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  • समुद्र मंथन का सबसे बड़ा रहस्य! ये 3 रत्न बने विनाश का कारण, देवताओं ने भी नहीं लगाया हाथ..,?

    समुद्र मंथन का सबसे बड़ा रहस्य! ये 3 रत्न बने विनाश का कारण, देवताओं ने भी नहीं लगाया हाथ..,?

    समुद्र मंथन का सबसे बड़ा रहस्य! ये 3 रत्न बने विनाश का कारण, देवताओं ने भी नहीं लगाया हाथ..,?

    पौराणिक कथाओं में समुद्र मंथन की घटना का बहुत बड़ा महत्व है. जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र को मथा, तो उसमें से एक से बढ़कर एक चमत्कारी चीजें बाहर आईं.

    ज्यादातर लोग ये जानते हैं कि समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी और अमृत निकला था. लेकिन इस मंथन से सिर्फ अच्छी और शुभ चीजें ही नहीं निकली थीं. इसमें से कुछ ऐसी भयानक और विनाशकारी शक्तियां भी बाहर आई थीं, जिन्हें देखकर देवता और दानव दोनों ही कांप उठे थे.

    इनमें से तीन चीजें इतनी ज्यादा खतरनाक थीं कि देवताओं ने उन्हें छूने तक से साफ मना कर दिया था. आइए जानते हैं समुद्र मंथन से निकले उन तीन भयानक रत्नों का रहस्य.

    कालकूट नाम का भयंकर विष

    समुद्र मंथन की शुरुआत में ही जो सबसे पहली चीज बाहर आई, वह था कालकूट नाम का भयंकर जहर. ये कोई साधारण विष नहीं था, बल्कि इसकी गर्मी और धुएं से तीनों लोक जलने लगे थे.

    इस विष का असर इतना तेज था कि देवता और असुर दोनों ही अपनी जान बचाकर भागने लगे. किसी भी देवता या दानव में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह इस जहर को हाथ भी लगा सके.

    तब सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव आगे आए. उन्होंने इस कालकूट विष को अपने हाथ में लिया और पूरा पी गए. माता पार्वती ने शिव जी के गले को दबाकर उस जहर को पेट में जाने से रोका, जिससे उनका गला नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए.

    वारुणी यानी मदिरा की उत्पत्ति

    मंथन के दौरान समुद्र की गहराइयों से एक और ऐसी चीज निकली, जिसे देवताओं ने अपनाने से पूरी तरह इंकार कर दिया. ये चीज थी वारुणी, जिसे मदिरा या शराब कहा जाता है.

    वारुणी जब समुद्र से बाहर आई, तो वह एक देवी के रूप में प्रकट हुई थी. वह पूरी तरह से नशे और तामसिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली शक्ति थी. देवता जानते थे कि मदिरा का सेवन करने से बुद्धि नष्ट हो जाती है और इंसान या देवता अपने सही मार्ग से भटक जाते हैं.

    इसलिए पवित्र आचरण रखने वाले देवताओं ने वारुणी को छूने से मना कर दिया. अंत में असुरों ने आगे बढ़कर इस मदिरा को सहर्ष स्वीकार कर लिया.

    ज्येष्ठा यानी दरिद्रता की देवी

    समुद्र मंथन से जब धन और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी प्रकट हुईं, तो हर कोई खुश था. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि माता लक्ष्मी से ठीक पहले समुद्र से उनकी बड़ी बहन भी निकली थीं.

    इनका नाम ज्येष्ठा था, जिन्हें अलक्ष्मी, मूदेवी या दरिद्रता की देवी भी कहा जाता है. ज्येष्ठा का रूप बहुत डरावना था और उनके प्रकट होते ही चारों तरफ उदासी और कंगाली छाने लगी.

    वे जहां भी जातीं, वहां दुख, बीमारी और दरिद्रता अपने आप आ जाती थी. उनके इस विनाशकारी स्वभाव के कारण देवताओं ने उन्हें अपने साथ रखने या छूने से बिल्कुल मना कर दिया. बाद में उन्हें एक ऋषि को सौंप दिया गया और वे पीपल के पेड़ के नीचे रहने लगीं.

    विनाश के बाद ही मिला अमृत

    इस तरह समुद्र मंथन की पूरी कहानी हमें जीवन का एक बहुत बड़ा सच सिखाती है. जब भी हम किसी बड़े बदलाव या मंथन से गुजरते हैं, तो सबसे पहले बुराई और विनाशकारी चीजें ही सामने आती हैं.

    देवताओं ने धैर्य रखा और इन तीनों खतरनाक शक्तियों यानी कालकूट विष, वारुणी और ज्येष्ठा से दूरी बनाए रखी. उन्होंने अपनी पवित्रता को नहीं खोया और गलत चीजों के लालच में नहीं पड़े.

    यहीं कारण था कि इतनी बड़ी बड़ी बाधाओं और भयानक खतरों को पार करने के बाद अंत में देवताओं को वह दिव्य अमृत और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकी.

  • रोज़ाना फास्ट फूड खाने की आदत बन सकती है कई गंभीर बीमारियों की वजह, जानें इसके नुकसान..

    रोज़ाना फास्ट फूड खाने की आदत बन सकती है कई गंभीर बीमारियों की वजह, जानें इसके नुकसान..

    रोज़ाना फास्ट फूड खाने की आदत बन सकती है कई गंभीर बीमारियों की वजह, जानें इसके नुकसान..

     1. पाचन तंत्र पर प्रभाव

    गैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी:

    तेज मिर्च-मसाले पेट में अम्लता (Acidity) बढ़ाते हैं, जिससे गैस्ट्रिक अल्सर, एसिड रिफ्लक्स (GERD) और पेट की जलन हो सकती है।

     कब्ज और अपच:

    फास्ट फूड में फाइबर की कमी होती है, और आंतों की गति धीमी कर देते हैं, जिससे कब्ज और अपच हो सकता है।

     आंतों की सूजन (IBD) और बवासीर (Piles):

    फास्ट फूड आंतों में सूजन (Inflammatory Bowel Disease – IBD) और कब्ज बढ़ा सकते हैं, जिससे बवासीर और फिशर जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

    2. लिवर और किडनी पर प्रभाव

     फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस:

    फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट लिवर में फैट जमा कर देते हैं, जिससे फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और अंततः लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) हो सकता है।

     किडनी स्टोन और किडनी फेल्योर:

    यूरिक एसिड बढ़ाकर किडनी स्टोन और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ाते हैं। किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम को कमजोर कर सकती है, जिससे किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है।

    3. हृदय और ब्लड प्रेशर पर प्रभाव

     हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक:

    फास्ट फूड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, धमनियों को सख्त करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक/स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

     दिल की धड़कन असामान्य होना (Arrhythmia):

    तेज मिर्च दिल की धड़कन को असामान्य रूप से तेज (Tachycardia) या धीमा (Bradycardia) कर सकते हैं।

    4. मानसिक और तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव

     ब्रेन फॉग और याददाश्त कमजोर होना:

    फास्ट फूड मस्तिष्क की तंत्रिकाओं (Neurons) को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और ब्रेन फॉग (सोचने-समझने की क्षमता में कमी) आ सकता है।

     नींद की समस्या और डिप्रेशन:

    मेलाटोनिन (Melatonin) हॉर्मोन को डिस्टर्ब कर सकते हैं, जिससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन हो सकता है।

    5. सेक्सुअल हेल्थ पर प्रभाव

    फास्ट फूड टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को कम करते हैं, जिससे सेक्स ड्राइव घटती है और स्पर्म काउंट कम होता है।

     पीरियड्स में अनियमितता और हार्मोनल असंतुलन (महिलाओं में):

    अधिक जंक फूड एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को असंतुलित कर सकते हैं, जिससे पीरियड्स अनियमित और गर्भधारण में समस्या हो सकती है।

    6. कैंसर का खतरा

     मुंह, गले और पेट के कैंसर का खतरा:

    मसालेदार फास्ट फूड और मांस में मौजूद कार्सिनोजेनिक पदार्थ (जैसे नाइट्रेट्स और ट्रांस फैट) कैंसर कोशिकाओं को ट्रिगर कर सकते हैं।

    7. इम्यूनिटी पर प्रभाव

     प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होना:

    फास्ट फूड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को कमजोर कर देते हैं, जिससे बार-बार सर्दी-जुकाम, इन्फेक्शन और सूजन की समस्या हो सकती है।

    समाधान –

    यदि आप लम्बे समय से या लगातार फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करते हैं और आप ऊपर बताये गए सभी रोगों से बचना चाहते हैं तो आप इस प्रकार अपना बचाव कर सकते हैं।
    1 फास्ट फ़ूड का सेवन बहुत कम कर दें। अधिकतम महीने में एक या दो बार सेवन करने से खतरा काफी कम रहने की सम्भावना रहती है।
    2 अभी तक की गयी लापरवाही से शरीर के अंदर जो दूषित तत्व इकट्ठे हो गए हैं उन्हें बाहर निकालने के लिए अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक से संपर्क करें और सात्विक भोजन एवं व्यायाम की मदद लें।
    3 दूषित तत्व बाहर निकालने, कमजोर हुए अंगों को मजबूत करने, शरीर को उचित पोषण देने के लिए आयुर्वेद मल्टी स्पेशलिटी क्लिनिक के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तैयार विशेष फार्मूला का उपयोग करना उत्तम रहेगा।

  • आपने कुछ नहीं पहना है…’ फिटनेस इन्फ्लुएंसर के कपड़ों पर भद्दे कमेंट्स, अंडरगारमेंट्स तक पर उठाए सवाल…

    आपने कुछ नहीं पहना है…’ फिटनेस इन्फ्लुएंसर के कपड़ों पर भद्दे कमेंट्स, अंडरगारमेंट्स तक पर उठाए सवाल…

    आपने कुछ नहीं पहना है…’ फिटनेस इन्फ्लुएंसर के कपड़ों पर भद्दे कमेंट्स, अंडरगारमेंट्स तक पर उठाए सवाल…

    25 वर्षीय इस पर्सनैलिटी एड्डा एलिसा पिल्ज़ ने टिकटॉक पर कंपनी की आलोचना की और बताया कि उन्हें एयरपोर्ट पर गेट पर रोका गया और कहा गया कि वह ‘नग्न’ लग रही थीं

    ‘आपने कुछ नहीं पहना है, बिल्कुल… लग रही हो’ खूबसूरत फिटनेस इन्फ़्लुएंसर के अंडरगारमेंट्स तक पर उठाए सवाल

    Edda Elisa Pilz: जर्मन फ़िटनेस इन्फ़्लुएंसर ने लुफ़्थान्सा एयरलाइन की यह कहते हुए आलोचना की है कि उन्हें कम कपड़े वाली स्पोर्ट्स ब्रा पहनने के कारण प्लेन में चढ़ने से रोका गया. यहां तक कहा गया कि आप नग्न हैं! जर्मन फ़िटनेस इन्फ़्लुएंसर एड्डा एलिसा पिल्ज़ ने सोशल मीडिया पर लुफ़्थान्सा की आलोचना करते हुए कहा कि स्पोर्ट्स ब्रा और बाइकर शॉर्ट्स पहने होने के कारण उन्हें एयरलाइन के प्लेन में चढ़ने से रोक दिया गया. सोशल मीडिया टिकटॉक पर कंपनी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें एयरपोर्ट पर गेट पर ही रोक दिया गया और कहा गया कि वह ‘नग्न’ लग रही हैं.

    स्पोर्ट्स ड्रेस में थीं इन्फ़्लुएंसर

    जर्मन भाषा में अपने ऑनलाइन दर्शकों से बात करते हुए 25 वर्षीय जर्मन फ़िटनेस इन्फ़्लुएंसर ने दावा किया कि लुफ़्थान्सा के एक कर्मचारी ने उन्हें प्लेन में चढ़ने से मना कर दिया. जब उन्होंने कारण पूछा, तो प्रतिनिधि ने जवाब दिया ‘आपने कुछ नहीं पहना है. आप नग्न हैं!’  एड्डा एलिसा पिल्ज़ यात्रा के क्रम में सुनहरे बालों के साथ स्किन-टाइट काले शॉर्ट्स और काली ट्रिम वाली लो-कट सफ़ेद ब्रा पहने पहुंची थीं. उन्होंने ग्रे रंग की क्रॉप्ड स्वेटशर्ट भी पहनी थी.

    प्लेन में चढ़ने से रोका

    एड्डा एलिसा पिल्ज़ का कहना है कि उनकी पोशाक सामान्य एथलेटिक-वियर थी, लेकिन उन्हें जैकेट पहनने और उसे पूरी तरह से ज़िप करने के लिए कहा गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर लुफ़्थान्सा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि स्पोर्ट्स ब्रा और बाइकर शॉर्ट्स पहने होने के कारण उन्हें एयरलाइन के प्लेन में चढ़ने से रोक दिया गया.

    सामने आई लुफ्थांसा एयरलाइंस की सफाई

    एड्डा ने बताया कि जहां वह थीं, वहां पर अधिकतम  तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या लगभग 86 डिग्री फ़ारेनहाइट था. उन्होंने कहा कि उन्हें गेट एजेंट के ड्रेस कोड बताने के तरीके से दिक्कत थी, न कि खुद ड्रेस कोड से. उन्होंने तर्क दिया, ‘अगर नियम हैं, तो मैं उन्हें मानती हूँ। लेकिन फिर मुझे नियम दिखाए भी जाएं.

    वहीं, ‘मिरर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुफ्थांसा ने जवाब दिया कि कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए शब्द ‘हमारे मानकों के अनुरूप नहीं हैं’ और ‘उनके स्टाफ द्वारा इस्तेमाल नहीं किए गए होंगे.’ एयरलाइंस की ओर से यह भी कहा गया कि  कर्मचारियों को अपनी नौकरी में पॉलिसी लागू करते समय समझदारी से काम लेने की ट्रेनिंग दी जाती है. एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो सार्वजनिक यात्रा के माहौल के अनुकूल हों. एड्ड के टिकटॉक पर 639,000 और इंस्टाग्राम पर 555,000 फॉलोअर्स हैं, उन्हें आखिरकार फ्लाइट में चढ़ने की इजाज़त मिल गई.

  • भारत के शहरों जैसे नाम, लेकिन देश है दूसरा! जानिए कहां बसे हैं आगरा-लखनऊ.?

    भारत के शहरों जैसे नाम, लेकिन देश है दूसरा! जानिए कहां बसे हैं आगरा-लखनऊ.?

    अगर आप दिल्ली-कोलकाता का नाम सुनेंगे, तो आपको लगेगा कि ये तो भारत के शहर हैं. आगरा, लखनऊ, मेरठ आदि भी भारत में मौजूद हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के अलावा एक ऐसा देश भी है, जहां ये सारे शहर आपको मिल जाएंगे. सोशल मीडिया पर मेलबर्न की सड़कों पर लगे बोर्ड्स देख हर भारतीय हैरान है.

    भारत के शहरों जैसे नाम, लेकिन देश है दूसरा! जानिए कहां बसे हैं आगरा-लखनऊ.?

    अगर आप दिल्ली-कोलकाता का नाम सुनेंगे, तो आपको लगेगा कि ये तो भारत के शहर हैं. आगरा, लखनऊ, मेरठ आदि भी भारत में मौजूद हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के अलावा एक ऐसा देश भी है, जहां ये सारे शहर आपको मिल जाएंगे. सोशल मीडिया पर मेलबर्न की सड़कों पर लगे बोर्ड्स देख हर भारतीय हैरान है.

    ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में भारतीय शहरों के नाम वाली कई सड़कें, सबर्ब्स और जगहें मौजूद हैं. दिल्ली रोड, कोलकाता स्ट्रीट, आगरा एवेन्यू, लखनऊ लेन, मेरठ क्रिसेंट जैसी जगहों के नाम भारतीयों को चौंकाते हैं. सोशल मीडिया पर इन बोर्ड्स की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इन नामों को देखकर कई भारतियों को जो वहां बसे हैं, उन्हें घर जैसा महसूस होता है.

    क्यों पड़े भारतीय नाम?
    मेलबर्न और आसपास के इलाकों में 19वीं और 20वीं सदी में ब्रिटिश काल के दौरान कई जगहों का नामकरण भारतीय शहरों के नाम पर किया गया था. ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश सेना के कई सैनिक भारत में तैनात रहे थे. उन्होंने अपनी यादों में इन नामों को रखा था. कुछ जगहों का नामकरण भारतीय मूल के प्रवासियों या व्यापारिक संबंधों के कारण भी हुआ. आज मेलबर्न में भारतीय समुदाय काफी बड़ा है. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लाखों लोग रहते हैं. वे इन नामों को देखकर सांस्कृतिक जुड़ाव महसूस करते हैं. मेलबर्न के विभिन्न इलाकों में घूमने वाले भारतीय पर्यटक और छात्र इन बोर्ड्स की तस्वीरें खींचकर पोस्ट करते हैं. एक यूजर ने लिखा, “आगरा तो भारत में है, यहां आगरा रोड देखकर लगा जैसे टाइम मशीन में आ गया.” दूसरे ने कहा, “लखनऊ का स्वाद याद आ गया.”

    दोनों देशों का गहरा संबंध
    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और शैक्षिक संबंध मजबूत हैं. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है. मेलबर्न विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भारतीय छात्रों से भरे रहते हैं. क्रिकेट, फूड और बॉलीवुड के जरिए भी कनेक्शन बढ़ा है. भारतीय रेस्टोरेंट, फेस्टिवल और दीवाली-होली के आयोजन मेलबर्न को भारत जैसा बना देते हैं.

  • फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले 7 साइबर अपराधी गिरफ्तार, बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़..

    फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले 7 साइबर अपराधी गिरफ्तार, बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़..

    फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले 7 साइबर अपराधी गिरफ्तार, बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़..

    जनपद बिजनौर के थाना नूरपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले सात सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, ₹12,300 नकद तथा अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

    पुलिस के अनुसार, प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे Cy-Vajra अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की जांच में यह गिरोह सामने आया। आरोपियों ने परिवहन विभाग की आधिकारिक HSRP वेबसाइट की हूबहू नकल कर bookkhsrplate.com और bookmyhsrp.com नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की थीं। इन वेबसाइटों के माध्यम से आम लोगों से HSRP बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराकर साइबर ठगी की जा रही थी।

    थाना नूरपुर में इस संबंध में 8 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 9 जुलाई को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी वेबसाइट बनाने के लिए डोमेन खरीदने, वेबसाइट डिजाइन और तकनीकी कार्यों में ऑनलाइन AI टूल्स सहित विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया। ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में मंगाकर आपस में बांट लिया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य बैंक खातों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

  • 10 दिन तक कमरे में बंद रहा बुजुर्ग! पत्नी का ऐसा खौफ कि पड़ोसी भी नहीं खोल पाए ताला..

    10 दिन तक कमरे में बंद रहा बुजुर्ग! पत्नी का ऐसा खौफ कि पड़ोसी भी नहीं खोल पाए ताला..

    10 दिन तक कमरे में बंद रहा बुजुर्ग! पत्नी का ऐसा खौफ कि पड़ोसी भी नहीं खोल पाए ताला..

    उत्तर प्रदेश के एक शहर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग शिक्षक कथित तौर पर कई दिनों तक अपने ही घर में बंद रहे। आरोप है कि उनकी पत्नी उन्हें कमरे में बंद कर मायके चली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आसपास के लोग भी ताला खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

    बताया जा रहा है कि पत्नी घर छोड़ते समय कुछ दिनों का खाना बनाकर रख गई थी। जब वह खाना खत्म हो गया, तब बुजुर्ग के भाई ने खिड़की के रास्ते उन्हें भोजन पहुंचाना शुरू किया। कई दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा।

    पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना

    काफी दिन बीतने के बाद एक पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह कथित तौर पर इतने डरे हुए थे कि उन्होंने पहले दरवाजा न खोलने की बात कही। बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

    पहले भी कई बार हो चुकी थी ऐसी घटना

    बुजुर्ग ने बताया कि यह पहली बार नहीं था। उनका दावा है कि उनकी पत्नी पहले भी कई बार उन्हें कमरे में बंद करके बाहर जा चुकी है। इस बार भी कुछ दिनों के लिए खाना बनाकर रखा गया था और उसके बाद उनके भाई ने खिड़की के जरिए भोजन पहुंचाया।

    मामले की जांच जारी

    घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • तिरुपति अपराध: तिरुपति में अत्याचार… बदमाशों ने ईंटों से पीट-पीटकर एक राजमिस्त्री की हत्या कर दी!..

    तिरुपति अपराध: तिरुपति में अत्याचार… बदमाशों ने ईंटों से पीट-पीटकर एक राजमिस्त्री की हत्या कर दी!..

    तिरुपति अपराध: तिरुपति में अत्याचार… बदमाशों ने ईंटों से पीट-पीटकर एक राजमिस्त्री की हत्या कर दी!..

    तिरुपति अपराध : तिरुपति ग्रामीण मंडल में ओटेरू राष्ट्रीय राजमार्ग के पास घटी घटना ने सनसनी मचा दी है। कुरनूल जिले के अडोनी निवासी मेस्त्री श्रीनिवासुलु (35) की इसी इलाके में बेरहमी से हत्या कर दी गई। रात में शराब पीने गए अज्ञात लोगों ने उन पर हमला किया। तिरुपति में मेस्त्री श्रीनिवासुलु की हत्या से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    यह भी पढ़ें: कर्नाटक सड़क दुर्घटना: जानलेवा सड़क दुर्घटना… जीप ने लॉरी को टक्कर मारी, छह पर्यटकों की मौत

    तिरुपति में फोरमैन की हत्या

    घटना का विवरण इस प्रकार है:

    श्रीनिवास तिरुपति में काम के सिलसिले में रहते हैं और राजमिस्त्री का काम करके अपना जीवन यापन करते हैं। घटना वाली रात, जब वह शराब पी रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। उनके बीच क्या बात हुई, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उन्होंने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहीं से मिली सीमेंट की ईंटें उठाईं और श्रीनिवास के सिर पर वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    तिरुपति अपराध: पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है

    सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। हत्या के पीछे व्यक्तिगत विवाद या किसी अन्य कारण का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • आकाश कश्यप हत्याकांड का खुलासा! मामूली विवाद में युवक की हत्या, नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार..

    आकाश कश्यप हत्याकांड का खुलासा! मामूली विवाद में युवक की हत्या, नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार..

    आकाश कश्यप हत्याकांड का खुलासा! मामूली विवाद में युवक की हत्या, नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार..

    मैनपुर क्षेत्र के बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

    मैनपुर पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को आकाश कश्यप की संदिग्ध मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत गंभीर मारपीट के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के पर्यवेक्षण में मैनपुर थाना पुलिस की विशेष टीम ने की।

    मामूली विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना किसी पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम नहीं था, बल्कि मामूली विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा ने एक युवक की जान ले ली। हालांकि पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि मारपीट के पीछे कोई पुरानी रंजिश, आपसी दुश्मनी या अन्य कारण तो नहीं था। विवेचना अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

  • क्या आपके घर में किचन और बाथरूम हैं साथ-साथ? जानिए वास्तु के अनुसार इसका शुभ-अशुभ प्रभाव

    क्या आपके घर में किचन और बाथरूम हैं साथ-साथ? जानिए वास्तु के अनुसार इसका शुभ-अशुभ प्रभाव

    क्या आपके घर में किचन और बाथरूम हैं साथ-साथ? जानिए वास्तु के अनुसार इसका शुभ-अशुभ प्रभाव

    वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और बनावट को बहुत महत्व दिया गया है। वास्तु नियमों का पालन करने से घर में पॉजिटिविटी और सुख-समृद्धि बनी रहने की मान्यता है। वहीं, कुछ वास्तु संबंधी गलतियां नकारात्मक प्रभाव बढ़ा सकती हैं। इन्हीं में से एक किचन और बाथरूम का एक-दूसरे के बिल्कुल पास होना है। अगर घर में ऐसी स्थिति है तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा सकती है।

    किचन-बाथरूम न हों साथ: वास्तु शास्त्र की माने तो घर में किचन और बाथरूम एक-दूसरे से सटाकर नहीं बनाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। अगर पहले से ऐसा निर्माण है तो बाथरूम का दरवाजा इस्तेमाल के बाद हमेशा बंद रखें। ऐसा करने से किचन तक नकारात्मक प्रभाव पहुंचने की संभावना कम मानी जाती है।

    मुख्य द्वार पर सही पौधे:घर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास कांटेदार या दूध निकलने वाले पौधे लगाने से बचना चाहिए। ये घर के वातावरण को नकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। घर के आगे कांटेदार पौधे होते हैं तो दुश्मन बढ़ने लगते हैं। पारिवारिक जीवन में मतभेद बढ़ने लगते हैं और घर के लोगों की सेहत खराब रहती है।

    आग और पानी रखें अलग: रसोई में गैस स्टोव और सिंक या पानी से जुड़े अन्य स्थानों को एक-दूसरे के बिल्कुल पास नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार अग्नि और जल दो विपरीत तत्व हैं, इसलिए इनके बीच उचित दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है।

    डस्टबिन: वास्तु शास्त्र की माने तो घर के आगे कूड़ेदान नहीं होना चाहिए। ये घर वालों के लिए कष्टकारी माना जाता है। इसके कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है। जो घर के लोगों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन लाने और उनकी सेहत खराब करने में जिम्मेदार माना जाता है।

    साफ-सफाई का रखें ध्यान: घर में नियमित रूप से साफ-सफाई करना भी वास्तु का महत्वपूर्ण नियम माना जाता है। मकड़ी के जाले, कबाड़ और बेकार सामान को समय-समय पर हटाते रहने से घर का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित रहता है। मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है।

  • डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, मधुमेह के इलाज का नया इंजेक्शन आया सामने

    डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, मधुमेह के इलाज का नया इंजेक्शन आया सामने

    डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, मधुमेह के इलाज का नया इंजेक्शन आया सामने

    मधुमेह : भारत में करोड़ों मधुमेह रोगियों को राहत देने के लिए एक नया चिकित्सीय आविष्कार सामने आया है। डेनमार्क की अग्रणी दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारतीय बाजार में विश्व का पहला साप्ताहिक बेसल इंसुलिन इंजेक्शन ‘अविक्ली’ लॉन्च किया है। आमतौर पर, मधुमेह की गंभीरता के आधार पर, रोगियों को प्रतिदिन इंसुलिन इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। लेकिन, यह नया इंजेक्शन सप्ताह में केवल एक बार ही पर्याप्त है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि यह टाइप-1 और टाइप-2 दोनों प्रकार के मधुमेह के उपचार में चमत्कारिक रूप से कारगर है। इस नवोन्मेषी इंसुलिन के कारण, रोगियों द्वारा एक वर्ष में लिए जाने वाले इंजेक्शनों की संख्या 365 से घटकर मात्र 52 रह जाएगी। इससे रोगियों को प्रतिदिन सुई चुभने के दर्द से बड़ी राहत मिलेगी।

    कीमत: 2,611 रुपये। आम आदमी के लिए दस सप्ताह की खुराक उपलब्ध है।

    कंपनी ने इस इंजेक्शन की कीमत इस तरह तय की है कि यह न केवल चिकित्सकीय रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी मरीजों के लिए फायदेमंद हो। भारतीय बाजार में 1 मिलीलीटर पेन की कीमत 2,611 रुपये निर्धारित की गई है। इस एक पेन में लगभग 700 यूनिट इंसुलिन होता है। इसकी खासियत यह है कि यह 1 मिलीलीटर पेन एक सामान्य मधुमेह रोगी के लिए लगभग 10 सप्ताह (ढाई महीने) तक लगातार पर्याप्त है। इसका मतलब है कि यह प्रीमियम चिकित्सा सेवा, जिसे सप्ताह में एक बार लिया जाता है, औसतन प्रति माह एक हजार रुपये से कम की लागत पर उपलब्ध होगी। चिकित्सा सूत्रों को उम्मीद है कि यह ‘अविकली’ इंजेक्शन उन लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा जो हर दिन इंसुलिन लेना भूल जाते हैं और जो बहुत यात्रा करते हैं, और इससे मधुमेह को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा।