आंखें बंद, हाथों में रंग और सामने गणपति… 30 सेकंड में तस्वीर बनाकर हैरान करते हैं काशी के विजय..

आंखें बंद, हाथों में रंग और सामने गणपति… 30 सेकंड में तस्वीर बनाकर हैरान करते हैं काशी के विजय..
आंखें बंद, हाथों में रंग और सामने गणपति… 30 सेकंड में तस्वीर बनाकर हैरान करते हैं काशी के विजय..

भगवान शिव की नगरी काशी में भगवान गणेश की लगातार 35 वर्षों से साधना करने वाले मूर्तिकार विजय की चर्चा हो रही है. विजय आंखों में पट्टी बांधकर महज 30 – 40 सेकंड में गणपति की आकृति उकेर देते हैं. कई बार एक चित्र तैयार करने में उन्हें एक मिनट का समय लग जाता है. विजय इसे 20 – 25 सेकेंड के अंदर करना चाहते है.

आंखों पर काली पट्टी बंधी है. सामने सफेद कैनवास रखा है और हाथों में रंग हैं. देखने वाले यही सोचते रह जाते हैं कि आखिर बिना देखे कोई तस्वीर कैसे बना सकता है. लेकिन कुछ ही सेकेंड में कैनवास पर भगवान गणेश की खूबसूरत आकृति उभर आती है. यह अनोखी कला है काशी के मूर्तिकार और चित्रकार विजय कुमार की. पिछले करीब 35 साल से कला की साधना कर रहे विजय आंखों पर पट्टी बांधकर महज 30 से 40 सेकेंड में गणपति की तस्वीर बना देते हैं. उनकी इस कला को देखने के लिए लोग खास तौर पर पहुंच रहे हैं. विजय कुमार के लिए यह सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि भगवान गणेश की साधना है. वह बताते हैं कि जब आंखों पर पट्टी बंधी होती है, तब उनका पूरा ध्यान अपने आराध्य गणपति पर रहता है.

उनके मन में गणेश की तस्वीर इतनी स्पष्ट होती है कि हाथ अपने आप कैनवास पर आकृति बनाने लगते हैं. कई बार विजय को एक तस्वीर बनाने में करीब एक मिनट का समय लगता है, लेकिन अब उनका लक्ष्य इसे 20 से 25 सेकेंड में पूरा करना है. बचपन से ही भगवान गणेश की पूजा करने वाले विजय रोज अपनी दुकान पर पहुंचने के बाद सबसे पहले गणपति की साधना और चित्र बनाने का अभ्यास करते हैं.भतीजे की चुनौती ने दिखाई नई राह विजय कुमार का परिवार कई पीढ़ियों से मूर्ति निर्माण के काम से जुड़ा रहा है. बचपन से ही उन्हें पत्थरों को तराशने और चित्र बनाने का शौक था. करीब 35 साल पहले उन्होंने कला को अपनी साधना बना लिया. आंखों पर पट्टी बांधकर चित्र बनाने की शुरुआत भी एक दिलचस्प घटना से हुई. विजय के भतीजे ने एक दिन मजाक में उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर तस्वीर बनाने की चुनौती दी.

विजय ने चुनौती स्वीकार की और धीरे-धीरे बिना देखे सही आकृति बनाने में माहिर हो गए. अब वह आंखें खोलकर और बंद करके, दोनों तरह से गणपति की तस्वीर बना लेते हैं.काशी के 56 विनायकों को भी कैनवास पर उतारा विजय कुमार की कला को देशभर में पहचान मिल चुकी है. उन्होंने काशी के प्रसिद्ध मंदिरों में चित्रकारी करने के साथ काशी के 56 विनायकों की तस्वीरें भी कैनवास पर उतारी हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनियां लग चुकी हैं. कला के क्षेत्र में उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं और उन्हें ‘काशी रत्न’ सम्मान से भी नवाजा गया है.

महाराष्ट्र के सिद्धिविनायक मंदिर में विजय ने 51 और 56 घंटे तक लगातार तस्वीर बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है. उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की बात भी सामने आती है.बप्पा की इच्छा तक जारी रहेगी साधना विजय कहते हैं कि उन्होंने अपना जीवन कला को समर्पित कर दिया है. जब तक बप्पा की इच्छा होगी, उनकी यह साधना जारी रहेगी. वह तेजपत्ता, रुद्राक्ष जैसी छोटी-छोटी चीजों पर भी भगवान गणेश की आकृति उकेर चुके हैं. उनके लिए रंग और रेखाएं सिर्फ चित्रकारी के साधन नहीं, बल्कि गणपति के चरणों में अर्पित की जाने वाली कला-अंजलि हैं.

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