
नई दिल्ली: अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौत की सजा पाए एक कैदी की फांसी की कोशिश उस समय नाकाम हो गई, जब उसे जानलेवा दवा की दो डोज देने के बाद भी उसकी सांसें चलती रहीं। 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को बाद में जेल से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई है। उनके वकीलों के मुताबिक, वह अस्पताल में जीवन रक्षक चिकित्सा प्राप्त कर रही थीं।
यह घटना 30 सितंबर 2026 को नैशविल स्थित रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पाइक को जानलेवा इंजेक्शन के लिए पेंटोबार्बिटल की दो डोज दी गईं, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत नहीं हुई।
दो डोज के बाद भी चल रही थी सांस
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फांसी की प्रक्रिया के दौरान पाइक के जीवित होने के संकेत काफी देर तक दिखाई देते रहे। उनके वकीलों ने अदालत में दाखिल दस्तावेजों में कहा कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी उनकी धड़कन चल रही थी और सांस लेने की आवाज सुनाई दे रही थी।
कुछ समय बाद जेल अधिकारियों ने प्रक्रिया रोक दी और पाइक को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। उनके वकीलों ने अगले दिन बताया कि वह गंभीर हालत में थीं और उन्हें जीवन बचाने वाली चिकित्सा दी जा रही थी।
टेनेसी के प्रोटोकॉल में दूसरी डोज का प्रावधान
इस मामले का एक अहम पहलू टेनेसी की फांसी की प्रक्रिया से जुड़ा है। राज्य के प्रोटोकॉल में पहली डोज प्रभावी न होने की स्थिति में दूसरी डोज देने का प्रावधान है। पाइक को भी पहली डोज के बाद दूसरी डोज दी गई, लेकिन इसके बाद भी उनकी मौत नहीं हुई।
रिपोर्टों के मुताबिक, मौजूदा प्रोटोकॉल में दूसरी डोज के बाद भी व्यक्ति के जीवित रहने जैसी असाधारण स्थिति से निपटने के लिए आगे क्या किया जाना चाहिए, इसे लेकर सवाल उठे हैं।
टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन ने कहा है कि अधिकारियों ने राज्य के स्वीकृत और कानूनी प्रोटोकॉल के अनुसार प्रक्रिया पूरी की। वहीं घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की स्वतंत्र समीक्षा कराने का आदेश दिया है।
1995 में हुई थी 19 वर्षीय युवती की हत्या
क्रिस्टा पाइक को 1995 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। अपराध के समय पाइक 18 वर्ष की थीं।
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, पाइक और उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड टेडरिल शिप पर स्लेमर की हत्या का आरोप लगा था। पाइक को बाद में इस मामले में मौत की सजा सुनाई गई, जबकि मामले में शामिल अन्य लोगों को अलग-अलग सजा मिली।
पाइक की फांसी से पहले उनके वकीलों ने कानूनी चुनौतियां भी उठाई थीं। आखिरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ने की अनुमति दी।
घटना के बाद टेनेसी ने रोकी बाकी फांसी
इस असफल फांसी की कोशिश के बाद टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने राज्य में इस साल होने वाली बाकी फांसियों को रोकने और घटना की स्वतंत्र जांच कराने का आदेश दिया।
गवर्नर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आखिर प्रक्रिया में क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह 2026 में टेनेसी में फांसी की दूसरी असफल कोशिश है। इससे पहले मई में टोनी कैरथर्स की फांसी उस समय रोकनी पड़ी थी, जब अधिकारियों को जानलेवा दवा देने के लिए आवश्यक IV लाइन स्थापित करने में कठिनाई हुई थी।
अब आगे क्या होगा?
पाइक को फिलहाल अस्पताल में चिकित्सा दी जा रही है और उनकी हालत को लेकर उनके वकीलों ने गंभीर चिंता जताई है। घटना की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दो डोज दिए जाने के बावजूद फांसी की प्रक्रिया क्यों सफल नहीं हुई।
इस घटना ने अमेरिका में मौत की सजा की प्रक्रियाओं और जानलेवा इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है। हालांकि, पाइक के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति जांच के साथ बदल सकती है।

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