किडनी एक्सचेंज (Paired Kidney Exchange) कार्यक्रम में भाग लिया। इस व्यवस्था के तहत डेबी ने अपनी किडनी एक अन्य मरीज को दान की, जबकि डोनर चेन के जरिए उनकी बॉस को किसी दूसरे उपयुक्त दाता की किडनी मिल गई। इस प्रक्रिया के बाद बॉस का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो सका।

    हालांकि, डेबी ने बाद में आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें छुट्टियां लेनी पड़ीं। इसी दौरान उन्हें कार्यस्थल पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंततः यह कहते हुए नौकरी से निकाल दिया गया कि वे लंबे समय तक काम से अनुपस्थित रहती हैं।

    यह मामला बाद में अदालत तक पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच अंततः गोपनीय (Confidential) समझौता हुआ, जिसके बाद कानूनी विवाद समाप्त हो गया। समझौते की शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं।

    सोशल मीडिया पर यह मामला फिर से चर्चा में आने के बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कर्मचारी के साथ सहानुभूति जता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।