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  • पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक महिला ने डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनको ब्लैकमेल किया और उनसे करोड़ों रुपये वसूले. पल्लवी सिंह राजपूत नाम की महिला पर आरोप है कि वह डेटिंग ऐप टिंडर और सोशल मीडिया के जरिए पुरुषों से दोस्ती करती थी. बातचीत और मुलाकात के बाद आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के जरिए उनको ब्लैकमेलिंग करती थी. रकम देने से इनकार करने पर रेप और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों में उनको फंसाने की धमकी देती थी. इस कथित नेटवर्क के जरिए 5 लोगों को जेल भिजवाने और 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली का दावा किया गया है.

    टिंडर पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल

    आरोपों है कि पल्लवी सिंह राजपूत डेटिंग ऐप पर पुरुषों से संपर्क करती थी. बातचीत के जरिए पहले दोस्ती और फिर नजदीकी बढ़ाती थी. अपनी कोई न कोई मजबूरी बता कर आर्थिक लाभ उठाती रहती थी. इसके बाद मुलाकात के दौरान फोटो और वीडियो बना लेती थी. पीड़ित पक्ष का दावा है कि इन्हीं फोटो और वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया जाता था. वह कथित तौर पर पीड़ितों से बड़ी रकम मांगती थी. पैसे देने से इनकार करने पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाती थी.

    नोटों के बिस्तर पर सोती थी

    मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं. एक तस्वीर में महिला के पास असलहा भी नजर आ रहा है. इन तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, तस्वीरों में मौजूद रकम, असलहे और उनके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

    5 लोगों को जेल भेजने का आरोप

    पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि महिला की शिकायतों के बाद अब तक खुद पीड़ित समेत कुल 5 लोग जेल जा चुके हैं. कई लोग बदनामी और मुकदमे के डर से पैसे देने को मजबूर हो गए. उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल में डेटिंग ऐप के जरिए बनाए गए रिश्ते, आपत्तिजनक सामग्री और कानूनी कार्रवाई की धमकी को कथित तौर पर वसूली के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

    प्रयागराज के अलावा लखनऊ में भी मुकदमों का दावा

    शिकायत के मुताबिक, मामला सिर्फ प्रयागराज तक सीमित नहीं है. लखनऊ के विभूतिखंड और सुशांत गोल्फ सिटी थानों में भी महिला द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों का जिक्र किया गया है.वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि पल्लवी सिंह राजपूत के खिलाफ 14 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. आरोप है कि अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई को कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया.

    कई नामों से सोशल मीडिया अकाउंट चलाने का आरोप

    यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क करती थी. इनमें ‘स्वीटी तिवारी’ समेत दूसरे नामों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है. आरोप है कि इन्हीं सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप अकाउंट के जरिए नए लोगों को संपर्क में लाया जाता था. कुल 5 लोग ग्राउंड पर गिरोह को ऑपरेटर करते है. पीड़ित के दावे के मुताबिक, पल्लवी के साथ 2 अन्य लड़कियां और दो और लड़के भी शामिल हैं.अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    पीड़ितों से करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप

    मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. एक तरफ पीड़ित पक्ष करोड़ों रुपये की वसूली, ब्लैकमेलिंग और फर्जी मुकदमों के जरिए लोगों को फंसाने का आरोप लगा रहा है. वहीं पूरे मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.

  •  वियाग्रा की गोली से भी ज्यादा इफेक्टिव हैं ये 8 फूड्स, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचा सकते हैं..

     वियाग्रा की गोली से भी ज्यादा इफेक्टिव हैं ये 8 फूड्स, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचा सकते हैं..

     वियाग्रा की गोली से भी ज्यादा इफेक्टिव हैं ये 8 फूड्स, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचा सकते हैं..

    Erectile Dysfunction: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी इरेक्शन हासिल करने या उसे बनाए रखने में परेशानी पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी एक आम समस्या है। खराब खान-पान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और तनाव जैसी कई वजहें यौन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में अपनी डाइट पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है।

    कुछ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर में बेहतर ब्लड फ्लो और सामान्य हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, इन्हें किसी दवा या वियाग्रा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अगर इरेक्शन की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    ये 8 फूड्स डाइट में कर सकते हैं मदद

    1. पालक

    पालक फोलेट और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। ये पोषक तत्व शरीर में सामान्य रक्त संचार और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करने में भूमिका निभाते हैं। संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर पालक को पुरुषों की हेल्दी डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    2. एवोकाडो

    एवोकाडो में हेल्दी फैट के साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद जिंक पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ और सामान्य हार्मोन फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए एवोकाडो को संतुलित डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

    3. सेब

    सेब सिर्फ सामान्य सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि प्रोस्टेट हेल्थ के लिहाज से भी चर्चा में रहता है। इसके छिलके में उर्सोलिक एसिड जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं। फल और सब्जियों से भरपूर डाइट पुरुषों की ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहतर मानी जाती है।

    4. कद्दू के बीज

    कद्दू के बीजों में जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिंक पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ और सामान्य हार्मोन फंक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हें सलाद, ओट्स या स्नैक के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    5. तरबूज

    तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होने के साथ-साथ सिट्रुलिन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है। शरीर में सिट्रुलिन से आर्जिनिन बनने की प्रक्रिया होती है, जो नाइट्रिक ऑक्साइड से जुड़ी होती है और रक्त वाहिकाओं के सामान्य फंक्शन में भूमिका निभाती है।

    6. केला

    केले में पोटैशियम और विटामिन B6 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। पोटैशियम शरीर में सामान्य ब्लड प्रेशर और मांसपेशियों के कामकाज के लिए जरूरी है। हेल्दी डाइट में केला एक आसान और पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

    7. अनार

    अनार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। मूल स्रोत में अनार को ब्लड फ्लो और सेक्सुअल हेल्थ से जोड़कर बताया गया है, हालांकि इसे वियाग्रा का प्राकृतिक विकल्प मानना सही नहीं होगा।

    8. डार्क चॉकलेट

    कम मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन एक संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसमें मौजूद कोकोआ फ्लेवोनॉइड्स और अन्य कंपाउंड्स पर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं। तनाव भी सेक्सुअल परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है, इसलिए तनाव कम रखने वाली स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण है।

    क्या ये फूड्स वियाग्रा की जगह ले सकते हैं?

    नहीं। इन खाद्य पदार्थों को वियाग्रा या ED की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। इनका फायदा मुख्य रूप से संतुलित और पौष्टिक डाइट के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बार-बार हो रहा है तो इसके पीछे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्या, तनाव या अन्य कारण हो सकते हैं।

    ऐसी स्थिति में खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी चिकित्सकीय जांच, निदान या उपचार का विकल्प न मानें। इरेक्शन से जुड़ी समस्या लगातार बनी रहती है या अचानक शुरू हुई है, तो योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

  • जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    एक परिवार की इज्जत बचाने की सोच ने ऐसी खौफनाक वारदात को जन्म दिया, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक युवती अपने जीजा से प्यार करने लगी थी और उसी के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी। परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था और चाहता था कि उसकी शादी किसी दूसरे युवक से कर दी जाए। लेकिन युवती अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं थी।

    बताया जाता है कि युवती कुछ समय तक अपने जीजा के साथ भी रही थी। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो घर में लगातार विवाद होने लगा। काफी समझाने-बुझाने के बाद भी युवती ने किसी और से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने उसे घर बुलाने के बहाने एक ऐसी साजिश रची, जिसका अंत बेहद दर्दनाक निकला।

    योजना के तहत युवती को रिश्तेदारों के यहां बुलाया गया। वहां पहले से परिवार के कई लोग मौजूद थे। जैसे ही युवती को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, उसने वहां से भागने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि उसे पकड़ लिया गया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवती को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की जांच में पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामला सम्मान के नाम पर हत्या (ऑनर किलिंग) की ओर जाता दिखाई दिया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि परिवार युवती के प्रेम संबंध और उसकी शादी की जिद से नाराज था।

    फिलहाल मामले की जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और न्यायिक निर्णय पर निर्भर करेगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर किसी की जिंदगी छीन लेना कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

  • प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कुछ समय पहले एक अनोखा चाय का स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। यहां चाय की कीमत ग्राहक की ‘लव स्टोरी’ के हिसाब से तय होती थी। प्रेमी जोड़ों के लिए अलग रेट था, जबकि प्यार में धोखा खा चुके लोगों को चाय पर खास छूट दी जाती थी।

    शाहजहांपुर के एक कस्बे में पढ़ाई करने वाले एक युवक ने अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए चाय का स्टॉल शुरू किया था। उसने अपने छोटे से कारोबार को अलग पहचान देने के लिए दुकान का नाम ही ‘बेवफा चायवाला’ रख दिया।

    स्टॉल की सबसे खास बात इसकी चाय की कीमत थी। अगर कोई प्रेमी जोड़ा चाय पीने पहुंचता था तो उसे दूध से बनी स्पेशल चाय 15 रुपये में दी जाती थी। वहीं, जो ग्राहक खुद को प्यार में धोखा खाया हुआ बताता था, उसे 10 रुपये में मसालेदार चाय मिलती थी।

    इस अनोखे ऑफर की वजह से देखते ही देखते स्टॉल पर युवाओं की भीड़ बढ़ने लगी। कई लोग मजाक-मजाक में खुद को ‘बेवफा’ बताकर सस्ती चाय का आनंद लेने लगे। खास तौर पर युवा वर्ग इस अनोखे अंदाज को काफी पसंद कर रहा था।

    स्टॉल चलाने वाले युवक का कहना था कि उसने पढ़ाई के साथ अपना छोटा कारोबार शुरू करने का फैसला किया, ताकि अपनी जरूरतों और फीस का खर्च खुद उठा सके। उसका मानना था कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए नौकरी के साथ-साथ छोटे कारोबार के विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।

    कुछ ही समय में स्टॉल का नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि आसपास के लोग युवक को उसके असली नाम से ज्यादा ‘बेवफा चायवाला’ के नाम से पहचानने लगे। चाय पीने आने वाले ग्राहकों को दुकान का नाम और उसका अनोखा रेट दोनों पसंद आ रहे थे।

    इस तरह एक छोटे से चाय के स्टॉल ने अपने अलग अंदाज की वजह से पूरे इलाके में पहचान बना ली थी। प्रेमी जोड़ों से लेकर मजाकिया अंदाज में खुद को ‘दिलजला’ बताने वाले युवाओं तक, हर किसी के लिए यहां चाय पीना एक अलग अनुभव बन गया था।

  • बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम,  वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम, वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम,  वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    Wife Caught With Boyfriend: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे का बताया जा रहा है. v में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ लेता है, जिसके बाद हंगामा देखने को मिलता है. वो पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को पकड़ता है लेकिन दोनों रुकने की बजाय एक दूसरे का हाथ पकड़ते हैं और वहां से चले जाते हैं. जाते-जाते लड़की कहती है कि उनका तलाक होने वाला है और कोर्ट में केस चल रहा है. 

    शादी के बाद भी रहा बॉयफ्रेंड से रहा संबंध

    इस मामले में पुलिस का कहना है कि ये वायरल वीडियो 2 जुलाई की रात 9 बजे का है. इस मामले में सुमेरपुर कस्बे के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को शिकायत पत्र दिया था, जिसमें उसने बताया था कि उसकी शादी 2021 में मौदहा की एक युवती से हुई थी. शादी के बाद भी उसका संबंध उसके बॉयफ्रेंड से रहा. विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया. 

    थाने के बाहर जमकर हुआ हंगामा

    एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के विवाद के कारण हो रहे झगड़े को महिला ने दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और तलाक का रूप दिया. इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है. इसके बावजूद पत्नी खुलेआम अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही थी. शिकायत में बताया गया कि महिला के पति को 2 जुलाई को सूचना मिली कि उसकी पत्नी सुमेरपुर की सब्जी मंडी क्षेत्र में अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही है. वो मौके पर पहुंचा और दोनों को पकड़ लिया और थाने ले गया. इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ. किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो जमकर वायरल हो रहा है. 

  • 12 साल की मेहनत, 40 परीक्षाओं में फेल, कहानी मनोज पाल के अफसर बनने की..

    12 साल की मेहनत, 40 परीक्षाओं में फेल, कहानी मनोज पाल के अफसर बनने की..

    12 साल की मेहनत, 40 परीक्षाओं में फेल, कहानी मनोज पाल के अफसर बनने की..

    Success Story: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के ग्राम खपरिया निवासी मनोज पाल की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए मिसाल है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार असफल होने के बाद हार मान लेते हैं. मनोज पाल ने करीब 12 सालों तक लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं दीं. इस दौरान उन्होंने लगभग 40 परीक्षाओं में किस्मत आजमाई, लेकिन लंबे समय तक अंतिम सफलता उनके हाथ नहीं लगी. आखिरकार मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2024 में उनका चयन सहायक संचालक, वित्त विभाग के पद पर हुआ. मनोज की यह सफलता वर्षों के संघर्ष, आर्थिक मुश्किलों और लगातार असफलताओं के बीच खुद पर विश्वास बनाए रखने का परिणाम है.

    12वीं में मिले सिर्फ 50 प्रतिशत अंक

    मनोज पाल की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई. उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई गांव से की और परीक्षा करीब 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की. सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले मनोज के सामने आगे की पढ़ाई जारी रखना भी आसान नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और नर्मदापुरम जाकर कॉलेज की पढ़ाई शुरू की. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने बच्चों को पढ़ाकर अपनी जरूरतों के लिए पैसे जुटाए और खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे.

    मनोज पाल की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई. उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई गांव से की और परीक्षा करीब 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की.

    मनोज कहते हैं कि परिवार ने उनकी मेहनत पर हमेशा भरोसा रखा. सफलता के बाद परिवार की पहली प्रतिक्रिया थी. भगवान के यहां देर है, अंधेर नहीं. मेहनत की है तो सफलता मिलनी ही थी. अंतिम चयन की खबर परिवार के लिए भावुक कर देने वाली थी.

    कोरोना काल में मजदूरी कर जुटाए पैसे

    मनोज के संघर्ष का सबसे कठिन दौर कोरोना महामारी के दौरान आया. महामारी के कारण काम और आय के साधन प्रभावित हुए और उनके पास जो कुछ था, वह भी खत्म हो गया. आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखना मुश्किल हो गया. ऐसे समय में मनोज ने गांव लौटकर मजदूरी की और पैसे जुटाए. इसके बाद उन्होंने इंदौर जाकर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की. वहां भी उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और कोचिंग में काम किया, ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें.

    लगभग 40 परीक्षाएं दीं, लेकिन सफलता नहीं मिली

    मनोज ने अपने लंबे सफर में लगभग 40 प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया. इनमें विभिन्न भर्ती परीक्षाएं शामिल रहीं. उन्होंने पुलिस आरक्षक, वनरक्षक, पटवारी, लेखापरीक्षक और संचालक जैसी परीक्षाएं दीं. इसके अलावा कर्मचारी चयन आयोग की बहु-कार्य कर्मचारी, संयुक्त उच्चतर माध्यमिक और संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षाओं में भी प्रयास किया. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा, पंजीयक, सहायक प्राध्यापक सहित अन्य परीक्षाओं में भी उन्होंने किस्मत आजमाई. कई परीक्षाओं में वह आगे तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया.

    MPPSC परीक्षा में मनोज ने नौ प्रयास किए. इन नौ प्रयासों में वह नौ बार प्रीलिम्स परीक्षा में सफल हुए.

    MPPSC परीक्षा में नौ प्रयास

    MPPSC परीक्षा में मनोज ने नौ प्रयास किए. इन नौ प्रयासों में वह नौ बार प्रीलिम्स परीक्षा में सफल हुए. आठ बार मुख्य परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचे और सात बार इंटरव्यू भी दिया. इसके बावजूद अंतिम चयन नहीं हो पाया. लगातार परिणाम अपने पक्ष में न आने के बावजूद मनोज ने तैयारी जारी रखी. आखिरकार राज्य सेवा परीक्षा 2024 में उनका चयन हुआ और वर्षों की मेहनत का परिणाम सामने आया.

    परिवार कहता था-अब कुछ काम करके घर संभालो

    मनोज निम्न-मध्यमवर्गीय कृषक परिवार से आते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. परिवार ने तैयारी के दौरान उनका पूरा साथ दिया, लेकिन लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने के कारण घरवालों की चिंता भी बढ़ती जा रही थी. मनोज बताते हैं कि परिवार की चिंता थी कि उम्र बढ़ रही है और बहनों की शादी भी करनी है, इसलिए उन्हें कोई काम करके कमाई शुरू करनी चाहिए. परिवार चाहता था कि वह कुछ छोटा-मोटा काम शुरू करें, जिससे घर की आर्थिक स्थिति थोड़ी बेहतर हो सके.

    समाज के तानों के बीच खुद को संभाला

    लगातार असफलताओं के बीच मनोज को सामाजिक दबाव का भी सामना करना पड़ा. उनका कहना है कि वह पशुपालक गड़रिया समाज से आते हैं और उनके आसपास के लोगों को उनसे बहुत बड़ी उम्मीद भी नहीं थी. कई बार परीक्षा का परिणाम नकारात्मक आने पर उन्हें लगा कि शायद आगे भी सफलता नहीं मिलेगी, लेकिन उनके पास पीछे हटने का विकल्प नहीं था. वह कहते हैं कि गांव लौटकर खेती या मजदूरी करने के साथ-साथ वह यह भी नहीं चाहते थे कि उनके परिवार को लोगों के ताने सुनने पड़ें. यही सोच उन्हें आगे बढ़ाती रही.

    मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2024 में उनका चयन सहायक संचालक, वित्त विभाग के पद पर हुआ.

    6 से 8 घंटे पढ़ाई, मॉक टेस्ट और आत्मविश्लेषण पर जोर

    मनोज की तैयारी का तरीका बेहद अनुशासित रहा. वह सुबह 6 बजे उठकर लाइब्रेरी चले जाते थे. दिन में खाना बनाने और खाने के लिए लौटते और फिर लाइब्रेरी चले जाते थे. रात 12 से 1 बजे तक लाइब्रेरी में पढ़ाई करने के बाद वह सुबह कोचिंग में बच्चों को पढ़ाने चले जाते थे. वह रोजाना लगभग 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे. तैयारी के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में मॉक टेस्ट दिए, अपनी गलतियों का आत्मविश्लेषण किया और दोस्तों के साथ विषयों पर चर्चा की. पुराने प्रश्नपत्रों के आधार पर उन्होंने परीक्षा की रणनीति तैयार की.

    ‘अपनी स्थिति बदलनी है तो पूरी ताकत से मेहनत करें’

    मनोज पाल उन अभ्यर्थियों के लिए संदेश देते हैं जो लगातार असफलताओं से निराश हो जाते हैं. उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने अपनी स्थिति बदलने का फैसला किया है, तो उसे पूरी ताकत के साथ मेहनत करनी होगी. अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानना होगा और लगातार खुद में सुधार करते रहना होगा. उनका मानना है कि असफलताओं के बावजूद खुद पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है. करीब 40 परीक्षाओं में प्रयास करने के बाद मिली यह सफलता मनोज के लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि सालों के संघर्ष और धैर्य की जीत है.

  • कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    एक युवती रोज शाम घर से निकलती थी। परिवार को बताया गया था कि वह कॉल सेंटर में काम करती है और उसकी ड्यूटी रात में होती है। सुबह होने से पहले वह घर लौट आती थी। परिवार को लंबे समय तक उसके साथ हो रही ज्यादती की भनक तक नहीं लगी।

    दरअसल, युवती को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर एक ऐसे गिरोह के चंगुल में फंसा दिया गया था, जहां उससे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। पीड़िता के मुताबिक, उसे रोज कई ग्राहकों के पास भेजा जाता था और मना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।

    बताया गया कि करीब एक साल पहले उसकी एक परिचित युवती ने उसे ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया था। उसे भरोसा दिलाया गया कि एक व्यक्ति उसकी आर्थिक परेशानियां दूर कर सकता है। इसी भरोसे में वह उसके संपर्क में पहुंची, लेकिन बाद में उसे समझ आया कि वह एक खतरनाक जाल में फंस चुकी है।

    पीड़िता ने बाहर निकलने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे रिकॉर्ड किए गए आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर डराया गया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने विरोध किया या वहां से भागने की कोशिश की तो वीडियो सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।

    पीड़िता के मुताबिक, काम के दौरान तबीयत खराब होने और दर्द की शिकायत करने पर उसे दवाइयां दी जाती थीं और फिर दोबारा ग्राहकों के पास भेज दिया जाता था। उसे पैसों का लालच दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर तय रकम भी नियमित रूप से नहीं दी जाती थी।

    घर पर उसकी जिंदगी की दूसरी ही तस्वीर थी।

    उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी और वह अपने पिता के साथ रहती थी। पिता को वह यही बताती थी कि वह कॉल सेंटर में नौकरी करती है। रोज शाम घर से निकलने और सुबह लौटने की वजह से परिवार को भी यही लगता रहा कि उसकी रात की नौकरी है।

    लेकिन उसके पीछे चल रही सच्चाई बेहद अलग थी।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एक संस्था की टीम ने गिरोह तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। बताया गया कि टीम ने ग्राहक बनकर संपर्क किया और काफी समय तक भरोसा कायम करने की कोशिश की। इसके बाद एक ठिकाने की जानकारी मिली।

    सूचना पुलिस तक पहुंचाई गई और टीम ने मौके पर कार्रवाई की।

    वहां से शराब की खाली बोतलों के अलावा कई तरह की दवाइयां भी बरामद होने की बात सामने आई। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर संकेत दिया कि इस पूरे मामले में वह अकेला नहीं है और इसके पीछे अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े दूसरे संदिग्धों की तलाश और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

    इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि नौकरी और आर्थिक मदद का झांसा देकर युवतियों को फंसाने वाले गिरोह किस तरह उनके भरोसे का फायदा उठा सकते हैं। पीड़िता को लंबे समय तक डर और धमकियों के बीच रखा गया, जबकि परिवार को उसकी असली स्थिति की जानकारी तक नहीं थी।

    अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसके जरिए और कितने लोगों को निशाना बनाया गया।

  • ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    कभी-कभी किसी घटना का संयोग इतना अजीब होता है कि लोगों को यकीन करना मुश्किल हो जाता है। उत्तर प्रदेश के एक गांव से सामने आया ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में है। एक युवक ने गांव के एक कार्यक्रम में नागिन की धुन पर जमकर डांस किया। अगले ही दिन उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युवक ने नागिन की धुन पर खूब डांस किया था। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में युवक नागिन की तरह हरकतें करते हुए डांस करता नजर आ रहा था।

    लेकिन अगले दिन सुबह करीब 10 बजे युवक अपने घर में बिस्तर पर आराम कर रहा था। इसी दौरान अचानक एक जहरीला सांप उसके पास पहुंच गया और उसने युवक को डस लिया। सांप के काटने के बाद युवक की हालत बिगड़ने लगी।

    परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया। हालत गंभीर होने के कारण युवक को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    गांव में फैल गई तरह-तरह की बातें

    नागिन के गाने पर डांस करने और अगले दिन सांप के काटने की घटना का संयोग सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे नाग के बदले से जोड़कर देखने लगे, तो कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मान्यताओं से जोड़ दिया।

    हालांकि ऐसी बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सांप के काटने की घटना को महज संयोग माना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना और उचित चिकित्सकीय उपचार कराना बेहद जरूरी है।

    फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है। वहीं नागिन डांस का वीडियो और उसके अगले दिन हुई सांप के काटने की घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा बनी हुई है। संयोग ऐसा है कि जिसने भी पूरी कहानी सुनी, वह एक पल के लिए जरूर हैरान रह गया।

  • कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले से नाबालिग से दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को धार्मिक गुरु बताकर नाबालिग के परिवार का भरोसा जीता और कुंडली में दोष होने की बात कहकर पूजा कराने के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

    कुंडली में दोष बताकर परिवार से बढ़ाई नजदीकी

    पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोपी रामेश्वर हनमंतराव रामदासी उर्फ रामेश्वर महाराज पिछले कई वर्षों से पूजा-पाठ से जुड़ा हुआ था। बताया गया है कि उसकी पहचान नाबालिग के पिता से हुई थी, जिसके बाद उसका परिवार के घर आना-जाना शुरू हो गया।

    आरोप है कि इसी दौरान उसने नाबालिग की कुंडली में दोष होने की बात कही। उसने परिवार को बताया कि इस दोष को दूर करने के लिए विशेष पूजा कराना जरूरी है। इसके बाद वह जून महीने से कथित तौर पर नाबालिग के घर पूजा कराने के लिए आने लगा।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। परिवार को शुरुआत में इस घटना की जानकारी नहीं थी।

    पेट में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    बताया गया कि कुछ समय बाद नाबालिग के पेट में दर्द हुआ, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां मेडिकल जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

    मेडिकल जांच से संबंधित रिपोर्ट और जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इसके बाद नाबालिग की शिकायत के आधार पर विवेकानंद पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

    पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी तरह की हरकत तो नहीं की।

    पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

    लातूर शहर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस समीर सिंह साल्वे के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी और पीड़िता के परिवार के बीच संपर्क, पूजा के नाम पर हुई गतिविधियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

    फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    उत्तर प्रदेश में पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है. शादी के बाद पहली ही रात दुल्हन ने अपने पति को बताया कि वह किसी और से प्यार करती है और परिवार के दबाव में उसकी शादी हुई है. उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन बिताने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों परिवारों ने आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की. आखिरकार तीन दिन बाद युवती को उसके प्रेमी के साथ भेज दिया गया.

    25 जू. को हुई थी शादी, सुहागरात पर खुला राज
    जानकारी के अनुसार, युवक और युवती की शादी 25 जू. 2026 को परिवार की मौजूदगी में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी. शादी के बाद सुहागरात पर दुल्हन ने पति से साफ शब्दों में कहा कि वह किसी और की अमानत है. उसका कहना था कि परिवार की इच्छा के कारण उसे यह शादी करनी पड़ी और वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती.

    पति ने विवाद करने के बजाय परिवार को दी पूरी जानकारी
    दुल्हन की बात सुनने के बाद पति ने कोई हंगामा या विवाद नहीं किया. उसने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों और पत्नी के परिवार को दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. परिवारों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवती अपने फैसले पर कायम रही और प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जताई.

    दोनों परिवारों की सहमति से प्रेमी को बुलाया गया
    जब बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला तो 28 जू. को दोनों परिवारों की सहमति से युवती के प्रेमी को बुलाया गया. सभी पक्षों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि युवती अपनी इच्छा के अनुसार प्रेमी के साथ जाएगी. इसके बाद वह उसके साथ चली गई.

    कानूनी विवाद से बचने के लिए महिला थाने पहुंचे परिजन
    भविष्य में किसी तरह की कानूनी परेशानी से बचने के लिए दूल्हे और उसके पिता ने हापुड़ महिला थाने में लिखित शिकायत दी. शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई, ताकि बाद में किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप या कानूनी विवाद खड़ा न हो.

    पुलिस बोली- दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा मामला
    महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुणा राय के अनुसार, युवक के परिजनों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी. जांच के दौरान सामने आया कि युवती विवाह के बाद पति के साथ नहीं रहना चाहती थी और किसी अन्य युवक से प्रेम करती थी. दोनों परिवारों की सहमति से मामले का शांतिपूर्ण निस्तारण करा दिया गया. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया है और मामला आपसी सहमति से समाप्त हो गया है.