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  • चार साल पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी पुलिस रिकॉर्ड में बना ‘गुंडा’; जिला बदर का आदेश आते ही मचा हड़कंप..

    चार साल पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी पुलिस रिकॉर्ड में बना ‘गुंडा’; जिला बदर का आदेश आते ही मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कुछ समय पहले प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जिस युवक की करीब चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी, उसका नाम पुलिस की रिपोर्ट में शामिल रहा और बाद में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी कर दी गई।

    मामला खड्डा कस्बे से जुड़ा बताया गया था। यहां रहने वाले एक युवक की वर्ष 2021 में वाराणसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार के लिए यह घटना कई साल पुरानी हो चुकी थी, लेकिन बाद में उसका नाम एक प्रशासनिक कार्रवाई में सामने आया तो परिजन और स्थानीय लोग हैरान रह गए।

    बताया गया था कि पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कुछ लोगों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी सूची में मृत युवक का नाम भी शामिल था। सुनवाई के बाद उसके खिलाफ छह महीने के लिए जिला बदर किए जाने का आदेश तक जारी कर दिया गया।

    मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जिस व्यक्ति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी, उसके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट तैयार करते समय उसके जीवित होने की पुष्टि क्यों नहीं की गई।

    प्रशासनिक आदेश में अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल थे। कुछ आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई। लेकिन मृत युवक का नाम उसी प्रक्रिया में शामिल होना पूरे मामले को असामान्य बना गया।

    घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से पहले उसके बारे में बुनियादी जानकारी और वर्तमान स्थिति की जांच होना जरूरी है।

    मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि पुलिस रिकॉर्ड को अपडेट करने और कार्रवाई के लिए भेजी जाने वाली रिपोर्टों की जांच किस स्तर पर की जाती है। मृत व्यक्ति के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी होने की खबर सामने आने के बाद यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था, जहां एक परिचित व्यक्ति को भरोसे में लेकर बुलाने के बाद उसे बंधक बना लिया गया। आरोप था कि एक दंपती और उनके साथियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और हथियार के दम पर नकदी व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों रुपये हड़प लिए।

    बताया गया था कि पीड़ित पहले एक मकान में किराये पर रहता था। वहीं उसकी पहचान एक दंपती से हुई थी। कुछ समय बाद दंपती मकान खाली कर दूसरे शहर में रहने चला गया, लेकिन पुरानी जान-पहचान बनी रही।

    घटना से कुछ दिन पहले महिला ने फोन कर परिचित को अपने पास बुलाया था। उसे बताया गया था कि कुछ जरूरी बात करनी है। भरोसा होने के कारण वह वहां पहुंच गया। आरोप है कि पहुंचते ही पहले से मौजूद लोगों ने उसे जबरन वाहन में बैठाया और दूसरे स्थान पर ले जाकर बंधक बना लिया।

    पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद सोने के आभूषण तथा नकदी छीन ली। इसके अलावा हथियार दिखाकर उससे ऑनलाइन भुगतान का पिन भी हासिल कर लिया गया। इसके बाद उसके खाते से करीब तीन लाख रुपये की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगा।

    किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    पुलिस की जांच में दंपती समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। पूछताछ के बाद आरोपियों के पास से कथित तौर पर लूटे गए सामान, नकदी, एक अवैध हथियार और वाहन बरामद किए गए।

    जांच में यह भी सामने आया था कि पुरानी जान-पहचान और आपसी विवाद को लेकर आरोपी पक्ष के मन में नाराजगी थी। इसी के बाद परिचित को बुलाकर उसके साथ वारदात करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

  • महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ समय पहले पुलिस ने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया था। जांच के दौरान एक आरोपी को लेकर ऐसी बात सामने आई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी हो चुका था।

    मामला मुगलसराय क्षेत्र में हुई एक चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का एक सदस्य लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल था। पूछताछ में उसके बारे में बताया गया कि वह महीने में कई बार चोरी करता था और कुछ समय तक वारदात न करने पर बेचैनी महसूस करने लगता था।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। जांच में उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग जगहों पर हुई वारदातों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के कुछ सदस्य चोरी किए गए जेवरात का बंटवारा करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई।

    पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में सामने आई चोरी की आदत वाली बात की वजह से यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • अजब रिश्ता: 3 बच्चों की मां ने 6 बच्चों के पिता से किया निकाह, अब 9 बच्चों के साथ बसाएंगे नई गृहस्थी

    अजब रिश्ता: 3 बच्चों की मां ने 6 बच्चों के पिता से किया निकाह, अब 9 बच्चों के साथ बसाएंगे नई गृहस्थी

    मुरादाबाद के रानीनागल गांव में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब पांच साल पहले सड़क हादसे में पति को खो चुकी तीन बच्चों की मां तबस्सुम ने छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर के साथ निकाह कर नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है। दोनों ने परिवार की नाराजगी के बावजूद पहले निकाह और फिर कोर्ट मैरिज की।

    पति की मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही थीं तबस्सुम

    तबस्सुम के पति रियाजुल की करीब पांच साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों की परवरिश कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात मोहम्मद उमर से हुई। उमर पेशे से मैकेनिक हैं और उनके भी छह बच्चे हैं। दोनों की परिस्थितियां काफी हद तक एक जैसी थीं और बातचीत के दौरान दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया।

    परिवार ने किया विरोध, फिर भी नहीं बदला फैसला

    बताया जा रहा है कि दोनों के रिश्तेदार इस शादी के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद तबस्सुम और उमर ने परिजनों को बिना बताए कलियर शरीफ जाकर निकाह किया और बाद में कोर्ट मैरिज भी कर ली। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो विवाद खड़ा हो गया। मामला बढ़ने पर गांव में पंचायत बुलाई गई।

    पंचायत में दोनों ने साफ कहा- अब अलग नहीं होंगे

    ग्राम प्रधान जाहिद हुसैन की अगुवाई में हुई पंचायत में दोनों से उनकी राय पूछी गई। तबस्सुम और उमर ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से साथ रहने का फैसला किया है और अब अलग नहीं होंगे। उमर ने तबस्सुम और उनके तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का भरोसा भी दिया।

    बताया गया कि उमर ने किराए के मकान, खरीदे गए प्लॉट और बच्चों के भरण-पोषण को लेकर हलफनामा भी दिया।

    अब एक परिवार में होंगे 9 बच्चे

    पंचायत की सहमति के बाद तबस्सुम अपने तीनों बच्चों के साथ उमर के घर चली गईं। अब दोनों के कुल 9 बच्चे एक साथ रहेंगे। यानी पति-पत्नी और 9 बच्चों को मिलाकर यह परिवार कुल 11 सदस्यों का होगा।

    गांव में इस शादी को लेकर काफी चर्चा है। कई लोग दोनों के फैसले की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि दोनों ने अपने पुराने संघर्षों को पीछे छोड़कर एक-दूसरे का साथ देने और मिलकर अपने बच्चों का भविष्य संवारने का फैसला किया है

  • ऐसा भी क्या… बड़ा अजीब है यूपी के इस गांव का नाम, बताने में महिलाओं के चेहरे हो जाते हैं लाज से लाल..

    ऐसा भी क्या… बड़ा अजीब है यूपी के इस गांव का नाम, बताने में महिलाओं के चेहरे हो जाते हैं लाज से लाल..

    उत्तर प्रदेश में हजारों गांव हैं और हर गांव के नाम के पीछे कोई न कोई कहानी छिपी होती है। कुछ नाम सुनने में बेहद सामान्य लगते हैं, तो कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें सुनकर लोग मुस्कुरा देते हैं। सुल्तानपुर का एक गांव भी लंबे समय से अपने नाम को लेकर चर्चा में रहा है।

    यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर भदैयां क्षेत्र में स्थित है। गांव का नाम सुनकर बाहर के लोग अक्सर मजाक करने लगते हैं। यही वजह है कि खासकर गांव की महिलाएं और युवतियां कई बार अपना गांव बताते हुए झिझक महसूस करती हैं।

    कुछ महिलाएं ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपने गांव के बजाय नजदीकी बाजार या आसपास के किसी प्रसिद्ध स्थान का नाम बता देती हैं। उनका कहना है कि जब गांव का नाम बताते हैं तो सामने वाला व्यक्ति अक्सर हंसी-मजाक शुरू कर देता है, जिससे असहज स्थिति पैदा हो जाती है।

    नाम के पीछे छिपी है पुरानी कहानी

    गांव के बुजुर्गों के मुताबिक, इस नाम का संबंध किसी मजाक या आपत्तिजनक बात से नहीं, बल्कि गांव के पुराने इतिहास से है। बताया जाता है कि कभी इस इलाके में तीन भाई अलग-अलग स्थानों पर जाकर बसे थे।

    इनमें से एक भाई के बसाए स्थान का नाम उसके नाम से जुड़कर रखा गया, दूसरे के नाम पर दूसरा गांव पहचाना जाने लगा और जिस जगह तीसरे भाई ने अपना ठिकाना बनाया, उसी से वर्तमान गांव के नाम की पहचान बनी।

    यानी आज जिस नाम को सुनकर कुछ लोग मजाक करते हैं, उसके पीछे दरअसल गांव के पूर्वजों और उनके बसाए गांव की कहानी जुड़ी हुई है।

    अब लोग नाम को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होते

    शुरुआत में गांव के लोगों को बाहर वालों के मजाक का बुरा लगता था। खासकर महिलाओं को अपना मायका बताते समय असहज महसूस होता था। लेकिन समय के साथ ग्रामीणों की सोच में बदलाव आया है।

    अब गांव के कई लोग मानते हैं कि किसी जगह की पहचान उसके नाम से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के काम और व्यवहार से होती है। उनका कहना है कि अगर गांव तरक्की कर रहा है और लोग मिल-जुलकर रह रहे हैं, तो नाम को लेकर किसी तरह की शर्म महसूस करने की जरूरत नहीं है।

    नाम नहीं, काम बनाता है पहचान

    ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की असली पहचान वहां रहने वाले लोगों, उनकी मेहनत और आपसी भाईचारे से है। गांव में खेती, शिक्षा और विकास से जुड़े कामों पर भी लोग ध्यान दे रहे हैं।

    कुछ युवाओं ने खेती के आधुनिक तरीकों को अपनाया है, वहीं स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में भी ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ी है।

    आज भी गांव का नाम सुनकर बाहरी लोग भले ही मुस्कुरा दें, लेकिन यहां रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उनके पूर्वजों से जुड़ी पहचान और अपनी मिट्टी की विरासत है।

    वह गांव “भैंसौली” है।

  • रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात अचानक बड़े विवाद में बदल गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने एक रेस्टोरेंट पहुंचा था। दोनों बातचीत कर ही रहे थे कि युवती के परिजन और उसका भाई वहां पहुंच गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू हो गया।

    बताया गया था कि मामला चांदपुर के एक बाजार स्थित रेस्टोरेंट का था। युवक और युवती एक टेबल पर बैठे थे, तभी युवती के परिजन वहां पहुंच गए। आरोप है कि परिजनों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में रेस्टोरेंट का माहौल पूरी तरह बदल गया और वहां चीख-पुकार मच गई।

    घटना के दौरान रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान युवती के परिजनों और रेस्टोरेंट पक्ष के लोगों के बीच भी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।

    बताया गया था कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडे और लोहे की सरिया तक इस्तेमाल किए गए। मारपीट में युवती पक्ष के तीन और रेस्टोरेंट पक्ष के दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

    घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। कई व्यापारी रेस्टोरेंट संचालक के समर्थन में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी थी। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • 65 किलोमीटर दूर प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मंदिर में करा दी शादी..

    65 किलोमीटर दूर प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मंदिर में करा दी शादी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेम कहानी ने पूरे इलाके में खूब चर्चा बटोरी थी। करीब पांच साल से एक-दूसरे को जानने वाले युवक और युवती की मुलाकात उस वक्त यादगार बन गई, जब प्रेमिका से मिलने करीब 65 किलोमीटर दूर पहुंचे युवक को ग्रामीणों और परिजनों ने पकड़ लिया।

    बताया गया था कि युवक सावन शिवरात्रि के मौके पर लगे मेले में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। मेला खत्म होने के बाद युवक प्रेमिका को उसके घर छोड़ने जा रहा था, तभी ग्रामीणों और परिवार के लोगों की नजर दोनों पर पड़ गई।

    दोनों को साथ देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के परिवार भी वहां पहुंच गए। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली।

    करीब ढाई घंटे तक चली पंचायत के बाद दोनों परिवारों की सहमति से युवक और युवती की शादी कराने का फैसला लिया गया। इसके बाद गांव के शिव मंदिर में दोनों का विवाह कराया गया। पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी की रस्में पूरी हुईं और दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।

    बताया गया था कि दोनों की प्रेम कहानी करीब पांच साल पहले शुरू हुई थी। एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद मुलाकातों और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

    आखिरकार, जिस रिश्ते को दोनों लंबे समय से परिवार और गांव वालों से छिपाकर निभा रहे थे, उसका अंत शादी के साथ हुआ। मंदिर में हुई इस शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं।

  • प्रेमी संग रंगरेलियां मना रही थी पत्नी, तभी आ गया पति, फिर जो हुआ बन गया चर्चा का विषय..

    प्रेमी संग रंगरेलियां मना रही थी पत्नी, तभी आ गया पति, फिर जो हुआ बन गया चर्चा का विषय..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। पत्नी को उसके परिचित युवक के साथ देखने के बाद पति ने विवाद या मारपीट करने के बजाय दोनों को साथ रहने की मंजूरी दे दी। बाद में उसने परिवार और परिचितों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी।

    बताया गया था कि दंपती की शादी करीब 25 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद चल रहा था। इसी वजह से पत्नी अलग जगह पर रहने लगी थी।

    इसी दौरान महिला की जान-पहचान एक दूसरे व्यक्ति से बढ़ गई। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। आसपास के लोगों को भी उनके संबंधों की जानकारी होने लगी थी।

    घटना वाले दिन पति अचानक उस स्थान पर पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी उस व्यक्ति के साथ मौजूद थी। पत्नी को उसके साथ देखकर पति ने हंगामा करने के बजाय एक अलग ही फैसला लिया। उसने परिवार के कुछ लोगों और परिचितों को वहां बुलाया और दोनों के रिश्ते को स्वीकार करने की बात कही।

    इसके बाद सबकी मौजूदगी में महिला ने उस व्यक्ति को वरमाला पहनाई। बाद में मंदिर में दोनों का विवाह भी कराया गया। इस दौरान आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहे और पूरा घटनाक्रम देखते रहे।

    बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था और दोनों अलग रहने के साथ वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने की कानूनी प्रक्रिया में भी थे। ऐसे में पति के इस फैसले ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।

    शादी के बाद महिला ने अपने पुराने परिचित के साथ रहने की बात कही। वहीं, पति के इस कदम की इलाके में काफी चर्चा हुई। लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ देखने के बाद पति ने विरोध करने के बजाय खुद दोनों के विवाह की पहल कर दी थी।

  • चार बच्चों की मां को लेकर भागा चार बच्चों का बाप, तीसरी बार बना दूल्हा, भड़के गांववालों ने महापंचायत में दी ‘सजा’

    चार बच्चों की मां को लेकर भागा चार बच्चों का बाप, तीसरी बार बना दूल्हा, भड़के गांववालों ने महापंचायत में दी ‘सजा’

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने पूरे गांव में चर्चा छेड़ दी थी। चार बच्चों की मां और चार बच्चों के पिता ने अपने पुराने रिश्तों से अलग होने के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और शादी कर ली। दोनों के इस फैसले के बाद गांव में मामला काफी गरमा गया था।

    बताया गया था कि दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। कुछ समय बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और गांव से बाहर चले गए। बाद में मंदिर में शादी की रस्में निभाते हुए एक-दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार करने का वीडियो भी सामने आया था।

    महिला के चार बच्चे बताए गए थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां थीं। वहीं, युवक के भी अपनी पिछली शादी से चार बच्चे थे। जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बन गया था और गांव में इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं।

    मामला बढ़ने के बाद गांव में महापंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों के फैसले को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई। कुछ ग्रामीणों ने इस रिश्ते को परिवार और सामाजिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं बताया। बच्चों पर इसके प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई।

    पंचायत में यह फैसला लिया गया कि दोनों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, दोनों ने अपने फैसले को लेकर पीछे हटने से इनकार किया था और साथ रहने की बात कही थी।

    इस घटना के बाद गांव में लंबे समय तक यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। एक तरफ दोनों के साथ रहने के फैसले को लेकर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ उनके पहले परिवारों और बच्चों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों के बीच चिंता देखने को मिली।

  • महात्मा विदुर के इस श्लोक को अपनाने से मिल सकता है सुखी जीवन, इन 7 बातों से रहें दूर..

    महात्मा विदुर के इस श्लोक को अपनाने से मिल सकता है सुखी जीवन, इन 7 बातों से रहें दूर..

    महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों में जीवन जीने के बारे और सुखी जीवन से जुड़े कई नियमों के बारे में बताया है. वह महाभारत काल में हस्तिनापुर के महामंत्री थे. वह अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के लिए प्रसिद्ध थे. उस समय के उनके विचार और नीतियां आज के समय में भी प्रासांगिक साबित होती है. व्यक्ति को सुखी जीवन के लिए उनके बताए इन नियमों को अपनाना चाहिए.

    विदुर नीति में वर्णित प्रसिद्ध श्लोक

    अनर्थकं विदेशवासं गृहेशुं। पापैः सख्यं परदाराभिमर्शनम्।
    दशं स्तेयं पैशुनं मध्यपानं न सेवते यः स सुखी सदेव॥

    महात्मा विदुर का यह प्रसिद्ध श्लोक महाभारत काल में वर्णित विदुर नीति का है. इस श्लोक के माध्यम से महात्मा विदुर ने लोगों को बुरे कर्मो और बुराई से दूर रहने की सलाह दी है. इस श्लोक के अनुसार, व्यक्ति को जीवन में सात चीजों से दुरी बनाकर रहना चाहिए. आइये इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

    इन 7 बातों से रहें दूर

    व्यर्थ का विदेशवास – व्यर्थ में घर-परिवार से दूर नहीं रहना चाहिए. इससे जीवन में अकेलापन और दुख आता है. घर से दूर रहना उचित नहीं होता है.

    पापियों से दोस्ती – आपको अपने मित्र सोच-समझकर बनाने चाहिए. पाप करने वाले और चरित्रहीन लोगों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए.

    पराई स्त्री से संबंध – कभी भी जीवन में पराई स्त्री से संबंध नहीं रखने चाहिए. पराई स्त्री के साथ संबंध बनाने से परिवार का नाश होता है.

    अपवाद – अपवाद का अर्थ है कि, दूसरों को बदनाम करने और व्यर्थ में किसी के बारे में झूठ बोलने से बचना चाहिए. इसके कारण रिश्ते कमजोर होते हैं.

    चोरी करना – चोरी करने वाले इंसान को जीवन में कभी सुख नहीं मिलता है. चोरी करने से मिले धन से जीवन में परेशानियों आती हैं. हमेशा मेहनत से धन कमाना चाहिए.

    चुगली करना – दूसरों की चुगली करना और इधर-उधर की बातें करके अफवाह फैलाना गलत होता है. इससे समाज में कलह पैदा होती है.

    नशा और मद्यपान – नशा यानी मद्यपान करने से व्यक्ति की बुद्धि, सेहत और सम्मान का नाश होता है. इसलिए नशा करने से बचना चाहिए. शराब, सिगरेट और किसी भी नशे की लत है, तो इसे छोड़ दें.

    डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है.Satyareport  इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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