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  • रिसर्च में सामने आया: शादीशुदा लोगों की सेहत पर पड़ सकता है सकारात्मक असर, जानिए कैसे..?​​​​​​

    रिसर्च में सामने आया: शादीशुदा लोगों की सेहत पर पड़ सकता है सकारात्मक असर, जानिए कैसे..?​​​​​​

    शादी सिर्फ सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते का नाम नहीं है, बल्कि कई शोधों में वैवाहिक स्थिति और स्वास्थ्य के बीच संबंध भी देखा गया है। कुछ अध्ययनों के अनुसार शादीशुदा लोगों में मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सहयोग और कुछ स्वास्थ्य परिणामों के मामले में फायदे देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शादी हर व्यक्ति को स्वस्थ रखने की गारंटी देती है।

    1. मानसिक स्वास्थ्य को मिल सकता है सहारा

    एक अच्छे और सहयोगी वैवाहिक रिश्ते से व्यक्ति को भावनात्मक सहारा मिल सकता है। मुश्किल परिस्थितियों में पार्टनर का साथ तनाव और अकेलेपन से निपटने में मदद कर सकता है। शोधों में बेहतर वैवाहिक गुणवत्ता और बेहतर स्वास्थ्य के बीच संबंध भी पाया गया है।

    2. स्वस्थ आदतों को बढ़ावा मिल सकता है

    शादी के बाद पार्टनर एक-दूसरे को बेहतर खान-पान, नियमित एक्सरसाइज और अन्य स्वस्थ आदतों के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कुछ शोधों में शादी और शराब के अत्यधिक सेवन में कमी के बीच संबंध भी देखा गया है। हालांकि, हर स्वास्थ्य व्यवहार पर शादी का प्रभाव एक जैसा नहीं होता।

    3. अकेलेपन से बचने में मिल सकता है फायदा

    एक भरोसेमंद साथी होने से व्यक्ति को नियमित सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव मिलता है। यह सामाजिक समर्थन मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर जीवन के कठिन दौर में करीबी रिश्ते व्यक्ति को बेहतर तरीके से परिस्थितियों का सामना करने में मदद कर सकते हैं।

    4. कुछ अध्ययनों में लंबी उम्र से जुड़ा संबंध

    कई शोधों में शादीशुदा लोगों में मृत्यु का जोखिम अविवाहित, तलाकशुदा या विधवा/विधुर लोगों की तुलना में कम पाया गया है। 2025 की एक अपडेटेड व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में 12 कोहोर्ट अध्ययनों और करीब 17.9 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें अविवाहित स्थिति को कुल मृत्यु, हृदय रोग और कैंसर से होने वाली मृत्यु के अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया।

    5. आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग मिल सकता है

    विवाह के बाद कई लोगों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में पार्टनर का सहयोग मिलता है। बीमारी या परेशानी के समय डॉक्टर से संपर्क करने, दवा लेने और स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने में साथी की भूमिका मददगार हो सकती है।

    6. लेकिन हर शादी सेहत के लिए फायदेमंद नहीं

    यह समझना बेहद जरूरी है कि सिर्फ शादीशुदा होना अच्छे स्वास्थ्य की गारंटी नहीं है। रिश्ते की गुणवत्ता बहुत मायने रखती है। तनावपूर्ण या अस्वस्थ वैवाहिक संबंध मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। शोध में भी बेहतर वैवाहिक गुणवत्ता को बेहतर स्वास्थ्य परिणामों से जोड़ा गया है।

    निष्कर्ष

    रिसर्च में शादी और बेहतर स्वास्थ्य के बीच संबंध जरूर देखा गया है, लेकिन इसे सीधे कारण-और-परिणाम के रूप में समझना सही नहीं होगा। व्यक्ति की जीवनशैली, सामाजिक सहयोग, आर्थिक स्थिति, मानसिक स्वास्थ्य और रिश्ते की गुणवत्ता जैसे कई कारक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए स्वस्थ रिश्ता, अच्छी जीवनशैली और एक-दूसरे का सहयोग किसी भी शादी में ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

  • शरीर में विटामिन्स की कमी के 5 संकेत, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें..​​​​​​

    शरीर में विटामिन्स की कमी के 5 संकेत, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें..​​​​​​

    हमारा शरीर कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स पर निर्भर करता है। जब डाइट से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते, तो शरीर कुछ संकेतों के जरिए इसकी जानकारी दे सकता है। हालांकि, ये लक्षण हमेशा विटामिन की कमी के कारण ही हों, ऐसा जरूरी नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट जरूरी हो सकता है।

    1. हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना

    अगर पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या रहती है, तो यह कुछ पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है। खासकर विटामिन B12, B6 और फोलेट की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिसके कारण थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

    2. बाल झड़ना और नाखून कमजोर होना

    बालों का लगातार झड़ना या नाखूनों का कमजोर और भंगुर होना कई कारणों से हो सकता है। कुछ मामलों में बायोटिन जैसे पोषक तत्वों की कमी भी इसकी वजह बन सकती है। हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर विटामिन की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    3. मुंह में छाले या होंठों के किनारों पर दरारें

    बार-बार मुंह में छाले होना, जीभ में जलन या होंठों के कोनों पर दरारें पड़ना कुछ B-विटामिन्स, आयरन या अन्य पोषक तत्वों की कमी से जुड़ा हो सकता है। लेकिन संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं।

    4. मसूड़ों से खून आना या आसानी से चोट लगना

    बिना किसी स्पष्ट कारण के मसूड़ों से खून आना या शरीर पर आसानी से नीले निशान पड़ना भी पोषण संबंधी कमी का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से गंभीर विटामिन C की कमी में मसूड़ों से खून आने और आसानी से चोट लगने जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।

    5. हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन

    हाथ-पैर में बार-बार झनझनाहट, सुन्नपन या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विटामिन B12 की कमी लंबे समय तक रहने पर नसों को प्रभावित कर सकती है और ऐसे लक्षण पैदा हो सकते हैं।

    क्या करें?

    अगर इनमें से कोई लक्षण लगातार बना हुआ है, तो खुद से विटामिन की गोलियां या हाई-डोज सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। संतुलित डाइट लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच करवाएं। क्योंकि एक जैसे लक्षण कई अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं और सप्लीमेंट की जरूरत व्यक्ति की वास्तविक कमी पर निर्भर करती है।

    ध्यान रखें: विटामिन की कमी की पुष्टि केवल लक्षण देखकर नहीं की जा सकती। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार जांच की सलाह दे सकते हैं।

  • खुदाई में मिली 200 साल पुरानी शराब फैक्ट्री, पहाड़ों की गहराई में होता था धंधा..

    खुदाई में मिली 200 साल पुरानी शराब फैक्ट्री, पहाड़ों की गहराई में होता था धंधा..

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    स्कॉटलैंड की दुर्गम पहाड़ियों और गहरे नालों के बीच पुरातत्वविदों ने एक ऐसा राज खोज निकाला है, जो पिछले 200 सालों से दुनिया की नजरों से ओझल था. पर्थशायर के ‘बेन लॉयर्स नेशनल नेचर रिजर्व’ में खुदाई के दौरान एक अवैध व्हिस्की डिस्टिलरी (शराब बनाने का कारखाना) के अवशेष मिले हैं. यह खोज उस दौर की याद दिलाती है, जब टैक्स से बचने के लिए लोग गुपचुप तरीके से पहाड़ों के बीच व्हिस्की तैयार किया करते थे. इस सीक्रेट जगह से तांबे के स्टिल का एक हिस्सा, पत्थर की संरचनाएं और लकड़ी के खंभे बरामद हुए हैं. जानकारों का मानना है कि यह एक बोथी (Bothy) यानी एक छोटा सा झोंपड़ा था, जिसे विशेष रूप से शराब बनाने के उपकरणों को छिपाने के लिए बनाया गया था.

    बता दें कि 1788 के एक्साइज एक्ट के बाद जब छोटे घरेलू उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, तब 18वीं और 19वीं शताब्दी के दौरान स्कॉटलैंड में अवैध व्हिस्की का व्यापार चरम पर था. नेशनल ट्रस्ट फॉर स्कॉटलैंड (NTS) के पुरातत्वविदों के अनुसार, इस कारखाने को बहुत ही चालाकी से ‘लॉयर्स बर्न’ नामक झरने के पास एक संकरे नाले में बनाया गया था. जगह का चुनाव इस तरह किया गया था कि झरने का मोड़ इसे ऊपर और नीचे दोनों तरफ से पूरी तरह ढंक लेता था. खुदाई में पत्थर के फर्श के नीचे एक नाली, एक चूल्हा और छत को सहारा देने वाला लकड़ी का खंभा मिला है. सबसे रोमांचक खोज तांबे के मिश्र धातु का वह टुकड़ा है, जो शराब बनाने वाली मशीन के दो हिस्सों को जोड़ने के काम आता था.

    जल्दबाजी में छूटा सबूत: तस्करों और अधिकारियों के बीच चूहे-बिल्ली का खेल
    पुरातत्व प्रमुख डेरेक अलेक्जेंडर का कहना है कि यह खोज शराब तस्करों और आबकारी अधिकारियों के बीच चलने वाले दिमागी युद्ध की गवाह है. अगर अधिकारियों ने इस ठिकाने पर छापा मारा होता, तो वे पूरे उपकरण को नष्ट कर देते. लेकिन वहां तांबे का हिस्सा मिलना यह संकेत देता है कि तस्करों को अधिकारियों के आने की भनक लग गई थी और वे जल्दबाजी में अपना सामान समेटकर भाग निकले. अफरा-तफरी में वे मशीन का यह छोटा सा हिस्सा वहीं भूल गए, जो आज 200 साल बाद इतिहास की गवाही दे रहा है. उस दौर में पहाड़ियों में अवैध व्हिस्की बनाना केवल एक व्यापार नहीं, बल्कि सरकारी कानूनों के खिलाफ ‘सामुदायिक प्रतिरोध’ का एक तरीका माना जाता था. तस्कर बहुत कम सामान के साथ यात्रा करते थे ताकि पकड़े जाने पर कोई सबूत न मिले, इसलिए ऐसे अवशेषों का मिलना बेहद दुर्लभ है.

    स्कॉटलैंड के अन्य हिस्सों में भी दबे मिले हैं ऐसे ही राज
    यह पहली बार नहीं है जब स्कॉटलैंड की धरती ने अपने नशीले इतिहास को उगला हो. इससे पहले 2008 में ग्लेन एफ्रिक में वानिकी कर्मचारियों को एक छोटी इमारत की नींव मिली थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया. वहीं 2019 में लोच लोमोंड नेशनल पार्क में भी दो पुराने फार्मस्टेड की पहचान अवैध डिस्टिलरी के रूप में की गई थी. बेन लॉयर्स रिजर्व में अब तक पांच ऐसे ठिकाने मिल चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी साइट से व्हिस्की स्टिल का कोई वास्तविक हिस्सा बरामद हुआ है. ऐसे में ये खोजें साबित करती हैं कि स्कॉटलैंड की पहाड़ियों में सदियों पहले तस्करी का एक समानांतर साम्राज्य फलता-फूलता था.

  • असली डिब्बा… लेकिन दवा नकली! कैंसर मैडिसिन के नाम पर जहर परोस रहा था ‘डेथ सिंडिकेट’, पकड़े गए 17 आरोपी..?

    असली डिब्बा… लेकिन दवा नकली! कैंसर मैडिसिन के नाम पर जहर परोस रहा था ‘डेथ सिंडिकेट’, पकड़े गए 17 आरोपी..?

    असली डिब्बा... लेकिन दवा नकली! कैंसर मैडिसिन के नाम पर जहर परोस रहा था 'डेथ सिंडिकेट', पकड़े गए 17 आरोपी

    दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस के इंटर स्टेट सेल ने महंगी एंटी-कैंसर दवाओं की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह के 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह अवैध तरीके से अस्पतालों व सरकारी संस्थानों से निकाली गई कैंसर रोधी दवाओं के साथ ही नकली दवाओं को भी बेचते थे. पुलिस ने उनके ठिकानों से करीब 9 करोड़ रुपये कीमत की दवाएं बरामद की हैं.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 588 भरी हुई एंटी-कैंसर इंजेक्शन की शीशियां, 6 खाली वायल, 7 खाली दवाओं के डिब्बे और दूसरी तरह की 3021 दवाएं मिली हैं. इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, रजिस्टर, डायरी और दवाओं की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद हुआ है.

    अस्पतालों से दवाएं निकालकर बाजार में बेचते थे

    जांच में सामने आया है कि गिरोह तीन तरीकों से महंगी कैंसर की दवाएं जुटाता था. कुछ दवाएं गैरकानूनी और अनधिकृत स्रोतों से खरीदी जाती थीं, जबकि कुछ दवाएं अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए रखी होती थीं. उन्हें चोरी-छिपे बाहर निकालकर बेच दिया जाता था. इसके अलावा सरकारी संस्थानों और गोदामों से सप्लाई होने वाली दवाओं को भी अवैध तरीके से डायवर्ट किया जाता था.

    आरोपी बिना वैध बिल, खरीद रिकॉर्ड, ड्रग लाइसेंस और दूसरे जरूरी दस्तावेजों के दवाओं का कारोबार कर रहे थे. इन दवाओं को दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में अलग-अलग लोगों के जरिए पहुंचाया जाता था.

    असली डिब्बों में पैक कर बाजार में खपाते थे

    पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य दवाओं के पुराने और खाली डिब्बों को संभालकर रखते थे. बाद में इन्हीं डिब्बों का इस्तेमाल दोबारा पैकिंग में किया जाता था. दवाओं की पहचान छिपाने के लिए बैच नंबर, एमआरपी और अन्य जानकारी को केमिकल की मदद से हटाने की कोशिश की जाती थी.

    दवाओं की खेप तैयार करने के लिए थर्माकोल बॉक्स, बबल रोल, टेप और पॉलीथिन जैसी पैकिंग सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था. दवाओं की खरीद-बिक्री और नकद लेनदेन का हिसाब रजिस्टर और डायरियों में रखा जाता था.

    ऐसे खुला गिरोह का राज

    क्राइम ब्रांच को 22 जून 2026 को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी. जांच के दौरान ईस्ट दिल्ली, रोहिणी और मुंबई में कई संदिग्ध ठिकानों का पता चला. इसके बाद 11 जुलाई को इंटर स्टेट सेल की सात टीमों ने दिल्ली और नवी मुंबई में ड्रग्स विभाग तथा स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक साथ छापेमारी की.

    छापेमारी में Darzalex, Imfinzi, Erbitux, Opdyta, Gazyva, Bavencio, Adcetris और Keytruda जैसी महंगी एंटी-कैंसर दवाएं बरामद हुईं. इसके बाद मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर लगातार छापेमारी करते हुए अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

    अस्पताल के कर्मचारी भी जांच के घेरे में

    जांच में अस्पतालों से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी अस्पतालों में काम करते थे और मरीजों के लिए रखे गए एंटी-कैंसर इंजेक्शन को बाहर निकालकर गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचाते थे. एक नर्सिंग इंचार्ज और अस्पताल में काम करने वाले अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी इसी कड़ी में हुई है.

    एक आरोपी अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट के निजी सहायक के तौर पर काम कर चुका था. उसके घर से 108 एंटी-कैंसर वायल और 6.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए.

    337 इंजेक्शन एक आरोपी के पास मिले

    जांच के दौरान नोएडा के एक आरोपी के ठिकाने से अकेले 337 एंटी-कैंसर वायल और बड़ी मात्रा में दूसरी दवाएं बरामद हुईं. वहीं गुरुग्राम के एक आरोपी के वाहन से 12 वायल, अन्य दवाएं, पैकिंग सामग्री और 16.50 लाख रुपये नकद मिले.

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह में मेडिकल स्टोर संचालक, दवा कारोबारी, अस्पताल कर्मचारी और बिचौलिये शामिल थे. आरोपी एक-दूसरे के जरिए दवाओं की सप्लाई आगे बढ़ाते थे.

    मरीजों की जान से खिलवाड़

    पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की सबसे गंभीर बात यह है कि इसमें ऐसी दवाओं का अवैध कारोबार किया जा रहा था, जिनका इस्तेमाल कैंसर मरीजों के इलाज में होता है. नकली या संदिग्ध दवा मरीज की जान के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है. यही वजह है कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी दवाएं बाजार में खपाईं और इनके खरीदार कौन-कौन थे.

    क्राइम ब्रांच अब गिरोह के बाकी सदस्यों, दवाओं के असली स्रोत, सप्लाई की पूरी कड़ी और पैसों के लेनदेन का पता लगा रही है. पुलिस को आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी होने की उम्मीद है.

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  • क्या करीब आ गया कलयुग का अंत? जानें कालज्ञानम में दर्ज दुनिया के महाविनाश की डरावनी भविष्यावाणियां..?

    क्या करीब आ गया कलयुग का अंत? जानें कालज्ञानम में दर्ज दुनिया के महाविनाश की डरावनी भविष्यावाणियां..?

    Hindu Dharam: क्या करीब आ गया कलयुग का अंत? जानें कालज्ञानम में दर्ज दुनिया के महाविनाश की डरावनी भविष्यावाणियां

    भारत की धरती पर ऐसे कई संत और भविष्यवक्ता हुए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने आने वाले हजारों वर्षों से जुड़ी घटनाओं की भविष्यवाणियां की थीं. खास बात यह है कि इन भविष्यवाणियों को नास्त्रेदमस या बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों की तरह रहस्यमय और सांकेतिक भाषा में नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत स्पष्ट रूप में बताया गया है.

    इन्हीं प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं में आंध्र प्रदेश के सिद्ध संत श्री पोतुलूरी वीर ब्रह्मेंद्र स्वामी का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है. माना जाता है कि स्वामी वीर ब्रह्मेंद्र का जन्म वर्ष 1608 में हुआ था. उन्होंने तेलुगु भाषा में कालज्ञानम नामक ग्रंथ की रचना की थी. इस ग्रंथ में भविष्य में होने वाली कई घटनाओं का उल्लेख होने का दावा किया जाता है. समय के साथ कालज्ञानम से जुड़ी भविष्यवाणियां सोशल मीडिया और इंटरनेट पर काफी चर्चा में आने लगी हैं. यही वजह है कि भविष्यवाणियों को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.

    आने वाले समय से जुड़ी भविष्यवाणियां

    कालज्ञानम से जुड़ी कई ऐसी भविष्यवाणियां भी प्रचलित हैं, जिन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है. इनमें प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, धार्मिक घटनाओं, महामारियों और बड़े युद्धों तक का उल्लेख होने का दावा किया जाता है. हालांकि इन दावों की व्याख्या अलग-अलग स्रोतों में अलग तरीके से मिलती है और इनकी प्रामाणिकता पर भी मतभेद हैं. लोकप्रिय रूप से बताई जाने वाली प्रमुख भविष्यवाणियां इस प्रकार हैं.

    लाल बारिश और समुद्र का बढ़ता जलस्तर

    कहा जाता है कि भविष्य में आसमान से लाल रंग की वर्षा होगी. साथ ही समुद्र का जलस्तर बढ़ने के कारण कई तटीय शहरों के डूबने की भविष्यवाणी का भी उल्लेख मिलता है. इसे कुछ लोग जलवायु परिवर्तन, समुद्री स्तर में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से जोड़कर देखते हैं.

    बढ़ता तापमान और दो सूरज जैसा दृश्य एक कथित भविष्यवाणी में धरती के अत्यधिक गर्म होने और पहाड़ों से आग निकलने जैसी घटना का वर्णन बताया जाता है. इसके साथ आकाश में ‘दो सूरज’ दिखाई देने की बात भी कही जाती है. इसे प्राकृतिक घटनाओं, ज्वालामुखीय गतिविधियों या असामान्य आकाशीय घटनाओं की प्रतीकात्मक व्याख्या माना जाता है.

    दिन में दिखाई देंगे तारे कालज्ञानम से जुड़ी कुछ व्याख्याओं में कहा जाता है कि एक समय ऐसा आएगा जब दिन के उजाले में भी तारे दिखाई देंगे. इसके बाद कुछ क्षेत्रों की आबादी के पूरी तरह समाप्त होने की बात कही जाती है. इसे किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा या वातावरण में होने वाले असाधारण बदलाव से जोड़कर देखा जाता है.

    तिरुपति बालाजी की वैश्विक प्रसिद्धि कहा जाता है कि आने वाले समय में तिरुपति बालाजी मंदिर की ख्याति पूरी दुनिया में फैल जाएगी और अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग भी यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे. इसे मंदिर की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता से जोड़कर देखा जाता है.

    108 वर्षों तक संघर्ष और उथल-पुथल एक लोकप्रिय दावे के अनुसार, कलियुग के पांच हजार वर्ष पूरे होने के बाद अधर्म के अंत से पहले दुनिया को लगभग 108 वर्षों तक संघर्ष, अशांति और बड़े बदलावों का सामना करना पड़ेगा. इसे मानव सभ्यता के एक बड़े संक्रमणकाल के रूप में समझा जाता है.

    शनि के मीन और मेष राशि में गोचर के समय भीषण युद्ध एक अन्य भविष्यवाणी में कहा जाता है कि जब शनि मीन और मेष राशि से संबंधित विशेष स्थिति में होगा, तब दुनिया में एक भयंकर और निर्णायक युद्ध हो सकता है. इस दावे को ज्योतिषीय घटनाओं और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसे किसी निश्चित भविष्य की घटना मानना उचित नहीं है.

    विश्ववसु संवत्सर में कल्कि अवतार सबसे चर्चित दावों में से एक यह है कि ‘विश्ववसु’ नामक संवत्सर में भगवान कल्कि का अवतार होगा. मान्यता के अनुसार भगवान कल्कि अधर्म और अत्याचार का अंत करके धर्म की पुनर्स्थापना करेंगे. हालांकि संवत्सर की गणना और इस भविष्यवाणी के समय को लेकर अलग-अलग मत और व्याख्याएं मिलती हैं.

  • इलाज के पैसे खत्म हुए तो पिता ने खोदी 2 साल की बेटी की कब्र, सालों बाद उसी जगह खिले सूरजमुखी के फूल..?

    इलाज के पैसे खत्म हुए तो पिता ने खोदी 2 साल की बेटी की कब्र, सालों बाद उसी जगह खिले सूरजमुखी के फूल..?

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    जिंदगी और मौत की जंग से जुड़ी कभी-कभी ऐसी कहानियां सामने आ जाती हैं, जो इंसान की हिम्मत और उम्मीद पर भरोसा पक्का कर देती हैं. एक ऐसा ही मामला इन दिनों लोगों की आंखों से आंसू छलका रहा है. दरअसल, चीन (China) के सिचुआन प्रांत के नीजियांग में रहने वाले झांग लियॉन्ग की 2 साल की बेटी झांग शिनलेई (Zhang Xinlei) गंभीर थैलेसीमिया (thalassaemia) बीमारी से जूझ रही थी. इलाज के लिए हर महीने खून (blood) चढ़ाना पड़ता था, लेकिन फैक्ट्री में मामूली मजदूरी करने वाले पिता के पास जब सारे पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया. पढ़ें पूरी खबर.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक, जून 2017 में जब मेडिकल बिल 1,40,000 युआन से ऊपर चले गए, तो मजबूर पिता ने अपनी जमीन पर एक कब्र खोदी. वो रोजाना अपनी बेटी को वहां ले जाते और उसके साथ लेटकर खेलते थे, ताकि अगर कल को मौत आ भी जाए, तो मासूम डर न महसूस करे. इस दर्दनाक तस्वीर के सामने आते ही कुछ लोगों ने पिता के दर्द को समझा, तो कई लोगों ने इसे गलत भी बताया, लेकिन इंटरनेट पर वायरल हुई इस लाचारी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

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    सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही क्राउडफंडिंग के जरिए मदद का सैलाब आ गया. इसके साथ ही स्थानीय सरकार ने भी मेडिकल खर्च उठाया. इसी बीच अगस्त 2017 में शिनलेई की छोटी बहन का जन्म हुआ. वैज्ञानिकों ने छोटी बहन के कॉर्ड ब्लड से स्टेम सेल का ट्रांसप्लांट किया. 8 घंटे तक चले इस मुश्किल ऑपरेशन के बाद शिनलेई की सेहत में ऐसा सुधार हुआ कि, उसे अब बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. आज शिनलेई प्राइमरी स्कूल में पढ़ती है, पेंटिंग करती है और डांस भी सीखती है. जिस जगह कभी पिता ने बेबसी में उसकी कब्र खोदी थी, आज वहां उसके माता-पिता ने सूरजमुखी का एक खूबसूरत बगीचा बना दिया है, जिसे वो मैजिक गार्डेन कहते हैं.

  • मुंबई में NRI के लॉकर से 82 लाख के सोने के गहने गायब, बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार..

    मुंबई में NRI के लॉकर से 82 लाख के सोने के गहने गायब, बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार..

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    मुंबई के कांदिवली में NRI के बैंक लॉकर से 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने से हड़कंप मच गया. इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसके कब्जे से गहने भी बरामद कर लिए हैं. पढ़ें इस मैनेजर की करतूत.

    पुलिस ने आरोपी डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

    मुंबई के कांदिवली में एक निजी बैंक के लॉकर से 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने बैंक लॉकर में रखे NRI के सोने के गहनों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फर्मों के पास गिरवी रख दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है.

    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायत करने वाले व्यक्ति की उम्र 72 साल है और वह पिछले पांच दशक से ज्यादा समय से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं. उनका मुंबई में एक निजी बैंक में अकाउंट है और कांदिवली में उनका एक फ्लैट भी मौजूद है. इसी बैंक की कांदिवली शाखा में उन्होंने अपना लॉकर लिया था. लंबे समय तक विदेश में रहने की वजह से वह नियमित रूप से लॉकर चेक नहीं कर पाए.

    शिकायतकर्ता ने मार्च 2024 में बैंक के लॉकर में करीब 610 ग्राम सोने के गहने रखे थे. उस समय इन गहनों की अनुमानित कीमत करीब 81.8 लाख रुपये थी, जो बाद में करीब 82 लाख रुपये बताई गई. करीब दो साल बाद जब वह मुंबई आए और बैंक की शाखा में जाकर लॉकर चेक किया, तो उनके होश उड़ गए. लॉकर में रखा पूरा सोना गायब था और इसकी जानकारी उन्होंने बैंक अधिकारियों से मांगी.

    बैंक से पूछताछ के बाद भी जब सोने के गहनों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया. उन्होंने 12 अगस्त को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद कांदिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि गहने करीब दो साल पहले लॉकर से गायब हुए थे, इसलिए पुलिस के सामने पुरानी CCTV फुटेज हासिल करना एक बड़ी चुनौती थी.

    जांच के दौरान पुलिस ने बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगाले. जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के लॉकर को बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी ने उपलब्ध कराया था. पुलिस को इस जानकारी के बाद साहनी की भूमिका पर शक हुआ. इसके बाद जांच टीम ने उसके पिछले दो साल के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल शुरू की.

    डीसीपी की निगरानी में पुलिस टीम ने आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की. जांच में पता चला कि पिछले दो वर्षों के दौरान उसके बैंक खाते से करीब 9 करोड़ रुपये तक के लेनदेन हुए थे. पुलिस के मुताबिक, इन ट्रांजैक्शन का बड़ा हिस्सा ऐसी कंपनियों के साथ था, जो सोने को गिरवी रखकर लोन या मॉर्गेज का कारोबार करती हैं. इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया.

    पुलिस ने उन सभी कंपनियों से संपर्क किया, जिनके साथ आरोपी के वित्तीय लेनदेन सामने आए थे. जांच टीम ने इन फर्मों से साहनी द्वारा गिरवी रखे गए सोने के गहनों की तस्वीरें मांगीं. तस्वीरों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे गहने दिखाई दिए, जो शिकायतकर्ता के लॉकर में रखे गहनों से मेल खाते थे. इसके बाद पुलिस ने इन गहनों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई शुरू की.

    पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता के सोने के गहनों को बरामद कर लिया. इसके साथ ही कुलदीप साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, FIR दर्ज होने के महज चार दिन के भीतर आरोपी तक पहुंचने और गहने बरामद करने में सफलता मिली. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में उसके साथ कोई और व्यक्ति या बैंक कर्मचारी भी शामिल था या नहीं.

  • मीट कारोबारी ने सोती हुई पत्नी और बेटी के काट डाले गले, गाजियाबाद के खोड़ा में डबल मर्डर से सनसनी..

    मीट कारोबारी ने सोती हुई पत्नी और बेटी के काट डाले गले, गाजियाबाद के खोड़ा में डबल मर्डर से सनसनी..

    गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र के लोकप्रिय विहार में शनिवार तड़के एक मीट कारोबारी ने अपनी पत्नी और बेटी की मीट काटने वाले धारदार हथियार ‘बुगदे’ से गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने दूसरी बेटी पर भी हमला किया, लेकिन वह बचकर भाग गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल बेटी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया है।

    लोकप्रिय विहार में नूरानी मस्जिद के पास रहने वाला मोहम्मद राजा अंसारी मीट कारोबारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का अपनी पत्नी 40 वर्षीय बेबी तबस्सुम से झगड़ा हुआ था। काफी देर तक हुए झगड़े के बाद सभी से गए। कुछ देर बाद आरोपी ने घर में रखा बुगदा निकाला और पहले पत्नी का गला काटा और फिर 18 वर्षीय बेटी सना तबस्सुम की भी गला काटकर हत्या कर दी। मां और बहन की चीख सुनकर छोटी बेटी जोया भी जाग गई। इसके बाद आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया, मगर वह बचकर वहां से भागने लगी तो आरोपी ने उस पर बुगदा फेंककर मारा, जो जोया की जांघ पर जा लगा। मगर वह किसी तरह से बचकर घर से बाहर निकली और अपनी जान बचाई।

    पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस की अब तक की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी का शुक्रवार रात पत्नी और बेटियों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर छानबीन‌शुरू कर दी है।

  • छत्तीसगढ़ में दूल्हा-दुल्हन की ‘अग्निपरीक्षा’, अंगारों पर 7 फेरे; जानें वजह..

    छत्तीसगढ़ में दूल्हा-दुल्हन की ‘अग्निपरीक्षा’, अंगारों पर 7 फेरे; जानें वजह..

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    रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर से एक ऐसी अनोखी परंपरा सामने आई है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. जहां आज के आधुनिक दौर में शादी की रस्में बदल रही हैं, वहीं भूपदेवपुर के बिलासपुर गांव में सदियों पुरानी एक ऐसी परंपरा आज भी निभाई जा रही है, जिसमें नई नवेली दुल्हन को अपने ससुराल में प्रवेश करने से पहले जलते हुए अंगारों पर चलना पड़ता है. यहां राठिया परिवार में बहू का गृह प्रवेश किसी साधारण रस्म से नहीं बल्कि अग्नि परीक्षा से होता है. हाल ही में जयप्रकाश राठिया की शादी बाड़ादरहा गांव में संपन्न हुई और जब बारात दुल्हन को लेकर बिलासपुर गांव पहुंची, तो पूरे गांव की नजरें उस खास पल पर टिक गईं, जब दूल्हा-दुल्हन को घर के आंगन में बिछाए गए जलते अंगारों पर 7 फेरे लेने थे.

    परंपरा के अनुसार, बहू के आगमन से पहले परिवार उपवास रखता है, यहां तक कि पानी की एक बूंद तक ग्रहण नहीं की जाती. गांव पहुंचने पर नवविवाहित जोड़े का पारंपरिक स्वागत किया गया, नए वस्त्र और आभूषण भेंट किए गए और फिर शुरू हुई सबसे रोमांचक रस्म. दूल्हे के पिता मेहत्तर राठिया पर कथित रूप से देवता का आह्वान हुआ. उन्होंने मंडप के बीच दहकते अंगार बिछाए और खुद उनपर नृत्य किया. इसके बाद दूल्हा और दुल्हन ने हाथों में हाथ डालकर उन्हीं जलते अंगारों पर 7 फेरे लिए.

    परंपरा को पूरी श्रद्धा से निभा रहे गंधेल गोत्र के परिवार
    हैरानी की बात यह रही कि आग की तपिश और दहकते कोयलों के बावजूद दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे. गांववालों के मुताबिक, यह परंपरा 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी है और गंधेल गोत्र के परिवार आज भी इसे पूरी श्रद्धा से निभा रहे हैं. मान्यता है कि जो नवविवाहित जोड़ा इस अग्नि परीक्षा को पार कर लेता है, वो जीवन की हर कठिनाई को साथ मिलकर पार करने की शक्ति प्राप्त करता है. आस्था, परंपरा और विश्वास का यह अद्भुत संगम रायगढ़ के बिलासपुर गांव को एक अलग पहचान देता है.

  • पहले हत्या फिर गोवा की सैर… लाखों के लालच में 2 छात्रों ने कर दी प्रिंसिपल की हत्या; दिल दहला देने वाली घटना

    पहले हत्या फिर गोवा की सैर… लाखों के लालच में 2 छात्रों ने कर दी प्रिंसिपल की हत्या; दिल दहला देने वाली घटना

    पहले हत्या फिर गोवा की सैर... लाखों के लालच में 2 छात्रों ने कर दी प्रिंसिपल की हत्या; दिल दहला देने वाली घटना

    तेलंगाना के नालगोंडा जिले से मानवता शर्मसार करने वाला मामला सामने आया था, जहां पर एक स्कूल की प्रिसिंपल का शव उसके ही फ्लैट पर मिला था. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी. इस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने प्रकरण को सुलझाते हुए दो छात्रों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन दोनों छात्रों ने ही कथित तौर पर पैसे और आलीशान जीवन शैली के लिए अपराध की योजना बनाई थी.

    दरअसल, कोंडमल्लेपल्ली स्थित नागार्जुन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या कल्लू रूपा रेड्डी की शव अपने घर में मिला था. पुलिस ने पाया कि उनके शरीर पर कम से कम 27 बारत चाकू से हमला किया गया था. घटना के वक्त उनके पति घर पर नहीं थे. जब उन्होंने कई बार अपनी पत्नी के फोन पर कॉल किया, तो जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों को बताया, जिसके बाद घटना की जानकारी सामने आई.

    पड़ोसियों ने पुलिस को दी जानकारी

    पड़ोसियों ने पूरे घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने पाया कि मृतका के शरीर पर 27 बार चाकू से वार किया गया. मामले की जांच के लिए पांच टीमें बनाईं और सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, फिंगरप्रिंट, टेक्नीकल डेटा और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की. इस दौरान 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई.

    छात्रों ने क्यों कर दी अपने ही शिक्षक की हत्या

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को सुराग तब मिला, जब उन्हें पता चला कि फोन बंद होने से पहले रूपा रेड्डी ने अपनी चाची से फोन पर बात करते समय ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल किया था. बुधवार को सीनियर पुलिस अधिकारी शरथ चंद्र पवार ने बताया कि उसकी बातचीत के दौरान रिकॉर्ड किया गया आखिरी शब्द ‘बाबू’ था. हमने इस बात की जांच की कि वह किसका जिक्र कर रही थी और इससे हमें स्कूल के छात्रों की ओर संकेत मिला.

    कैसे हत्यारों तक पहुंची पुलिस?

    इसके बाद पुलिस ने छात्रों से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की और कक्षा 10 के उन पांच छात्रों पर फोकस किया, जो घटना वाले दिन स्कूल नहीं आए थे. पुलिस ने इस दौरान पाया कि इनमें से दो छात्र पिछले कुछ समय में खूब पार्टियां कर रहे थे और पैसे खर्च कर रहे थे.

    पवार ने कहा कि उन दोनों छात्रों को बुधवार को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान छात्रों ने कबूल किया कि उन्होंने ही एक योजना के अनुसार रूपा रेड्डी की हत्या की थी.

    क्यों प्रधानाचार्य को उतारा मौत के घाट

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को कुछ दिन पहले प्रिंसिपल ने फटकार लगाई थी, जब उनके छात्रावास के बैग से कुछ नकदी और मोबाइल फोन मिला था. इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्रों के माता-पिता को सूचित किया और उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया गया. पुलिस को संदेह है कि इससे प्रधानाचार्य के प्रति असंतोष पैदा हुआ है और छात्रों ने यह कदम उठाया.

    दस्ताने खरीद कर छिपाई पहचान

    छात्रावास ने निष्कासित होने के बाद छात्रों ने पांच दिनों तक चोरी की योजना बनाई. बाद में उन्होंने अपने प्रिंसिपल के घर की रेकी की. सबसे खास बात है इन छात्रों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दस्ताने खरीदे, जिससे पुलिस को जांच के दौरान साक्ष्य न मिल सके. जिस दिन हत्या हुई, उस दिन एक छात्र बंदर टोपी और दस्ताने पहने हुए घर में घुसा. छात्र ने शयनकक्ष में रखे 25 लाख रुपये देखा और लेकर भागने लगा.

    हालांकि, बंदर टोपी फिसल गई और रूपा रेड्डी ने उसे पहचान लिया. उसे डर था कि वह उन्हें पहचान लेगी,इसलिए उसने अपनी प्रिंसिपल पर चाकू से 27 बार वार किया. हत्या के बाद आरोपियों ने नकदी ली और खून से सने कपड़े और टोपी को दफनाकर सबूत को मिटाने की कोशिश की. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया वह गोवा की यात्रा पर गए थे.

    पुलिस ने नकदी बरामद की

    गौरतलब है कि पुलिस ने आरोपियों से करीब 1.54 लाख रुपये नकदी बरामद की है, जिसमें खून के धब्बे लगे कुछ नोट, आरोपियों की ओर से खींचा गया आईफोन और रूपा रेड्डी का फोन शामिल है. आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस आगे की जांच में जुट गई है.