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  • खजुराहो का वो शिव मंदिर, जहां जल चढ़ाते ही गायब हो जाता है पानी! क्या है मातंगेश्वर मंदिर का रहस्य.?

    खजुराहो का वो शिव मंदिर, जहां जल चढ़ाते ही गायब हो जाता है पानी! क्या है मातंगेश्वर मंदिर का रहस्य.?

    मध्य प्रदेश का खजुराहो अपनी अद्भुत स्थापत्य कला और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां मौजूद मंदिरों की नक्काशी और वास्तुकला लोगों को हैरान करती है, लेकिन इसी परिसर में एक ऐसा प्राचीन शिव मंदिर भी है, जिसके बारे में एक रहस्यमयी मान्यता सदियों से चली आ रही है। यह मंदिर है मातंगेश्वर मंदिर।

    कहा जाता है कि मंदिर में स्थापित विशाल शिवलिंग पर जब भक्त जल चढ़ाते हैं तो वह पानी कुछ ही समय में दिखाई देना बंद हो जाता है। इसी वजह से श्रद्धालुओं के बीच यह धारणा है कि यहां चढ़ाया गया जल किसी रहस्यमयी तरीके से शिवलिंग में समा जाता है। हालांकि, इस दावे के पीछे किसी वैज्ञानिक जांच से प्रमाणित कोई विशेष अलौकिक प्रक्रिया सामने नहीं आई है। इसे मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता के रूप में देखा जाता है।

    खजुराहो के सबसे खास मंदिरों में शामिल है मातंगेश्वर

    मातंगेश्वर मंदिर खजुराहो के पश्चिमी समूह के मंदिरों में स्थित है। खास बात यह है कि खजुराहो के अधिकांश प्राचीन मंदिर आज ऐतिहासिक स्मारक के रूप में देखे जाते हैं, जबकि मातंगेश्वर मंदिर में आज भी नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती है।

    भारत सरकार के आधिकारिक पर्यटन पोर्टल के मुताबिक, मातंगेश्वर मंदिर खजुराहो के उन प्रमुख मंदिरों में से है जहां आज भी धार्मिक गतिविधियां जारी हैं। यहां सुबह और दोपहर पूजा होती है।

    क्यों खास है यहां का शिवलिंग?

    मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग की पूजा की जाती है। भक्त यहां जल, दूध, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। इसी दौरान पानी के गायब होने की कहानी सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है।

    स्थानीय स्तर पर यह मान्यता सुनने को मिलती है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल कुछ देर बाद वहां दिखाई नहीं देता। इसे कई श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष शक्ति से जोड़कर देखते हैं।

    हालांकि, जल के गायब होने की घटना को किसी अलौकिक शक्ति का प्रमाण मानने से पहले वैज्ञानिक कारणों की जांच जरूरी है। मंदिर की संरचना, जल निकासी की व्यवस्था, सतह की बनावट या अन्य भौतिक कारण इसके पीछे हो सकते हैं। इसलिए इसे निश्चित रूप से ‘चमत्कार’ कहना उचित नहीं होगा।

    करीब एक हजार साल पुराना है खजुराहो का मंदिर समूह

    खजुराहो का मंदिर समूह चंदेल राजवंश के समय विकसित हुआ। आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार, यहां के मंदिरों का निर्माण मुख्य रूप से लगभग 950 से 1050 ईस्वी के बीच हुआ था। खजुराहो के मंदिरों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है।

    कभी खजुराहो में बड़ी संख्या में मंदिर हुआ करते थे। समय के साथ कई मंदिर नष्ट हो गए और आज केवल कुछ प्रमुख मंदिर ही सुरक्षित बचे हैं।

    खजुराहो के मंदिरों को मुख्य रूप से पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी समूह में बांटा गया है। मातंगेश्वर मंदिर पश्चिमी समूह का हिस्सा है।

    खजुराहो के बाकी मंदिरों से अलग क्यों है मातंगेश्वर?

    मातंगेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह केवल ऐतिहासिक स्मारक नहीं है, बल्कि आज भी जीवंत धार्मिक स्थल है।

    खजुराहो के कई मंदिरों में अब नियमित पूजा नहीं होती, लेकिन मातंगेश्वर में श्रद्धालु आज भी भगवान शिव की पूजा करने पहुंचते हैं। यही वजह है कि इतिहास और आस्था—दोनों नजरिए से यह मंदिर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    महाशिवरात्रि के दौरान यहां विशेष धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है।

    क्या सच में शिवलिंग में समा जाता है जल?

    यही इस मंदिर से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल है।

    जल चढ़ाने के बाद पानी दिखाई न देने की बात को लेकर अलग-अलग स्थानीय मान्यताएं प्रचलित हैं। लेकिन उपलब्ध आधिकारिक पर्यटन स्रोत इस घटना को किसी अलौकिक या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित रहस्य के तौर पर स्थापित नहीं करते।

    इसलिए इसे इस तरह समझना ज्यादा उचित है कि मातंगेश्वर मंदिर से जुड़ी जल वाली बात एक प्रचलित धार्मिक मान्यता है, जिसका श्रद्धालुओं के लिए गहरा आध्यात्मिक महत्व है।

    वैज्ञानिक रूप से किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए मंदिर की जल निकासी व्यवस्था और संरचना का विस्तृत अध्ययन जरूरी होगा।

    खजुराहो सिर्फ अपनी मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध नहीं

    खजुराहो को अक्सर यहां की प्रसिद्ध मूर्तियों और नक्काशी के कारण याद किया जाता है, लेकिन इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व इससे कहीं ज्यादा व्यापक है।

    यहां शिव, विष्णु, सूर्य और जैन तीर्थंकरों को समर्पित मंदिर भी मौजूद हैं। आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार, खजुराहो के मंदिर मध्यकालीन भारत की कला, धर्म और स्थापत्य परंपरा की महत्वपूर्ण झलक देते हैं।

    कंडारिया महादेव मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर और मातंगेश्वर मंदिर पश्चिमी समूह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।

    इतिहास और आस्था का अनोखा संगम

    मातंगेश्वर मंदिर की खासियत सिर्फ इसका प्राचीन होना नहीं है। इसकी पहचान इस बात से भी है कि करीब एक हजार साल पुरानी खजुराहो की मंदिर परंपरा के बीच आज भी यहां पूजा की परंपरा जारी है।

    यही कारण है कि जब श्रद्धालु मंदिर में जल चढ़ाते हैं और उसे कुछ समय बाद शिवलिंग के आसपास दिखाई नहीं देता देखते हैं, तो उनके मन में इसके प्रति रहस्य और आस्था दोनों बढ़ जाते हैं।

    मातंगेश्वर मंदिर इसलिए सिर्फ एक पुराना मंदिर नहीं, बल्कि इतिहास, स्थापत्य, धार्मिक आस्था और लोकमान्यताओं का ऐसा संगम है, जो आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

  • सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ से शादी के बाद दुल्हन के कथित तौर पर घर से जेवर और नकदी लेकर फरार होने का मामला सामने आया है. सिंभावली थाना क्षेत्र के लिसड़ी गांव में एक युवक ने पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया है कि शादी के अगले ही दिन उसकी नवविवाहिता पत्नी घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर चली गई. सुबह जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो दुल्हन घर में नहीं थी. काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला.

    मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस दुल्हन की तलाश के साथ शादी कराने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम की भी पड़ताल कर रही है. इस बीच एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला जाती हुई दिखाई दे रही है.

    मंदिर में हुई थी शादी
    पीड़ित युवक विनोद के मुताबिक, उसकी शादी रामपुर स्थित एक मंदिर में हुई थी. उसका कहना है कि मंदिर के पंडित के कहने पर उसने युवती से शादी की थी. पंडित से उसकी मुलाकात करीब दो-तीन महीने पहले हुई थी. शादी के बाद वह अपनी पत्नी को लेकर हापुड़ के लिसड़ी गांव स्थित अपने घर पहुंचा. शादी के बाद उसकी पत्नी घर में सिर्फ एक रात और एक दिन रही. इसके बाद रात में जब परिवार के लोग सो रहे थे, वह घर से निकल गई.

    जेवर और नकदी लेकर जाने का आरोप
    विनोद ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी शादी के दौरान पहने हुए सोने-चांदी के जेवर अपने साथ ले गई. इसके अलावा घर में मौजूद नकदी भी लेकर जाने का आरोप है. सुबह परिवार के लोगों को उसके घर से गायब होने की जानकारी हुई. इसके बाद आसपास और रिश्तेदारी में उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. पीड़ित के अनुसार, शादी के सिलसिले में युवती की मां को एक लाख रुपये नकद भी दिए गए थे.

    CCTV फुटेज में जाती दिखी महिला
    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक महिला तेज कदमों से जाती हुई नजर आ रही है. पुलिस इस फुटेज की भी जांच कर रही है. हालांकि, फुटेज में दिखाई दे रही महिला वही नवविवाहिता है या नहीं, इसकी पुलिस की ओर से अभी पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस शादी से जुड़े लोगों, मंदिर में मौजूद लोगों और दुल्हन के बारे में मिली जानकारी जुटा रही है.

  • कूवर की Sam Kee Building क्यों है इतनी पतली? इसके पीछे छिपी है हैरान कर देने वाली वजह…

    कूवर की Sam Kee Building क्यों है इतनी पतली? इसके पीछे छिपी है हैरान कर देने वाली वजह…

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    Sam Kee Building कनाडा के Vancouver शहर में स्थित एक अनोखी इमारत है, जो अपनी असाधारण पतली बनावट के कारण दुनियाभर में मशहूर है। पेंडर स्ट्रीट पर बनी यह इमारत Guinness World Records में दुनिया की सबसे संकरी व्यावसायिक इमारत के रूप में दर्ज है। इसकी चौड़ाई मात्र 4 फीट 11 इंच है, जो इसे एक अनोखा वास्तु उदाहरण बनाती है। बता दें कि एक चीनी व्यापारी के अपमान और गुस्से से उपजा विरोध का प्रतीक है, जिसने सरकार को अपनी जिद के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया।

    जानें इस इमारत की कहानी

    इस इमारत की कहानी 1902 से शुरू होती है, जब चीनी मूल के व्यापारी Chang Toy, जिन्हें सैम की के नाम से जाना जाता था, ने एक बड़ा प्लॉट खरीदा था, लेकिन 1912 में नगर प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए उनकी जमीन का बड़ा हिस्सा अधिग्रहित कर लिया। मुआवजा न मिलने पर टॉय ने इसे अपमान माना और बची हुई बेहद पतली जमीन पर ही इमारत बनाने का निश्चय किया। Chang Toy आर्किटेक्ट ब्राउन और गिलम की मदद से एक स्टील-फ्रेम संरचना तैयार करवाई, जो सीमित जगह में भी खड़ी हो सके। इमारत का निचला हिस्सा बेहद संकरा है, जबकि ऊपर की मंजिल पर बाहर की ओर निकली खिड़कियों (बे विंडो) के कारण चौड़ाई करीब 6 फीट तक पहुंच जाती है। इसके अलावा, इसका बेसमेंट फुटपाथ के नीचे तक फैला हुआ है, जिससे उपयोगी जगह बढ़ाई गई।

    दुकानों के रूप में किया जाता है उपयोग

    शुरुआत में ऊपरी मंजिलों का इस्तेमाल रहने के लिए और निचले हिस्से का उपयोग दुकानों के रूप में किया जाता था। बेसमेंट खासतौर पर स्थानीय चीनी समुदाय के लिए उपयोगी था, जहां सार्वजनिक स्नानघर और नाई की सेवाएं उपलब्ध थीं। समय के साथ इस इमारत से जुड़ी कई अफवाहें भी फैलीं, जैसे कि इसके नीचे गुप्त सुरंगें हैं, हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं मिला।

    पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

    यह इमारत न केवल अपने अनोखे डिजाइन के लिए, बल्कि चाइनाटाउन के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसे 1966 और 1986 में पुनर्स्थापित किया गया। आज भी यह इमारत पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और वास्तुकला की दुनिया में एक अनोखी मिसाल मानी जाती है।

  • क्या एक हफ्ते में 5 ‘किलो’ वजन घटाया जा सकता है? डाइटिशियन ने बताया’

    क्या एक हफ्ते में 5 ‘किलो’ वजन घटाया जा सकता है? डाइटिशियन ने बताया’

    क्या एक हफ्ते में 5 ‘किलो’ वजन घटाया जा सकता है? डाइटिशियन ने बताया’

    मोटापा आज के समय में बहुत कॉमन प्रॉब्लम है। कई लोग इस समस्या से परेशान हैं, ऐसे में लोग तेजी से वजन कम करना चाहते हैं। इसके लिए लोग शॉर्टकट भी अपनाते हैं। वहीं कुछ लोग तेजी से वजन घटाने के लिए रोजाना खूब चलते हैं। वजन घटाने के लिए लोग टारगेट तक सेट करते हैं। ज्यादातर लोगों का गोल एक हफ्ते में 5 किलो वजन घटाना होता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या एक हफ्ते में 5 किलो वजन घटाया जा सकता है और अगर घटाया जा सकता है तो इसका शरीर पर क्या असर होता है। डॉ वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ, बता रही हैं कि एक हफ्ते में 5 किलो वजन कम करना सेफ है या नहीं।

    क्या कहती हैं डाइटिशियन

    एक हफ्ते में 5 किलो वजन घटाने के लिए बहुत बड़ा कैलोरी डेफिसिट चाहिए, जिसे केवल पैदल चलकर एक सप्ताह में हासिल करना अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं है और ऐसा करना कमजोरी, डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों की कमजोरी को बढ़ा सकता है। एक स्वस्थ वयस्क के लिए शुरुआत में प्रतिदिन 5–7 किलोमीटर या लगभग 7,000–10,000 कदम चलना एक लक्ष्य हो सकता है। लेकिन कैलोरी बर्न व्यक्ति के वजन, चलने की गति, उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। वजन घटाने में केवल वॉकिंग नहीं, बल्कि कैलोरी-कंट्रोल, संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, नींद और फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है।

    वेट लॉस का सही तरीका

    अगर आप हेल्दी तरीके से वजन घटाना चाहते हैं तो हफ्ते में लगभग 0.5–1 किलो वजन घटाना सेफ हो सकता है। 5 किलो वजन एक महीने या कुछ हफ्तों के अंदर घटाना स्वास्थ के लिए भी सेफ होता है। अगर आप एक हफ्ते में 5 किलो वजन घटाते हैं तो इसका असर आपकी ओवरऑल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। अगर आप वॉक करके वजन घटाना चाहते हैं तो इसके साथ आपको अपनी डाइट में चीनी, मीठे पेय, तले हुए खाद्य पदार्थ और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड कम करे तथा सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करे। डॉ दीक्षा सहवाग कहती हैं कि मेरी सलाह है कि किलोमीटर की संख्या के बजाय स्थिरता पर ध्यान दें। रोज 30–60 मिनट ब्रिस्क वॉक से शुरुआत करें और अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं।

  • पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    शिमला में नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को कथित तौर पर चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चेकिंग के दौरान संदिग्ध हरकत करते हुए एक सिगरेट की डिब्बी को अपने पैरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी। तलाशी लेने पर डिब्बी के अंदर से करीब 12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।

    मामला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शोघी पुलिस चौकी के पास का है। पुलिस की विशेष टीम ने यहां नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान सोलन की तरफ से आ रही एक बस को जांच के लिए रोका गया। पुलिसकर्मी जब बस के अंदर यात्रियों की चेकिंग कर रहे थे, तभी एक युवक उन्हें देखकर घबरा गया।

    पुलिस के मुताबिक, युवक ने अचानक अपनी जींस की जेब से एक वस्तु निकाली और उसे सीट के पास अपने पैरों के नीचे छिपाने का प्रयास किया। उसकी इस हरकत पर पुलिस को शक हुआ और टीम ने तुरंत युवक को रोककर उसके आसपास तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान पैरों के पास से एक सिगरेट की डिब्बी बरामद हुई। पुलिस ने डिब्बी खोलकर जांच की तो उसके भीतर एक पारदर्शी पॉलीथीन पाउच मिला। इसमें हल्के भूरे रंग का पाउडरनुमा पदार्थ रखा हुआ था। जांच के बाद इसे चिट्टा बताया गया। बरामद पदार्थ का वजन करीब 12 ग्राम बताया गया है।

    पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय मयंक नेगटा के रूप में हुई है।

    इस मामले में बालूगंज पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कथित तौर पर यह नशीला पदार्थ कहां से लेकर आया था और इसकी सप्लाई आगे किसे की जानी थी।

    जांच के तहत पुलिस आरोपी के नशे के कारोबार से जुड़े संभावित संपर्कों और लेन-देन की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • किन लोगों को होता है ‘फैटी’ लिवर का अधिक खतरा? कैसे जानें कि आपका लिवर फैटी है, एक्सपर्ट ने बताएं लक्षण और बचाव:

    किन लोगों को होता है ‘फैटी’ लिवर का अधिक खतरा? कैसे जानें कि आपका लिवर फैटी है, एक्सपर्ट ने बताएं लक्षण और बचाव:

    किन लोगों को होता है ‘फैटी’ लिवर का अधिक खतरा? कैसे जानें कि आपका लिवर फैटी है, एक्सपर्ट ने बताएं लक्षण और बचाव:

    मानव शरीर में लिवर एक ऐसी ‘केमिकल फैक्ट्री’ की तरह काम करता है, जो भोजन को पचाने,टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने और ऊर्जा को स्टोर करने जैसे 500 से अधिक जरूरी काम अकेले संभालता है। लेकिन जब हमारी खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण इस महत्वपूर्ण अंग की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा (Fat) जमा होने लगती है, तो यह ‘फैटी लिवर’ का रूप ले लेता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि किन लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा होता है और इसके शुरुआती संकेत क्या हैं।

    मारेंगो एशिया हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मित्तल ने बताया फैटी लिवर की बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो ये परेशानी बढ़कर हेपेटाइटिस या सिरोसिस की अवस्था में पहुंच जाती है। ऐसी स्थिति में मरीज को भूख कम लगना, कमजोरी, मांसपेशियों की कमजोरी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं,  इसलिए समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है ताकि परेशानी से बचा जा सके। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि फैटी लिवर के लक्षण कौन-कौन से हैं और किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है और इससे बचाव कैसे करें।

    फैटी लिवर के प्रमुख कारण

    लिवर पर फैट चढ़ने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे मोटापा,शारीरिक गतिविधि की कमी, खराब खानपान, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, अत्यधिक शराब सेवन, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थ लिवर पर फैट डिपॉजिट करने के लिए जिम्मेदार है।

    फैटी लिवर के लक्षण

    फैटी लिवर की शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। कई लोगों को इसका पता नियमित हेल्थ चेकअप या अल्ट्रासाउंड के दौरान चलता है। अगर बॉडी के संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो फैटी लिवर की पहचान की जा सकती है। इसके लक्षणों की बात करें तो

    • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन
    • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
    • बिना कारण वजन कम होना
    • भूख कम लगना
    • मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
    • पेट में सूजन होना
    • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या भ्रम की स्थिति
    • स्किन और आंखों का पीला पड़ना
    • पैरों और टखनों में सूजन
    • शरीर में खुजली होना

    किन लोगों में फैटी लिवर का खतरा अधिक होता है?

    • जिन लोगों का मोटापा ज्यादा है या पेट पर चर्बी है उन्हें फैटी लिवर का खतरा ज्यादा है।
    • टाइप 2 डायबिटीज मरीजों को रहता है फैटी लिवर का खतरा
    • हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ट्राइग्लिसराइड्स के मरीजों को
    • हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को
    • शारीरिक गतिविधि की कमी वाले लोगों को
    • अत्यधिक शराब का सेवन करने वाले लोगों को
    • अनहेल्दी डाइट का सेवन करने वाले लोगों को रहता है ज्यादा खतरा

    फैटी लिवर से बचाव के लिए ये रहा डाइट चार्ट

    समय          क्या खाएं                                सुबह उठते ही  गुनगुना पानी, ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी      नाश्ता        पोहा, दलिया, बेसन चीला, दाल चीला, फल      मिड-मॉर्निंग  सेब, पपीता, संतरा, मौसमी, बादाम, अखरोट    दोपहर का भोजन1-2 मल्टीग्रेन रोटी, दाल, हरी सब्जी, सलादशाम का नाश्ताग्रीन टी, भुने चने, स्प्राउट्स, फल        रात का भोजन  1-2 रोटी, दाल, सब्जी, सलाद और दही

    फैटी लिवर से बचाव के लिए इन उपायों को अपनाएं

    1. संतुलित और फाइबर युक्त डाइट लें। रोजाना भोजन में मौसमी फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स शामिल करें। फाइबर युक्त आहार वजन कंट्रोल रखने और लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
    2. हेल्दी फैट को प्राथमिकता दें। डाइट में घी, मक्खन और तले-भुने खाद्य पदार्थों की जगह सीमित मात्रा में जैतून का तेल, मेवे, बीज और एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स का सेवन करें।
    3. वजन और कैलोरी पर कंट्रोल रखें। जरूरत से ज्यादा भोजन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा हो सकती है। इसलिए संतुलित मात्रा में भोजन करें और स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
    4. रोजाना शारीरिक गतिविधि करें। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज, तेज चलना, साइकिलिंग या योग करने से लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है।
    5. प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, मीठे पेय, बेकरी उत्पाद और सैचुरेटेड व ट्रांस फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें। ये फैटी लिवर और मोटापे का खतरा बढ़ा सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। लेख में डाइट चार्ट, फल और आयुर्वेदिक उपाय मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अमित मित्तल द्वारा साझा किए गए सुझावों पर आधारित हैं। डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में झाड़ियों के बीच 21 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव न्यू नालागढ़ क्षेत्र में बरामद किया गया। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अकवर के रूप में हुई है। शव के पास से एक सिरिंज भी मिली है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में शव करीब दो से तीन दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

    झाड़ियों में मिला शव

    जानकारी के अनुसार, न्यू नालागढ़ इलाके में झाड़ियों के बीच एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    मृतक की पहचान उसके ताया ने की। पुलिस ने मौके पर जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    शव के पास मिली सिरिंज

    पुलिस को शव के पास से एक सिरिंज भी बरामद हुई है। इस बरामदगी को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, सिरिंज का युवक की मौत से क्या संबंध है, यह जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    पुलिस ने घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई।

    पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए अन्य तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या बिना नॉन-वेज: के प्रेग्नेंसी में बच्चे को मिलेगा पूरा पोषण? डॉक्टर ने बताया सही तरीका; डाइट में शामिल करें ये चीजें

    क्या बिना नॉन-वेज: के प्रेग्नेंसी में बच्चे को मिलेगा पूरा पोषण? डॉक्टर ने बताया सही तरीका; डाइट में शामिल करें ये चीजें

    क्या बिना नॉन-वेज: के प्रेग्नेंसी में बच्चे को मिलेगा पूरा पोषण? डॉक्टर ने बताया सही तरीका; डाइट में शामिल करें ये चीजें

    Pregnancy Diet: प्रेग्नेंसी में बिना अंडा और मीट के भी प्रोटीन की जरूरत पूरी की जा सकती है। जानें दाल, पनीर, टोफू, दूध, दही और नट्स समेत प्रोटीन से भरपूर वेजिटेरियन फूड्स।

    Pregnancy Me Kya Khye: प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और विटामिन्स जरूरी होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन हैं और अंडा या मीट नहीं खाती हैं, तो भी सही डाइट प्लान के जरिए इन पोषक तत्वों की जरूरत पूरी की जा सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, दाल, पनीर, टोफू, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और बीज जैसे कई शाकाहारी विकल्प प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।

    प्रेग्नेंसी महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं और बच्चे के विकास के लिए पोषक तत्वों की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे में संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी माना जाता है।खासकर प्रोटीन बच्चे के विकास के साथ-साथ मां के शरीर के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए नॉन-वेज खाना जरूरी नहीं है। सही प्लानिंग के साथ शाकाहारी डाइट भी प्रेग्नेंसी में पर्याप्त पोषण दे सकती है।

    दाल से लेकर पनीर-टोफू तक, ये हैं प्रोटीन के वेजिटेरियन सोर्स

    ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की एक्सपर्ट डॉ. पूजा मेहता के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में बच्चे के विकास के लिए प्रोटीन जरूरी है, लेकिन इसके लिए मीट या अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।

    वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन के लिए इन चीजों को शामिल किया जा सकता है:

    • दाल
    • राजमा
    • छोले
    • लोबिया
    • पनीर
    • टोफू
    • दूध
    • दही
    • बादाम
    • मूंगफली
    • अलग-अलग तरह के बीज

    प्रोटीन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए फूड कॉम्बिनेशन भी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए दाल-चावल, रोटी-दाल या हुमस के साथ मल्टीग्रेन ब्रेड जैसे कॉम्बिनेशन डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। कोशिश करें कि दिन के हर मुख्य भोजन में प्रोटीन का कोई न कोई स्रोत जरूर हो।

    प्रोटीन के साथ आयरन पर भी दें ध्यान

    प्रेग्नेंसी में शरीर को सामान्य से ज्यादा आयरन की जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान ब्लड की मात्रा बढ़ती है। शाकाहारी भोजन से मिलने वाले आयरन का शरीर में अवशोषण कुछ मामलों में कम हो सकता है, इसलिए आयरन वाले खाद्य पदार्थों को सही तरीके से डाइट में शामिल करना जरूरी है।पालक, दालें, चुकंदर, गुड़ और आयरन-फोर्टिफाइड अनाज इसके कुछ विकल्प हो सकते हैं। इनके साथ विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे नींबू, संतरा और टमाटर लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।

    विटामिन B12 की कमी को न करें नजरअंदाज

    वेजिटेरियन प्रेग्नेंट महिलाओं को विटामिन B12 पर भी खास ध्यान देना चाहिए। इसकी कमी मां में कमजोरी जैसी समस्या पैदा कर सकती है और बच्चे के न्यूरोलॉजिकल विकास पर भी असर पड़ सकता है।दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स से कुछ मात्रा में B12 मिल सकता है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के आधार पर B12 सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।

    प्रेग्नेंसी में डाइट कैसी होनी चाहिए?

    प्रेग्नेंसी के दौरान केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि आयरन, फोलेट, कैल्शियम, विटामिन B12 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन भी महत्वपूर्ण है। इसलिए केवल किसी एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना बेहतर है।ध्यान रखें कि हर महिला की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है। खासकर सप्लीमेंट्स की मात्रा या किसी विशेष डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।

  • कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा जिले के गग्गल चौक पर दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से सोने की चेन झपटने का मामला सामने आया है। महिला अपने पोते के साथ बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान कार सवार बदमाशों ने अचानक उसके गले से चेन खींची और मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जिस गाड़ी का नंबर सामने आया है, उसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    बस का इंतजार कर रही थी बुजुर्ग महिला

    जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला अपने पोते अकांक्ष मनकोटिया के साथ गग्गल चौक पर तियारा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक कार वहां पहुंची और उसमें सवार लोगों ने महिला को निशाना बनाया।

    आरोप है कि बदमाशों ने अचानक महिला के गले से सोने की चेन झपटी और कार लेकर वहां से फरार हो गए। अचानक हुई वारदात से महिला और उसके पोते घबरा गए।

    पोते ने किया पीछा, कार का नंबर किया नोट

    घटना के तुरंत बाद महिला के पोते ने आरोपियों की कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं सका। हालांकि, उसने उनकी कार का नंबर नोट कर लिया।

    बताया गया है कि कार का नंबर PB-11-4609 है। बाद में पोते ने इस नंबर समेत पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई।

    दो गाड़ियों में आने का दावा

    घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि वारदात में शामिल लोग कथित तौर पर दो गाड़ियों में आए थे। जिस कार से चेन झपटी गई, उसके साथ एक काले रंग की दूसरी कार भी मौजूद थी।

    लोगों के मुताबिक, दोनों वाहन घटना के बाद वहां से निकल गए। हालांकि, दूसरी काली कार का नंबर कोई नोट नहीं कर सका। पुलिस अब इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।

    सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश

    वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस गग्गल चौक और आसपास की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि सामने आए वाहन नंबर की भी जांच की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

    फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चेन झपटने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है।

  • पेट की गैस में ‘अदरक’ के फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल.

    पेट की गैस में ‘अदरक’ के फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल.

    1/5 Image Source : गैस की समस्या होने पर अदरक के रस को दूध में गर्म करके पी लें। आप चाहें तो तुरंत थोड़ी मात्रा में अदरक चबा लें, इससे पेट की गैस और पेट के रोगों में फायदा होता है।

    आप चाहें तो अदरक को पीसकर या कद्दूकस करके पेस्ट जैसा बना लें। अब इसे दूध के साथ खा लें। इससे पेट की गैस निकल जाएगी और तुरंत काफी राहत मिल जाएगी।

    2/5 Image Source : Magnific आप चाहें तो अदरक को पीसकर या कद्दूकस करके पेस्ट जैसा बना लें। अब इसे दूध के साथ खा लें। इससे पेट की गैस निकल जाएगी और तुरंत काफी राहत मिल जाएगी।

    3/5 Image Source : Magnific सोंठ चूर्ण और निसूजन 2-4 ग्राम लें और इसे गोमूत्र या दूध या फिर अंगूर के रस के साथ करें। इससे पेट की गैस की समस्या ठीक होती है।

    4/5 Image Source : Magnific 25 ग्राम काला तिल बिना छिलका वाला और 100 ग्राम गुड़ और 50 ग्राम शुण्ठी के चूर्ण को मिला लें। 2-5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से वात दोष की वजह से होने वाली गैस में राहत मिलती है। इससे आंतों के रोग भी दूर होते हैं।

    5/5 Image Source : Magnific सोंठ और एरण्ड जड़ के 25-50 मिली काढ़ा में 25 मिलीग्राम हींग और सौवर्चल नमक 1 ग्राम मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है।