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  • मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    अध्याय 5 : मृत्यु का रहस्य

    भाग 5.1 (अध्याय–1)

    मृत्यु क्या है? – गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु का वास्तविक रहस्य

    ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
    ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥

    गरुड़ पुराण का नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के मन में मृत्यु, यमलोक और नरक का विचार आता है। इसलिए बहुत से लोग इस ग्रंथ को केवल किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही सुनते या पढ़ते हैं। किंतु यह धारणा पूर्णतः सही नहीं है। गरुड़ पुराण केवल मृत्यु का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही ढंग से जीने का मार्गदर्शन देने वाला दिव्य शास्त्र है।

    जब भगवान श्रीहरि विष्णु के वाहन और परम भक्त गरुड़ जी ने भगवान से पूछा—

    “हे प्रभु! मृत्यु क्या है? मनुष्य इससे इतना भयभीत क्यों रहता है? और मृत्यु के बाद वास्तव में क्या होता है?”

    तब भगवान विष्णु ने अत्यंत करुणा के साथ मृत्यु का रहस्य बताना प्रारम्भ किया।

    भगवान ने कहा—

    “हे गरुड़! मृत्यु वह नहीं है जिसे संसार का अज्ञानी मनुष्य समझता है। मृत्यु किसी जीव का अंत नहीं, बल्कि उसके शरीर का अंत है। आत्मा न कभी जन्म लेती है और न कभी मरती है। वह केवल एक शरीर को छोड़कर दूसरे मार्ग पर आगे बढ़ती है।”

    यही गरुड़ पुराण का मूल संदेश है।


    मृत्यु से मनुष्य क्यों डरता है?

    भगवान विष्णु कहते हैं कि मनुष्य मृत्यु से नहीं, बल्कि अज्ञान से डरता है।

    जिसे यह ज्ञान नहीं कि वह वास्तव में शरीर नहीं, बल्कि आत्मा है, वह मृत्यु को सब कुछ समाप्त हो जाना मान लेता है।

    मनुष्य सोचता है—

    • मेरा परिवार छूट जाएगा।
    • मेरा धन यहीं रह जाएगा।
    • मेरा घर, मेरा व्यवसाय, मेरी प्रतिष्ठा समाप्त हो जाएगी।
    • अब मेरा क्या होगा?

    यही मोह और अज्ञान मृत्यु के भय का सबसे बड़ा कारण है।

    लेकिन जो मनुष्य आत्मा के स्वरूप को जान लेता है, उसके लिए मृत्यु भय का विषय नहीं रहती। वह इसे ईश्वर की बनाई हुई एक स्वाभाविक व्यवस्था के रूप में स्वीकार करता है।


    मृत्यु क्या है?

    गरुड़ पुराण के अनुसार—

    “जब आत्मा अपने कर्मों के अनुसार इस शरीर में रहने का समय पूर्ण कर लेती है, तब वह इस शरीर को छोड़ देती है। इसी घटना को मृत्यु कहते हैं।”

    अर्थात मृत्यु केवल शरीर और आत्मा का अलग होना है।

    शरीर पंचमहाभूतों से बना है—

    • पृथ्वी
    • जल
    • अग्नि
    • वायु
    • आकाश

    इन पाँच तत्वों का एक दिन अपने मूल स्वरूप में लौट जाना निश्चित है।

    आत्मा इन पाँच तत्वों से नहीं बनी है। इसलिए वह इनकी तरह नष्ट भी नहीं होती।


    शरीर और आत्मा में अंतर

    गरुड़ पुराण बार-बार समझाता है कि मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यही है कि वह शरीर को ही अपना वास्तविक स्वरूप मान बैठता है।

    शरीर बदलता है—

    • बचपन
    • युवावस्था
    • वृद्धावस्था

    लेकिन इन सभी अवस्थाओं में “मैं” का अनुभव करने वाला कौन है?

    वह आत्मा है।

    शरीर बीमार होता है, बूढ़ा होता है और अंत में समाप्त हो जाता है।

    आत्मा इन सबसे परे है।

    इसीलिए भगवान विष्णु कहते हैं कि बुद्धिमान मनुष्य शरीर की देखभाल तो करता है, लेकिन अपना पूरा जीवन केवल शरीर के सुख में व्यर्थ नहीं करता। वह आत्मा के कल्याण का भी प्रयास करता है।


    श्रीमद्भगवद्गीता का प्रमाण

    भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं—

    “न जायते म्रियते वा कदाचित्
    नायं भूत्वा भविता वा न भूयः।
    अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो
    न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥” (गीता 2.20)

    भावार्थ :

    आत्मा का कभी जन्म नहीं होता और न कभी मृत्यु होती है। वह अजन्मा, नित्य, शाश्वत और सनातन है। शरीर के नष्ट होने पर भी आत्मा नष्ट नहीं होती।

    गरुड़ पुराण इसी सिद्धांत को और विस्तार से समझाता है।


    संसार में जो आया है, उसे जाना भी होगा

    भगवान विष्णु गरुड़ जी से कहते हैं—

    इस संसार का यही नियम है।

    • जो जन्मा है, वह एक दिन अवश्य मरेगा।
    • जो बना है, वह एक दिन नष्ट होगा।
    • जो मिला है, वह एक दिन छूट जाएगा।

    राजा हो या भिखारी…

    विद्वान हो या अज्ञानी…

    धनी हो या निर्धन…

    मृत्यु किसी में भेदभाव नहीं करती।

    इसीलिए ऋषि-मुनियों ने कहा है कि मृत्यु संसार का सबसे बड़ा सत्य है।


    फिर मनुष्य को क्या करना चाहिए?

    यदि मृत्यु निश्चित है, तो क्या मनुष्य सब कुछ छोड़कर बैठ जाए?

    भगवान विष्णु कहते हैं—नहीं।

    मृत्यु का ज्ञान मनुष्य को आलसी नहीं, बल्कि सजग बनाना चाहिए।

    मनुष्य को चाहिए कि—

    • सत्य बोले।
    • धर्म का पालन करे।
    • माता-पिता की सेवा करे।
    • किसी के साथ अन्याय न करे।
    • भगवान का स्मरण करे।
    • अपने कर्मों को पवित्र बनाए।

    क्योंकि मृत्यु के बाद धन नहीं, कर्म साथ जाते हैं।


    गरुड़ पुराण का पहला संदेश

    भगवान विष्णु कहते हैं—

    “हे गरुड़! जो मनुष्य मृत्यु को समझ लेता है, वह जीवन को भी सही अर्थों में समझ लेता है।”

    जो व्यक्ति मृत्यु को भूलकर जीता है, वह अक्सर लोभ, क्रोध, मोह और अहंकार में फँस जाता है।

    लेकिन जो यह स्मरण रखता है कि एक दिन यह शरीर छूट जाएगा, वह अपने प्रत्येक कर्म को सोच-समझकर करता है।

    ऐसा व्यक्ति दूसरों को दुःख नहीं देता, क्योंकि उसे ज्ञात होता है कि प्रत्येक कर्म का फल उसे अवश्य मिलेगा।


    जीवन की शिक्षा

    गरुड़ पुराण हमें मृत्यु से डरना नहीं सिखाता, बल्कि मृत्यु के माध्यम से सही जीवन जीना सिखाता है।

    यदि हम प्रतिदिन यह स्मरण रखें कि यह शरीर नश्वर है, तो—

    • हमारा अहंकार कम होगा।
    • क्रोध कम होगा।
    • लालच कम होगा।
    • दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा बढ़ेगी।
    • भगवान के प्रति श्रद्धा दृढ़ होगी।

    यही मृत्यु के ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य है।


    अगले अध्याय में

    गरुड़ पुराण – अध्याय 5.1 (भाग–2)

    “मृत्यु क्यों होती है? क्या हर मृत्यु पहले से निश्चित होती है? प्रारब्ध, काल और ईश्वर की व्यवस्था का गूढ़ रहस्य।”

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे

  • बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    सिवनी के उगली में बंद घर से शिक्षक दंपति के पूरी तरह जले शव बरामद हुए। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। पुलिस, फोरेंसिक और एफएसएल टीम जांच में जुटी है। हादसा, आत्महत्या या हत्या सभी पहलुओं से जांच जारी है।

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    Image AI

    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के उगली थाना अंतर्गत ग्राम उगली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद घर के भीतर शिक्षक दंपति के पूरी तरह से जल चुके शव बरामद हुए हैं। शव इस कदर जल चुके हैं कि वे केवल राख और हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गए हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना भी असंभव हो गया है। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरा इलाका स्तब्ध है और हर तरफ केवल इसी रहस्यमयी घटना की चर्चा हो रही है।

    दो दिनों से बंद था घर, नहीं हो रहा था संपर्क 
    मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे (पदस्थ: ग्राम कुम्हड़ा, केवलारी) और शिक्षक समन सिंह धुर्वे (पदस्थ: दामीझोला, मोहबर्रा) के रूप में की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से इस दंपति से उनके परिजनों और परिचितों का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो शुक्रवार शाम को लोग उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा बंद था। जब भीतर जाकर देखा गया तो अंदर का नजारा बेहद खौफनाक और विचलित करने वाला था।

    पलंग पर मिले कंकाल, सामान भी जलकर खाक
    घर के भीतर कमरे में दोनों के शव पलंग पर पड़े हुए थे। आग की लपटें इतनी भीषण रही होंगी कि शवों के साथ-साथ कमरे में रखा पलंग, कूलर और अन्य सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह दर्दनाक घटना दो दिन पहले रात के वक्त या उसके बाद किसी समय घटित हुई है। हालांकि, बंद कमरे के भीतर इतनी भीषण आग कैसे लगी और बाहर किसी को भनक क्यों नहीं लगी, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

    डीएनए टेस्ट से होगी आधिकारिक पुष्टि 
    मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सिवनी के पुलिस अधीक्षक, केवलारी के पुलिस उपअधीक्षक और फिंगरप्रिंट व फोरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। चूंकि शव पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं, इसलिए वैज्ञानिक रूप से पहचान स्थापित करने के लिए दंपति के बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हो सकेगी कि ये शव शिक्षक दंपति के ही हैं।

    जांच में जुटी पुलिस 
    शिक्षक दंपति के बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं, जिसके कारण वे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह एक दर्दनाक हादसा है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश और सुनियोजित हत्या है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटना की परिस्थितियों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, उगली थाना पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की…

    Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की है और जांचकर्ताओं को आशंका है कि यह वारदात कथित अवैध संबंधों से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों में महिला का पति, देवर, चाचा ससुर और कथित प्रेमी शामिल हैं।

    जंगल और गन्ने के खेत में मिले मां-बेटे के शव
    पुलिस के अनुसार, महिला पिछले करीब 2 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी। पुलिस ने बताया कि बुधवार को मोदहा तैय्या गांव के पास जंगल से महिला का शव बरामद हुआ था और इसके अगले दिन गुरुवार को उसके 10 वर्षीय बेटे का शव करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत से बरामग किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई जबकि महिला का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था।

    पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे
    पुलिस ने बताया कि दोनों की पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरों को जला दिया गया था हालांकि, बच्चे का चेहरा पूरी तरह से नहीं जला था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान मोदहा तैय्या गांव निवासी जसराम के बेटे अंकुश के रूप में की और बाद में महिला की पहचान जसराम की पत्नी सीमा के रूप में हुई।

    कातिलों के बेहद करीब पहुंची पुलिस
    पुलिस के मुताबिक, जसराम ट्रक चालक है लेकिन बीमारी के कारण वह काम करने में असमर्थ है और गांव में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि वहीं, सीमा करीब 2 साल पहले वैवाहिक विवाद के बाद अपने बेटे के साथ अलग रहने लगी थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सीमा कुछ समय से फलैदा गांव के एक व्यक्ति के कथित तौर पर संपर्क में थी। सिंह ने बताया कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। केवल घटनाक्रम और बाकी कड़ियों को जोड़ना बाकी है।

  • शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    Amravati Minor Suicide Case : महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बता दें कि यह दर्दनाक वाकया अमरावती के शेंदुरजनाघाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। आत्महत्या से पहले मृतका ने एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट लिखा है जिसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रेमी, उसके एक दोस्त और मृतका की ही दो सहेलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    सुसाइड नोट के मुताबिक पीड़िता का पिछले 10 महीनों से एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म (शारीरिक शोषण) किया। पीड़िता ने खत में इस बात का भी गंभीर आरोप लगाया है कि इस पूरे कृत्य में मुख्य आरोपी की मदद उसकी दो सहेलियों ने भी की थी।

    पिता की बदनामी नहीं सह सकती 

    सुसाइड नोट में लड़की ने अपना गहरा दर्द बयां करते हुए लिखा- मैं अपने पिता पर कोई तनाव नहीं डाल सकती, समाज में बात फैलने पर पिता की बदनामी होगी। इसी गहरे मानसिक सदमे और लोकलाज के डर से उसने जहर पी लिया। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। शेंदुरजनाघाट पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को…

    Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को दोषी ठहराया था और शुक्रवार को उसे सजा सुनाई गयी।

    भाभी का इनकार और मासूम की निर्मम हत्या
    उपाध्याय ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि 30 मई को वीराज अपनी भाभी रति से मिलने गया था। उन्होंने बताया कि अरांव थाना क्षेत्र के बमई गांव की रहने वाली रति उस समय शिकोहाबाद में अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थीं। उपाध्याय ने बताया कि वीराज ने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने ठुकरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी ने अपने डेढ़ वर्षीय भतीजे आरव को बार-बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी।

    पुलिस की 6 दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
    वकील ने बताया कि इसके बाद वह बच्चे के शव को कंधे पर रखकर ले गया और ज5ब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो वह शव वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया और महज 6 दिनों में सभी गवाहों के बयान दर्ज करा दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष ने केवल एक गवाह प्रस्तुत किया।

    कातिल चाचा को सीधे मौत की सजा
    फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की और आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को मौत की सजा सुनाते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। वीराज ने पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई की पत्नी से शादी करना चाहता था और उसका बेटा इस राह में बाधा था।

  • तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    Telangana POCSO Accused Mass Murder: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में छह लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोक्सो एक्ट के आरोपी ने जमानत पर बाहर निकलने के बाद अपनी पत्नी और दो बच्चों के अलावा आरोप लगाने वाली नाबालिग, उसकी मां और नानी की बेरहमी से हत्या कर दी। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।

    तेलंगाना पुलिस के अनुसार, यह घटना रंगा रेड्डी जिले के शाहाबाद क्षेत्र के दैवलागुडा गांव की है। आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पर कुछ दिनों पहले ही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले में आरोपी को जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

    पहले की पत्नी और बच्चों की हत्या

    बताया जा रहा है कि आरोपी राजकुमार ने कथित तौर पर चाकू से वार करके सबसे पहले अपनी पत्नी को मौत के घाट उताया और उसके बाद अपने ही दो बच्चों का कत्ल कर दिया। वारदात को अंजाम देते ही परिवार में कोहराम मच गया। अपने परिवार को खत्म करने के बाद आरोपी दूसरी जगह पहुंचा, जहां उसने उस पर आरोप लगाने वाली पीड़ित नाबालिग लड़की, उसकी मां और नानी की हत्या कर दी।


    तेलंगाना पुलिस ने बताया कि राजकुमार नाम के एक व्यक्ति ने बेरहमी से छह लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी। उसने अपनी पत्नी, अपने दो बच्चों और तीन अन्य लोगों की हत्या कर दी। आरोपी ने अपने खिलाफ पोक्सो का मामला दर्ज होने के बाद बदले की भावना से ये हत्याएं कीं।

    यह भी पढ़ें – फिरोजाबाद आरव हत्याकांड: डेढ़ साल के मासूम के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा; 40 दिन में मौत का फरमान

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

    हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी राजशेखर को अपनी हिरासत में ले लिया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस थाने में ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने औपचारिक मामला दर्ज कर लिया।

    फिलहाल, तेलंगाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीमों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। जांच अधिकारी घटनाओं के क्रम को समझने और इस हत्याकांड के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

    अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

    अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

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    राजस्थान के अलवर जिले में अब अपराधी पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं। रामगढ़ थाना क्षेत्र में मायके आई एक महिला को कथित तौर पर घर से नशे का इंजेक्शन लगाकर अगवाकर गैंगरेप करके उसे सूखे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    महिला अगवा करने के लिए बाइक से आए थे आरोपी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात बीते 3 जुलाई की रात करीब 11 बजे की है, जब महिला अपने मायके में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात तीन युवक बाइक से उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। आवाज सुनकर महिला ने जब दरवाजा खोला तो दो युवक बाइक से नीचे उतरकर आए और महिला को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला को नशे का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी महिला को उठाकर अपने साथ ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे पास के एक सूखे कुएं में फेंककर फरार हो गए।

    पीड़िता को 4 दिन बाद आया होश

    चार दिन बाद उस महिला को होश आने पर उसने कुएं से आवाज लगाई। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने महिला की आवाज सुनी और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से महिला को कुएं से बाहर निकाला। उस समय भी महिला पूरी तरह होश में नहीं थी। उसे तुरंत अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय ले जाकर आईसीयू में भर्ती कराया गया।

    2 बच्चों की मां है महिला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि इलाज के दौरान जब महिला को होश आया तो उसने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। महिला 3 जुलाई कि रात से लापता थी। उसके परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद दूसरे दिन गुमशुदगी का मामला भी दर्ज करवाया था। महिला शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। वह पिछले एक महीने से अपने मायके में रह रही थी।

    नसवारी के रहने वाले हैं आरोपी : पीड़िता

    पीड़ित महिला के अनुसार आरोपी नसवारी गांव के रहने वाले हैं। पुलिस पीड़िता और स्थानीय लोगों से बातचीत कर आरोपियों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरी गहनता से इस मामले की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है।

  • प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    5 जुलाई को प्रेमिका ने उसे अपने घर बीजापुर शांतिनगर बुलाया। जहाँ प्रेमिका ने अपने 3 से 4 दोस्तों को पहले से ही बुलाकर रखा हुआ था। जहाँ बात करने के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और प्रेमिका ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले पत्थर से सिर में हमला किया।

    जगदलपुर में सोशल मीडिया में लगातार ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि कि आये दिन महिलाये अपने पति, बॉयफ्रेंड को मारने के नए नए तरीके अपना रही है। इसी बीच बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को उसकी शादीशुदा प्रेमिका ने अपने घर शांतिनगर मिलने के लिए बुलाया, जहां पहले से ही प्रेमिका ने 3 युवकों के साथ मिलकर पहले प्रेमी को चाकू मारने के बाद पत्थर से सिर पर हमला करते हुए प्रेमी को कुएं में फेंक दिए। कुछ लोगों ने घायल को देखकर उसे उपचार के लिए मेकाज लाया गया। जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की जानकारी देते हुए मृतक दिलीप के बड़े भाई दुर्गेश कडियम ने आरोप लगाते हुए बताया कि दिलीप का एक शादीशुदा युवती से पिछले सालभर से अफेयर चल रहा था। दिलीप व उसकी शादीशुदा प्रेमिका दोनों बीजापुर के नगर पालिका में ही काम कर रहे थे। प्यार के दौरान दिलीप को पता चला कि उसकी प्रेमिका शादीशुदा है। इन सबके बाद भी दिलीप प्रेमिका को अपनाने के लिए तैयार था। लेकिन शायद उसे दिलीप के अलावा अन्य किसी से प्यार था।

    5 जुलाई को प्रेमिका ने उसे अपने घर बीजापुर शांतिनगर बुलाया। जहाँ प्रेमिका ने अपने 3 से 4 दोस्तों को पहले से ही बुलाकर रखा हुआ था। जहाँ बात करने के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और प्रेमिका ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले पत्थर से सिर में हमला किया। उसके बाद उसे चाकू से ताबड़तोड़ हमला करते हुए घायल कर दिया। इससे भी युवती का मन नही भरा तो उसने युवक को कुँए में फेंक दिया। इस घटना की जानकारी परिजनों को मिली। घायल दिलीप को उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहाँ से उसकी खराब स्थिति को देखते हुए मेकाज रेफर कर दिया गया। जहाँ उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाते हुए परिजनों को सौप दिया गया।

  • ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल, निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया कथित दुष्कर्म

    ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल, निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया कथित दुष्कर्म

    ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल, निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया कथित दुष्कर्म

    गंजम: ओडिशा के गंजम जिले के दिगपहंडी थाना क्षेत्र से ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 26 वर्षीय महिला की अंतरंग (Intimate) तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर एक राजमिस्त्री द्वारा बार-बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान गंजम जिले के सनखेमुंडी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले चिंताखली गांव के रहने वाले शंकर नायक उर्फ साहेब के रूप में हुई है, जो पेशे से एक राजमिस्त्री है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिगपहंडी ब्लॉक की रहने वाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी शंकर नायक ने महिला की जानकारी के बिना चुपके से मोबाइल फोन में कुछ अंतरंग तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे।

    इन संवेदनशील वीडियो और तस्वीरों को अपने पास सुरक्षित रखने के बाद आरोपी ने महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह लगातार उन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर महिला को जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता रहा।

    अलग-अलग मोबाइल नंबरों से देता था धमकी

    पीड़िता ने बताया कि जब भी वह आरोपी की इस करतूत का विरोध करती थी, तो शंकर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसे फोन कर डराता-धमकाता था। उसने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर महिला ने उसकी बात मानने से इनकार किया तो वह उन सभी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो को फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर उसे समाज में बदनाम कर देगा।

    आरोपी की आए दिन की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर आखिरकार महिला ने दिगपहंडी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी शंकर नायक को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया जारी है।

  • ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी बबलू साह को लूट का विरोध करने पर गोली मार दी। घायल व्यवसायी से बदमाश करीब डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घायल का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है।

    ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक स्वर्ण व्यवसायी को लूट का विरोध करने पर गोली मार दी गई। वारदात के बाद बदमाश व्यवसायी के बैग में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर फरार हो गए। घायल व्यवसायी का इलाज श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में चल रहा है। घटना के बाद इलाके के स्वर्ण व्यवसायियों में दहशत का माहौल है। घायल व्यवसायी की पहचान महेशबारा गांव निवासी बबलू कुमार उर्फ बबलू साह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपनी सोना-चांदी की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।

    बैग छीनने का किया प्रयास
    घायल बबलू साह ने बताया कि देर रात दुकान बंद कर घर लौटते समय बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया और बैग देने को कहा। जब उन्होंने बैग देने से इनकार किया तो एक बदमाश ने हथियार निकालकर उनके ऊपर तान दिया। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर बदमाश ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद दोनों आरोपी बैग लेकर मौके से फरार हो गए। बैग में करीब डेढ़ लाख रुपये रखे थे। घटना की सूचना पुलिस और परिचितों को दी गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
    घटना की पुष्टि करते हुए एसडीपीओ (पूर्वी-1) आलय वत्स ने बताया कि पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। घायल का बयान दर्ज किया जा रहा है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।