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  • छेड़खानी रोकने गया युवक बना निशाना, पुलिस वाहन से घसीटकर हत्या का आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित…

    छेड़खानी रोकने गया युवक बना निशाना, पुलिस वाहन से घसीटकर हत्या का आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित…

    छेड़खानी रोकने गया युवक बना निशाना, पुलिस वाहन से घसीटकर हत्या का आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित…

    झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करना एक युवक को बहुत भारी पड़ गया, जिसका खामियाजा उसे अपनी जान देकर चुकाना पड़ा. बिष्टुपुर इलाके के एक बार में हुए विवाद के बाद बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी से दो युवकों को खींचकर उन पर हमला कर दिया. इस हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

    पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में मौजूद एक बार में कथित तौर पर महिलाओं से छेड़खानी की घटना हुई. हिमांशु सिंह और उनके एक साथी ने उसका विरोध किया. विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद बढ़ गया. मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने वाहन में बैठा लिया.

    आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों ने दोनों युवकों को पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी से बाहर खींच लिया. इसके बाद आरोपियों ने दोनों पर चाकुओं से हमला कर दिया. हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनका साथी भी बुरी तरह जख्मी हो गया. हमले के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

    पुलिस के अनुसार, घायल हिमांशु सिंह का इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया. वहीं, दूसरे घायल युवक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल में जारी है. हिमांशु की मौत की खबर सामने आते ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.

    इस मामले में पुलिस ने बार मालिक सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

    पुलिस विभाग की ओर से कराई गई जांच में पेट्रोलिंग टीम की लापरवाही की पुष्टि हुई है. डिप्टी एसपी द्वारा की गई जांच और सीसीटीवी फुटेज देखने पर कई गंभीर चूक सामने आईं हैं. इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

    हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग बिष्टुपुर गोलचक्कर पर जमा हो गए और बड़े पैमाने पर सड़क जाम कर दी. प्रदर्शनकारियों ने छह घंटे से अधिक समय तक शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक को बंद रखा. लोगों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.

    विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी ललित मीणा की गाड़ी पर भी हमला किया, जिससे वाहन का एक शीशा टूट गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिष्टुपुर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

    जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन से युवकों को खींचकर हमला किया जाना कानून व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को दर्शाता है.

    वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर अपराधी पुलिस वाहन से लोगों को निकालकर हमला कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

  • शादी का जश्न पलभर में मातम में बदला, स्टेज पर पहुंची पुलिस और गिरफ्तार हुई कथित ‘लुटेरी दुल्हन’..

    शादी का जश्न पलभर में मातम में बदला, स्टेज पर पहुंची पुलिस और गिरफ्तार हुई कथित ‘लुटेरी दुल्हन’..

    शादी का जश्न पलभर में मातम में बदला, स्टेज पर पहुंची पुलिस और गिरफ्तार हुई कथित ‘लुटेरी दुल्हन’..

    गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके से एक ऐसी फिल्मी और सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। यहां शादी रचाने आए राजस्थान के एक सीधे-साधे परिवार को लुटेरी दुल्हन गैंग ने अपने जाल में ऐसा फंसाया कि शादी की खुशियां पल भर में ही खौफ और बदनामी के डर में बदल गईं। गिरोह ने पहले तो बड़े ही शातिराना अंदाज में शादी का पूरा ड्रामा रचाया, लेकिन जैसे ही स्टेज पर जयमाल (वरमाला) की रस्म पूरी हुई, अचानक नकली पुलिस बनकर पहुंचे बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक जैसा बनाकर लाखों रुपये लूट लिए।

    हरियाणा के बिचौलिए ने बुना जाल, राजस्थान से गोरखपुर पहुंचा परिवार
    कलयुगी ठगी की यह हैरान कर देने वाली दास्तान राजस्थान के कोटा से शुरू होती है। कोटा के रहने वाले मुकेश मीणा अपने भाई ब्रह्ममोहन मीणा की शादी के लिए काफी समय से एक अच्छी लड़की की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क हरियाणा के रहने वाले राजू शर्मा नाम के एक कथित बिचौलिए से हुआ। राजू ने मुकेश को जाल में फंसाने के लिए गोरखपुर की रहने वाली तीन लड़कियों की खूबसूरत तस्वीरें भेजीं। फोटो पसंद आने के बाद शादी की बात पक्की हुई और लड़की वालों के बुलावे पर भरोसा करके पूरा मीणा परिवार शादी रचाने के लिए गोरखपुर पहुंच गया।

    वरमाला डलते ही सिंघम स्टाइल में नकली दरोगा की एंट्री
    पीड़ित परिवार जैसे ही तय जगह पर पहुंचा, इस शातिर गैंग का मास्टरमाइंड अंकुर सिंह पूरी तरह एक्टिव हो गया। उसने साजिश के तहत एक स्थानीय महिला को लड़की की नकली मौसी बनाकर पेश किया ताकि किसी को शक न हो। शहनाइयों की गूंज के बीच दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर आए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। अभी दूल्हे के परिवार वाले राहत की सांस ले ही रहे थे कि अचानक वहां ‘पुलिस की रेड’ पड़ गई। सब दंग रह गए जब गिरोह का सरगना अंकुर सिंह खुद सब-इंस्पेक्टर (SI) की वर्दी पहनकर दरोगा के रूप में धमक पड़ा। उसके साथ तीन अन्य साथी भी सिपाही और होमगार्ड की वर्दी में मुस्तैद थे।

    जेल भेजने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देकर की वसूली
    इन नकली पुलिसवालों ने आते ही शादी को पूरी तरह अवैध और लड़की को नाबालिग बताते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया। नकली दरोगा ने रौब झाड़ते हुए दूल्हे और उसके भाई को तुरंत हवालात में डालने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। अजनबी शहर, कानूनी पचड़े और समाज में थू-थू होने के डर से राजस्थान से आया परिवार बुरी तरह सहम गया और हाथ-पैर जोड़ने लगा। बदमाशों ने इसी डर का पूरा फायदा उठाया और मामले को मौके पर ही रफा-दफा करने के एवज में लाखों रुपये की मोटी रकम वसूली। इसके बाद वे दुल्हन को भी अपने साथ ‘कस्टडी’ में लेने का नाटक कर रफूचक्कर हो गए।

    राजस्थान से गोरखपुर तक एक्शन: दुल्हन समेत 8 शातिर गिरफ्तार
    बदमाशों के जाने के बाद जब पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने पैरों तले जमीन खिसकने के बाद राजस्थान लौटकर तुरंत जीरो FIR दर्ज कराई। चूंकि घटनास्थल गोरखपुर का था, इसलिए केस डायरी चिलुआताल पुलिस स्टेशन ट्रांसफर की गई। गोरखपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जाल बिछाया और गैंग के सरगना अंकुर सिंह उर्फ नकली दरोगा सहित कुल 8 शातिर अपराधियों को दबोच लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार होने वालों में वह दुल्हन (नीलम) भी शामिल है, जिसने कुछ घंटों पहले स्टेज पर बड़े प्यार से वरमाला डाली थी।

    पुलिस की सख्त चेतावनी: अनजान बिचौलियों से रहें सावधान
    चिलुआताल पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह है, जो दूसरे राज्यों (जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा) के अमीर या जरूरतमंद लड़कों को शादी का झांसा देकर यूपी बुलाता है और फिर फर्जी पुलिसिया रेड का नाटक कर लाखों रुपये वसूलता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया या अनजान बिचौलियों के जरिए शादी तय करने से पहले लड़की और उसके परिवार के बैकग्राउंड की पूरी जांच-पड़ताल ज़रूर कर लें, ताकि कोई और इसका शिकार न बने।

  • पुलिस के जाते ही पति बना हैवान, रसोई में पानी पी रही पत्नी को जिंदा जलाने का आरोप…

    पुलिस के जाते ही पति बना हैवान, रसोई में पानी पी रही पत्नी को जिंदा जलाने का आरोप…

    पुलिस के जाते ही पति बना हैवान, रसोई में पानी पी रही पत्नी को जिंदा जलाने का आरोप…

    पलवल :  शहर की कालड़ा कॉलोनी में घरेलू विवाद ने देर रात हिंसक रूप ले लिया। घर खर्च को लेकर हुए विवाद के बाद कथित रूप से पति ने अपनी पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। मां को बचाने के प्रयास में उनका 19 वर्षीय बेटा भी झुलस गया। गंभीर रूप से घायल महिला का उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ मंगलवार काे हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    शहर थाना प्रभारी अमित कुमार ने मंगलवार को बताया कि 42 वर्षीय ममता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उसका पति अनिल होटल का संचालन करता है। दोनों के बीच लंबे समय से घर खर्च को लेकर विवाद चलता आ रहा था। पीड़िता के अनुसार, घटना वाली रात अनिल शराब के नशे में घर लौटा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर अनिल ने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया।

    ममता ने बताया कि देर रात जब वह रसोई में पानी पीने गई, तभी पीछे से आए पति ने उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरते ही उसने शोर मचाया। उसकी चीख सुनकर 19 वर्षीय बेटा अंश मौके पर पहुंचा और मां को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उसके हाथ भी झुलस गए। परिजनों की सहायता से गंभीर रूप से झुलसी ममता को तत्काल जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है। हथीन गेट चौकी प्रभारी शेर सिंह ने मंगलवार को बताया कि पीड़िता ने अस्पताल में अपने बेटे की मौजूदगी में बयान दर्ज कराए हैं। बयान के आधार पर आरोपी पति अनिल के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है।

  • केतन अग्रवाल मर्डर केस: बाली रवाना होने से पहले कार में हुई थी ये अहम घटना, ड्राइवर का बड़ा खुलासा..

    केतन अग्रवाल मर्डर केस: बाली रवाना होने से पहले कार में हुई थी ये अहम घटना, ड्राइवर का बड़ा खुलासा..

    केतन अग्रवाल मर्डर केस: बाली रवाना होने से पहले कार में हुई थी ये अहम घटना, ड्राइवर का बड़ा खुलासा..

     केतन अग्रवाल हत्याकांड में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब सिया और केतन को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने वाले ड्राइवर ने पहली बार कैमरे पर अपनी बात रखी. उसने बताया कि बाली रवाना होने के दौरान कार में क्या-क्या हुआ था. जानिए पूरी बात.

    सिया केतन केस

    पुणे निवासी केतन अग्रवाल हत्याकांड केस में कैब ड्राइवर में बड़ा खुलासा किया है. जब सिया और केतन प्री वेडिंग शूट के लिए बाली जा रहे थे, तो उस दौरान एयरपोर्ट छोड़ने के लिए जो कैब ड्राइवर गया था, उसने पूरा सच बताया है. उसने बताया कि बाली रवाना होने के दौरान कार में क्या हुआ था और पूरे सफर के बारे में जानकारी साझा की. ड्राइवर वैभव जाधव के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जा रहे थे. इसके लिए उन्होंने पुणे से मुंबई एयरपोर्ट तक जाने के लिए कार बुक की थी.

    रिपोर्टर: दादा, क्या बताएंगे? आप केतन और सिया को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे. उस दौरान क्या हुआ? आपने उन्हें कहां से पिकअप किया था? एयरपोर्ट तक पहुंचने से पहले क्या-क्या हुआ?

    ड्राइवर (वैभव): मैडम, मैंने उन्हें बिबवेवाड़ी से पिकअप किया था. मुझे नीलकंठ ट्रैवल्स से बुकिंग मिली थी. जब मैं वहां पहुंचा, तो सिया गाड़ी में नहीं बैठ रही थी. उसके भाई ने उसे पकड़कर जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया. उसके बैठते ही मैंने गाड़ी स्टार्ट कर दी. सिया के माता-पिता ने मुझसे कहा कि आराम से जाना, इसलिए मैं आराम से गाड़ी चला रहा था.

    जब हम औंध पहुंचे, तो उन्होंने गाड़ी रुकवाई. वहां भाई ने कहा, “भैया, गाने लगा दो.” मैंने गाने लगा दिए. वह, जो पहले पीछे बैठा था, आगे आकर बैठ गया. इसके बाद हम लोनावला पहुंचे.

    लोनावला पहुंचने पर उन्होंने कहा, “आप नीचे रुको, हम ऊपर से 10-15 मिनट में आते हैं.” वे करीब 15 मिनट के लिए ऊपर गए. फिर छह लोग नीचे आए, जिनमें से चार लोग गाड़ी में बैठ गए. उनके बैठने के बाद मैं वहां से निकल गया.

    इसके बाद हम फूड मॉल पहुंचे. वहां मैं करीब 10 मिनट तक गाड़ी में ही बैठा रहा और बाकी सभी चाय पीने चले गए. तभी एक लड़की मेरे पास आई और बोली, “भैया, गाड़ी लॉक कर दो.” मैंने गाड़ी लॉक कर दी. इसके बाद उसने अपने पर्स से कुछ सामान निकाला. मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह कुछ अपनी जेब में रख रही थी. फिर मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. करीब आधे घंटे बाद सभी वापस आए और गाड़ी में बैठकर मुंबई एयरपोर्ट के लिए निकल गए.

    मुंबई एयरपोर्ट पहुंचकर मैंने उन्हें ड्रॉप कर दिया। वहां से करीब 200 मीटर आगे बढ़ा ही था कि उनका फोन आया. उन्होंने कहा, “भैया, मेरा बैग गाड़ी में रह गया है.” मैंने कहा, “मैं 200 मीटर पीछे रिवर्स लेकर आता हूं.” मैं वापस गया और उन्हें उनका बैग दे दिया.

    इसके बाद मैं करीब 500 मीटर आगे बढ़ा तो फिर उनका फोन आया. इस बार उन्होंने कहा, “भैया, मेरा पासपोर्ट गाड़ी में रह गया है, चेक करो.” उन्होंने मुझे वीडियो कॉल किया. मैंने पूरी गाड़ी दिखा दी. फिर उन्होंने कहा, “एयरपोर्ट पर आकर अंदर दिखाओ.” मैं पार्किंग में गया। वहां दो लड़के आए. उन्होंने मोबाइल की बैटरी आदि लगाकर पासपोर्ट और सामान चेक किया, लेकिन गाड़ी में कुछ नहीं मिला. इसके बाद मैं वहां से निकल गया और मेरे मालिक ने मुझे दूसरा भाड़ा दे दिया.

    रिपोर्टर: जब आप उन्हें मुंबई एयरपोर्ट लेकर जा रहे थे, तब गाड़ी का माहौल कैसा था? क्या कोई विवाद हुआ था?

    ड्राइवर (वैभव): नहीं, बिबवेवाड़ी से लोनावला तक भाई-बहन के बीच थोड़ा विवाद चल रहा था. उसके बाद सब सामान्य हो गया. वे गाने सुनते हुए, हंसते-खेलते मुंबई तक गए.

    रिपोर्टर: जब आप फूड मॉल पर रुके थे, क्या उस समय आपको लगा कि बैग से कुछ निकाला गया है?

    ड्राइवर (वैभव): नहीं मैडम, हम ग्राहकों की निजी बातों पर ध्यान नहीं देते.

    रिपोर्टर: लेकिन आपने देखा था कि सिया अपने बैग से कुछ निकाल रही थी?

    ड्राइवर (वैभव): हां, मैंने देखा था कि वह पर्स से कुछ निकाल रही थी. जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो उसने मेरी तरफ देखा. उसके बाद मैंने ध्यान नहीं दिया. उसने वह चीज अपनी जेब में रखी और अंदर चली गई. फिर 15-20 मिनट या करीब आधे घंटे बाद वे वापस आए और हम एयरपोर्ट के लिए निकल गए.

  • होमस्टे में युवती की मौत का रहस्य, आरोपी संजीथ अली पर गंभीर आरोपों के बाद जांच तेज..

    होमस्टे में युवती की मौत का रहस्य, आरोपी संजीथ अली पर गंभीर आरोपों के बाद जांच तेज..

    होमस्टे में युवती की मौत का रहस्य, आरोपी संजीथ अली पर गंभीर आरोपों के बाद जांच तेज..

    कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर से सामने आए लव जिहाद के इस मामले में एक युवती को अपनी जान गवानी पड़ी है. आया है.

    Love Jihad: कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले में एक होमस्टे से युवती का शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई है. मृतका की पहचान साई सुरभि के रूप में हुई है. पुलिस का शुरुआती शक है कि सुरभि की हत्या उसके बॉयफ्रेंड मोहम्मद संजीथ अली ने की और इसके बाद उसने खुदकुशी की कोशिश की. फिलहाल आरोपी को इलाज के लिए चिक्काबल्लापुर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मामले की जांच जारी है.

    पुलिस के मुताबिक, साई सुरभि मूल रूप से कर्नाटक के येडियूर की रहने वाली थीं और ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती थीं. बताया जा रहा है कि उनकी मुलाकात केरल के रहने वाले मोहम्मद संजीथ अली से कैब बुकिंग के दौरान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई. और जल्‍द ही यह दोस्‍ती प्‍यार में बदल गई. कुछ समय बाद, वे दोनों बेंगलुरु के कुमारस्वामी लेआउट इलाके में एक साथ रहने लगे.

    उसने हमारी बेटी को शराब और ड्रग्‍स की लत लगा दी…
    सुरभि के परिवार ने आरोप लगाया है कि संजीथ अली ने उनकी बेटी को शराब और ड्रग्स की लत लगाई. परिवार का दावा है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है. आरोप है कि एक पार्टी के दौरान उसके पास से ड्रग्स बरामद हुई थी. परिवार के मुताबिक, जब सुरभि की मां ने इस रिश्ते का विरोध किया और पुलिस से शिकायत की, तब सुरभि ने पुलिस के सामने कहा था कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी कर सकती हैं. इसके बाद भी वह संजीथ अली के साथ ही रहती रहीं.

    मां का आरोप- सुरभि के साथ कई बार की गई मारपीट
    सुरभि की मां का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ कई बार मारपीट की गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि सुरभि को गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाई गई थीं. बाद में उन्हें मैसूर के एक रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां करीब छह महीने तक उनका इलाज चला. इलाज पूरा होने के बाद वह अपनी मां के साथ रहने लगी थीं. परिवार का कहना है कि बाद में सुरभि फिर किसी तरह संजीथ अली के संपर्क में आ गईं. सुरभि की मां गीता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले ही कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी.

    मां ने आरोपी को बताया शादीशुदा, कहा- हुआ लव जेहाद
    गीता का दावा है कि संजीथ अली ने चिक्काबल्लापुर के होमस्टे में सुरभि की हत्या की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के खिलाफ केरल में भी कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं. गीता ने संजीथ अली को ड्रग एडिक्ट और ड्रग पैडलर बताते हुए आरोप लगाया है. उनके अनुसार, उसने उनकी बेटी को ड्रग्स और जहर दिया. उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है. सुरभि की मां ने इस पूरे मामले को ‘लव जिहाद’ से जुड़ा बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है.

  • 4 साल की मासूम से हैवानियत की हदें कर दीं पार, जौनपुर में इंसान‍ियत शर्मसार…

    4 साल की मासूम से हैवानियत की हदें कर दीं पार, जौनपुर में इंसान‍ियत शर्मसार…

    4 साल की मासूम से हैवानियत की हदें कर दीं पार, जौनपुर में इंसान‍ियत शर्मसार…

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक दरिंदे ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं, रविवार की रात शादी में आई एक 4 साल की बालिका से दुष्कर्म के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया. सुबह बालिका का शव घर से कुछ दूर नदी किनारे सरपत की झाड़ियों में मिला. सुबह किसी की नज़र पड़ी तो शोर मचा, परिजन वहां भाग कर पहुंचे तो बच्ची का शव देख चीखने लगे

  • हेल्दी समझकर न करें ये गलती! ये 5 फूड्स बन सकते हैं दिल की बीमारी की वजह..

    हेल्दी समझकर न करें ये गलती! ये 5 फूड्स बन सकते हैं दिल की बीमारी की वजह..

    हेल्दी समझकर न करें ये गलती! ये 5 फूड्स बन सकते हैं दिल की बीमारी की वजह..

    क्या आप भी अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ फूड्स को ‘हेल्थ फ्रेंडली’ या सेहतमंद मानकर शामिल कर रहे हैं तो तुरंत अपनी आदत बदल लें। आधुनिक लाइफस्टाइल और आकर्षक पैकेजिंग के दौर में जिन चीजों को हम दिल के लिए फायदेमंद समझते हैं, उनमें से कई चीजें असल में हमारी कार्डियोवैस्कुलर सेहत यानी हार्ट हेल्थ को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रही होती हैं। बिना डॉक्टरी सलाह और सही वैज्ञानिक समझ के इन फूड्स का लगातार सेवन नसों के ब्लॉक होने, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने या सीधे तौर पर दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है।

    मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट, एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक एवं निदेशक Dr. Bimal Chhajer के अनुसार, दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल पौष्टिक चीजें खाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना भी जरूरी है जो हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कई बार लोग कुछ फूड्स को हेल्दी समझकर नियमित रूप से खाते हैं, जबकि वे धीरे-धीरे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में कुछ खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट से कम या पूरी तरह बाहर करना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि किन फूड्स से परहेज करके आप अपने दिल को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं।

    अखरोट का सेवन सीमित करें

    डॉ. बिमल झाजर के अनुसार, अखरोट में फैट की मात्रा काफी अधिक होती है। हालांकि इसे आमतौर पर पौष्टिक माना जाता है, लेकिन दिल के रोगियों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। किसी भी ड्राई फ्रूट का अत्यधिक सेवन कैलोरी और फैट बढ़ा सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही सेवन करना बेहतर है।

    American Journal of Clinical Nutrition और Circulation की रिसर्च के अनुसार, जब कोई हार्ट का मरीज मुट्ठी भर-भर कर मेवे खाता है, तो शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी लिवर में जाकर ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) में बदल जाती है। ट्राइग्लिसराइड्स खून में मौजूद एक प्रकार का फैट है। रिसर्च साबित करती है कि खून में ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा हुआ स्तर सीधे तौर पर धमनियों की दीवारों को मोटा और सख्त बनाता है, जिसे चिकित्सा विज्ञान में एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक की वजह बनती है।

    बादाम ज्यादा न खाएं

    बादाम प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसमें फैट और कैलोरी भी मौजूद होती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि हृदय रोगियों को बादाम का सेवन जरूरत से ज्यादा नहीं करना चाहिए। संतुलित मात्रा में सेवन करने से पोषण मिलता है, जबकि अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है।

    मछली और चिकन का सेवन सोच-समझकर करें

    दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए मछली और चिकन का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। खासकर प्रोसेस्ड या ज्यादा तेल-मसाले में बने नॉनवेज फूड्स हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। हेल्दी कुकिंग और नियंत्रित मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

    The Harvard T.H. Chan School of Public Health की एक व्यापक रिसर्च के अनुसार, जब चिकन या मछली को भारतीय तरीके से तेल, बटर या मसालों में पकाया जाता है, तो हाई टेम्परेचर पर इनमें मौजूद कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीडाइज्ड कोलेस्ट्रॉल (Oxidized LDL) में बदल जाता है। नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल के मुकाबले ऑक्सीडाइज्ड कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा चिपचिपा होता है। यह धमनियों की अंदरूनी परत (Endothelium) को डैमेज करता है और वहां जाकर चिपक जाता है, जिससे नसों में ब्लॉकेज (Plaque) बहुत तेजी से बढ़ने लगती है।

    अलसी के बीज अधिक मात्रा में न लें

    अलसी के बीज फाइबर और कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। एक्सपर्ट के मुताबिक, हृदय रोगियों को अलसी का सेवन अपनी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

    घी का सेवन कंट्रोल रखें

    घी भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट मौजूद होता है। अगर किसी व्यक्ति को हृदय संबंधी समस्या है, तो उसे घी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। संतुलित आहार और कम फैट वाले विकल्प अपनाकर दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई सलाह विशेषज्ञ के विचारों पर आधारित है। किसी भी खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट से पूरी तरह हटाने या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पोषण संबंधी जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए किसी भी सलाह को व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श का विकल्प न मानें।

  • डकैत जगन गुर्जर का आतंक: 2019 में महिलाओं को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने का सनसनीखेज मामला..

    डकैत जगन गुर्जर का आतंक: 2019 में महिलाओं को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने का सनसनीखेज मामला..

    डकैत जगन गुर्जर का आतंक: 2019 में महिलाओं को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने का सनसनीखेज मामला..

    चंबल का वो कुख्यात बीहड़ों का बादशाह के नाम से जाने जाना वाला डकैत जगन गुर्जर, जिसने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश- तीनों राज्यों में अपने आतंक का साम्राज्य इस कदर फैला के रखा था कि इनके सीमावर्ती इलाको में भी उसका नाम सुनते लोग कांपने लगते थे. उसने जीजा की मौत के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा था और फिर धीरे- धीरे इस तरह जुर्म की अंधेरी दुनिया में खोकर हैवानियत की ऐसी हदें पार की जिसे सुनकर भी रूह कांप जाती है.

    आज (सोमवार) जब अजमेर जेल में उसकी हत्या की खबर सामने आई तो एक- एक कर उसका खौफनाक और काला इतिहास एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. उसके खिलाफ तीन राज्यों के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट और अपहरण सहित 120 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे. जिसमें साल 2019 का ही एक ऐसा मामला जिसने उसकी बर्बर को एक अलग परिभाषा दे दी. जिसने यह साबित कर दिया था कि जुर्म जब सिर चढ़कर बोलता है, तो इंसान दया-धर्म सब कुछ भूल जाता है.

    धौलपुर में दो महिलाओं सरेआम निर्वस्त्र कर था घुमाया

    डकैत  जगन गुर्जर ने साल 2019  में  धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में जगन गुर्जर और उसकी गैंग ने इंसानियत को तार-तार कर दिया था. उसपर महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे थे, जिले में अपना खौफ कायम करने के लिए जगन पर दो स्थानीय महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनके साथ घोर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा था. जगन ने उन महिलाओं से मारपीट कर अपनी हैवानियत भरा चेहरा दिखाते हुए उन्हें सरेआम निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया था. इतनी ही नहीं,  इसी साल में उसपर एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था.

    डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ 123 मामले दर्ज

    लगभग 20 सालों से धौलपुर जिले के डांग और चंबल के बीहड़ों में अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे खूंखार डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ 123 संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं. डकैत गुर्जर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, डकैती, लूट, पुलिस से मुठभेड़ जैसे संगीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. डकैत जगन गुर्जर का छोटा भाई डकैत पप्पू गुर्जर मौजूदा वक्त में धौलपुर जिला कारागार में है.

    चार भाई सभी अपराधी

    डकैत जगन गुर्जर के चार भाई हैं. सभी अपराधिक मामले में जेल में बंद है. इनमें लाल सिंह गुर्जर सबसे बड़ा है, पान सिंह, गुर्जर और पप्पू गुर्जर छोटे भाई है. मौजूदा समय में पप्पू गुर्जर अजमेर जेल में बंद है. पानसिंह गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है. लेकिन वह पैरोल पर बाहर बताया जा रहा है. लाल सिंह गुर्जर के खिलाफ भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, इन सब भाइयों में जगन गुर्जर और पप्पू गुर्जर सबसे खूंखार डकैत रहे हैं.

    एसपी ने की हत्या की पुष्टि

    वही आज यानी सोमवार को  एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने डकैत जगन की  अजमेर जेल में हत्या की पुष्टि की. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह 11 से  दोपहर 3 बजे के बीच बैरक बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया था. उन्होंने जगन की बैरक में उसे जमीन पर पड़ा देखा तो बैरक खोल अंदर गए तो जमीन पर डकैत जगन मरा पड़ा था और उसका साथी अंदर था.

  • राजस्थान: एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत, घर से मिले पति-पत्नी और दो बच्चों के शव,,

    राजस्थान: एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत, घर से मिले पति-पत्नी और दो बच्चों के शव,,

    राजस्थान: एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत, घर से मिले पति-पत्नी और दो बच्चों के शव,,

    राजस्थान के फलोदी जिले के देचू क्षेत्र में एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने से हड़कंप मच गया. पति फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और दो बच्चों के शव चारपाई पर पड़े थे. पुलिस और एफएसएल टीम इस मामले की जांच में जुट गई है. पढ़ें पूरी कहानी.

    राजस्थान के फलोदी जिले में मंगलवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. देचू क्षेत्र स्थित एक घर में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है.

    राजस्थान के फलोदी जिले के देचू क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक दंपति और उनके दो बच्चों के शव उनके घर से बरामद किए गए. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घर को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया. एक साथ चार लोगों की मौत से इलाके में दहशत और शोक का माहौल है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

    फलोदी के पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि मृतकों में पति, पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं. शुरुआती जांच में पाया गया कि पति का शव घर में फंदे से लटका हुआ था. वहीं, पत्नी और दोनों बच्चों के शव घर के अंदर एक चारपाई पर पड़े मिले. पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला और बच्चों की मौत जहर खाने से हुई या उनका गला घोंटा गया.

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया है. एफएसएल विशेषज्ञ घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वैज्ञानिक जांच करने में जुटे हैं. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है.

    पुलिस के अनुसार, मृतकों के परिजन पाली जिले से आने वाले हैं. उनके पहुंचने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेजा जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पुलिस हर एंगल से इस सामूहिक मौत की घटना की जांच कर रही है.

  • बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    अक्सर 50 या 60 की उम्र पार करते ही हमारे समाज में एक सलाह आम हो जाती है कि अब ज्यादा मत चलो, घुटने घिस जाएंगे!’ लेकिन क्या वाकई बढ़ती उम्र में रोज 2-3 किलोमीटर की सैर करना आपके घुटनों और कूल्हों को खराब कर सकती है या फिर यह आपको लंबे समय तक चुस्त-दुरुस्त रखने का सबसे बेहतरीन जरिया है? इस उलझन को दूर करने के लिए ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स से इस मिथ की सच्चाई जानने की कोशिश की।

    ISIC Multispeciality हॉस्पिटल में कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अपूर्व दुआ के मुताबिक पैदल चलना एक लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, जो बुजुर्गों के लिए आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। हेल्दी कपल्स को नियमित रूप से बॉडी को एक्टिव रखना जरूरी है। जब तक गंभीर गठिया, चोट या लगातार दर्द की समस्या न हो, रोजाना 3-4 मील चलना नुकसान की बजाय फायदा पहुंचा सकता है।

    क्या पैदल चलने से जोड़ों को नुकसान होता है या फायदा?

    एक्सपर्ट ने बताया कई लोगों को लगता है कि ज्यादा चलने से जोड़ों का घिसाव बढ़ जाता है, लेकिन सच्चाई इसके उलट है। नियमित वॉक जोड़ों को हेल्दी रखने में मदद करती है। डॉ. दुआ बताते हैं कि पैदल चलने से जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लचीलापन बढ़ता है, वजन कंट्रोल रहता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा हेल्दी वेट बनाए रखने से घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता। एक्सपर्ट के मुताबिक अधिकांश लोगों के लिए वॉक के फायदे इसके संभावित जोखिमों से कहीं ज्यादा होते हैं। निष्क्रिय लाइफस्टाइल की तुलना में बॉडी को एक्टिव रखना जोड़ों के लिए बेहतर माना जाता है।

    क्या रोज चलने से गठिया हो सकता है?

    कई लोग यह मानते हैं कि सालों तक पैदल चलने से गठिया की बीमारी हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट इस धारणा को गलत बताते हैं। डॉ. दुआ के अनुसार रोजाना पैदल चलना गठिया का कारण नहीं बनता, बल्कि यह जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने, मांसपेशियों को मजबूत रखने और हेल्दी वेट बनाए रखने में मदद करता है, जिससे जोड़ों से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।

    कब समझें कि आप जरूरत से ज्यादा चल रहे हैं?

    जरूरत से ज्यादा बॉडी से काम लेंगें तो बॉडी पर दबाव पड़ना संभव है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप बॉडी में होने वाले दर्द को नजरअंदाज करेंगे तो बॉडी में कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती है। एक्सपर्ट ने बताया शरीर पर अधिक दबाव पड़ने पर कुछ परेशानियां जैसे

    • जोड़ों में लगातार दर्द
    • सूजन
    • कई घंटों तक रहने वाली अकड़न
    • लंगड़ाकर चलना
    • चलने-फिरने में कमी आना
    • आराम करने के बाद भी दर्द बने रहने जैसी दिक्क्तें हो सकती है।

    यदि पैदल चलना आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करने लगे या शरीर को रिकवर होने में अधिक समय लगने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    बुजुर्ग अपने घुटनों और कूल्हों को कैसे सुरक्षित रखें?

    विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान सावधानियां अपनाकर बुजुर्ग लंबे समय तक आराम से पैदल चल सकते हैं।

    • आरामदायक और सपोर्टिव जूते पहनें
    • समतल रास्तों पर चलें
    • हेल्दी वजन बनाए रखें
    • पर्याप्त पानी पिएं
    • स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें
    • दूरी धीरे-धीरे बढ़ाएं
    • जरूरत पड़ने पर आराम करें
    • दर्द होने पर उसे नजरअंदाज न करें

    डॉ. का कहना है कि सही तरीके से की गई नियमित वॉक घुटनों और कूल्हों को घिसने की बजाय लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकती है।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ द्वारा साझा किए गए विचार उनके व्यक्तिगत अनुभव और चिकित्सकीय अध्ययन पर आधारित हैं। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और जोड़ों का स्वास्थ्य अलग होता है। इसलिए, बढ़ती उम्र में कोई भी नया व्यायाम या रनिंग/वॉकिंग रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें।