हिमाचल प्रदेश।
शादी का रिश्ता तय कर परिवार का विश्वास जीतने के बाद करीब 18 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के सोने के आभूषण ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर पुलिस चौकी अवाहदेवी ने जांच शुरू कर दी है।
संगरोह गांव निवासी कुसुम लता ने पुलिस को बताया कि युवती के भाई ने अपना पता कांगड़ा बस स्टैंड के पास का बताया था। दोनों परिवारों की सहमति से 20 जून को चंडीगढ़ में रिंग सेरेमनी हुई, जिसमें वर पक्ष ने होने वाली दुल्हन को सोने के आभूषण और महंगे उपहार दिए। इसके बाद 12 जुलाई को शादी की तारीख तय की गई।
आरोप है कि रिंग सेरेमनी के बाद दुल्हन पक्ष ने व्यापार में निवेश और अन्य जरूरी खर्चों का हवाला देकर अलग-अलग किस्तों में गूगल पे के जरिए करीब 18 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। सात जुलाई को युवती के भाई ने फोन कर बताया कि कनाडा में उनके मामा का निधन हो गया है और उन्हें तत्काल वहां जाना पड़ रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।
11 जुलाई को जब वर पक्ष ने संबंधित मैरिज पैलेस में जानकारी ली तो पता चला कि 12 जुलाई के नाम से वहां कोई बुकिंग ही नहीं थी। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सात फेरे के कुछ घंटे बाद ही टूटा रिश्ता
उधर, जिला ऊना के अंबोटा गांव में विवाह का एक अनोखा मामला सामने आया। बगलामुखी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न होने के बाद दुल्हन ने ससुराल जाने से इनकार कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों परिवारों के बीच बातचीत कराई गई। काफी देर तक चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।
गुरुग्राम अपराध: गुरुग्राम में एक एआई इंजीनियर ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका की चाकू मारकर हत्या कर दी और फिर ट्रेन के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि घटना का खुलासा तब हुआ जब शनिवार को प्रेमिका के परिवार वालों ने सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई क्योंकि उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध हत्या-आत्महत्या की परिस्थितियों और दंपति के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी श्रेष्ठ मलिक (25) और उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी उनकी प्रेमिका इशारा आयुबी (25) के रूप में हुई है। दोनों गुरुग्राम की एक ही निजी कंपनी में काम करते थे। मलिक सेक्टर 55 स्थित एक पीजी हॉस्टल में रहता था।
गुरुग्राम अपराध: पीजी के कमरे में युवती का शव मिला
परिवार के सदस्यों की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अयूबि के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उसे सेक्टर 55 स्थित मलिक के पीजी हॉस्टल में पाया। हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्हें किसी घटना की जानकारी नहीं है, फिर भी पुलिस ने कमरा खोला। वहां उन्हें अयूबि का शव खून से लथपथ मिला और पूरे कमरे में खून के धब्बे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसकी चाकू मारकर हत्या की गई थी। बाद में, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत एकत्र किए। जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने इससे पहले गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। ट्रेन की चपेट में आने से उस व्यक्ति का शरीर दो टुकड़ों में कट गया था। पुलिस ने बताया कि शव से बरामद मोबाइल फोन के जरिए मृतक की पहचान मलिक के रूप में हुई, जिससे संदिग्ध हत्या और बाद में हुई आत्महत्या के बीच संबंध स्थापित हुआ। अयूबि और मलिक एक पीजी में साथ रहते थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अयूबि घटना से तीन दिन पहले मलिक के साथ पीजी हॉस्टल में रहने लगी थी। “हम मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों के बीच संबंध और घटना के पीछे के कारणों का पता चलेगा।” सेक्टर-56 के एसएचओ, इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने कहा, “पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स, चैट और अन्य तकनीकी सबूतों की भी जांच कर रही है। हमने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।”
आयुर्वेद में कई ऐसे पारंपरिक योगों का उल्लेख मिलता है, जिनका उपयोग सदियों से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक है दशांग लेप। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित यह बहु-औषधीय लेप त्वचा संबंधी समस्याओं, सूजन, दर्द और कुछ अन्य स्थितियों में बाहरी उपयोग के लिए बताया गया है।
हालांकि, आधुनिक वैज्ञानिक शोध अभी इन सभी पारंपरिक दावों की पूरी तरह पुष्टि नहीं करते। इसलिए इसे किसी गंभीर बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
क्या है दशांग लेप?
दशांग लेप एक पारंपरिक आयुर्वेदिक हर्बल पाउडर है, जिसे 10 औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है। आवश्यकता अनुसार इसमें पानी, घी या चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अन्य माध्यम मिलाकर लेप बनाया जाता है और प्रभावित स्थान पर लगाया जाता है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे मुख्य रूप से सूजन, त्वचा संबंधी समस्याओं और दर्द में बाहरी प्रयोग के लिए वर्णित किया गया है।
दशांग लेप में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियां होती हैं?
दशांग लेप सामान्यतः इन 10 औषधीय घटकों से तैयार किया जाता है—
सिरस की छाल
मुलेठी
तगर
लाल चंदन
छोटी इलायची
जटामांसी
हल्दी
दारुहल्दी
कुष्ठ (कूठ)
खस
इन सभी औषधियों को बारीक चूर्ण बनाकर मिश्रित किया जाता है। यह तैयार चूर्ण कई आयुर्वेदिक दवा विक्रेताओं के यहां भी उपलब्ध रहता है।
पारंपरिक रूप से किन स्थितियों में किया जाता है उपयोग?
आयुर्वेदिक परंपरा में दशांग लेप का बाहरी प्रयोग निम्न स्थितियों में बताया गया है—
1. चोट, मोच और सूजन
हल्की चोट या मोच आने पर इसे लेप के रूप में लगाया जाता रहा है। पारंपरिक मान्यता है कि इससे सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है।
2. जोड़ों का दर्द
आयुर्वेद में इसे कुछ प्रकार के जोड़ों के दर्द और सूजन में सहायक लेप के रूप में भी वर्णित किया गया है।
3. त्वचा संबंधी समस्याएं
एक्जिमा, खुजली और कुछ अन्य त्वचा विकारों में इसका बाहरी प्रयोग पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। हालांकि प्रत्येक त्वचा रोग का कारण अलग हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।
4. मुंहासे
कुछ आयुर्वेदिक चिकित्सक दशांग लेप में अन्य औषधीय सामग्री मिलाकर मुंहासों के लिए फेस पैक के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हैं।
5. सूजन वाले हिस्से
शरीर के किसी भाग में सूजन होने पर इसका लेप लगाने का उल्लेख आयुर्वेदिक परंपरा में मिलता है।
दशांग लेप कैसे तैयार करें?
आवश्यकतानुसार दशांग लेप के चूर्ण में साफ पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है। कुछ स्थितियों में आयुर्वेदिक चिकित्सक घी या अन्य माध्यम मिलाने की सलाह भी देते हैं। तैयार लेप प्रभावित स्थान पर लगाया जाता है।
किस माध्यम का उपयोग करना है और कितनी देर तक लेप रखना है, यह समस्या और व्यक्ति की प्रकृति पर निर्भर करता है।
प्रयोग करते समय रखें ये सावधानियां
केवल बाहरी उपयोग के लिए ही प्रयोग करें।
खुले या गहरे घाव पर बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग न करें।
यदि लेप लगाने के बाद जलन, एलर्जी या त्वचा पर अधिक लालिमा दिखाई दे तो तुरंत उपयोग बंद करें।
गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों को इसका उपयोग आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
फ्रैक्चर, गंभीर चोट, तेज संक्रमण या लगातार बढ़ती सूजन की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या दशांग लेप हर बीमारी का इलाज है?
नहीं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसके अनेक उपयोगों का उल्लेख मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हर बीमारी का निश्चित इलाज है। किसी भी गंभीर समस्या में स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य आयुर्वेद चिकित्सक या आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
निष्कर्ष
दशांग लेप आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध पारंपरिक औषधीय तैयारी है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बाहरी लेप के रूप में किया जाता रहा है। इसमें शामिल कई जड़ी-बूटियां अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग विशेषज्ञ की सलाह के साथ ही करना बेहतर होता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य एवं आयुर्वेदिक परंपराओं पर आधारित जानकारी के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय सलाह या उपचार का विकल्प न मानें। किसी भी बीमारी, गंभीर चोट या त्वचा संबंधी समस्या में योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
. पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में 10वीं का स्टूडेंट उस समय हैरान रह गया, जब उसे पता चला कि उसके अकाउंट में अचानक 759 करोड़ रुपए आ गए। जब उसने यह बात अपने परिवार को बताई तो सब डर गए और सीधे पुलिस के पास पहुंचे और पूरी जानकारी दी।
स्टूडेंट चंद्रकांत देबनाथ कूचबिहार से 35 किलोमीटर दूर दिन्हाटा के अतियाबारी का रहने वाला है। उसके पिता कारपेंटर हैं। वह शनिवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपने अकाउंट से 500 रुपए निकालने पहुंचा था। पैसे निकालने के बाद चंद्रकांत ने अपने अकाउंट का बैलेंस चेक किया। वह यह देखकर चौंक गया कि उसके अकाउंट में 759 करोड़ रुपए जमा हैं।
अकाउंट में इतने पैसे देखकर मैं डर गया- चंद्रकांत द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रकांत डरकर अपने घर पहुंचा और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। उसने बताया- मुझे समझ नहीं आ रहा कि मेरे खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे जमा हो गई। मैं बहुत डर गया हूं। मैंने शनिवार को पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दी।
उधर, चंद्रकांत और उसके परिवार के लोगों ने बैंक के भी संपर्क किया, लेकिन शनिवार और रविवार होने की वजह से बैंक बंद थी और संपर्क नहीं हो पाया। दिन्हाटा पुलिस ने चंद्रकांत से लिखित में शिकायत देने के लिए कहा है।
पूरे जीवन में इतनी रकम नहीं देखी- स्टूडेंट के पिता चंद्रकांत के पिता नीलकंठ ने कहा- मैंने अपने जीवन में इतनी बड़ी रकम न देखी है और न ही सुनी है। इस घटना से हम सब घबराए हुए हैं। हम किसी भी तरह की कानूनी या आर्थिक परेशानी में नहीं पड़ना चाहते, इसीलिए हमने पुलिस से संपर्क किया है। हमने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दे दी है। परिवार ने इस बात की तुरंत जांच की मांग की है कि देबनाथ के अकाउंट में इतनी बड़ी रकम कैसे आई। कुछ लोगों का मानना है कि किसी तकनीकी या सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के चलते यह सब हुआ।
मध्य प्रदेश के रीवा में एक होटल के अंदर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया, जब सीधी से पीछा करते हुए आई एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी लड़की के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद महिला का गुस्सा इस कदर भड़का कि उसने पहले तो कमरे के अंदर ही पति की जमकर धुनाई की, फिर उसका कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए थाने ले गई. इस दौरान कमरे में मौजूद दूसरी लड़की भी हैरान रह गई, जिससे युवक ने खुद को कुंवारा बताकर मंदिर में शादी की थी.
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत सीधी से हुई. युवक एक युवती को लेकर जिले से रवाना हुआ, इसकी भनक उसकी पत्नी को लग गई. उसने पति का पीछा करना शुरू किया और 70 किलोमीटर की दूरी तय कर रीवा आ गई. यहां उसका पति समान थाना इलाके में स्थित एक होटल में युवती के साथ पहुंचा. कुछ देर बाद उसकी पत्नी भी पहुंच गई. महिला ने कमरा खुलवाया और फिर गालियां देते हुए पति पर टूट पड़ी. जमकर धुनाई करने के बाद भी पत्नी का गुस्सा शांत नहीं हुआ. गुस्से से तमतमाई पत्नी पति का कॉलर पकड़कर होटल के नीचे लाई और सड़क पर घसीटते हुए उसे थाने लेकर पहुंची.
एक साल पहले हुई थी कोर्ट मैरिज, मोबाइल बदलकर भागा था पति
पीड़ित महिला ने बताया कि उसने 3 जुलाई 2025 को युवक के साथ कोर्ट मैरिज की थी. महिला ने बताया कि युवके साथ उसकी दूसरी शादी है, पहले पति से उसका एक बेटा भी है. शादी के कुछ दिन बाद ही पति बिना बताए अचानक लापता हो गया. उसने अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया. महिला को उस पर शक हुआ तो उसने अपने पति के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया. इस दौरान उसे पता चला कि उसका पति कई लड़कियों से बात करता है और उनके साथ उसके संबंध हैं.
इंस्टाग्राम पर प्यार और मंदिर में शादी का झांसा
पत्नी के हत्थे चढ़ने के बाद युवक बस यही कहता रहा कि वह गलती से फंस गया है. वहीं होटल के कमरे में युवक के साथ पकड़ी गई युवती का कहना था कि युवक से उसकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. युवक ने खुद को कुंवारा बताया था और शादी करने की बात कही थी. युवक ने मंदिर में ले जाकर उसकी मांग भरकर शादी की है. हंगामे के दौरान वह युवती भी युवक से बार-बार पूछ रही थी कि “आखिर यह महिला कौन है. हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद यह मामला पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है.
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक व्यक्ति को बाइक का हॉर्न बजाना इतना नागवार गुजरा कि उसने अपने पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है।
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पड़ोसी ने बाइक का हॉर्न बजाने पर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके साथ ही बीच-बचाव करने आए उसके भाई पर भी फायर कर दिया। गनीमत रही कि गोली उसे छूते हुए निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसके पिता और पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लोनी की रतिराम कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय विपिन प्रजापति दिल्ली स्थित एक पेंट ब्रश बनाने की फैक्टरी में काम करता था। रविवार रात उसकी भतीजी का नामकरण समारोह चल रहा था। वह रात करीब 11:40 बजे नामकरण समारोह में आए रिश्तेदारों को छोड़कर बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में पड़ोसी सोनू खड़ा मिला। विपिन ने रास्ता खाली करने के लिए हॉर्न बजाया, लेकिन वह नहीं हटा।
थप्पड़ मारकर बाइक से नीचे गिराया
आरोप है कि विपिन की बाइक पास पहुंचते ही सोनू ने उसे रोका और थप्पड़ मारकर नीचे गिरा दिया। आरोपी ने विपिन को संभालने का भी मौका नहीं दिया और गिरते ही पिस्टल निकाल कर उसे गोली मार दी। विपिन का भाई पवन भी घटनास्थल के पास ही था। गोली चलने की आवाज सुनकर उसने विपिन को बचाने की कोशिश की तो सोनू ने उस पर भी फायर कर दिया। गोली पवन को छूते हुए निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद परिजन घायल विपिन को तुरंत दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
आरोपी परिवार सहित फरार, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि सोनू, उसके पिता ब्रह्मपाल और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं और जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही आसपास के लोगों से भी आरोपियों के जानकारी जुटा रही है।
अपराधिक प्रवृत्ति का है आरोपी
खुशी के मौके पर विपिन की हत्या के बाद माहौल गमगीन हो गया। वहीं इलाके में रहने वाले लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है। आए दिन आसपास के लोगों से दबंगई दिखाता है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस एहतियात के तौर पर क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है।
UP: एक शादीशुदा महिला, दो आशिक, 11 बोतल बियर और… प्रेम प्रसंग में दोस्त ने कुल्हाड़ी से काटकर की दोस्त की हत्या, पोखरे के किनारे मिला शव, दो गिरफ्तार |
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र के ढिघवा वार्ड नंबर-5 पोखरा टोला में 20 वर्षीय युवक गौरव की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए प्रेम-प्रसंग को घटना की मुख्य वजह बताया है। पुलिस के अनुसार एक ही युवती से प्रेम संबंध को लेकर मृतक गौरव और आरोपी नितेश कुमार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को सुधारगृह भेजा गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किए गए कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया है।
आपको बता दें कि 10 जुलाई को गांव के बाहर पोखरे के किनारे खेत में गौरव का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पहुंची कसया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कसया थाना पुलिस, सर्विलांस टीम और स्वाट टीम को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
शराब पिलाने के बहाने बुलाया, फिर कुल्हाड़ी से कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नितेश कुमार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पहले से हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार 9 जुलाई की रात गौरव को शराब पिलाने के बहाने गांव के बाहर पोखरे के पास बुलाया गया। वहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर आरोपी ने कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को पोखरे के किनारे खेत में फेंककर फरार हो गए, ताकि घटना को छिपाया जा सके।
छह घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस की मदद ली। पुलिस का दावा है कि महज छह घंटे के भीतर पूरी घटना का पर्दाफाश कर दिया गया। जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि वारदात में शामिल एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक बोले जांच में सामने आया प्रेम-प्रसंग का विवाद
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ में प्रेम-प्रसंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई है। उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। पुलिस ने कहा कि जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ओडिशा के बलांगीर में घटी घटना: एक और दुखद घटना सामने आई है जो साबित करती है कि परिवारों में छोटे-मोटे झगड़े भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। ओडिशा के बलांगीर जिले में एक पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई। शनिवार को घटी इस भयावह घटना ने स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश पैदा कर दिया है।
ओडिशा के बालांगीर में अपराध: घबराहट के क्षण में मोबाइल फोन से हमला
पुलिस द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार को बलांगीर जिले में एक दंपति के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान पत्नी क्रोधित हो गई और उसने अपने हाथ में मौजूद मोबाइल फोन से पति के सिर पर वार कर दिया। फोन लगने से पति को गंभीर चोटें आईं। खून बहने के कारण परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग तुरंत उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल ले गए।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद पीड़ित की हालत स्थिर थी और डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। हालांकि, अस्पताल से घर लौटने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर रूप से बीमार उस व्यक्ति का कुछ ही समय बाद निधन हो गया। आशंका है कि सिर पर तेज चोट लगने से आंतरिक रक्तस्राव हुआ होगा। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के सटीक कारण का पता लगाएंगे और आगे की जांच करेंगे।
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और नींद की कमी का असर कई लोगों की शारीरिक ऊर्जा और यौन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ऐसे में बहुत से लोग प्राकृतिक और पारंपरिक उपायों की ओर रुख करते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे खाद्य पदार्थों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें शरीर की ताकत, ऊर्जा और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
आइए जानते हैं कुछ ऐसे पारंपरिक घरेलू उपायों के बारे में, जिन्हें संतुलित आहार के साथ अपनाया जा सकता है।
1. उड़द, गेहूं और सूखे मेवों का पौष्टिक लड्डू
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उड़द की दाल, गेहूं का आटा, पिप्पली, सूखे मेवे और सीमित मात्रा में मिठास मिलाकर तैयार किए गए पौष्टिक लड्डू शरीर को ऊर्जा देने में सहायक माने जाते हैं।
इनमें मौजूद प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट्स और पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करने, मांसपेशियों को मजबूती देने और स्टैमिना बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। रात में गुनगुने दूध के साथ सीमित मात्रा में इनका सेवन पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है।
2. प्याज का नियमित सेवन
प्याज केवल स्वाद बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ ही नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। पारंपरिक मान्यता है कि नियमित रूप से सलाद या भोजन के साथ प्याज खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और प्रजनन स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है।
3. पेठा (सफेद कद्दू)
पेठा या सफेद कद्दू पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका मुरब्बा या इसके बीजों का सेवन शरीर को ताकत देने और कमजोरी दूर करने के लिए उपयोगी माना गया है। इसके बीजों में जिंक, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं।
4. सिंघाड़ा
सिंघाड़ा विटामिन, मिनरल्स और प्राकृतिक ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसका आटा दूध में मिलाकर सेवन करना पारंपरिक रूप से शरीर को ताकत देने वाला माना जाता है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शारीरिक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें
यौन स्वास्थ्य केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से बेहतर नहीं होता। इसके लिए संतुलित जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।
रोजाना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
नियमित व्यायाम और योग करें।
तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) अपनाएं।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
प्रोटीन, फल, सब्जियां, सूखे मेवे और साबुत अनाज को आहार में शामिल करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि लंबे समय से यौन कमजोरी, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, शीघ्रपतन या प्रजनन संबंधी कोई समस्या बनी हुई है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कई बार ऐसी समस्याएं हार्मोनल बदलाव, मधुमेह, हृदय रोग, तनाव या अन्य स्वास्थ्य कारणों से भी जुड़ी हो सकती हैं।
निष्कर्ष
पारंपरिक घरेलू उपाय शरीर को पोषण और ऊर्जा देने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह के साथ अपनाए गए प्राकृतिक उपाय लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
अस्वीकरण: यह जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या सप्लीमेंट/घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
भारतीय कुश्ती के इतिहास में जब भी महान पहलवानों का जिक्र होता है, तो सबसे पहले जिन नामों में एक नाम लिया जाता है, वह है गामा पहलवान। उनका असली नाम गुलाम मोहम्मद बख्श बट (प्रचलित रूप से गुलाम हुसैन बख्श के नाम से भी उल्लेख मिलता है) था। अपनी असाधारण ताकत, अनुशासन और अजेय प्रदर्शन के कारण उन्हें ‘रुस्तम-ए-हिंद’, ‘रुस्तम-ए-जमां’ और ‘द ग्रेट गामा’ जैसे खिताब मिले।
कहा जाता है कि अपने लंबे कुश्ती करियर में गामा पहलवान किसी भी आधिकारिक मुकाबले में पराजित नहीं हुए। यही वजह है कि आज भी उन्हें दुनिया के सबसे महान पहलवानों में गिना जाता है।
बचपन से ही शुरू हो गई थी पहलवानी
गामा पहलवान का जन्म 22 मई 1878 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के पंजाब क्षेत्र में हुआ था। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उनका पालन-पोषण परिवार के अन्य सदस्यों ने किया। कम उम्र से ही उन्हें कुश्ती और व्यायाम का प्रशिक्षण मिलने लगा। उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें किशोरावस्था में ही पहचान दिलानी शुरू कर दी थी।
ऐसी थी गामा पहलवान की ट्रेनिंग
गामा की फिटनेस आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है। विभिन्न ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, उनकी रोजाना की ट्रेनिंग बेहद कठिन होती थी।
प्रतिदिन लगभग 5,000 बैठक (Squats) लगाते थे।
करीब 3,000 दंड (Push-ups) करते थे।
अभ्यास के दौरान रोज लगभग 40 पहलवानों से कुश्ती लड़ते थे।
कई किलोमीटर दौड़ लगाना और भारी पत्थरों व लोहे के उपकरणों से अभ्यास उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
उनका मानना था कि लगातार अभ्यास ही किसी पहलवान की सबसे बड़ी ताकत होता है।
गामा पहलवान की ताकत के चर्चे
गामा की शारीरिक क्षमता को लेकर कई किस्से मशहूर हैं। कहा जाता है कि वे लगभग 95 किलोग्राम के भारी व्यायाम चक्र से अभ्यास करते थे। एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, उन्होंने एक बार लगभग 1,200 किलोग्राम वजनी पत्थर को भी उठाया था। हालांकि, इस दावे के ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन यह उनकी असाधारण ताकत की लोकप्रिय कहानियों में शामिल है।
क्या खाते थे गामा पहलवान?
उनकी भारी-भरकम ट्रेनिंग के लिए भरपूर पोषण भी जरूरी था। विभिन्न स्रोतों में उनकी डाइट का उल्लेख इस प्रकार मिलता है—
कई लीटर दूध
देसी घी
मक्खन
मांस
बादाम और अन्य सूखे मेवे
ताजे मौसमी फल और फलों का रस
उनका भोजन शरीर की ताकत और ऊर्जा बनाए रखने के लिए तैयार किया जाता था।
विदेशी पहलवानों को भी दी मात
गामा पहलवान ने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इंग्लैंड सहित कई देशों में उन्होंने प्रसिद्ध पहलवानों को चुनौती दी और कई मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की। उनकी तकनीक, ताकत और फुर्ती ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान दिलाया।
क्यों कहलाए ‘रुस्तम-ए-हिंद’?
भारत के कई दिग्गज पहलवानों को हराने के बाद गामा को ‘रुस्तम-ए-हिंद’ की उपाधि दी गई। यह सम्मान उस दौर में किसी भी पहलवान के लिए सबसे प्रतिष्ठित माना जाता था। इसके बाद उनका नाम पूरी दुनिया में ‘द ग्रेट गामा’ के रूप में प्रसिद्ध हो गया।
विभाजन के बाद का जीवन
भारत के विभाजन के बाद गामा पाकिस्तान चले गए। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक युवा पहलवानों को प्रशिक्षण दिया। बाद में उन्हें अस्थमा और हृदय रोग जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ा।
23 मई 1960 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी उपलब्धियां आज भी कुश्ती प्रेमियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
गामा पहलवान से जुड़ी रोचक बातें
अपने पूरे आधिकारिक कुश्ती करियर में अजेय रहने के लिए प्रसिद्ध हैं।
रोज हजारों दंड और बैठक लगाने के लिए जाने जाते थे।
अभ्यास के दौरान कई पहलवानों से लगातार कुश्ती लड़ते थे।
उनकी फिटनेस और अनुशासन आज भी पहलवानों के लिए प्रेरणा माने जाते हैं।
उन्हें भारतीय कुश्ती इतिहास के सबसे महान पहलवानों में गिना जाता है।
निष्कर्ष
गामा पहलवान सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास की जीती-जागती मिसाल थे। उनकी कड़ी ट्रेनिंग, अद्भुत ताकत और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने उन्हें विश्वभर में पहचान दिलाई। आज भी जब महान पहलवानों की बात होती है, तो ‘द ग्रेट गामा’ का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।