
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भमोरा क्षेत्र के कुड्डा गांव में करीब 26 महीने पहले हुई एक महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, 55 वर्षीय रामबेटी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके बेटे महेंद्र सिंह ने ही की थी। आरोप है कि उसने राशन की दुकान को लेकर चल रही पारिवारिक रंजिश के चलते अपनी मां की हत्या की और शक अपने तहेरे भाइयों पर डालने की कोशिश की।
करीब दो साल से ज्यादा समय तक चली जांच के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक, चिकित्सकीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पेड़ के नीचे तख्त पर सो रही थीं रामबेटी
पुलिस के मुताबिक, घटना 6 अगस्त 2024 की है। कुड्डा गांव में 55 वर्षीय रामबेटी पत्नी अमर सिंह यादव अपने बेटे महेंद्र के घर के बाहर पेड़ के नीचे रखे तख्त पर सो रही थीं। इसी दौरान सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद रामबेटी के बेटे गजेंद्र ने अपने तहेरे भाइयों नाथू सिंह, सर्वेश, सुरेंद्र, वीरेंद्र और छोटेलाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच आगे बढ़ने पर वीरेश उर्फ बाबा का नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया।
पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद आरोपितों को मिली थी राहत
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने नामजद आरोपितों का दिल्ली में पॉलीग्राफ परीक्षण कराया था। पुलिस को महेंद्र पर भी संदेह था और उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की कोशिश की गई, लेकिन उसने परीक्षण कराने से इनकार कर दिया था।
उपलब्ध साक्ष्यों और पॉलीग्राफ परीक्षण के आधार पर मामले में नामजद आरोपितों को अदालत से राहत मिल गई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की दोबारा जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। टीम ने पुराने साक्ष्यों के साथ-साथ नए वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य पहलुओं पर भी काम शुरू किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज एक महत्वपूर्ण तथ्य पर गई। रामबेटी के पेट में अधपचा भोजन पाया गया था।
विवेचना में इस तथ्य को उस दिन के घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। जांच के मुताबिक, रामबेटी ने रात करीब 7:30 बजे भोजन किया था। आम तौर पर वह अपने दूसरे बेटे के घर खाना खाने के बाद वहीं सो जाती थीं। लेकिन घटना वाली रात महेंद्र उन्हें अपने साथ गांव के बाहर स्थित घर पर ले गया।
पुलिस के अनुसार, महेंद्र ने अपनी मां को पेड़ के नीचे तख्त पर सुलाया। इसके बाद उसने अपने बच्चों को रात करीब 10:30 बजे गांव के अंदर वाले घर भेज दिया। करीब 11:30 बजे उसने अपनी पत्नी को भी वहां से भेज दिया।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद महेंद्र ने मौका देखकर अपनी मां की हत्या कर दी और फिर वापस घर लौट गया।
रात में अलग-अलग नंबरों से दी पुलिस को सूचना
मामले में पुलिस के लिए एक और महत्वपूर्ण सुराग आपातकालीन नंबर पर की गई कॉल बनी। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र ने सुबह करीब 4 बजे यूपी 112 पर हत्या की सूचना दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने उन नंबरों की पड़ताल की, जिनसे घटना की सूचना दी गई थी। पुलिस का दावा है कि अलग-अलग नंबरों से की गई सूचनाओं के पीछे महेंद्र का ही इस्तेमाल सामने आया।
जांच में घटनाक्रम, भोजन के समय, परिवार के सदस्यों की मौजूदगी और फोन संबंधी जानकारी को जोड़कर पुलिस ने हत्या का अनुमानित समय रात करीब 12 बजे के आसपास माना।
राशन की दुकान को लेकर चल रही थी रंजिश
पुलिस जांच में परिवार के भीतर चल रहे विवाद का पहलू भी सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, महेंद्र की अपने तहेरे भाइयों के साथ राशन की दुकान को लेकर रंजिश थी।
पुलिस ने यह भी बताया कि घटना से करीब दो दिन पहले महेंद्र का भतीजा आशीष एक विवाद के मामले में जेल गया था। वहीं हत्या के मामले में नामजद किए गए आरोपितों में शामिल वीरेंद्र के घटना के समय एक अन्य स्थान पर मौजूद होने की जानकारी भी जांच में सामने आई थी।
इन सभी तथ्यों को दोबारा जांच में शामिल किया गया और पुलिस ने महेंद्र को मुख्य संदिग्ध मानते हुए उसके खिलाफ उपलब्ध वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एकत्र किया।
26 महीने बाद हुई गिरफ्तारी
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के मुताबिक, विशेषज्ञों की राय के साथ चिकित्सकीय, मौखिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महेंद्र सिंह को 30 सितंबर 2026 को उसके घर से गिरफ्तार किया।
पुलिस टीम में इंस्पेक्टर संजय धीर, उपनिरीक्षक अनीज कुमार और मुख्य आरक्षी सुंदरपाल सिंह शामिल रहे।
करीब 26 महीने तक अनसुलझे रहे इस मामले में पुलिस का दावा है कि पोस्टमार्टम में मिले अधपचे भोजन से जुड़े समय-क्रम, फोन कॉल और परिवार के सदस्यों की गतिविधियों समेत कई साक्ष्यों को जोड़ने के बाद जांच एक नए निष्कर्ष तक पहुंची। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Leave a Reply