Blog

  • STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    फिरोजपुर में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाते हुए उसके कानों से सोने की बालियां झपट लीं। घटना उस समय हुई जब महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर सवार होकर जा रही थी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

    स्कूटर पर पति के साथ जा रही थी महिला

    पुलिस के अनुसार, शहर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा अपनी पत्नी उषा अरोड़ा को स्कूटर पर बैठाकर आर्मी अस्पताल की ओर जा रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे जब वे माल रोड पर एसटीएफ कार्यालय से कुछ आगे पहुंचे, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे।

    बताया गया है कि बाइक सवार युवकों ने स्कूटर पर पीछे बैठी महिला के कानों से सोने की बालियां झपट लीं। अचानक हुई इस वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाकर वहां से फरार हो गए।

    दिनदहाड़े हुई वारदात से दहशत

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। साथ ही बाइक सवार दोनों युवकों के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं।

    आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की जा सकती है या नहीं।

    दिनदहाड़े हुई इस झपटमारी ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है।

  • हार्ट को हेल्दी रखने: के लिए रोज कितना एक्सरसाइज करना चाहिए?

    हार्ट को हेल्दी रखने: के लिए रोज कितना एक्सरसाइज करना चाहिए?

    हार्ट को हेल्दी रखने: के लिए रोज कितना एक्सरसाइज करना चाहिए?

    आज के समय में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। न केवल बूढ़े बल्कि यंगस्टर्स और बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है खराब लाइफस्टाइल,गलत खान पान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी है। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए रोजाना कितना एक्सरसाइज करना चाहिए। डॉ. , अतिरिक्त निदेशक – इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी और हार्ट फेलियर प्रोग्राम, से जानेंगे कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए कितना एक्सरसाइज करना जरूरी है।

    क्या कहते हैं डॉक्टर

    दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित फिजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ वयस्क को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए, यानी करीब 30 मिनट रोज, सप्ताह में 5 दिन। अगर समय मिले तो इसे बढ़ाकर 300 मिनट प्रति सप्ताह तक किया जा सकता है। तेज वॉक करना, साइकिल चलाना, स्विमिंग, डांस करना या हल्की जॉगिंग जैसी फिजिकल एक्टिविटी आप कर सकते हैं। शुरुआत करने वालों के लिए रोज 20–30 मिनट तेज चलना भी एक अच्छा ऑप्शन है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर कुछ मिनट चलना भी फायदेमंद है।

    इस बात का भी रखें ध्यान
    सिर्फ एक्सरसाइज की अवधि ही नहीं, उसकी नियमितता भी महत्वपूर्ण है। सप्ताह में 2 दिन हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी की जा सकती है, क्योंकि इससे मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और शरीर की ओवरऑल फिटनेस बेहतर होती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, सांस फूलने की समस्या, सीने में दर्द, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। एक्सरसाइज के दौरान सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हार्ट हेल्थ के लिए बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से ज्यादा जरूरी है नियमित रूप से एक्टिव रहना। रोज की 30 मिनट की वॉकिंग भी लंबे समय में दिल के लिए बड़ा फायदा दे सकती है।

  • स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    मोहाली में स्पा सेंटर की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार चलाए जाने की सूचना के बाद पुलिस ने एक सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को रेस्क्यू किया। मामले में स्पा सेंटर से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सेंटर को भी सील कर दिया है।

    पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सेक्टर-66 स्थित एक स्पा सेंटर में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि सेंटर में स्पा की गतिविधियों की आड़ में कथित रूप से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।

    छापेमारी में तीन युवतियां रेस्क्यू

    कार्रवाई के दौरान पुलिस को सेंटर के अंदर तीन युवतियां मिलीं, जिन्हें रेस्क्यू कर लिया गया। मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए।

    पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर स्पा सेंटर के संचालन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई है। रेस्क्यू की गई युवतियों को बाद में उनके परिवारों के पास भेज दिया गया।

    दूसरे राज्यों से युवतियों को लाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, जांच में यह आरोप सामने आया है कि स्पा सेंटर से जुड़े लोग दूसरे राज्यों की युवतियों को रोजगार और अच्छी कमाई का भरोसा देकर यहां लेकर आते थे। आरोप है कि बाद में स्पा सेंटर की आड़ में उनसे देह व्यापार कराया जाता था।

    हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस इस मामले में सेंटर के संचालन और वहां होने वाली गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    दो लोगों को किया गिरफ्तार

    मामले में पुलिस ने कृष्णा पद्म शर्मा और राजेश मेहता को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्पा सेंटरों पर पहले भी हुई कार्रवाई

    पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्पा सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। कुछ मामलों में छापेमारी के दौरान युवतियों को रेस्क्यू कर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

    ताजा कार्रवाई के बाद संबंधित स्पा सेंटर को सील कर दिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

  • पेट में बनते हैं गैस के ‘गोले, इन आसान घरेलू उपाय से मिल सकता है छुटकारा’

    पेट में बनते हैं गैस के ‘गोले, इन आसान घरेलू उपाय से मिल सकता है छुटकारा’

    पेट में बनते हैं गैस के ‘गोले, इन आसान घरेलू उपाय से मिल सकता है छुटकारा’

    खाना खाने के बाद गैस बनाना सामान्य बात है, लेकिन कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा गैस बनती है। ऐसे में पेट दर्द, बेचैनी, मरोड़ और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। कई बार गैस के कारण बैठना भी मुश्किल हो जाता है। अगर गैस लॉक हो जाए तो परेशानी और बढ़ जाती है। गैस की समस्या में राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय असरदार काम करते हैं, इससे तुरंत राहत मिल सकती है। आचार्य बाल कृष्ण ने बताया गैस दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं?

    गैस दूर करने के घरेलू उपाय

    अजवाइन- पेट में गैस होने पर अजवाइन असरदार काम करती है। जब पेट में भारीपन, गैस और आंतों में ऐंठन हो तो एक छोटा चम्मच अजवाइन और उसमें थोड़ा काला नमक डालकर खा लें। गर्म पानी के साथ अजवाइन खाने पर गैस की समस्या कम होती है। बच्चों को भी अजवाइन खिला सकते हैं।

    हरड़- गैस की समस्या दूर करने के लिए हरड़ को असरदार इलाज माना जाता है। हरड़ को शहद के साथ मिलाकर खाने से गैस, एसिडिटी और वायु की समस्या में आराम मिलता है।

    काला नमक- पेट फूलने और गैस बनने पर काला नमक भी असरदार होता है। आप इसके लिए थोड़ी अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक को बराबर-बराबर ले लें और पीस लें। बड़े लोग 2-6 ग्राम चूर्ण का सेवन करें और बच्चों को थोड़ी कम मात्रा में खिलाएं। इसके बाद गुनगुना पानी पी लें।

    अदरक- पेट में गैस की समस्या हो तो अदरक खाना अच्छा माना जाता है। इसके लिए अदरक के टुकड़े पर नमक छिड़क कर दिन में 2-3 बार खाएं। इससे गैस की समस्या में छुटकारा मिल सकता है। इससे खाना खाते ही शरीर हल्का रहेगा और भूख भी खुलकर लगेगी।

    काली मिर्च और सूखी अदरक- गैस होने पर काली मिर्च और सूखी अदरक भी फायदेमंद होती है। इसके लिए 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच सूखी अदरक और 1 चम्मच इलायची को पीसकर मिक्स कर लें। अब खाना खाने के 1 घंटे के बाद आधा चम्मच पानी के साथ ले लें।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ।

  • मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में कई घंटों से लापता चल रही एक महिला का शव बोरी में बंद हालत में बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घंटों तक तलाश अभियान चलाने के बाद नहर के किनारे एक गड्ढे से शव बरामद किया। मामले में महिला के पति समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    मृतका की पहचान 32 वर्षीय पूनम देवी के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी। उसके बच्चों की उम्र करीब 12 वर्ष से लेकर पांच वर्ष के बीच बताई गई है।

    पति पर हत्या का आरोप

    महिला के मायके वालों ने उसके पति अनिल राम पर हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि गुरुवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच, बच्चों को सुलाने के बाद अनिल राम पूनम को अपने साथ लेकर घर से बाहर गया था। इसके बाद महिला वापस नहीं लौटी।

    परिजनों ने आशंका जताई कि महिला की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और महिला की तलाश के लिए नहर तथा आसपास के इलाकों में अभियान चलाया।

    छह घंटे की तलाश के बाद मिला शव

    पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की। करीब छह घंटे तक चली तलाश के दौरान नहर किनारे एक गड्ढे में जलकुंभी के बीच बोरी में बंधा शव मिला।

    शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने भी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

    शव की गर्दन पर कुछ निशान मिलने के बाद पुलिस ने गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना की पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    पति समेत 11 लोगों पर FIR

    मामले में महिला के मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर पति अनिल राम समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। नामजद आरोपितों में घुटर राम, अभिनंदन राम, ज्योति देवी, नीतू देवी, नित्यानंद राम, अजय राम, नरेश राम, विमला देवी, सोनी देवी और कविता देवी के नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस नामजद आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। महिला की मौत कैसे हुई, शव को गड्ढे तक कैसे पहुंचाया गया और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।

  • क्या आपको भी खाना: खाने के बाद छाती में होती है जलन, डॉक्टर ने बताया इसके पीछे की असल

    क्या आपको भी खाना: खाने के बाद छाती में होती है जलन, डॉक्टर ने बताया इसके पीछे की असल

    क्या आपको भी खाना: खाने के बाद छाती में होती है जलन, डॉक्टर ने बताया इसके पीछे की असल

    खाना खाने के बाद सीने में जलन होना एक ऐसी समस्या है, जिससे आज के समय में ज्यादातर लोग  खाना खाने के बाद छाती में जलन को अक्सर लोग गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा करना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।  डॉ , वरिष्ठ सलाहकार गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, बता रहे हैं कि खाने के बाद छाती में जलन क्यों होती है।

    क्या कहते हैं डॉक्टर

    कई मामलों में इसका कारण गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD हो सकता है। इसमें पेट की अम्लीय सामग्री वापस भोजन नली में पहुंचती है, जिससे छाती के बीचों बीच जलन, मुंह में खट्टा पानी आना या खाना वापस ऊपर आने जैसी परेशानी हो सकती है।खाने के बाद यह समस्या इसलिए बढ़ सकती है क्योंकि पेट भरने पर पेट के भीतर दबाव बढ़ता है। बहुत अधिक खाना, ऑयली फूड, कैफीन, चॉकलेट, देर रात भोजन करना और भोजन के तुरंत बाद लेटना भी रिफ्लक्स को बढ़ा सकता है।

    सीने में जलन के मुख्य कारण
    मसालेदार और तला-भुना खाना: अधिक तेल, मिर्च वाले भोजन पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ा देते हैं और वॉल्व को ढीला कर देते हैं।

    खाने के तुरंत बाद लेटना: भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाने से गुरुत्वाकर्षण एसिड को वापस ऊपर आने में मदद करता है।

    ओवरईटिंग: एक ही बार में बहुत अधिक खा लेने से पेट पर दबाव बढ़ता है, जिससे एसिड ऊपर की ओर आ जाता है।

    कैफीन और सिगरेट/शराब: चाय, कॉफी, वातित पेय, सिगरेट और शराब का सेवन LES वॉल्व को कमजोर करता है।

    मोटापा और पेट का दबाव: अत्यधिक वजन या गर्भावस्था के दौरान पेट के अंदरूनी दबाव के कारण भी एसिड रिफ्लक्स बढ़ जाता है।

    क्यों नहीं करना चाहिए इग्नोर
    कभी कभी होने वाली जलन हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन सप्ताह में दो या उससे अधिक बार होने वाली परेशानी को केवल गैस मानकर छोड़ना सही नहीं है। लंबे समय तक अनियंत्रित GERD भोजन नली में सूजन, घाव, संकुचन और कुछ मामलों में बैरेट्स एसोफैगस जैसी स्थिति पैदा कर सकता है, जो आगे चलकर कैंसर के जोखिम से जुड़ी है। भोजन और सोने के बीच कम से कम दो से तीन घंटे का अंतर रखना, जरूरत से ज्यादा भोजन से बचना और ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करना जिनसे बार बार जलन होती है, लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

  • अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार को एक परिवार में हुई हिंसक घटना से हड़कंप मच गया। अमोदा बिजौरा गांव में एक युवक पर अपने ही परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप है। घटना में उसकी मां, नाना, नानी और परिवार की एक बच्ची की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हमले में कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

    घटना के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

    कुछ दिन पहले नाना-नानी के घर आया था युवक

    जानकारी के अनुसार आरोपी प्रेम सिंह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां के साथ अपने नाना-नानी के घर आया था। वह उमरिया जिले के मरदरी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।

    शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसका एक स्थानीय व्यक्ति से विवाद हो गया था। आरोप है कि उसने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर उसके नाना-नानी के घर पहुंचाया और रस्सी से बांध दिया।

    बताया जा रहा है कि बेटे को परेशानी में देखकर उसकी मां ने उसे रस्सी से खोल दिया। इसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।

    रस्सी खुलते ही परिवार पर किया हमला

    आरोप है कि रस्सी से मुक्त होने के बाद युवक ने सबसे पहले अपनी मां पर लाठी-डंडे से हमला किया। इसके बाद उसने नाना संपत और नानी भन्नी पर भी हमला कर दिया। घटना में तीनों की मौत होने की सूचना है।

    इसके बाद आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला किया। इस हमले में पांच वर्षीय मोनका सिंह की भी मौत बताई जा रही है, जबकि भारती और चंचल समेत कई लोग घायल हुए हैं।

    स्थानीय व्यक्ति गंगा सिंह भी हमले में घायल बताए जा रहे हैं और उनकी हालत गंभीर बताई गई है।

    घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया

    घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अनूपपुर और उमरिया दोनों जिलों की पुलिस घटनास्थल पर मौजूद रही। क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

    आरोपी पुलिस हिरासत में

    पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह को हिरासत में ले लिया है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, परिवार के सदस्यों के साथ आरोपी के संबंध और हमले की पूरी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।

    स्थानीय स्तर पर आरोपी के पहले भी अपनी मां के साथ मारपीट करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और उसे जेल जाना पड़ा था। हालांकि इन पुराने घटनाक्रमों की विस्तृत पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मानसिक बीमारी की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

    स्थानीय लोगों की ओर से आरोपी के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी तरह उसके स्थानीय जनप्रतिनिधि होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी पुलिस स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मृतकों और घायलों की अंतिम आधिकारिक जानकारी तथा घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • किचन में गुस्सा करना: पड़ सकता है भारी! वास्तु अनुसार खाना बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान.

    किचन में गुस्सा करना: पड़ सकता है भारी! वास्तु अनुसार खाना बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान.

    किचन में गुस्सा करना: पड़ सकता है भारी! वास्तु अनुसार खाना बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान.

    भारतीय परंपरा में भोजन पकाने के दौरान मन के भाव और स्थिति पर जोर दिया गया है, क्योंकि रसोई में भोजन के जरिए पूरे परिवार के लिए पूरे दिन की ऊर्जा तैयार होती है। वास्तु शास्त्र में भी किचन को घर की महत्वपूर्ण जगह माना जाता है। कहते हैं कि जिस भाव से भोजन बनाया जाता है, उसी के अनुरूप भोजन करने वालों के मन पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में खाना बनाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? यहां जानिए कुकिंग से जुड़े जरूरी वास्तु नियम।

    गुस्से पर रखें काबू

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, भोजन बनाते समय गुस्सा, चिड़चिड़ापन और तनाव से बचना चाहिए। अशांत मन से बनाया गया भोजन सकारात्मकता के बजाय नकारात्मक माहौल को बढ़ा सकता है। इसलिए कोशिश करें कि खाना बनाते समय मन को शांत रखा जाए और छोटी-छोटी बातों पर बहस न हो।

    कटु वाणी से रहें दूर

    किचन में ऊंची आवाज में बोलना, झगड़ा करना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना भी अच्छा नहीं होता। भोजन बनाते समय मधुर भाषा और शांत वातावरण रखने की परंपरा इसी सोच से जुड़ी है। घर में बातचीत हो तो कोशिश करें कि उसका माहौल सहज और पॉजिटिव रहे।

    पानी को रखें साफ

    वास्तु में पानी को ऊर्जा ग्रहण करने वाला तत्व माना गया है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले पानी के पात्र को साफ और व्यवस्थित रखना इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पानी को गंदगी और अव्यवस्था से दूर रखने की सलाह दी जाती है।

    मन अशांत हो तो ठहरें

    आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर दिन स्ट्रेस फ्री रहना संभव नहीं है। ऐसे में खाना बनाने से पहले कुछ पल खुद को शांत करने की कोशिश करें। अपनी आस्था के अनुसार मंत्र, प्रार्थना या मधुर भजन सुनना मन को सहज बनाने का एक आसान तरीका हो सकता है।

    प्यार से परोसें

    भोजन तैयार करने के साथ उसे परोसने का तरीका भी मायने रखता है। मुस्कुराकर और स्नेह के साथ भोजन परोसने की परंपरा परिवार में अपनापन बढ़ाने से जुड़ी मानी जाती है। भोजन सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि साथ बैठने, एक-दूसरे को समय देने और रिश्तों में मिठास घोलने का माध्यम भी है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • युवाओं में क्यों बढ़ रही ‘ब्रेन फॉग’ की समस्या? जानें इसे कब सुधारें और कब डॉक्टर के.

    युवाओं में क्यों बढ़ रही ‘ब्रेन फॉग’ की समस्या? जानें इसे कब सुधारें और कब डॉक्टर के.

    युवाओं में क्यों बढ़ रही ‘ब्रेन फॉग’ की समस्या? जानें इसे कब सुधारें और कब डॉक्टर के.

    बार-बार चीजें भूलना, काम पर ध्यान न लगना, बात करते-करते कुछ और सोचने लगना। हर बार इसकी वजह सिर्फ थकान नहीं होती। अगर यह लंबे समय तक बना रहे, तो इसके पीछे स्वास्थ से जुड़ी समस्या भी हो सकता है। आजकल बहुत से यंगस्टर्स कहते हैं कि दिमाग सही नहीं चल रहा, फोकस नहीं हो रहा, बातें याद नहीं रहतीं। इसे आम भाषा में ब्रेन फॉग कहते हैं। यह अपने आप में कोई बीमारी या डायग्नोसिस नहीं है। यह कुछ लक्षणों का नाम है। असली सवाल यह है कि इसके पीछे क्या वजह है। डॉ. , एगिलस डायग्नोस्टिक्स बता रहे हैं डॉक्टर से कब कंसल्ट करना चाहिए।

    क्यों होती है ब्रेन फॉग की समस्या

    नींद पूरी न होना, काम का ज्यादा तनाव, देर रात तक स्क्रीन, समय पर खाना न खाना, शराब या बहुत ज्यादा चाय-कॉफी। इन सबका असर सीधे मेमोरी और याददाश्त पर पड़ता है। ऐसे में पहले आदतें ठीक करें। रोज एक ही समय पर सोएं और कम से कम 7 घंटे की नींद लें। समय पर खाएं, पानी पूरा पिएं, थोड़ी कसरत करें और काम के बीच छोटे ब्रेक लें। दो से चार हफ्ते ये बदलाव करके देखें। इसके बाद भी फर्क न पड़े, तो इसे नजरअंदाज न करें।

    कब कराएं जांच?
    लगातार ब्रेन फॉग के पीछे कुछ आम वजहें होती हैं, जो साधारण ब्लड टेस्ट से पकड़ में आ जाती हैं। जैसे आयरन की कमी या एनीमिया, विटामिन B12 की कमी, थायरॉइड की गड़बड़ी और ब्लड शुगर का ऊपर-नीचे होना। वहीं B12 पर खास ध्यान दें। शाकाहारी लोगों में इसकी कमी काफी आम है, क्योंकि B12 मुख्य रूप से नॉन-वेज, अंडे और दूध से बनी चीजों में मिलता है। लंबे समय तक एसिडिटी की दवा या डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन लेने वालों में भी B12 कम हो सकता है। महिलाओं में पीरियड्स की वजह से आयरन की कमी आम है।

    कुछ और वजहें भी हो सकती हैं। स्लीप एप्निया जैसी नींद की समस्या, जिसमें व्यक्ति पूरी रात सोकर भी थका हुआ उठता है। डिप्रेशन और एंग्जायटी, जो ध्यान और याददाश्त पर सीधा असर डालते हैं। कोविड जैसे किसी वायरल इंफेक्शन के बाद भी कुछ लोगों में हफ्तों तक ब्रेन फॉग रहता है। कुछ दवाएं भी इसकी वजह बन सकती हैं। डॉक्टर आपके लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री देखकर जांच तय करते हैं। आम तौर पर शुरुआत CBC, फेरिटिन, विटामिन B12, थायरॉइड और ब्लड शुगर से होती है। हर किसी को सारे टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। अगर B12 बॉर्डरलाइन आए और लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर होमोसिस्टीन जैसे टेस्ट से इसकी पुष्टि कर सकते हैं।

    कब डॉक्टर से मिलें?
    अगर ब्रेन फॉग की वजह से पढ़ाई, ऑफिस का काम या रोज के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से मिलें। साथ में लगातार थकान, बिना वजह वजन बढ़ना या घटना, चक्कर, कमजोरी, हाथ-पैर में झुनझुनी, जल्दी सांस फूलना या लगातार उदासी हो, तब भी देर न करें। कुछ हालात में बिल्कुल इंतजार न करें। अचानक बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन, बोलने में दिक्कत, चेहरे या शरीर के एक तरफ कमजोरी, बहुत तेज सिरदर्द, दौरा या बेहोशी हो, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं। यह ब्रेन फॉग नहीं, किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए हर बार ब्रेन फॉग को सिर्फ तनाव या बिजी लाइफस्टाइल कहकर न टालें। कई बार वजह एक साधारण ब्लड टेस्ट से पकड़ में आ जाती है, और उसका इलाज भी आसान होता है।

  • अररिया में छह साल: की बच्ची की संदिग्ध मौत, सुनसान घर में फंदे से लटका मिला शव:

    अररिया में छह साल: की बच्ची की संदिग्ध मौत, सुनसान घर में फंदे से लटका मिला शव:

    अररिया में छह साल: की बच्ची की संदिग्ध मौत, सुनसान घर में फंदे से लटका मिला शव:

    अररिया के नरपतगंज क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर एक सुनसान घर के अंदर बच्ची का शव रस्सी के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।

    मृत बच्ची भवानीपुर गांव निवासी धीरेंद्र पासवान की छह वर्षीय बेटी बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। परिवार की ओर से बच्ची की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने की आशंका जताई गई है।

    जितवाहन भगवान की प्रतिमा देखने गई थी बच्ची

    बताया जा रहा है कि बच्ची गांव से करीब 400 मीटर दूर जितवाहन भगवान की प्रतिमा देखने के लिए गई थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

    काफी खोजबीन के दौरान घटनास्थल के पास खेती देखने पहुंचे एक युवक की नजर सुनसान पड़े घर के अंदर गई। वहां बच्ची का शव धरेन में रस्सी के सहारे लटका दिखाई दिया। उसने तुरंत इसकी जानकारी परिवार और आसपास के लोगों को दी।

    शव मिलने के बाद गांव में मचा हड़कंप

    बच्ची का शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

    फुलकाहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    बच्ची के स्वजनों ने आशंका जताई है कि उसकी हत्या करने के बाद शव को सुनसान घर में ले जाकर फंदे से लटकाया गया। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या या किसी अन्य वजह की पुष्टि नहीं की है।

    पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस अधिकारियों ने भी लिया घटनास्थल का जायजा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से जानकारी ली और जांच की प्रगति के बारे में जानकारी जुटाई।

    फिलहाल पुलिस बच्ची की मौत से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। बच्ची वहां तक कैसे पहुंची, उसके साथ क्या हुआ और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।