मुंबई में 14 लोगों: से भरी लिफ्ट 6 मंजिल नीचे गिरी, 3 घंटे बाद रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान.

मुंबई में 14 लोगों: से भरी लिफ्ट 6 मंजिल नीचे गिरी, 3 घंटे बाद रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान.
मुंबई में 14 लोगों: से भरी लिफ्ट 6 मंजिल नीचे गिरी, 3 घंटे बाद रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान.

मुंबई: नेहरू नगर इलाके की एक बिल्डिंग में जन्मदिन की पार्टी के बाद घर लौट रहे 14 लोग उस समय दहशत में आ गए, जब लिफ्ट अचानक तेजी से नीचे गिरने लगी। बताया जा रहा है कि लिफ्ट करीब छह मंजिल नीचे चली गई और ग्राउंड फ्लोर से कुछ पहले अचानक रुक गई। हादसे के बाद लिफ्ट के अंदर चीख-पुकार मच गई।

घटना नेहरू नगर स्थित ‘मास मेट्रोपोलिस’ बिल्डिंग की बताई जा रही है। 14वीं मंजिल पर जन्मदिन की पार्टी के बाद रिश्तेदार और मेहमान नीचे जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए थे। शुरुआत में लिफ्ट सामान्य तरीके से नीचे आ रही थी, लेकिन छठी मंजिल के आसपास अचानक तेज झटका लगा और लिफ्ट बेकाबू होकर नीचे की ओर जाने लगी।

अचानक नीचे गिरने लगी लिफ्ट

लिफ्ट के तेजी से नीचे जाने से उसके अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही सेकंड में छह मंजिल नीचे जाने के बाद लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से पहले रुक गई। अचानक हुए इस हादसे में अंदर मौजूद लोग बुरी तरह घबरा गए।

लिफ्ट रुकने के बाद भी उनकी मुश्किल खत्म नहीं हुई। दरवाजे नहीं खुल रहे थे और सभी लोग अंदर ही फंसे हुए थे। घबराए लोगों ने इमरजेंसी अलार्म बजाया, जिसके बाद बिल्डिंग में मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई।

पुलिस और दमकल विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू

बाहर मौजूद लोगों ने लिफ्ट के दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्थिति गंभीर देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई।

रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कटर तथा हाइड्रोलिक जैक की मदद से लिफ्ट को खोलने का काम शुरू किया। अंदर फंसे लोगों को करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

लगातार प्रयास के बाद दमकल कर्मियों ने लिफ्ट के हिस्से को काटकर अंदर फंसे सभी 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें चार बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

तीन घंटे तक दहशत में रहे लोग

लिफ्ट में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण कई लोग काफी घबरा गए थे। बाहर निकलने के बाद भी उनके चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।

ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी, जांच जारी

हादसे के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लिफ्ट में 14 लोगों के सवार होने से उसकी निर्धारित क्षमता तो नहीं बढ़ी थी। इसके अलावा लिफ्ट के मेंटेनेंस, तकनीकी स्थिति, सुरक्षा ऑडिट और किसी संभावित खराबी की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी देख रही है कि लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ था या नहीं। फिलहाल हादसे की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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