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  • कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    शहर के चर्चित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में डॉक्टर दंपती समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। पुलिस ने मामले में संगठित अपराध की धारा भी बढ़ाई है। जांच में लखनऊ के रहने वाले 12वीं पास रोहित उर्फ राहुल तिवारी को पूरे रैकेट का सरगना बताया गया है।

    दस्तावेज, चैट और कॉल डिटेल बने अहम सबूत

    पुलिस की चार्जशीट में छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज, आरोपियों की आपसी चैट, कॉल डिटेल रिपोर्ट, होटल में ठहरने की फुटेज और डोनर-रिसीवर समेत 36 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इन्हीं सबूतों के आधार पर रैकेट की कड़ियां जोड़ी गई हैं।

    आहूजा अस्पताल में छापे के बाद खुला था मामला

    मसवानपुर चौराहा स्थित आहूजा अस्पताल में 29 मार्च को पुलिस ने छापा मारकर इस रैकेट का खुलासा किया था। आरोप है कि बेगूसराय के आयुष की किडनी मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट की गई थी। 31 मार्च को दरोगा मुकेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

    डॉक्टर दंपती समेत कई नाम चार्जशीट में

    मामले में आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. सुरजीत आहूजा और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक, अस्पताल संचालकों और अन्य आरोपियों को रैकेट के सदस्य के तौर पर पेश किया गया है।

    डीसीपी वेस्ट के अनुसार, किडनी कांड में कुल 19 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल जेल भेजे गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी, मुदस्सर अली, साहिल, परवेज सेती, रोहित और नवीन पांडेय समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    नया नंबर लेकर करता था डील

    पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित उर्फ राहुल तिवारी बेहद सतर्क तरीके से रैकेट संचालित करता था। वह हर ट्रांसप्लांट से पहले नया मोबाइल नंबर लेता और ऑपरेशन पूरा होते ही उसे बंद कर देता था। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए कई डॉक्टर और सहयोगी इसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे।

    आयुष बना केस की सबसे अहम कड़ी

    इस पूरे केस में आयुष को मुख्य गवाह बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, आयुष को आहूजा अस्पताल से बरामद किया गया था और उसकी किडनी ट्रांसप्लांट होने की मेडिकल रिपोर्ट भी मौजूद है। जांच एजेंसी का मानना है कि आयुष की गवाही अदालत में केस को मजबूत करेगी।

    50 हजार रुपये ने खोल दिया पूरा रैकेट

    किडनी ट्रांसप्लांट के बदले आयुष को 10 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। आरोप है कि उसे 9.50 लाख रुपये दिए गए, लेकिन बाकी 50 हजार रुपये नहीं मिले। भुगतान को लेकर विवाद बढ़ा तो आयुष ने पुलिस से शिकायत कर दी। इसी शिकायत ने पूरे अवैध किडनी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।

    विदेशी महिला के ऑपरेशन की भी जांच

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका की अरेबिका नाम की महिला का भी आहूजा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। बाद में उसे कार से दिल्ली भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।

    अब अदालत में होगी अगली लड़ाई

    करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत में आगे बढ़ेगा। पुलिस का दावा है कि दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।

  • नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

    नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

    नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

    राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित तौर नाबालिग से जिन-जिन होटलों में मासूम से दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया था उन सभी पर बुडोजर चला दिया गया है। जबकि…

    नेशनल डेस्क: राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित तौर नाबालिग से जिन-जिन होटलों में मासूम से दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया था उन सभी पर बुडोजर चला दिया गया है। जबकि गैंगरेप के आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया अब तक इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने बताया कि 32 लोगों को इस घटना आरोपी बनाया गया है।

    जानिए पूरा मामला
    दरसअल, यह मामला 18 जून का है आरोप है कि घर से गायब हुई 13 साल की बच्ची को होटल में बेच दिया था। इसके बाद बच्ची के साथ हैवानियत शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक 32 लोगों ने बच्ची के साथ रेप किया। इस पूरे मामले में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस सूत्रों को कहना है कि होटल मालिकों ने बच्ची को दिन में 6-6 लोगों के हवाले कर दिया। बच्ची से लगातार हर दिन 6 लोग रेप करते रहे।

    रिक्शा चालक पर नाबालिग को बेचने का आरोप
    बताया जा रहा है कि 13 साल की बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने उसकी खोज शुरू की, जब लोगों को पता चला कि रिक्शा चालक ने होटल वाले को चंद रुपयों में बच्ची को बेच दिया है। नाराज लोगों ने बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    शिकायत पर पुलिस ने लिया एक्शन
    घटना के बाद पुलिस ताबड़तोड़ कई होटलों में छापे मारी की। पुलिस ने होटल मालिकों सहित कई होटल मैनेजरों को पकड़ा और पूछताछ शुरू हुई। श्री गंगानगर में 150 से ज्यादा अवैध होटल चल रहे हैं। रजिस्ट्रेशन सिर्फ 40 का है। उसके बाद जिन होटलों में बच्ची से रेप की घटना की गई उन सभी होटलो पर बुलडोजर चला दिया गया।

    घटना पर क्या बोली पुलिस ?
    एसपी हरिशंकर ने कहा 18 जून एक घटना सामने आई जिसमें आरोप है कि एक घर से गायब हुई 13 साल की बच्ची को होटल में बेच दिया था। होटलों में बच्ची से हैवानियत हुई। जिन होटलों में बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था, उन पर देर रात बुलडोजर चला दिया गया। पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। दोषी कोई भी हो इस मामले में सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    धरने पर बैठे विधायक
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर समेत कई नेता व जनप्रतिधि धरने पर बैठे थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक ने कहा था कि यह मामला बेहद शर्मनाक और अमानवीय है आरोपियों को फांसी की सजा देनी चाहिए। हवस के भूखे ऐसे भेड़ियों और अवैध होटल संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

  • पत्नी को मायके छोड़ नाबालिग साली के साथ फरार होने का आरोप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच..

    पत्नी को मायके छोड़ नाबालिग साली के साथ फरार होने का आरोप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच..

    पत्नी को मायके छोड़ नाबालिग साली के साथ फरार होने का आरोप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच..

    बिहार के सारण जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि पत्नी की विदाई नहीं होने से नाराज एक युवक अपनी नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया.

    पत्नी मायके में रह गई, जीजा नाबालिग साली को लेकर हो गया फरार

    बिहार के सारण जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि पत्नी की विदाई नहीं होने से नाराज एक युवक अपनी नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की जांच करते हुए दोनों की तलाश में जुटी है.

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने करीब एक साल पहले अपनी बड़ी बेटी की शादी सारण जिले के ही एक युवक से की थी. शादी के कुछ समय बाद युवती मायके आई हुई थी. 19 जून को उसका पति पत्नी को वापस ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा, लेकिन किसी पारिवारिक कारण से उसकी विदाई नहीं हो सकी.

    विदाई नहीं होने के बाद लगा गंभीर आरोप

    परिजनों का आरोप है कि पत्नी को साथ न ले जा पाने से नाराज युवक ने कुछ दिन बाद घर की नाबालिग लड़की को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई. शिकायत के अनुसार, 22 जून को वह कथित तौर पर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर चला गया. घटना के बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है.

    परिजनों ने पहले खुद की तलाश

    किशोरी के अचानक लापता होने के बाद परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और अन्य संभावित जगहों पर उसकी तलाश की. काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तब परिजनों ने सोनपुर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी.परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सभी संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है और जल्द ही किशोरी का पता लगाने की कोशिश की जाएगी. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.

    जांच जारी, पुलिस ने की अपील

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. फिलहाल यह आरोप शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए हैं. किशोरी की बरामदगी और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

  • पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

    पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

    पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

    हालांकि, सही समय पर अस्पताल पहुंचने से युवक की जान बच गई. जानकारी के मुताबिक 5 दिनों से युवक का इलाज अस्पताल में जारी है. आरोप है कि पत्नी उससे मिलने अस्पताल तक भी नहीं आई.

    UP Crime: एक ओर जहां पति-पत्नी के बीच मारपीट और एक दूसरे को जान से मार देने की खबर सामने आती रहती हैं. वहीं, लखनऊ के चिनहट इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जहां एक प्लंबर की पत्नी ने पति को खांसी की दवा बताकर जहरीला पदार्थ पानी में मिलाकर पिला दिया. आरोप है कि पत्नी ने दवा मं जहर मिलाकर युवक को दे दिया और बाहर से दरवाजा बंद करके चली गई. इसके बाद पीड़ित की हालत बिगड़ने लगी और आनन-फानन में परिजनों द्वारा उसे गोमती नगर स्थित राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल ले जाया गया.

    हालांकि, सही समय पर अस्पताल पहुंचने से युवक की जान बच गई. जानकारी के मुताबिक 5 दिनों से युवक का इलाज अस्पताल में जारी है. आरोप है कि पत्नी उससे मिलने अस्पताल तक भी नहीं आई.

    अस्पताल में देखने भी नहीं गई पत्नी 

    जानकारी के मुताबिक युवक का 5 दिन से लगातार अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन आरोप है कि उसकी पत्नी उसे देखने अस्पताल तक भी नहीं आई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लंबर दिलेराम (29) मूलरूप से सीतापुर के रामपुर मथुरा का रहने वाला था. वह चिनहट के माधव ग्रीन में पत्नी के साथ किराए पर रहता था. बाराबंकी रामनगर की युवती से दिलेराम ने 8 साल पहले शादी की थी. वहीं, उसने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी एक घर में काम करती थी, जहां उसकी एक युवक से मुलाकात हुई और दोनों में बातचीत बढ़ गई. इसके बाद बात इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों में अफेयर हो गया. हालांकि, कई बार रोकटोक करने पर भी पत्नी नहीं मानी और दिलेराम से मारपीट भी करती थी. 

    ऑनलाइन दर्ज कराई थी पत्नी के खिलाफ शिकायत 

    दिलेराम के मुताबिक जहर देने के बाद उसकी पत्नी दरवाजा बंद करके सो गई. इसके बाद रात में उसे उल्टी शुरू हो गई और हालत बिगड़ने लगी थी. दिलेराम का कहना है कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई थी. शिकायत करने के बाद पुलिस उसके पास बयान लेने अस्पताल तक भी आई थी. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है. पुलिस का कहना है की मामले की जांच की जा रही है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि युवक ने खुद जहर खाया या उसकी पत्नी ने उसे जहर पिलाया था

  • महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

    महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

    महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

    सूरत: सोशल मीडिया पर दिखने वाला एक आकर्षक वजन घटाने का विज्ञापन सूरत की एक महिला के लिए करोड़ों रुपये की ठगी का कारण बन गया. महिला ने फेसबुक पर विज्ञापन देखकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया और यहीं से वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई. करीब पांच महीने के भीतर महिला से 1 करोड़ 77 लाख 40 हजार 500 रुपये ठग लिए गए. इस मामले की जांच में एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने देशभर में महिलाओं को निशाना बनाकर करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी की.

    सूरत साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि गुरुग्राम स्थित क्योरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी सोशल मीडिया पर वजन घटाने के विज्ञापन चलाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसा रही थी. कंपनी का एक हाईटेक कॉल सेंटर था, जहां से पूरे देश में महिलाओं को कॉल किए जाते थे.

    पुलिस के अनुसार, सूरत की गृहिणी ने फेसबुक पर वजन घटाने का विज्ञापन देखा और उस पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया. इसके तुरंत बाद कॉल सेंटर की महिला काउंसलरों ने व्हाट्सएप पर उससे संपर्क किया. उन्होंने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कंपनी की वेबसाइट तथा सेवाओं की जानकारी देकर भरोसा जीतने की कोशिश की.

    जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य अरसलान अपनी आवाज बदलकर अलग-अलग डॉक्टर बन जाता था. वह कभी खुद को डॉ. एमके खन्ना तो कभी डॉ. आकाश मल्होत्रा बताता था. वहीं कॉल सेंटर में काम करने वाली हीना और निशा कुमारी भी फर्जी नामों से महिला से बात करती थीं. उन्होंने दावा किया कि विशेषज्ञ डॉक्टर महिला का इलाज कर रहे हैं. भरोसा बढ़ाने के लिए महिला की फर्जी मेडिकल फाइल और बॉडी प्रोफाइल भी तैयार की गई.

    इस गिरोह की सबसे अलग बात यह थी कि उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से बचने की रणनीति अपनाई. महिला से केवल 15 हजार रुपये ऑनलाइन लिए गए, जबकि बाकी 1.77 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद वसूले गए. गिरोह के सदस्य मोहम्मद हुसैन उर्फ राहुल राज और ओमप्रकाश रजक दिल्ली से विमान के जरिए सूरत पहुंचते थे. वो दवा के पैकेट देकर नकदी लेकर वापस लौट जाते थे.

    इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी गिरोह ने महिला से 81 लाख 50 हजार रुपये और मांगे. आरोपियों ने महिला को धमकाया कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो उसकी मेडिकल फाइल बंद कर दी जाएगी, दवाओं के साइड इफेक्ट होंगे और अब तक खर्च किए गए सारे पैसे बेकार हो जाएंगे. लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने सूरत साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया.

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष योजना बनाई। महिला के जरिए आरोपियों को बताया गया कि वह 81 लाख रुपये देने के लिए तैयार है. इसके बाद मोहम्मद हुसैन उर्फ राहुल राज दवाओं का पार्सल लेकर सूरत पहुंचा. जैसे ही वह महिला के घर नकदी लेने पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सूरत साइबर पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने गुरुग्राम स्थित पूरे कॉल सेंटर की जानकारी दे दी. इसके बाद सूरत साइबर सेल की टीम दिल्ली पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुरुग्राम स्थित कंपनी के कॉल सेंटर पर देर रात छापा मारा.

    पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में करीब 150 युवा कर्मचारी काम कर रहे थे. इनमें लगभग 150 महिला कॉलर और 20 पुरुष कॉलर शामिल थे. यह टीम फेसबुक पर विज्ञापन डालकर महिलाओं को फंसाती थी और फर्जी मेडिकल सलाह देकर मोटी रकम वसूलती थी. जांच में सामने आया कि कंपनी का पंजीकरण वर्ष 2021 में हुआ था और वर्ष 2022 से कथित रूप से ठगी का नेटवर्क चल रहा था.

    पुलिस को कंपनी के बैंक खाते में 8 करोड़ 30 लाख 95 हजार 532 रुपये मिले. हालांकि पूछताछ में पता चला कि करोड़ों रुपये का लेनदेन नकद में किया जाता था. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे हर महीने 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक नकद वसूली का लक्ष्य पूरा करते थे. फिलहाल सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

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  • तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र में डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि मृतक के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे और उसने उसकी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कर दी थीं, जिससे समाज में बदनामी हो रही थी। इसी वजह से उसने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

    गश्त के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़

    पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पटवाई थाना पुलिस जोलपुर रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान निर्माणाधीन सोना पुल के पास एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी बाइक छोड़कर कच्चे रास्ते से भागने लगा। पीछा किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

    पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी योगेश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    तमंचा और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, नाल में फंसा एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।

    पूछताछ में किया बड़ा दावा

    पुलिस पूछताछ में आरोपी योगेश ने दावा किया कि उसकी पत्नी के मृतक चंद्रपाल उर्फ चंचल से अवैध संबंध थे। उसका आरोप है कि चंचल ने उसकी पत्नी के साथ कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर वायरल कर दी थीं, जिससे रिश्तेदारों और समाज में उसकी बदनामी हो रही थी।

    साथियों के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि बदनामी से परेशान होकर उसने अपने सहयोगियों विनोद, महेश और भाई मुनेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सोमवार रात शाहबाद रोड स्थित मोगा ढाबे के सामने टायर पंचर बनवाने के दौरान चंद्रपाल उर्फ चंचल के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

    पहले दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा

    घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने योगेश, विनोद और मुनेश समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस का बयान

    थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। आवश्यक चिकित्सीय उपचार के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • नवविवाहित जोड़े की हनीमून ट्रिप बनी चर्चा का विषय, होटल में हुआ चौंकाने वाला घटनाक्रम…

    नवविवाहित जोड़े की हनीमून ट्रिप बनी चर्चा का विषय, होटल में हुआ चौंकाने वाला घटनाक्रम…

    नवविवाहित जोड़े की हनीमून ट्रिप बनी चर्चा का विषय, होटल में हुआ चौंकाने वाला घटनाक्रम…

    शादी के कुछ दिनों बाद हनीमून मनाने गया कपल, होटल में ठहरते ही बदल गई पति की नियत, फिर अपनी ही पत्नी को…

      महाराष्ट्र के लोहागढ़ में मंगेतर को पहाड़ी से धक्का देने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब दिल्ली-एनसीआर के नोएडा से भी वैवाहिक रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के सेक्टर-75 में रहने वाली एक नवविवाहिता ने अपने पति…

      महाराष्ट्र के लोहागढ़ में मंगेतर को पहाड़ी से धक्का देने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब दिल्ली-एनसीआर के नोएडा से भी वैवाहिक रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के सेक्टर-75 में रहने वाली एक नवविवाहिता ने अपने पति पर हनीमून के दौरान दार्जिलिंग में सीढ़ियों से धक्का देकर जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। फिलहाल पीड़िता की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नोएडा की सेक्टर-113 थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

      ज्यादा दिन नहीं टिक सकीं शादी की खुशियां

      पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उनका विवाह इसी साल 30 अप्रैल 2026 को हरविंदर चौहान नामक युवक के साथ हुआ था लेकिन शादी की खुशियां ज्यादा दिन नहीं टिक सकीं। आरोप है कि शादी के अगले ही दिन से पति हरविंदर ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करना शुरू कर दिया था।

      होटल में रची मौत की साजिश

      शादी के कुछ दिनों बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए सिक्किम और दार्जिलिंग गए थे। पीड़िता का आरोप है कि 9 मई को जब वे दार्जिलिंग के एक होटल में ठहरे हुए थे तभी हरविंदर ने उन्हें जान से मारने की नीयत से सीढ़ियों से नीचे धक्का दे दिया। इस जानलेवा हमले में नवविवाहिता के सिर, पेट और दोनों घुटनों में गंभीर चोटें आईं।

      नोएडा लौटकर भी नहीं रुका हैवानियत का सिलसिला

      हैवानियत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। पीड़िता ने बताया कि 10 मई को जब दोनों वापस नोएडा लौटे और उन्होंने इस घटना की शिकायत पुलिस से करने की बात कही तो आरोपी पति गुस्से से आगबबूला हो गया। उसने पीड़िता का मोबाइल फोन जमीन पर पटक कर तोड़ दिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। इसके बाद उसने घायल पत्नी के पेट में लातें मारीं और थप्पड़-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस के पास जाने पर उसने जान से मारने की धमकी भी दी और अगले ही दिन पत्नी को लहूलुहान हालत में छोड़कर अपने पिता के घर भाग गया।

      फिलहाल गंभीर रूप से घायल पीड़िता ने किसी तरह अपना इलाज कराया और 17 जून को अपना सरकारी मेडिकल कराने के बाद सेक्टर-113 थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने आरोपी हरविंदर के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

    • मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      शिमला में मनीषा मित्तल हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मनीषा के भाई ने ही उनकी हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने उसके भाई हिमांक मित्तल और दोस्त गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार किया है.

      13 जून को रोहतक की मनीषा मित्तल का शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास मर्डर हो गया था. केस की जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला.

      जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि इस हत्याकांड के पीछे उसके भाई का ही हाथ है. पुलिस ने मनीषा के छोटे भाई हिमांक मित्तल और उसके दोस्त गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है.

      हत्याकांड के बाद से ही पुलिस को हिमांक मित्तल पर था शक 

      मनीषा हत्याकांड के बाद ही हिमांक मित्तल पर पुलिस को शक हो गया था और वह जांच के घेरे में था. दरअसल, मनीषा मित्तल पिछले कई महीनों से इंटरनेट मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट कर रही थी. अपने पोस्ट में वह आरोप लगा रही थी कि रोहतक में बैठा उसका भाई उसे परेशान कर रहा है, उसकी लोकेशन ट्रेस करा रहा है. उसने ये भी कहा कि उसकी जान को खतरा है. पुलिस के अनुसार, मनीषा ने कई बार थाने में भी शिकायत दी थी और अपने भाई से जान का खतरा बताया था.

      कैसे हुआ खुलासा 

      जांच के दौरान पुलिस ने पहले दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत और सुनारिया खुर्द निवासी दीपक को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि हिमांक ने अपने दोस्त गोविंद के खाते में साढ़े 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे जिसके बाद गोविंद विदेश चला गया था. जब पुलिस ने मामले की छानबीन की तो इस जानकारी के मिलते ही पुलिस को मनीषा के भाई पर शक बढ़ता चला गया. पुलिस जांच में सामने आया है कि मनीषा के मर्डर की साजिश रोहतक से ही बैठकर रची जा रही थी. उसका भाई हिमांक मित्तल सीसीटीवी कैमरे के जरिए अपनी बहन की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था. शिमला पुलिस मनीषा के मर्डर के अगले दिन ही हिमांक के स्कूल में पहुंची थी और उससे शिमला स्थित स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी लिए थे. इसके अलावा शिमला पुलिस लगातार 16 दिनों से हिमांक मित्तल से पूछताछ कर रही थी और उसकी बैंक डिटेल और कॉल डिटेल भी खंगाल रही थी.

      पूछताछ के दौरान हिमांक मित्तल पुलिस से ये ही कहता रहा कि उसने अपनी बहन का मर्डर नहीं कराया है. लेकिन जब गोविंद को शिमला पुलिस ने पकड़ा तो उसने हिमांक मित्तल का भी नाम कबूल कर लिया. पुलिस का कहना है कि गोविंद और हिमांक मित्तल का मनीषा मित्तल से प्रोपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। जिसके चलते उन्होंने उसकी हत्या करा दी.

      गोविंद ने ही दी थी शूटर्स को कार

      पुलिस जांच के अनुसार गोविंद ने दोनों शूटर्स को हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक स्विफ्ट कार किराए पर लेकर दी थी. इसके अलावा गोविंद ने मनीषा की हत्या करने वाले शूटर दीपक के खाते में रुपये भी ट्रांसफर किए थे. हत्या की साजिश रचने के बाद वह पुलिस से बचने के लिए विदेश जाकर छिप गया था और जब विदेश से लौटा तो उसने अपना फोन बंद रखा ताकि, पुलिस उसे पकड़ न पाए. हालांकि, पुलिस ने जांच जारी रखी और अंत में उसे गिरफ्तार कर लिया.

    • डेकेयर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप, बेंगलुरु की घटना से मचा हड़कंप..

      डेकेयर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप, बेंगलुरु की घटना से मचा हड़कंप..

      डेकेयर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप, बेंगलुरु की घटना से मचा हड़कंप..

      बेंगलुरु से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां मशहूर IT कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस में बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। इन वीडियो के आधार पर पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कर रही है।

      बेंगलुरु के डेकेयर में हैवानियत

      यह शिकायत सेंटर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, फुटेज में बच्चे रोते हुए और केयरगिवर्स द्वारा उनके साथ मारपीट और उन्हें डराते-धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बताया कि वीडियो में नैनी दो से तीन साल के बच्चों को धमकाती हुई दिख रही हैं।

      शिकायत के मुताबिक, केयरगिवर्स ने कथित तौर पर बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाला, बच्चों को टॉयलेट पर बैठाया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी की बौछार की, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए धमकाया।

      पांच महिलाओं को किया अरेस्ट

      पुलिस ने बताया कि पूछताछ के लिए नैनी को जल्द बुलाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि ये घटनाएं एक चाइल्डकेयर सेंटर में हुईं, जहां IT कंपनी के कर्मचारी काम के दौरान अपने छोटे बच्चों को छोड़ते हैं।

      मामला तब सामने आया जब दुर्व्यवहार का वीडियो WhatsApp पर वायरल हुआ और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत पांच महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    • परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

      परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

      परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

      उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां नयापुरा कस्बे में एक कलयुगी छोटे भाई ने मामूली विवाद के बाद अपने सगे बड़े भाई की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय हुई जहानागंज थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज पांच घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

      घर खर्च को लेकर मां से हो रही थी कहासुनी

      पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिलशेर अहमद पिछले दो साल से दुबई में रह रहा था और करीब 15 दिन पहले ही वह अपने घर लौटा था। घटना वाले दिन घर खर्च के लेन-देन को लेकर दिलशेर अहमद और उसकी मां के बीच कहासुनी हो रही थी। बात इतनी बढ़ गई कि भाई ने मां को धमकाना शुरू कर दिया। मां के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार को देखकर छोटा भाई मोहम्मद अनस उर्फ राजू (24 वर्ष) गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने खौफनाक कदम उठा लिया।

      पेट और पीठ पर किए चाकू से ताबड़तोड़ वार

      थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा के अनुसार, यह पूरी घटना 30 जून की शाम की है। मृतक दिलशेर अहमद की पत्नी सुमैया अख्तरी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति दिलशेर और देवर अनस उर्फ राजू के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अनस ने गुस्से में आकर पास में रखा एक धारदार चाकू उठा लिया। इसके बाद उसने दिलशेर के पेट और पीठ पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए।

      बीच-बचाव करने आई भाभी पर भी किया हमले का प्रयास

      जब अनस अपने बड़े भाई पर जानलेवा हमला कर रहा था, तो दिलशेर की पत्नी सुमैया अख्तरी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि सिर पर खून सवार होने के कारण अनस ने अपनी भाभी सुमैया पर भी चाकू से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, सुमैया ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल हो चुके दिलशेर अहमद ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया।

      पुलिस ने 5 घंटे में की घेराबंदी, पुलिया के पास से दबोचा

      घटना की सूचना मिलते ही जहानागंज थाना पुलिस में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाने लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए करहा मार्ग स्थित पुनर्जी पुलिया के पास घेराबंदी की और वारदात के महज 5 घंटे के भीतर आरोपी मोहम्मद अनस उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया।

      हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी ने कबूला जुर्म

      पुलिस ने आरोपी अनस की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया है। जहानागंज पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि मां को धमकाए जाने के कारण वह अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाया और उसने पास में रखा चाकू उठाकर भाई पर वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब आरोपी को जेल भेजने की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।