मोबाइल में हैं ये 3 ऐप्स? साइबर ठग कर सकते हैं रिमोट एक्सेस का गलत इस्तेमाल, बैंक खाते की सुरक्षा के लिए रहें सतर्क.

मोबाइल में हैं ये 3 ऐप्स? साइबर ठग कर सकते हैं रिमोट एक्सेस का गलत इस्तेमाल, बैंक खाते की सुरक्षा के लिए रहें सतर्क.
मोबाइल में हैं ये 3 ऐप्स? साइबर ठग कर सकते हैं रिमोट एक्सेस का गलत इस्तेमाल, बैंक खाते की सुरक्षा के लिए रहें सतर्क.

आज के समय में स्मार्टफोन से बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान और जरूरी काम करना बेहद आसान हो गया है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में ठग खुद को बैंक अधिकारी या तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर लोगों से मोबाइल में रिमोट एक्सेस या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवा लेते हैं।

AnyDesk, TeamViewer और QuickSupport जैसे ऐप्स का इस्तेमाल वैध तकनीकी सहायता के लिए भी किया जाता है। ये अपने आप में बैंक खाते को खाली करने वाले ऐप नहीं हैं, लेकिन यदि कोई अनजान व्यक्ति इनके जरिए आपके फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर ले, तो आपकी निजी जानकारी और वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

1. AnyDesk: रिमोट एक्सेस देते समय रहें सावधान

AnyDesk एक रिमोट डेस्कटॉप ऐप है, जिसका इस्तेमाल दूसरे डिवाइस को दूर से एक्सेस करने और तकनीकी सहायता देने के लिए किया जाता है।

साइबर ठग इसका दुरुपयोग करके लोगों को अपने फोन या कंप्यूटर का एक्सेस देने के लिए मना सकते हैं। यदि उपयोगकर्ता अनजान व्यक्ति को अनुमति दे देता है, तो डिवाइस की सेटिंग और दी गई अनुमतियों के आधार पर उसकी गतिविधियों या संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने का खतरा हो सकता है।

सावधानी: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस न दें और बैंकिंग के दौरान किसी के साथ अपनी स्क्रीन साझा न करें।

2. TeamViewer: तकनीकी सहायता के नाम पर हो सकती है ठगी

TeamViewer भी एक लोकप्रिय रिमोट सपोर्ट टूल है। इसका इस्तेमाल दफ्तरों और तकनीकी सहायता में किया जाता है, लेकिन धोखेबाज इसका नाम लेकर लोगों को भ्रमित कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी बताकर कह सकता है कि खाते की समस्या ठीक करने के लिए यह ऐप डाउनलोड करना जरूरी है। इसके बाद वह उपयोगकर्ता से एक्सेस कोड या अनुमति मांग सकता है।

याद रखें, केवल ऐप इंस्टॉल होने का अर्थ यह नहीं है कि आपका बैंक खाता खतरे में है। जोखिम तब बढ़ता है जब आप किसी अविश्वसनीय व्यक्ति को डिवाइस का एक्सेस देते हैं या उसके निर्देशों पर संवेदनशील जानकारी साझा करते हैं।

3. QuickSupport: अनजान व्यक्ति को एक्सेस देना पड़ सकता है भारी

QuickSupport का इस्तेमाल भी तकनीकी सहायता के लिए किया जाता है। इसके जरिए किसी डिवाइस की समस्या दूर करने में मदद मिल सकती है। लेकिन यदि कोई ठग आपको इसके माध्यम से रिमोट सपोर्ट देने के बहाने फोन का एक्सेस लेने के लिए राजी कर ले, तो इसका दुरुपयोग संभव है।

इसलिए किसी भी अनजान कॉल, संदेश या संदिग्ध लिंक के जरिए तकनीकी सहायता लेने से बचें। सहायता की जरूरत हो तो संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित ग्राहक सेवा से संपर्क करें।

क्या फोन से इन ऐप्स को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए?

जरूरी नहीं। यदि आप इनमें से किसी ऐप का इस्तेमाल काम या विश्वसनीय तकनीकी सहायता के लिए करते हैं, तो केवल उसका फोन में होना अपने आप में खतरे का प्रमाण नहीं है।

हालांकि, यदि कोई अनजान व्यक्ति आपको ऐप डाउनलोड करने के लिए कहे, आपने गलती से किसी को रिमोट एक्सेस दे दिया हो या अब उस ऐप की जरूरत नहीं है, तो ये कदम उठाएं:

  • चल रहे रिमोट-एक्सेस सत्र को तुरंत बंद करें।
  • ऐप की अनुमतियां जांचें और जरूरत न होने पर उसे अनइंस्टॉल करें।
  • यदि आपने बैंकिंग जानकारी साझा की है, तो सुरक्षित डिवाइस से अपने बैंक से संपर्क करें और जरूरी सुरक्षा कदम उठाएं।
  • बैंक खाते के लेन-देन पर नजर रखें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक को दें।
  • OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

साइबर ठगी हो जाए तो कहां करें शिकायत?

अगर आपके खाते से बिना अनुमति पैसे निकल गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और भारत की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख साइबर सुरक्षा से जुड़ी सामान्य जानकारी पर आधारित है। AnyDesk, TeamViewer और QuickSupport वैध उपयोग वाले ऐप्स हैं; खतरा मुख्य रूप से इनके अनधिकृत या धोखाधड़ीपूर्ण इस्तेमाल से पैदा होता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *