छत्तीसगढ़ के भिलाई से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कोहका स्थित ओयो होटल के एक कमरे में ठहरे 19 वर्षीय प्रेमी ने अपनी 23 वर्षीय प्रेमिका के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस खौफनाक कदम से पहले दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। पुलिस ने…
छत्तीसगढ़ के भिलाई से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कोहका स्थित ओयो होटल के एक कमरे में ठहरे 19 वर्षीय प्रेमी ने अपनी 23 वर्षीय प्रेमिका के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस खौफनाक कदम से पहले दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को फिलहाल सील कर दिया है और साथ में रुकी युवती को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान वैशाली नगर (कैंप) निवासी शादाब शेख (19 वर्ष) के रूप में हुई है जो पेशे से DJ का काम करता था। वह बुधवार शाम करीब 6 बजे अपनी प्रेमिका के साथ होटल कुणाल में आकर ठहरा था। पुलिस के मुताबिक दोनों ने रात में कमरे के अंदर बैठकर शराब का सेवन किया था।
इसी दौरान शादाब के मोबाइल पर उसकी Ex-Girlfriend का फोन आ गया। इस फोन कॉल को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से और नशे की हालत में प्रेमिका ने अपने हाथ की नस काट ली और खून बहने की वजह से वह बेहोश (गश खाकर) होकर जमीन पर गिर गई। प्रेमिका को लहूलुहान हालत में देखकर घबराए शादाब ने कमरे में ही प्रेमिका की चुन्नी का फंदा बनाया और फांसी पर लटक गया।
घटना के समय युवती कमरे में ही बेहोश पड़ी थी। सुबह जब उसे होश आया तो सामने का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। शादाब का शव फंदे पर लटक रहा था। युवती ने तुरंत हिम्मत जुटाकर शादाब को फंदे से नीचे उतारा और अपने परिचितों को फोन कर बुलाया। इसके बाद वे युवक को लेकर तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद शादाब को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद होटल संचालक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
वहीं घटना की जानकारी मिलते ही स्मृति नगर पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। फिलहाल पुलिस ने होटल के उस कमरे को सील कर दिया है और वहां से उंगलियों के निशान (Fingerprints) व अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं जिसकी जांच जारी है।
Yavatmal Hidden Treasure Fraud Scam:
यवतमाल घर के परिसर और खेत में गुप्तधन होने तथा उसे नहीं निकालने पर नाती की जान को खतरा होने का डर दिखाकर एक तांत्रिक (भोंदूबाबा) ने सेवानिवृत्त कर्मचारी से 3 लाख 75 हजार 500 रुपये ठग लिए, यह मामला गुरुवार को यादव लेआउट, लोहारा परिसर में सामने आया। इस मामले में लोहारा पुलिस थाने में भोंदूबाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी का नाम संजय कवडेवार, निवासी दहेली, तहसील किनवट, जिला नांदेड है। जबकि ठगी का शिकार हुए व्यक्ति का नाम सतीश सोपान पाटिल (62), निवासी यादव लेआउट है। सतीश पाटील रजिस्टर ऑफिस से सेवानिवृत्त हुए हैं।
उनकी बेटी प्रिया का दो वर्षीय बेटा हमेशा बीमार रहता था। उसके इलाज के लिए वह यवतमाल आई थी। 30 अगस्त 2025 को एक बाल अस्पताल में प्रिया की मुलाकात एक अज्ञात महिला से हुई।
गुप्तधन और नाती की जान का डर दिखाकर लाखों की ठगी
उस महिला ने कहा कि यदि अस्पताल में इलाज से फायदा नहीं हो रहा है तो बाहर किसी को दिखाएं और उसने किनवट के संजय कवडेवार का नाम सुझाया। अक्टूबर 2025 में सतीश पाटिल काम के सिलसिले में किनवट गए थे। वहां उन्होंने आरोपी से मुलाकात की।
इसके बाद 8 नवंबर 2025 को आरोपी कवडेवार पाटिल के लोहारा स्थित घर पहुंचा। उसने बीमार नाती को देखकर अगरबत्ती जलाई और कुछ मंत्र पढ़ने का नाटक किया। इसके बाद उसने कहा कि घर के परिसर और खेत में गुप्तधन दबा हुआ है। उसे निकालने के लिए पूजा करनी होगी और जड़ी-बूटी लानी पड़ेगी।
ऐसा नहीं करने पर नाती की जान को खतरा होने की बात कहकर उसने परिवार को डराया। नाती की चिंता में डूबे पाटिल ने शुरुआत में आरोपी को 45 हजार रुपये दिए। इसके बाद आरोपी ने समय-समय पर पैसों की मांग शुरू कर दी। पाटिल ने 16 दिसंबर 2025 से 23 मार्च 2026 के बीच फोन पे के माध्यम से कुल 2 लाख 90 हजार रुपये आरोपी को भेजे।
पूजा कर ढोंग रचकर घर में पेटी गाड़ी
बाद 7 जनवरी 2026 को आरोपी पाटिल के घर आया और गुप्तधन निकालने की पूजा का ढोंग रचा। उसने एक छोटी पेटी लाई और उसमें पाटिल की 40 हजार रुपये कीमत की 5 ग्राम सोने की अंगूठी तथा 500 रुपये नकद रखने को कहा। इसके बाद उसने वह पेटी घर के परिसर में गड्डा खोदकर जमीन में दबा दी।
साथ ही पेटी से छेड़छाड़ करने पर जान को खतरा होने की धमकी दी। डर के कारण परिवार ने उस पेटी को हाथ नहीं लगाया। कुछ दिनों बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने के बाद सतीश पाटिल ने लोहारा पुलिस थाने में भोंदूबाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
महाराष्ट्र में पाकिस्तान से संचालित कथित सोशल मीडिया नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है. महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने नागपुर समेत पांच जिलों में एक साथ छापेमारी कर 10 युवकों को हिरासत में लिया है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन युवकों के संपर्क पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों से थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे लगातार संवाद हो रहा था. शुरुआती जांच में इंस्टाग्राम और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए संपर्क स्थापित किए जाने के संकेत मिले हैं. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि युवाओं को लालच और बहकावे के जरिए भविष्य में आपराधिक या देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही थी.
पांच जिलों में एक साथ ATS की कार्रवाई
गुरुवार सुबह महाराष्ट्र ATS ने नागपुर, गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपुर और वर्धा जिलों में एक साथ छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान 10 युवकों को हिरासत में लिया गया. सूत्रों के अनुसार पूरे महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों से 160 से ज्यादा युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उनके डिजिटल कनेक्शन और गतिविधियों की जांच कर रही हैं.
पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े संपर्कों के संकेत
प्रारंभिक जांच में जिन नामों का उल्लेख सामने आया है, उनमें पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जाट और राणा हनेने शामिल बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियों को युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल चैट रिकॉर्ड में ऐसे संकेत मिले हैं, जो इन गैंगस्टरों या उनसे जुड़े नेटवर्क के साथ संपर्क की ओर इशारा करते हैं.
सोशल मीडिया का जाल
ATS सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस पूरे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम था. बताया जा रहा है कि युवाओं को पहले इंस्टाग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ा गया. इसके बाद उनसे लगातार संपर्क बनाकर उनकी व्यक्तिगत, आर्थिक और सामाजिक जानकारी जुटाई गई. अधिकारियों को आशंका है कि ऐसे नेटवर्क कमजोर आर्थिक स्थिति वाले या आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को निशाना बनाते हैं.
पहले दोस्ती, फिर शुरू होता था देशविरोधी गतिविधियों का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से काम करता है. पहले युवाओं से दोस्ती की जाती है, फिर उन्हें अलग-अलग लिंक और संवाद माध्यमों से जोड़ा जाता है. इसके बाद उनकी सोच, आर्थिक स्थिति और दैनिक गतिविधियों का आकलन किया जाता है. सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि भविष्य में ऐसे युवाओं का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों, धन उगाही या देशविरोधी कार्यों के लिए किया जा सकता है.
डिजिटल डेटा की गहन जांच जारी
ATS ने हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन लेन-देन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं. विशेषज्ञ टीमें अब डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपर्क कितने गहरे थे और नेटवर्क की पहुंच किन-किन क्षेत्रों तक थी.
गोपनीयता के साथ आगे बढ़ रही जांच
फिलहाल ATS पूरे मामले में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच एजेंसियां नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं.
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला करी पत्ता (Curry Leaves) केवल खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है। आयुर्वेद में इसे लंबे समय से स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटी के रूप में उपयोग किया जाता रहा है।
करी पत्ते में विटामिन A, विटामिन C, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना करी पत्ते का सेवन करने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।
1. वजन कम करने में मददगार
करी पत्ते में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट कर सकते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन वजन नियंत्रण में सहायक माना जाता है।
2. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक
करी पत्ते में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह के बाद अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
3. कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद
करी पत्ता खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे (HDL) कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में सहायक हो सकता है, जिससे दिल की सेहत को फायदा मिल सकता है।
4. लिवर को स्वस्थ रखने में मदद
करी पत्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक यौगिक लिवर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।
5. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
अगर आपको गैस, कब्ज या अपच जैसी समस्याएं रहती हैं, तो सीमित मात्रा में करी पत्ते का सेवन पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
6. एनीमिया में लाभदायक
करी पत्ते में आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
7. इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद
करी पत्ते में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।
8. आंखों के लिए फायदेमंद
करी पत्ते में विटामिन A पाया जाता है, जो आंखों की सामान्य कार्यक्षमता और दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
9. त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद
इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
10. बालों के लिए लाभदायक
करी पत्ते का तेल या हेयर पैक बालों की जड़ों को पोषण देने, समय से पहले सफेद होने की समस्या को कम करने और बालों की चमक बनाए रखने में मदद कर सकता है।
11. संक्रमण से बचाव
करी पत्ते में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कुछ प्रकार के संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
12. सूजन कम करने में सहायक
करी पत्ते में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
13. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
कोलेस्ट्रॉल और ऑक्सीडेटिव तनाव को नियंत्रित रखने में मदद मिलने के कारण करी पत्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है।
करी पत्ता खाने का सही तरीका
सुबह खाली पेट 8–10 ताजे करी पत्ते चबाए जा सकते हैं।
दाल, सब्जी, सांभर और चटनी में इस्तेमाल करें।
करी पत्ते की चाय बनाकर पी सकते हैं।
नारियल के तेल में उबालकर बालों में लगा सकते हैं।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
डायबिटीज की दवा लेने वाले लोग।
किसी भी पौधे से एलर्जी वाले लोग।
गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
जो नियमित रूप से कोई गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं।
ऐसे लोगों को नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
करी पत्ता एक साधारण लेकिन बेहद पौष्टिक हर्ब है, जिसे नियमित और संतुलित मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। हालांकि, इसे किसी भी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका सेवन अधिक लाभदायक हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी बीमारी के इलाज या दवा के विकल्प के रूप में इसे न अपनाएं। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या नियमित दवाइयां लेते हैं, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
डुमरडीह गांव निवासी 38 वर्षीय बिजला उरांव की एक 20 वर्षीय युवती से तय हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद युवती करीब 15 दिन पहले दूल्हे के घर आकर रह रही थी।
पांच जुलाई को मड़वा और छह जुलाई को विवाह होना था। शादी की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। दूल्हा-दुल्हन के कपड़े, भोजन की व्यवस्था और मेहमानों के स्वागत की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं।
स्वजन के अनुसार सोमवार की शाम युवती घर से कुछ सामान खरीदने की बात कहकर निकली, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर दूल्हे के स्वजन युवती के पिता और शादी के अगुवा के साथ सदर थाना पहुंचे तथा युवती की सकुशल बरामदगी की मांग की। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
स्वजन ने बताया कि युवती का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इसी कारण विवाह का खर्च वहन करने में कठिनाई होने पर आपसी सहमति से युवती को शादी से पहले ही दूल्हे के घर भेज दिया गया था, जहां से विवाह संपन्न होना था।
वहीं दूल्हे के परिवार का कहना है कि युवती ने कभी शादी से इनकार नहीं किया और पिछले 15 दिनों से घर में सामान्य रूप से रह रही थी। ऐसे में शादी से ठीक पहले उसका अचानक लापता हो जाना पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है। वहीं दूल्हे की उम्र अधिक होने के कारण ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।
दुनिया में एक ऐसा शख्स भी है, जिसके नामों की संख्या जानकर आप हैरान रह जाएंगे. उसकी शादी के दौरान उसके नाम को पढ़ने में ही 20 लग गईं. आखिर उसने इतने नाम क्यों रखे और इसके पीछे क्या वजह थी? आइए जानिए इस अनोखी कहानी का दिलचस्प सच..
World Longest Personal Name: अक्सर किसी व्यक्ति का एक या दो नाम होता है, जबकि कुछ लोगों के तीन नाम भी होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे इंसान के बारे में सुना है, जिसके नामों की संख्या हजारों में हो? सुनने में यह अजीब जरूर लगता है, लेकिन न्यूजीलैंड के रहने वाले लॉरेंस वॉटकिंस ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने उन्हें दुनिया भर में अलग पहचान दिलाई है. उनके नामों की कुल संख्या 2,253 है और इसी वजह से उनका नाम वर्षों से चर्चा में बना हुआ है.
लॉरेंस की यह अनोखी कहानी 1990 के आसपास शुरू हुई. उस समय उनकी उम्र करीब 24 साल थी और वे ऑकलैंड की एक लाइब्रेरी में काम करते थे. उन्हें कुछ ऐसा करने की इच्छा थी, जिससे उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो सके. इसी दौरान उन्होंने विश्व रिकॉर्ड से जुड़ी किताबों का अध्ययन किया और सबसे ज्यादा नाम रखने का रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया.
इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भाषाओं के शब्द और नाम इकट्ठा करने शुरू किए. अंग्रेजी, लैटिन, माओरी, जापानी समेत कई भाषाओं से प्रेरित होकर उन्होंने हजारों नामों की सूची तैयार की, इस काम में उनके कुछ दोस्तों ने भी उनका साथ दिया. आखिरकार उन्होंने अपने नाम के साथ कुल 2,253 नाम जोड़कर एक अनोखा रिकॉर्ड बना लिया.
हालांकि, यह रिकॉर्ड बाद में उनके लिए कई मजेदार मुश्किलों की वजह भी बना. जब उनकी शादी हुई, तब कानून के अनुसार विवाह संपन्न कराने वाले अधिकारी को दूल्हे का पूरा कानूनी नाम पढ़ना जरूरी था. जैसे ही नाम पढ़ना शुरू हुआ, समारोह में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. एक-एक नाम पढ़ते-पढ़ते करीब 20 मिनट का समय लग गया. मेहमानों के लिए यह किसी मनोरंजक घटना से कम नहीं था और पूरा माहौल हंसी से गूंज उठा.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि लॉरेंस खुद भी अपने सभी नाम याद नहीं रख पाते. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर कभी पूरा नाम बताना पड़े, तो उन्हें लिखी हुई सूची का सहारा लेना पड़ता है. इतना ही नहीं, कुछ नामों का सही उच्चारण करना भी उनके लिए आसान नहीं है. रोजमर्रा की जिंदगी में वे सिर्फ अपने शुरुआती कुछ नामों का ही इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि सरकारी दस्तावेजों और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं में इतने लंबे नाम का इस्तेमाल करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
लॉरेंस को अपने नाम को आधिकारिक रूप से दर्ज कराने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी थी. शुरुआत में अधिकारियों ने उनके आवेदन को स्वीकार नहीं किया, लेकिन अदालत से फैसला उनके पक्ष में आया. इस घटना के बाद न्यूजीलैंड में नामकरण से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो.
आज भी लॉरेंस का यह अनोखा रिकॉर्ड लोगों को हैरान करता है. उनका मानना है कि अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने जो कदम उठाया, वही उन्हें दुनिया भर में यादगार बना गया. शायद यही वजह है कि तीन दशक बीत जाने के बाद भी उनका यह रिकॉर्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है
Moradabad : थाना नागफनी क्षेत्र स्थित मोहल्ला दांग में बने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय को अज्ञात चोरों ने लगातार निशाना बनाया। चोरी के कई प्रयास करने के साथ-साथ चोरों ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ कर दी, जबकि परिसर में लगी पानी की टोटियां भी उखाड़कर चोरी कर लीं। मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार, बीएसए कार्यालय में बीते दिनों दो से तीन बार चोरी का प्रयास किया गया। चोर कार्यालय में रखी पुस्तकों और अन्य सामान पर हाथ साफ करने की फिराक में थे। घटना को अंजाम देने के दौरान उन्होंने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इतना ही नहीं, अज्ञात चोर कार्यालय परिसर में लगी पानी की टोटियां भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
लगातार हो रही घटनाओं से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में चिंता का माहौल है। सरकारी कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर थाना नागफनी पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रसोई में इस्तेमाल होने वाली छोटी-सी कलौंजी (Nigella Seeds) सिर्फ मसाला ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली एक महत्वपूर्ण औषधीय सामग्री भी मानी जाती है। इसे कई जगहों पर ब्लैक सीड्स या ब्लैक क्यूमिन भी कहा जाता है।
कलौंजी में थाइमोक्विनोन (Thymoquinone), एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल्स और कई जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन सही मात्रा में करना जरूरी है।
आइए जानते हैं कलौंजी के फायदे, नुकसान और सेवन का सही तरीका।
कलौंजी में पाए जाने वाले पोषक तत्व
कलौंजी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जैसे—
एंटीऑक्सीडेंट
थाइमोक्विनोन
फाइबर
प्रोटीन
आयरन
कैल्शियम
पोटैशियम
मैग्नीशियम
हेल्दी फैटी एसिड
यही कारण है कि इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
कलौंजी खाने के फायदे
1. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद
कुछ शोध बताते हैं कि नियमित और सीमित मात्रा में कलौंजी का सेवन अच्छे (HDL) कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक हो सकता है। इससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।
2. वजन कम करने में मददगार
कलौंजी शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट कर सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसका सेवन वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है।
3. ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक
कलौंजी में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि डायबिटीज के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही नियमित रूप से लें।
4. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद
कुछ अध्ययनों के अनुसार कलौंजी का सेवन रक्तचाप को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
कलौंजी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
6. लिवर और किडनी के लिए लाभदायक
कलौंजी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोधों में इसके किडनी स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव बताए गए हैं।
7. सूजन कम करने में मदद
कलौंजी में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
8. त्वचा के लिए फायदेमंद
कलौंजी का तेल मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा की सूजन जैसी समस्याओं में सहायक माना जाता है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
9. पुरुषों की प्रजनन क्षमता में सहायक
कुछ शुरुआती अध्ययनों में पाया गया है कि कलौंजी के एंटीऑक्सीडेंट गुण स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
10. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद
कलौंजी गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक हो सकती है। इसलिए कई लोग इसे भोजन में मसाले के रूप में शामिल करते हैं।
कलौंजी का सेवन कैसे करें?
सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ।
एक चम्मच शहद में मिलाकर।
सब्जी, अचार और दाल में मसाले के रूप में।
कलौंजी के तेल का सीमित मात्रा में उपयोग।
सलाद या दही में मिलाकर।
एक दिन में कितनी कलौंजी खानी चाहिए?
आमतौर पर 1 से 2 ग्राम (लगभग आधा से एक चम्मच) कलौंजी पर्याप्त मानी जाती है। अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें।
कलौंजी खाने के नुकसान
हालांकि सामान्य मात्रा में कलौंजी सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन अधिक सेवन करने से कुछ लोगों में समस्याएं हो सकती हैं।
लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है।
ब्लड प्रेशर जरूरत से ज्यादा कम हो सकता है।
कुछ लोगों को एलर्जी या त्वचा पर रिएक्शन हो सकता है।
अधिक मात्रा में खाने से पेट में जलन या अपच हो सकती है।
ब्लड थिनर या डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
किन लोगों को कलौंजी नहीं खानी चाहिए?
गर्भवती महिलाएं (डॉक्टर की सलाह के बिना)
स्तनपान कराने वाली महिलाएं
ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवा लेने वाले लोग
जिनकी सर्जरी होने वाली हो
जिन्हें किसी भी प्रकार की एलर्जी हो
निष्कर्ष
कलौंजी एक छोटा लेकिन बेहद गुणकारी मसाला है, जो सही मात्रा में सेवन करने पर हृदय स्वास्थ्य, ब्लड शुगर, इम्यूनिटी, पाचन और वजन नियंत्रण सहित कई क्षेत्रों में लाभ पहुंचा सकता है। हालांकि इसे किसी भी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या नियमित दवाइयां लेते हैं, तो कलौंजी का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी बीमारी के उपचार या दवा के विकल्प के रूप में इसे न अपनाएं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
दुनिया में चोरी के कई अजीबोगरीब किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो लोगों को हैरानी में डाल देती हैं। आमतौर पर चोर पैसे, गहने या कीमती सामान चुराते हैं, मगर एक ऐसा शख्स भी था जिसने सिर्फ किताबों की चोरी करके पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह कहानी है Stephen Blumberg की, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा “बुक थीफ” कहा जाता है।
19 टन दुर्लभ किताबों की थी चोरी
अमेरिका में रहने वाला स्टीफन ब्लमबर्ग किताबों का इतना बड़ा दीवाना था कि उसने 1970 से 1990 के बीच सैकड़ों लाइब्रेरियों को निशाना बनाया। बताया जाता है कि उसने अमेरिका और कनाडा की 268 लाइब्रेरियों से करीब 23,600 दुर्लभ किताबें और ऐतिहासिक दस्तावेज चुरा लिए थे। इनका कुल वजन लगभग 19 टन माना गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उसने इन किताबों को बेचकर पैसा कमाने की कोशिश कभी नहीं की। उसने अपने घर को ही एक विशाल निजी लाइब्रेरी में बदल दिया था, जहां हर कमरे में किताबों के ढेर लगे रहते थे।
चोरी का अनोखा तरीका
ब्लमबर्ग बेहद चालाकी से चोरी करता था। वह पहले दिन के समय लाइब्रेरी जाकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजों और रास्तों को ध्यान से देखता था। इसके बाद रात में वह बेहद सुनियोजित तरीके से अंदर घुसकर दुर्लभ किताबें चुरा लेता। कई बार वह नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता और लाइब्रेरी स्टाफ की चाबियों तक पहुंच बना लेता था, कहा जाता है कि बचपन से ही वह मानसिक रूप से अलग-थलग रहने लगा था। उसे किताबों और ऐतिहासिक दस्तावेजों से असाधारण लगाव था। वह मानता था कि कई संस्थाएं इन दुर्लभ किताबों की सही देखभाल नहीं कर रहीं, इसलिए उन्हें “सुरक्षित” रखना जरूरी है।
ब्लमबर्ग के करीबी सहयोगी ने दी पुलिस को जानकारी
हर रहस्य की तरह यह कहानी भी ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकी। ब्लमबर्ग के करीबी सहयोगी Kenneth Rhodes ने आखिरकार उसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी। इसके बाद 20 मार्च 1990 को जब एफबीआई ने उसके घर पर छापा मारा, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। घर का हर हिस्सा दुर्लभ किताबों से भरा हुआ था।
71 महीने की हुई सजा
आखिरकार 1991 में अदालत ने उसे दोषी ठहराया और 71 महीने की जेल की सजा सुनाई। आज भी स्टीफन ब्लमबर्ग का नाम इतिहास में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दर्ज है, जिसने किताबों के प्रति अपने जुनून को अपराध की हद तक पहुंचा दिया।
दिल की धड़कन बढ़ाने वाली मुलाकात कभी-कभी दिल तोड़ देने वाली भी साबित हो सकती है. ऐसी ही एक घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक प्रेमिका बन-ठन कर अपने प्रेमी के घर पहुंची लेकिन गंदगी देखकर उसके सारे अरमान चूर-चूर हो गए. एनी नाम की युवती अपने प्रेमी क्रिस से बेहद प्यार करती थी. दोनों की मुलाकातें बाहर होती रहती थीं. रोमांटिक बातें, घूमना-फिरना और सपने देखना जारी था. एनी सोचती थी कि एक दिन क्रिस के घर जाकर उनके रिश्ते को और मजबूत बनाएगी. आखिरकार वह दिन आ गया.
एनी खूब सज-संवर कर, उम्मीदों से भरी अपने प्रेमी के घर पहुंची थी. लेकिन दरवाजा खुलते ही जो नजारा सामने आया, उसने एनी को सन्न कर दिया. घर के अंदर कबाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ था. कमरा पूरी तरह अस्त-व्यस्त था. कपड़े, खाने के बर्तन, कचरा और अनगिनत सामान बिखरा पड़ा था. सफाई का नामोनिशान तक नहीं था. एनी के पैरों तले से जमीन खिसक गई. वह कुछ पल तो स्तब्ध रह गई. टीएलसी के एक शो में इस पूरी घटना को टेलीकास्ट किया गया.
टूट गए अरमान
एनी ने इस घटना को शेयर करते हुए कहा, “मैं बन-ठन कर गई थी, सपने देख रही थी कि हम साथ समय बिताएंगे. लेकिन अंदर घुसते ही गंदगी देखकर मेरा दिल टूट गया. क्रिस गंदगी में रहने का आदी था. उसका कमरा कबाड़खाना बन गया था.” उसने कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं जिनमें गंदगी साफ नजर आ रही है.
रिश्तों पर असर
साफ-सफाई ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि व्यक्तित्व को भी दर्शाती है. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, गंदगी में रहने वाले लोग अक्सर अनुशासनहीन या तनावग्रस्त होते हैं. एनी जैसी कई लड़कियां रिश्ते में आने से पहले दूसरी आदतों पर ध्यान नहीं दे पाती. बाहर मिलने पर सब कुछ परफेक्ट लगता है, लेकिन घर की सच्चाई अलग होती है. सोशल मीडिया यूजर्स इस पोस्ट पर भारी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “प्यार अंधा नहीं होना चाहिए, घर देखकर ही अंदाजा लग जाता है कि इंसान कैसा है?” दूसरे ने कहा, “एनी भाग गई तो सही किया, गंदगी में रहने वाला साथ नहीं निभा सकता.” कई लड़कियां अपनी कहानियां शेयर कर रही हैं जहां उन्हें प्रेमी के घर की गंदगी का सामना करना पड़ा.
क्रिस की आदतें
क्रिस गंदगी में रहने का आदि था. उसके कमरे में बर्तन दिन-दिन भर पड़े रहते थे. कपड़े धोने की बजाय नये खरीद लेता था. सफाई का कोई समय नहीं था. एनी ने बताया कि वह कई बार क्रिस को सफाई के लिए कह चुकी थी लेकिन उसने गंभीरता नहीं दिखाई. यह घटना युवाओं के लिए सबक है. आज की भागती जिंदगी में कई लोग घर को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब रिश्ता गंभीर होने लगता है तो छोटी-छोटी आदतें बड़ी समस्या बन जाती हैं. लोग सफाई को रिश्तों की बुनियाद बताते हुए कह रहे हैं कि गंदा इंसान ना सिर्फ खुद को बल्कि पार्टनर को भी प्रभावित करता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी जोर देकर कह रहे हैं कि गंदे माहौल में रहने से तनाव, बीमारियां और डिप्रेशन बढ़ता है. एनी अब इस रिश्ते पर दोबारा सोच रही है. उसने कहा, “प्यार तो है लेकिन गंदगी बर्दाश्त नहीं हो सकती.”