
Guru Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति 19 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर गए हैं। बुध के नक्षत्र में 31 अक्टूबर तक रहने वाले हैं। इस अवधि में गुरु सिंह राशि में प्रवेश करने के साथ-साथ नक्षत्र पद परिवर्तन भी करेंगे जिसका असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलने वाला है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है, तो कुछ राशियों के लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। बता दें कि गुरु 3 सितंबर को अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश करने वाले हैं, जिससे 12 राशियों में से इन तीन राशि के जातकों को सर्वाधिक लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं गुरु बृहस्पति के अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे पद में जाने से किन राशि के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है…
द्रिक पंचांग के अनुसार, भाग्य के कारक गुरु बृहस्पति 3 सितंबर 2026, बृहस्पतिवार को 07:02 पी एम बजे प्रवेश कर जाएंगे और इस नक्षत्र पद में 20 सितंबर को 08:53 ए एम बजे तक रहेंगे। इसके बाद तृतीय पद में प्रवेश कर जाएंगे। अश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं और स्वामी बुध हैं। इस नक्षत्र का प्रतीक कुंडली मारे हुए सर्प का है।
मकर राशि गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर (Capricorn Zodiac)
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे पद में जाना सकारात्मक असर डाल सकता है। गुरु बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी होकर सातवें भाव में गोचर करेंगे। इस भाव में रहकर गुरु की पंचम दृष्टि 11वें भाव पर, सप्तम दृष्टि लग्न पर और नवम दृष्टि तीसरे भाव पर पड़ेगी। ऐसे में इस राशि के जातकों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। इस राशि के जातकों की बौद्धिक क्षमता में तेजी से वृद्धि हो सकती है। आपकी छुपी हुई प्रतिभा सामने आ सकती है। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है।
सातवां भाव विवाह का माना जाता है। ऐसे में विवाह से संबंधित लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। अविवाहितों का विवाह हो सकता है। दांपत्य जीवन में चली आ रही समस्या भी समाप्त हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के साथ-साथ बिजनेसमैन के लिए ये समय काफी अच्छा हो सकता है। आप अपनी प्रतिभा से कोई बड़ी डील पा सकते हैं। आपकी नेगोशिएशन पावर बढ़ेगी। ऐसे में जो काम केवल बातचीत के कारण रुके हुए थे, उनमें गति प्राप्त हो सकती है। आपकी कोई इच्छा भी पूरी हो सकती है। जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं।
नौकरीपेशा जातकों के लिए ये समय अच्छा हो सकता है। इंक्रीमेंट और प्रमोशन का योग है। इसके साथ ही वेतन में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं। आपको नए प्रोजेक्ट्स या फिर क्लाइंट मिल सकते हैं, जिससे आपके काम की सराहना हो सकती है। छात्रों के लिए भी ये समय अच्छा जा सकता है। समाज में मान-सम्मान की वृद्धि हो सकती है।
तुला राशि गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर (Libra Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे चरण में जाना अनुकूल हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के दसवें भाव में गुरु विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों को मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा के साथ करियर में काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को इस अवधि में अच्छा लाभ मिल सकता है। लंबे समय से रुका हुआ काम में एक बार फिर से गति आएगी। इसके साथ ही प्रमोशन, इंक्रीमेंट के भी अवसर बन रहे हैं। आपकी मेहनत, आपके कार्य और आपकी परफॉर्मेंस अगर आपके बॉस या सीनियर्स को नजर आ सकती है।
व्यापार की दृष्टि से बात करें, तो गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आपके मन में अपने व्यापार के विस्तार को लेकर जो प्लानिंग चल रही हैं, तो वह अब आरंभ करना लाभकारी हो सकती है। बिजनेस के दृष्टिकोण से कोई प्रॉपर्टी खरीदनी थी या सेल्स बढ़ाने के लिए कोई नई स्ट्रेटजी बनानी थी, तो उसमें सफलता हासिल हो सकती है। नए काम का आरंभ कर सकते हैं। आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं।
अगर परिवार में काफी समय से कोई समस्या चल रही थी, कोई आपसी तनाव था या कोई प्रॉपर्टी का मामला लटका हुआ था, तो उसमें अब लाभ मिल सकता है। आपकी वाणी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। वाहन, प्रॉपर्टी खरीदने या फिर बेच सकते हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी सफलता हासिल हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अगर आपको परेशान कर रही थी, तो उसमें भी सुधार देखने को मिल सकता है।
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सिंह राशि पर पर गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर (Leo Zodiac)
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे पद में जाना कई मायनों में खास हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के बारहवें भाव में गुरु रहने वाले हैं। ऐसे में वह इस राशि में विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे है। विदेश से जुड़े कामों में सफलता हासिल हो सकती है। विदेश से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। अगर आप विदेश जाने का मौका मिल सकता है। आपकी लंबे समय से कोई सरकारी फाइल रुकी हुआ है, तो उसमें सफलता हासिल हो सकती है।
प्रॉपर्टी और विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। चौथे भाव पर गुरु की दृष्टि है। ऐसे में आप विदेश में घर या फिर प्रापर्टी लेने का प्रयास कर रहे हैं, तो उसमें सफलता हासिल हो सकती है। आयात निर्यात के व्यापार में भी लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। गुरु बुध के नक्षत्र में होने के कारण आपको नए कॉन्टैक्ट्स बन सकते हैं। पुराने रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और विदेश से जुड़े हुए कार्य में अचानक कोई बड़ी सफलता आपको मिल सकती है,
कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी सफलता हासिल हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। इसके साथ ही घर में कोई सदस्य लंबे समय से अस्पताल में भर्ती है, तो उसे भी लाभ मिल सकता है। आपको अचानक धन लाभ भी हो सकता है।
विदेश में काम करने वाले या विदेश से जुड़कर बिजनेस करने वाले लोगों को अचानक कोई ऐसा लाभ मिल सकता है, जिसकी शायद उन्होंने पहले उम्मीद भी नहीं की होगी। पैतृक संपत्ति से संबंधित कोई विवाद अगर चल रहा है या प्रॉपर्टी को लेकर कोर्ट में कोई केस चल रहा है, तो वह भी अचानक आपके पक्ष में आ सकता है। पैतृक संपत्ति मिलने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे जातकों को इस अवधि में सफलता हासिल हो सकती है।

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