
अगर आपके बैंक खाते में अचानक कुछ पैसे आ जाएं और उसके बाद किसी अनजान व्यक्ति का फोन आए कि रकम गलती से ट्रांसफर हो गई है, तो सावधान हो जाइए। यह साइबर ठगी का तरीका हो सकता है, जिसे Jumped Deposit Scam कहा जा रहा है। इसमें ठग पहले खाते में छोटी रकम भेजते हैं और फिर उसे वापस लेने के बहाने आपसे बड़ी रकम का UPI भुगतान करवाने की कोशिश करते हैं।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक की चेतावनी के मुताबिक, अनजान रकम आने पर जल्दबाजी में कोई कदम उठाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए खाते में आए पैसे की पुष्टि किए बिना किसी भी भुगतान अनुरोध को मंजूरी न दें।
क्या है Jumped Deposit Scam?
Jumped Deposit Scam में साइबर ठग किसी व्यक्ति के बैंक खाते में थोड़ी रकम भेजते हैं। इसके बाद वे फोन करके दावा करते हैं कि पैसे गलती से उसके खाते में चले गए हैं और अब उन्हें वापस भेजने की जरूरत है।
शुरुआत में यह मामला सामान्य लग सकता है। व्यक्ति को लगता है कि किसी ने गलती से पैसे भेज दिए हैं और उन्हें लौटाना उसकी जिम्मेदारी है। लेकिन ठग इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
वे पैसे वापस करने के नाम पर UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। यह रिक्वेस्ट खाते में आई रकम से काफी ज्यादा हो सकती है। अगर व्यक्ति बिना ध्यान दिए रिक्वेस्ट को मंजूरी दे देता है, तो उसके खाते से बड़ी रकम निकल सकती है।
कैसे काम करता है यह साइबर स्कैम?
पहला कदम: ठग आपके बैंक खाते में छोटी रकम भेजते हैं, जिससे आपको लगता है कि किसी ने गलती से पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं।
दूसरा कदम: कुछ समय बाद फोन या मैसेज करके पैसे भेजने वाले व्यक्ति के रूप में कोई आपसे संपर्क करता है। वह जल्द से जल्द रकम लौटाने की अपील करता है।
तीसरा कदम: पैसे वापस लेने के बहाने आपको UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है। कई बार जल्दबाजी या भावनात्मक दबाव बनाकर इसे तुरंत मंजूर करने के लिए कहा जाता है।
चौथा कदम: यदि आप बिना जांच किए पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं, तो आपके खाते से आपकी सहमति के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर हो सकती है।
ध्यान रखें, खाते में पैसे आना और किसी को पैसे भेजने की रिक्वेस्ट मंजूर करना दो अलग-अलग बातें हैं। किसी UPI अनुरोध को स्वीकार करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई जा रही रकम और लेनदेन का उद्देश्य जरूर जांचें।
खाते में अनजान पैसे आ जाएं तो क्या करें?
अगर आपके बैंक खाते में ऐसी रकम आती है, जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है, तो घबराने या जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है।
- बैंक से संपर्क करें: अपने बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या नजदीकी शाखा से संपर्क करके लेनदेन की जानकारी दें।
- खुद से रकम वापस न भेजें: फोन करने वाले व्यक्ति के बताए खाते या UPI ID पर सीधे पैसे ट्रांसफर करने से बचें। बैंक से सही प्रक्रिया की पुष्टि करें।
- UPI रिक्वेस्ट ध्यान से जांचें: अगर आपने भुगतान शुरू नहीं किया है, तो किसी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को मंजूरी न दें।
- सबूत सुरक्षित रखें: संदिग्ध कॉल, मैसेज, ट्रांजैक्शन आईडी और पेमेंट रिक्वेस्ट की जानकारी संभालकर रखें।
- ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि खाते से पैसे निकल गए हैं, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करें।
Jumped Deposit Scam से बचने के लिए SBI की सलाह
1. अनजान व्यक्ति के दबाव में न आएं। अगर कोई पैसे वापस करने के लिए लगातार फोन कर रहा है या आपात स्थिति का हवाला दे रहा है, तो पहले बैंक से पुष्टि करें।
2. बिना जांच के पेमेंट मंजूर न करें। UPI PIN डालने या भुगतान की मंजूरी देने से पहले प्राप्तकर्ता और रकम की जांच करें। पैसे प्राप्त करने के लिए आम तौर पर UPI PIN डालकर भुगतान मंजूर करने की जरूरत नहीं होती।
3. संदिग्ध कॉल से सावधान रहें। कॉल करने वाले की पहचान केवल उसके दावे के आधार पर सही न मानें। बैंक से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
4. बैंक की जानकारी साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न बताएं।
5. संदिग्ध नंबर की सूचना दें। ठगी का संदेह होने पर कॉल और मैसेज के सबूत सुरक्षित रखें, संबंधित नंबर को ब्लॉक करें और बैंक को इसकी जानकारी दें।
क्या पैसे लौटाने के लिए UPI इस्तेमाल करना गलत है?
नहीं, UPI से पैसे लौटाना अपने आप में गलत नहीं है। समस्या तब होती है, जब कोई अनजान व्यक्ति गलती से पैसे आने का बहाना बनाकर आपसे किसी बड़ी या संदिग्ध पेमेंट रिक्वेस्ट को मंजूरी दिलवाने की कोशिश करता है।
अगर खाते में अनजान रकम आई है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय बैंक को इसकी जानकारी दें और रकम वापस करने का सही तरीका पूछें। इससे वास्तविक गलती की स्थिति में भी लेनदेन सुरक्षित तरीके से संभाला जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट और साइबर सुरक्षा संबंधी सामान्य सावधानियों पर आधारित है। किसी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में अपने बैंक और आधिकारिक साइबर अपराध शिकायत माध्यमों से संपर्क करें।

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