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  • ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    पंजाब के बरनाला में DDR की कॉपी को लेकर एक युवक ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया और थाने में जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने आरोपों से अलग घटनाक्रम बताते हुए कहा कि DDR पहले ही दर्ज की जा चुकी थी।

    बरनाला पुलिस स्टेशन में युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की।

    युवक ने DDR की कॉपी देने के बदले पुलिसकर्मी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।

    पंजाब में हाल के दिनों में आत्महत्या की कोशिश और मौत के 2 मामले सामने आए।

    चंडीगढ़: पंजाब के बरनाला जिले में एक युवक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने के भीतर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक का आरोप है कि उसकी आग से क्षतिग्रस्त कार के मामले में डेली डायरी रिपोर्ट यानी कि DDR की कॉपी देने के लिए एक पुलिसकर्मी उससे पैसे मांग रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना धनोला पुलिस स्टेशन की है। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    17 दिन पहले कार में लगी थी आग

    युवक की पहचान बरनाला जिले के भठलां गांव निवासी जॉबनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जॉबनप्रीत ने कथित रूप से बताया कि करीब 17 दिन पहले उसकी कार में आग लग गई थी। उसने बताया कि कार के नुकसान का बीमा क्लेम लेने के लिए उसे पुलिस से DDR की कॉपी की जरूरत थी। जॉबनप्रीत ने बताया कि इसके लिए वह कई बार पुलिस स्टेशन गया।

    पुलिसकर्मी पर पैसे मांगने का आरोप

    जॉबनप्रीत ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में तैनात एक अधिकारी ने DDR की कॉपी देने के बदले उससे रिश्वत मांगी। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने उस पर ही कार में जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगा दिया। जॉबनप्रीत ने अपनी शिकायत में संगरूर के बलियां गांव में चल रहे जमीन विवाद का भी जिक्र किया। उसने इस मामले में एक पटवारी का नाम लेते हुए उसके खिलाफ भी आरोप लगाए।

    ‘हमने उसी दिन DDR दर्ज कर दी थी’

    वहीं, पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जॉबनप्रीत जमीन विवाद के कारण तनाव और अवसाद में था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जॉबनप्रीत बुधवार को पुलिस स्टेशन आया था। पुलिस ने उसी दिन उसकी क्षतिग्रस्त कार से संबंधित DDR दर्ज कर दी थी और उसे उसकी कॉपी अगले दिन लेने के लिए कहा गया था। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह जॉबनप्रीत DDR की कॉपी लेने धनोला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे SHO’

    पुलिस ने कहा कि जब जॉबनप्रीत थाने पहुंचा उस समय SHO वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे और उन्होंने जॉबनप्रीत को इंतजार करने के लिए कहा। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद जॉबनप्रीत ने पुलिस स्टेशन के अंदर ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। (PTI से इनपुट्स के साथ)

    डिस्क्लेमर: प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) परामर्शदाताओं से परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 डायल करें।

  • चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़। सेक्टर-22 स्थित सरकारी क्वार्टर में हेड कॉन्स्टेबल 42 वर्षीय नितिन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय घर में नितिन की पत्नी मोनिका, जोकि चंडीगढ़ पुलिस में ही तैनात हैं और उनका 19 वर्षीय बेटा अरमान मौजूद थे।

    बार-बार बयान बदलने की वजह से पुलिस ने अरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन वारदात के 6 घंटे बाद भी यह सवाल बना है कि आखिर नितिन को गोली किसने मारी। पुलिस को मौका-ए-वारदात से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है।

    वारदात शुक्रवार सुबह 9 बजे हुई। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सेक्टर-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो नितिन घायल हालत में बेड पर लेटे मिले। उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    शुरुआती पूछताछ में अरमान ने पुलिस को बताया कि किसी व्यक्ति ने उसके पिता को गोली मारी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जब उससे घटना के बारे में दोबारा पूछताछ की तो उसके बयान में विरोधाभास सामने आए।

    पुलिस को उसके बयान पर संदेह हुआ। इसके साथ हत्या के दौरान उसने शोर भी नहीं मचाया। बयानों में विरोधाभास होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश में है कि आखिर किसने पुलिसकर्मी को गोली मारी।

    पुलिस अरमान से लगातार पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, देसी कट्टे और परिवार के सदस्यों के बयानों को मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। नितिन अकाउंट ब्रांच पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर 9 में तैनात थे।

    एक पड़ोसी ने बताया कि नितिन के घर कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह भी घर से झगड़े और शोर की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई।

    एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि पुलिस ने इलाके को घेरकर मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। एक देसी कट्टा मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल बेटे से पूछताछ और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

    बेटे ने थार से दो शिक्षकों को कुचला था

    25 फरवरी की रात कलाग्राम लाइट प्वाॅइंट पर अरमान ने अपनी तेज रफ्तार थार से बाइक सवार दो शिक्षकों को रौंद दिया। शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान 46 वर्षीय गुलशेर अली और 44 वर्षीय अब्दुल सुभान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी थे।

    वारदात के बाद अरमान मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने थार के नंबर के आधार पर बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में वह जेल गया था और फिलहाल जमानत पर था।

  • मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    शंभूपुर गांव में घटना के तीसरे दिन अरविंद सिंह की बड़ी भतीजी नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनसे न्याय चाहिए।

    नीतू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उनके पिता की हत्या के बाद आरोपितों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी उनके परिवार के साथ हुई। नीतू ने कहा कि घटना के बाद परिवार को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।

    उनका आरोप है कि आरोपित पक्ष के लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि उनका परिवार असहाय होकर घर से दूर रहने को मजबूर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले में जवाब मांगने की बात कही।

    पुलिस ने घर कर दिया सील

    नीतू ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर सील कर दिया है, जिससे दादी के कपड़े और जरूरी सामान अंदर ही रह गए हैं। परिवार को जर्जर पुराने मकान में रहने की व्यवस्था पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।

    वहीं इस संबंध में एसएसपी का कहना है कि घटना के बाद परिवार इधर-उधर था। मकान को सील नहीं किया गया है, केवल घटना वाले कमरे को सील किया गया। जल्द ही क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने के बाद उसे भी खोल दिया जाएगा। परिवार के सभी लोग मकान में आ जा सकते है।

    क्या है पूरा मामला

    अहरौला के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद आख‍िरकार पांच मौतों से शांत हो सका। इस वारदात आरोपी ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपित अपने आठ वर्षीय पुत्र शौर्य, नौ वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया।

    सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। देर शाम तक पुलिस आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी। रात दस बजे तक आरोपित घर के बाहर नहीं निकला।

    पुरानी रंजिश की जांच कर रही पुलिस

    इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया। तीन हत्याओं के पीछे परिवार की पुरानी परिस्थितियां भी चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की वर्ष 2018 में गांव के मंदिर में पूजा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान हत्या कर दी गई थी। सुनील सुरक्षा का काम करता था, जबकि अरविंद कोई नियमित काम नहीं करता था।

    नशे का आदी था अरविंद

    लोगों ने बताया कि अरविंद नशे का लत भी था और घटना वाले दिन भी वह नशे में था। लोगों के अनुसार, उसकी नशे की लत छुड़ाने और घर में शांति के लिए ही पांच दिवसीय पूजा का आयोजन कराया जा रहा था। अरविंद के बड़े भाई सुनील की पत्नी ममता दिल्ली में किसी कंपनी में काम करती हैं। उनकी दोनों बेटियां अपनी दादी शमला देवी के साथ शंभूपुर गहजी गांव में रहती थीं।

  • विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच के दौरान बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत मिनोचा पर अपने पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में करीब 40 लाख रुपये के कर्ज और संपत्ति को लेकर आशंका को हत्या की साजिश के पीछे की वजहों में शामिल बताया जा रहा है।

    मामले में शुरुआत में विनीत मिनोचा की बहू शालू को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, पुलिस की मौजूदा जांच में उसके खिलाफ अब तक पुष्ट सबूत सामने नहीं आने की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शालू की भूमिका को लेकर जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और अंतिम निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

    करीब तीन महीने पहले रची गई थी साजिश

    पुलिस जांच के अनुसार, सुब्रत पर आरोप है कि उसने अपने पिता की हत्या की योजना घटना से कई महीने पहले बनाई थी। जांच में सामने आया कि उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और हर महीने बड़ी रकम की किस्त चुकानी पड़ती थी।

    पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को यह भी आशंका थी कि उसके पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। इसी आर्थिक दबाव और संपत्ति को लेकर कथित चिंता के बीच उसने हत्या की साजिश रची।

    कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि सुब्रत ने पिता की हत्या के लिए अपने पुराने कर्मचारी विशाल गौतम से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, विशाल ने पूछताछ में सुब्रत पर हत्या के लिए रकम देने का आरोप लगाया है। इस दावे को पुलिस इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी जांच रही है।

    डुप्लीकेट चाबी से घर में पहुंचने का आरोप

    जांच में सामने आया कि घर की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई थी।

  • साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    महाराष्ट्र के IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में उसका iPhone 17 पुलिस के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. फोन पैटर्न लॉक है और इसका पैटर्न किसी को पता नहीं है. ऐसे में पुलिस अभी फोन का डेटा नहीं निकाल पा रही है.

    पुलिस को उम्मीद है कि अगर फोन खुल गया तो जांच में कई अहम बातें सामने आ सकती हैं. खासकर 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल ने फोन पर क्या सर्च किया था, इसकी जानकारी मिल सकती है. यही वजह है कि क्राइम ब्रांच फोन को जांच की अहम कड़ी मान रही है.

    परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक 47 मिनट में क्या हुआ?

    मामला 18 सितंबर का है. उस दिन परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. CCTV फुटेज में दिखा कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा था. रिकॉर्ड के मुताबिक साहिल करीब 12:38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला. इसके बाद करीब 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा. यानी परीक्षा हॉल से हॉस्टल पहुंचने के बीच करीब 47 मिनट का समय था.

      अब पुलिस इसी 47 मिनट की पूरी कहानी समझने में जुटी है. साहिल इस दौरान कहां था और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. इसके लिए परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के रास्ते में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज देखी जा रही है. पुलिस इन फुटेज के जरिए साहिल की पूरी गतिविधि समझने की कोशिश कर रही है.

       iPhone 17 खुल नहीं रहा, जांच में आई रुकावट

      साहिल का फोन iPhone 17 है और वह पैटर्न लॉक से बंद है. फोन का पैटर्न पुलिस को पता नहीं है. इसके अलावा फोन का डेटा एन्क्रिप्टेड है. पुलिस के पास मौजूद फॉरेंसिक टूल भी इस नए मॉडल का डेटा नहीं निकाल पा रहे हैं. ये टूल पुराने iPhone मॉडल से डेटा निकाल सकते हैं, लेकिन नए मॉडल में दिक्कत आ रही है. अब क्राइम ब्रांच ऐसी दूसरी एजेंसियों से मदद लेने पर विचार कर रही है, जिनके पास एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक है.

       लैपटॉप भी पुलिस ने जब्त किया

      जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है. इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इसके साथ ही परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है. मामले में सबसे पहले पवई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई थी. इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. अब तक 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें छात्र और संस्थान के कर्मचारी शामिल हैं.

      फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच का फोकस साहिल के लॉक iPhone, लैपटॉप और CCTV फुटेज पर है. पुलिस खास तौर पर परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के उन 47 मिनट की पूरी कहानी पता करने में जुटी है.

    • जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      राजस्थान की राजधानी जयपुर में करीब डेढ़ साल से लापता महिला सीमा उर्फ मिंटू चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मिंटू चौधरी की हत्या किसी गैंग या बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके पति और बेटे ने मिलकर की थी। आरोप है कि पारिवारिक विवाद और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते पिता-पुत्र ने उसकी हत्या कर शव को सूखे कुएं में फेंक दिया था।

      करीब डेढ़ साल बाद 23 सितंबर को मुहाना थाना क्षेत्र के बनखड़ी बालाजी चौराहे के पास एक पुराने कुएं से महिला का शव बरामद हुआ। शव काफी खराब हालत में था। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान सीमा उर्फ मिंटू चौधरी के रूप में की।

      घर में हत्या के बाद कुएं में फेंका शव

      पुलिस जांच के अनुसार, 25 मई 2025 की रात मिंटू चौधरी के पति लालाराम और बेटे हरिओम ने कथित तौर पर घर में ही उसकी हत्या कर दी। आरोप है कि पारिवारिक कलह और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते दोनों ने उसका गला घोंट दिया।

      इसके बाद शव को कपड़े में लपेटा गया और मिंटू के ही ऑटो में रखकर करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर ले जाया गया। वहां शव को एक सूखे कुएं में फेंक दिया गया।

      वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। पिता-पुत्र खुद मुहाना थाने पहुंचे और मिंटू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के बीच यह बात फैलाई गई कि मिंटू किसी मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

      पुलिस जांच में खुला हत्या का राज

      मामले की जांच के दौरान पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय थाना पुलिस ने तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर

    • महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      सुबह का वक्त था. सड़क पर रोज की तरह सफाई चल रही थी. एक महिला स्कूटी से जा रही थी. तभी एक कार उसके पास रुकी. कुछ लोग उतरे और महिला को जबरन कार में खींचने लगे. महिला चीखी… चीख सुनकर सड़क साफ कर रही तीन महिलाएं झाड़ू लेकर दौड़ीं और आरोपियों से भिड़ गईं. देहरादून की इस घटना की पूरी कहानी अब सामने आई है.

      देहरादून में सुबह-सुबह एक महिला अपनी बेटी को कॉलेज बस तक छोड़कर स्कूटर से घर लौट रही थी. रास्ते में एक काले रंग की कार उसके पास आकर रुकी. इसके बाद कार सवार कुछ युवकों ने महिला को पकड़कर गाड़ी के अंदर खींचने की कोशिश की. महिला ने शोर मचा दिया. आवाज सुनी तो आसपास के लोग दौड़ पड़े. और इसी बीच सड़क पर सफाई कर रहीं तीन महिला सफाईकर्मी भी वहां पहुंच गईं. उनके हाथ में झाड़ू थी. उन्होंने आव देखा न ताव, झाड़ू उठाई और आरोपियों को पीटना शुरू कर दिया.

      अचानक हुए इस विरोध से आरोपी घबरा गए और मौके से भाग निकले. पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है. मामला देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित नालापानी चौक का है. पुलिस के मुताबिक, 45 साल की महिला अपनी बेटी को कॉलेज की बस तक छोड़ने गई थी. बेटी को बस में बैठाने के बाद वह स्कूटी से अपने घर की तरफ लौट रही थी. महिला नालापानी चौक के पास पहुंची ही थी कि एक काले रंग की कार स्कूटी के पास आकर रुकी. आरोप है कि कार में मौजूद युवकों ने महिला को पकड़ लिया और जबरन कार के अंदर खींचने की कोशिश करने लगे.

      महिला ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया. महिला की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की तरफ भागे. इसी दौरान वहां सड़क की सफाई कर रहीं तीन महिला सफाईकर्मियों ने भी शोर सुना. वे भी झाड़ू लेकर मौके पर पहुंच गईं. पुलिस के मुताबिक, महिला सफाईकर्मियों ने आरोपियों का विरोध किया और झाड़ू से उनकी पिटाई शुरू कर दी. आसपास के लोगों के पहुंचने और सफाईकर्मियों के इस अचानक विरोध के बाद आरोपियों के हौसले पस्त हो गए.

      वे महिला को छोड़कर मौके से भाग निकले. जिस महिला को कुछ लोग जबरन कार में बैठाने की कोशिश कर रहे थे, उसी महिला की मदद के लिए कुछ ही देर में आसपास के लोग और तीन महिला सफाईकर्मी पहुंची थीं. इन सफाईकर्मियों के हाथ में उस वक्त कोई हथियार नहीं था. सिर्फ वही झाड़ू थी, जिससे वे सड़क साफ कर रही थीं.

      कितने लोग थे, अभी साफ नहीं

      पुलिस के मुताबिक, घटना में तीन से चार युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है. हालांकि अभी किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है. पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस कार और उसमें मौजूद लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

      फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने महिला को कार में खींचने की कोशिश क्यों की थी और उनका मकसद क्या था. पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार सुबह हुई. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश की जा रही है.

    • ज्यादा ही नहीं, कम नमक: भी हो सकता है खतरा! डॉक्टर से जानें बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण

      ज्यादा ही नहीं, कम नमक: भी हो सकता है खतरा! डॉक्टर से जानें बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण

      ज्यादा ही नहीं, कम नमक: भी हो सकता है खतरा! डॉक्टर से जानें बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण

      अधिकांश लोग हाई ब्लड प्रेशर के डर से नमक कम खाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर में नमक (सोडियम) का स्तर जरूरत से ज्यादा गिरना भी बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है? डॉक्टरों के मुताबिक मेडिकल भाषा में इसे हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है। जब खून में सोडियम का स्तर कम होता है, तो यह दिमाग और शरीर की कोशिकाओं में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे शरीर के अंग प्रभावित होने लगते हैं। अगर समय रहते इसके संकेतों को न पहचाना जाए, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है

      आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया नमक सोडियम का एक प्रमुख स्रोत है। यह सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं है, बल्कि शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, नसों के सही तरीके से काम करने और मांसपेशियों की गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें अक्सर सोडियम का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह शरीर के लिए जरूरी खनिज है, जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता। शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखने और अतिरिक्त सोडियम को किडनी के जरिए बाहर निकालने की प्राकृतिक व्यवस्था होती है।

      खासकर गर्म मौसम में, ज्यादा पसीना आने, एक्सरसाइज करने या शरीर से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ निकलने पर शरीर को सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत पड़ सकती है। डॉ. सिन्हा के अनुसार, सोडियम शरीर में ब्लड वॉल्यूम बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, नसों के जरिए संकेतों के संचार और मांसपेशियों के सिकुड़ने के लिए जरूरी है।

      डॉ. सिन्हा बताते हैं कि लंबे समय तक सोडियम का सेवन बहुत कम रहने पर अचानक मीठा खाने की इच्छा, ब्लड प्रेशर कम होना और शरीर के तरल पदार्थों को कंट्रोल करने में किडनी की क्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय के साथ इससे शरीर के हार्मोनल सिस्टम पर दबाव पड़ सकता है। इनमें रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन सिस्टम भी शामिल है, जो शरीर में सोडियम को बचाकर रखने में मदद करता है।

      बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण?

      डॉ. सिन्हा के मुताबिक, नमक की मात्रा अचानक और बहुत ज्यादा कम करने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सोडियम नसों तक संकेत पहुंचाने और मांसपेशियों के संकुचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सोडियम का स्तर तेजी से कम होने पर ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जिससे मस्तिष्क तक ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और बॉडी में कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे चक्कर आना, सिर हल्का लगना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

      वयस्कों के लिए रोजाना कितना नमक लेना है जरूरी

      इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार, वयस्कों के लिए रोजाना सोडियम की आदर्श मात्रा लगभग 1,500 से 2,300 मिलीग्राम के बीच हो सकती है। इसकी ज्यादातर मात्रा नमक से मिलती है। हालांकि, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड के अधिक सेवन के कारण लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा सोडियम ले लेते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी हेल्थ प्रोब्लम का जोखिम बढ़ सकता है।

      विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) रोजाना 2,000 मिलीग्राम नमक का सेवन करने की सलाह देता है, जबकि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन बेहतर हार्ट हेल्थ के लिए 1,500 मिलीग्राम तक सोडियम लेने की सलाह देता है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, गंभीर मामलों में लंबे समय तक सोडियम की कमी से हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें खून में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो जाता है। इससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है और भ्रम, कमजोरी, शारीरिक क्षमता में कमी और व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के दौरान प्रदर्शन प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

      बॉडी में नमक का स्तर कम होने पर क्या करना चाहिए?

      डॉ. सिन्हा ने बताया नमक के सेवन पर कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है। लोगों को प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से मिलने वाले अतिरिक्त सोडियम पर कंट्रोल करना चाहिए, इन फूड्स से बॉडी में जरुरत से ज्यादा सोडियम पहुंचता है। डॉक्टर ने बताया घर के बने नॉर्मल खाने से मिलने वाले नेचुरल सोडियम को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत नहीं है। डॉ. सिन्हा ने बताया शरीर को सोडियम की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लगातार थकान, चक्कर आना या मांसपेशियों में ऐंठन जैसे संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही नमक का सेवन कितनी मात्रा में करना है ये तय करना चाहिए।

      डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार किया गया है। सोडियम या नमक का सेवन व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय संबंधी समस्या होने पर नमक की मात्रा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

    • दिमाग को शांत कर: सकते हैं ये 4 योगासन, रोज करें तो ब्रेन को मिलेगी ऑक्सीजन, योग गुरु से जानिए कैसे

      दिमाग को शांत कर: सकते हैं ये 4 योगासन, रोज करें तो ब्रेन को मिलेगी ऑक्सीजन, योग गुरु से जानिए कैसे

      दिमाग को शांत कर: सकते हैं ये 4 योगासन, रोज करें तो ब्रेन को मिलेगी ऑक्सीजन, योग गुरु से जानिए कैसे

      भागदौड़ भरी जिंदगी, लगातार काम का दबाव और अनियंत्रित दिनचर्या के कारण मानसिक तनाव व मानसिक थकान होना बेहद आम बात हो गई है। जब दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और रक्त संचार (Blood Circulation) नहीं मिलता, तो एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार कुछ विशेष योगासनों का नियमित अभ्यास मस्तिष्क में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाने और नर्वस सिस्टम को शांत करने में बहुत मददगार साबित हो सकता है।

      योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया अगर आप हर दिन सुबह उठकर कुछ योगासन कर लें तो आप अपने दिमाग को रिलैक्स और तनाव मुक्त कर सकते हैं। कुछ योगासन ब्रेन की बेहतरीन एक्सरसाइज हैं। अगर आप भी दिनभर की मानसिक थकावट से राहत पाना चाहते हैं, तो योग गुरु से जानिए वे 4 प्रमुख योगासन जो आपके दिमाग को शांत रखकर उसमें नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।

      भस्त्रिका प्राणायाम करें

      योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया भस्त्रिका में तेज और गहरी सांस लेने-छोड़ने की प्रक्रिया होती है। इसमें सांस पर लगातार ध्यान देना पड़ता है, इसलिए मन को इधर-उधर भटकने से रोकने में मदद मिल सकती है। नियमित और सही तरीके से रोज अभ्यास करने पर इंसान ज्यादा एनर्जेटिक और एक्टिव महसूस करता है। इसे करने के लिए तेज सांस लेने और छोड़ने की तकनीक का इस्तेमाल होता है जिससे कुछ लोगों में उत्तेजना या चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए शुरुआत में ये प्राणायाम कम ही करें और गति धीरे-धीरे ही बढ़ाएं।

      कपालभाति करें

      कपालभाति में पेट की मांसपेशियों की मदद से सांस को जोर से बाहर छोड़ा जाता है, जबकि सांस अंदर सामान्य रूप से आती है। इस दौरान व्यक्ति को सांस की गति और शरीर की गतिविधि पर ध्यान देना होता है, जिससे एकाग्रता बढ़ाने और मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कपालभाति भी तेज श्वसन वाला अभ्यास है, इसलिए इसे बहुत तेज या लंबे समय तक करने से बचना चाहिए। तेज तेज करने से चक्कर या असहजता महसूस हो सकती है। इस योगासन को आराम से और सही तकनीक के साथ करना चाहिए।

      अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें

      अनुलोम-विलोम एक ऐसा प्राणायाम है जिसमें बारी-बारी से एक-एक नाक से सांस लेना और दूसरी से छोड़ना शामिल होता है। इसे करने के लिए रीढ़ सीधी रखी जाती है और कंधे रिलैक्स रखे जाते हैं। इसे करने के लिए एक नासिका से सांस लेकर दूसरी से सांस छोड़ी जाती है और फिर प्रक्रिया को उल्टा किया जाता है। इसकी धीमी और नियंत्रित गति व्यक्ति का ध्यान सांस पर केंद्रित करती है। धीमी सांस लेने से शरीर के रिलैक्सेशन रिस्पॉन्स को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे तनाव के समय दिल की धड़कन और सांस की गति को सामान्य करने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि इसे तनाव और मानसिक बेचैनी के समय किया जाने वाला सरल श्वसन अभ्यास माना जाता है।

      चंद्रभेदन प्राणायाम करें

      चंद्रभेदन प्राणायाम है भी एक ऐसा प्राणायाम है जिसमें आमतौर पर सांस बाईं नासिका से लेकर दाईं नासिका से सांस छोड़ी जाती है। योग परंपरा में बाईं नासिका को शांत और शीतल प्रभाव से जोड़ा जाता है। इस अभ्यास में सांस धीमी और कंट्रोल रहती है, जिससे व्यक्ति अपना ध्यान सांसों पर लगाता है और कुछ समय के लिए तनाव पैदा करने वाले विचारों से दूरी बना सकता है। योग गुरु ने बताया आप रोजाना इसे करें तो दिमाग रिलैक्स और मन शांत महसूस करेगा।

      ये प्राणायाम मन को शांत करने में कैसे मदद कर सकता हैं?

      इन सभी अभ्यासों में दिमाग को रिलैक्स और मन को शांत करने के लिए सांस से जुड़ी एक्सरसाइज करने पर ज़ोर दिया गया है। जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो सांस तेज और उथली हो सकती है। इसके विपरीत, धीमी और नियंत्रित सांस लेने से शरीर को आराम की स्थिति में जाने में मदद मिलती है।

      डिस्कलेमर : यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और योग जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। अगर आपको गर्दन, रीढ़ की हड्डी, उच्च ब्लड प्रेशर या कोई दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम है तो इन योगासनों का अभ्यास करने से पहले किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लें।

    • कब्ज से राहत पाने: के लिए लैक्सेटिव पर न रहें निर्भर, डाइट से लेकर योग तक ये 7 आदतें बना सकती हैं पेट की सेहत बेहतर.

      कब्ज से राहत पाने: के लिए लैक्सेटिव पर न रहें निर्भर, डाइट से लेकर योग तक ये 7 आदतें बना सकती हैं पेट की सेहत बेहतर.

      कब्ज से राहत पाने: के लिए लैक्सेटिव पर न रहें निर्भर, डाइट से लेकर योग तक ये 7 आदतें बना सकती हैं पेट की सेहत बेहतर.

      क्या आप भी कब्ज से परेशान रहते हैं और पेट साफ करने के लिए और कब्ज (Constipation) से तुरंत राहत पाने के लिए हर सुबह लैक्सेटिव या गोलियों का सहारा लेते हैं? गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट के मुताबिक लंबे समय तक इन दवाइयों पर निर्भर रहना आपकी आंतों की कार्यप्रणाली को कमजोर बना सकता है। पाचन तंत्र को स्वस्थ और पेट को नेचुरल तरीके से साफ करने के लिए दवाइयों से ज्यादा आपकी डाइट और लाइफस्टाइल मायने रखता है। डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित योग जैसे छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव न केवल कब्ज की समस्या को जड़ से दूर कर सकते हैं, बल्कि आपकी आंतों की सेहत (Gut Health) को भी मजबूत बनाते हैं।

      भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक कब्ज आजकल एक आम समस्या बन गई है। कई लोग सुबह पेट साफ न होने पर तुरंत हर्बल चाय, अरंडी का तेल या दूसरी लैक्सेटिव दवाओं का सहारा लेने लगते हैं जिसके सेहत पर साइड इफेक्ट होते हैं। एक्सपर्ट ने बताया कब्ज से राहत पाने के लिए सबसे पहले रोज की दिनचर्या, खानपान, पानी और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ लोगों में नियमित रूप से फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त पानी और हल्की एक्सरसाइज करने से मल त्याग को नियमित रखने में मदद मिल सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी 5 आदतें है जो कब्ज का इलाज कर सकती है और पाचन को दुरुस्त कर सकती हैं।

      सुबह की शुरुआत करें पानी से

      हंसा जी योगेंद्र ने बताया अगर आप कब्ज से परेशान रहते हैं तो आप सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। रात भर सोने के बाद सुबह पानी का सेवन बॉडी को हाइड्रेट करता है और पाचन को दुरुस्त करता है। पानी पीने के बाद आप हल्की पेट की एक्सरसाइज या मूवमेंट कर सकते हैं। सुबह शौचालय जाने के लिए नियमित समय तय करना भी कब्ज से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। अगर तुरंत मल त्याग न हो तो ज्यादा जोर न लगाएं। शरीर को धीरे-धीरे नियमित रूटीन की आदत डालने की कोशिश करें।

      खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

      कब्ज से बचाव के लिए डाइट में पर्याप्त फाइबर लेना बेहद जरूरी है। रोज करीब 25-30 ग्राम फाइबर का सेवन करें। हालांकि फाइबर का सेवन व्यक्ति की उम्र, लिंग और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है। फाइबर के लिए आप खाने में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और फलों का सेवन करें। नाश्ते में वेजिटेबल ओट्स या दलिया, वेजिटेबल पोहा, इडली-सांभर या सब्जियों से बना बेसन या मूंग दाल के चीला का सेवन करें। मूंग, मसूर, चना, राजमा और हरी मटर जैसी दालें और फलियां भी फाइबर के स्रोत हैं। इसके अलावा गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस और मिलेट्स को डाइट में शामिल करें कब्ज से बचाव में मददगार साबित होंगे।

      कब्ज से परेशान हैं तो रोज एक फल खाएं

      अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो रोजाना एक फल का सेवन करें। फलों में आप पपीता, अमरूद, नाशपाती, अंजीर, कीवी और प्रून जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। साथ ही थोड़ी मात्रा में नट्स, बीज और सूखे मेवे भी डाइट में शामिल करें।

      मुनक्का और अंजीर का करें सेवन

      अगर आप कब्ज से परेशान रहते हैं तो रोज मुनक्का और अंजीर का सेवन सुबह खाली पेट करें। रात भर भिगोए हुए 8-10 काली किशमिश या मुनक्का सुबह खाएं। दो सूखे अंजीर सुबह खाने से फायदा होता है। ध्यान रखें कि फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का भी सेवन करें। फाइबर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है, इसलिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर है।

      त्रिफला और इसबगोल का करें सेवन

      कब्ज से राहत पाना चाहते हैं तो आप त्रिफला और इसबगोल का सेवन करें। त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवला से तैयार किया जाता है और आयुर्वेद में इसे पाचन तथा मल त्याग को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुछ दिनों तक त्रिफला या इसबगोल खाने से आपको कब्ज से राहत मिल सकती है। इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है। यह पानी को सोखकर मल को नरम और भारी बनाने में मदद कर सकता है। इसका सेवन पर्याप्त पानी के साथ करना जरूरी है।

      अरंडी के तेल का करें सेवन

      कब्ज को दूर करने के लिए आप अरंडी के तेल का सेवन करें। अरंडी का तेल यानी Castor oil दूसरे उपायों से अलग है। यह एक stimulant laxative है और मल त्याग करा सकता है, लेकिन इससे पेट में ऐंठन, मितली या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है इसलिए रोजाना इसका सेवन नहीं करें।

      कब्ज में मदद कर सकते हैं ये योगासन

      पाचन और पेट की गतिविधियों को सपोर्ट करने के लिए कुछ हल्के योग अभ्यास भी आपकी मदद कर सकते हैं। योगा एक्सपर्ट ने बताया आप कब्ज को दूर करने के लिए रोजाना मार्जरी आसन-बितिलासन (Cat-Cow Pose), पवनमुक्तासन, हल्का स्पाइनल ट्विस्ट, पेट से गहरी सांस लेने का अभ्यास, शवासन और निस्पंद भाव करने से आपको राहत मिल सकती है। इन अभ्यासों को अपनी क्षमता के अनुसार आराम से करना चाहिए और किसी भी आसन में दर्द या असहजता होने पर उसे रोक देना चाहिए। भोजन के बाद हल्की वॉक करना भी रोज की शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।

      बार-बार कब्ज हो तो वजह समझना जरूरी

      अगर अच्छी डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि के बावजूद कब्ज बार-बार हो रही है तो केवल घरेलू नुस्खे बदलते रहने के बजाय आप कब्ज के कारण का पता लगाएं। कुछ दवाएं, शरीर में पानी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी कब्ज में योगदान दे सकती हैं। तनाव और चिंता भी कुछ लोगों में पाचन संबंधी समस्याओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए पर्याप्त आराम, नियमित नींद, हल्की एक्सरसाइज और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को अपनी डेली लाइफ में शामिल करें आपको फायदा होगा।

      डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। कब्ज लंबे समय तक रहने, बार-बार होने या गंभीर लक्षणों के साथ होने पर डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी आयुर्वेदिक उपाय, सप्लीमेंट या लैक्सेटिव का नियमित इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।