ग्वालियर: जिले के डबरा शहर में शनिवार रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां मामूली बात पर हुए पति-पत्नी के आपसी विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि एक महिला ने गुस्से में आकर अपने पति पर उबलता हुआ पानी फेंक दिया, जिससे वह बेहद गंभीर रूप से झुलस गया। इस दौरान घर में मौजूद ससुर ने जब बेटे को बचाने की कोशिश की, तो वे भी इस जानलेवा हमले की चपेट में आ गए और मामूली रूप से झुलस गए।
थप्पड़ मारते ही भड़की पत्नी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, डबरा सिटी थाना क्षेत्र के एक इलाके में रहने वाले इस दंपत्ति की कोई संतान नहीं है और उनके बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता रहता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित पति अत्यधिक शराब पीने का आदी है। शनिवार रात को भी शराब के नशे में दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि पति ने तैश में आकर पत्नी को एक थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ खाते ही महिला इस कदर आगबबूला हो गई कि उसने सीधे किचन का रुख किया, जहां उसने गैस पर दाल पकाने के लिए पानी उबलने रखा था। महिला ने वह खौलता हुआ पानी लाकर सीधे अपने पति के प्राइवेट पार्ट पर डाल दिया।
खबर की अहम बातें
• शनिवार रात ग्वालियर के डबरा इलाके में पति-पत्नी के बीच विवाद हिंसक वारदात में बदल गया।
• पत्नी ने दाल बनाने के लिए उबले पानी को सीधे पति के प्राइवेट पार्ट पर फेंक दिया।
• हमले में बीच-बचाव करने आए ससुर भी मामूली रूप से झुलस गए हैं।
• पीड़ित पति गंभीर रूप से घायल है और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
• पीड़ित ने पत्नी पर वारदात के बाद घर से कैश और सोने-चांदी के जेवरात लेकर भागने का आरोप लगाया है।
गहने और कैश लेकर भागने का भी आरोप
इस सनसनीखेज वारदात के बाद घायल पति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में होश में आने के बाद पीड़ित पति ने अपनी पत्नी पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि खौलता पानी फेंकने के बाद उसकी पत्नी घर की अलमारी में रखे नकद रुपए और सोने-चांदी के कीमती आभूषण समेटकर मौके से फरार हो गई। डबरा सिटी थाना पुलिस ने बताया कि चोरी और लूट के इन आरोपों की भी बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस की टीमें आरोपी महिला की तलाश में जुटी हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए न्यूरोपैथी (नसों की कमजोरी) एक बेहद जटिल समस्या है, जिसके कारण अक्सर पैरों में तेज झुनझुनी, जलन या सुन्नपन महसूस होने लगता है। इस स्थिति को ठीक करने के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, लेकिन हालिया वैज्ञानिक शोध कुछ अलग और दिलचस्प संकेत दे रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, लाल मिर्च में पाया जाने वाला एक खास सक्रिय तत्व ‘कैप्सैसिन’ (Capsaicin) नसों के दर्द को शांत करने में मददगार साबित हो सकता है।
यह दावा जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (JAPI) में प्रकाशित एक नई समीक्षा में किया गया है। इस समीक्षा में 22 क्लिनिकल स्टडीज का विश्लेषण किया गया, जिनमें 1,800 से अधिक मरीज शामिल थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्किन पर लगाने वाली कैप्साइसिन (Capsaicin) दवा नसों से जुड़े दर्द में राहत दे सकती है, खासकर डायबिटिक पेरिफैरल न्यूरोपैथी (DPN) और पोस्ट हर्पेटिक न्यूराल्जिया (PHN) में।
अध्ययन के अनुसार 0.075% कैप्साइसिन क्रीम सबसे अधिक प्रभावी रही। इसका मतलब है कि 100 ग्राम क्रीम, जेल या लोशन में 0.075 ग्राम मिर्च से प्राप्त सक्रिय तत्व मौजूद होता है। रिसर्च के मुताबिक स्किन पर लगाई जाने वाली कैप्साइसिन पेनकिलर के बराबर ही असरदार साबित होती है। इस क्रीम का इस्तेमाल करने से किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता जैसा कि अक्सर पेनकिलर दवाओं के सेवन से होता है।
कैप्साइसिन कैसे करता है काम?
डायबिटीज स्पेशियलिटी सेंटर के चेयरमैन डॉ. वी. मोहन जिनके नेतृत्व में इस रिसर्च की समीक्षा की गई है, ने बताया कैप्साइसिन कोई नया तत्व नहीं है। मिर्च को तीखा बनाने वाला वही सक्रिय घटक है जो सालों से दर्द को कम करने वाली बाम और मरहम में इस्तेमाल होता रहा है। डॉ. वी. मोहन के अनुसार, इस नई समीक्षा की खास बात यह है कि अब नसों के दर्द में इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण काफी मजबूत हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कैप्साइसिन केवल स्किन में जलन पैदा करके राहत देने वाला साधारण घटक नहीं है, बल्कि यह दर्द पहुंचाने वाली नसों पर सीधे काम करने वाली उपचार पद्धति है। समीक्षा में यह भी संकेत मिला कि 0.075% कैप्साइसिन फॉर्मूलेशन बाजार में उपलब्ध कम शक्ति वाले उत्पादों की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।
क्या यह दूसरे प्रकार के नसों के दर्द में भी मदद कर सकता है?
रिसर्च की समीक्षा में शामिल डॉ. मंगेश तिवास्कर के अनुसार फिलहाल सबसे मजबूत प्रमाण डायबिटिक पेरिफैरल न्यूरोपैथी और पोस्ट हर्पेटिक न्यूराल्जिया के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि नसों का दर्द कई अन्य कारणों से भी हो सकता है, जैसे विटामिन बी की कमी, थायरॉयड विकार, अल्कोहल से नसों को नुकसान, कीमोथेरेपी से होने वाली न्यूरोपैथी, नस दबने की समस्या, अन्य मेटाबॉलिक और न्यूरोलॉजिकल रोग शामिल हैं। इन स्थितियों में मरीजों को जलन, झुनझुनी, सुन्नपन, बिजली के झटके जैसा एहसास और अत्यधिक संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। क्योंकि कैप्साइसिन दर्द महसूस करने वाली नसों के सिरों पर काम करती है, इसलिए यह दूसरे नसों के दर्द में भी उपयोगी हो सकती है।
डायबिटीज न्योरोपैथी का इलाज लाल मिर्च खाकर या लगाकर हो सकता है?
आपको बता दें कि रसोई की लाल मिर्च सीधे न लगाएं। रिसर्च में जिस राहत की बात की गई है, वह लाल मिर्च को सीधे पैरों पर लगाने या अत्यधिक खाने से नहीं मिलती है। मिर्च को सीधे त्वचा या डायबिटीज के कारण हुए पैरों के घावों (Diabetic Foot Ulcer) पर लगाने से स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार, वैज्ञानिक लैबोरेट्री में मिर्च से ‘कैप्सेसिन’ (Capsaicin) तत्व को निकालकर एक निश्चित और सुरक्षित मात्रा (0.075%) में मेडिकल क्रीम, जेल या पैच तैयार करते हैं। इसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की देखरेख और उनकी सलाह पर ही किया जाना जाता है।
कैप्सैसिन क्रीम लगाते समय सावधानियां हैं जरूरी
एक्सपर्ट ने बताया अगर आप इस क्रीम या जेल को केवल प्रभावित सुन्न-झुनझुनी वाले हिस्से की साफ स्किन पर लगाएं। इसे किसी भी खुले घाव, कटी हुई स्किन या छालों पर भूलकर भी न लगाएं।
आंखों और चेहरे का बचाव करें। क्रीम लगाने के तुरंत बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें। अनजाने में भी क्रीम लगे हाथों से आंख, नाक या चेहरे को न छुएं।
पहली कुछ बार क्रीम लगाने पर हल्की जलन या गर्माहट महसूस होना नॉर्मल है, लेकिन यदि त्वचा लाल हो जाए या दाने निकल आएं, तो तुरंत इसे धो लें और डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई जानकारी JAPI जर्नल के शोध और मधुमेह विशेषज्ञों (डॉ. वी. मोहन और डॉ. मंगेश तिवास्कर) के चिकित्सा इनपुट्स पर आधारित है। डायबिटीज न्यूरोपैथी एक गंभीर स्थिति है, पैरों में झुनझुनी, घाव या सुन्नपन होने पर किसी भी तरह की क्रीम, जेल या घरेलू उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
ग्वालियर में शादी के महज ढाई महीने बाद पति-पत्नी का विवाद पुलिस तक पहुंच गया है. युवक ने अपनी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग, पैसे मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रही है और रकम नहीं देने पर उसे “नीले ड्रम में पैक” करने की धमकी दे रही है. युवक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और कुछ वीडियो व अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और महिला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल मामले की पड़ताल जारी है और पुलिस दोनों पक्षों के तथ्यों की जांच कर रही है.
14 अप्रैल को हुई थी शादी
मुगलपुरा निवासी राहुल जाटव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी जिले की युवती राखी के साथ हुई थी. शादी के बाद दोनों साथ रह रहे थे, लेकिन करीब एक महीने बाद 23 मई को पत्नी अपने मायके चली गई. राहुल का आरोप है कि इसके बाद वह वापस नहीं लौटी.
पति का आरोप- 5 लाख रुपये मांगे जा रहे
राहुल का कहना है कि पत्नी अब उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रही है. उसके मुताबिक रकम नहीं देने पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उसे “नीले ड्रम में पैक करने” जैसी धमकी देकर डराया जा रहा है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच कर रही है.
पुलिस को सौंपे वीडियो और अन्य सबूत
पीड़ित पति ने पुलिस को कुछ वीडियो, चैट और अन्य कथित सबूत उपलब्ध कराए हैं. राहुल का कहना है कि उसके पास ऐसे डिजिटल साक्ष्य हैं जो पैसे मांगने और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की पुष्टि कर सकते हैं. उसने अपनी शिकायत में कुछ अन्य लोगों से पत्नी के संबंध होने का भी आरोप लगाया है. पुलिस ने सभी दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जांच में शामिल कर ली है.
पत्नी की तलाश में जुटी पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महिला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह अपने बताए गए पते पर नहीं मिली. जांच अधिकारियों के अनुसार महिला की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उसका पक्ष भी दर्ज किया जा सके.
सोशल मीडिया लोकेशन भी खंगाल रही पुलिस
ग्वालियर सीएसपी मनीष यादव के अनुसार मामले की जांच जारी है. पुलिस महिला की सोशल मीडिया गतिविधियों और इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ी लोकेशन संबंधी जानकारी की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि महिला के सामने आने और बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
दोनों पक्षों के तथ्यों की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि फिलहाल शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है. मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा. फिलहाल ग्वालियर पुलिस महिला का पता लगाने और मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है.
कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में एक होमस्टे से फिजियोथेरेपिस्ट सुरभि का शव मिला, जबकि उसका प्रेमी मोहम्मद संजीत अली बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है. कमरे से रस्सी, गोलियां मिले हैं. पुलिस हत्या, आत्महत्या और जहर देने तीनों एंगल से जांच कर रही है. दोनों पिछले तीन दिनों से होमस्टे में ठहरे थे. सुरभि और संजीत पहले से रिश्ते में थे और परिवार इस संबंध का विरोध करता था.
कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले के मुद्देनहल्ली स्थित एक होमस्टे में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि उसका प्रेमी मोहम्मद संजीत अली बेहोशी की हालत में मिला. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला हत्या का है, आत्महत्या का है या फिर जहर देने का. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा.
चिक्काबल्लापुर के पुलिस अधीक्षक कुशल चौक्सी ने बताया कि घटनास्थल से एक रस्सी, बड़ी संख्या में गोलियां (टैबलेट), उल्टी के निशान और एक तकिया बरामद किया गया है. हालांकि युवती के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या खून के निशान नहीं मिले हैं. ऐसे में पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार, होमस्टे के रिकॉर्ड से पता चला है कि दोनों पिछले तीन दिनों से वहां ठहरे हुए थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों प्रेम संबंध में थे और पहले घर से भाग चुके थे. उस समय युवती के परिवार ने उसके लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी.
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फिजियोथेरेपिस्ट थी सुरभि मृतका की पहचान बेंगलुरु निवासी सुरभि के रूप में हुई है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट थी. बताया जा रहा है कि वह चार-पांच दिन पहले भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) परिसर में स्वयंसेवक के रूप में आई थी. पुलिस के मुताबिक, केरल निवासी मोहम्मद संजीत अली को उसके वहां होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उसने होमस्टे बुक किया और सुरभि उससे मिलने पहुंची. हालांकि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है.
एसपी कुशल चौक्सी ने कहा कि जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या संजीत अली ने सुरभि की हत्या करने के बाद आत्महत्या की कोशिश की, या फिर दोनों ने आत्महत्या करने का फैसला किया था. चूंकि संजीत अली अभी बेहोश है, इसलिए उसके होश में आने के बाद ही कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे.
जांच में यह भी सामने आया है कि सुरभि और संजीत अली की मुलाकात एक कैब बुकिंग के दौरान हुई थी. बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. दोनों के खिलाफ पहले कुमारस्वामी लेआउट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो चुका था. पुलिस के अनुसार, एक पार्टी के दौरान उनके पास से कथित तौर पर नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे.
शादी करने की इच्छा जताई थी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरभि ने अपनी मां को संजीत अली से शादी करने की इच्छा जताई थी, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था. बाद में वह घर छोड़कर संजीत के साथ रहने लगी थी. परिवार का आरोप है कि इस दौरान सुरभि के साथ कई बार मारपीट की गई और उसे नशीले पदार्थों की लत भी लग गई. इसके बाद परिवार उसे वापस घर ले आया और मैसूर के एक रीहैबिलिटेशन सेंटर में करीब छह महीने तक उसका इलाज कराया गया.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रीहैब से लौटने के बाद सुरभि दोबारा संजीत अली के संपर्क में कैसे आई और दोनों चिक्काबल्लापुर के इस होमस्टे तक कैसे पहुंचे. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुरभि की मौत हत्या, आत्महत्या या जहर के कारण हुई.
Baghpat :
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नौरोजपुर गुर्जर गांव में हुए सनसनीखेज सचिन हत्याकांड में एक ऐसा दिल दहला देने वाला मोड़ आया है, जिसने ममता और रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। इस जघन्य कत्ल के चश्मदीद गवाह कोई और नहीं, बल्कि मृतक सचिन के अपने ही मासूम बच्चे हैं। सचिन की आठ साल की बेटी और सात साल के बेटे ने पुलिस के सामने जो बयान दर्ज कराए हैं, उसे सुनकर कठोर से कठोर इंसान की रूह भी कांप जाए। बच्चों ने रोते हुए बताया कि कैसे उनकी सगी मां ने अपने आशिक के साथ मिलकर उनके पिता को तड़पा-तड़पा कर मार डाला।
पापा की चीख से खुली नींद, खिड़की से देखा खौफनाक मंजर
विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने मामले की जांच के तहत सोमवार को दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए। मासूमों ने बताया कि 12 जून की उस खौफनाक रात वे अपने कमरे में सो रहे थे। अचानक रात के सन्नाटे में उन्हें अपने पापा की दर्दभरी चीख सुनाई दी, जिससे दोनों की नींद टूट गई। कमरे की खिड़की सीधे बरामदे की तरफ खुलती थी। बच्चों ने जब डरते-डरते खिड़की से बाहर झांका, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। बरामदे में चारपाई पर उनके पापा तड़प रहे थे और उनकी मम्मी रचना व एक अंकल (प्रेमी सोनू) ने तकिए से उनके पापा का मुंह और नाक जोर से दबा रखी थी। यह खौफनाक मंजर देखकर दोनों बच्चे बुरी तरह सहम गए और डर के मारे चुपचाप कमरे के अंदर जाकर चादर ओढ़कर लेट गए।
खीर में दी नशीली गोलियां, पति के सोने पर प्रेमी संग बनाए संबंध
पुलिस जांच और आरोपियों के कबूलनामे से जो सच सामने आया है, वह किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा है। सचिन की पत्नी रचना का अफेयर रंछाड़ गांव के रहने वाले सोनू से चल रहा था, जो मर्चेंट नेवी में सेकंड क्लास इंजीनियर है। 12 जून की रात रचना ने पहले बेहद चालाकी से अपने 33 वर्षीय पति सचिन को नशे की गोलियां मिलाकर खीर खिला दी। जब सचिन गहरी नींद में सो गया, तो रचना ने अपने प्रेमी सोनू को घर बुला लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति के बेहोश पड़े रहने के दौरान ही दोनों ने घर में शारीरिक संबंध बनाए। इसी बीच अचानक सचिन की नींद खुल गई और उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। खुद को फंसता देख रचना और सोनू ने तुरंत सचिन पर हमला कर दिया और गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
खेत में कीटनाशक का बहाना, सीसीटीवी ने बिगाड़ा खेल
कत्ल की इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर रचना ने इसे सामान्य मौत या हादसा दिखाने का पूरा ताना-बाना बुना। अगली सुबह उसने सचिन के भाई नवीन को फोन कर झूठी कहानी गढ़ी कि खेत में कीटनाशक (जहर) का छिड़काव करते समय सचिन की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं; सुबह जब घरवालों ने सचिन के गले पर अजीब से निशान देखे, तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने जब घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें सोनू रात 10 बजे घर में घुसता और सुबह 3:28 बजे बाहर निकलता साफ दिखाई दे गया।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, बच्चों को सुरक्षा का भरोसा
इस पुख्ता सबूत के आगे रचना का कीटनाशक वाला झूठ टिक नहीं सका और पुलिस की सख्ती के आगे उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी रचना और उसके मर्चेंट नेवी वाले प्रेमी सोनू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए दोनों मासूम बच्चे फूट-फूट कर रोने लगे, जिन्हें उनके दादा-दादी और चाची ने बमुश्किल शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और बच्चों को पूरी सुरक्षा तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों के कोर्ट में दर्ज होने वाले बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज इस केस में सबसे अचूक सबूत हैं और जल्द ही अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त चार्जशीट दाखिल कर उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाएगा।
प्रतापगढ़।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। मान्धाता थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक दुष्कर्म करने और बाद में शादी से इनकार करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, उसकी मुलाकात एक मुकदमे के सिलसिले में मान्धाता थाने में तैनात दरोगा अर्जुन सिंह
से हुई थी। आरोप है कि दरोगा ने खुद को अविवाहित बताकर महिला का विश्वास जीता और शादी का वादा किया। इसके बाद वह महिला को प्रतापगढ़ बुलाकर अलग-अलग होटलों में ठहराता रहा और शादी का भरोसा देकर करीब एक वर्ष तक शारीरिक संबंध बनाता रहा।
महिला का आरोप है कि 17 जून 2026 को जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो दरोगा ने शादी से साफ इनकार कर दिया। विरोध करने पर उसने कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में महिला को जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं।
खुद को धोखे का शिकार महसूस करने के बाद पीड़िता ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। उसकी तहरीर के आधार पर 27 जून 2026 को महिला थाना, प्रतापगढ़ में आरोपी दरोगा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)
की धारा 69
(शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना), धारा 352
(अपमान) और धारा 351(3)
(आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा
ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी दरोगा अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक संगीता
को सौंपी गई है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियोजक टॉम लिटिल KC ने जूरी सदस्यों को बताया कि साइमन लेवी ने जुलाई 2018 और मई 2025 के बीच 13 हमले किए, जिनमें पहले दुष्कर्म और हत्या के समय के आसपास किए गए 6 हमले भी शामिल हैं.
‘चुप रहो, शांत रहो, मैंने तुम्हें पकड़ लिया है’ महिलाओं-युवतियों से बनाए संबंध; 3 कॉल गर्ल को भी नहीं छोड़ा
इंग्लैंड की राजधानी लंदन से एक चौंकानी वाली जानकारी सामने आई है, जिसने जेल से छूटने बाद महिलाओं और युवतियों का शोषण किया. जेल से छूट इस कैदी ने 8 महीनों के दौरान 2 महिलाओं की हत्या की और तीसरी के साथ दुष्कर्म किया. सोमवार (29 जून, 2026) को कोर्ट को बताया गया कि महिलाओं/युवतियों के साथ बार-बार जबरन संबंध बनाने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने दूसरी हत्या करने से पहले ही रिहा कर दिया था. 40 वर्षीय साइमन लेवी पर आरोप है कि उसने जुलाई 2018 से कई महिलाओं से संबंध बनाने की कोशिश की. इस दौरान उसने महिलाओं की हत्या यह सोचकर कर दी कि वह बच जाएगा?
कहा जाता है कि इस ‘सीरियल किलर’ ने पिछले साल लंदन में आठ महीनों के दौरान 3 कॉल गर्ल को भी अपना शिकार बनाया. बताया गया कि पिछले साल अप्रैल में हत्या के शक में लेवी की गिरफ्तारी के चार महीने बाद, इस दोषी इस अपराधी को रिहा कर दिया गया और उसने फिर हत्या कर दी. सोमवार को ओल्ड बेली में सुनवाई के दौरान पता चला कि आंशिक रूप से अंधे इस आरोपी पर ‘महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कई बार दोषसिद्धि’ हो चुकी है.
एक कॉल गर्ल का दबाकर की हत्या की कोशिश
साइमन लेवी पर जनवरी 2025 में एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसका गला तब तक दबाने का आरोप है जब तक वह बेहोश नहीं हो गई. वहीं, 35 वर्षीय कॉल गर्ल ने पुलिस को बताया कि जब लेवी उस पर कूदा और उसकी कॉलरबोन (हंसली की हड्डी) तोड़ दी, तो उसे लगा कि वह मरने वाली है. उसने दावा किया कि लेवी ने उसके चेहरे पर हाथ रखकर उसका दम घोंटने की कोशिश की और उसकी अंगुली उसके गले में डाल दी ताकि वह कोई आवाज़ न निकाल सके. साथ ही उससे कहा- ‘चुप रहो, शांत रहो, मैंने तुम्हें पकड़ लिया है.’ दो महीने बाद लेवी ने कथित तौर पर फिर हमला किया. 17 मार्च को दक्षिण-पूर्व लंदन के साउथवार्क में फ्लैटों के एक बंद पड़े ब्लॉक की सीढ़ियों पर कारमेंज़ा वालेंसिया-ट्रुजिलो का शव मिला.
यहां पर बता दें कि आरोपी वह व्यक्ति है जिसे महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कई बार दोषी ठहराया जा चुका है. 30 सितंबर, 2021 को एक ट्रायल के बाद उसे 29 जुलाई 2018 को किए गए हमले और 26 अगस्त 2018 को किए गए पेनिट्रेशन (penetration) वाले हमले के लिए दोषी ठहराया गया था.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गोगी गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश का पर्दाफाश किया है. इस मामले में कारोबारी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग से जुड़े आरोपी रजत को गिरफ्तार किया गया है. जांच में हत्या और हमले की साजिश के भी खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गोगी गैंग के नाम पर एक कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में पीड़ित कारोबारी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग से जुड़ा आरोपी रजत शामिल है. जांच में सामने आया है कि पत्नी ने ही अपने पति से उगाही, सास की हत्या और पति पर हमले की साजिश रची थी. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत और आपत्तिजनक चैट भी बरामद हुई हैं.
दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में थोक कारोबार करने वाले एक कारोबारी को 14 जून 2026 को एक विदेशी नंबर से कॉल और मैसेज मिले. कॉल करने वाले ने खुद को गोगी गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी. धमकी देने वाले ने कहा कि अगर रकम नहीं दी गई तो कारोबारी और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा. आरोपियों ने कारोबारी के घर और दुकान की तस्वीरों के साथ उनकी लोकेशन भी भेजी थी, जिससे कारोबारी और उसका परिवार डर गया.
धमकी मिलने के बाद कारोबारी ने 18 जून को लक्ष्मी नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने इस पूरे मामले की दिशा बदल दी.
स्पेशल सेल की जांच में हरियाणा के सोनीपत निवासी रजत का नाम सामने आया. पुलिस ने 25 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला कि रजत का संपर्क गोगी गैंग के सदस्यों और अमेरिका में बैठे गैंग हैंडलरों से था. पुलिस के अनुसार, रजत पहले से ही चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में आरोपी रह चुका है और उसका आपराधिक नेटवर्क काफी सक्रिय था.
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की पत्नी सपना जैन ने ही रजत को पूरी साजिश के लिए तैयार किया था. सपना अपने पति की हर गतिविधि, आवाजाही और लोकेशन की जानकारी लगातार रजत तक पहुंचा रही थी. पुलिस के मुताबिक, पहले कारोबारी से 50 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की योजना थी. इसके बाद कारोबारी की मां की हत्या और खुद कारोबारी पर हमला कराने की भी साजिश बनाई गई थी.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कारोबारी और उसकी पत्नी सपना जैन के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. दोनों अलग-अलग रह रहे थे, जबकि कारोबारी के माता-पिता अलग घर में रहते थे. पुलिस का कहना है कि सपना की अपने सास-ससुर, खासकर सास से अनबन थी. हालांकि, परिवार के लोगों का कहना है कि ऐसा कोई बड़ा विवाद नहीं था, जिससे इस तरह की खतरनाक साजिश रचने की नौबत आ जाती.
‘आज तक’ से बातचीत में पीड़ित कारोबारी ने अपनी साली की भूमिका पर भी शक जताया है. कारोबारी का दावा है कि आरोपी रजत कई बार उसके घर आया था और वह अक्सर उसकी साली के साथ आता-जाता था. कारोबारी ने कहा कि उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके परिवार के अंदर ही उसके खिलाफ इतनी बड़ी साजिश रची जा रही है. फिलहाल पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है.
पुलिस ने सपना जैन और रजत के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत और आपत्तिजनक चैट बरामद की हैं. जांच में गोगी गैंग के नेटवर्क और विदेश में बैठे उसके हैंडलरों से जुड़े कई सुराग भी मिले हैं. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे. स्पेशल सेल का कहना है कि पूरे नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच जारी है.
Diabetes Management Tips: भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसके साथ ही सोशल मीडिया पर खान-पान को लेकर कई तरह के भ्रम भी फैल रहे हैं। डायबिटीज फ्रेंडली डाइट को लेकर अक्सर मरीजों के मन में यह सवाल उठता है कि वो दोपहर या रात के भोजन में क्या खाएं? रोटी खाएं या चावल, किसे खाने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है। डाइटिशियन श्वेता जे पंचाल के अनुसार, डेली और खानपान में किए गए साधारण बदलाव करके लंबे समय तक सकारात्मक असर डाल सकते हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यदि परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो लाइफस्टाइल और डाइट में किए गए कुछ आसान बदलाव सेहत पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। घर में किसी सदस्य को डायबिटीज है तो रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने या बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।
खाने के समय में बदलाव से लेकर खाद्य पदार्थों के कॉम्बिनेशन पर ध्यान देने तक एक्सपर्ट ने शुगर कंट्रोल करने के लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़े बदलाव बताए है,जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया फलों पर दालचीनी छिड़कें, यह शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। रात का खाना 7 बजे तक खत्म कर लें, देर से खाना खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। खाने के बाद 10 मिनट टहलें, भले ही घर पर ही क्यों न हो। चावल और रोटी को एक साथ न खाएं, इससे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। हर भोजन की शुरुआत फाइबर से करें, यह शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। आइए एक्सपर्ट की इस सलाह की तसदीक डॉक्टर से करते हैं। क्या सचमुच चावल और रोटी का सेवन सेहत के लिए खतरा है?
चावल और रोटी साथ खाने से ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?
कंसल्टेंट डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने बताया कि यदि ब्लड शुगर को एक बाल्टी माना जाए, तो एक ही भोजन में चावल और रोटी दोनों खाना ऐसा है जैसे एक साथ दो नलों से पानी बाल्टी में डाला जा रहा हो। दोनों ही कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और साथ खाने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि एक समय में केवल एक कार्ब स्रोत चुनें और प्लेट में अधिक मात्रा में सब्जियां या दाल शामिल करें। इससे ब्लड ग्लूकोज को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या छोटे बदलाव बड़े डाइट प्लान जितने प्रभावी हो सकते हैं?
कनिका मल्होत्रा के अनुसार, भोजन के बाद टहलना और दालचीनी का सीमित उपयोग जैसी छोटी आदतों को असरदार बताया गया है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि इन आदतों की मदद से भोजन के बाद ब्लड शुगर में आने वाली तेजी को 15 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। हालांकि, यदि व्यक्ति की मूल खानपान की आदतें असंतुलित बनी रहती हैं तो इन छोटे बदलावों का असर एक सीमा तक ही रहता है। फिर भी नियमित रूप से अपनाए गए छोटे सुधार लंबे समय में ब्लड शुगर कंट्रोल में उतने ही प्रभावी साबित हो सकते हैं जितने बड़े डाइटरी बदलाव।
डायबिटीज में भोजन का समय कितना महत्वपूर्ण है?
कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि जल्दी डिनर करने का फायदा इसलिए होता है क्योंकि इंसुलिन की कार्यक्षमता और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म हमारे शरीर की जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिद्म) से जुड़े होते हैं। देर रात भोजन करने पर रात के समय ब्लड शुगर अधिक बढ़ सकता है और अगली सुबह फास्टिंग शुगर भी ज्यादा रह सकता है। उनके अनुसार, कई लोगों में रात 9 बजे की बजाय शाम 7 बजे डिनर करने से फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज 10 से 15 mg/dL तक कम हो सकता है।
हर व्यक्ति के लिए भोजन का समय अलग हो सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म और दिनचर्या अलग होती है। उदाहरण के लिए, नाइट शिफ्ट में काम करने वाले या देर से उठने वाले लोगों को अपने सोने-जागने के समय के अनुसार भोजन का समय निर्धारित करना पड़ सकता है। केवल घड़ी का समय ही नहीं, बल्कि भोजन का शरीर की डेली रूटीन के साथ तालमेल भी महत्वपूर्ण होता है। कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) से भी यह देखा गया है कि भोजन का समय बदलने से ब्लड शुगर पर असर पड़ता है, भले ही भोजन एक जैसा ही क्यों न हो।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी और सुझाव केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। इसे किसी भी तरह से योग्य डॉक्टर की चिकित्सा सलाह, निदान या डायबिटीज के पेशेवर उपचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हर व्यक्ति के शरीर का मेटाबॉलिज्म और शुगर का स्तर अलग होता है। अपनी डाइट, दवाओं या जीवनशैली में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
बिहार के गया जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया है। यहां बांकेबाजार क्षेत्र में एक मोमोज की दुकान चलाने वाले मोहम्मद रेहान नाम के युवक पर फ्री मोमोज का लालच देकर भोली-भाली युवतियों और नाबालिग लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। शातिर आरोपी यहीं नहीं रुका, उसने लड़कियों को झांसे में लेकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और उन्हें इंटरनेट व सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। अब तक अलग-अलग लड़कियों के ऐसे 10 अश्लील वीडियो सामने आ चुके हैं, जिससे शहर में बवाल मच गया है।
धार्मिक स्थल पर बनाए गंदे वीडियो, विरोध में थाने पर उग्र प्रदर्शन
इस बेहद संवेदनशील मामले का सबसे हैरान और आक्रोशित करने वाला पहलू यह है कि ये सभी आपत्तिजनक वीडियो बांकेबाजार थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बांकेधाम पहाड़ी के एक पवित्र धार्मिक स्थल पर बनाए गए हैं। पिछले 15 दिनों से इन वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों में सुगबुगाहट थी। जब सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, तो पीड़ित परिवारों, स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने बांकेबाजार थाने का घेराव कर जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट समेत दर्जनों संगीन धाराएं
मामले की संवेदनशीलता और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए गया पुलिस ने आरोपी मोमोज संचालक मोहम्मद रेहान के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने रेहान के खिलाफ दुष्कर्म (Rape), पॉक्सो (POCSO) एक्ट, और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट जैसी कई बेहद गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को इंटरनेट से जो 10 वीडियो मिले हैं, उनमें एक ही युवक (मोहम्मद रेहान) अलग-अलग लड़कियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है।
एक नाबालिग पीड़िता बरामद, धर्मांतरण के एंगल पर भी जांच
बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार के मुताबिक, वीडियो के आधार पर पुलिस ने एक नाबालिग पीड़िता की पहचान कर उसे बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने बांकेधाम पहाड़ी स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़ित लड़कियां एक ही समुदाय विशेष से हैं और इसके पीछे धर्मांतरण (Conversion) की भी बड़ी साजिश हो सकती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक धर्मांतरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की सुस्ती से भाग निकला आरोपी, मुंबई में छापेमारी जारी
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस ने 15 दिन पहले ही मामले को गंभीरता से लिया होता, तो आरोपी पकड़ा जाता। पुलिस की ढिलाई के कारण मुख्य आरोपी मोहम्मद रेहान गया छोड़कर मुंबई फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की तकनीकी सेल और स्पेशल टीम उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुंबई और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी का मोबाइल फोन बरामद होने के बाद कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं कि आखिर इन वीडियो को बनाने के पीछे उसका मुख्य मकसद क्या था और इस गंदे खेल में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है।मोमोज का लालच देकर रचता था साजिश, प्यार के नाम पर बनाया शिकार; गया के रेहान की कहानी ने उड़ाए होश