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  • शव के तीन टुकड़े, 11 महीने की खामोशी और फिर बड़ा खुलासा! पति की हत्या का ऐसा सच जिसने पुलिस को भी चौंका दिया..

    शव के तीन टुकड़े, 11 महीने की खामोशी और फिर बड़ा खुलासा! पति की हत्या का ऐसा सच जिसने पुलिस को भी चौंका दिया..

    शव के तीन टुकड़े, 11 महीने की खामोशी और फिर बड़ा खुलासा! पति की हत्या का ऐसा सच जिसने पुलिस को भी चौंका दिया..

    Sunita Siya Case: नवी मुंबई से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी. आरोप है कि हत्या के बाद दोनों ने शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया. करीब 11 महीने तक यह मामला छिपा रहा, लेकिन पुलिस की जांच में दोनों की एक गलती सामने आ गई और पूरा राज खुल गया.

    पति को रास्ते से हटाने की बनाई साजिश

    पुलिस के मुताबिक, महिला का नाम सुनीता है. वह अपने पति बलिराम सूर्यनाथ कुशवाह और दो बच्चों के साथ ऐरोली के यादव नगर में रहती थी. इसी दौरान उसकी पहचान घणसोली में रहने वाले ऑटो चालक राहुल दशरथ प्रजापति से हुई.

    धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. जब बलिराम को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसके बाद सुनीता और राहुल ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.

    बच्चों को भेजा रिश्तेदार के घर, फिर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले सुनीता ने अपने दोनों बच्चों को दो दिन के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया. 9 अगस्त 2025 की रात जब बलिराम सो रहे थे, तभी सुनीता और राहुल ने कथित तौर पर उनका गला घोंट दिया. इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी.

    शव के तीन टुकड़े कर जंगल में फेंका

    हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की कोशिश की. आरोप है कि उन्होंने घर के अंदर ही शव के तीन टुकड़े किए. फिर उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर राहुल के ऑटो में रखा और रात के समय गवली देव इलाके की झाड़ियों में फेंक दिया.

    भाई को हुआ शक, दर्ज कराई गुमशुदगी

    घटना के बाद सुनीता ने यादव नगर वाला घर किराए पर दे दिया और अपने बच्चों के साथ राहुल के घर रहने लगी. करीब आठ महीने बाद जब बलिराम का भाई गांव से मिलने आया तो उसने उनके बारे में पूछा.

    सुनीता ने कहा कि बलिराम घर छोड़कर चले गए हैं. इस बात पर भाई को शक हुआ और उसने अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.

    कॉल डिटेल से खुल गई पूरी कहानी

    गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. बचने के लिए सुनीता और राहुल ने अपने पुराने मोबाइल और सिम कार्ड बदल दिए थे. लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि राहुल अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करने के बाद भी लगातार सिर्फ सुनीता से ही संपर्क में था. इसी सुराग के आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया.

  • घर लौट रही महिला बनी दरिंदगी का शिकार, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार..

    घर लौट रही महिला बनी दरिंदगी का शिकार, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार..

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक अधेड़ महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। यह मामला रघुनाथनगर थाना क्षेत्र का है।

    घर लौट रही महिला बनी दरिंदगी का शिकार, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार..

    रास्ता रोककर दरिंदों ने किया गैंगरेप

    जानकारी के अनुसार, पीड़िता खेत की जुताई कराने के बाद शनिवार को ट्रैक्टर मालिक को भुगतान करने गई थी। पैसे देने के बाद वह शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच घर लौट रही थी। तभी तीन नशेड़ी दरिंदों ने महिला का रास्ता रोक लिया और उसे खेत की ओर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती करने लगे। इस दौरान दो आरोपियों ने महिला से दुष्कर्म किया, जबकि एक और आरोपी इस घटना में शामिल रहा।

    इस वारदात के दौरान महिला के साथ अमानवीय कृत्य भी किया गया। जब महिला चीखने-चिल्लाने लगी तो उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। वहीं घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। मामले की सूचना मिलते ही की टीम मौके पर पहुंची।

    तीनों आरोपी गिरफ्तार

    इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। वहीं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस मेडिकल परीक्षण सहित अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। रघुनाथनगर थाना पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • 16 दिन पहले गूंजी थीं शहनाइयां, अब घर में पसरा मातम! दहेज प्रताड़ना के आरोपों से मचा हड़कंप..

    16 दिन पहले गूंजी थीं शहनाइयां, अब घर में पसरा मातम! दहेज प्रताड़ना के आरोपों से मचा हड़कंप..

    16 दिन पहले गूंजी थीं शहनाइयां, अब घर में पसरा मातम! दहेज प्रताड़ना के आरोपों से मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक नदी से उस नवविवाहिता का शव बरामद किया, जिसकी शादी 16 दिन पहले हुई थी। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है…

    बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक नदी से उस नवविवाहिता का शव बरामद किया, जिसकी शादी 16 दिन पहले हुई थी। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    दहेज हत्या का आरोप
    बिशारतगंज थाना प्रभारी (एसएचओ) प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मृतका की पहचान श्रीदेवी (21) के रूप में हुई है, जो रघुवीरपुरा गांव की रहने वाली थी। उन्होंने बताया कि श्रीदेवी के पिता नेत्रपाल ने अपने दामाद और उसके घर वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।

    मौत पर परिजनों ने जताया संदेह
    चतुर्वेदी के मुताबिक, तहरीर में नेत्रपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और श्रीदेवी की मौत सामान्य नहीं है। नेत्रपाल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    चतुर्वेदी के अनुसार, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल परिजन की तहरीर, घटनास्थल से मिले तथ्यों और जांच में सामने आने वाले सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

    26 जून को हुई थी शादी
    परिजन के मुताबिक, श्रीदेवी की शादी 26 जून को बदायूं जिले के एक युवक के साथ हुई थी और कुछ दिन बाद ही वह मायके लौट आई थी। उन्होंने दावा किया कि श्रीदेवी ससुराल में खुश नहीं थी और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते वह दोबारा वहां जाने से मना कर रही थी।

    9 जुलाई से थी लापता
    परिजन के अनुसार, नौ जुलाई को श्रीदेवी अचानक घर से बिना कुछ बताए निकल गई और काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई, तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने कहा कि इस बीच कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने श्रीदेवी को नदी की तरफ जाते देखा था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से नदी और आसपास के इलाके में लगातार तलाश की, जिसके बाद रविवार को श्रीदेवी का शव बरामद हुआ।

  • रोज सुबह पेट नहीं होता साफ? जानिए कब्ज के कारण, लक्षण और राहत देने वाले घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय..

    रोज सुबह पेट नहीं होता साफ? जानिए कब्ज के कारण, लक्षण और राहत देने वाले घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय..

    रोज सुबह पेट नहीं होता साफ? जानिए कब्ज के कारण, लक्षण और राहत देने वाले घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय..

    कब्ज (Constipation) एक सामान्य पाचन समस्या है, जिसमें मल त्याग करने में कठिनाई होती है या पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो पेट फूलना, गैस, भारीपन और असहजता जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अधिकतर मामलों में कब्ज का कारण कम पानी पीना, फाइबर की कमी, शारीरिक गतिविधि कम होना या अनियमित खानपान होता है।

    यदि कब्ज लगातार कई दिनों तक बनी रहे, मल में खून आए, अचानक वजन कम होने लगे या तेज पेट दर्द हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

    कब्ज के सामान्य कारण

    • पर्याप्त पानी न पीना
    • फाइबर युक्त भोजन की कमी
    • लंबे समय तक बैठे रहना
    • व्यायाम न करना
    • भोजन का अनियमित समय
    • बार-बार मल त्याग की इच्छा को रोकना
    • कुछ दवाओं का प्रभाव

    कब्ज से राहत के लिए घरेलू और पारंपरिक उपाय

    1. गिलोय और गुड़

    आयुर्वेद में गिलोय को पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है। कुछ लोग बराबर मात्रा में गिलोय चूर्ण और गुड़ मिलाकर सीमित मात्रा में सेवन करते हैं। हालांकि मधुमेह के मरीज गुड़ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

    2. त्रिफला, अजवाइन और सेंधा नमक

    त्रिफला का उपयोग आयुर्वेद में पाचन सुधारने के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है। कुछ पारंपरिक नुस्खों में त्रिफला, अजवाइन और सेंधा नमक का मिश्रण गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें।

    3. हरड़ (हरितकी)

    हरड़ आयुर्वेद की प्रसिद्ध औषधियों में से एक है। इसे पाचन सुधारने और कब्ज से राहत दिलाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।

    4. पका हुआ अमरूद

    अमरूद में भरपूर फाइबर होता है, जो मल को मुलायम बनाने और आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

    5. पपीता

    पपीता में फाइबर और पपेन एंजाइम पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। नियमित मात्रा में पका हुआ पपीता खाना लाभदायक हो सकता है।

    6. भीगी हुई किशमिश

    रातभर पानी में भिगोई हुई किशमिश सुबह खाने से फाइबर और प्राकृतिक शर्करा मिलती है, जो कुछ लोगों में मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकती है।

    7. पालक

    पालक फाइबर, आयरन और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसे सब्जी, सूप या जूस के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

    कब्ज से बचने के आसान उपाय

    • रोजाना 2–3 लीटर पानी पिएं (जरूरत अनुसार)।
    • भोजन में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
    • रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
    • सुबह शौच जाने की नियमित आदत बनाएं।
    • जंक फूड और अत्यधिक तले-भुने भोजन से बचें।
    • तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।

    कब डॉक्टर से संपर्क करें?

    यदि कब्ज दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, मल में खून आए, तेज पेट दर्द हो, बार-बार उल्टी हो या बिना कारण वजन कम होने लगे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। ऐसे लक्षण किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।

    निष्कर्ष

    कब्ज से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली। कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय हल्के मामलों में राहत दे सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक रहने वाली या गंभीर कब्ज का इलाज डॉक्टर की सलाह से ही कराना चाहिए।

    अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। यदि कब्ज बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

  • मंगलवार के खास उपाय: मंगल देव के 108 नामों का जाप करने की क्या है मान्यता..

    मंगलवार के खास उपाय: मंगल देव के 108 नामों का जाप करने की क्या है मान्यता..

    मंगलवार के खास उपाय: मंगल देव के 108 नामों का जाप करने की क्या है मान्यता..

    Mangal 108 Names: मंगल देव युद्ध के देवता और मंगल ग्रह के स्वामी हैं. मंगल ग्रह उग्र ग्रहों में से एक है जो शक्ति, शाहस शारीरिक ऊर्जा और आत्मविश्वास का कारक है. लेकिन कमजोर मंगल के कारक व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. जैसे शारीरिक पीड़ा, मन में भय बना रहना, बात-बात पर क्रोध आना और आत्मविश्वास में कमी आना. अगर मंगल ग्रह को मजबूत करना है तो मंगलवार के दिन मंगल देव के 108 नाम का जाप कर सकते हैं. इससे मंगल ग्रह की स्थिति कुंडली में संतुलित रहेगी.

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी भूमि के पुत्र होने के कारण मंगल देव को ‘भौम’ भी कहा जाता है. पंचाग के सप्तवारों में से मंगलवार के शासक मंगल देव हैं यानी इस दिन की शुरुआत मंगल ग्रह से होती है. ऐले में मंगलवार के दिन मंगल देव की उपासाना कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. मंगलवार को पूजा करते हुए मंगल देव के 108 नामों का जाप किया जा सकता है ताकि शारीरिक उर्जा बढ़ सके और कुंडली में कमजोर मंगल मजबूत हो सके. मंगल के 108 नामों के संग्रह को मंगल की अष्टोत्तर शतनामावली कहा जाता है.

    मंगल देव के 108 नाम

    1.’ॐ महीसुताय नमः।’

    2. ‘ॐ महाभागाय नमः।’

    3. ‘ॐ मङ्गलाय नमः।’

    4. ‘ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।’

    5. ‘ॐ महावीराय नमः।’

    6. ‘ॐ महाशूराय नमः।’

    7. ‘ॐ महाबलपराक्रमाय नमः।’

    8. ‘ॐ महारौद्राय नमः।’

    9. ‘ॐ महाभद्राय नमः।’

    10. ‘ॐ माननीयाय नमः।’

    11. ‘ॐ दयाकराय नमः।’

    12. ‘ॐ मानदाय नमः।’

    13. ‘ॐ अपर्वणाय नमः।’

    14. ‘ॐ क्रूराय नमः।’

    15. ‘ॐ तापत्रयविवर्जिताय नमः।’

    16. ‘ॐ सुप्रतीपाय नमः।’

    17. ‘ॐ सुताम्राक्षाय नमः।’

    18. ‘ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।’

    19. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’

    20. ‘ॐ वक्रस्तम्भादिगमनाय नमः।’

    21. ‘ॐ वरेण्याय नमः।’

    22. ‘ॐ वरदाय नमः।’

    23. ‘ॐ सुखिने नमः।’

    24. ‘ॐ वीरभद्राय नमः।’

    25. ‘ॐ विरूपाक्षाय नमः।’

    26. ‘ॐ विदूरस्थाय नमः।’

    27. ‘ॐ विभावसवे नमः।’

    28. ‘ॐ नक्षत्रचक्रसञ्चारिणे नमः।’

    29. ‘ॐ क्षत्रपाय नमः।’

    30. ‘ॐ क्षात्रवर्जिताय नमः।’

    31. ‘ॐ क्षयवृद्धिविनिर्मुक्ताय नमः।’

    32. ‘ॐ क्षमायुक्ताय नमः।’

    33. ‘ॐ विचक्षणाय नमः।’

    34. ‘ॐ अक्षीणफलदाय नमः।’

    35. ‘ॐ चतुर्वर्गफलप्रदाय नमः।’

    36. ‘ॐ वीतरागाय नमः।’

    37. ‘ॐ वीतभयाय नमः।’

    38. ‘ॐ विज्वराय नमः।’

    39. ‘ॐ विश्वकारणाय नमः।’

    40. ‘ॐ नक्षत्रराशिसञ्चाराय नमः।’

    41. ‘ॐ नानाभयनिकृन्तनाय नमः।’

    42. ‘ॐ वन्दारुजनमन्दाराय नमः।’

    43. ‘ॐ वक्रकुञ्चितमूर्धजाय नमः।’

    44. ‘ॐ कमनीयाय नमः।’

    45. ‘ॐ दयासाराय नमः।’

    46. ‘ॐ कनत्कनकभूषणाय नमः।’

    47. ‘ॐ भयघ्नाय नमः।’

    48. ‘ॐ भव्यफलदाय नमः।’

    49. ‘ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमः।’

    50. ‘ॐ शत्रुहन्त्रे नमः।’

    51. ‘ॐ शमोपेताय नमः।’

    52. ‘ॐ शरणागतपोषनाय नमः।’

    53. ‘ॐ साहसिने नमः।’

    54. ‘ॐ सद्गुणाध्यक्षाय नमः।’

    55. ‘ॐ साधवे नमः।’

    56. ‘ॐ समरदुर्जयाय नमः।’

    57. ‘ॐ दुष्टदूराय नमः।’

    58. ‘ॐ शिष्टपूज्याय नमः।’

    59. ‘ॐ सर्वकष्टनिवारकाय नमः।’

    60. ‘ॐ दुश्चेष्टवारकाय नमः।’

    61. ‘ॐ दुःखभञ्जनाय नमः।’

    62. ‘ॐ दुर्धराय नमः।’

    63. ‘ॐ हरये नमः।’

    64. ‘ॐ दुःस्वप्नहन्त्रे नमः।’

    65. ‘ॐ दुर्धर्षाय नमः।’

    66. ‘ॐ दुष्टगर्वविमोचनाय नमः।’

    67. ‘ॐ भरद्वाजकुलोद्भूताय नमः।’

    68. ‘ॐ भूसुताय नमः।’

    69. ‘ॐ भव्यभूषणाय नमः।’

    70. ‘ॐ रक्ताम्बराय नमः।’

    71. ‘ॐ रक्तवपुषे नमः।’

    72. ‘ॐ भक्तपालनतत्पराय नमः।’

    73. ‘ॐ चतुर्भुजाय नमः।’

    74. ‘ॐ गदाधारिणे नमः।’

    75. ‘ॐ मेषवाहाय नमः।’

    76. ‘ॐ मिताशनाय नमः।’

    77. ‘ॐ शक्तिशूलधराय नमः।’

    78. ‘ॐ शाक्ताय नमः।’

    79. ‘ॐ शस्त्रविद्याविशारदाय नमः।’

    80. ‘ॐ तार्किकाय नमः।’

    81. ‘ॐ तामसाधाराय नमः।’

    82. ‘ॐ तपस्विने नमः।’

    83. ‘ॐ ताम्रलोचनाय नमः।’

    84. ‘ॐ तप्तकाञ्चनसङ्काशाय नमः।’

    85. ‘ॐ रक्तकिञ्जल्कसन्निभाय नमः।’

    86. ‘ॐ गोत्राधिदेवाय नमः।’

    87. ‘ॐ गोमध्यचराय नमः।’

    88. ‘ॐ गुणविभूषणाय नमः।’

    89. ‘ॐ असृजे नमः।’

    90. ‘ॐ अङ्गारकाय नमः।’

    91. ‘ॐ अवन्तीदेशाधीशाय नमः।’

    92. ‘ॐ जनार्दनाय नमः।’

    93. ‘ॐ सूर्ययाम्यप्रदेशस्थाय नमः।’

    94. ‘ॐ घुने नमः।’

    95. ‘ॐ यौवनाय नमः।’

    96. ‘ॐ याम्यहरिन्मुखाय नमः।’

    97. ‘ॐ याम्यदिङ्मुखय नमः।’

    98. ‘ॐ त्रिकोणमण्डलगताय नमः।’

    99. ‘ॐ त्रिदशाधिपसन्नुताय नमः।’

    100. ‘ॐ शुचये नमः।’

    101. ‘ॐ शुचिकराय नमः।’

    102. ‘ॐ शूराय नमः।’

    103. ‘ॐ शुचिवश्याय नमः।’

    104. ‘ॐ शुभावहाय नमः।’

    105. ‘ॐ मेषवृश्चिकराशीशाय नमः।’

    106. ‘ॐ मेधाविने नमः।’

    107. ‘ॐ मितभाषणाय नमः।’

    108. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’

    (डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)

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    Haunted Places In India: सोचिए… आप किसी सुनसान किले के भीतर खड़े हैं. चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है. अचानक किसी के कदमों की आहट सुनाई देती है, लेकिन आसपास कोई दिखाई नहीं देता. हवा बिल्कुल शांत है, फिर भी खिड़की अपने आप बंद हो जाती है. दूर कहीं से चूड़ियों की खनक सुनाई देती है और ऐसा महसूस होता है जैसे कोई आपको लगातार देख रहा हो. यह किसी हॉरर फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि भारत की उन जगहों से जुड़ी कहानियां हैं जिन्हें लोग सालों से रहस्यमयी और भूतिया मानते आ रहे हैं.

    भारत अपने ऐतिहासिक किलों, प्राचीन मंदिरों और पुरानी इमारतों के लिए दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों के बीच कुछ ऐसी जगहें भी मौजूद हैं, जिनका नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इन स्थानों को लेकर कई रहस्यमयी किस्से प्रचलित हैं. दावा किया जाता है कि यहां अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, परछाइयां दिखाई देती हैं और कई लोगों ने यहां किसी अनजान मौजूदगी को महसूस करने की बात भी कही है. हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन इन जगहों से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों को रोमांचित और हैरान करती हैं.

    भानगढ़ का किला, राजस्थान

    राजस्थान का भानगढ़ किला देश की सबसे चर्चित रहस्यमयी जगहों में गिना जाता है. इस किले को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां रात के समय अजीब आवाजें सुनाई देती हैं. कभी किसी के चीखने जैसी आवाज आती है तो कभी चूड़ियों की खनक सुनाई देती है. इन्हीं वजहों से यहां सूर्यास्त के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं है. हालांकि दिन के समय बड़ी संख्या में पर्यटक इस ऐतिहासिक किले को देखने पहुंचते हैं.

    कुलधरा गांव, राजस्थान

    जैसलमेर के पास स्थित कुलधरा गांव वर्षों से वीरान पड़ा हुआ है. कहा जाता है कि यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मण एक ही रात में गांव छोड़कर चले गए थे. स्थानीय कथाओं के अनुसार, गांव छोड़ने से पहले उन्होंने इस जगह को श्राप दिया था कि यहां कभी कोई बस नहीं पाएगा. आज भी यह गांव पूरी तरह सुनसान है और इसे लेकर कई रहस्यमयी कहानियां सुनने को मिलती हैं. कई लोगों का दावा है कि यहां उन्हें किसी की मौजूदगी का एहसास हुआ है.

    अग्रसेन की बावली, दिल्ली

    दिल्ली के बीचों-बीच स्थित अग्रसेन की बावली अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला के साथ-साथ रहस्यमयी कहानियों के लिए भी जानी जाती है. कहा जाता है कि इसकी 108 सीढ़ियां उतरते समय कुछ लोगों को अजीब बेचैनी और डर महसूस होता है. कई लोगों ने यहां फुसफुसाहट जैसी आवाजें सुनने और परछाइयां देखने का दावा भी किया है. यही वजह है कि इसे देश की सबसे चर्चित भूतिया जगहों में गिना जाता है.

    मुकेश मिल्स, मुंबई

    मुंबई की मुकेश मिल्स भी रहस्यमयी कहानियों के कारण काफी चर्चा में रहती है. यह मिल 1980 में आग लगने के बाद बंद हो गई थी. आज भी यहां फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग होती है, लेकिन कई कलाकारों और तकनीशियनों ने यहां अजीब घटनाएं महसूस करने की बात कही है. कुछ लोगों का दावा है कि उन्हें शूटिंग के दौरान किसी अनजान मौजूदगी का एहसास हुआ.

    डुमस बीच, गुजरात

    अरब सागर के किनारे स्थित डुमस बीच अपनी काली रेत और रहस्यमयी कहानियों के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोगों के बीच यह मान्यता काफी लोकप्रिय है कि यहां रात के समय अजीब फुसफुसाहट सुनाई देती है. इसी वजह से यह बीच देश की सबसे चर्चित डरावनी जगहों में शामिल किया जाता है. हालांकि दिन में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं.

    रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद

    दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो कॉम्प्लेक्स में शामिल रामोजी फिल्म सिटी भी कई रहस्यमयी कहानियों का हिस्सा रही है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जिस जमीन पर यह फिल्म सिटी बनी है वहां कभी युद्ध हुआ था. इसी वजह से यहां आत्माओं के भटकने की कहानियां सुनाई जाती हैं. कई लोगों ने यहां ड्रेसिंग रूम और शूटिंग सेट के आसपास अजीब घटनाएं महसूस करने का दावा किया है.

    रहस्य और रोमांच का अनोखा संगम

    भारत की ये जगहें इतिहास, लोककथाओं और रहस्यमयी किस्सों का अनोखा मिश्रण हैं. कुछ लोग इन्हें केवल अफवाह मानते हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने यहां खुद अजीब अनुभव किए हैं. सच चाहे जो भी हो, लेकिन इन जगहों से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के मन में उत्सुकता और रोमांच पैदा करती हैं. यही कारण है कि हर साल हजारों पर्यटक इन रहस्यमयी स्थलों को करीब से देखने पहुंचते हैं.

  • बस में सफर कर रही युवतियों के साथ युवक की अशोभनीय हरकत, पैंट की जिप खोलते ही भड़के यात्री, फिर हुआ जोरदार बवाल..

    बस में सफर कर रही युवतियों के साथ युवक की अशोभनीय हरकत, पैंट की जिप खोलते ही भड़के यात्री, फिर हुआ जोरदार बवाल..

    बस में सफर कर रही युवतियों के साथ युवक की अशोभनीय हरकत, पैंट की जिप खोलते ही भड़के यात्री, फिर हुआ जोरदार बवाल..

    मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी बस स्टैंड क्षेत्र में चलती बस के अंदर दो युवतियों के साथ कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। घटना 9 जुलाई की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक बस में चढ़कर दो युवतियों की सीट के पास पहुंचा और कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा।

    बस में चढ़ने-उतरने वाले यात्रियों ने युवक को पीछे जाने के लिए कहा, जिसके बाद वह कुछ देर के लिए पीछे चला गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद वह फिर युवतियों के पास लौट आया और उनके सामने अशोभनीय हरकत करने लगा। युवक की हरकत से नाराज दोनों युवतियों ने उसका विरोध किया और उसे पकड़कर थप्पड़ मार दिए। इसके बाद आरोपी बस से उतरकर मौके से भाग गया।

    घटना के तुरंत बाद किसी तरह की पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बाद में मामला सामने आने पर देवरी पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान नीतीश गौड़ के रूप में करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

    एसडीओपी अरुण उइके ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने बताया कि अब तक पीड़ित युवतियों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

  • पत्नी की हत्या में सजा काट चुका था शख्स, जेल से निकलते ही बहू की ले ली जान, फिर जो किया उससे पूरे इलाके में मच गया हड़कंप..

    पत्नी की हत्या में सजा काट चुका था शख्स, जेल से निकलते ही बहू की ले ली जान, फिर जो किया उससे पूरे इलाके में मच गया हड़कंप..

    पत्नी की हत्या में सजा काट चुका था शख्स, जेल से निकलते ही बहू की ले ली जान, फिर जो किया उससे पूरे इलाके में मच गया हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार की महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली. हैरानी की बात यह है कि आरोपी पहले भी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका था और कुछ समय पहले ही रिहा होकर गांव लौटा था. घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

    विवाद के बाद जेठ ने की भाभी की हत्या मामला लालगंज थाना क्षेत्र के तेंदुहनी बेलहा गांव का है. यहां रहने वाली 26 वर्षीय संगीता, पत्नी ननकू, रविवार शाम अपने घर पर मौजूद थीं. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उनके जेठ छोटेलाल उर्फ कलट्टर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया. परिजनों के अनुसार, कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि छोटेलाल ने अपना आपा खो दिया. आरोप है कि उसने संगीता की जमकर पिटाई कर दी. मारपीट के दौरान गंभीर चोट लगने से संगीता की मौके पर ही मौत हो गई.

    बगीचे में जाकर लगा ली फांसी

    संगीता की हत्या के बाद आरोपी छोटेलाल घर से निकल गया. बताया जा रहा है कि वह पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए गांव के बाहर स्थित एक बगीचे में पहुंचा, जहां उसने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    पत्नी की हत्या के मामले में काट चुका था सजा

    इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी छोटेलाल पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था. मृतका के भाई संदीप के मुताबिक, छोटेलाल अपनी पत्नी की दहेज हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. करीब 10 साल की सजा पूरी करने के बाद वह लगभग 15 से 16 महीने पहले ही जेल से बाहर आया था. इसके बाद वह गांव में रह रहा था. किसी ने भी अंदाजा नहीं लगाया था कि वह दोबारा इतनी खौफनाक वारदात को अंजाम दे देगा.

    दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया

    संगीता की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पांच साल के बेटे लाडो और महज पांच महीने की बेटी पारो को छोड़ गई हैं. मां की मौत के बाद दोनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार में मातम पसरा हुआ है. घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी इस घटना को लेकर लोग स्तब्ध हैं.

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

    लालगंज थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बड़े भाई ने छोटे भाई की पत्नी की पीट-पीटकर हत्या की और बाद में खुद आत्महत्या कर ली. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इसके अलावा घटना के पीछे की वजह और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.

  • खौफनाक वारदात! हिस्ट्रीशीटर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ तलाश जारी..

    खौफनाक वारदात! हिस्ट्रीशीटर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ तलाश जारी..

    खौफनाक वारदात! हिस्ट्रीशीटर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ तलाश जारी..

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के कुंदरापारा में थाने के हिस्ट्रीशीटर लेखराम कोठारी की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। खौफनाक हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।

    मिली जानकारी के अनुसार, मृतक लेखराम कोठारी को हाल ही में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद रविवार की रात कुंदरापारा में कुछ लोगों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

  • हिंदू युवती के साथ बाजार में घूम रहा था मुस्लिम युवक, फिर मच गया बवाल; मारपीट के बाद कई लोगों पर FIR..

    हिंदू युवती के साथ बाजार में घूम रहा था मुस्लिम युवक, फिर मच गया बवाल; मारपीट के बाद कई लोगों पर FIR..

    हिंदू युवती के साथ बाजार में घूम रहा था मुस्लिम युवक, फिर मच गया बवाल; मारपीट के बाद कई लोगों पर FIR..

    Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में जिला परिषद बाजार के पास रविवार शाम एक मुस्लिम युवक को एक हिंदू महिला के साथ पाए जाने पर कथित तौर पर कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने पीट दिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि मामले में पांच नामजद आरोपियों गौरव शर्मा, कुशलवीर, शुभम, प्रशांत शर्मा और लोकेश सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 

    उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक की पहचान शामली जिले के निवासी मेहताब के रूप में हुई है। वह तानिया नामक एक महिला के साथ मुजफ्फरनगर आया था। पुलिस ने युवक की मेडिकल जांच भी कराई है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, तानिया ने आरोप लगाया कि वह और मेहताब छोले भटूरे की दुकान पर बैठे थे, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और दोनों से उनकी पहचान पूछी। इसके बाद आरोप है कि उन्होंने मुस्लिम युवक के साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक तथा महिला को सुरक्षित वहां से ले गई। मामले की जांच की जा रही है।