
Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में लाट भैरव मंदिर परिसर में एक धार्मिक आयोजन के दौरान 2 युवतियों के कथित अश्लील नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उपजे विवाद के बीच पुलिस ने संबंधित सामग्री को मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) टूल से निर्मित बताया। पुलिस ने दावा किया कि भ्रामक वीडियो प्रसारित कर पुलिस की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है और ऐसा करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यह वीडियो बाबा लाट भैरव की वार्षिक बारात से जुड़े धार्मिक आयोजन का बताया गया है और इसके सामने आने के बाद विभिन्न वर्गों ने सवाल उठाए हैं। वीडियो में घाघरा और बिना आस्तीन वाली चोली पहने दो महिलाएं भोजपुरी गीतों पर कथित तौर पर अश्लील नृत्य करती दिखाई दे रही हैं। कुछ लोगों ने वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मियों के आचरण पर सवाल उठाए हैं।
समाजवादी पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ ने भी वीडियो को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उसने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में मंदिर परिसरों और धार्मिक आयोजनों में भी अश्लील गीत, नृत्य और भद्दी प्रस्तुतियां हो रही हैं। सपा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिन मूल्यों, परंपराओं, आचरण और चरित्र की बात करती है, उन पर ऐसे घटनाक्रमों से सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, मंदिर से जुड़े लोगों ने कहा कि ऐसा नृत्य पारंपरिक रूप से बाबा लाट भैरव की बारात का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्षिक आयोजन में नगर वधुओं के नृत्य प्रस्तुति देने की परंपरा रही है।

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