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  • दिखने में भले अजीब लगे, लेकिन पेट की सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं है ये सब्जी..

    दिखने में भले अजीब लगे, लेकिन पेट की सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं है ये सब्जी..

    दिखने में भले अजीब लगे, लेकिन पेट की सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं है ये सब्जी..

    अरबी को अक्सर भारी और गैस बनाने वाली सब्जी मानकर लोग खाने से बचते हैं। लेकिन विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से बनाई गई अरबी आंतों (Gut) की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। इसमें मौजूद रेजिस्टेंट स्टार्च, फाइबर और कई प्राकृतिक यौगिक पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    अरबी क्यों है पेट के लिए फायदेमंद?

    विशेषज्ञों के मुताबिक, अरबी में मौजूद रेजिस्टेंट स्टार्च छोटी आंत में पूरी तरह पचता नहीं है। यह बड़ी आंत तक पहुंचकर वहां मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। इससे आंतों का माइक्रोबायोम बेहतर रहता है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है।

    1. रेजिस्टेंट स्टार्च से मिलते हैं ये फायदे

    अरबी में पाया जाने वाला रेजिस्टेंट स्टार्च फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। इसके परिणामस्वरूप शॉर्ट-चेन फैटी एसिड (SCFAs) बनते हैं, जो आंतों की कोशिकाओं को ऊर्जा देने और उनकी सुरक्षा परत को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

    2. घुलनशील फाइबर से बेहतर पाचन

    अरबी में मौजूद घुलनशील फाइबर और प्राकृतिक म्यूसिलेज पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। इससे पाचन प्रक्रिया संतुलित रहती है और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

    3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

    कुछ किस्मों की अरबी में एंथोसायनिन, क्वेरसेटिन और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव कम करने और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।

    किन लोगों के लिए हो सकती है फायदेमंद?

    • जिनकी पाचन शक्ति कमजोर रहती है।
    • जो फाइबर युक्त संतुलित आहार लेना चाहते हैं।
    • जो अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की जगह प्राकृतिक और पौष्टिक विकल्प अपनाना चाहते हैं।
    • जिनका लक्ष्य Gut Health को बेहतर बनाना है।

    अरबी खाते समय रखें ये बातें

    • अरबी को हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
    • बहुत अधिक तेल या मसालों के साथ बनाने से इसके स्वास्थ्य लाभ कम हो सकते हैं।
    • यदि किसी को किडनी स्टोन, विशेष चिकित्सीय समस्या या विशेष डाइट का पालन करना हो, तो सेवन से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।

    संतुलित मात्रा में और सही तरीके से बनाई गई अरबी आपके आहार का पौष्टिक हिस्सा बन सकती है और पेट की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।

  • स्मोकर Vs नॉन-स्मोकर! वायरल स्कैन में दिखा फेफड़ों का डराने वाला अंतर,

    स्मोकर Vs नॉन-स्मोकर! वायरल स्कैन में दिखा फेफड़ों का डराने वाला अंतर,

    स्मोकर Vs नॉन-स्मोकर! वायरल स्कैन में दिखा फेफड़ों का डराने वाला अंतर,

    सिगरेट पीने की आदत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देती है। इसका असर सबसे पहले फेफड़ों पर पड़ता है, लेकिन कई लोगों को इसका नुकसान तब तक समझ नहीं आता, जब तक गंभीर समस्या सामने नहीं आ जाती। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा करवाए गए चेस्ट स्कैन ने स्मोकिंग के खतरों की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रखी।

    कंटेंट क्रिएटर ने एक ऐसे व्यक्ति का चेस्ट स्कैन कराया, जो पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से स्मोकिंग कर रहा था। तुलना के लिए उन्होंने अपना भी स्कैन कराया, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। दोनों की रिपोर्ट में बड़ा अंतर देखने को मिला।

    स्कैन में क्या सामने आया?

    जिस व्यक्ति ने कभी धूम्रपान नहीं किया था, उसके फेफड़े सामान्य और स्वस्थ दिखाई दिए। वहीं लंबे समय से स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति के फेफड़ों में कई जगह सिस्ट (Cysts) दिखाई दिए। डॉक्टरों के अनुसार, ये सिस्ट फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।

    इसके अलावा स्मोकर के फेफड़े सामान्य से अधिक बड़े दिखाई दिए। विशेषज्ञों ने बताया कि यह लंग्स हाइपरइन्फ्लेशन (Lung Hyperinflation) का संकेत हो सकता है, जो तब होता है जब फेफड़े अपनी प्राकृतिक लचक खोने लगते हैं और पूरी तरह सिकुड़ नहीं पाते।

    क्या होते हैं एल्वियोलर सैक (Alveolar Sacs)?

    एल्वियोलर सैक फेफड़ों के सबसे अंतिम हिस्से में मौजूद बेहद छोटे-छोटे वायु थैले होते हैं। इन्हीं के जरिए शरीर में ऑक्सीजन पहुंचती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। लगातार धूम्रपान करने से ये नाजुक संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे सांस लेने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

    स्मोकिंग से होने वाले प्रमुख नुकसान

    • फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है।
    • बार-बार संक्रमण और लगातार खांसी की समस्या हो सकती है।
    • क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और एम्फायसीमा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
    • लंबे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़ों के कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।

    यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने की दिशा में उठाया गया हर कदम आपके फेफड़ों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी या अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • बारिश में कौन-सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए? एक्सपर्ट्स बताते हैं 4 सब्जियां जिनसे रखें परहेज..

    बारिश में कौन-सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए? एक्सपर्ट्स बताते हैं 4 सब्जियां जिनसे रखें परहेज..

    बारिश में कौन-सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए? एक्सपर्ट्स बताते हैं 4 सब्जियां जिनसे रखें परहेज..

    बारिश का मौसम आते ही चाय और पकौड़ों की याद अपने आप आने लगती है. ठंडी-ठंडी रिमझिम बरसते बादल गर्मी से राहत पहुंचाने हैं. लेकिन इस मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. मानसून में हमारा डाइजेशन यानी पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो जाता है. ऐसे में हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. ​हरी सब्जियों को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है और ये बात बिल्कुल सही है, लेकिन बरसात के मौसम में कुछ खास सब्जियों को खाने से बचना चाहिए. अगर आप इस मौसम में इन सब्जियों का परहेज नहीं करते, तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी परेशानी हो सकती है. तो ​आइए जानते हैं कि इस मौसम में आपको कौन सी 4 सब्जियां नहीं खानी चाहिए.

    ​1. हरी पत्तेदार सब्जियां-

    ​बारिश के मौसम में हवा में नमी यानी मॉइश्चर बहुत बढ़ जाता है. इस वजह से पत्तेदार सब्जियों के पत्तों पर छोटे-छोटे कीड़े, उनके अंडे और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. कई बार ये कीड़े इतने बारीक होते हैं कि पानी से अच्छी तरह धोने के बाद भी नहीं निकलते. अगर आप इन्हें खा लेते हैं, तो ये पेट में जाकर इंफेक्शन फैला सकते हैं. इसलिए बरसात में पालक, लाल साग, मेथी और बंदगोभी जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए.

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    बरसात में हरी सब्जियों को का सेवन नहीं करना चाहिए. Photo Credit: iStock

    ​2. फूलगोभी-

    ​बरसात के दिनों में फूलगोभी के गद्देदार हिस्सों में कीड़े छिपकर बैठ जाते हैं. अगर आप ध्यान से न देखें, तो ये कीड़े खाने में पक जाते हैं. इसके अलावा, इस मौसम में फूलगोभी खाने से गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है.

    ​3. बैंगन-

    ​बैंगन में कीड़े लगना बहुत आम बात है, खासकर बरसात के मौसम में. इस मौसम में बैंगन के अंदर बारीक कीड़े और उनके अंडे आसानी से पनपते हैं. कई बार बाहर से बिल्कुल साफ दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब निकलता है. कीड़े वाले बैंगन को खाने से पेट में तेज दर्द और फूड पॉइजनिंग हो सकती है.

    ​4. मशरूम-

    ​बरसात के दिनों में बाजार में मिलने वाले मशरूम में फंगस और बैक्टीरिया लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. मशरूम नमी वाली जगह पर उगते हैं, इसलिए बारिश के मौसम में इन पर बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं. खराब या ज्यादा दिन पुराना मशरूम खाने से आपको स्किन एलर्जी और पेट का भारी इंफेक्शन हो सकता है.

    क्या कहती है रिसर्च?

    FDA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नमी वाले मौसम में खुली और पत्तेदार सब्जियों में ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते हैं, जो पेट के गंभीर इंफेक्शन का कारण बनते हैं.

  • क्या हर खाने के ऊपर नींबू निचोड़ना सही है? फायदे और नुकसान जानकर हो जाएंगे हैरान..

    क्या हर खाने के ऊपर नींबू निचोड़ना सही है? फायदे और नुकसान जानकर हो जाएंगे हैरान..

    क्या हर खाने के ऊपर नींबू निचोड़ना सही है? फायदे और नुकसान जानकर हो जाएंगे हैरान..

    अभी तक हमने सलाद, पोहा, आलू चाट और सूप जैसी चीजों में नींबू के रस का तड़का लगते हुए देखा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सब्जी के ऊपर भी नींबू निचोड़कर खाना पसंद करते हैं? क्या आप भी ऐसा करते हैं? अगर हां, तो जान लें. आपकी ये आदत सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ा रही है, बल्कि शरीर को और भी कई तरह के फायदे पहुंचा रही है. खाने के ऊपर नींबू निचोड़कर खाने से क्या फायदे मिलते हैं, जानते हैं.

    दाल हो या कोई सब्जी, अगर आप सभी चीजों पर खाने के ऊपर नींबू निचोड़कर खा रहे हैं, तो समझ लें आपकी बॉडी को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं:

    पहला: पेट के लिए कमाल

    खाने के ऊपर नींबू का रस डालकर खाने से इसमें मौजूद विटामिन सी पाचन एंजाइम्स एक्टिव होते हैं, जिससे हैवी खाना आराम से पच जाता है. इतना ही नहीं, नींबू में पाया जाने वाला फाइबर पेट से जुड़ी दिक्कतें जैसे कब्ज, अपच और गैस को भी कम करने में मदद करता है. अगर आपका पेट खराब रहता है, तो आपको भी इस आदत को अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल कर लेना चाहिए.

    दूसरा: आयरन का अवशोषण बढ़ाना

    अगर आप पालक, दाल या चने जैसी चीजों के ऊपर नींबू का रस निचोड़कर खाते हैं, तो ये आपके शरीर में आयरन के अवशोषण को डबल कर सकता है, जिससे कई तरह की बीमारियां जैसे एनीमिया से राहत पाई जा सकती है.

    क्या नहीं करना है?

    आपको एक बात का ध्यान रखना है कि नींबू को खाना पकाते समय नहीं, बल्कि पकने के बाद ऊपर से डालना है, नहीं तो आपके शरीर को विटामिन सी नहीं मिलेगा.

  • ₹2 करोड़ की कथित उगाही केस में नया मोड़: गिरफ्तार नर्स ने 65 वर्षीय डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस जांच जारी,,

    ₹2 करोड़ की कथित उगाही केस में नया मोड़: गिरफ्तार नर्स ने 65 वर्षीय डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस जांच जारी,,

    ₹2 करोड़ की कथित उगाही केस में नया मोड़: गिरफ्तार नर्स ने 65 वर्षीय डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस जांच जारी,,

    राजस्थान के बाड़मेर में एक निजी अस्पताल से जुड़े कथित ₹2 करोड़ की उगाही मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोप में गिरफ्तार नर्स ने अदालत परिसर के बाहर 65 वर्षीय डॉक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।

    अदालत में पेशी के दौरान नर्स ने डॉक्टर को लेकर कई गंभीर दावे किए। उसका आरोप है कि डॉक्टर ने वर्षों के दौरान कई महिलाओं का यौन शोषण किया और पहले भी ऐसी शिकायतें सामने आई थीं। नर्स ने यह भी दावा किया कि उसके खिलाफ दर्ज उगाही का मामला झूठा है और उसे फंसाने के लिए साजिश रची गई है। साथ ही उसने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर भी डॉक्टर का सहयोग करने के आरोप लगाए।

    वहीं, डॉक्टर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में पूरी तरह अलग कहानी सामने आई है। डॉक्टर का आरोप है कि नर्स वर्ष 2016 से अस्पताल में कार्यरत थी और इसी दौरान उसने उनके मोबाइल फोन से निजी तस्वीरें अपने पास ले लीं। शिकायत के अनुसार, बाद में उन्हीं तस्वीरों के आधार पर सोशल मीडिया पर वायरल करने, झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर कई वर्षों तक कथित रूप से पैसे वसूले गए।

    डॉक्टर का दावा है कि अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और अस्पताल की साख बचाने के लिए वह लगातार रकम देता रहा। शिकायत के मुताबिक, वेतन के अतिरिक्त लगभग ₹2 करोड़ की उगाही की गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बैंक खातों से करीब ₹35 लाख के ऑनलाइन लेन-देन का रिकॉर्ड सामने आया है, जबकि अन्य वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े मोबाइल फोन, ईमेल, डिजिटल संदेश, बैंक रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। साथ ही दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध सबूतों का मिलान किया जा रहा है। अदालत ने आरोपी नर्स को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि जांच अभी जारी है।

    यह मामला फिलहाल दो पक्षों के गंभीर आरोपों और प्रत्यारोपों पर आधारित है। पुलिस ने किसी भी पक्ष के दावों की पुष्टि नहीं की है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

  • बार-बार डाई करने की जरूरत नहीं! सफेद बालों को नेचुरली काला दिखाने का आसान तरीका

    बार-बार डाई करने की जरूरत नहीं! सफेद बालों को नेचुरली काला दिखाने का आसान तरीका

    बार-बार डाई करने की जरूरत नहीं! सफेद बालों को नेचुरली काला दिखाने का आसान तरीका

    आज के समय में कम उम्र में ही लोगों के बाल सफेद हो रहे हैं. गलत खान-पान और बढ़ता प्रदूषण हमारे सफेद बालों की एक बड़ी वजह है. दरअसल जब बाल सफेद होने शुरू होते हैं, तो ज्यादातर लोग तुरंत बाजार में मिलने वाली हेयर डाई या मेहंदी का सहारा लेते हैं. ​लेकिन क्या आप जानते हैं कि केमिकल वाली डाई और बार-बार मेहंदी लगाने से बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो सकते हैं, जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. अगर आप भी सफेद बालों की वजह से परेशान हैं, तो ​आयुर्वेदाचार्य एवं योग गुरु डॉ. राम अवतार द्वारा बताए इस घरेलू उपाय को जरूर आजमाएं.

    ​क्यों खास है यह घरेलू नुस्खा?

    • करी पत्ता-
      करी पत्ते में विटामिन बी, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं. यह बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद करते हैं और बालों को झड़ने से रोक सकते हैं.
    • ​मेथी के बीज-
      मेथी में प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड होता है, जो बालों की जड़ों को पोषण देता है. इससे बाल मजबूत होते हैं, डैंड्रफ खत्म होता है और बालों में चमक आती है.
    • ​नारियल तेल-
       नारियल तेल बालों को अंदर तक नमी देता है. जब इसमें करी पत्ता और मेथी पकते हैं, तो इसके गुण कई गुना बढ़ जाते हैं.

    घर पर कैसे बनाएं ये तेल-

    ​इस तेल को बनाना बहुत ही आसान है. सबसे पहले आपको थोड़ा सा शुद्ध नारियल तेल लेना है. इसके साथ एक मुट्ठी ताजे करी पत्ते और 2 चम्मच मेथी दाना लें. एक लोहे की कढ़ाई या किसी बर्तन में नारियल तेल डालें. अब इसमें मेथी दाना और करी पत्ते मिला दें. तेल को धीमी आंच पर तब तक पकने दें जब तक कि मेथी दाना हल्का काला न हो जाए और करी पत्ते अपना रंग न छोड़ दें. जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे किसी कपड़े या छन्नी से छानकर कांच की शीशी में भर लें.

    कैसे ​इस्तेमाल करें?

    ​हफ्ते में कम से कम 2 से 3 बार इस तेल से अपने सिर और बालों की जड़ों में अच्छी तरह मालिश करें. ​तेल लगाने के बाद इसे कम से कम 1 से 2 घंटे तक बालों में लगा रहने दें. अगर चाहें तो इसे रात भर के लिए भी छोड़ सकते हैं. ​इसके बाद माइल्ड या हर्बल शैम्पू से बाल धो लें.

  • वती ने मौसा पर लगाए दुष्कर्म के प्रयास के आरोप, शिकायत के बाद परिवार पर भी प्रताड़ना का आरोप..

    वती ने मौसा पर लगाए दुष्कर्म के प्रयास के आरोप, शिकायत के बाद परिवार पर भी प्रताड़ना का आरोप..

    वती ने मौसा पर लगाए दुष्कर्म के प्रयास के आरोप, शिकायत के बाद परिवार पर भी प्रताड़ना का आरोप..

    उत्तर प्रदेश के मोदीनगर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती ने अपने मौसा पर दुष्कर्म के प्रयास और छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। युवती का यह भी आरोप है कि जब उसने घटना की जानकारी अपने परिवार को दी तो उसका साथ देने के बजाय उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नानी के घर हुई कथित घटना

    पीड़िता की शिकायत के अनुसार, वह कुछ दिन पहले अपनी मां के साथ नानी के घर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसका मौसा कमरे में आया और उसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की तथा दुष्कर्म का प्रयास किया। युवती का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।

    सोशल मीडिया पर परेशान करने का आरोप

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए अश्लील संदेश भेजे और लगातार परेशान करता रहा। युवती का कहना है कि बाद में आरोपी ने दोबारा उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की।

    परिवार पर भी लगाए गंभीर आरोप

    पीड़िता का आरोप है कि जब उसने अपने पिता और चाचा को पूरी घटना बताई तो उन्होंने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया और उसके साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसे इस मामले का जिक्र न करने की चेतावनी दी गई।

    पुलिस कर रही जांच

    युवती ने मोदीनगर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या सोने से पहले तकिये के नीचे कुछ खास चीजें रखने से ग्रह दोष दूर होते हैं जानिए धार्मिक मान्यताएं..

    क्या सोने से पहले तकिये के नीचे कुछ खास चीजें रखने से ग्रह दोष दूर होते हैं जानिए धार्मिक मान्यताएं..

    क्या सोने से पहले तकिये के नीचे कुछ खास चीजें रखने से ग्रह दोष दूर होते हैं जानिए धार्मिक मान्यताएं..

    ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पारंपरिक उपाय बताए गए हैं जिन्हें ग्रहों की शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए शुभ माना जाता है। इन उपायों का संबंध धार्मिक आस्था से है और इनके प्रभावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

    आइए जानते हैं कुछ प्रचलित मान्यताओं के बारे में।

    सूर्य से संबंधित उपाय

    यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर माना जाता है तो कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार तकिए के नीचे लाल चंदन रखना या पलंग के नीचे तांबे के पात्र में पानी रखना शुभ माना जाता है।

    चंद्र से संबंधित उपाय

    कुछ परंपराओं में चंद्रमा की शांति के लिए तकिए के नीचे चांदी का छोटा आभूषण रखने या पलंग के नीचे चांदी के पात्र में पानी रखने की सलाह दी जाती है।

    मंगल से संबंधित उपाय

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल से जुड़े दोषों की शांति के लिए कुछ लोग पलंग के नीचे पीतल के पात्र में पानी रखते हैं या सोने अथवा चांदी का आभूषण पास में रखने की परंपरा का पालन करते हैं।

    बुध से संबंधित उपाय

    कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में बुध ग्रह की शुभता के लिए तकिए के नीचे सोने का छोटा आभूषण रखने की मान्यता प्रचलित है।

    गुरु से संबंधित उपाय

    गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए हल्दी की कुछ गांठों को पीले कपड़े में बांधकर तकिए के नीचे रखने का उपाय कुछ परंपराओं में बताया गया है।

    जरूरी बात

    ग्रहों से जुड़े उपाय धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत विश्वास का विषय हैं। यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य, मानसिक तनाव, आर्थिक समस्या या अन्य जीवन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो केवल इन उपायों पर निर्भर रहने के बजाय आवश्यकतानुसार संबंधित विशेषज्ञ या चिकित्सक से सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह जानकारी ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इनके प्रभावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इन्हें आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    आजकल बहुत से लोग घी से डरते हैं

    अक्सर कहा जाता है कि घी खाने से मोटापा बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और हार्ट की नसें ब्लॉक हो सकती हैं

    लेकिन आयुर्वेद में घी को अमृत तुल्य माना गया है सदियों से इसका उपयोग केवल भोजन के रूप में नहीं बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण और कई पारंपरिक घरेलू प्रयोगों में भी किया जाता रहा है

    सवाल यह है कि क्या घी वास्तव में इतना नुकसानदायक है जितना आजकल माना जाता है या फिर हम इसके असली गुणों को भूल चुके हैं

    कब्ज और पेट साफ न होने की समस्या

    यदि सुबह पेट ठीक से साफ नहीं होता गैस रहती है या कब्ज की समस्या रहती है तो आयुर्वेद में घी को पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना गया है

    कुछ लोग रात को सोने से पहले या सुबह खाली पेट एक चम्मच देसी घी गुनगुने पानी या दूध के साथ लेते हैं

    कई लोगों को इससे मल त्याग में आसानी और पेट हल्का महसूस होने का अनुभव होता है

    गले की खराश और सूखी खांसी

    घी का उपयोग पारंपरिक रूप से गले की देखभाल में भी किया जाता रहा है

    कुछ लोग घी में हल्दी और काली मिर्च मिलाकर लेते हैं जबकि कुछ घी शहद और अदरक के रस का मिश्रण उपयोग करते हैं

    आयुर्वेद में घी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से बचने की सलाह दी गई है

    एसिडिटी और सीने की जलन

    बार बार एसिडिटी खट्टी डकारें या सीने में जलन की समस्या होने पर कुछ लोग सीमित मात्रा में घी का सेवन करते हैं

    आयुर्वेद में घी को पित्त शांत करने वाला माना गया है

    जोड़ों की अकड़न और दर्द

    उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों को घुटनों कलाई या अन्य जोड़ों में जकड़न महसूस होने लगती है

    आयुर्वेद के अनुसार घी वात दोष को संतुलित करने में सहायक माना जाता है

    कुछ लोग सीमित मात्रा में घी का सेवन करने के साथ बाहरी मालिश भी करते हैं

    महिलाओं के लिए विशेष महत्व

    आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से घी को स्त्री स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना गया है

    कई पारंपरिक परिवारों में महिलाओं को भोजन के साथ सीमित मात्रा में घी लेने की सलाह दी जाती रही है

    आंखों के नीचे डार्क सर्कल और रूखापन

    कुछ लोग रात में शुद्ध देसी घी से आंखों के नीचे हल्की मालिश करते हैं

    हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग अलग हो सकता है

    नाक की खुश्की और बंद नाक

    आयुर्वेद में नस्य की परंपरा का वर्णन मिलता है

    कुछ लोग नाक के सूखेपन या मौसमी परेशानी में सीमित मात्रा में घी का उपयोग करते हैं

    नाक में किसी भी प्रकार का पदार्थ डालने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है

    अच्छी नींद के लिए

    कई परिवारों में आज भी सोने से पहले पैरों के तलवों पर घी की हल्की मालिश की जाती है

    आयुर्वेद के अनुसार इससे शरीर को आराम और शांति महसूस कराने में सहायता मिल सकती है

    कुछ जरूरी सावधानियां

    घी हमेशा सीमित मात्रा में लें

    शुद्ध और विश्वसनीय स्रोत का घी ही चुनें

    यदि आपको लिवर रोग गंभीर हृदय रोग पीलिया या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही सेवन करें

    किसी भी घरेलू नुस्खे को इलाज का विकल्प न समझें

    आयुर्वेद घी को इतना महत्व क्यों देता है

    आयुर्वेद में घृत को केवल भोजन नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण अनुपान और रसायन माना गया है

    चरक संहिता अष्टांग हृदयम और अन्य आयुर्वेदिक ग्रंथों में घृत के अनेक उपयोगों का उल्लेख मिलता है

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  • चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में 20 वर्षीय NEET अभ्यर्थी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, युवती अपने परिचित युवक के साथ देवांगना घाटी घूमने गई थी, जहां तीन युवकों ने दोनों को रोक लिया। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    वनकर्मी बताकर रोका, युवक से मारपीट का आरोप

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर की है। युवती अपने परिचित युवक के साथ देवांगना घाटी में मौजूद थी। आरोप है कि तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर दोनों को धमकाने लगे। इसके बाद कथित तौर पर युवक के साथ मारपीट की गई और उसे काबू में कर लिया गया।

    पीड़िता ने सामूहिक दुष्कर्म का लगाया आरोप

    शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने युवती को जबरन झाड़ियों की ओर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। युवक ने किसी तरह खुद को छुड़ाने के बाद पुलिस को सूचना दी।

    कोटा में कर रही थी NEET की तैयारी

    पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली है और कोटा में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसकी युवक से सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान हुई थी। छुट्टियों में घर आने के दौरान वह उससे मिलने चित्रकूट पहुंची थी।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक से जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    मामले की जांच जारी

    पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।