Author: contact.satyareport@gmail.com

  • AC फर्स्ट में 1.5 लाख की शराब के साथ पकड़ी गई नेहा झा का मामला सोशल मीडिया पर वायरल, AI से फर्जी फोटो-वीडियो भी फैलाए जा रहे, जांच के लिए SIT गठित.

    AC फर्स्ट में 1.5 लाख की शराब के साथ पकड़ी गई नेहा झा का मामला सोशल मीडिया पर वायरल, AI से फर्जी फोटो-वीडियो भी फैलाए जा रहे, जांच के लिए SIT गठित.

    AC फर्स्ट में 1.5 लाख की शराब के साथ पकड़ी गई नेहा झा का मामला सोशल मीडिया पर वायरल, AI से फर्जी फोटो-वीडियो भी फैलाए जा रहे, जांच के लिए SIT गठित.

    पिछले दिनों नई दिल्ली से जयनगर जा रही 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास से नेहा झा और उसके जीजा ईशान को 75 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था.

    स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास से करीब डेढ़ लाख रुपए की विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार नेहा झा का मामला अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है. नेहा को उसके जीजा ईशान के साथ 75 लीटर शराब के मामले में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और लोगों ने उसके आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. इसके बाद मामला इतना ट्रेंड हुआ कि सोशल मीडिया पर मीम्स बनने लगे. कुछ लोग AI की मदद से नेहा के माता-पिता, भाई-बहन की फर्जी तस्वीरें और जानकारी शेयर कर रहे हैं. इतना ही नहीं, दूसरी लड़की के डांस वीडियो को भी नेहा का बताकर वायरल किया जा रहा है. ऐसे में पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर सामने आ रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की है.

    75 लीटर शराब के साथ हुई थी गिरफ्तारी पिछले दिनों नई दिल्ली से जयनगर जा रही 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास से नेहा झा और उसके जीजा ईशान को 75 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद जांच के दौरान सामने आए नेहा के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे. कई यूजर्स को पहले यह विश्वास ही नहीं हुआ कि वीडियो में दिख रही महिला शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपी है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग उसे जांच अधिकारी तक समझ बैठे. देखते ही देखते मामला शराब बरामदगी से आगे बढ़कर सोशल मीडिया की बहस बन गया.

    जेल में VIP ट्रीटमेंट की भी चर्चा नेहा के जेल जाने के बाद सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा होने लगी कि क्या उसे जेल में VIP सुविधा मिल रही है. कुछ लोग दावा कर रहे थे कि उसे बाहर से खाना भेजा जा रहा होगा. हालांकि, जेल सूत्रों के मुताबिक नेहा समस्तीपुर मंडल कारा के महिला सेल में अन्य महिला बंदियों की तरह ही रह रही है. उसे जेल मैनुअल के अनुसार खाना दिया जा रहा है. जेल में कैंटीन की सुविधा भी है, जहां बंदी समोसा, लिट्टी, मिठाई और दूध जैसी चीजें खरीद सकते हैं.

    जेल में मिलता है तय मेन्यू जेल मैनुअल के मुताबिक सुबह चाय, बिस्किट, चना और गुड़ दिया जाता है. दोपहर और रात के खाने में रोटी, चावल, दाल और मौसमी हरी सब्जियां मिलती हैं. सप्ताह में मांसाहारी भोजन देने का भी प्रावधान है. मंडल कारा में बाहर से खाना भेजने पर रोक है, इसलिए नेहा को भी जेल का निर्धारित भोजन ही दिया जा रहा है.

    शराब नेटवर्क की जांच करेगी SIT मामले के बढ़ते दायरे को देखते हुए रेल एसपी मुजफ्फरपुर वीणा कुमारी ने SIT का गठन किया है. टीम का नेतृत्व समस्तीपुर के रेल DSP करेंगे. पुलिस अब नेहा और उसके जीजा से आगे बढ़कर पूरे शराब नेटवर्क की जांच करेगी. जांच में परिवार के कुछ सदस्यों के पहले शराब से जुड़े मामलों में जेल जाने की जानकारी भी सामने आई है. SIT नेहा और ईशान के मोबाइल और संपर्कों की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शराब कहां से आती थी, कहां सप्लाई होती थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं.

  • रील बनाने के लिए ब्रिज के पिलर पर चढ़कर कर रहा था स्टंट…बैलेंस बिगड़ा और गिरा धड़ाम…नीचे खड़ा था ऑटो रिक्शा तब बच पाई जान..

    रील बनाने के लिए ब्रिज के पिलर पर चढ़कर कर रहा था स्टंट…बैलेंस बिगड़ा और गिरा धड़ाम…नीचे खड़ा था ऑटो रिक्शा तब बच पाई जान..

    रील बनाने के लिए ब्रिज के पिलर पर चढ़कर कर रहा था स्टंट…बैलेंस बिगड़ा और गिरा धड़ाम…नीचे खड़ा था ऑटो रिक्शा तब बच पाई जान..

    जानकारी के अनुसार,मूल रूप से बिहार का रहने वाला और हाल में कडोदरा में नौकरी करने वाला 21 वर्षीय मोनू अपने एक मित्र के साथ ओलपाड के कीम रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचा था. बताया जा रहा है कि दोनों युवक ब्रिज के पिलर के ऊपर चढ़ गए थे.

    रील बनाने के चक्कर में रेलवे ओवरब्रिज से नीचे गिरा युवक

    रील बनाने के चक्कर में रेलवे ओवरब्रिज से नीचे गिरा युवक

    ब्रिज के नीचे खड़े ऑटो रिक्शा पर गिरने से बची जान

    ब्रिज के नीचे खड़े ऑटो रिक्शा पर गिरने से बची जान

    सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए युवा अक्सर खतरनाक स्टंट और जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हटते. कई बार कुछ सेकंड की रील के लिए उठाया गया जोखिम जानलेवा साबित हो सकता है. गुजरात के सूरत में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां रेलवे ओवरब्रिज पर स्टंट करने के दौरान एक 21 वर्षीय युवक करीब 40 फीट नीचे जा गिरा. हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक ब्रिज से नीचे सड़क किनारे खड़ी ऑटो रिक्शा पर गिरता दिखाई दे रहा है. गनीमत रही कि रिक्शा पर गिरने के कारण उसकी जान बच गई.

    ब्रिज के पिलर पर चढ़कर कर रहा था स्टंट मामला सूरत जिले के ओलपाड इलाके के कीम रेलवे ओवरब्रिज का है. जानकारी के मुताबिक बिहार का रहने वाला और कडोदरा में नौकरी करने वाला 21 वर्षीय मोनू अपने दोस्त के साथ ब्रिज पर पहुंचा था. बताया जा रहा है कि दोनों युवक रेलवे ओवरब्रिज के पिलर पर चढ़ गए थे. इसी दौरान मोनू ने सामने वाले पिलर की तरफ फ्लिप करने और स्टंट करने की कोशिश की. दोनों पिलरों के बीच लोहे का गैप था. युवक इसी गैप के बीच से नीचे उतरने या कूदने का प्रयास कर रहा था. तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे जा गिरा.

    40 फीट नीचे रिक्शा पर गिरा, बाल-बाल बचा सीसीटीवी फुटेज में युवक ब्रिज से गिरता हुआ दिखाई दे रहा है. नीचे सड़क किनारे दो ऑटो रिक्शा खड़ी थीं. युवक उनमें से एक रिक्शा के ऊपर जा गिरा. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े. रिक्शा पर गिरने की वजह से युवक की जान बच गई, हालांकि ऑटो रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गई. युवक को भी मामूली चोटें आईं. अगर वह सीधे सड़क या जमीन पर गिरता तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था.

    पुलिस के बयान में सामने आई अलग कहानी कीम पुलिस थाने की पुलिस इंस्पेक्टर किरनबा जाडेजा ने आजतक को फोन पर बताया कि युवक स्टंट करने के दौरान ओवरब्रिज से नीचे गिरा था. हालांकि पुलिस को दिए अपने बयान में मोनू ने अलग वजह बताई है. मोनू के मुताबिक वह रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने की जल्दी में था और समय बचाने के लिए ओवरब्रिज के नीचे से शॉर्टकट रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया.

  • गणपति स्थापना में न करें ये गलती, जानें बप्पा का मुख और पीठ किस दिशा में होना माना जाता है शुभ..

    गणपति स्थापना में न करें ये गलती, जानें बप्पा का मुख और पीठ किस दिशा में होना माना जाता है शुभ..

    गणपति स्थापना में न करें ये गलती, जानें बप्पा का मुख और पीठ किस दिशा में होना माना जाता है शुभ..

    गणेशोत्सव को लेकर भक्तों में उत्साह बढ़ने लगा है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है. मान्यता है कि गणपति बप्पा बुद्धि, सुख-समृद्धि देने वाले और सभी विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं33. इसी वजह से गणेश चतुर्थी पर बड़ी संख्या में लोग घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं.

    इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ इसका समापन होगा. अगर आप भी घर में बप्पा को विराजमान करने जा रहे हैं, तो मूर्ति की स्थापना करते समय कुछ वास्तु और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखना जरूरी है.ईशान कोण में गणपति की स्थापना मानी जाती है

    शुभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को पूजा-पाठ के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ऐसे में गणेश जी की मूर्ति को इस दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. अगर ईशान कोण में जगह उपलब्ध नहीं है, तो उत्तर या पश्चिम दिशा में भी गणपति की स्थापना की जा सकती है.किस दिशा में होना चाहिए गणपति का मुख गणपति बप्पा की मूर्ति रखते समय उनके मुख की दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए.

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए. वहीं उनकी पीठ दीवार की तरफ होनी चाहिए. मान्यता है कि गणेश जी के सम्मुख भाग में सुख और समृद्धि का वास होता है. इसलिए मूर्ति को इस तरह रखना चाहिए कि उनकी पीठ घर के खुले हिस्से या मुख्य कमरे की ओर न हो.जमीन पर न रखें गणेश जी की मूर्ति गणपति की प्रतिमा को सीधे जमीन पर रखना उचित नहीं माना जाता है.

    मूर्ति की स्थापना के लिए साफ चौकी या पाटे का इस्तेमाल करना चाहिए. चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. पूजा की जगह भी साफ और पवित्र होनी चाहिए.कैसी हो गणपति की प्रतिमा घर में गणपति की स्थापना के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमा को प्राथमिकता दी जाती है. ऐसी प्रतिमा का विसर्जन भी आसानी से किया जा सकता है.

    प्रतिमा लाते समय उसके आकार और स्थापना के लिए उपलब्ध स्थान का भी ध्यान रखना चाहिए.स्थापना के बाद इन बातों का रखें ध्यान गणेश चतुर्थी के दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद चौकी पर कपड़ा बिछाकर गणपति बप्पा को विराजमान करें. भगवान गणेश को दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित करें. विधि-विधान से पूजा और आरती करें. गणपति के घर में रहने तक रोज सुबह- शाम आरती और भोग लगाना शुभ माना जाता है. साथ ही पूजा स्थल की साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें.

  • दुनिया का इकलौता बार, जहां इंसान की कटी उंगली को शराब में डालकर पीते हैं लोग.

    दुनिया का इकलौता बार, जहां इंसान की कटी उंगली को शराब में डालकर पीते हैं लोग.

    दुनिया का इकलौता बार, जहां इंसान की कटी उंगली को शराब में डालकर पीते हैं लोग.

    क्या आप किसी ऐसे बार की कल्पना कर सकते हैं, जहां व्हिस्की की एक शॉट के साथ आपको बर्फ में जमा हुआ असली इंसानी अंगूठा परोसा जाए? सुनने में ही यह बात किसी हॉरर फिल्म का सीन या मनगढंत कहानी जैसी लगती है. लेकिन उत्तरी कनाडा के युकॉन इलाके में बसे डाउसन सिटी के एक मशहूर बार में ऐसा ही होता है. यहां के सॉरडफ सलून में अगर आप जाएंगे, तो आपको सॉरटो कॉकटेल नाम की एक खास ड्रिंक मिलेगी, जिसमें बर्फ से सुखाया गया असली इंसानी अंगूठा तैरता हुआ नजर आता है. पिछले 50 सालों से यह परंपरा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए किसी साहसिक इम्तिहान की तरह बन चुकी है.

    इस बेहद अजीबोगरीब परंपरा की शुरुआत 1920 के दशक के एक खौफनाक हादसे से हुई थी. शराब की तस्करी करने वाले दो भाई लुई लिंकन और ओटो लिंकन भीषण बर्फीले तूफान में फंस गए. ठंड इतनी ज्यादा थी कि लुई के पैर का अंगूठा बर्फ से पूरी तरह जम गया. शरीर में सड़न न फैले, इसलिए ओटो ने मजबूरी में कुल्हाड़ी से अपने भाई का जम चुका अंगूठा काट दिया. बाद में उन्होंने उस कटे हुए अंगूठे को शराब के एक जार में हमेशा के लिए संभालकर रख दिया. इसके ठीक 50 साल बाद कैप्टन डिक स्टीवेन्सन नाम के एक शख्स को एक पुरानी केबिन की सफाई करते समय वह जार मिला और वे उस कटे हुए अंगूठे को सीधे शहर के बार में ले आए, जहां से इस अनोखी ड्रिंक का जन्म हुआ.

    हैरानी की बात यह है कि बार अब तक कम से कम 8 अलग-अलग इंसानी अंगूठे इस्तेमाल कर चुका है. ये सभी अंगूठे लोगों द्वारा दिए गए थे. इनमें से ज्यादातर अंगूठे या तो चोरी हो गए या फिर लोग अनजाने में या जानबूझकर गटक गए! पहली बार 1980 में एक खदान कर्मचारी ने 13वां पैग मारते हुए गलती से उस असली अंगूठे को निगल लिया था. इसके बाद बार प्रशासन ने कड़ा नियम बनाया कि जो भी अंगूठा निगलेगा, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. लेकिन 2013 में एक सनकी शख्स बार में आया, कॉकटेल मंगवाई, पूरा अंगूठा गटक गया और चुपचाप लगभग 40 हजार रुपए का जुर्माना भरकर बाहर निकल गया! इस घटना के बाद बार ने जुर्माना बढ़ाकर लगभग 2 लाख रुपये से अधिक कर दिया.

    अब इस ड्रिंक को पीने के नियम बहुत सख्त और स्पष्ट हैं. यदि आप सॉरटो कॉकटेल क्लब का आधिकारिक सदस्य बनना चाहते हैं, तो शर्त यह है कि जब आप व्हिस्की का पैग पिएं, तो वह काला, सूखा इंसानी अंगूठा आपके होंठों को छूना बेहद जरूरी है. बार में एक मशहूर कहावत भी कही जाती है कि आप इसे जल्दी पिएं या धीरे-धीरे, लेकिन आपके होंठ उस अंगूठे को छूने ही चाहिए. आज दुनिया भर से हजारों पर्यटक केवल इस खौफनाक और मजेदार अनुभव को हासिल करने और इसका आधिकारिक सर्टिफिकेट पाने के लिए कनाडा के इस छोटे से शहर में खिंचे चले आते हैं. यकीन मानिए, ऐसा अनोखा बार दुनिया में शायद ही कोई दूसरा होगा.

  • पनीर खाना पसंद है लेकिन खाते ही पेट में बनने लगती है गैस और फूल कर बन जाता है कुप्पा? डॉक्टर से जानिए ब्लोटिंग और पनीर का कनेक्शन.

    पनीर खाना पसंद है लेकिन खाते ही पेट में बनने लगती है गैस और फूल कर बन जाता है कुप्पा? डॉक्टर से जानिए ब्लोटिंग और पनीर का कनेक्शन.

    पनीर खाना पसंद है लेकिन खाते ही पेट में बनने लगती है गैस और फूल कर बन जाता है कुप्पा? डॉक्टर से जानिए ब्लोटिंग और पनीर का कनेक्शन.

    पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन कई लोगों के साथ यह समस्या होती है कि इसे खाते ही उन्हें भारीपन, गैस और ब्लोटिंग की परेशानी होने लगती है। बहुत से लोग पेट फूलने की इस असहजता के डर से पनीर खाना ही छोड़ देते हैं। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और डाइटीशियन के अनुसार हर किसी का पाचन तंत्र लैक्टोज और डेयरी फैट को एक जैसे नहीं पचा पाता। यदि पनीर खाने के बाद आपका पेट भी जरूरत से ज्यादा फूलने लगता है, तो इसके पीछे अपच, लैक्टोज इनटोलरेंस या फिर इसे खाने का गलत तरीका जिम्मेदार हो सकता है। कंसल्टेंट डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर,कनिका मल्होत्रा के मुताबिक पनीर को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, खासकर शाकाहारी लोगों के लिए। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट का कहना है कि समस्या पनीर में नहीं, बल्कि इस बात में है कि आप उसे किसके साथ और किस समय खाते हैं।

    सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट आयना सिंघल के अनुसार, अगर पनीर को जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, मीठी सॉस या देर रात भारी भोजन के साथ खाया जाए तो इससे पाचन संबंधी समस्याएं जैसे पेट फूलना, भारीपन और कुछ लोगों में स्किन से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। अब सवाल ये उठता है कि क्या पनीर के साथ कुछ फूड्स को कॉम्बिनेशन करके खाने से क्या ब्लोटिंग और गैस की परेशानी होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्लोटिंग और गैस से बचाव के लिए पनीर का सेवन कैसे करें।

    क्या पनीर के साथ कुछ फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?

    आयना सिंघल का कहना है कि पनीर के साथ कुछ भारी फूड कॉम्बिनेशन पाचन को धीमा कर सकते हैं इसलिए पनीर के साथ कुछ फूड्स को कॉम्बिनेशन करके खाने से परहेज करना चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया पनीर के साथ एक ही समय में रोटी और चावल दोनों खाएंगे तो आपको ब्लोटिंग की परेशानी होगी। पनीर के साथ राजमा, छोले या दाल का अधिक सेवन ब्लोटिंग का कारण बनता है। पनीर के साथ मीठी सॉस या डेजर्ट का सेवन आपके पाचन को बिगाड़ सकता है। पनीक और डेयरी प्रोडक्ट्स लेने से भी पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या होती है। ऐसा कॉम्बिनेशन कुछ लोगों में पेट फूलने और भारीपन की वजह बन सकता हैं।

    क्या सच में पनीर और कुछ फूड कॉम्बिनेशन नुकसान पहुंचाते हैं?

    कंसल्टेंट डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि फूड कॉम्बिनेशन थ्योरी, जिसमें कहा जाता है कि प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट या दूध और फलों को साथ नहीं खाना चाहिए, इसके स्पोर्ट में मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक हमारा पाचन तंत्र एक साथ प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट को पचाने वाले एंजाइम बनाता है। इसलिए ये कहना कि दो फूड्स को साथ खाना पाचन के लिए खतरा है, ये ठीक नहीं है क्योंकि इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

    पनीर खाने के बाद ब्लोटिंग होने के लिए है मेडिकल कंडीशन जिम्मेदार

    फिर कुछ लोगों को पनीर खाने के बाद ब्लोटिंग होती है उसके लिए पनीर नहीं बल्कि उनकी मेडिकल कंडीशन जिम्मेदार हो सकती है। कनिका मल्होत्रा के अनुसार पनीर में कैसिन नामक प्रोटीन होता है, जो धीरे-धीरे पचता है। अगर इसे राजमा, छोले जैसे हाई FODMAP खाद्य पदार्थों या बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के साथ खाया जाए, तो जिन लोगों को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), SIBO या पहले से पाचन संबंधी समस्या है उनमें गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है। इसके अलावा कई भारतीयों में लैक्टोज असहिष्णुता (Lactose Intolerance) भी होती है, जिसकी वजह से पनीर खाने के बाद होने वाली परेशानी को लोग अक्सर गलत फूड कॉम्बिनेशन समझ लेते हैं।

    क्या पनीर खाने के बाद वजन बढ़ता है?

    डॉक्टर कनिका मल्होत्रा के अनुसार पनीर खाने से वजन बढ़ता है ये गलत है। वजन बढ़ने का मुख्य कारण पनीर के साथ खाए गए खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि कुल कैलोरी और पोर्शन साइज होता है। अगर पनीर को मक्खन, क्रीम और घी से बनी भारी ग्रेवी में या ज्यादा मात्रा में खाया जाए, तो इससे कैलोरी बढ़ जाती है और वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है।

    पनीर पकाने का तरीका बनता है गैस और ब्लोटिंग की वजह

    कनिका मल्होत्रा के मुताबिक पनीर को डीप फ्राई करने या क्रीम वाली ग्रेवी में पकाने से यह देर से पचता है और एसिडिटी, गैस और ब्लोटिंग का खतरा बढ़ सकता है। अगर आप पनीर को खाना चाहते हैं तो आप पनीर का सेवन ग्रिल करके, स्टीम करके, हल्का सा भूनकर (Light Sauté) करें। इस तरह पनीर का सेवन करने से पनीर आसानी से पच जाता है, गैस और ब्लोटिंग की समस्या कंट्रोल रहती है।

    क्या रात में पनीर खाना सही है?

    एक्सपर्ट का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए रात में पनीर खाना नुकसानदायक नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति मेटाबॉलिक रूप से स्वस्थ है और सोने से 2–3 घंटे पहले हल्का पनीर खाता है, तो आमतौर पर इससे कोई समस्या नहीं होती। हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी, इंसुलिन रेजिस्टेंस या देर रात भारी भोजन करने की आदत है उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।

    पनीर खाने का सबसे हेल्दी तरीका

    • ताजा, कम फैट वाला या घर के बने पनीर का सेवन करें।
    • रोजाना लगभग 150–200 ग्राम पनीर पर्याप्त माना जाता है।
    • पनीर के साथ फाइबर से भरपूर सब्जियां शामिल करें।
    • एक समय में बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेने से बचें।
    • पनीर के साथ मीठे डेजर्ट खाने से बचें।
    • रात में पनीर के साथ जरूरत से ज्यादा क्रीम या घी का सेवन न करें।
    • हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या अच्छी गुणवत्ता वाला पनीर खरीदें, क्योंकि मिलावटी पनीर पाचन संबंधी समस्याओं की बड़ी वजह हो सकता है।

    डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी और डॉक्टरों के परामर्श सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखे गए हैं। यदि आपको गंभीर लैक्टोज इनटोलरेंस, आईबीएस (IBS) या पाचन संबंधी अन्य पुरानी बीमारियां हैं, तो अपनी डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक योग्य डाइटीशियन या चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।

  • इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू है? नोट कर लें तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

    इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू है? नोट कर लें तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

    इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू है? नोट कर लें तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

    Shardiya Navratri 2026 Start Date: सालभर में 4 नवरात्रि आती हैं, जिसमें दो गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र नवरात्रि और एक शारदीय नवरात्रि. शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ व्रत का प्रारंभ होता है. प्रतिपदा से लेकर नवमी के 8 या 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं. दसवें दिन विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है. वहीं शाम को दशहरा का रावण जलाते हैं.

    आश्विन माह का कृष्ण पक्ष पितरों की पूजा, तर्पण, ​श्राद्ध के लिए समर्पित होता है. इसे पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष कहते हैं. उसके बाद का शुक्ल पक्ष दुर्गा पूजा का होता है. शारदीय नवरात्रि में कुछ लोग पूरे 9 दिनों का व्रत रखते हैं, वहीं कुछ प्रतिपदा और अष्टमी का व्रत रखते हैं. दुर्गा अष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि शारदीय नवरात्रि कब से है? कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

    शारदीय नवरात्रि शुभारंभ 2026 तारीख

    वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मा​ह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर दिन रविवार को रात 9 बजकर 19 मिनट पर शुरू हो रही है. प्रतिपदा तिथि का समापन 11 अक्टूबर दिन सोमवार को रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा. उदयातिथि की मान्यता के आधार पर शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर सोमवार से होगा.

    शारदीय नवरात्रि 2026 कलश स्थापना मुहूर्त

    शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानि प्रतिपदा को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह में 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक है. सुबह में घटस्थापना के लिए आपको 3 घंटे 52 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा.

    जो लोग किसी वजह से सुबह में कलश स्थापना न कर पाएं, वे अभिजीत मुहूर्त में दिन में 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट के बीच कर सकते हैं.

    शारदीय नवरात्रि के पहले दिन बनेगा द्विपुष्कर योग

    नवरात्रि की प्रतिपदा को द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो रात में 9 बजकर 30 मिनट से रात 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस योग में आप जो शुभ कार्य करते हैं, उसका दोगुना फल प्राप्त होता है.

    नवरात्रि के पहले दिन वैधृति योग प्रात:काल से लेकर रात 9 बजकर 5 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से विष्कम्भ योग बनेगा. वहीं चित्रा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 32 मिनट तक है, उसके बाद से स्वाति नक्षत्र है. इस तरह से वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र में शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा.

    शारदीय नवरात्रि का समापन 2026 तारीख

    इस बार शारदीय नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को होगा. उस दिन नवरात्रि का हवन है और विजयादशमी मनाई जाएगी. इस दिन शाम को दशहरा के रावण का दहन होगा.

  • कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..

    कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..

    कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..

    उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कपल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये कपल पहले कैफे चलाते थे, लेकिन कारोबार में नुकसान हुआ तो क्राइम का रास्ता अपना लिया. ये गिरोह पहले चोरी करते थे, उसके बाद बार-रेस्तरां में पार्टी करते थे.

    उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक प्रेमी जोड़ा पहले कैफे चलाता था. लेकिन जब कारोबार में नुकसान हुआ तो इस कपल ने अपराध का रास्ता चुन लिया. ये कपल चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा. अब प्रेमी जोड़े समेत 3 लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं.

    प्रेमी युगल समेत 3 गिरफ्तार- कैफे के कारोबार में नुकसान होने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. थाना सेक्टर-113 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी, 3.5 लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक अर्टिगा कार बरामद की है. कार पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी.

    एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से गिरफ्तार किया.

    बंद पड़े घरों को बनाते थे निशाना- पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अर्टिगा कार में सवार होकर शहर के हाईराइज सोसाइटी और अन्य इलाकों में मकानों की रेकी करते थे. इसके बाद बंद पड़े घरों को निशाना बनाकर ज्वेलरी, नकदी, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे. फिर चोरी किए गए सामान और नकदी को तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे.

    लिव-इन रिलेशन में रहते थे दो चोर- पुलिस जांच में सामने आया कि दिवाकर और सोनाली प्रेमी-प्रेमिका हैं और लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं. पुलिस के अनुसार, सोनाली गैंग को लीड करने और रेकी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी, जबकि दिवाकर और उनका साथी इरफान चोरी की वारदातों को अंजाम देने में शामिल थे.

    कैफे कारोबार में नुकसान ने बनाया चोर- पुलिस के अनुसार, प्रेमी जोड़े ने पहले गाजियाबाद और बाद में नोएडा में कैफे का कारोबार किया था. कैफे के बिजनेस में नुकसान होने के बाद दोनों आर्थिक संकट में आ गए और इसके बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिन के समय चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और रात में रेस्तरां और बार में पार्टी करते थे.

    लैपटॉप, टैबलेट, फोन, कैश बरामद- पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी के अलावा पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और 3.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली अर्टिगा कार को भी कब्जे में लिया गया है. फिलहाल अब थाना सेक्टर-113 पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनसे जुड़े अन्य चोरी के मामलों की जांच कर रही है.

  • अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हुई महिला, लोगों ने दोबारा से पहुंचाया हॉस्पिटल..

    अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हुई महिला, लोगों ने दोबारा से पहुंचाया हॉस्पिटल..

    अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हुई महिला, लोगों ने दोबारा से पहुंचाया हॉस्पिटल

    Woman Comes Alive: मृत व्यक्ति के दोबारा से जिंदा होने की कहानियां तो आपने खूब सुनी होगी, लेकिन ऐसा ही एक वाकया सच में सामने आया है. अमेरिका में अंतिम संस्कार से ठीक पहले महिला जिंदा हो गई, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था. माना जाता है कि डॉक्टरों की तरफ से मृत घोषित करने के बाद उसका जिंदा होना नामुमकिन है, लेकिन अमेरिका में ठीक इसके उल्टा हुआ है.

    किसी अपने की मौत हो जाने के बाद लोग अक्सर चाहते हैं कि यह एक बार जिंदा हो जाता तो कुछ जरूरी बातें जो छूट गई थी उसे कह देते, लेकिन ऐसा होता नहीं है. अमेरिका के एक अंतिम संस्कार गृह में ऐसा ही हुआ और महिला फिर से जिंदा हो गई. अंतिम संस्कार के लिए लाई गई महिला की सांसें दोबारा से चलने लगी. घटनास्थल पर मौजूद लोग यह नजारा देखकर डर गए, लेकिन वे घबराए नहीं और महिला को अस्पताल दोबारा से पहुंचाए.

    अंतिम संस्कार गृह में महिला की चल रही थी सांसेंडेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्सटैंस ग्लैंज (Constance Glanz) नाम की एक 74 साल की महिला को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था. महिला की बॉडी बैग अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचने के बाद उसे Love Funeral Home में रखा गया. इस बीच वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने देखा कि महिला की सांसे चल रही हैं, जिसके बाद वो खौफ में आ गए और परिजनों को इसके बारे में जानकारी दी गई.

    महिला कैसे हुई दोबारा जिंदा हो रही जांच?घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने घबराने के बजाय तुरंत फैसला लिया और महिला को दोबारा से अस्पताल ले गए. महिला को अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने सीपाआर दिया और इमरजेंसी सेवा को कॉल किया. अस्पताल की डॉक्टर चीफ डिप्टी बेन हॉचिन ने बताया कि उन्होंने अपने 31 साल के करियर इस तरह का पहला वाकया देखा है. हालांकि, महिला को अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद फिर से मृत घोषित कर दिया गया. महिला की दोबारा सांसे कैसे चलने लगी इस मसले की अब चिकित्सक जांच कर रहे हैं.

  • इन तारीखों पर जन्मे बच्चे माता-पिता के लिए माने जाते हैं भाग्यशाली, लाखों में एक होती हैं.

    इन तारीखों पर जन्मे बच्चे माता-पिता के लिए माने जाते हैं भाग्यशाली, लाखों में एक होती हैं.

    इन तारीखों पर जन्मे बच्चे माता-पिता के लिए माने जाते हैं भाग्यशाली, लाखों में एक होती हैं.

    Lucky Children For Parents: हिंदू धर्म और भारतीय परंपरा में संतान को ईश्वर का आशीर्वाद माना गया है. मान्यता है कि बच्चे के जन्म के साथ परिवार के जीवन में नई ऊर्जा, खुशियां और सकारात्मक बदलाव आते हैं. वहीं अंक ज्योतिष में जन्म तारीख के अंकों को विशेष महत्व दिया गया है. न्यूमेरोलॉजी के अनुसार, कुछ तारीखों पर जन्म लेने वाले बच्चों के नंबर माता-पिता के लिए शुभ और उन्नति देने वाले माने जाते हैं. माना जाता है है कि इन खास तारीख में जन्मे बच्चे लाखों में एक होते हैं और अपने कार्यों से सभी को प्रभावित भी करते हैं. इन बच्चों में बचपन से खास व्यवहार देखने को मिल जाता है, जिससे इनके भविष्य के बारे में जानकारी मिलती है. आइए जानते हैं किन तारीख में जन्म लेने वाले बच्चे माता-पिता के लिए सौभाग्य लाते हैं…

    किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है और इन अंक के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं. सूर्य ग्रह की वजह से इस अंक को आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्म लेने वाले बच्चे परिवार में महत्वाकांक्षा और आगे बढ़ने की ऊर्जा ला सकते हैं. ऐसे बच्चे माता-पिता को अपने करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. इनके आने के बाद परिवार में नई योजनाएं बन सकती हैं और रुके हुए कामों को पूरा करने की प्रेरणा मिल सकती है.

    किसी भी महीने की 3, 12, 21 और 30 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 3 होता है और इस अंक के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं. अंक ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान, शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन के कारक माने जाते हैं. इसलिए 3, 12, 21 और 30 तारीख में जन्मे बच्चों को ज्ञान और सकारात्मक सोच से जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि ऐसे बच्चों के कारण परिवार में शिक्षा, संस्कार और धार्मिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ सकती है. माता-पिता को गुरुजनों, शिक्षकों या समाज के सम्मानित लोगों का सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं.

    किसी भी महीने की 6, 15 और 24 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 6 होता है और इस अंक का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है. अंक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, सुख-सुविधा और पारिवारिक खुशियों का कारक माना जाता है. इसलिए 6, 15 और 24 तारीख को जन्मे बच्चों को परिवार में प्रेम और आपसी सामंजस्य बढ़ाने वाला माना जाता है. इनकी मौजूदगी से घर का माहौल अधिक खुशनुमा और भावनात्मक रूप से मजबूत हो सकता है. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, ऐसे बच्चों के कारण माता-पिता के जीवन में सुख-सुविधाओं और पारिवारिक सहयोग की वृद्धि हो सकती है.

    किसी भी महीने की 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है और इस अंक का संबंध शनिदेव से माना जाता है. अंक ज्योतिष में शनि कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय के प्रतीक माने जाते हैं. 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे बच्चों के बारे में अंक ज्योतिष में माना जाता है कि इनकी सफलता धीरे-धीरे लेकिन मजबूत आधार पर आती है. ऐसे बच्चों के आने के बाद माता-पिता अपने भविष्य, धन और जिम्मेदारियों को लेकर अधिक अनुशासित हो सकते हैं. लंबे समय से अटके लक्ष्य पूरे करने की दिशा में परिवार को नई प्रेरणा मिल सकती है. इनका भाग्य अचानक मिलने वाले लाभ से ज्यादा मेहनत और धैर्य से जुड़ा माना जाता है.

    किसी भी महीने की 9, 18 और 27 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 9 होता है और इस अंक के स्वामी ग्रहों के सेनापति मंगल देव हैं. मंगल देव साहस, ऊर्जा, पराक्रम और आत्मविश्वास के प्रतीक माने जाते हैं इसलिए 9, 18 और 27 तारीख को जन्म लेने वाले बच्चों को साहसी और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला माना जाता है. मान्यता है कि ऐसे बच्चे कठिन परिस्थितियों में परिवार का मनोबल बढ़ा सकते हैं. इनके कारण माता-पिता में संघर्ष करने की शक्ति, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की भावना मजबूत हो सकती है.

  • ऑस्ट्रेलिया में तैयार हुई दुनिया की सबसे भारी सोने की ईंट, एक आदमी तो क्या, मशीन भी हिलाए तो सोचे!

    ऑस्ट्रेलिया में तैयार हुई दुनिया की सबसे भारी सोने की ईंट, एक आदमी तो क्या, मशीन भी हिलाए तो सोचे!

    ऑस्ट्रेलिया में तैयार हुई दुनिया की सबसे भारी सोने की ईंट, एक आदमी तो क्या, मशीन भी हिलाए तो सोचे!

    सोना शब्द सुनते ही दिमाग में सबसे पहले अंगूठी, हार, सिक्के या लॉकर में रखी छोटी-सी बिस्किट आती है, है ना? पर कभी सोचा है कि अगर सैकड़ों किलो सोने को इकट्ठा करके एक ही बड़ी ईंट बना दी जाए तो वो कैसी लगेगी? यकीन मानना थोड़ा मुश्किल है, पर ऐसा सच में हुआ है और वो भी ऑस्ट्रेलिया में. दरअसल ऑस्ट्रेलिया में सोने की एक ऐसी ईंट बनाई गई है जिसका वजन सुनकर ही होश उड़ जाए – पूरे 521.2 किलोग्राम, मतलब लगभग 1,149 पाउंड. ये कोई नॉर्मल सोने की बार नहीं है, ये दुनिया की सबसे बड़ी सोने की ईंट है और इसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है.

    आप सोच भी नहीं सकते, इसे एक आदमी तो क्या, चार लोग मिलकर भी हिला नहीं सकते. उठाना तो बहुत दूर की बात है. इसका एक वीडियो खुद Guinness World Records ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @guinnessworldrecords पर शेयर किया है. वीडियो आते ही इंटरनेट पर वायरल हो गया. लोग बार-बार उसी वीडियो को देख रहे हैं क्योंकि ऐसा नजारा रोज-रोज थोड़ी देखने को मिलता है. इस विशाल सोने की ईंट को बनाया है ऑस्ट्रेलिया के फेमस द पर्थ मिंट ने. पर्थ मिंट सोना-चांदी के सिक्के और बार बनाने के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है.

    कितनी है सोने की ईंट का वजन

    इसी मिंट ने ये कारनामा करके दिखाया और सीधा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. इतना सारा सोना एक ही जगह पर लाकर उसे एक परफेक्ट ईंट का शेप देना, अपने आप में बहुत बड़ी बात है. अब 521 किलो कितना होता है, इसका अंदाजा ऐसे लगाओ – गिनीज वालों के मुताबिक ये वजन लगभग 8 हट्टे-कट्टे आदमियों के बराबर है. जहाँ एक आम सोने की बिस्किट आप जेब में रख लेते हो, वहीं इसके सामने तो फोर्कलिफ्ट और बड़ी-बड़ी मशीनें भी छोटी पड़ जाएं. इसे छूने-उठाने के लिए पूरी सेफ्टी और स्पेशल मशीनों की जरूरत पड़ती है.

    सबसे दिलचस्प बात है कि इतना सोना आया कहां से? बताया जा रहा है कि इसे बनाने के लिए किसी एक कंपनी ने नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की 9 बड़ी गोल्ड माइनिंग कंपनियों ने मिलकर सोना दिया था. इसमें से 7 कंपनियां तो सिर्फ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की थीं. मतलब ये सिर्फ एक ईंट नहीं, बल्कि कई कंपनियों के साथ आने की कहानी है.

    सबने थोड़ा-थोड़ा सोना डोनेट किया और तब जाकर ये रिकॉर्ड बन पाया और इसे बनाना भी कोई बच्चों का खेल नहीं था. 500 किलो से ज्यादा सोने को एक साथ पिघलाना, फिर उसे एक ही सांचे में ढालना, तापमान को कंट्रोल में रखना… हर स्टेप पर जरा सी चूक और लाखों-करोड़ों का नुकसान. इसीलिए पूरी टीम ने इसे बहुत ही संभल कर और एकदम कंट्रोल्ड माहौल में तैयार किया है.

    अब आप सोचोगे कि इतनी कीमती चीज को तो किसी तिजोरी में बंद करके रखा होगा. पर यहाँ ट्विस्ट है. पर्थ मिंट ने इसे छुपाया नहीं है, बल्कि लोगों को दिखाने के लिए रखा है. अगर आप कभी पर्थ मिंट जाओ तो इस 521 किलो की चमचमाती ईंट को अपनी आंखों से देख सकते हो.

    सोचो, एक ही जगह पर आधे टन से ज्यादा शुद्ध सोना ईंट के रूप में पड़ा हो, उसे देखना कितना क्रेजी एक्सपीरियंस होगा. इसीलिए ये ईंट सिर्फ अपनी कीमत की वजह से नहीं, बल्कि अपने साइज और रिकॉर्ड की वजह से पूरी दुनिया में सुर्खियों में है.