
देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार करते हैं। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। लेकिन उन किसानों के मन में अक्सर सवाल रहता है, जो अपनी जमीन के बजाय किसी दूसरे की जमीन पर बटाई या किराये पर खेती करते हैं। क्या ऐसे किसानों को भी योजना का लाभ मिल सकता है?
बटाईदार किसानों को क्यों नहीं मिलता योजना का लाभ?
पीएम-किसान योजना के सामान्य नियमों के अनुसार, लाभ उन पात्र किसान परिवारों को दिया जाता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन का स्वामित्व राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इसलिए, केवल किसी दूसरे की जमीन पर बटाई या किराये पर खेती करने से किसान इस योजना का पात्र नहीं बन जाता।
इसका मतलब है कि यदि कोई किसान खेत में मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन जमीन का मालिकाना हक उसके नाम पर दर्ज नहीं है, तो वह सिर्फ खेती करने के आधार पर पीएम-किसान की राशि का दावा नहीं कर सकता। हालांकि, अंतिम पात्रता संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और योजना के लागू नियमों के आधार पर तय होती है।
22वीं किस्त को लेकर जरूरी अपडेट
इस खबर में किस्त की तारीख को लेकर पुरानी जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी, जबकि 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई। इसलिए 22वीं किस्त को आगामी किस्त बताना सही नहीं है। <Cite refs={[“turn814278search6″,”turn814278search0”]} />
पात्र किसान इन दो बातों का रखें ध्यान
- ई-केवाईसी: पीएम-किसान के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है।
- भूमि रिकॉर्ड और पात्रता: किसान अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड और योजना में लाभार्थी की स्थिति की जांच आधिकारिक पोर्टल पर कर सकते हैं। <Cite refs={[“turn814278search0″,”turn814278search25”]} />
योजना से जुड़ी जानकारी के लिए किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं। किसी अनजान संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई किस्त की तारीख पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक घोषणा जरूर जांचें।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी और सरकारी स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। पात्रता का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और योजना के नियमों के अनुसार होगा।

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