‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम

‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम
‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम

झारखंड के रांची की रहने वाली 35 वर्षीय नर्स मोनिका कच्छप के लिए दुबई में नौकरी करने का सपना मुश्किल हालात में बदल गया। बेहतर कमाई और अपनी बीमार मां के इलाज का खर्च उठाने के लिए विदेश में नौकरी की तलाश कर रहीं मोनिका ने इंस्टाग्राम पर एक एजेंसी के विज्ञापन के जरिए संपर्क किया था। आरोप है कि दुबई पहुंचने के बाद उन्हें नर्सिंग की नौकरी के बजाय अलग-अलग घरों में घरेलू काम करने के लिए भेजा गया।

मोनिका के परिवार ने अब झारखंड सरकार से हस्तक्षेप कर उन्हें दुबई से सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है। मामले में उनके पिता रत्न ने भर्ती एजेंसी से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।

इंस्टाग्राम के जरिए एजेंट से हुआ संपर्क

मोनिका के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए प्रियंका आर्या नाम की एजेंट से हुई थी। प्रियंका कथित तौर पर खाड़ी देशों में घरेलू कर्मचारियों की भर्ती का काम करने वाली एजेंसी चलाती हैं। उस समय मोनिका रांची के एक निजी अस्पताल में नर्स के तौर पर काम कर रही थीं और विदेश में बेहतर नौकरी की तलाश में थीं।

मोनिका ने बताया कि प्रियंका ने उन्हें दुबई में नर्सिंग की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंट के इंस्टाग्राम पेज पर 16 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और यहां यूएई में नौकरी मिलने का दावा करने वाली महिलाओं के वीडियो भी मौजूद हैं। मोनिका के अनुसार, एजेंट के कहने पर उन्होंने अपने दस्तावेज भेजे और अपना मूल पासपोर्ट दिल्ली के एक पते पर भेज दिया था।

दुबई जाने के बाद बदली पूरी कहानी

मोनिका ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते दुबई की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपना मन बदल लिया था और पासपोर्ट वापस मांगा। हालांकि, उनका आरोप है कि एजेंट ने पासपोर्ट लौटाने से इनकार कर दिया और उन्हें वीजा व टिकट की जानकारी ऑनलाइन भेज दी।

इसके बाद मोनिका 3 मई को दिल्ली पहुंचीं और वहां उन्हें अपना पासपोर्ट वापस मिला। 6 मई को वह दुबई पहुंचीं, जहां उन्हें शारजाह जाने के लिए कहा गया। एयरपोर्ट पर एक पाकिस्तानी ड्राइवर उन्हें लेने पहुंचा।

मोनिका का आरोप है कि एयरपोर्ट पहुंचते ही ड्राइवर ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया। इसके बाद उन्हें एक ऐसे ठिकाने पर ले जाया गया, जहां एजेंसी के जरिए नौकरी के लिए आई अन्य महिलाएं भी रह रही थीं।

अरबी और अंग्रेजी में दस्तावेज पर लिया अंगूठा

अगले दिन मोनिका को अजमान स्थित एक ऑफिस ले जाया गया। वहां प्रियंका के पति रितेश कुमार और मोहम्मद मेराज अंसारी मौजूद थे। मोनिका का आरोप है कि वहां उनसे अरबी और अंग्रेजी में लिखे एक दस्तावेज पर अंगूठे का निशान लगवाया गया।

उन्हें बताया गया कि यह दो साल का नौकरी का सामान्य कॉन्ट्रैक्ट है। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि दस्तावेज में 12,600 दिरहम का कर्ज लेने की बात लिखी थी। आरोप है कि यह रकम ब्याज समेत 14,000 दिरहम चुकाने को कहा गया और भुगतान नहीं करने पर जेल भेजे जाने की धमकी दी गई।

मोनिका ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी और अरबी भाषा ठीक से समझ नहीं आती थी, इसलिए वह दस्तावेज की वास्तविक जानकारी नहीं समझ पाईं। उनका दावा है कि उन्होंने ऐसा कोई कर्ज लिया ही नहीं था।

नर्सिंग जॉब के बजाय घरों में कराया काम

मोनिका के मुताबिक, दुबई पहुंचने से पहले उन्हें नर्स की नौकरी का भरोसा दिया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें एजेंसी से जुड़े लोगों के घर पर घरेलू काम करना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें अलग-अलग घरों में मरीजों और बच्चों की देखभाल के लिए भेजा जाता रहा। अरबी भाषा नहीं आने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और बाद में उन्हें वापस एजेंसी के ऑफिस ले आया जाता था।

मोनिका का कहना है कि उन्होंने कई बार रितेश और मेराज से भारत वापस जाने की बात कही, खासकर अपनी मां की बीमारी के कारण। लेकिन कथित तौर पर उनसे पहले 14,000 दिरहम चुकाने को कहा गया। मोनिका ने आरोप लगाया कि मेराज ने रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं करने पर उन्हें धमकी दी और कहा कि वह दुबई में ही फंसी रहेंगी और उन्हें कोई काम नहीं मिलेगा।

पासपोर्ट भी अपने पास रखने का आरोप

मोनिका के अनुसार, उनका पासपोर्ट भी उन लोगों के पास ही रहा जिन्होंने उनकी यात्रा की व्यवस्था की थी। हालांकि, उन्होंने अपने साथ किसी तरह के शारीरिक या यौन उत्पीड़न से इनकार किया है।

मोनिका के पिता रत्न ने प्रियंका, रितेश, मेराज और भर्ती एजेंसी AMD ट्रेंड सॉल्यूशन LLC से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी को नौकरी, खाना और रहने की सुविधा का भरोसा देकर विदेश भेजा गया और बाद में उससे जबरन काम कराया गया तथा उसे भारत लौटने से रोका गया।

परिवार ने सरकार से लगाई बेटी को वापस लाने की गुहार

रत्न के अनुसार, नौकरी दिलाने के लिए मोनिका ने अप्रैल में यूपीआई के जरिए प्रियंका को 15 हजार रुपये दिए थे। द इंडियन एक्सप्रेस ने प्रियंका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। रत्न ने कहा कि परिवार अपनी बेटी को वापस भारत लाना चाहता है और सरकार से इसमें मदद की अपील कर रहा है।

एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर पंकज शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दुबई में रह रहीं मोनिका ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा, “मैं बस भारत वापस आना चाहती हूं।”

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