
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई कर्मचारी प्रमोशन ठुकरा सकता है? आमतौर पर कॉर्पोरेट वर्ल्ड में ऊंची कुर्सी और बड़ा पद पाना ही हर किसी के करियर का अल्टीमेट गोल माना जाता है. लेकिन आज की जनरेशन इस पुरानी धारणा को पूरी तरह बदल रही है. चीन से लेकर पूरी दुनिया तक युवा अब यह सोचने लगे हैं कि क्या थोड़ी सी एक्स्ट्रा सैलरी और ढेरों जिम्मेदारियां सचमुच उस मानसिक तनाव के लायक हैं? सोशल मीडिया पर आजकल एक महिला की कहानी वायरल हो रही है, जिसने अपने 10 साल के करियर में एक या दो नहीं बल्कि पूरे 3 बार प्रमोशन ठुकरा दिया. आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह.
प्रमोशन क्यों ठुकराया जा रहा है?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों लोग प्रमोशन को विनम्रता से अस्वीकार करने के तरीके शेयर कर रहे हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि नई जिम्मेदारियों के साथ मिलने वाला वेतन बहुत मामूली होता है, जबकि काम का बोझ और मानसिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है.
जून नाम की एक महिला कर्मचारी ने अपने 10 साल के करियर में तीन बार प्रमोशन को ना कहा. उसने बताया कि एक बार जब उसे अंतरिम टीम लीडर बनाया गया, तो सैलरी में केवल नाममात्र की बढ़ोतरी हुई, लेकिन जरा सी गलती पर गाज उसी पर गिरती थी. युवाओं का मानना है कि मिडिल मैनेजमेंट की नौकरी में इंसान ऊपर के अधिकारियों और नीचे के कर्मचारियों के बीच पिसकर रह जाता है.
कॉन्शस अनबॉसिंग’…एक नया ग्लोबल ट्रेंड
कंपनी कल्चर पर खड़े होते सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं का यह रुख कंपनियों के लिए चेतावनी है. अगर कॉर्पोरेट सेक्टर अपने कर्मचारियों को बेहतर इंसेंटिव, काम की आजादी और सही तरीके से उनके काम का सम्मान नहीं देगा, तो आने वाले समय में लीडरशिप के लिए लोग मि

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