Category: Gazab

  • अब बिना इंटरनेट के भी होगा UPI पेमेंट! NPCI ला रहा नया Tap-to-Pay फीचर, जानें कैसे करेगा काम..

    अब बिना इंटरनेट के भी होगा UPI पेमेंट! NPCI ला रहा नया Tap-to-Pay फीचर, जानें कैसे करेगा काम..

    अब बिना इंटरनेट के भी होगा UPI पेमेंट! NPCI ला रहा नया Tap-to-Pay फीचर, जानें कैसे करेगा काम..

    अगर आप ऐसी जगह रहते हैं जहां इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है, तो जल्द ही UPI पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नए ऑफलाइन Tap-to-Pay फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से बिना इंटरनेट के भी दुकानों पर UPI भुगतान किया जा सकेगा।

    कैसे करेगा काम?

    इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को पहले इंटरनेट उपलब्ध होने पर अपने UPI Lite Wallet में पैसे जोड़ने होंगे। इसके बाद इंटरनेट न होने पर भी उसी बैलेंस से ऑफलाइन पेमेंट किया जा सकेगा।

    पेमेंट के दौरान यूजर को केवल अपने NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को दुकानदार की PoS (Point of Sale) मशीन पर टैप करना होगा। इस प्रक्रिया में फोन और PoS मशीन दोनों का ऑनलाइन होना जरूरी नहीं होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती चरण में 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा और इसके लिए UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी।

    किन जगहों पर होगा सबसे ज्यादा फायदा?

    यह फीचर खासतौर पर उन इलाकों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जहां नेटवर्क की समस्या रहती है, जैसे—

    • हवाई जहाज के अंदर
    • मेट्रो या अंडरग्राउंड ट्रेन
    • पहाड़ी और दूर-दराज के क्षेत्र
    • कमजोर मोबाइल नेटवर्क वाले इलाके

    PoS मशीनों को मिलेगा NPCI सर्टिफिकेशन

    इस सुविधा का उपयोग करने के लिए दुकानदारों की PoS मशीनों को NPCI से प्रमाणित (Certified) होना होगा। ऑफलाइन स्थिति में मशीन ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखेगी और इंटरनेट उपलब्ध होते ही बैंक व नेटवर्क को भेजकर भुगतान का सत्यापन पूरा करेगी।

    बैंक और UPI ऐप भी कर रहे तैयारी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बैंक और थर्ड-पार्टी UPI ऐप कंपनियां भी अपने प्लेटफॉर्म पर इस फीचर को जोड़ने की तैयारी कर रही हैं। यानी भविष्य में यह सुविधा अलग-अलग UPI ऐप्स पर उपलब्ध हो सकती है।

    UPI Lite X से कितना अलग होगा?

    NPCI पहले UPI Lite X लॉन्च कर चुका है, जिससे सीमित परिस्थितियों में बिना मोबाइल नेटवर्क के कुछ ऑफलाइन भुगतान संभव हैं।

    नया Tap-to-Pay फीचर इससे एक कदम आगे माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे दुकानों की PoS मशीन पर ऑफलाइन भुगतान करने की सुविधा मिलेगी, जिससे ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट का दायरा और बढ़ जाएगा।

    2,000 रुपये की लिमिट क्यों?

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सुविधा के तहत फिलहाल एक बार में 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा। हालांकि, अंतिम सीमा और अन्य नियम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट दिशा-निर्देशों और NPCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

    लगातार बढ़ रहा है UPI का इस्तेमाल

    भारत में UPI का उपयोग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में UPI के जरिए 22.72 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 28.92 लाख करोड़ रुपये रही।

    अगर यह नया ऑफलाइन Tap-to-Pay फीचर लागू होता है, तो नेटवर्क की समस्या वाले इलाकों में भी डिजिटल भुगतान करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो सकता है।

    नोट: फिलहाल यह सुविधा विकास और परीक्षण के चरण में बताई जा रही है। इसके लॉन्च की तारीख और अंतिम नियमों की आधिकारिक घोषणा NPCI द्वारा की जानी बाकी है।

  • चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में एक अविश्वसनीय रूप से क्रूर घटना सामने आई है। एक पति ने अपनी पत्नी की नाक सिर्फ इसलिए काट दी क्योंकि वह अपने पैतृक स्थान जाने की जिद पर अड़ी थी। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। पत्नी के रिश्तेदार आए और बदले में पति की बहन की नाक भी (खेलते समय) काट दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी हंगामा मच गया।

    पीड़िता की पत्नी प्रीति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अपने पति श्रवण से कहा कि वह अपने पैतृक नगर जाएगी क्योंकि रविवार को उसकी चचेरी बहन की शादी है। हालांकि, पति ने मना कर दिया। जब प्रीति ने पैतृक नगर जाने की जिद की, तो क्रोधित श्रवण ने अपनी पत्नी पर हमला कर दिया और ब्लेड से उसकी नाक काट दी।

    दांतों से हमला… लड़की से बदला!

    प्रीति की नाक उसके पति के हमले में कटकर खून से लथपथ हो गई, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को मिली। क्रोधित होकर प्रीति के परिवारवाले और रिश्तेदार बड़ी संख्या में श्रवण के घर पहुंचे। वहां उन्होंने श्रवण को सबक सिखाने के लिए उसकी बहन मोनी पर दांतों से बेरहमी से हमला किया। बाद में मोनी की नाक भी बेरहमी से काट दी गई। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल पत्नी प्रीति और उसके पति की बहन मोनी दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल पुलिस इस नाक काटने के मामले में जांच तेज कर चुकी है।

  • ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    Jumping Accident Brazil Video: ब्राजील में एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ब्रिज जंपिंग के दौरान 21 वर्षीय युवती करीब 40 मीटर नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा इंतजामों और लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    ब्रिज जंपिंग के दौरान हुआ हादसा

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा 13 जून को ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के लिमेरा इलाके में हुआ। मृतका की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एडवेंचर गतिविधि के तहत रोप जंपिंग करने पहुंची थीं, जिसमें प्रतिभागी को सुरक्षा रस्सियों के सहारे ऊंचाई से छलांग लगानी होती है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छलांग लगाने से पहले सुरक्षा लाइफलाइन सही तरीके से नहीं लगी थी। जैसे ही मारिया ने जंप किया, वह लगभग 40 मीटर नीचे गिर गईं। गंभीर चोटों के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    वायरल वीडियो में सुनाई दी ‘रोप… रोप…’ की आवाज

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ प्रशिक्षक युवती को जंपिंग प्लेटफॉर्म तक ले जाते दिखाई देते हैं। जैसे ही वह छलांग लगाती हैं, वहां मौजूद लोग घबराकर “रोप… रोप…” चिल्लाने लगते हैं। वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा रस्सी ठीक से नहीं जुड़ी थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।

    फिटनेस की शौकीन थीं मारिया

    मारिया साओ पाउलो के जांदीरा शहर की रहने वाली थीं। उन्होंने फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी और एक जिम में काम करती थीं। सोशल मीडिया पर वह फिटनेस और वर्कआउट से जुड़े वीडियो व पोस्ट साझा करती थीं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले उन्होंने मजाकिया अंदाज में ब्रिज जंपिंग को लेकर भी एक पोस्ट शेयर की थी।

    पुलिस कर रही है जांच

    हादसे के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।

    बताया गया है कि मारिया अपने एडवेंचर को रिकॉर्ड करने के लिए GoPro कैमरा भी साथ लाई थीं, लेकिन हादसे के बाद कैमरा बरामद नहीं हो सका। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दुर्घटना की वजह क्या थी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।

  • पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    70 वर्षीय पिता के लिए 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ पर लोहे की घुमावदार सीढ़ी बनवाई।Image Credit source: X/@BharatTechIND

    तमिलनाडु से वायरल हुई एक खबर हर किसी का दिल छू रही है. एक बेटे ने अपने 70 साल के बुजुर्ग पिता के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसकी तारीफ करते लोग नहीं थक रहे हैं. पिता को ढलती उम्र में ऊंची चढ़ाई के खतरे से बचाने के लिए बेटे ने देसी दिमाग और अनोखी तकनीक का ऐसा मेल दिखाया कि 55 फीट ऊंचा खजूर का पेड़ भी अब किसी बहुमंजिला इमारत की तरह आसान लगने लगा है.

    पिता के प्यार में बनाया लोहे का अनोखा जुगाड़

    यह मामला तमिलनाडु के तूत्तुकुड़ी जिले में स्थित सलाईपुथुर गांव का है. यहां रहने वाले दिनाकर का परिवार पीढ़ियों से खजूर और ताड़ के पेड़ से मिलने वाले रस और उत्पादों के व्यवसाय से जुड़ा है. उनके 70 वर्षीय पिता पिछले कई दशकों से यही काम करते आ रहे हैं. हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर इतने ऊंचे और चिकने पेड़ पर चढ़ना बेहद जोखिम भरा हो गया था. पिता की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए दिनाकर ने तय किया कि वह उन्हें यह खतरा नहीं उठाने देंगे और खुद इस समस्या का हल निकालेंगे.

    55 फीट ऊंचे पेड़ के चारों ओर खड़ी की घुमावदार सीढ़ियां

    दिनाकर ने 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ के चारों तरफ लोहे की मजबूत और घुमावदार सीढ़ियां लगवा दी हैं. लगभग 60,000 रुपए की लागत से तैयार इस ढांचे की सबसे खास बात यह है कि इसमें पेड़ को कोई नुकसान पहुंचाए बिना और बिना कील ठोके लोहे की पट्टियों से सीढ़ियों को कसा गया है. अब उनके पिता ही नहीं, बल्कि घर का कोई भी सदस्य बिना किसी डर या फिसलन के आराम से ऊपर तक आ-जा सकता है.

     

     

     

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक वीडियो

    जैसे ही इस अनोखे जुगाड़ और बेटे के अपने पिता के प्रति समर्पण का वीडियो इंटरनेट पर आया, यह तेजी से वायरल हो गया. लोग न सिर्फ इस इंजीनियरिंग दिमाग की सराहना कर रहे हैं, बल्कि बुजुर्ग माता-पिता के प्रति बेटे के इस सम्मान और देखभाल की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. यह भी पढ़ें:पति को उठा ले गए गुंडे, तो पत्नी ने डॉन की मां को ही कर लिया किडनैप! मेक्सिको का यह अनोखा किस्सा फिर हुआ वायरल

  • “दिन के 5 हजार कमा लेता हूं…” छोले-कुल्चे वाले की कमाई सुनकर हैरान रह गई महिला, वीडियो हुआ वायरल

    Delhi Viral Video: दिल्ली के एक छोले-कुल्चे विक्रेता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला जब उससे रोज की कमाई के बारे में पूछती है, तो उसका जवाब सुनकर वह खुद हैरान रह जाती है। इस वीडियो ने एक बार फिर छोटे कारोबार और स्ट्रीट फूड बिजनेस से होने वाली कमाई को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

    “महीने में करीब डेढ़ लाख रुपये”

    वायरल वीडियो में महिला कंटेंट क्रिएटर सड़क किनारे छोले-कुल्चे बेचने वाले विक्रेता से उसकी कमाई के बारे में सवाल करती है। विक्रेता बताता है कि वह औसतन रोज करीब 5,000 रुपये और महीने में लगभग 1.5 लाख रुपये तक कमा लेता है।

    यह जवाब सुनकर महिला चौंक जाती है और मजाकिया अंदाज में कहती है कि उसकी अपनी सैलरी इससे कम है।

    “मुझे भी छोले-कुल्चे बनाने आते हैं”

    वीडियो में महिला हंसते हुए कहती है कि अगर ऐसा है तो वह भी रेहड़ी लगाना शुरू कर सकती है, क्योंकि उसे छोले-कुल्चे बनाना आता है। वह मजाक में विक्रेता से यह भी पूछती है कि क्या वह उसकी बिजनेस पार्टनर बन सकती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने कहा कि मेहनत और सही लोकेशन होने पर स्ट्रीट फूड का कारोबार अच्छी आय दे सकता है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी वायरल वीडियो में बताए गए आय के आंकड़ों को बिना स्वतंत्र पुष्टि के अंतिम सत्य नहीं मान लेना चाहिए, क्योंकि वास्तविक कमाई स्थान, ग्राहकों की संख्या, खर्च और मौसम जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

    ​

    नोट: वीडियो में बताई गई कमाई का दावा संबंधित विक्रेता ने स्वयं किया है। इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक आय व्यक्ति तथा परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • कमजोर लकड़ी के पुल पर बाइक दौड़ाना पड़ा भारी, फिसला बाइकर तो कुछ सेकंड के लिए थम गईं सांसें, वीडियो वायरल

    सोशल मीडिया पर एक रोमांचक लेकिन बेहद खतरनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक बाइकर पहाड़ी इलाके में बने संकरे और लकड़ी के पुल को पार करने की कोशिश करता है, लेकिन बीच रास्ते उसका संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ पल के लिए ऐसा लगता है कि वह बाइक समेत नीचे गहरी खाई या नदी में गिर जाएगा।

    वायरल वीडियो में दो बाइकर्स एक पहाड़ी रास्ते पर बने पुराने और कमजोर लकड़ी के पुल के सामने रुकते दिखाई देते हैं। पुल की हालत देखकर दोनों कुछ देर तक आगे बढ़ने को लेकर सोचते हैं। आखिरकार पहला बाइकर सावधानी से पुल पार कर लेता है।

    इसके बाद दूसरा बाइकर जैसे ही पुल पर आगे बढ़ता है, अचानक उसका संतुलन बिगड़ जाता है। बाइक फिसलने लगती है और वह पुल के किनारे की ओर झुक जाता है। कुछ सेकंड के लिए हादसा तय नजर आता है, लेकिन तभी वह तेजी से हाथ बढ़ाकर पुल की रेलिंग पकड़ लेता है। इसी वजह से उसकी जान बच जाती है और वह नीचे गिरने से बाल-बाल बच जाता है।

    यह वीडियो Jamal नाम के एक्स (X) अकाउंट से साझा किया गया है। पोस्ट के साथ लोगों से अपील की गई है कि एडवेंचर और लापरवाही में फर्क समझें। किसी भी रोमांचक यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे गैर-जरूरी जोखिम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसे कमजोर पुलों पर बाइक ले जाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। वहीं कई यूजर्स ने राहत जताई कि बाइकर की सूझबूझ और रेलिंग पकड़ लेने से उसकी जान बच गई।

  • 2 टोयोटा फॉर्च्यूनर से भी ज्यादा बताई जाती है इस छोटे से कीड़े की कीमत! सच जानकर लोग रह गए हैरान

    2 टोयोटा फॉर्च्यूनर से भी ज्यादा बताई जाती है इस छोटे से कीड़े की कीमत! सच जानकर लोग रह गए हैरान

    2 टोयोटा फॉर्च्यूनर से भी ज्यादा बताई जाती है इस छोटे से कीड़े की कीमत! सच जानकर लोग रह गए हैरान

    सोचिए… आप किसी खूबसूरत पहाड़ी इलाके में घूम रहे हों और रास्ते में आपको एक छोटा-सा कीड़ा दिखाई दे। आप उसे आम कीड़ा समझकर आगे बढ़ जाएं, लेकिन तभी कोई स्थानीय व्यक्ति कहे कि इसकी कीमत लाखों रुपये बताई जाती है। शायद यकीन करना मुश्किल होगा, लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ ऐसा ही दावा चर्चा में है।

    एक वायरल वीडियो में एक युवक बताता है कि वह सिक्किम घूमने गया था। घूमते-घूमते उसकी नजर एक बड़े से बीटल पर पड़ी। पहले तो उसने उसे सामान्य कीड़ा समझा, लेकिन वहां मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यह कोई साधारण बीटल नहीं, बल्कि स्टैग बीटल (Stag Beetle) है।

    युवक के मुताबिक, स्थानीय व्यक्ति ने उसे इस कीड़े के बारे में इंटरनेट पर जानकारी खोजने की सलाह दी। जब उसने ऑनलाइन इसकी कीमत देखी, तो वह खुद भी हैरान रह गया। वीडियो में दावा किया गया कि इस दुर्लभ कीड़े की कीमत लगभग 75 लाख रुपये तक हो सकती है, जो कई लग्जरी एसयूवी कारों की कीमत के बराबर है।

    हालांकि, इस दावे को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग है। किसी भी स्टैग बीटल की कीमत उसकी प्रजाति, दुर्लभता, स्थानीय कानूनों और वैध व्यापार पर निर्भर करती है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले 75 लाख रुपये जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    दरअसल, स्टैग बीटल दुनिया के कई देशों में पाया जाने वाला एक आकर्षक भृंग है। इसकी पहचान इसके बड़े जबड़ों (Mandibles) से होती है, जो हिरण के सींग जैसे दिखाई देते हैं। इसी वजह से इसे हिरण भृंग (Stag Beetle) भी कहा जाता है।

    वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों लोग देख चुके हैं और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इस दावे पर हैरानी जता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई जानकारी बता रहे हैं।

    ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कई देशों में दुर्लभ वन्यजीवों और कीड़ों की खरीद-बिक्री कानूनों के तहत नियंत्रित या प्रतिबंधित हो सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी कीमत या दावे को अंतिम सच मानने से पहले उसकी विश्वसनीय जानकारी की जांच करना जरूरी है।

  • अब सांपों से नहीं डरेंगे किसान! खेत में 100 मीटर पहले ही खतरे का अलर्ट देगी ‘किसान मित्र छड़ी’, जानिए कैसे करती है काम..

    अब सांपों से नहीं डरेंगे किसान! खेत में 100 मीटर पहले ही खतरे का अलर्ट देगी ‘किसान मित्र छड़ी’, जानिए कैसे करती है काम..

    अब सांपों से नहीं डरेंगे किसान! खेत में 100 मीटर पहले ही खतरे का अलर्ट देगी ‘किसान मित्र छड़ी’, जानिए कैसे करती है काम..

    खेती-किसानी के दौरान किसानों को अक्सर सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। खासकर रात में सिंचाई, बारिश या घने खेतों में काम करते समय हादसे की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘किसान मित्र छड़ी’ नाम की एक स्मार्ट डिवाइस चर्चा में है, जिसे किसानों का ‘बॉडीगार्ड’ भी कहा जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि यह छड़ी खेत में काम करने के दौरान आसपास मौजूद संभावित खतरे का संकेत देने के लिए सेंसर तकनीक का इस्तेमाल करती है।

    कैसे काम करती है किसान मित्र छड़ी?

    जानकारी के अनुसार, इस छड़ी में सेंसर लगाए गए हैं जो आसपास किसी सांप या अन्य संभावित खतरे का आभास होने पर किसान को वाइब्रेशन के जरिए अलर्ट देने का दावा करते हैं। इससे किसान समय रहते सतर्क हो सकता है और खतरे से बचने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि, इसके 100 मीटर तक सटीक पहचान करने जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वास्तविक क्षमता डिवाइस के मॉडल और तकनीक पर निर्भर कर सकती है।

    सोलर टॉर्च भी है खासियत

    इस छड़ी में सोलर तकनीक से चलने वाली टॉर्च भी दी गई है। दिन में यह सूरज की रोशनी से चार्ज होती है और रात में खेतों या कच्चे रास्तों पर रोशनी देने में मदद करती है। इससे किसानों को अलग से टॉर्च या बैटरी रखने की जरूरत कम पड़ सकती है।

    किसानों के लिए क्यों हो सकती है उपयोगी?

    • रात में खेतों में काम करने के दौरान सतर्क रहने में मदद।
    • अंधेरे रास्तों पर रोशनी की सुविधा।
    • सांप, बिच्छू जैसे संभावित खतरों से बचाव के लिए अलर्ट मिलने की संभावना।
    • सोलर चार्जिंग के कारण बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं।

    कहां मिलेगी?

    जानकारी के मुताबिक, भविष्य में इस तरह की डिवाइस को किसान सुविधा केंद्रों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) या कृषि सहायता नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा की जा रही है। हालांकि, इसकी उपलब्धता, कीमत और आधिकारिक लॉन्च से जुड़ी जानकारी संबंधित संस्थाओं की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

    ध्यान रखें

    ऐसी किसी भी सुरक्षा डिवाइस का उपयोग करते समय केवल उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए। खेतों में काम करते समय ऊंचे जूते पहनना, टॉर्च का उपयोग करना और सावधानी बरतना अब भी सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय हैं।

  • क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    सोचिए… एक गांव में किसी हनुमान भक्त का निधन हो जाता है। घर में मातम पसरा है और परिजन नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। तभी अचानक कुछ ऐसा होता है, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति कुछ पल के लिए स्तब्ध रह जाता है।

    झारखंड के देवघर जिले के सारठ प्रखंड के ब्रहासोली गांव में रहने वाले मुन्ना सिंह, जिन्हें लोग भगवान हनुमान का परम भक्त बताते थे, उनके निधन के बाद अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक एक बंदर वहां आ पहुंचा।

    पहले तो लोगों ने सोचा कि वह कुछ देर रुककर चला जाएगा, लेकिन आगे जो हुआ उसने सभी को भावुक कर दिया।

    बताया जाता है कि बंदर धीरे-धीरे अर्थी के पास पहुंचा, मृतक के चेहरे पर पड़ी चादर हटाई और कुछ देर तक उन्हें एकटक देखता रहा। इसके बाद उसने उनके गालों को चूमना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों का दावा है कि बंदर काफी देर तक उनके पास बैठा रहा और बेहद भावुक दिखाई दे रहा था। इस पूरे दृश्य को देखकर कई लोगों की आंखें भर आईं।

    मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे आस्था से जोड़ते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मानो स्वयं हनुमान जी अपने भक्त को अंतिम विदाई देने आए हों, जबकि अन्य इसे बंदर और इंसान के बीच भावनात्मक जुड़ाव का उदाहरण बता रहे हैं।

    कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

    जब अंतिम यात्रा शुरू हुई तो बंदर भी अर्थी के साथ-साथ चलता रहा। गांव के लोगों के अनुसार, वह श्मशान घाट तक शव यात्रा में शामिल रहा और पूरे समय अर्थी के आसपास ही मंडराता रहा।

    श्मशान पहुंचने के बाद भी बंदर वहां से नहीं गया। बताया जाता है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक वह वहीं बैठा रहा। लोगों ने कई बार उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर बाद वहां से गया।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह कहना संभव नहीं है कि बंदर का यह व्यवहार किसी धार्मिक या अलौकिक कारण से था। लेकिन इतना जरूर है कि इस भावुक दृश्य ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया है और आस्था व इंसान-जानवर के रिश्ते पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  • क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    सोशल मीडिया पर अक्सर एक दावा वायरल होता है कि मुंह में चम्मच रखकर, उसे प्लास्टिक बैग में बंद करने और कुछ देर बाद उसकी गंध या रंग देखकर किडनी, फेफड़ों, लिवर, डायबिटीज या थायरॉयड जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।

    लेकिन यह दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। किसी भी प्रमुख चिकित्सा संस्था या विशेषज्ञ द्वारा इस “चम्मच टेस्ट” को बीमारी की जांच का विश्वसनीय तरीका नहीं माना गया है।

    क्या चम्मच टेस्ट भरोसेमंद है?

    नहीं। लार की गंध या चम्मच पर बने निशान देखकर—

    • किडनी रोग
    • फेफड़ों की बीमारी
    • डायबिटीज
    • लिवर रोग
    • थायरॉयड की समस्या
    • हाई कोलेस्ट्रॉल

    का सही और निश्चित पता नहीं लगाया जा सकता।

    यदि किसी व्यक्ति के मुंह से असामान्य गंध आती है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे—

    • मुंह की साफ-सफाई ठीक न होना
    • दांत या मसूड़ों की बीमारी
    • धूम्रपान
    • कुछ खाद्य पदार्थ
    • कुछ चिकित्सीय स्थितियां

    लेकिन केवल गंध के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    इन बीमारियों की सही जांच कैसे होती है?

    किडनी की जांच

    • रक्त में क्रिएटिनिन (Creatinine)
    • eGFR टेस्ट
    • यूरिन टेस्ट
    • आवश्यकता पड़ने पर अल्ट्रासाउंड

    डायबिटीज की जांच

    • फास्टिंग ब्लड शुगर
    • HbA1c
    • रैंडम ब्लड शुगर

    लिवर की जांच

    • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
    • अल्ट्रासाउंड (जरूरत पड़ने पर)

    फेफड़ों की जांच

    • डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच
    • एक्स-रे
    • सीटी स्कैन
    • स्पाइरोमेट्री (Spirometry)

    किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

    यदि आपको इनमें से कोई समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर मिलें—

    • लगातार सांस फूलना
    • लगातार खांसी
    • पैरों या चेहरे पर सूजन
    • पेशाब में बदलाव
    • अत्यधिक प्यास लगना
    • बार-बार पेशाब आना
    • लगातार थकान
    • बिना कारण वजन घटना

    निष्कर्ष

    चम्मच टेस्ट से किडनी, फेफड़ों, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने का दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। यदि आपको किसी बीमारी का संदेह है, तो सही निदान के लिए केवल प्रमाणित मेडिकल जांच और योग्य डॉक्टर की सलाह पर भरोसा करें। समय पर जांच और उपचार ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।