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  • धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!

    धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!

    धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!

    मॉस्को. दुनियाभर में एक से बढ़कर एक समुद्र तट हैं, जिनमें से कोई अपनी सफेद रेत के लिए तो कोई नीले पानी के लिए जाना जाता है. लेकिन रूस में एक ऐसा बीच है, जिसकी चमक आंखों को चौंधिया देती है. रूस के व्लादिवोस्तोक शहर से महज 30 मिनट की दूरी पर स्थित उसूरी खाड़ी का तट आज दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक अद्भुत आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस जादुई बीच को स्थानीय रूप से स्टेकल्याश्का या ग्लास बीच के नाम से जाना जाता है. यहां रेत दिखाई ही नहीं देती. चारों ओर सिर्फ रंग-बिरंगे शीशे फैले हैं. पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है, जैसे किसी ने किनारे पर करोड़ों कीमती और रंग-बिरंगे नगीने बिखेर दिए हों, लेकिन इसके पीछे की कहानी प्रकृति की अद्भुत कारीगरी का एक अनोखा उदाहरण है.

    सोवियत काल के दौरान इस तटीय क्षेत्र का इस्तेमाल एक डंपिंग यार्ड की तरह किया जाता था. पास की एक चीनी मिट्टी और कांच की फैक्ट्री बेकार कांच की बोतलों और चीनी मिट्टी के बर्तनों को यहीं फेंक देती थी. तो एक अन्य मान्यता के अनुसार, कांच के इस कचरे को नदियों द्वारा बहाकर समुद्र में लाया गया था. ऐसे में दशकों तक इस कचरे के कारण यह तट बेहद खतरनाक माना जाता था और लोग यहां जाने से कतराते थे. हालांकि, समय के साथ कुदरत ने अपना काम शुरू किया. प्रशांत महासागर की तूफानी लहरों, तेज हवाओं और पानी के थपेड़ों ने दशकों तक कांच के इन नुकीले टुकड़ों को आपस में रगड़ा और तराशा. लहरों के इस निरंतर प्रभाव से कांच के तीखे कोने घिसकर पूरी तरह से चिकने, गोल और हानिरहित पत्थरों में बदल गए. धूप खिलने पर ये कांच के टुकड़े मोमबत्ती और रंग-बिरंगे हीरों की तरह जगमगाते हैं.

    वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का मानना है कि प्रकृति की यह छंटाई और सफाई प्रक्रिया एक जीवंत प्रमाण है. ऐसा ही एक और प्रसिद्ध उदाहरण अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फोर्ट ब्रैग के मैककेरिचर स्टेट पार्क में भी देखने को मिलता है, जहां 20वीं सदी के मध्य में प्रशांत महासागर की लहरों ने तटीय इलाके को खूबसूरत ‘सी-ग्लास बीच’ में बदल दिया था. एक्सपर्ट की मानें तो उसूरी खाड़ी का यह अनूठा दृश्य सदा के लिए नहीं रहेगा. आने वाले दशकों में महासागर की लहरें इन कांच के टुकड़ों को इतना घिस देंगी कि ये पूरी तरह से साधारण रेत के कणों में तब्दील हो जाएंगे. दुनिया भर से लाखों पर्यटक इस जादुई नजारे को अपनी आंखों से देखने और इस प्राकृतिक अजूबे को महसूस करने के लिए रूस के इस अनोखे बीच पर पहुंचते हैं.

  • 9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। करीब नौ महीने पहले प्रेम विवाह करने वाले दंपति के जीवन का दुखद अंत हो गया। पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि पति गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया और अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार, सागर और राधा की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों ने परिवार की शुरुआती असहमति के बावजूद नवंबर 2025 में विवाह कर लिया। शादी के बाद दोनों मध्य प्रदेश के अशोकनगर में रहने लगे थे।

    पति अस्पताल में भर्ती, पत्नी की हुई मौत

    बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दंपति बबीना स्थित घर पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पति की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसी बीच घर में पत्नी मृत मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरू कर दी।

    अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद

    मामला उस समय और पेचीदा हो गया जब मृतका के परिजनों को सूचना मिली कि उसके ससुराल पक्ष द्वारा अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। परिजनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शव की सुरक्षा सुनिश्चित की।

    परिजनों ने लगाए दहेज उत्पीड़न के आरोप

    मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    कई पहलुओं से जांच कर रही पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, दोनों परिवारों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

  • 11वीं-9वीं की पढ़ाई छुड़ाकर कराई शादी, डेढ़ साल तक प्रताड़ना झेलती रहीं दो नाबालिग बहनें; चूरू से रेस्क्यू..

    11वीं-9वीं की पढ़ाई छुड़ाकर कराई शादी, डेढ़ साल तक प्रताड़ना झेलती रहीं दो नाबालिग बहनें; चूरू से रेस्क्यू..

    11वीं-9वीं की पढ़ाई छुड़ाकर कराई शादी, डेढ़ साल तक प्रताड़ना झेलती रहीं दो नाबालिग बहनें; चूरू से रेस्क्यू..

    चूरू: राजस्थान के चूरू जिले से बाल विवाह और घरेलू प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग सगी बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित निकाला गया। आरोप है कि दोनों बहनें करीब डेढ़ साल से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य विभागों की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रेस्क्यू किया।

    जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बीकानेर जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। वर्ष 2024 में उनके पिता ने कम उम्र में ही दोनों की शादी चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के कांगड़ गांव में करा दी थी। उस समय बड़ी बहन 11वीं और छोटी बहन 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। विवाह के बाद दोनों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई और उन्हें ससुराल भेज दिया गया।

    उम्र में काफी बड़े युवकों से कराई गई शादी

    बताया जा रहा है कि बड़ी बहन का विवाह 32 वर्षीय युवक से, जबकि छोटी बहन की शादी 26 वर्षीय युवक से कराई गई। आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों को घरेलू कामकाज के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर डांटना, मारपीट करना और अपमानित करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया।

    बेल्ट से पिटाई और ब्लेड से हमला करने का आरोप

    पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके साथ कई बार बेल्ट से मारपीट की गई। हाल ही में कथित तौर पर उनकी सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर भी वार कर दिया। इसी घटना के बाद मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची।

    संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू

    सूचना मिलते ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

    फिलहाल दोनों बहनों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और बाल विवाह व प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • शराब, शक और तीन हत्याएं! बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर की वो सच्ची कहानी जिसने देश को हिला दिया..

    शराब, शक और तीन हत्याएं! बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर की वो सच्ची कहानी जिसने देश को हिला दिया..

    शराब, शक और तीन हत्याएं! बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर की वो सच्ची कहानी जिसने देश को हिला दिया..

    बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे कई ऐसे काले पन्ने दर्ज हैं, जिन्हें याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक भयानक हादसा 21 अक्टूबर 1990 की रात को एक्टर कमल सदाना के बांद्रा स्थित बंगले ‘जल कमल’ में हुआ था. जिस दिन कमल अपना 20वां जन्मदिन मना रहे थे, उसी रात उनके घर में खुशियों की जगह चीखें और गोलियों की आवाजें गूंज उठीं. पिता की एक सनक ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को एक ही झटके में खत्म कर दिया.

    21 अक्टूबर 1990 को कमल सदाना अपने दोस्तों के साथ 20वां बर्थडे सेलिब्रेट कर बाहर से घर लौटे थे. बांद्रा वाले बंगले ‘जल कमल’ में सब कुछ सामान्य लग रहा था. दोस्तों के साथ म्यूजिक बज रहा था, तभी अचानक एक तेज धमाके की आवाज आई. किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है, तभी दूसरी गोली चली. कमल भागकर बाहर आए तो देखा कि उनकी मां सईदा खान और बहन नम्रता जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हैं. पास में ही उनके पिता और मशहूर फिल्म मेकर बृज सदाना हाथ में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लिए खड़े थे.

    जब बेटे पर ही तान दी बंदूक

    कमल अपनी मां को बचाने के लिए आगे भागे, लेकिन पिता ने उन पर भी गोली चला दी. गोली कमल की गर्दन के पिछले हिस्से में लगी और खुशकिस्मती से किसी नर्व या नस को नुकसान पहुंचाए बिना पार निकल गई. उस समय आफरातफरी में कमल को अहसास ही नहीं हुआ कि उन्हें भी गोली लगी है. उन्हें लगा कि उनके कपड़ों पर लगा खून उनकी मां और बहन का है. वह उसी हालत में अपनी मां और बहन को अस्पताल लेकर भागे.

    अस्पताल में खुली आंखें और खत्म हो चुकी थी दुनिया

    अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब कमल की शर्ट पर इतना खून देखा, तो जांच करने पर पता चला कि उन्हें भी गोली लगी है. कमल के दोस्त अबीस रिजवी उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल ले गए, जहां उनका ऑपरेशन हुआ. जब कमल को होश आया, तब तक उनकी मां और बहन दम तोड़ चुकी थीं. पुलिस रिपोर्ट्स और खबरों के मुताबिक, परिवार को गोली मारने के बाद पिता बृज सदाना ने भी अपने कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली थी. एक ही रात में कमल सदाना का पूरा परिवार खत्म हो गया था.

    आखिर उस रात क्या हुआ था?

    इस खौफनाक वारदात की असली वजह आज तक राज ही बनी हुई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट और उस वक्त की खबरों के अनुसार, बृज सदाना का करियर लगातार गिर रहा था और वह डिप्रेशन व शराब की लत का शिकार हो चुके थे. घर में अक्सर झगड़े होते थे. कुछ लोगों का कहना था कि वह बेटी नम्रता के रिश्ते से खुश नहीं थे, तो कुछ अन्य वजहें बताते हैं. हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड्स और कमल सदाना के बयानों के मुताबिक, हादसे के वक्त उनके पिता अत्यधिक शराब के नशे में थे.

    दर्दनाक यादों के बीच जिंदगी में आगे बढ़ना

    इस भयानक त्रासदी के बाद भी कमल सदाना टूटे नहीं. महज 20 साल की उम्र में अनाथ होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और मेकर्स से काम मांगा. उन्हें काजोल के साथ फिल्म ‘बेखुदी’ में ब्रेक मिला. दिलचस्प और दर्दनाक बात यह है कि शूटिंग के दौरान एक सीन में काजोल के गोली लगने पर उन्हें रोना था और वह दिन भी 21 अक्टूबर ही था. कमल आज भी उसी बंगले में रहते हैं जहां यह सब हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि दुनिया में बहुत लोग दुख झेलते हैं, लेकिन आपको जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ता है और दिल में नफरत लेकर आप नहीं जी सकते.

    Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्‍मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्‍यथित हों तो जीवन से हार मानने की कोई जरूरत नहीं. अच्‍छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन, कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्‍त हेल्‍पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.

  • पड़ोसन के बुलावे पर रात में पहुंचा युवक, पति ने मचा दिया हंगामा; पुलिस तक पहुंचा मामला…

    पड़ोसन के बुलावे पर रात में पहुंचा युवक, पति ने मचा दिया हंगामा; पुलिस तक पहुंचा मामला…

    पड़ोसन के बुलावे पर रात में पहुंचा युवक, पति ने मचा दिया हंगामा; पुलिस तक पहुंचा मामला…

    उत्तर प्रदेश के एक गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक का दावा है कि वह पड़ोस में रहने वाली महिला के बुलाने पर उसके घर गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही ऐसा घटनाक्रम हुआ कि मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।

    बताया जा रहा है कि रात के समय युवक पड़ोस में रहने वाली महिला के घर पहुंचा। इसी दौरान महिला के पति ने उसे घर में जाते हुए देख लिया। आरोप है कि इसके बाद पति ने शोर मचाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।

    हंगामे के बीच महिला के पति ने युवक पर घर में चोरी की नीयत से घुसने का आरोप लगाया। वहीं, युवक ने कहा कि वह चोरी करने नहीं बल्कि महिला के बुलाने पर किसी काम से घर आया था। महिला ने भी लोगों के सामने यही बात दोहराई और कहा कि उसने ही युवक को घर बुलाया था।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक को अपने साथ थाने ले गई। महिला ने पुलिस से युवक को छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि वह बिना अनुमति घर में नहीं घुसा था। हालांकि, पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए युवक का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।

    दूसरे मामले में प्रेमी की हत्या का खुलासा

    इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक अन्य जिले में युवक की हत्या के मामले का भी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक को उसकी कथित प्रेमिका ने रात में मिलने के लिए बुलाया था।

    जांच में सामने आया कि युवक जैसे ही घर पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।

    पुलिस ने जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद युवती समेत उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    नोट: दोनों मामले पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। संबंधित आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

  • इंसान नहीं, इस महिला ने ‘बहती नदी’ से रचा ली शादी, सालगिरह पर मिला ऐसा तोहफा..?

    इंसान नहीं, इस महिला ने ‘बहती नदी’ से रचा ली शादी, सालगिरह पर मिला ऐसा तोहफा..?

    इंसान नहीं, इस महिला ने ‘बहती नदी’ से रचा ली शादी, सालगिरह पर मिला ऐसा तोहफा..?

    लंदन. दुनियाभर में कई ऐसे लोग हैं, जो अपने अजीबोगरीब फैसलों की वजह से चर्चा में आ जाते हैं. इनमें से कोई कबाड़ की चीजों को नीलामी में करोड़ों में खरीद लेता है, तो कोई अपने अजीब रिश्ते की वजह से सुर्खियों में आ जाता है. इतना ही नहीं, कोई भूत से शादी कर लेता है, तो कोई खुद को जिंदा पिशाच बतलाता है. लेकिन इन सबसे इतर आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने बहती हुई नदी से ही शादी रचा ली. लेकिन इस शादी का मकसद जानने के बाद आपको भी खुशी होगी. हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड की रहने वाली 30 साल की मेग एवन की. पर्यावरण कार्यकर्ता और कवियित्री के तौर पर पहचानी जाने वाली मेग ने साल 2023 में एवन नदी से शादी कर सबको चौंका दिया था. उनकी शादी की खबरें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सुर्खियों में आई थी. अब शादी की तीसरी सालगिरह पर उन्हें अनमोल तोहफा मिला है.

    लेकिन उन्होंने किसी नदी से शादी का फैसला क्यों लिया? यह सवाल किसी के भी जेहन में आ सकता है. ऐसे में बता दें कि मेग ने एवन नदी के साथ प्रतीकात्मक विवाह किया था, जिसकी एक खास वजह भी थी. दरअसल, एवन नदी कई सालों से प्रदूषण और सीवेज की गंदगी जैसी समस्याओं से जूझ रही है. मेग लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रही थीं, लेकिन उन्हें लगा कि विरोध प्रदर्शन या अभियान उतना असर नहीं छोड़ पा रहे हैं. ऐसे में उन्होंने एक अलग रास्ता चुना और नदी के साथ प्रतीकात्मक शादी का फैसला कर लिया. इसके बाद एवन नदी की साफ-सफाई को लेकर पहले से ज्यादा चर्चा होने लगी. करीब तीन साल बाद मेग और उनके साथियों की कोशिशों का असर भी दिखाई दिया. इंग्लैंड की बाथ एंड नॉर्थ ईस्ट समरसेट काउंसिल ने हाल ही में एक विशेष चार्टर को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य एवन नदी के संरक्षण को नई कानूनी और नैतिक पहचान देना है.

    काउंसिल की बैठक में पूर्ण बहुमत से यह प्रस्ताव पारित हुआ और सभी सदस्यों ने इसका समर्थन किया. इस बारे में मेग ने कहा कि यह नदी की जीत है. लोगों को धीरे-धीरे समझ आने लगा है कि नदियां पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला हैं. बता दें कि चार्टर में 83 मील लंबी इस नदी के लिए कई महत्वपूर्ण अधिकारों का जिक्र है, जिसमें नदी के प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा, जैव विविधता को सुरक्षित रखने और आवाज उठाने की व्यवस्था शामिल है. आसान भाषा में समझें तो यदि भविष्य में कोई गतिविधि नदी को नुकसान पहुंचाती है, तो उसके संरक्षण के लिए जिम्मेदार लोग प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने पक्ष रख सकेंगे. मेग के संगठन ‘वी आर एवन’ ने करीब 120 स्वयंसेवकों की एक टीम भी तैयार की है, जिन्हें ‘रिवर गार्डियंस’ नाम दिया गया है. काउंसिल ने एंडी वेट को नदी का आधिकारिक प्रतिनिधि भी नियुक्त किया है.

  • इंस्टाग्राम पर बिछाया दोस्ती का जाल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और दरिंदगी का खेल..

    इंस्टाग्राम पर बिछाया दोस्ती का जाल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और दरिंदगी का खेल..

    इंस्टाग्राम पर बिछाया दोस्ती का जाल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और दरिंदगी का खेल..

    नागपुर पुलिस ने एक ऐसे शख्‍स को अरेस्‍ट किया है, जिसने एक नाबालिग को इंटाग्राम के जरिए अपने जाल में फंसाया. इसके बाद, उसने नाबालिग को बंधक बना उसके साथ यौन शोषण किया. पुलिस ने पीड़िता को एक किराए के मकान से रेस्‍क्‍यू किया है.

    क्राइम न्‍यूज. महाराष्ट्र के नागपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को पहले इंस्‍टाग्राम के जरिए दोस्‍ती के जाल में फंसाया गया. साजिश के तहत, जल्‍द ही यह दोस्‍ती को प्‍यार का चोला पहनाकर निजी तस्‍वीरें हासिल की गईं. इसके बाद शुरू हुआ ब्‍लैकमेलिंग का खेल. आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया और उसे बंधक बना लिया. आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका यौन शोषण भी किया. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को अरेस्‍ट कर पीड़िता को सही सलामत छुड़ा लिया है.

    1. फर्जी आईडी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती: पिछले साल ठाणे के रहने वाले आरोपी निर्भय पाखरे ने इंस्टाग्राम पर ‘आकाश मेहरा’ नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई. इसी प्रोफाइल के जरिए उसने नागपुर की रहने वाली 16 साल की नाबालिग लड़की से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उससे दोस्ती कर ली.
    2. तस्वीरों के जरिए शुरू हुई ब्लैकमेलिंग: बातचीत के दौरान लड़की ने आरोपी के साथ अपनी कुछ निजी तस्वीरें साझा कर दी थीं. इसके बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया. वह उन तस्वीरों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर लड़की को ब्लैकमेल करने लगा. डर के मारे लड़की उससे मिलने पर मजबूर हो गई.
    3. दो अगस्त से लापता थी पीड़िता: 2 अगस्त को लड़की अचानक अपने घर से गायब हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद, उन्होंने नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने पीड़िता की तलाश शुरू कर दी.
    4. टेक्निकल सर्विलांस से मिली लोकेशन: पीड़िता की तलाश में जुटी पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए लोकेशन का पता लगाया. सोमवार यानी 3 अगस्त की रात करीब 11 बजे पुलिस ने नागपुर के दिघोरी इलाके में स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा. जहां से पीड़िता को सही सलामत बरामद कर आरोपी को अरेस्‍ट कर‍ लिया गया.
    5. खौफनाक था कमरे का मंजर: जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था. पीड़िता बिस्तर पर पड़ी हुई थी और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. आरोपी हाथ में बेल्ट लिए उसके पास खड़ा था. पुलिस को बिस्तर के पास एक चाकू भी रखा हुआ मिला है. लड़की के शरीर पर मारपीट और चोट के कई निशान मिले हैं.

    पीड़िता का रेस्क्यू को रेस्‍क्‍यू कर आरोपी को किया अरेस्‍ट
    पुलिस ने मौके से पीड़िता को रेस्‍क्‍यू कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वहीं, आरोपी निर्भय पाखरे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी पाखरे के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस फिलहाल उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की बारीकी से जांच कर रही है.

  • लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार पर कहर बनकर टूटी। तेज बारिश के बीच फूस की झोपड़ी ढहने से स्थानीय थाने के चौकीदार का पूरा परिवार मलबे में दब गया। इस दर्दनाक हादसे में 11वीं कक्षा की छात्रा रिंकी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    बारिश के बीच भरभराकर गिरी झोपड़ी- मोहनलालगंज के गदियाना गांव निवासी गोकुल प्रसाद, जो स्थानीय थाने में चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं, बुधवार रात अपनी पत्नी बिन्दादेई और बेटी रिंकी के साथ फूस की झोपड़ी में सो रहे थे। लगातार हो रही बारिश के चलते अचानक झोपड़ी भरभराकर गिर गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया।

    ग्रामीणों ने बचाव अभियान चलाया- हादसे के बाद बिन्दादेई किसी तरह मलबे से बाहर निकल आईं, लेकिन गोकुल प्रसाद और उनकी बेटी रिंकी अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई छात्रा की सांसें- ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल रिंकी को तुरंत इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। रिंकी कक्षा 11 की छात्रा थी और उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    गांव में पसरा मातम, पुलिस जांच में जुटी- घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

  • आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और पारिवारिक रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला अपने बेटे का इंतजार करते-करते दुनिया से विदा हो गईं। दुखद बात यह रही कि उनकी मौत के बाद भी बेटा अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंचा। आखिरकार एक सामाजिक संस्था ने बेटे का फर्ज निभाते हुए पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कराया।

    बेसहारा हालत में मिली थीं बुजुर्ग महिला

    जानकारी के अनुसार, हर्रैया नगर पंचायत स्थित आसरा आवास में रहने वाली बुजुर्ग महिला और एक वृद्ध पुरुष कई दिनों से बिना भोजन और इलाज के असहाय अवस्था में पड़े थे। पड़ोसियों की सूचना मिलने पर सामाजिक संस्था ‘सेवा समर्पण भाव परिवार’ की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की मदद से दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    अस्पताल में बेटे को पुकारती रहीं

    अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला की हालत लगातार गंभीर बनी रही। संस्था के कार्यकर्ता उनकी देखभाल करते रहे, लेकिन उनकी जुबान पर बार-बार सिर्फ अपने बेटे का नाम था। हर बार दरवाजे की आहट सुनकर उन्हें उम्मीद होती कि बेटा उन्हें लेने आएगा, लेकिन उनका यह इंतजार कभी पूरा नहीं हो सका। 29 जुलाई को उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।

    पांच दिन तक नहीं पहुंचा कोई परिजन

    महिला की मौत के बाद प्रशासन और समाजसेवी संस्था ने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए कोई सामने नहीं आया। शव करीब पांच दिनों तक मर्चरी में रखा रहा, फिर भी बेटा या परिवार का कोई सदस्य अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा।

    समाजसेवियों ने निभाया बेटे का फर्ज

    जब कोई अपना नहीं आया, तब ‘सेवा समर्पण भाव परिवार’ संस्था ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। संस्था के प्रमुख दिलीप पाण्डेय ने बस्ती के पौराणिक मुड़घाट पर वैदिक रीति-रिवाज से बुजुर्ग महिला को मुखाग्नि दी। इस दौरान संस्था के सदस्य और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। यह भावुक दृश्य देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

    समाज के सामने छोड़ गई कई सवाल

    यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग महिला की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस मां ने अपने बेटे के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दी, उसे अंतिम समय में अपनों का साथ नहीं मिला। वहीं, एक सामाजिक संस्था ने यह संदेश दिया कि सच्चे रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं और इंसानियत से भी बनते हैं।

  • रॉन्ग नंबर से हुई बातचीत बनी ब्लैकमेलिंग का जाल, महिला से अश्लील वीडियो लेकर लाखों रुपये की ठगी का आरोप..

    रॉन्ग नंबर से हुई बातचीत बनी ब्लैकमेलिंग का जाल, महिला से अश्लील वीडियो लेकर लाखों रुपये की ठगी का आरोप..

    रॉन्ग नंबर से हुई बातचीत बनी ब्लैकमेलिंग का जाल, महिला से अश्लील वीडियो लेकर लाखों रुपये की ठगी का आरोप..

    एक साधारण व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती, फिर कथित प्रेम और आखिरकार ब्लैकमेलिंग में बदल गई। एक महिला ने आरोप लगाया है कि खुद को विदेश में रहने वाला व्यक्ति बताने वाले युवक ने पहले उसका भरोसा जीता, फिर आपत्तिजनक वीडियो मंगवाकर उसे ब्लैकमेल किया और लाखों रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

    पीड़िता के अनुसार, करीब एक महीने पहले उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से “हाय” का संदेश आया। पूछने पर सामने वाले ने बताया कि उसे उसका नंबर सोशल मीडिया के जरिए मिला है और उसने दोस्ती की इच्छा जताई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हो गई और आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया।

    महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को लंदन में रहने वाला एनआरआई बताया और भविष्य के सपने दिखाने लगा। इसी दौरान उसने बार-बार दबाव बनाकर महिला से निजी और आपत्तिजनक वीडियो मंगवा लिया। वीडियो मिलने के बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।

    इसके बाद उसने विदेश से महंगे गिफ्ट और डॉलर भेजने का झांसा दिया। आरोपी ने कस्टम ड्यूटी, टैक्स और अन्य शुल्क का हवाला देकर अलग-अलग किश्तों में महिला से करीब 3.76 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर करा लिए।

    जब आरोपी ने दोबारा बड़ी रकम की मांग की और महिला ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उसने कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया और परिचितों के बीच वायरल करने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि आरोपी ने कुछ लोगों को वीडियो भेज भी दिया और उसके रिश्तेदारों से संपर्क करना शुरू कर दिया।

    मानसिक रूप से परेशान होने के बाद महिला ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई और पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर एंगल सहित पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    नोट: यह समाचार पीड़िता की शिकायत और पुलिस में दर्ज प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।