Author: contact.satyareport@gmail.com

  • 12 साल से फरार 50 हजार का इनामी माओवादी असम से गिरफ्तार, सामने आया बल‍िया से कनेक्‍शन.

    12 साल से फरार 50 हजार का इनामी माओवादी असम से गिरफ्तार, सामने आया बल‍िया से कनेक्‍शन.

    12 साल से फरार 50 हजार का इनामी माओवादी असम से गिरफ्तार, सामने आया बल‍िया से कनेक्‍शन.

    यूपी एसटीएफ ने हत्या के मामले में वर्ष 2012 से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपित राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को असम के कामरूप, गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ सहतवार थाने में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

    उसकी गिरफ्तारी 23 सितंबर को वशिष्ठ थाना क्षेत्र स्थित बकड़ा पाड़ा रोड के पास एक प्रतिष्ठान से की गई। राजकुमार पर 2007 और 2008 में भी हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप है। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसका संपर्क प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े सीताराम उर्फ धनु से हुआ और वह माओवादी गतिविधियों में सक्रिय हो गया। पुलिस के अनुसार, हत्या के दौरान दोनों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी, ताकि उन पर संदेह न हो।

    एसटीएफ के अनुसार राजकुमार वर्मा बलिया के शहर कोतवाली क्षेत्र के सहलगपाली का निवासी है और वर्तमान में गुवाहाटी में रह रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 2,400 रुपये नकद और एक आधार कार्ड बरामद हुआ। वर्ष 2012 में सहतवार थाना क्षेत्र के अतरडरिया गांव निवासी ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान की हत्या के मामले में आरोपित के खिलाफ मुकदमा संख्या 280/2012 दर्ज किया गया था।

    मुकदमे में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। घटना के बाद से राजकुमार वर्मा फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ को फरार और इनामी अपराधियों के संबंध में सूचना मिलने के बाद टीम ने गुवाहाटी में उसकी तलाश शुरू की।

    विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पुलिस ने उसके पूर्व के कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता की जानकारी मिलने की बात कही है। इसी मामले में 50 हजार रुपये के इनामी उसके सहयोगी सीताराम उर्फ धनु को एटीएस ने 15 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपित को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

  • चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल के सिर में मारी गोली, बेडरूम में खून से लथपथ मिली लाश; पुलिस को बेटे पर शक –

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल के सिर में मारी गोली, बेडरूम में खून से लथपथ मिली लाश; पुलिस को बेटे पर शक –

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल के सिर में मारी गोली, बेडरूम में खून से लथपथ मिली लाश; पुलिस को बेटे पर शक –

    मौके से देसी कट्टा बरामद

    पुलिस नितिन के बेटे अरमान को अपने साथ ले गई है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से देसी कट्टा भी बरामद हुआ है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    नितिन की पत्नी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उनका बेटा अरमान घर में दाखिल हुआ था।

    उनके अनुसार, अरमान बाथरूम में छिप गया। इसके बाद एक युवक घर में दाखिल हुआ और नितिन को गोली मारकर मौके से फरार हो गया। पुलिस पत्नी के इस बयान समेत घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    जेल जा चुका है अरमान

    बताया जा रहा है कि नितिन का बेटा अरमान कुछ समय पहले अपनी थार से कुछ लोगों को कथित तौर पर रौंदने के मामले में जेल गया था। वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। पुलिस अब उसके पुराने मामले और मौजूदा हत्या की घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हत्या में इस्तेमाल हथियार और आरोपित युवक की भूमिका को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की जांच के बाद ही हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।

  • हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    नारायणगढ़ में करीब 26 वर्ष पहले युवक संजीव कुमार की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों को बड़ी राहत देने से इन्कार करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

    हालांकि, अदालत ने मृतक के स्वजन की ओर से दायर वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की गई थी।

    जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता।

    26 साल पुराना है मामला

    मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार नारायणगढ़ में खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक उसके साथ मारपीट कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल संजीव को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआइ में रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई।

    इस मामले में सुखदेव सिंह, राजपाल, अनिल चौहान, हरीश कुमार उर्फ रिक्कू और प्रदीप कुमार को दोषी ठहराया गया था। अंबाला की अतिरिक्त सत्र अदालत ने वर्ष 2004 में पांचों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    दोषियों की ओर से हाई कोर्ट में तर्क दिया गया कि प्राथमिकी में कुछ आरोपितों के नाम अलग थे और बाद में दो अन्य नाम सामने आए। साथ ही चश्मदीदों के बयानों में भी हमलावरों की भूमिकाओं को लेकर अंतर था।

    मौके से केवल एक चाकू मिला

    दोषियों ने यह भी दलील दी कि अभियोजन ने कई चाकुओं के इस्तेमाल का आरोप लगाया, लेकिन बरामद केवल एक चाकू हुआ।

    हाई कोर्ट ने कहा कि हथियार की बरामदगी हत्या का आरोप साबित करने के लिए अनिवार्य शर्त नहीं है। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को चिकित्सकीय साक्ष्य का भी समर्थन मिला। संजीव के शरीर पर धारदार हथियार से लगी कई गंभीर चोटें मिली थीं।

    मृतक के स्वजन ने दोषियों की सजा बढ़ाकर मृत्युदंड करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने कहा कि मृतक का युवा होना और घटना में उसकी मौत होना अपने आप में मृत्युदंड देने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    अदालत ने यह भी महत्वपूर्ण माना कि वारदात वर्ष 2000 की है और मामला लंबे समय से लंबित रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा बढ़ाने से इनकार कर दिया।

    हाई कोर्ट ने दोषियों की अपील और सजा बढ़ाने की याचिका दोनों खारिज कर दीं। पांचों दोषी फिलहाल जमानत पर थे। अदालत ने संबंधित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को उनकी दोबारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर शेष सजा भुगतने के निर्देश दिए हैं।

  • ‘पहले बेटे को मारूंगा…’ सात घंटे तक पुलिस देती रही दुहाई, फिर आधी रात को आई धमाके की आवाज और टूट गया सन्नाटा.

    ‘पहले बेटे को मारूंगा…’ सात घंटे तक पुलिस देती रही दुहाई, फिर आधी रात को आई धमाके की आवाज और टूट गया सन्नाटा.

    ‘पहले बेटे को मारूंगा…’ सात घंटे तक पुलिस देती रही दुहाई, फिर आधी रात को आई धमाके की आवाज और टूट गया सन्नाटा.

    शंभूपुर में पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी रिवाल्वर के साथ कमरे में बंद हो गया था। पुलिस और स्वजन करीब सात घंटे तक उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने की अपील करते रहे, लेकिन वह नहीं माना। पुलिस के अनुसार वह लगातार बच्चों को गोली मारने की धमकी भी दे रहा था।

    देर रात कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो एसएसपी डा. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और आरक्षी प्रदीप ने बच्चों की जान बचाने के लिए दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर नौ वर्षीय शौर्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल ले गई, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पोस्टमार्टम में नजदीक से गोली चलने के संकेत

    एसएसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम में शौर्य के एंट्री वुंड पर ब्लैकनिंग, टैटूइंग और स्कार्चिंग के चिह्न मिले हैं, जो सामान्यतः बहुत नजदीक से गोली चलने पर पाए जाते हैं। घटनास्थल पर पुलिस टीम और बच्चे के बीच करीब आठ से 10 फीट की दूरी थी। पोस्टमार्टम में गोली की ट्रैजेक्टरी तिरछी और ऊपर की ओर मिली। पुलिस का कहना है कि बच्चे की कम ऊंचाई को देखते हुए यह स्थिति नजदीक से नीचे से ऊपर की ओर गोली चलने से मेल खाती है। एंट्री वुंड का आकार भी बरामद .32 बोर रिवाल्वर की गोली के अनुरूप बताया गया है। फोरेंसिक जांच जारी है।

    बार बार कह रहा था कि पहले बेटे को मारूंगा गोली

    सकुशल बचाई गई परी ने बताया कि उसके पिता अरविंद ने ही भाई शौर्य को गोली मारी थी। उसने यह भी बताया कि अरविंद बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। एसएसपी ने बताया कि बातचीत के दौरान उसने कई बार कहा कि पहले वह बेटे को गोली मारेगा, उसके बाद बेटियों को। घटनाक्रम के दौरान उसका हिंसक व्यवहार जारी था और बच्चों पर तत्काल खतरा बना हुआ था।

    एसएसपी ने बताया कि आरोपित के साथ कमरे में बंद एक साल की बेटी की हालत भी गंभीर होते जा रही थी, वह लगातार रो रही थी। रात में उसके रोने की आवाज बंद होने के बाद पुलिस टीम अभी सोच ही रही थी कि कहीं उसने बच्ची के साथ कोई अनहोनी तो नहीं कर दी, तभी गोली की आवाज चलते ही आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि इस घटना में बड़ी बच्ची परी भी घायल हुई थी।

  • मैगी खाने पहुंचे दारोगा पुत्र को भीड़ ने घेरा, लाठी-डंडे से पीटकर हत्या; गिरिडीह में मॉब लिंचिंग से सनसनी –

    मैगी खाने पहुंचे दारोगा पुत्र को भीड़ ने घेरा, लाठी-डंडे से पीटकर हत्या; गिरिडीह में मॉब लिंचिंग से सनसनी –

    मैगी खाने पहुंचे दारोगा पुत्र को भीड़ ने घेरा, लाठी-डंडे से पीटकर हत्या; गिरिडीह में मॉब लिंचिंग से सनसनी –

    Jharkhand Police SI Son Murder: झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बंदरकुप्पी में गुरुवार की देर रात कथित माब लिंचिंग में 24 वर्षीय ऋतिक यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ऋतिक यादव के पिता झारखंड पुलिस के दारोगा ( Sub Inspector) हैं और बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना में पदस्थापित हैं।

    ऋतिक यादव गुरुवार को देर रात गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बंदरकुप्पी में दोस्तों के साथ मैगी खाने पहुंचा था। आरोप है कि किसी विवाद के बाद 10-15 युवकों ने लाठी-डंडे, फरसा और रड से ऋतिक पर हमला कर दिया।

    गंभीर रूप से घायल ऋतिक को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक ऋतिक यादव मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी था।

    उसके पिता मुसाफिर सिंह यादव बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना में एसआइ के पद पर पदस्थापित हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त हो गया। स्वजन व स्थानीय लोगों ने घटना में शामिल आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    दो दोस्तों के साथ गया था ऋतिक

    ऋतिक गुरुवार रात अपने दो दोस्तों के साथ गिरिडीह-डुमरी रोड स्थित बंदरकुप्पी गया था। इसी दौरान वहां कुछ युवकों से किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि विवाद से पहले फोन पर ऋतिक की कुछ लोगों से कहासुनी हुई थी।

    बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद करीब 10-15 युवकों ने ऋतिक को घेर लिया और लाठी-डंडे, फरसा व रड से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए।

    अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने ‍घोषित किया मृत

    घटना के बाद गंभीर हालत में ऋतिक को गुरुवार की मध्यरात्रि सदर अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में स्वजन व परिचितों की भीड़ जुट गई। लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोश जताया।

    पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, कई हिरासत में

    घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस घटनास्थल और सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाने के साथ जांच शुरू कर दी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पाल्मा और नावाडीह क्षेत्र के कुछ युवकों से ऋतिक के विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारण और घटना में शामिल आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है।

    मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

  • हैदराबाद के होटल रूम नंबर 304 में 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, दोस्त फरार; चेहरे पर चोट के निशान मिले.

    हैदराबाद के होटल रूम नंबर 304 में 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, दोस्त फरार; चेहरे पर चोट के निशान मिले.

    हैदराबाद के होटल रूम नंबर 304 में 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, दोस्त फरार; चेहरे पर चोट के निशान मिले.

    हैदराबाद के माधापुर इलाके में एक होटल के कमरे में 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान शैरोन निखिता टोपनो के रूप में हुई है। वह विशाखापत्तनम की रहने वाली बताई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, शैरोन सोमवार दोपहर अपने एक पुरुष मित्र श्रीनिवास रवि तेजा के साथ माधापुर के सिद्दीकी नगर स्थित एक होटल में पहुंची थी। दोनों को होटल के कमरा नंबर 304 में ठहराया गया था। अगले दिन सुबह महिला की तबीयत बिगड़ने की सूचना होटल स्टाफ को दी गई।

    अस्पताल पहुंचने के बाद हुई मौत

    पुलिस के अनुसार, रवि तेजा ने होटल कर्मचारियों को बताया कि शैरोन कमरे में बेहोश हो गई है। इसके बाद होटल स्टाफ की मदद से उसे कोठागुडा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसका दोस्त कथित तौर पर वहां से चला गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला।

    कमरे में मिले शराब की बोतल और चोट के निशान

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम होटल पहुंची। अधिकारियों ने कमरे की जांच की और वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए।

    पुलिस के मुताबिक, महिला के चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं। कमरे से शराब की एक खाली बोतल भी बरामद होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन परिस्थितियों के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि महिला की मौत किस वजह से हुई।

    पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    दोस्त की तलाश में जुटी पुलिस

    महिला की मौत के बाद उसके साथ होटल में मौजूद व्यक्ति के फरार होने से मामले की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल के कमरे में रात के दौरान क्या हुआ था।

    जांच में होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है। पुलिस महिला के हैदराबाद में रहने और काम करने से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।

    फिलहाल मामला संदिग्ध मौत का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की मौत बीमारी, हादसे या किसी आपराधिक घटना के कारण हुई।

  • संत कबीर नगर में पहलवान की हत्या, भाई ने सुनाई पूरी घटना; मिर्च डालकर हमला करने का आरोप.

    संत कबीर नगर में पहलवान की हत्या, भाई ने सुनाई पूरी घटना; मिर्च डालकर हमला करने का आरोप.

    संत कबीर नगर में पहलवान की हत्या, भाई ने सुनाई पूरी घटना; मिर्च डालकर हमला करने का आरोप.

    उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में 35 वर्षीय पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना खलीलाबाद थाना क्षेत्र के भगथान (गोसाईपुर) गांव की बताई जा रही है। मृतक के भाई ने कई लोगों पर घात लगाकर हमला करने और गोली चलाने का आरोप लगाया है।

    बताया जा रहा है कि ब्रह्मानंद जिला स्तर के पहलवान थे। घटना के समय वह पशुओं के लिए चोकर और अनाज खरीदने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया।

    भाई ने बताई घटना की पूरी कहानी

    मृतक के भाई के मुताबिक, हमलावर पहले से रास्ते में मौजूद थे। आरोप है कि जैसे ही ब्रह्मानंद वहां पहुंचे, उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया गया। इससे वह अपना संतुलन खो बैठे और वाहन से गिर गए।

    इसके बाद आरोप है कि कई लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया और गोली भी चलाई। भाई ने पुलिस को दिए अपने बयान में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। उसके मुताबिक, घटना में नामजद आरोपियों के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।

    जमीन या पुरानी रंजिश की जांच

    मामले में हत्या की वजह को लेकर पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस नामजद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या कोई अन्य वजह थी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई के आरोपों और आरोपियों की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

  • ओडिशा में कपल के साथ बदसलूकी का आरोप, युवती करती रही छोड़ने की अपील; दो लोग हिरासत में.

    ओडिशा में कपल के साथ बदसलूकी का आरोप, युवती करती रही छोड़ने की अपील; दो लोग हिरासत में.

    ओडिशा में कपल के साथ बदसलूकी का आरोप, युवती करती रही छोड़ने की अपील; दो लोग हिरासत में.

    बिहार के जमुई में कपल के साथ कथित बदसलूकी का मामला अभी चर्चा में ही था कि ओडिशा के ढेंकनाल जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां कपिलाश की ओर जाने वाली सड़क पर एक युवक और युवती को कुछ लोगों ने कथित तौर पर रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई।

    घटना से जुड़ी एक क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। इसमें कई लोग युवक-युवती को घेरे नजर आ रहे हैं। युवती वहां मौजूद लोगों से दोनों को छोड़ने की अपील करती सुनाई देती है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

    कपिलाश से लौटते समय हुआ विवाद

    पुलिस के मुताबिक, कटक जिले के चार लोग दो मोटरसाइकिलों से कपिलाश गए थे। वापस लौटते समय रास्ते में उनका स्थानीय लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद एक स्थानीय युवक ने अपने परिवार के कुछ लोगों को मौके पर बुलाया। इसके बाद बाइक सवार युवक और युवती को कथित तौर पर रोक लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।

    सोशल मीडिया पर सामने आई क्लिप में कुछ लोग दोनों को घेरते दिखाई देते हैं। युवती लोगों से उन्हें छोड़ने की अपील करती नजर आती है। हालांकि, वायरल क्लिप के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    ढेंकनाल के पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर के मुताबिक, मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक-युवती और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और उसके बाद मामला किस तरह बढ़ा।

    जीरो FIR के बाद दर्ज हुआ मामला

    रिपोर्टों के अनुसार, कपल की ओर से जीरो FIR दर्ज कराई गई थी, जिसे संबंधित थाने को भेजा गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस कथित छेड़छाड़, आपराधिक बल के इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित किए जाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जा रही है।

  • कालकाजी मंदिर के बाद पार्क गई 17 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप का आरोप, पुलिस बनकर पहुंचे थे तीन आरोपी..

    कालकाजी मंदिर के बाद पार्क गई 17 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप का आरोप, पुलिस बनकर पहुंचे थे तीन आरोपी..

    दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी मंदिर में दर्शन के बाद अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ पार्क गई थी। इसी दौरान तीन लोगों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को डराया और बाद में किशोरी को उसके दोस्त से अलग कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार शाम करीब 7.30 बजे के बाद की है। किशोरी अपने जन्मदिन के मौके पर दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। दर्शन के बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे और एक बेंच पर बैठे थे। इसी दौरान तीन आरोपी उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पूछताछ करने लगे।

    पुलिस बनकर दोनों को धमकाने का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने किशोरी और उसके दोस्त को कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद दोनों को अलग कर दिया गया। आरोप है कि एक आरोपी ने किशोरी के दोस्त को पकड़कर रखा, जबकि अन्य आरोपियों ने किशोरी को पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाकर उसके साथ यौन अपराध किया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी और उसके दोस्त को धमकाया भी था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया।

    तीनों आरोपी गिरफ्तार

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम आस्था कुंज पार्क पहुंची और किशोरी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने जांच के दौरान किशोरी और उसके दोस्त से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

    ताजा पुलिस जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी—आसिफ, हेमंत और मुकेश—को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी को सुबह मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, जबकि बाकी दो आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

    पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

    इस घटना के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्क के कई हिस्सों में रात के समय रोशनी और निगरानी की व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। पार्क काफी बड़ा और घना क्षेत्र है, जिसके कारण रात में पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल उठे हैं।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। नाबालिग पीड़िता की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है।

  • पटना में महिला की जली: हुई लाश मिलने से सनसनी, बेटे पर हत्या का आरोप; पुलिस कर रही जांच

    पटना में महिला की जली: हुई लाश मिलने से सनसनी, बेटे पर हत्या का आरोप; पुलिस कर रही जांच

    पटना में महिला की जली: हुई लाश मिलने से सनसनी, बेटे पर हत्या का आरोप; पुलिस कर रही जांच

    पटना सिटी के खाजेकलां थाना क्षेत्र में एक महिला की जली हुई लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान करीब 60 वर्षीय रेखा देवी उर्फ मंजू देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे चिंटू के साथ किराए के मकान में रहती थी। महिला की मौत के मामले में उसके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    घटना की सूचना मिलने के बाद खाजेकलां थाना पुलिस दुल्ली घाट पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के लिए FSL टीम को भी बुलाया। इसके बाद महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए NMCH भेज दिया गया।

    मां-बेटे के बीच नशे को लेकर विवाद की बात

    पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मां और बेटे के बीच नशे को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसी पारिवारिक विवाद को घटना की संभावित वजह के तौर पर जांचा जा रहा है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारण और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।

    पुलिस ने मामले में आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर महिला की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बयान की भी जांच

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को ‘भगवान’ बताते हुए अपनी मां को ‘स्वर्ग भेजने’ जैसी बातें कहीं। पुलिस इन बयानों को भी जांच का हिस्सा मान रही है।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय आरोपी ने किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया था या नहीं। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FSL जांच और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। मामले में महिला की मौत की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।