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  • रातभर परिवार करता रहा तलाश, सुबह कुएं में मिली बेटी की लाश… अपहरण कर किया गैंगरेप.?

    रातभर परिवार करता रहा तलाश, सुबह कुएं में मिली बेटी की लाश… अपहरण कर किया गैंगरेप.?

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    कर्नाटक के रायचूर जिले में 21 वर्षीय युवती की हत्या से सनसनी फैल गई. सिरवार थाना क्षेत्र के होकराणी गांव में अश्विनी घर से बाहर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. अगले दिन उसका शव गांव के पास एक कुएं से मिला. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. प्राथमिकी में चार लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी वजह और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है.

    शौच के लिए घर से निकली थी युवती

    पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक अश्विनी 19 अगस्त की शाम खेतों में काम करके माता-पिता के साथ घर लौटी थी. इसके कुछ देर बाद उसने पेट दर्द की बात कही और शौच के लिए एक बर्तन लेकर घर के पास सरकारी जमीन की ओर चली गई. काफी देर तक वापस नहीं आने पर उसकी मां तलाश में निकली. वहां अश्विनी की चप्पलें और पानी का बर्तन मिला, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई.

    कुएं में मिला नग्न अवस्था में शव

    परिवार ने रातभर अश्विनी की तलाश की. 20 अगस्त की सुबह उन्हें गांव के पास एक कुएं में शव मिलने की सूचना मिली. परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान अश्विनी के रूप में की. पुलिस के अनुसार उसके चेहरे पर चोट के निशान थे. ऊपरी होंठ पर भी चोट थी और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर घाव पाए गए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

    चार लोगों के नाम प्राथमिकी में

    पीड़िता के पिता थिमारेड्डी की शिकायत के आधार पर सिरवार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की. इसमें गुंड्या, महंतेश, वीरेश और करीब 45 वर्षीय मुंडार्गी बसवराज के नाम दर्ज हैं. चारों उसी गांव के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस ने चारों संदिग्धों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से एक संदिग्ध ने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है. उसे आगे अदालत में पेश किया जाएगा.

    पुलिस खंगाल रही घटना की पूरी कड़ी

    पुलिस अब अश्विनी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश की जा रही है. अश्विनी ने BA की पढ़ाई पूरी की थी और घटना से करीब एक महीने पहले उसकी सगाई हुई थी. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के पीछे क्या कारण था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही.

  • हरिद्वार में अस्थियां विसर्जन कर खुलकर हंसी, जयपुर में पति की हत्या के बाद पत्नी ने किया नाटक! CCTV से खुला राज..

    हरिद्वार में अस्थियां विसर्जन कर खुलकर हंसी, जयपुर में पति की हत्या के बाद पत्नी ने किया नाटक! CCTV से खुला राज..

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    जयपुर में 27 वर्षीय महेश मीणा की मौत का मामला अब हत्या के शक में बदल गया है. परिवार को पत्नी कविता के बताए घटनाक्रम पर संदेह हुआ तो परिजनों ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले. फुटेज और कुछ कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

    दवा लेने निकला था महेश

    5 अगस्त को महेश पत्नी कविता के साथ बाइक से दवा लेने निकला था. शाम तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिवार परेशान हो गया. बाद में कविता ने महेश की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी और परिवार को विश्वकर्मा इलाके की 14 नंबर पुलिया के पास बुलाया. वहां महेश सड़क किनारे बेसुध मिला. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शुरुआत में मौत को सामान्य मानकर मर्ग दर्ज की गई थी.

    पिता को कहानी पर हुआ शक

    महेश के पिता बाबूलाल मीणा को पत्नी के बयान पर भरोसा नहीं हुआ. उन्होंने परिवार के साथ मिलकर घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी. परिवार का दावा है कि फुटेज में कविता अकेली महेश को बाइक से लाती हुई नहीं दिखी. आरोप है कि दो अन्य बाइक पर तीन युवक भी उनके साथ थे. परिजनों ने इन लोगों की पहचान गणेश, अजय मीणा और गोलू प्रजापत के रूप में की है.

    हरिद्वार जाने के बाद बढ़ा संदेह

    महेश के अंतिम संस्कार के बाद परिवार ने कविता को भी अस्थियां विसर्जित करने के लिए हरिद्वार भेजा. इसी दौरान परिजन CCTV फुटेज जुटाते रहे. परिवार का आरोप है कि कविता के कथित रूप से गणेश के साथ लंबे समय से संबंध थे और इसी वजह से महेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. कुछ कथित वीडियो भी पुलिस को सौंपे गए हैं, जिनमें परिवार के मुताबिक कविता की बातचीत और प्रतिक्रिया रिकॉर्ड है.

    पुलिस कर रही हर पहलू की जांच

    महेश के पिता ने 16 अगस्त को विश्वकर्मा थाने में पत्नी कविता समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार, मामले में CCTV फुटेज सामने आने के बाद संदेह गहरा हुआ. अब पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट, कॉल डिटेल, CCTV तथा कथित वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.

  • शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद… फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये..

    शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद… फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये..

    शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद... फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये

    आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से शादी और प्यार के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि एक महिला ने युवक को प्यार के जाल में फंसाया और शादी का भरोसा देकर उससे करीब 6 लाख रुपये ले लिए. शादी वाले दिन महिला ने अपना फोन बंद कर दिया और गायब हो गई. ठगी का पता चलने के बाद युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

    जानकारी के मुताबिक, वेमपल्ली मंडल के कथुलुरु गांव में रहने वाले एक युवक की मुलाकात कडप्पा की एक महिला से हुई थी. महिला ने युवक को भरोसा दिलाया कि वह उससे प्यार करती है और उसी से शादी करना चाहती है. युवक ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया.

    इसके बाद महिला ने अलग-अलग जरूरतों और बहानों से युवक से धीरे-धीरे करीब 6 लाख रुपये ले लिए. युवक को उस पर पूरा भरोसा था, इसलिए उसने शादी की तैयारियां शुरू कर दीं. दोनों ने साथ में शादी की खरीदारी भी की. इससे युवक और उसके परिवार को लगा कि शादी पूरी तरह तय है.

    शादी की सुबह फोन हुआ बंद

    शादी के दिन जब दुल्हन के आने और शादी की रस्मों की तैयारी चल रही थी, तभी महिला का फोन बंद आने लगा. युवक और उसके परिवार ने उससे संपर्क करने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. काफी देर तक महिला की कोई जानकारी नहीं मिलने पर युवक को शक हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है.

    उसे समझ आया कि शादी का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए और अब महिला गायब हो गई है. इसके बाद युवक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी.

    पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया

    पीड़ित युवक कडप्पा पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई. उसने महिला के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया.

    पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी के 6 लाख रुपये कहां हैं और क्या इस मामले में महिला के साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल है.

  • 40 साल तक बदलता रहा ठिकाने, 68 की उम्र में चढ़ा हत्थे… 1985 के मर्डर केस में फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा..

    40 साल तक बदलता रहा ठिकाने, 68 की उम्र में चढ़ा हत्थे… 1985 के मर्डर केस में फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा..

    मुंबई के साकीनाका पुलिस स्टेशन की टीम ने 1985 के हत्या मामले में करीब चार दशकों से फरार चल रहे 68 वर्षीय आरोपी सुरेश चंदन अडागले को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के खिलाफ सत्र न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया था और पुलिस उसकी तलाश में लंबे समय से जुटी थी.

    पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके पुराने ठिकानों और उपलब्ध रिकॉर्ड को खंगाला. सबसे पहले मुंबई के बोरीवली इलाके में उसकी तलाश की गई, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ से जानकारी मिली कि वह अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा तालुका के सुरेगांव में मिल सकता है.

    पुलिस टीम सुरेगांव पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी अपना ठिकाना बदल चुका था. जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित रांजणगांव इलाके में होने का पता चला.

    इसके बाद साकीनाका पुलिस की टीम रांजणगांव पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. संकल्प सिटी स्थित एक इमारत से आरोपी को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी 1985 में दर्ज हत्या के मामले के बाद से लगातार कानून की पकड़ से बाहर था. करीब 40 वर्षों तक अलग-अलग ठिकानों पर रहने के बाद आखिरकार पुराने रिकॉर्ड, स्थानीय पूछताछ और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस उस तक पहुंचने में सफल रही. अब 1985 के इस पुराने हत्या मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • 60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी… दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी… दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी... दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    दिल्ली के निहाल विहार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की कहानी सामने आई है. एक बच्चे को दवाई लगाने की बात से विवाद हुआ. फिर पति-पत्नी में झगड़ा हुआ. पत्नी घर से बाहर गई. करीब 10 मिनट बाद वापस लौटी, लेकिन इस बार अकेली नहीं थी. उसके साथ मायके के लोग थे. कुछ देर बाद पड़ोसी एक शख्स को कंधे पर उठाकर घर से बाहर निकलता दिखा. वो शख्स था 31 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय. अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई.

    अब इस मामले में विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और एक भाभी को गिरफ्तार किया गया है. विनय के परिवार ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है.

    विनय की उम्र 31 साल थी. IT सेक्टर में नौकरी. परिवार के मुताबिक, करीब 60 लाख रुपये का पैकेज. करीब साढ़े 3 साल पहले बुध विहार की रहने वाली रेखा से शादी हुई थी. दोनों के जुड़वा बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी. जिंदगी की तस्वीर बाहर से ठीक-ठाक दिखती थी. नौकरी अच्छी, शादी को कुछ ही साल हुए और घर में दो बच्चे.

    लेकिन विनय के परिवार का दावा है कि शादी के बाद से ही घर में रिश्ते सहज नहीं थे. छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता था. रेखा की अपनी सास से भी कहासुनी होती थी. परिवार का आरोप है कि रेखा के भाई की तरफ से विनय को धमकी तक दी जाती थी.

    विनय की मां के मुताबिक, घर में बच्चे को दवाई लगाने की बात को लेकर विनय और रेखा के बीच विवाद हुआ. बात बढ़ी तो विनय ने कथित तौर पर ऊंची आवाज में बात कर दी. रेखा नाराज हुई और घर से बाहर चली गई. परिवार के मुताबिक, लगभग 10 मिनट बाद रेखा वापस आई. लेकिन उसके साथ सिर्फ उसका कोई एक रिश्तेदार नहीं था. उसके दो भाई, भाभी, पिता और एक अन्य शख्स समेत कई लोग उसके साथ थे. यानी पति-पत्नी के झगड़े में अब मायके के लोग भी घर पहुंच चुके थे.

    इस मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें रेखा लाल सूट में दिखाई दे रही है. उसके साथ उसकी भाभी नीले सूट में नजर आती है. कार के पास रेखा के दो भाई, पिता और एक अन्य व्यक्ति भी दिखाई देता है. इसके बाद क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर पुलिस की जांच से सामने आएगी. लेकिन विनय के परिवार का आरोप है कि घर के अंदर ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.

    परिवार का कहना है कि विनय अपने ससुराल वालों के लिए पानी तक लेकर आया था. लेकिन इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. आरोप है कि विनय का गला दबाया गया. उसकी छाती पर हाथ और पैर से वार किए गए. विनय के माता-पिता वहीं मौजूद थे. परिवार का दावा है कि उन्होंने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई.

    बाहर आया तो पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था विनय

    कुछ देर बाद एक पड़ोसी विनय को कंधे पर उठाकर घर से बाहर आता दिखाई देता है. विनय अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था. पड़ोसी ने उसे कुर्सी पर बैठाया. इसके बाद विनय को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों की कोशिश काम नहीं आई और विनय की मौत हो गई.

    विनय का परिवार आरोप लगा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से तनाव था. परिवार का कहना है कि रेखा अक्सर उसकी मां से झगड़ा करती थी. छोटे-छोटे विवादों पर भी उसके भाई की तरफ से विनय को धमकी देने का आरोप है. परिवार का ये भी दावा है कि विनय को घर की तीसरी मंजिल पर अलग जगह दी गई थी और रेखा अलग खाना बनाती थी. विनय के परिवार का यह भी आरोप है कि रेखा ने घर के CCTV कैमरे बंद कर दिए थे.

    पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाई और एक भाभी शामिल हैं. अब जांच में CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और आरोपियों के बयान अहम होंगे. सवाल है कि क्या ये सिर्फ एक घरेलू झगड़ा था, जो अचानक बेकाबू हो गया? या फिर इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कोई विवाद था? फिलहाल चार लोग गिरफ्तार हैं. इस पूरे मामले की जांच जारी है.

  • 28 अगस्त की रात आसमान में होगा बड़ा खेल, चांद का 93% हिस्सा हो जाएगा लाल; भारत में दिखेगा या नहीं..?

    28 अगस्त की रात आसमान में होगा बड़ा खेल, चांद का 93% हिस्सा हो जाएगा लाल; भारत में दिखेगा या नहीं..?

    अगस्त का आखिरी सप्ताह खगोलीय घटनाओं के लिहाज से खास रहने वाला है। 28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगेगा। यह सामान्य आंशिक चंद्रग्रहण नहीं होगा, बल्कि बेहद गहरा आंशिक चंद्रग्रहण होगा। नासा के मुताबिक ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का करीब 93 फीसदी व्यास पृथ्वी की गहरी छाया यानी umbra में पहुंच जाएगा। यही वजह है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा का बड़ा हिस्सा गहरे लाल या तांबे जैसा नजर आ सकता है।

    भारत में नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण

    इस ग्रहण को लेकर भारत में सबसे ज्यादा सवाल इसकी दृश्यता को लेकर है। 28 अगस्त का चंद्रग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा भारत के आसमान में क्षितिज के ऊपर नहीं होगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका के अलावा यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में रहेगी। भारत में दिखाई नहीं देने की वजह से यहां इस ग्रहण को लेकर सामान्य तौर पर सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। हालांकि धार्मिक परंपराओं में स्थानीय मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

    कब शुरू होगा ग्रहण?

    वैश्विक समय के अनुसार चंद्रग्रहण 28 अगस्त को तड़के शुरू होगा और करीब साढ़े पांच घंटे तक इसकी अलग-अलग अवस्थाएं रहेंगी। भारत के समय के हिसाब से इसकी शुरुआत सुबह के समय पड़ेगी। ग्रहण का अधिकतम चरण भी भारत में दिन के समय होगा, इसलिए यहां से इसे देख पाना संभव नहीं होगा।

    ज्योतिष में क्यों महत्वपूर्ण है?

    ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक स्थिति और संवेदनशीलता का कारक माना जाता है। इसलिए चंद्रग्रहण को केवल खगोलीय घटना के तौर पर नहीं देखा जाता। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के दौरान चंद्रमा की स्थिति को कुंडली के संदर्भ में देखकर अलग-अलग परिणामों की व्याख्या की जाती है।

    इस ग्रहण का असर किन राशियों पर अधिक माना जाएगा, यह केवल राशि देखकर तय नहीं किया जा सकता। जन्मकुंडली में चंद्रमा की स्थिति, लग्न और ग्रहों के संबंध भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए किसी भी राशि के लिए ग्रहण को निश्चित रूप से शुभ या अशुभ बताना सही नहीं होगा।

    वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का किसी व्यक्ति की किस्मत या स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव साबित नहीं हुआ है। ज्योतिषीय प्रभावों को पारंपरिक मान्यताओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

    आसमान में दिखेगा बेहद खास नजारा

    वैज्ञानिक नजरिए से इस ग्रहण की सबसे खास बात इसका गहरा आंशिक चरण है। चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की umbra में जाने के कारण ग्रहण लगा हुआ भाग लाल, नारंगी या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है। चंद्रग्रहण को देखने के लिए सोलर ग्रहण की तरह किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती।

    साल 2026 का यह दूसरा चंद्रग्रहण होगा। इससे पहले 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण हुआ था। अगस्त के बाद अगला चंद्रग्रहण फरवरी 2027 में होगा।

  • ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर युवती से मांगी नग्न तस्वीरें, हैरान कर देगी आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर की करतूत..?

    ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर युवती से मांगी नग्न तस्वीरें, हैरान कर देगी आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर की करतूत..?

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    पुणे में एक आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर पर युवती को ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर उसकी अश्लील तस्वीरें मांगने का आरोप लगा है. कोंढवा पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने युवती से कहा कि उसके शरीर पर नकारात्मक ऊर्जा का असर है और इसे दूर करने के लिए एक खास तरह की ‘फिजिकल एक्टिविटी’ करनी होगी. इसी बहाने उसने युवती से अपने मोबाइल फोन पर नग्न तस्वीरें भेजने के लिए कहा था.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार पुणे के कोंढवा बुद्रुक इलाके की पार्श्वनगर सोसाइटी का रहने वाला है. वह खुद को एक आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था और लोगों के लिए ऐसे सत्र आयोजित करता था. जिनका दावा मानसिक शांति और जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित करने में मदद करना था. शिकायतकर्ता युवती भी उसके ऐसे सेशन में शामिल होती थी. इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर युवती से व्यक्तिगत बातचीत शुरू की.

    युवती की शिकायत के अनुसार, परमार ने उसे बताया कि उसके शरीर पर ‘नेगेटिव एनर्जी’ का असर है. उसने कथित तौर पर दावा किया कि इस नकारात्मक ऊर्जा को एक विशेष शारीरिक गतिविधि के जरिए दूर किया जा सकता है. इसके बाद आरोपी ने युवती से ऐसी तस्वीरें भेजने के लिए कहा, जिनमें वह बिना कपड़ों के हो. पुलिस के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को कथित तौर पर एक तरह की आध्यात्मिक गतिविधि के रूप में पेश किया गया था.

    शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे इस तरह डराया कि वह दबाव में आ गई और उसने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें भेज दीं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर कोंढवा थाने में मामला दर्ज किया है. आरोपी के खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने से संबंधित कानूनी धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र काला जादू और उससे जुड़ी प्रथाओं से संबंधित कानून के तहत भी कार्रवाई की गई है. पुलिस ने आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार को गिरफ्तार कर लिया.

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया है. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने युवती से किस तरह संपर्क किया और क्या इस मामले से जुड़े अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं. 

    आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की जांच के लिए दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है.

  • vastu tips in hindi: घर के बीचोबीच क्या होने से धन नहीं रुकता है, पढ़ें इस जगह क्या ना रखें

    vastu tips in hindi: घर के बीचोबीच क्या होने से धन नहीं रुकता है, पढ़ें इस जगह क्या ना रखें

    घर का बीच का स्थान ब्राह्मा का माना जाता है, इसलिए इसे ब्राह्मस्थान कहा जाता है। इसे घर की सबसे अधिक पवित्र जगह मानी जाती है, इस जगह को घर का एनर्जी प्वाइंट कहा जाता है, इसलिए घर में इसे खाली छोड़ें और कोई भी भारी सामान इस जगह ना रखें। दरअसल सभी कमरों की एनर्जी यहीं आकर एकत्र होती हैं। पुराने समय में घर के बीच में तुलसी का पौधा रखा जाता था। लेकिन अब जगह कम होने के कारण लोग इस जगह पर अपने घरों में फर्नीचर रख देते हैं, जो बिल्कुल गलत है। इस जगह को खाली छोड़ेंगे तो आपको लाभ होगा। आइए जानें इस जगह में क्या नहीं रखना चाहिए, जिससे आपकी लाइफ में धन की कमी तो होती ही है, साथ ही परेशानियां भी आती हैं। इसलिए इस जगह जनरेटर, फर्नीचर को तो बिल्कुल ना रखें। इस जगह को फूलों और तुलसी से सजाकर रखें? अगर आपका घर छोटा है तो इस जगह में डाइनिंग एरिया बनार रख सकते हैं। इसमें हैवी फर्नीचर ना रखें। मीटिंग रूम के तौर पर भी इस जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सेंटर को खाली रखें। इस जगह में कोई कबाड़ या अग्नि से जुड़ा सामान ना रखें।

    इस जगह ना रखें तिजोरी

    ब्रह्मस्थान पर तिजोरी भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए। पहले घर को माप लें और देख लें, अगर घर का बीच का स्थान है तो इस जगह तिजोरी ना रखें। कहा जाता है कि इसके होने से उसमें धन नहीं रुकता है और धन आगमन में भी बाधा आती है। ब्रह्मस्थान पर कबाड़ होने से जिंदगी में अड़चन आती रहती है। इसलिए इस स्थान को जितना साफ और खाली रखेंगे, उससे आपको लाभ होगा।

    इस जगह ना रखें पानी की टंकी

    पहले अपने घर के बीच की जगह का अच्छे से माप ले लें। फिर देखें कि क्या यहां शौचालय है, अगर ऐसा है तो कहा जाता है कि इससे घर में बीमारियों का प्रकोप बना रहता है। इस स्थान पर पानी की टंकी होने से व्यवसाय में हानि, रसोई होने से घर में क्लेश हाेना एवं गड्ढा होना आर्थिक व शारीरिक रूप से अत्यधिक हानिकारक होता है। यदि ब्रह्मस्थान में जनरेटर आदि हो तो फैक्ट्री में आए दिन मशीन खराब रहती है तथा उत्पादन प्रभावित होता है।

  • 3 करोड़ साल से यहां लिपटे पड़े हैं 4 सांप, आज भी जिंदा है नर्क के दानव का श्राप..

    3 करोड़ साल से यहां लिपटे पड़े हैं 4 सांप, आज भी जिंदा है नर्क के दानव का श्राप..

    S सोचिए, करीब 3.8 करोड़ साल पहले के चार सांप एक ही जगह दबे रह गए और इतने लंबे वक्त बाद उनके कंकाल वैज्ञानिकों के हाथ लगे. अमेरिका के व्योमिंग में मिले इन दुर्लभ अवशेषों ने सांपों की पुरानी दुनिया को समझने का एक नया रास्ता खोल दिया है. वैज्ञानिकों ने इन अवशेषों की जांच के बाद एक नई प्रजाति Hibernophis breithaupti की पहचान की है. इसके करीब चार लगभग पूरे कंकाल मिले हैं. इनमें से तीन सांप एक साथ, बिल जैसी संरचना में दबे हुए थे, जबकि चौथा सांप उसी चट्टानी परत में थोड़ी अलग जगह से मिला. अब सवाल उठता है कि ये सांप एक साथ वहां पहुंचे कैसे? यही इस खोज को खास बनाता है.

    जमीन से निकला करोड़ों साल पुराना राज

    ये फॉसिल अमेरिका के Wyoming स्थित White River Formation की चट्टानों से मिले हैं. इनकी उम्र शुरुआती Oligocene काल की बताई गई है, यानी ये 3 करोड़ साल से भी ज्यादा पुराने. भूगर्भीय साक्ष्यों के आधार पर इस क्षेत्र की चट्टानों की न्यूनतम उम्र करीब 32 मिलियन साल आंकी गई है. जीवाश्म जिस बारीक रेतीली मिट्टी वाली चट्टान में मिले, उसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी छोटी बाढ़ के दौरान जमा हुई होगी. मिट्टी, पानी और ज्वालामुखीय राख से जुड़े इस वातावरण ने सांपों के अवशेषों को असाधारण तरीके से सुरक्षित रखने में मदद की.

    एक नहीं, तीन सांप एक साथ मिले

    इस खोज की सबसे खास बात यह है कि तीन सांप एक ही जगह पर साथ-साथ मिले. वैज्ञानिकों को ये तीनों सांप चट्टान के दो ऐसे हिस्सों में मिले, जो आपस में जुड़े हुए थे. यानी ऐसा लग रहा था जैसे ये किसी एक जगह पर साथ मौजूद थे और फिर उसी दौरान मिट्टी और चट्टान के नीचे दब गए. पहली नजर में चट्टान के ऊपर सिर्फ दो सांपों के कंकाल दिखाई दे रहे थे. लेकिन जब वैज्ञानिकों ने इसका CT स्कैन किया, तो चट्टान के अंदर छिपा तीसरा सांप भी सामने आ गया. वहीं, चौथा सांप इसी इलाके की दूसरी जगह से मिला.

    मजेदार बात यह है कि इन सांपों का यह अजीब तरीके से एक साथ मिलना नया नहीं था. वैज्ञानिकों की नजर इन पर करीब 40 साल पहले, 1986 में ही पड़ गई थी. उस समय Brent H. Breithaupt और David Duvall ने अनुमान लगाया था कि शायद ये सांप ठंड से बचने के लिए किसी साझा बिल या आश्रय में एक साथ जमा हुए थे. इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइबरनेकुलम कहा जाता है.

    अब नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इन कंकालों की हड्डियों और शरीर की बनावट को बारीकी से जांचा. इसके बाद पता चला कि ये पहले से पहचानी गई किसी प्रजाति के सांप नहीं, बल्कि एक नई प्रजाति के सदस्य थे. Hibernophis breithaupti के UW-11990 नमूने की तस्वीर। इमेज क्रेडिट: Zoological Journal of the Linnean Society

    वैज्ञानिकों ने दिया नया नाम

    रिसर्चर्स ने इस प्राचीन सांप को Hibernophis breithaupti नाम दिया है. इसके नाम में ‘hibernare’ यानी सर्दियों में रहना और ग्रीक शब्द ‘ophis’ यानी सांप शामिल है. रिसर्च के मुताबिक इसकी खोपड़ी और रीढ़ की हड्डियों की बनावट पहले से पहचाने गए कुछ जीवाश्म सांपों से अलग है. इसी आधार पर इसे एक अलग प्रजाति माना गया है.

    क्या ये सांप सच में साथ रहते थे?

    तीन सांपों का एक साथ और बिल जैसी जगह में मिलना देखकर वैज्ञानिकों को लगता है कि शायद ये ठंड से बचने के लिए किसी साझा ठिकाने में रहते थे. आज भी सांपों की कुछ प्रजातियां ठंड के मौसम में एक साथ बिलों या सुरक्षित जगहों पर जमा होती हैं. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. करोड़ों साल पुराने कंकालों को देखकर यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ये सांप साथ में हाइबरनेट ही कर रहे थे. हो सकता है कि किसी दूसरी वजह से तीनों एक ही जगह पर पहुंचे हों और बाद में वहीं दब गए हों. इसलिए वैज्ञानिक इसे संभावित communal sheltering behaviour का संकेत मानते हैं, पक्के सबूत के तौर पर नहीं.

  • खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण..

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    नेपाल के प्रतिबंध से हजारों लोग प्रभावित

    काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुगु जिले में मुगाम कर्माराम ग्रामीण नगर पालिका और छायानाथ रारा नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग नेपाली सरकार के इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। ये लोग खतरनाक हिमालयी इलाकों में जाकर यार्सागुम्बा को इकठ्ठा कर व्यापारियों को बेचते हैं।

    क्या है हिमालयन वयाग्रा

    यार्सागुम्बा एक कीड़ा है जो हिमालय की ऊंची जगहों में उगने वाले खास किस्म के पेड़ों पर ही पाया जाता है। यह कीड़ा भूरे रंग का होता है जिसकी लंबाई 2 इंच के आसपास होती है। इन कीड़ों को नेपाल में यार्सागुम्बा नाम से जाना जाता है।

    मर्दाना कमजोरी की अचकू दवा

    हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाने वाली यार्सागुम्बा को हिमालयन वयाग्रा के नाम से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल मर्दाना कमजोरी को दूर करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है। हर साल गर्मियों में नेपाली लोग हिमालय में 10000 फुट की ऊंचाई पर जाकर इस दवा की खोज करते हैं।

    महंगी बिकती है हिमालयन वयाग्रा

    हिमालयन वयाग्रा बहुत ही महंगे दाम में बिकती है। इसकी कीमत प्रति ग्राम 100 यूएस डॉलर से भी ज्यादा होती है। इसकी मांग विदेशों में खासकर अमेरिका और यूरोप में ज्यादा है। यार्सागुम्बा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। हालांकि, हर्ट के मरीजों के लिए यह जानलेवा हो सकती है।