जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय छात्रा से स्कूल के एक टीचर द्वारा कथित तौर पर कई महीनों तक बार-बार रेप किया गया। जिसके बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। आरोप है कि जबरन गर्भपात कराने की कोशिश के दौरान छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन हुए। पुलिस ने मामले में छात्रा के शिक्षक खालिद हुसैन और उसके भाई तारिक को गिरफ्तार किया है। खालिद पर पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित भी कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बताया कि शेख इंडरवाल के बुमालपोरा मिडिल स्कूल में शिक्षक ग्रेड-द्वितीय और प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार देर शाम गर्भपात के लिए जम्मू ले जाते समय लड़की की मौत हो गई। बाद में उसके और मृत जन्मे बच्चे के शव को उसके गांव ले जाया गया। घटना को लेकर शुक्रवार को चतरू और किश्तवाड़ के अन्य इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए।
पोस्टमार्टम में करीब पांच महीने की गर्भावस्था का खुलासा
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, खालिद हुसैन किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में बमलपोरा के एक सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात था। आरोप है कि उसके छात्रा के साथ शारीरिक संबंध थे। पोस्टमार्टम में छात्रा के करीब पांच महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दवाइयों से गर्भपात की कोशिश का आरोप
पुलिस के मुताबिक, खालिद ने अपने भाई तारिक की मदद से छत्रू में कुछ दवाइयों के जरिए कथित तौर पर अवैध गर्भपात कराने की कोशिश की। इसके बाद छात्रा की हालत बिगड़ गई। उसे पहले जिला अस्पताल किश्तवाड़ ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे विशेष इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC), जम्मू रेफर किया गया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जम्मू ले जाते समय एंबुलेंस में उसकी हालत और बिगड़ गई। किश्तवाड़ से 200 किलोमीटर से अधिक दूर डोडा के बाटोटे के पास गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।
जांच के दायरे में कई लोग
छात्रा का शव वापस किश्तवाड़ अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में गर्भावस्था और कथित जबरन गर्भपात की कोशिश की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित अवैध कृत्य में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दायरे में छात्रा के रिश्तेदार, संभावित मेडिकल प्रोफेशनल, गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराने वाला फार्मेसी संचालक शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि फार्मेसी संचालक ने कथित तौर पर उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराईं।
छात्रा की मौत के बाद किश्तवाड़ में विरोध
14 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। छत्रू में बंद रखा गया, जबकि किश्तवाड़ के अन्य हिस्सों में भी विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा महिला मोर्चा की किश्तवाड़ इकाई के सदस्यों ने अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की। इसके कुछ घंटे बाद शिक्षक खालिद हुसैन को निलंबित कर दिया गया।
Patna Crime:
पटना में रहकर नौकरी करने वाले गया निवासी एक युवक के साथ साइबर ठगी का सनसनीखेज और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। साइबर शातिरों ने कथित तौर पर पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर प्यार का झांसा देकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसे ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर करीब 70 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने अपने पैसे और कथित मुनाफे को वापस निकालना चाहा, तो उसके अकाउंट से निकासी पर रोक लगा दी गई। यहीं से उसे पूरे फर्जीवाड़े की बू आने लगी।
बताया जा रहा है कि युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे बातचीत मैसेंजर से निकलकर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई। युवती लगातार चैट और वीडियो कॉल के जरिए युवक के संपर्क में रही।समय के साथ बातचीत में कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं। युवती ने युवक के सामने प्रेम का इजहार किया और इस तरह उसके दिल और भरोसे दोनों में जगह बना ली। युवक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस रिश्ते को वह मोहब्बत समझ रहा है, उसके पीछे कथित तौर पर साइबर ठगों का पूरा खेल चल रहा है।
भरोसा कायम होने के बाद युवती ने युवक को एक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल के बारे में बताया। उसे कथित तौर पर समझाया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाकर कम समय में अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है।युवक को यकीन दिलाने के लिए उसे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड भी दिखाया गया। इस डैशबोर्ड पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही थी। रकम बढ़ती देखकर युवक को भरोसा होने लगा कि उसका पैसा किसी फायदे वाले कारोबार में लगा है और जल्द ही उसे मोटा मुनाफा मिलने वाला है।यही भरोसा कथित साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बना।
डैशबोर्ड पर बढ़ती रकम देखकर युवक ने कथित तौर पर अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ निवेश धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदलता गया।युवक को उम्मीद थी कि पर्याप्त पैसा जमा होने और मुनाफा बढ़ने के बाद वह एक साथ अपनी रकम निकाल लेगा। लेकिन देखते ही देखते उसके द्वारा ट्रांसफर की गई रकम करीब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई।इस दौरान फर्जी प्लेटफॉर्म पर रकम बढ़ती हुई दिखाई देती रही, जिससे युवक को अपने निवेश के सही होने का भरोसा बना रहा।
कथित ठगी का पर्दाफाश तब हुआ, जब युवक ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की। लेकिन अचानक विड्रॉल की सुविधा रोक दी गई। वह अपने ही पैसे निकालने में असमर्थ हो गया।इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि जिस ऑनलाइन बिजनेस और मुनाफे का सपना उसे दिखाया जा रहा था, वह कथित तौर पर एक साइबर ठगी का जाल हो सकता है।फेसबुक पर दोस्ती, व्हाट्सऐप पर लगातार बातचीत, वीडियो कॉल के जरिए भरोसा कायम करना और फिर निवेश के नाम पर करोड़ों की जगह लाखों रुपये ट्रांसफर करवाना—पूरा घटनाक्रम साइबर ठगी के एक सुनियोजित पैटर्न की तरफ इशारा करता है।
ऐसे कथित निवेश फर्जीवाड़े में पीड़ित को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा डैशबोर्ड दिखाया जाता है, जिसमें उसकी रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ नजर आता है। इससे उसे लगता है कि पैसा वास्तव में निवेश किया जा रहा है।लेकिन जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है तो विड्रॉल रोक दिया जाता है या अतिरिक्त शुल्क और दूसरी शर्तों का हवाला देकर उससे और पैसा मांगा जा सकता है।इस मामले में भी युवक के साथ कथित तौर पर इसी तरह का खेल होने की बात सामने आई है।
बिहार की राजधानी पटना के कमला नेहरू नगर की रहने वाली दो छात्राओं के अचानक घर से चले जाने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. दोनों पड़ोसी हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं. 7 अगस्त को उनके गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी. जांच में दोनों की मौजूदगी खगड़िया में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया. पटना लाने के बाद पूछताछ में दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई.
एक साथ घर से निकलीं दोनों छात्राएं
दोनों लड़कियों की उम्र अलग है और इनमें एक 10वीं तथा दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती है. परिवारों को उनके साथ निकलने की जानकारी मिलने पर चिंता बढ़ी. कोतवाली थाना पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की. जांच के दौरान दोनों के खगड़िया पहुंचने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर रेलवे स्टेशन से दोनों को सुरक्षित बरामद किया.
खगड़िया में शादी की बात आई सामने
पुलिस की पूछताछ में मामले का अलग पहलू सामने आया. दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी करने की इच्छा बताई. पुलिस के अनुसार, खगड़िया के एक मंदिर में दोनों के शादी करने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इस दावे की आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है. दोनों अलग अलग समुदायों से हैं, जबकि उनमें से एक बालिग और दूसरी नाबालिग बताई गई है.
कोर्ट में पेश किए जा रहे बयान
पटना पुलिस के एएसपी कानून व्यवस्था के अनुसार, दोनों को बरामद कर लिया गया है और अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया चल रही है. अब उनके बयान मामले में अहम होंगे. पुलिस यह भी पता कर रही है कि दोनों ने घर छोड़ने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया और पटना से खगड़िया तक कैसे पहुंचीं.
परिवार के साथ जाने से इनकार
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दोनों छात्राओं ने अपने परिवार के साथ जाने की इच्छा नहीं जताई है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है. दोनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. पुलिस सभी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है.
जांच से खुलेंगे कई सवालों के जवाब
मामले में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. दोनों ने घर छोड़ने का फैसला क्यों किया, उनके बीच संबंधों की प्रकृति क्या थी और मंदिर में शादी की बात कितनी सही है, यह जांच का हिस्सा है. दोनों की इच्छा और परिस्थितियों को समझने के लिए उनके बयान महत्वपूर्ण होंगे. अदालत के समक्ष होने वाली कार्रवाई से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक युवती की हत्या से सनसनी फैल गई. बालापुर थाना क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी में 23 वर्षीय रेहाना खातून का शव जूट के बोरे में बंद मिला. पुलिस के मुताबिक, युवती का 21 वर्षीय अहमद सलाम से प्रेम संबंध था. शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और विवाद बहस में बदली. आरोप है कि इसी दौरान अहमद ने चाकू से हमला कर रेहाना की जान ले ली. बाद में उसकी मां ने भी शव छिपाने में साथ दिया.
शादी को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, रेहाना बिहार के बेगूसराय की रहने वाली थी और हैदराबाद में फंक्शन हॉलों में वेट्रेस का काम करती थी. उसका बिस्मिल्लाह कॉलोनी निवासी अहमद सलाम के साथ रिश्ता था. 17 अगस्त से पहले दोनों के बीच शादी को लेकर बहस हुई. विवाद बढ़ने पर अहमद ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर रेहाना की हत्या कर दी. इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू कर दी.
मां के साथ घर में छिपाया शव
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद अहमद ने अपनी 56 वर्षीय मां आयशा बेगम को भी मामले में शामिल किया. दोनों ने रेहाना के शव को जूट के बोरे में रखा और घर के अंदर छिपा दिया. 17 अगस्त की सुबह करीब 6:25 बजे पुलिस को आरोपी के घर में शव होने की सूचना मिली. टीम मौके पर पहुंची तो बोरे के अंदर युवती का शव बरामद हुआ.
पूछताछ में सामने आई जानकारी
पुलिस ने सूचना मिलने के बाद अहमद और उसकी मां को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घर से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया. मामले की जांच में पुलिस हत्या की वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है.
न्यायिक हिरासत में दोनों आरोपी
बालापुर थाने के एसएचओ एम. सुधाकर के मुताबिक, दोनों आरोपियों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. अगले दिन उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है.
लखनऊ में पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन शीबा की गोली मारकर हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले मानस बाजपेई के मामले में मामा अवधेश बाजपेई, अमोल बाजपेई और साली प्रज्ञा मिश्रा ने कई बड़े खुलासे किए हैं. 2017 में अरेंज मैरिज करने वाले मानस और दिव्या के रिश्ते 2019 में मां की मौत के बाद खराब हुए थे. मानस के पास दो पिस्टल और एक तमंचा कहां से आया, इसे लेकर मामा हैरान हैं. वहीं, दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने आरोप लगाया कि मानस और उसकी बहन ने अपनी मां को पीटा था जिससे उनकी मौत हुई थी.
मामा बोले- अंधेरे से डरने वाला हत्यारा कैसे बना
मानस के मामा अवधेश और अमोल बाजपेई ने बताया कि मानस बेहद डरपोक स्वभाव का था और रात में सुनसान गली से जाने से भी डरता था. वह किसी नशे या बुरी संगत में नहीं था. परिजनों ने बताया कि दोनों अच्छा कमाते थे, लेकिन 2019 में मां की मौत के बाद रिश्ते बिगड़े. बीते 1 साल से दोनों के बीच अलगाव था और कोर्ट में केस चल रहा था.
बीमार बहन का बहुत ख्याल रखता था मानस
मामा के मुताबिक, मां की मौत के बाद मानस की बहन डिप्रेशन में चली गई थी. मानस उसका पूरा इलाज कराता था. उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे ताकि बैंक में रहकर भी देख सके कि बहन ने समय से दवा खाई या नहीं. मामा का कहना है कि मां पर कई बार दवा न खाने पर गुस्सा होना हत्या का सबूत नहीं है.
साली प्रज्ञा मिश्रा ने खड़े किए गंभीर सवाल
मृतका दिव्या की बहन और यूट्यूबर पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि बैंककर्मी मानस के पास तीन-तीन हथियार कहां से पहुंचे. उसने ऑटो से आकर हत्या की, ऐसे में ऑटो वाले की भूमिका की जांच होनी चाहिए. प्रज्ञा का दावा है कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर से भी मानस की झड़प हुई थी.
खर्चे को लेकर था विवाद, दिव्या रखना चाहती थी व्रत
प्रज्ञा मिश्रा के अनुसार, मानस ने घर के खर्चों की आधी-आधी लिस्ट बनाई थी जिसे दिव्या ने स्वीकार किया था. जब दिव्या ने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया, तो मानस को चीटिंग लगा. विवाद के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी और उसने हाथ से मानस के नाम का टैटू भी नहीं हटवाया था.
आचार्य चाणक्य को एक महान दूरदर्शी, राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ माना जाता है। चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में मानव जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया है। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी नीतियों के बल पर एक साधारण बालक चंद्र गुप्त को मौर्य वंश का सम्राट बनाया था। हालांकि चाणक्य की नीतियां अपनाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन जिसने भी इन्हें अपनाया उसे सफलता पाना आसान हो जाता है। चाणक्य की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। एक नीति में उन्होंने बताया है कि व्यक्ति को अपनी पांच बातों को सभी से छिपाकर रखना चाहिए, वरना परेशानियां घेर सकती हैं। जानें आज की चाणक्य नीति।
श्लोक:
अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानि च।
वञ्चनं चापमानं च मतिमान् न प्रकाशयेत्॥
श्लोक का अर्थ:
चाणक्य नीति के अनुसार, धन या पौसा सिर्फ व्यक्ति की आर्थिक स्थिति ही तय नहीं करता है बल्कि उसकी सुरक्षा और समाज में मान-प्रतिष्ठा का भी आधार होता है। इसलिए चाणक्य ने कहा है कि आय, धन की हानि और वित्तीय स्थिति की जानकारी हर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। इस श्लोक का वर्णन चाणक्य नीति के तीसरे अध्याय के पहले श्लोक में मिलता है।
ये 5 बातें व्यक्ति को रखनी चाहिए हमेशा गुप्त:
श्लोक का अर्थ है कि बुद्धिमान या समझदार व्यक्ति को कभी 5 बातों को दूसरों के सामने जाहिर नहीं करना चाहिए। पहला धन की हानि या कमाई। दूसरा मन का दुख या मानसिक परेशानी। तीसरा परिवार की गुप्त बातें या कमजोरी। चौथा अपने साथ हुए धोखा या ठगी। पांचवां खुद के साथ हुआ अपमान।
श्लोक का सार:
चाणक्य कहते हैं कि जब लोगों को किसी की कमाई का पता चल जाता है, तो वह मेहनत करने के बजाए उससे आर्थिक मदद मांगने की तलाश में रहते हैं। अगर आप अपने गुप्त शत्रुओं या ईर्ष्या करने वाले रिश्तेदारों या मित्रों को अपनी आय बताएंगे, तो वह आपसे जलेंगे और आपको नुकसान पहुंचाने की साजिश रच सकते हैं। कई बार लालची व्यक्ति अपने स्वार्थ वश ही आपकी कमाई और कमजोरी जानकर ही आपसे जुड़ना पसंद करता है और मौका मिलने से आपको आर्थिक और मानसिक चोट पहुंचा सकता है। कई बार अत्यधिक बोलने वाले व्यक्ति किसी का राज अपने पेट में नहीं पचा पाते हैं और दूसरों के सामने आपके राज को सार्वजनिक कर सकते हैं, जिससे आपकी सुरक्षा और प्रतिष्ठा खतरे में पड़ सकती है।
चाणक्य का मानना है कि धन की स्थिति को हमेशा छिपाकर रखना कमजोरी नहीं बल्कि बुद्धिमानी होती है। अधिक आय बताने पर लोग जलन या ईर्ष्या करने लगते हैं और कम बताने पर समाज में अनादर करते हैं। इसलिए व्यक्ति को अपनी कमाई हमेशा गुप्त ही रखनी चाहिए।
शहर की जिंदगी छोड़कर हिमालय के गांव में शिफ्ट हुए एक कपल ने 14 सेकंड का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें पहाड़ पर ‘हनुमान जी की गदा’ दिखाई दे रही है. यह वीडियो उन्होंने लेह पैलेस जाते समय रास्ते में बनाया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान हो रहा है. कपल का भी कहना है कि जब उन्होंने इस नजारे को देखा तो पहली बार में उन्हें भी अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ.
14 सेकंड के वीडियो में क्या दिखा रहा है?
Two Vagabond Monks नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से यह वीडियो 3 अगस्त को पोस्ट किया गया है, जिसमें कंधे पर बैग टांगकर हाइकिंग करते हुए अंकुर इस नजारे को अपने कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि यह दृश्य उन्होंने लेह पैलेस के ठीक सामने देखा है. वीडियो में पहाड़ पर पड़ रही सूरज की रोशनी और परछाई से ये दृश्य बना है, जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
यहां देखें वीडियो
‘आप जो कुछ भी सोच सकते हैं, वह सच है’
इस वीडियो को देखने के बाद ज्यादा लोग इसे अद्भुत बता रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट में लिखा है कि हनुमानजी हर जगह हैं. जबकि दूसरे यूजर पाब्लो पिकासो का नाम लेकर कहते हैं कि आप जो कुछ भी सोच सकते हैं, वह सच है. तीसरे यूजर ने कहा कि प्रकृति हमेशा अपनी सुंदरता से आपको हैरान कर देती है.
JKSRTC बसे से ट्रैवल करके जा रहे लद्दाख
ये कपल इस मनाली के एक गांव में रहता है और समय-समय पर ट्रैवल करते हुए लोगों के लिए ऐसे वीडियो बनाता है जो उनके काम आते हैं. इस वक्त वे जम्मू और कश्मीर स्टेट एंड रोड ट्रांसपोर्ट की बस में सफर करते हुए लद्दाख घूम रहे हैं और अपनी जर्नी का एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं.
Viral News :
देश में जुगाड़ बनाने वाले वालों की कमी नहीं है। अपने दिमांग का इस्तेमाल कर कर लोग समस्या का समाधान निकालने के लिए जुगाड़ लगा ही लेते हैं। सोशल मीडिया पर आज कई मजेदार जुगाड़ के वीडियो वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक देसी जुगाड़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसने तहलका मचा रखा है। यह वायरल जुगाड़ देख कई लोग हैरत में पड़ गए तो कुछ लोग इसे बनाने वाले के दिमांग की तारीफ करते नहीं थक रहे। दरअसल एक शख्स ने गधे के सर पर बाइक ही हैडलाइट लगाकर दी। इसके साथ ही उसकी पीठ पर बाइक की सीट को भी बांध दिया। शख्स ने अपने जुगाड़ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। जिसे देखने के बाद लोग तमाम तरीके की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
सर पर हेडलाइट और साइड इंडिकेटर्स भी लगाए
देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार होने वाली वृद्धि को देखते हुए एक शख्स ने अपने जुगाड़ से लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के समय बाजार में सड़क के किनारे एक गधे को देख हर कोई हंसकर लोटपोट हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस अतरंगी जुगाड का जमकर मचा ले रहे हैं। दरअसल वीडियो में दिखाई देने वाला गधा कोई साधारण नहीं बल्कि उसे बाइक का अवतार दिया गया है। गधे की पीठ पर मोटरसाइकिल की लंबी सीट बंधी है। सिर पर हेडलाइट और साइड इंडिकेटर्स लगे हैं। मतलब गधा अगर रात के समय चलेगा तो उसपर सवार शख्स हेडलाइट जलाकर चल सकता है।
गधा भी नहीं रहा गधा बना जुगाड़
वायरल वीडियो को देख कुछ लोगों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वीडियो देखने वाला इसे फ्यूचरिस्टिक बाइक भी बोल रहे हैं। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इस बंदे ने ऐसा जुगाड़ बनाकर दिमाग ही चकरा दिया। एक अन्य शख्स ने लिखा है कि बिना पेट्रोल के चलने वाली टिकाऊ गाड़ी। तो वहीं एक अन्य शख्स ने लिखा कि इस गाड़ी को चलाने के लिए किसी तरह का लाइसेंस भी नहीं बनवाना पडेगा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद कुछ लोगों ने यह भी कहा कि गधा भी अब गधा नहीं रहा बल्कि बन गया है बेहतरीन जुगाड़!
Safed Musli Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान, नींद की कमी और खराब लाइफस्टाइल का असर शरीर के साथ-साथ सेक्सुअल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। कई लोगों में इसका असर कामेच्छा यानी सेक्स ड्राइव कम होने के रूप में दिखाई देता है। तनाव, एंग्जाइटी, डिप्रेशन, उम्र बढ़ना और कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी सेक्स ड्राइव को प्रभावित कर सकता है।
इसी वजह से कुछ लोग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सहारा लेते हैं। सफेद मूसली भी ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पुरुषों की रिप्रोडक्टिव और सेक्सुअल हेल्थ के लिए किया जाता रहा है। लेकिन क्या यह वास्तव में सेक्स ड्राइव बढ़ाने में मदद कर सकती है? आइए जानते हैं इससे जुड़े संभावित फायदे और सेवन का तरीका।
क्या सफेद मूसली सेक्स ड्राइव बढ़ा सकती है?
आयुर्वेद में सफेद मूसली को शरीर की ताकत और रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है। इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक कंपाउंड्स को हार्मोनल हेल्थ, एनर्जी और सेक्सुअल फंक्शन के लिए संभावित रूप से फायदेमंद माना जाता है।
कुछ रिसर्च में सफेद मूसली के सेवन को पुरुषों में सीमन वॉल्यूम, स्पर्म काउंट और स्पर्म मोटिलिटी जैसे पैरामीटर्स से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, सेक्स ड्राइव या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के इलाज के तौर पर इसे पक्के तौर पर साबित करने के लिए अभी और मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों की जरूरत है।
सेक्सुअल हेल्थ के लिए सफेद मूसली के संभावित फायदे
1. हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट कर सकती है
सफेद मूसली में स्टेरॉइडल सैपोनिन्स जैसे कुछ कंपाउंड पाए जाते हैं। आयुर्वेदिक उपयोग में इन्हें पुरुषों की ताकत और रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जोड़ा जाता है।
स्वस्थ टेस्टोस्टेरोन स्तर पुरुषों में सेक्स ड्राइव, ऊर्जा और सामान्य सेक्सुअल फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, सफेद मूसली सीधे टेस्टोस्टेरोन बढ़ाती है, ऐसा दावा करने के लिए पर्याप्त क्लिनिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
2. ब्लड सर्कुलेशन के लिए हो सकती है उपयोगी
अच्छा ब्लड फ्लो पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इरेक्शन के लिए जननांगों तक पर्याप्त रक्त प्रवाह जरूरी होता है।
सफेद मूसली को पारंपरिक रूप से शरीर की ताकत और सर्कुलेशन को सपोर्ट करने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। हालांकि, इसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवा या वियाग्रा के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
3. तनाव कम करने में मदद मिल सकती है
तनाव और एंग्जाइटी का असर सेक्स ड्राइव पर पड़ सकता है। लगातार तनाव रहने पर सेक्सुअल डिजायर और परफॉर्मेंस दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सफेद मूसली को आयुर्वेदिक परंपरा में शरीर को एडाप्ट करने और कमजोरी से निपटने में मदद करने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। अगर तनाव और थकान कम होती है, तो इसका अप्रत्यक्ष फायदा सेक्सुअल हेल्थ पर भी पड़ सकता है।
4. ऊर्जा और स्टेमिना को सपोर्ट कर सकती है
कमजोरी और लगातार थकान के कारण भी सेक्स ड्राइव प्रभावित हो सकती है। सफेद मूसली का पारंपरिक इस्तेमाल शरीर की ताकत और एनर्जी बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है।
हालांकि, सेक्सुअल स्टेमिना बढ़ाने के लिए केवल किसी एक जड़ी-बूटी पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार, एक्सरसाइज और तनाव प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए सफेद मूसली कैसे लें?
सफेद मूसली पाउडर का सेवन आमतौर पर दूध या गुनगुने पानी के साथ किया जाता है। कुछ लोग इसे शहद या घी के साथ भी लेते हैं।
लेकिन कितनी मात्रा और कितने समय तक इसका सेवन करना चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और अन्य दवाओं पर निर्भर कर सकता है। इसलिए नियमित सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।
बाजार में सफेद मूसली कैप्सूल और टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। इन्हें भी डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर आप पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, गर्भावस्था या स्तनपान की स्थिति है, या आपको हार्मोन, लिवर, किडनी अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो सफेद मूसली का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
साथ ही, अगर सेक्स ड्राइव अचानक कम हुई है, लंबे समय से इरेक्शन की समस्या है या सेक्सुअल परफॉर्मेंस में लगातार बदलाव महसूस हो रहा है, तो केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय इसके वास्तविक कारण की जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष
सफेद मूसली आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटी है और इसे पारंपरिक रूप से पुरुषों की ताकत, रिप्रोडक्टिव हेल्थ और सेक्सुअल वेलनेस से जोड़ा जाता है। कुछ शुरुआती शोध इसके संभावित फायदे की ओर इशारा करते हैं, लेकिन इसे सेक्स ड्राइव बढ़ाने या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता।
इसलिए सफेद मूसली का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह और संतुलित जीवनशैली के साथ करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे डॉक्टर की सलाह, निदान या इलाज का विकल्प न मानें। किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट का नियमित सेवन शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
26 साल की निधि को आजकल उसकी मम्मी बेहद चिड़चिड़ी और परेशान नजर आती हैं। अपने कामों में व्यस्त होने की वजह से निधि को मम्मी के यह सिम्टम्स अब नजर आने शुरू हुए। उसने जब मम्मी से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं।
निधि को आश्चर्य हुआ क्योंकि वह तो अभी तक यही समझती थी कि पीरियड्स होना ही सबसे मुश्किल दौर है। लेकिन हम में से अधिकतर लोगों की तरह वह यह नहीं जानती थी कि पीरियड्स का बंद होना यानी मेनोपॉज का दौर महिलाओं के लिए बहुत मुश्किल होता है।
50 से लेकर 55 साल तक की उम्र के बीच अधिकतर महिलाएं मेनोपॉज से गुजरती है। इन मेनोपॉज एक ऐसा दौर है जिसके बाद महिलाओं की ओवरी एग बनाना बंद कर देती हैं। इस वजह से इस दौर के बाद महिलाओं को पीरियड जाने बंद हो जाते हैं और साथ ही इसके बाद वो मां नहीं बन सकतीं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेनोपॉज सिर्फ एक दिन या एक महीना नहीं होता। पीरियड्स का होना बंद होने के करीब 1 साल पहले से ही महिलाओं में प्री-मेनोपॉज लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। उनकी चिड़चिड़ाहट बढ़ जाती है, वह परेशान और बेचैन नजर आने लगते हैं और हॉर्मोन्स के उतार-चढ़ाव की वजह से ही उनमें सेक्सुअल अर्ज कभी बढ़ती तो कभी बिल्कुल खत्म हो जाती है।
ऐसे में यह जरूरी है की इस दौर में कुछ उपाय अपनाए जाएं जिससे मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिला का जीवन थोड़ा सा आसान हो जाए।
आयुर्वेदिक डॉक्टर कहते हैं कि इस दौरान महिलाओं को ऐसे भोजन से दूर रहना चाहिए जो वात और पित्त को बढ़ाता हो। तीखा और तला भोजन अक्सर मेनोपॉज के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक लक्षणों को और अधिक बढ़ा देता है, जिससे महिलाओं के लिए समस्या और बढ़ जाती है।
इसलिए इस दौरान महिलाओं को ऐसे कोई आइटम खाने चाहिए जिन की तासीर ठंडी हो। इनमें सौंफ, इलायची, नारियल पानी जैसे ठंडे फूड आइटम शामिल हो सकते हैं।
मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपाय
मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) महिलाओं के जीवन में एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद हो जाता है। इस दौरान कई शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं, जिनसे निपटने के लिए आयुर्वेदिक उपचार और घरेलू उपाय प्रभावी हो सकते हैं।
चलिए आपको बताते हैं इसके अलावा महिलाएं अपने साथ कौन सी आयुर्वेदिक दवाएं और घरेलू नुस्खे रख सकते हैं जो मेनोपॉज के इस वक्त असहनीय लक्षणों कुछ काम करते हैं।
शिलाजीत एक प्रकार की जड़ी बूटी होती है जिसमें दिमाग और शरीर को रिलैक्स करने की काबिलियत होती है इसके साथ ही यह प्रेस हार्मोन का बनना कम करते हुए हैप्पी हारमोंस बनाने में शरीर की मदद करती है। इसके नियमित सेवन से एंजाइटी में सुधार होता है।
इसके साथ ही शिलाजीत का नियमित सेवन आपकी भूख बढ़ाने और कुल मिलाकर आपको अच्छा महसूस कराने में मददगार होता है। आप शिलाजीत को उपकर्म आयुर्वेद से खरीद सकते हैं, जहां शिलाजीत कैप्सूल रीजन और लिक्विड रूप में उपलब्ध होती है। ऐसा माना जाता है कि रेसिंग के रूप में उपलब्ध शिलाजीत सबसे प्योर है।
यह एक तरह का होल फूड प्रोग्राम है जो 21 पौधों से मिलने वाले तत्वों से बनाया गया है। हर बैलेंस महिलाओं में हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने उनके यू ट्राईंग फॉर वेजाइनल हेल्थ के लिए एक फायदेमंद होल फूड है।
यह ग्लूटेन फ्री, सोया फ्री, शुगर फ्री है और इसमें कोई भी आर्टिफिशियल मिठास नहीं मिलाई गई है। यह महिलाओं को उनके रिप्रोडक्टिव सिस्टम को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होती है। इसमें मौजूद जड़ी बूटियां शरीर में एस्ट्रोजन लेवल को बरकरार रखती हैं। मेनोपॉज के दौरान होने वाले समस्याएं जैसे भूख न लगना, रातों में पसीना आना, घबराहट महसूस होना आदि से छुटकारा दिलाने में मददगार होती है। इसके सेवन के साथ ही आपको एक हेल्थी लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज भी अपने जीवन में शामिल करनी चाहिए।
महिलाओं के लिए यह स्वास्थ्यवर्धक कैप्सूल उनके शारीरिक और इमोशनल बैलेंस को बनाए रखने में बहुत फायदेमंद होती है। यह उनका हार्मोनल बैलेंस सुधारने और बनाए रखने में मददगार होती है। इसके साथ ही यह पूरे रिप्रोडक्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाती है।
यह PMS के दौरान होने वाले लक्षण जैसे शरीर में दर्द, सिर दर्द, थकान, वजन का बढ़ना आदि को कंट्रोल करती है। इसके साथ ही यह 100% वेजिटेरियन है। इस कैप्सूल में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां जैसे अश्वगंधा, ब्राह्मी, तुलसी, अमलकी, मोरिंगा, त्रिफला और हल्दी आदि का मिश्रण है। यह आपको स्वस्थ रखने और मेनोपॉज के लक्षण को कंट्रोल करने में मददगार होती है।
हिमालया मीनोसान टेबलेट मेनोपॉज के दौरान होने वाले लक्षणों को बेहतर बनाने और महिलाओं के शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए एक हर्बल रिमेडी है।
यह एक अनोखे किस्म का हर्बल फार्मूला है जो महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान आने वाले अनकंफरटेबल और परेशानी भरे लक्षणों से लड़ने में मददगार साबित होता है। यह दरअसल पौधों में पाए जाने वाले एक फॉर्मल फाइटोएस्ट्रोजन से बनता है। यह रिस्क फ्री हैं और इन्होंने मेनोपॉज के हर चरण में अपना फायदा दिखाया है । मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर से एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है। इस वजह से उन्हें चिड़चिड़ाहट मूड स्विंग नींद ना आना और थकान लगी रहती है। ऐसे में यह फाइटोएस्ट्रोजन महिलाओं के शरीर में इस हार्मोन की मात्रा को बैलेंस करने में मददगार साबित होते हैं।
ये किट एक बेहतरीन हर्बल तरीका है वजन घटाने, बॉडी को डीटॉक्स करने, ब्लोटिंग और एसिडिटी के साथ ही कब्ज से छुटकारा पाने का। महिलाओं को मेनोपॉज की वजह से होने वाली पेट संबंधी समस्या से आराम दिलाने में मददगार साबित होता है।
यह एक टॉक्सिन क्लींजर है यानी आपके शरीर में मौजूद सभी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में आपकी मदद करेगा। इसके साथ ही यह शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को भी बाहर निकालकर आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ और बेहतर स्टेमिना प्रदान करेगा। इस किट में दो ऐसे होते हैं एनडी टॉप्स के अलावा इसमें मौजूद विमेन हेल्थ किट महिलाओं को हार्मोनल और इमोशनल उतार-चढ़ाव में आराम दिलाने में मददगार साबित होती है। कुल मिलाकर जैकेट मेंनोपॉज के दौरान होने वाले पेट और हार्मोनल बदलावों को नियंत्रण में रखने में मददगार साबित होती है।
एलोवेरा जेल में हमारे शरीर के लिए जरूरी विटामिन और मिनरल्स कूट-कूट के भरे होते हैं। आप चाहें तो अपने आंगन में लगे हुए एलोवेरा के पौधे का जेल इस्तेमाल करें या चाहे तो इसे बाजार से खरीद सकते हैं।
आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉक्टर अखिलेश के मुताबिक एलोवेरा का जेल अपने प्योर रूप में फाइटोएस्ट्रोजन नाम के केमिकल का भंडार होता है। यह केमिकल महिलाओं के शरीर में हो रहे हार्मोनल इमबैलेंस को कंट्रोल करने में मददगार साबित होता है।
इसके साथ ही एलोवेरा महिलाओं के शरीर को हाइड्रेट करता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाएं को डिहाइड्रेशन का बहुत सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एलोवेरा जेल शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देता
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए शतावरी को बेहद फायदेमंद माना गया है। इसे दूध के साथ घोलकर पीना हार्मोनल बैलेंस बनाने में मददगार होता है। शतावरी को महिलाओं के लिए हेल्थ टॉनिक माना जाता है और सिर्फ इतना ही नहीं शरीर के साथ ही है मानसिक स्वास्थ्य को ही बेहतर बनाने में मददगार होता है। आयुर्वेद के मुताबिक यह मेनोपॉज द्वारा के समय आने वाली समस्याओं जैसे वेजाइनल डिसचार्ज घबराहट एंजाइटी और मूड स्विंग्स में भी आराम दिलाता है।
8. मेथी दाना (Fenugreek Seeds)
मेथी के दाने स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह ऐसी सामग्री है जो आमतौर पर हर घर में मौजूद होती है इसका इस्तेमाल कुछ सब्जियों में चौक लगाने के लिए भी किया जाता है। लेकिन जब बाद में नो पॉज की आती है तो मेथी दाना और मोनल बैलेंस बनाए रखने और पेट के फूलने और गैस से संबंधित समस्याओं से बचाने में मददगार होता है। आधा चम्मच मेथी दानों को आधे गिलास पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख देना चाहिए। सुबह उठकर इसे खाली पेट पीना मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्याओं में मददगार माना जाता है।
अशोका एक जड़ी बूटी होती है जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इसका पाउडर आयुर्वेद में दवाओं की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसे चूर्ण के रूप में खाया जाता है इसकी नियमित उपयोग या डॉक्टर द्वारा बताए गए इस्तेमाल से मेनोपॉज के शारीरिक और मानसिक लक्षणों में महिलाओं को आराम मिलता है।
FAQs: मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपाय
मेनोपॉज के सामान्य लक्षणों में मासिक धर्म का अनियमित या बंद होना, गर्मी के दौरे (हॉट फ्लैशेज), रात में पसीना, नींद में कठिनाई, मूड स्विंग्स, वजन बढ़ना, और बालों का पतला होना शामिल हैं।
आयुर्वेद में मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए विभिन्न जड़ी-बूटियों और उपचारों का उपयोग किया जाता है, जो हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं।
आयुर्वेद में शतावरी, अश्वगंधा, ब्राह्मी, और त्रिफला जैसी जड़ी-बूटियों का उपयोग मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है। इनके सेवन से हार्मोनल संतुलन में सुधार होता है और शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, और ध्यान जैसे घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं। साथ ही, कैफीन और मसालेदार भोजन से परहेज करना भी लाभदायक है।
ब्राह्मी और जटामांसी जैसी जड़ी-बूटियाँ मानसिक शांति प्रदान करती हैं, जिससे नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। साथ ही, सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीना भी लाभदायक है।
हाँ, आयुर्वेदिक उपचार मानसिक लक्षणों जैसे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, और अवसाद में राहत प्रदान करते हैं। अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियाँ मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करती हैं।
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और योग के माध्यम से वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए त्रिफला का सेवन लाभदायक है।