उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कुछ समय पहले एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई थी, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। पांच साल से एक-दूसरे को चाहने वाले युवक और युवती आखिरकार गांव वालों की सहमति से शादी के बंधन में बंध गए।
बताया गया था कि दोनों की पहचान कई साल पहले एक पारिवारिक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे उनका रिश्ता गहरा होता चला गया। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके कस्बे पहुंचा था, जहां दोनों ने पहले समय साथ बिताया और फिर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान गांव वालों और युवती के परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ देर बाद युवक के परिजन भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई।
करीब ढाई घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों की सहमति से यह फैसला लिया गया कि युवक और युवती की शादी करा दी जाए। इसके बाद पास के मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया और गांव के लोगों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
घटना के दौरान पुलिस की कोई सक्रिय भूमिका सामने नहीं आई थी। बताया गया था कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, इसलिए मामला आपसी सहमति से ही सुलझ गया। यह प्रेम कहानी गांव में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
महाराष्ट्र के सांगली में फिल्म शोले जैसी कहानी सामने आई. यहां कुपवाड़ इलाके में एक युवक अपनी प्रेमिका यानी गर्लफ्रेंड से ‘हां’ कहलवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गया. उसने ऐलान कर दिया कि जब तक उसकी प्रेमिका मौके पर नहीं आएगी और उसका प्रपोजल एक्सेप्ट नहीं करेगी, वह नीचे नहीं उतरेगा. युवक की इस हरकत की खबर जैसे ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को मिली, हड़कंप मच गया.
…तो लोगों को समझ में आया पूरा माजरा अजय जाधव रविवार दोपहर अचानक एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया. शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर मामला क्या है. जब युवक ने नीचे आने से इनकार किया और अपनी प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग की, तो लोगों को पूरा माजरा समझ आया. अजय की मांग थी कि उसकी प्रेमिका उसके प्रपोजल को स्वीकार करे. उसने कह दिया कि जब तक वह सामने नहीं आएगी, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा.
…और जमा हो गई भीड़ सूचना मिलते ही कुपवाड़ इंडस्ट्रियल पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया. ऊपर मोबाइल टावर पर युवक बैठा था और नीचे पुलिस उसे समझाने में जुटी थी. इस बीच खबर आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई. देखते ही देखते टावर के नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने अजय से बातचीत शुरू की. उसे समझाया गया कि इस तरह टावर पर चढ़ना बेहद खतरनाक है. लेकिन अजय जिद पर अड़ा रहा.
फिर क्या हुआ अजय शर्त थी कि गर्लफ्रेंड सामने आए और उसके प्रपोजल का जवाब दे. कुपवाड़ पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर आनंदराव घाडगे और उनकी टीम ने युवक को समझाने के लिए लगातार कोशिशें कीं. पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए भी उससे बातचीत की. उसे भरोसा दिलाया गया कि पहले वह सुरक्षित नीचे आए और अपनी बात रखे. काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद अजय नीचे आने के लिए तैयार हो गया. वह जैसे ही सुरक्षित नीचे उतरा, पुलिस, फायर ब्रिगेड और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली. फिलहाल युवक सुरक्षित है और सांगली के कुपवाड़ इलाके में हुई यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. मोबाइल टावर से युवक तो नीचे आ गया, लेकिन प्रेमिका ने ‘हां’ कहा या नहीं, ये कहानी अभी भी अधूरी है.
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में रहा था। एक युवती अचानक अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और शादी की मांग को लेकर वहीं बैठ गई। युवती का कहना था कि युवक लंबे समय से उससे शादी करने का वादा कर रहा था, लेकिन अब शादी की बात आते ही उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।
बताया गया था कि मामला चौरीचौरा क्षेत्र का था। युवती के मुताबिक, उसकी युवक से करीब तीन साल से जान-पहचान थी। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। युवती का आरोप था कि युवक कई बार उससे शादी करने की बात कह चुका था और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रिश्ते में रही।
कुछ समय बाद जब युवती ने युवक से शादी करने की बात कही तो कथित तौर पर वह टालमटोल करने लगा। धीरे-धीरे बातचीत कम हो गई और फिर युवक ने उससे संपर्क करना भी बंद कर दिया। इससे नाराज युवती सीधे उसके घर पहुंच गई।
घर पहुंचकर युवती ने साफ कहा कि वह शादी के बिना वापस नहीं जाएगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। कुछ ही देर में यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
युवती ने युवक पर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि उसने युवक की बातों पर विश्वास किया था, लेकिन बाद में वह शादी से पीछे हटने लगा।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस युवक को थाने लेकर गई, जबकि युवती ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी बात रखी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही थी। दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही थी और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी।
युवती के अचानक प्रेमी के घर पहुंचकर शादी की मांग करने की वजह से यह मामला आसपास के इलाके में काफी चर्चा में रहा था। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर थी।
सपनों को भविष्य में होने वाली कुछ घटनाओं के संकेत के रूप में भी देखा जाता है। मान्यता है कि व्यक्ति को सपनों के माध्यम से शुभ और अशुभ संकेत मिलते हैं। सपने में कुछ खास चीजें दिखाई दें, तो वे आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियों का संकेत हो सकती हैं। ऐसे संकेतों को समझना जरूरी हो जाता है, ताकि व्यक्ति समय रहते आर्थिक मामलों में सावधानी बरत सके। जानिए किस तरह के संकेत आने वाले आर्थिक समस्याओं या धन हानि की तरफ इशारा करते हैं।
बिखरे पैसे या खाली तिजोरी
स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर सपने में नोट या सिक्के इधर-उधर बिखरे हुए दिखाई दें, तो यह अनावश्यक खर्च बढ़ने का संकेत होता है। वहीं सपने में खाली तिजोरी, अलमारी या खाली पर्स दिखाई देना भी भविष्य में आर्थिक तंगी की ओर इशारा करता है। ऐसे समय में फिजूलखर्ची से बचने, बजट बनाकर चलने और किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह सोचने की सलाह दी जाती है।
सोना या गहने खोना
अगर सपने में सोना, चांदी या अन्य कीमती आभूषण खोते हुए दिखाई दें, तो इसे धन या मूल्यवान वस्तुओं के नुकसान का संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति में अपनी आर्थिक योजनाओं पर विशेष ध्यान देना और लेनदेन के मामलों में सतर्क रहना बेहतर माना जाता है।
धुंधला या अंधेरा रास्ता
सपने में धुंधला या अंधेरे से भरा रास्ता दिखाई देना इस बात का संकेत माना जाता है कि जल्दबाजी में लिया गया कोई आर्थिक फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी बड़े निवेश, साझेदारी या वित्तीय निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी माना जाता है।
पानी का बह जाना
अगर सपने में लगातार बहता हुआ पानी दिखाई दे या ऐसा महसूस हो कि धन हाथ से निकल रहा है, तो स्वप्न शास्त्र में इसे अचानक बढ़ने वाले खर्च या आर्थिक हानि का संकेत माना गया है। ऐसी स्थिति में धन का सही प्रबंधन करना और अनावश्यक खर्चों से बचना लाभदायक माना जाता है। ऐसे सपने बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें सतर्क रहने और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।
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ग्वालियर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक अचलेश्वर महादेव मंदिर में दान पेटियां खोले जाने के दौरान सिर्फ नकदी और चढ़ावा ही नहीं मिला, बल्कि ऐसी कई पर्चियां भी सामने आईं, जिन्हें पढ़कर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. इन पर्चियों में भक्तों ने अपनी अलग-अलग मनोकामनाएं और भगवान से किए वादे लिखे थे. इनमें एक पर्ची ऐसी थी, जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा.
‘काम शुरू हो जाए तो शराब छोड़ दूंगा’
दान पेटी से मिली एक पर्ची में एक भक्त ने भगवान भोलेनाथ से अपनी इच्छा पूरी होने की कामना करते हुए लिखा कि अगर उसका काम अच्छे से शुरू हो जाता है, तो वह आखिरी बार शराब पिएगा और इसके बाद हमेशा के लिए इसे छोड़ देगा.
भक्त की इस पर्ची ने वहां मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. किसी ने भगवान से नौकरी की मन्नत मांगी थी, किसी ने परिवार की खुशहाली की, तो किसी ने अपनी कोई आदत छोड़ने का संकल्प लिखा था. इन पर्चियों में लोगों की आस्था के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी की परेशानियों और उम्मीदों की झलक भी दिखाई दी.
दान पेटियों से निकली लाखों की राशि
मंदिर की दान पेटियां खोले जाने के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी भी सामने आई. जानकारी के मुताबिक, पेटियों से 8 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है. इसके अलावा भक्तों द्वारा चढ़ाए गए अन्य सामान और अलग-अलग तरह की पर्चियां भी मिलीं.
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की उम्मीद लेकर भगवान अचलेश्वर महादेव के दरबार में पहुंचते हैं. कई भक्त अपनी इच्छा भगवान के सामने लिखकर भी रखते हैं. यही वजह है कि दान पेटियों से मिलने वाली पर्चियों में कभी-कभी ऐसी बातें सामने आ जाती हैं, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाती हैं.
आस्था के साथ जुड़े हैं लोगों के संकल्प
इस पूरी घटना का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि मंदिर की दान पेटी सिर्फ पैसों का संग्रह नहीं दिखाती, बल्कि भक्तों की भावनाओं और विश्वास की कहानी भी सामने लाती है. ‘आखिरी बार शराब पीने’ वाली पर्ची भी इसी भावना को दर्शाती है. लोग अक्सर किसी मुश्किल समय में भगवान से मनोकामना मांगते हैं और उसके साथ कोई संकल्प भी लेते हैं. किसी के लिए यह बुरी आदत छोड़ने का वादा होता है, तो किसी के लिए परिवार की समस्या दूर होने की प्रार्थना.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। दोनों परिवारों की सहमति से हुई शादी के बाद दूल्हे ने सोचा था कि नई जिंदगी की शुरुआत खुशियों के साथ होगी, लेकिन शादी की पहली ही रात हालात पूरी तरह बदल गए थे।
बताया गया था कि शादी धूमधाम से हुई थी। बारात, मेहमान और रस्मों के बाद दुल्हन को विदा कराकर घर लाया गया था। परिवार में नई बहू के आने की खुशी थी, लेकिन सुहागरात पर पति के सामने ऐसी स्थिति आ गई, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।
चाकू दिखाकर पति को दी धमकी
पति का आरोप था कि सुहागरात के दौरान दुल्हन ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया था। उसने कथित तौर पर पति को अपने करीब आने से मना किया और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
दूल्हे के मुताबिक, यह स्थिति सिर्फ पहली रात तक सीमित नहीं रही थी। लगातार तीन रातों तक उसे इसी तरह डर और तनाव का सामना करना पड़ा था। इस वजह से वह इतना परेशान हो गया था कि शादी के बाद तय हनीमून की योजना भी रद्द करनी पड़ी थी।
दुल्हन ने बताया किसी और से प्रेम संबंध
कुछ दिनों बाद दुल्हन ने कथित तौर पर अपने परिवार और ससुराल वालों के सामने बताया था कि उसका पहले से किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था। उसने पति के परिवार से उसे उसके प्रेमी के पास भेजने की मांग की थी।
इस बात को लेकर दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया था। मामला पंचायत तक पहुंचा और परिवार के लोगों ने आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।
रात में घर से निकल गई दुल्हन
विवाद के बीच मामला थाने तक भी पहुंच गया था। परिवार के मुताबिक, इसी दौरान दुल्हन रात में घर से निकल गई थी। आरोप था कि वह घर की दीवार से बाहर निकली और अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई।
इसके बाद पति और उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क किया था। परिवार का कहना था कि शादी के बाद जो रिश्ता नई जिंदगी की शुरुआत माना जा रहा था, वह कुछ ही दिनों में विवाद और तनाव में बदल गया था।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी। शादी से पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और रिश्तों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होना कितना जरूरी है, यह घटना इसी ओर इशारा करती है।
लंदन.
यूके के स्विंडन शहर की रहने वाली 51 वर्षीय डेब्स डनहम की जिंदगी में कुछ साल पहले एक ऐसा खौफनाक मोड़ आया, जिसने उनकी सेहत, पहचान और आत्मविश्वास को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया. साल 2020 में जब डेब्स 44 साल की थीं और अपनी नॉर्मल व हेल्दी लाइफ जी रही थीं, तब अचानक उनका पेट अजीब तरीके से बाहर निकलने लगा. जिम में साइकिल चलाते समय बार-बार उनका घुटना पेट से टकराने लगा. शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य मानते हुए मेनोपॉज का असर समझा. वे लगातार पुदीने की चाय पीने लगीं और पेट की गैस कम करने की दवाइयां निगलने लगीं. लेकिन पेट का आकार रुकने के बजाय दिन-ब-दिन बढ़ता ही गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बाहर निकलने पर लोग उन्हें गर्भवती समझने लगे. खुद उनके पति ने भी टोकते हुए कहा कि वे दिखने में प्रेग्नेंट लग रही हैं.
डेब्स इतनी असहज महसूस करने लगीं कि उन्होंने शीशे के सामने जाना और पति के सामने कपड़े बदलना तक बंद कर दिया. जब कोई भी घरेलू नुस्खा काम नहीं आया और पेट गुब्बारे की तरह फूलता चला गया, तो वे डॉक्टर के पास पहुंचीं. डॉक्टरों ने तुरंत एमआरआई स्कैन और ब्लड टेस्ट किए. इसके बाद जब रिपोर्ट सामने आई तो डेब्स और उनके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. उनके पेट के अंदर 20 सेंटीमीटर बड़ा कैंसरयुक्त ट्यूमर तेजी से बढ़ रहा था. जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कर पेट में जमा तरल पदार्थ को बाहर निकाला और गर्भाशय हटाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया. सर्जरी पूरी तरह सफल रही और डेब्स कैंसर से मुक्त हो गईं. लेकिन इस गंभीर इलाज और सर्जिकल मेनोपॉज ने उनके शरीर पर भारी असर डाला. कैंसर के तनाव और बदले हुए हार्मोनल असंतुलन के कारण उनकी खाने-पीने की आदतें बुरी तरह बिगड़ गईं.
डेब्स इसकी वजह से डिप्रेशन में चली गईं और बहुत ज्यादा खाना खाने लगीं, जिसके चलते उनका वजन बढ़कर लगभग 99 किलो तक पहुंच गया. उनके साइज के कपड़े छोटे पड़ने लगे. बीमारी के बाद ये भी एक ऐसा दौर था, जब वजन बढ़ने से डेब्स का आत्मविश्वास दोबारा डगमगाने लगा. लेकिन सितंबर 2023 में उन्होंने हार न मानते हुए खुद को बदलने का फैसला किया. उन्होंने वजन घटाने वाले इंजेक्शनों का सहारा लेने के बजाय संतुलित पोषण और सही पोर्शन कंट्रोल वाली डाइट प्लान की मदद ली. उन्होंने पोर्शन-कंट्रोल मील डिलीवरी का तरीका अपनाया और 9 महीनों के भीतर लगभग 29 किलो वजन कम कर लिया. आज 51 साल की उम्र में डेब्स पूरी तरह फिट हैं और उनकी शादीशुदा जिंदगी में भी पुरानी खुशियां लौट आई हैं.
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में, हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियों के बीच एक ऐसा स्थान है, जो आस्था, प्रकृति और रहस्य तीनों का अनोखा संगम माना जाता है। यह जगह है कालापानी का प्राचीन काली मंदिर। समुद्र तल से करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक मान्यताओं के कारण भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
कहा जाता है कि यहीं से काली नदी की शुरुआत होती है। लोगों की मान्यता है कि मंदिर के पास बहने वाली एक छोटी सी पवित्र धारा ही आगे चलकर काली नदी का रूप ले लेती है। यही काली नदी आगे जाकर भारत और नेपाल के बीच प्राकृतिक सीमा भी बनाती है। मंदिर परिसर में बहते इस जल को लोग देवी काली का आशीर्वाद मानते हैं और श्रद्धा के साथ इसे अपने साथ ले जाते हैं।
कालापानी का यह काली मंदिर आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम पड़ाव भी है। जो भी यात्री इस दुर्गम और दिव्य यात्रा पर निकलते हैं, वे यहां रुककर माता काली के दर्शन जरूर करते हैं और आगे की यात्रा के लिए आशीर्वाद लेते हैं। चारों तरफ फैली बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियां, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण इस जगह को और भी विशेष बना देते हैं।
मंदिर के पास ही व्यास गुफा भी स्थित है। मान्यता है कि महान ऋषि वेद व्यास ने इसी गुफा में बैठकर कठोर तपस्या की थी और यहीं से उन्होंने ज्ञान की अलौकिक रोशनी से मानवता को मार्ग दिखाया। इसी कारण यह स्थान सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि एक पवित्र तपोभूमि भी माना जाता है।लोक मान्यता के अनुसार, यह जगह पांडवों की कथाओं से भी जुड़ी हुई है। माना जाता है कि अपने वनवास के दौरान पांडवों ने इस क्षेत्र में कुछ समय बिताया था।
आसपास के कई स्थानों के नाम जैसे भीम शिला और युधिष्ठिर मार्ग इन्हीं कथाओं से जुड़े बताए जाते हैं। इस क्षेत्र में रहने वाला भोटिया समुदाय काली माता को अपना रक्षक देवता मानता है। उनका विश्वास है कि माता काली इस पूरी घाटी की रक्षा करती हैं और सच्चे मन से आने वाले यात्रियों की यात्रा सुरक्षित बनाती हैं।हालांकि कालापानी तक पहुंचना आसान नहीं है। यात्रियों को धारचूला से कठिन पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है। लेकिन जो लोग यहां तक पहुंचते हैं, उनके लिए यह अनुभव जीवनभर याद रहने वाला बन जाता है।
साइबर क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है. साइबर ठगी के एक से बढ़कर एक तरीके सामने आ रहे हैं. साइबर ठगी के एक नए और बेहद खतरनाक तरीके ने देशभर में कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीएफओ और वित्तीय विभाग से जुड़े कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है. साइबर ठग अब WhatsApp, SMS और ई-मेल के जरिए अकाउंट स्टेटमेंट या सरकारी नियामकीय नोटिस के नाम पर ऐसी फाइलें भेज रहे हैं, जिन्हें खोलते ही कंप्यूटर और WhatsApp अकाउंट उनके नियंत्रण में जा सकता है. इस पूरे खेल को साइबर सुरक्षा एजेंसियां ‘Boss Scam’ या CEO Impersonation Fraud के तौर पर देख रही हैं.
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C, गृह मंत्रालय की साइबर अपराध नियंत्रण इकाई, ने इस खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है. हाल के दिनों में दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों से इस तरह के एक जैसे मामलों की शिकायतें सामने आई हैं. I4C के मुताबिक National Cyber Crime Reporting Portal यानी NCRP पर इस तरह की शिकायतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है.
एक ZIP फाइल और पूरा WhatsApp अकाउंट खतरे में-
इस साइबर ठगी की शुरुआत बेहद सामान्य दिखाई देने वाले संदेश से होती है. पीड़ित को WhatsApp, SMS या ई-मेल पर ‘Statement of Account.zip’, तारीख के साथ ‘0714 Statement of Account.zip’, ‘RBI.zip’ या ‘MCA.zip’ जैसी फाइल भेजी जाती है.
कई मामलों में संदेश इस तरह तैयार किया जाता है कि वह किसी कंपनी के नियमित अकाउंट स्टेटमेंट जैसा लगे. वहीं कुछ संदेशों में RBI यानी भारतीय रिजर्व बैंक या MCA यानी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से तत्काल अनुपालन करने का दावा किया जाता है. साइबर अपराधी जानबूझकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि सामने वाला व्यक्ति बिना ज्यादा सोच-विचार किए फाइल खोल दे.
I4C के मुताबिक इन ZIP फाइलों के भीतर एक खतरनाक Windows executable यानी .exe फाइल और उसके साथ एक .dll फाइल होती है। जैसे ही पीड़ित इसे Windows कंप्यूटर या लैपटॉप पर extract करके खोलता है, सिस्टम में Trojan प्रकार का malware सक्रिय हो जाता है.
WhatsApp Web को बनाया जा रहा निशाना-
इस हमले की सबसे गंभीर बात यह है कि malware सिर्फ कंप्यूटर को संक्रमित करने तक सीमित नहीं रहता. यह पीड़ित के सक्रिय WhatsApp Web session को hijack कर सकता है. इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल उसी व्यक्ति के संपर्कों और ग्रुपों तक पहुंचने के लिए करते हैं.
संक्रमित WhatsApp अकाउंट से वही malicious file आगे दूसरे लोगों को भेजी जाती है. कई बार संदेश में लिखा होता है कि फाइल को कंपनी के Finance Manager से verification के लिए साझा करें और कंप्यूटर पर खोलें. इस तरह एक संक्रमित कंप्यूटर से शुरू हुआ हमला धीरे-धीरे पूरी कंपनी के नेटवर्क और कर्मचारियों तक पहुंच सकता है.
यानी जिस व्यक्ति को फाइल भेजी गई, उसके भरोसेमंद WhatsApp अकाउंट से वही फाइल आगे भेजे जाने के कारण दूसरे लोग भी इसे असली समझकर खोल सकते हैं. यही इस पूरे अभियान को बेहद खतरनाक बनाता है.
‘बॉस’ बनकर होती है पैसे की मांग-
साइबर ठगों का अंतिम लक्ष्य अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी होता है. I4C के अनुसार इस चरण में अपराधी किसी वरिष्ठ अधिकारी या कंपनी के CEO के वास्तविक WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. कुछ मामलों में हमलावर अपने नियंत्रण वाले नंबर को मोबाइल में ‘CEO’ के नाम से सेव कर देते हैं.
इसके बाद कंपनी के अकाउंट्स या फाइनेंस कर्मचारियों को बेहद जरूरी और तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया जाता है. संदेश में कहा जा सकता है कि किसी खाते में तुरंत रकम ट्रांसफर करनी है या किसी विशेष बैंक अकाउंट में भुगतान करना है.
कंपनी का कर्मचारी जब संदेश को अपने वरिष्ठ अधिकारी का समझकर निर्देश का पालन करता है तो रकम साइबर अपराधियों के mule bank accounts में पहुंच जाती है. इसीलिए इसे ‘Boss Scam’ कहा जा रहा है, क्योंकि अपराधी कंपनी के ‘बॉस’ या वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का फायदा उठाकर कर्मचारियों को ठगी का शिकार बनाते हैं.
22 जून को I4C ने जारी किया था एडवाइजरी-
I4C ने इस उभरते खतरे को लेकर 22 जून 2026 को भी विस्तृत एडवाइजरी जारी की थी. इसका विषय “Regulatory and Executive Impersonation for WhatsApp Account Takeover using Malicious Windows Executables and High Value Financial Fraud” था.
इस एडवाइजरी में बताया गया था कि किस तरह regulatory communication और executive impersonation की आड़ में WhatsApp अकाउंट takeover और उसके बाद high-value financial fraud को अंजाम दिया जा रहा है.
हाल में दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से समान modus operandi सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इस खतरे को लेकर फिर से चेतावनी दी है.
DLL Sideloading से बच निकलने की कोशिश-
I4C की National Cybercrime Threat Analytics Unit यानी NCTAU की तकनीकी जांच में सामने आया है कि इस अभियान के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक ये नेटवर्क राष्ट्रीय सीमाओं के पार भी सक्रिय हो सकते हैं और अभियान में ऐसे advanced malware का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें propagation और detection-evasion की क्षमता है.
इस malware में DLL Sideloading जैसी तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. इसका उद्देश्य सुरक्षा प्रणालियों की नजर से बचते हुए malware को सिस्टम में सक्रिय करना और संक्रमण को आगे बढ़ाना है.
इस मामले की जांच संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों और तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय में की जा रही है.
CA, CFO और Finance टीम सबसे ज्यादा जोखिम में-
I4C ने विशेष रूप से उन लोगों को सावधान किया है जो कंपनियों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े हैं. चूंकि malware Windows कंप्यूटरों को निशाना बनाता है और भेजी जाने वाली फाइलें अकाउंट स्टेटमेंट तथा regulatory compliance से जुड़ी होती हैं, इसलिए Chartered Accountants, Company Directors, CFOs और Finance & Accounts personnel विशेष जोखिम में हैं.
कॉरपोरेट कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों, खासकर finance teams को तत्काल इस खतरे के बारे में जागरूक करें.
सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि WhatsApp या ई-मेल पर किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से आया urgent fund transfer या account-change request मिलने पर सिर्फ संदेश के आधार पर कार्रवाई न की जाए. ऐसे निर्देशों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि सीधे फोन कॉल या व्यक्तिगत रूप से बातचीत करके की जानी चाहिए.
10 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया-
I4C ने इस अभियान से जुड़े malware के threat signals और technical indicators CERT-In, Microsoft Defender तथा भारतीय antivirus कंपनियों—Quick Heal, K7 Computing और Net Protector—के साथ साझा किए हैं।इसका उद्देश्य malicious files की तेजी से पहचान, blocking और removal सुनिश्चित करना है. I4C के मुताबिक इन coordinated interventions के जरिए अब तक 10,000 से अधिक भारतीयों को इस अभियान से सुरक्षित किया जा चुका है. इसके अलावा Sahyog Portal के जरिए malware को लगातार block किया जा रहा है.
58 हजार से ज्यादा संभावित पीड़ितों को SMS अलर्ट-
I4C की ओर से संभावित प्रभावित लोगों को ‘I4CMHA-G’ SMS header के जरिए अलर्ट भेजे जा रहे हैं. पिछले 30 दिनों में इस माध्यम से 58,000 से ज्यादा संभावित पीड़ितों को सूचना दी गई है. I4C ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें ‘I4CMHA-G’ से कोई चेतावनी मिलती है तो उसे गंभीरता से लें और उसमें दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.
RBI या कोई regulator WhatsApp पर ZIP फाइल नहीं भेजता-
I4C ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अज्ञात या unverifed source से मिली .zip फाइल या executable को download, extract या open न करें. किसी regulatory communication के नाम पर भेजी गई फाइल को खोलने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि जरूरी है. खास तौर पर वित्तीय और सरकारी संस्थाओं के नाम पर आने वाले ऐसे संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है.
WhatsApp की Settings > Linked Devices में जाकर समय-समय पर यह भी जांचना चाहिए कि कौन-कौन से डिवाइस WhatsApp अकाउंट से जुड़े हुए हैं. जिन sessions की जरूरत नहीं है, उन्हें तुरंत log out करना चाहिए.
कंपनियों के सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के लिए भी अलर्ट-
I4C ने कंपनियों के system administrators को भी जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है. Unknown .exe और .dll files को user profile directories से execute होने से रोकने के लिए software restriction policies लागू की जानी चाहिए. साथ ही सभी Windows endpoints पर updated anti-malware solutions सुनिश्चित किए जाने चाहिए. कर्मचारियों को यह भी समझाना जरूरी है कि सिर्फ antivirus installed होना पर्याप्त नहीं है; suspicious files को खोलने से बचना सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है.
अगर WhatsApp अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति का WhatsApp अकाउंट compromised होने का संदेह है तो सबसे पहले सभी linked devices को log out करना चाहिए. इसके बाद अपने सभी contacts और WhatsApp groups को तुरंत चेतावनी दें कि उनके अकाउंट से भेजी गई किसी भी file को न खोलें. जिस Windows कंप्यूटर पर संदिग्ध ZIP या executable file खोली गई हो, उसे updated antivirus से तुरंत scan कराया जाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर संबंधित तकनीकी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए. अगर इस तरह की साइबर ठगी में आर्थिक नुकसान हुआ है या संदिग्ध communication मिला है तो तत्काल National Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत करनी चाहिए या National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए.
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव-
‘Boss Scam’ की सबसे बड़ी ताकत तकनीक से ज्यादा भरोसा है. साइबर अपराधी किसी अजनबी नंबर से नहीं, बल्कि कई बार उसी WhatsApp अकाउंट से संदेश भेजते हैं, जिस पर कर्मचारी पहले से भरोसा करता है. यही वजह है कि कंपनी के भीतर cybersecurity awareness बेहद जरूरी हो गई है. अकाउंट स्टेटमेंट, RBI या MCA notice, Income Tax communication या CEO के नाम पर आया कोई भी urgent message हो, बिना स्वतंत्र पुष्टि के फाइल न खोलें और पैसे ट्रांसफर न करें. एक ZIP फाइल खोलने की छोटी-सी गलती न सिर्फ WhatsApp अकाउंट को खतरे में डाल सकती है, बल्कि पूरी कंपनी के वित्तीय नेटवर्क को साइबर अपराधियों के लिए खोल सकती है. ऐसे में I4C की चेतावनी साफ है- संदिग्ध फाइल से दूरी, हर वित्तीय निर्देश की दोहरी पुष्टि और समय रहते शिकायत ही इस नए साइबर खतरे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है.
एक मजबूत शादी सिर्फ बड़े सरप्राइज या महंगे तोहफों से नहीं चलती। कई बार दिन के आखिर में बिताए गए कुछ मिनट ही रिश्ते को पहले से ज्यादा मजबूत बना देते हैं। अगर पति-पत्नी एक-दूसरे को समय दें, सम्मान दें और खुलकर बात करें, तो छोटी-छोटी गलतफहमियां भी आसानी से दूर हो सकती हैं।
अगर आप अपने रिश्ते में प्यार और अपनापन बनाए रखना चाहते हैं, तो सोने से पहले ये तीन आसान आदतें अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
1. दिनभर की बातें जरूर करें
दिनभर की भागदौड़ के बाद दोनों ही शारीरिक और मानसिक रूप से थके हो सकते हैं। ऐसे में सोने से पहले कुछ मिनट अपने साथी के साथ बैठकर यह जरूर पूछें कि उनका दिन कैसा रहा।
उनकी बातें ध्यान से सुनें, बिना बीच में टोके। कई बार केवल किसी का धैर्य से सुन लेना भी रिश्ते में विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।
2. प्यार से बात करें और भावनाएं साझा करें
हर दिन समस्याओं और तनाव की बातें करना जरूरी नहीं होता। दिन खत्म होने से पहले अपने साथी से प्यार भरी बातें करें, उनका हाल पूछें और अगर वे किसी बात को लेकर परेशान हैं तो उनका साथ दें।
साथ ही अपनी भावनाएं भी खुलकर साझा करें। जब दोनों एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं, तो रिश्ता पहले से ज्यादा मजबूत बनता है।
3. छोटे-छोटे सरप्राइज रिश्ते में नई खुशी ला सकते हैं
अपने साथी को खुश करने के लिए हमेशा महंगे उपहारों की जरूरत नहीं होती। कभी उनका पसंदीदा फूल, पसंदीदा मिठाई या एक प्यारा-सा नोट भी उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
आप चाहें तो अगले वीकेंड की योजना साथ बैठकर बना सकते हैं या दिनभर की कोई अच्छी बात साझा कर सकते हैं। ऐसे छोटे-छोटे पल रिश्ते को खास बनाते हैं।
निष्कर्ष
एक सफल वैवाहिक रिश्ता रोज़ की छोटी-छोटी अच्छी आदतों पर टिका होता है। सम्मान, बातचीत, भरोसा और साथ बिताया गया समय किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत हैं। अगर पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और समय देने की कोशिश करें, तो रिश्ते में प्यार और खुशियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं।