इंदौर में दूसरी शादी की उम्मीद लेकर पहुंचे एक किसान के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. शादी कराने का झांसा देने वाले एक गिरोह ने किसान से पहले छह लाख रुपये वसूल लिए. इसके बाद अनुबंध के जरिए शादी कराई गई, लेकिन शादी के अगले ही दिन दुल्हन घर से फरार हो गई. पीड़ित की शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने दुल्हन, उसकी मां, महिला दलाल समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामला देवास जिले के बागली क्षेत्र के पिपलिया साहब गांव का है जहां एक 28 साल के हरिनारायण हजारीलाल परारिया ने एमजी रोड थाना में शिकायत दर्ज कराई है. जिसके अनुसार किसान हरिनारायण की पहली शादी साल 2007 में तारा बाई महिला से हुई थी लेकिन शादी नहीं चल सकी और दोनों की बीच तलाक हो गया. जिसके बाद किसान दोबारा विवाह करना चाहता था इसी को लेकर उसके भाई ने हसीना बाई से संपर्क किया और उसके लिए दुल्हन तलाशने की बात कही…
शादी के बाद गायब हुई दुल्हन
आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे उसकी शादी करा देंगे. इसके बदले उन्होंने किसान से कहा कि नंदनी की मां सुमन बाई लंबे समय से बीमार है और इलाज के लिए छह लाख रुपये की जरूरत है. शादी की जल्दबाजी और नई जिंदगी की उम्मीद में किसान आरोपियों की बातों में आ गया और तय रकम उन्हें दे दी.
एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि शादी के अगले ही दिन नंदनी बिना किसी को बताए घर से गायब हो गई. काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला. बाद में जानकारी जुटाने पर पता चला कि नंदनी और उसके साथी शादी के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह से जुड़े हैं.
शादी की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक
30 जून को हरिनारायण अपने गांव के सरपंच जितेंद्र सिंह दरबार, मोहन जाट, ज्योति बाई जाट और अन्य लोगों के साथ इंदौर जिला कोर्ट पहुंचा. यहां एक लिखित एग्रीमेंट तैयार किया गया, एग्रीमेंट के बाद हरिनारायण ने आरोपियों को 6 लाख रुपये सौंप दिए. इसके बाद सभी लोग तुकोगंज क्षेत्र स्थित राम मंदिर पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाज के साथ शादी की रस्में पूरी कराई गईं. शादी के बाद हरिनारायण ढोल-ताशों के साथ अपनी नई दुल्हन को गांव लेकर पहुंचा. परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी.
हरियाणा के हिसार से अजीबोगरीब प्रेम प्रसंग का एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है. हिसार के गंगवा गांव में रहने वाला 42 वर्षीय विजय अपने 5 बच्चों और पत्नी को बेसहारा छोड़कर अपनी 50 साल की प्रेमिका के साथ रफूचक्कर हो गया है. पीड़ित पत्नी अब अपने बच्चों का पेट पालने के लिए ई-रिक्शा चलाने को मजबूर है. यह घटना 20 जून की है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जब पति का कोई सुराग नहीं लगा, तो लाचार पत्नी ने पुलिस और मीडिया के सामने अपनी आपबीती बयां की है.
पीड़ित पत्नी माया देवी ने बताया कि उसकी शादी करीब 20 साल पहले विजय के साथ हुई थी. विजय पेशे से ड्राइवर है. पिछले कुछ समय से विजय का व्यवहार काफी बदल गया था. 20 जून को माया देवी को भनक लगी कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ चक्कर चल रहा है. जब वह अपने पति की गर्लफ्रेंड के घर ऋषिनगर पहुंची, तो वहां के पड़ोसियों ने बताया कि विजय पिछले कई महीनों से यहां आ रहा है और उस महिला ने आस-पास के लोगों को विजय को अपना पति बता रखा था.
बेटे को दी थी जानकारी
चौंकाने वाली बात यह है कि विजय ने यह बात अपने परिवार से भी नहीं छिपाई थी. वह अक्सर अपने बड़े बेटे और अपने भाई (माया के देवर) को कहता था कि “यह तेरी दूसरी मां है, यह मेरी सेटिंग है.” देवर को पिछले ढाई साल से इस बात की जानकारी थी, लेकिन विजय ने उसे जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी दे रखी थी.
रात 11 बजे घर से भागा पति; प्रेमिका के पहले से हैं दो पति
माया देवी ने जब 20 जून की रात को घर लौटे पति से उस महिला के बारे में पूछताछ की, तो दोनों के बीच विवाद हो गया. इसके बाद विजय रात करीब 11 बजे अपने घर से निकला और अपनी प्रेमिका कमलेश को साथ लेकर फरार हो गया. विजय अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गया है, जबकि उसकी प्रेमिका का फोन लगातार बंद आ रहा है.
माया ने बताया कि जिस महिला कमलेश के साथ उसका पति भागा है, वह पहले ही दो शादियां कर चुकी है. उसका पहला पति मंदबुद्धि है और विजय उसकी जिंदगी में आने वाला तीसरा मर्द है. कमलेश की एक 18 साल की बेटी भी है, जिसे उसने भागने से ठीक पहले हरिद्वार भेज दिया था.
किराए का मकान, 5 बच्चे और ई-रिक्शा चलाने की मजबूरी
इस धोखे के बाद माया देवी के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. माया के 5 बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां और 2 बेटे हैं. वह वर्तमान में ढाई हजार रुपये महीने के किराए के मकान में रहती है. पति के भाग जाने के बाद बच्चों के पालन-पोषण और घर के खर्च के लिए माया दिनभर हिसार की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाती है. माया ने रुआंसे मन से कहा कि उसकी मां हमेशा कहती थी कि उसका पति ठीक इंसान नहीं है, उसे छोड़ दे, लेकिन उसने कभी मां की बात नहीं मानी. हालांकि, आज भी वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपने पति की हर खता माफ कर उसे अपनाने को तैयार है, बशर्ते वह घर लौट आए.
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
माया देवी का आरोप है कि पति के लापता होने के बाद जब वह न्याय की गुहार लेकर आजाद नगर थाने पहुंची, तो पुलिस ने बेहद संवेदनहीन रवैया अपनाया. माया के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत पर गंभीरता दिखाने के बजाय कह दिया कि “तेरा पति भाग गया तो भाग गया, हम इसमें क्या कर सकते हैं.” पुलिस के इस असहयोगात्मक रवैये के कारण परेशान महिला अब दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है.
आज बदरीनाथ धाम को भगवान विष्णु के सबसे पवित्र चार धामों में गिना जाता है, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक समय ऐसा भी था जब यह स्थान भगवान शिव और माता पार्वती का निवास हुआ करता था. हिमालय की शांत वादियों के बीच स्थित यह स्थान शिव-पार्वती के तप, ध्यान और एकांत का प्रिय धाम माना जाता था. दोनों यहां लंबे समय तक निवास करते थे और कैलाश जाने से पहले भी इस स्थान पर समय बिताते थे.
माता लक्ष्मी की सलाह पर भगवान विष्णु ने रची लीला
कथा के अनुसार, भगवान विष्णु भी हिमालय की इसी पवित्र भूमि पर कठोर तपस्या करना चाहते थे. लेकिन जिस स्थान को उन्होंने चुना, वहां पहले से भगवान शिव और माता पार्वती का निवास था. ऐसे में माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु से कहा कि यदि उन्हें इसी स्थान पर तप करना है, तो उन्हें कोई ऐसी लीला करनी होगी जिससे शिव-पार्वती स्वयं यह स्थान छोड़ दें. इसके बाद भगवान विष्णु ने एक छोटे बालक का रूप धारण किया और बदरीनाथ में बैठकर जोर-जोर से रोने लगे.
जब भगवान शिव और माता पार्वती ने उस मासूम बालक के रोने की आवाज सुनी, तो दोनों उसके पास पहुंचे. माता पार्वती का हृदय उस रोते हुए बच्चे को देखकर द्रवित हो गया. उन्होंने उसे गोद में उठाया और प्यार से पूछा कि वह कौन है और यहां अकेला क्यों बैठा है. बालक बने भगवान विष्णु ने कोई उत्तर नहीं दिया, बल्कि लगातार रोते रहे. माता पार्वती ने सोचा कि इतने छोटे बच्चे को इस बर्फीले क्षेत्र में अकेला छोड़ना उचित नहीं है. उन्होंने भगवान शिव से कहा कि कुछ समय के लिए इस बालक को अपने आश्रय में रख लेना चाहिए. हालांकि भोलेनाथ विष्णु भगवान के इस लीला को समझ चुके थे. उन्होंने माता पार्वती को संकेत भी दिया था, लेकिन बालक को रोता देख मां कुछ समझ नहीं पाई और ममतामय हो गईं.
शिव-पार्वती के बाहर जाते ही बदल गया सब कुछ
कुछ समय बाद भगवान शिव और माता पार्वती स्नान के लिए पास के गर्म जलकुंड की ओर चले गए. जब वे लौटकर अपने निवास स्थान पर पहुंचे, तो देखा कि द्वार भीतर से बंद है. भगवान शिव ने दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई, लेकिन तभी भीतर से भगवान विष्णु अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट हुए. उन्होंने विनम्रता से कहा कि अब उन्होंने इस स्थान को अपनी तपस्या के लिए चुन लिया है और यही उनका निवास रहेगा. भगवान शिव तो सब जानते ही थे कि यह सब भगवान विष्णु की दिव्य लीला थी. उन्होंने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया और मुस्कुराते हुए इस स्थान को भगवान विष्णु को समर्पित कर दिया.
फिर कहां गए भगवान शिव और मां पार्वती?
बदरीनाथ धाम छोड़ने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती उत्तर दिशा की ओर बढ़े और अंततः कैलाश पर्वत को अपना स्थायी निवास बनाया. इसके बाद कैलाश भगवान शिव का प्रमुख धाम माना जाने लगा, जबकि बदरीनाथ भगवान विष्णु की तपोभूमि और प्रमुख वैष्णव तीर्थ बन गया. मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इसी स्थान पर हजारों वर्षों तक तपस्या की. तप के दौरान माता लक्ष्मी ने बदरी (जंगली बेर) के वृक्ष का रूप धारण कर उन्हें धूप, बर्फ और वर्षा से बचाया. इसी कारण इस स्थान का नाम बदरीनाथ पड़ा, अर्थात बदरी वन के स्वामी.
अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के बीच राजस्थान में एक बार फिर गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम सामने आया है. जिस रोहित गोदारा के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग ने चार्जशीट दाखिल की है, उसी गैंग के नाम पर बीकानेर जिले के एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. कारोबारी का आरोप है कि रकम नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
मामला बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के दुलचासर गांव का है. जानकारी के अनुसार यहां के एक व्यवसायी को 5 और 7 जुलाई को फोन किए गए. आरोप है कि कॉल करने वाले ने खुद को रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताते हुए 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. कारोबारी को यह भी धमकी दी गई कि अगर रकम नहीं दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा. घटना के बाद कारोबारी के भाई ने बीकानेर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी गई है और सुरक्षा को लेकर भी गुहार लगाई गई है.
पुलिस ने शुरू की जांच
बीकानेर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस कॉल डिटेल और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल कहां से किए गए और इसके पीछे कौन लोग हैं. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. इस घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में भी चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका में भी रोहित गोदारा पर बड़ी कार्रवाई
रोहित गोदारा का नाम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और जग्गू भगवानपुरिया समेत 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. संयुक्त अभियान के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं. जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह नेटवर्क हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई, मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल रहा है.
एक तरफ अंतरराष्ट्रीय जांच, दूसरी तरफ राजस्थान में रंगदारी का आरोप
अमेरिका में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आने से यह नाम फिर चर्चा में है. फिलहाल बीकानेर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. यह भी जांच का विषय है कि कॉल करने वाला वास्तव में गैंग से जुड़ा था या गैंग का नाम लेकर कारोबारी को धमकाने की कोशिश की गई. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है.
बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर में बीते एक महीने से लापता छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की लाश देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ईशांत को मारकर जमीन में 10 फीट नीचे दफना दिया गया था। बीते 10 जून को ईशांत दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था, इसका बाद वह कभी वापस नहीं लौटा। परिजन बीते एक महीने से उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे। छात्र के पिता ने गांव के चार युवकों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार 8 जुलाई की रात को जेसीबी से खुदाई कर छात्र की लाश निकाली।
ईशांत विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बंगराहा पंचायत का रहने वाला था। उसकी लाश बुधवार को बगल के लखनपुर गांव में कलना चौर से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे से बरामद की गई। 14 वर्षीय इशांत का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, बेटे की लाश देख परिजन की चीख पुकार निकल पड़ी, उसे सुन वहां मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े हो गए।
सरेंडर कर चुके आनंदी ने उगले राज
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को पुलिस ने रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल बुधवार की रात कलना चौर पहुंचा। यहां जेसीबी मशीन से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कराई गई। कुछ देर बाद मिट्टी के भीतर से छात्र का शव प्लास्टिक से लिपटा बरामद हुआ।
पहले हत्या, फिर जमीन में दफनाई लाश
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इशांत की हत्या के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था, ताकि घटना का कभी खुलासा ना हो सके।
दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था छोटू
बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय का बेटा ईशांत उर्फ छोटू 10 जून की शाम को दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था। वह उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी खोजबीन शुरू की। मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
इसके बाद पिता ने विद्यापतिनगर थाने में बेटे की गुमशुदगी की सूचना दी। उन्होंने गांव के ही चार युवकों पर साजिश के आरोप लगाए थे। दिन बीतते गए, लेकिन छोटू का कोई पता नहीं चला। 12 जून को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने बंगराहा चौक जाम कर उग्र प्रदर्शन भी किया था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र की जल्द बरामदगी की मांग की।
एसपी ने बनाई एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह खुद 19 जून को गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात कर जल्द मामले का खुलासा करने का भरोसा दिया। इसके बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से केस की जांच शुरू कराई थी। खोजी कुत्तों को भी घटनास्थल पर लाया गया।
आनंदी ने भतीजे और अन्य के साथ की हत्या
इसी बीच आनंदी सिंह नाम के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार रात जमीन में दफन ईशांत की लाश बरामद की।
शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने कई महत्वपूर्ण नमूने इकट्ठा किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। मौके पर थानाध्यक्ष सूरज कुमार, अनुसंधानकर्ता सलीम रजा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
10 जून को ही हो गई थी ईशांत की हत्या
वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि रिमांड पर लिए गए आरोपी ने कड़ाई से हुई पूछताछ में कई खुलासे किए। आरोपी आनंदी सिंह ने बताया कि उसने अपने भतीजे रंजीत सिंह और अन्य के साथ मिलकर 10 जून को ही ईशांत की हत्या कर दी थी। फिर उसके शव को दफना दिया था। पुलिस के अनुसार ईशांत के शव पर गले में कटने के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या कैसे हुई, उसकी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।
एक महीने से बेटे के लौटने की राह देख रही मां बेसुध
बुधवार रात को जैसे ही ईशांत का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवीबड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस मां ने करीब एक महीने तक बेटे की वापसी के लिए दुआएं मांगी थीं, वह बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। गांव की महिलाओं की आंखें नम नजर आईं और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?
ईशांत की हत्या क्यों की? पुलिस के खुलासे का इंतजार
ईशांत की हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी गई है। शव बरामद होने के बाद पुलिस अब ईशांत की हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा। अगर इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया की अभी विंदुओं पर कारवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. मोढ़ा तैय्या गांव के जंगल में दो दिनों के भीतर एक महिला और एक मासूम बच्चे के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस को आशंका है कि दोनों शव मां और बेटे के हैं. फिलहाल, पुलिस दोनों हत्याओं को एक-दूसरे से जोड़कर गहन जांच में जुटी है.
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को जंगल में एक अज्ञात महिला का रक्तरंजित शव मिलने के बाद, ठीक अगले ही दिन यानी गुरुवार को उसी वन क्षेत्र से एक मासूम बालक की लाश भी बरामद की गई. पुलिस को आशंका है कि महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई होगी. जबकि इस मासूम की गला घोंटकर बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया.
लगातार दो दिन में 2 मर्डर से मचा हड़कंप
पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग इस मृत बच्चे का सीधा संबंध एक दिन पहले मिली उसी अज्ञात महिला से जोड़कर देख रहे हैं. आशंका है कि यह अभागा बच्चा उसी मृत महिला का बेटा था, जिसे कातिलों ने अपनी क्रूरता का शिकार बनाया है. महिला की पहचान छिपाने के लिए चेहरा और शरीर के कुछ हिस्सों को भी क्षत-विक्षत करने का प्रयास किया गया था.
सूचना मिलते ही पाकबड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया था. पुलिस की टीमें मृतका की पहचान करने और हत्यारों के सुराग तलाशने में जुटी ही थी कि तभी इस नए घटनाक्रम ने मामले को और उलझा दिया है. लगातार दो वारदातों से इलाके में हड़कंप मचा है.
मृतकों की पहचान खंगालने में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस आसपास के जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर रही है ताकि मृतकों की पहचान की जा सके. हर पहलू से जांच की जा रही है.
झारखंड के लोहरदगा जिले में एक दुखद घटना घटी है। यहां एक प्राइवेट बोर्डिंग स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में रात को सोते समय 4 छात्राओं को सांप ने काट लिया। जहरीले करैत सांप के काटने से 13 साल की छात्रा की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्राओं की हालत गंभीर है। यह घटना मंगलवार की रात को रोचो महुआटोली के सनवसिरा हायर सेकेंडरी रेजिडेंशियल स्कूल में हुई।
रात के अंधेरे में कमरे में घुसा सांप
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात सभी छात्राएं रोजाना की तरह रात का खाना खाकर अपने कमरों में सोने चली गई थीं। रात करीब 11 बजे एक अत्यधिक जहरीला करैत सांप उनके कमरे में घुस गया और गहरी नींद में सो रही चार छात्राओं को डस लिया।
एक की मौत, एक की हालत गंभीर
छात्राओं के चिल्लाने पर स्कूल के शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में चारों को रात में ही लोहरदगा सदर अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने वर्षा नाम की 13 वर्षीय छात्रा को देखते ही मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायल छात्राओं में से एक, फुलमनिया की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) रेफर किया गया है। वहीं, बाकी दो छात्राओं का इलाज फिलहाल लोहरदगा सदर अस्पताल में ही चल रहा है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जमशेदपुर में गोली मारकर शख्स की हत्या
एक अन्य खबर में, झारखंड के जमशेदपुर में बुधवार रात एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना आमगो थाना क्षेत्र के मुंशी मोहल्ला में हुई। पुलिस अधीक्षक (नगर) ललित मीणा ने बताया कि राहुल नाम का व्यक्ति इलाके में टहल रहा था, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उस पर गोली चला दी। पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद समूह मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि राहुल को तुरंत टाटा मेन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे का असल कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि राहुल के साथियों के अनुसार, इस घटना को प्रेम संबंध के कारण अंजाम दिए जाने की आशंका है। घटना के बाद, परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और हमले में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने बताया कि अपराध में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच-पड़ताल की जा रही है।
फिट रहने और वजन घटाने की होड़ में आजकल ‘शुगर-फ्री डाइट’ या चीनी को पूरी तरह से छोड़ देने का चलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोजन से चीनी को पूरी तरह से गायब कर देना आपकी सेहत के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना कि इसका अत्यधिक सेवन? मेडिकल एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्लूकोज जो चीनी या कार्बोहाइड्रेट से मिलता है, की एक निश्चित मात्रा बॉडी के लिए आवश्यक होती है।
कुवैत के दासमन डायबिटीज इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने 16 हफ़्तों तक चूहों को बिना सुक्रोज वाली कम फैट की डाइट और सुक्रोज वाली डाइट देकर उनकी तुलना की। रिसर्च में बताया गया कि शुगर फ्री डाइट सेहत के लिए नुकसान दायक भी होती है।शिकागो में एंडोक्राइन सोसाइटी की सालाना मीटिंग में पेश की गई इस स्टडी के मुताबिक, जिन चूहों को सुक्रोज-फ्री और कम फैट वाली डाइट दी गई, उनमें सुक्रोज वाली डाइट लेने वाले चूहों की तुलना में ब्लड शुगर कंट्रोल बेहद खराब रहा। रिसर्च में पाया गया कि शुगर फ्री डाइट का चूहों में सेवन करने से उनमें सूजन बढ़ी, गट बैक्टीरिया बिगड़े और फैटी लिवर के लक्षण भी काफी खराब हुए। अध्ययन के अनुसार, खाने से चीनी को पूरी तरह स्किप करना शरीर के मेटाबॉलिज्म और आंतों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात
कुवैत स्थित दसमान डायबिटीज इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने दो समूहों के चूहों की तुलना की। एक समूह को सुक्रोज युक्त लो-फैट डाइट दी गई थी और दूसरे समूह को पूरी तरह सुक्रोज फ्री लो फैट डाइट दी गई। अध्ययन में पाया गया कि दोनों समूहों का वजन लगभग समान रहा, लेकिन शुगर-फ्री डाइट वाले चूहों में इंसुलिन रेजिस्टेंस, ग्लूकोज नियंत्रण में कमी, आंतों में सूजन और गट माइक्रोबायोम में असंतुलन जैसी समस्याएं अधिक देखी गईं।
शुगर फ्री डाइट पर एक्सपर्ट की राय
मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स में कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव घोडी ने इन नतीजों को दिलचस्प बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इन्हें सावधानी से समझना चाहिए। डॉ. घोडी ने कहा इस स्टडी में चूहों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि जानवरों पर की गई स्टडी से काम की जानकारी मिल सकती है, लेकिन उनके नतीजे हमेशा इंसानों पर लागू नहीं होते। यह रिसर्च बताती है कि न्यूट्रिशन का मतलब किसी एक खाद्य तत्व को पूरी तरह हटाने का नाम नहीं है, बल्कि संतुलित और गुणवत्तापूर्ण आहार अधिक महत्वपूर्ण होता है।
क्या शुगर-फ्री डाइट सेहत को बिगाड़ती है?
जब डॉ. घोडी से शुगर फ्री डाइट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एडेड शुगर यानी मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी को कम करना सेहत के लिए लाभकारी है। हालांकि फलों, सब्जियों, दूध और साबुत अनाज में प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व देती है। उनका कहना है कि सभी प्रकार की शुगर को डाइट से पूरी तरह खत्म कर देना एक अत्यधिक प्रतिबंधात्मक तरीका हो सकता है, जो हर किसी के लिए सही नहीं है।
गट हेल्थ पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार हमारी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहते हैं। नेचुरल शुगर वाले कई खाद्य पदार्थ फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो गट माइक्रोबायोम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर कोई व्यक्ति शुगर-फ्री डाइट के नाम पर इन पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी अपनी डाइट से बाहर कर देता है, तो इससे आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में इंसानों पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।
अच्छी हेल्थ और डायबिटीज को मैनेज करने के लिए क्या शुगर फ्री डाइट सही है?
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि लोगों को चीनी से डरने या चीने से भरपूर फूड्स को डाइट से निकालने की जरूरत नहीं है। आप शुगर मैनेज करने के लिए और बॉडी को हेल्दी रखने के लिए एडेड शुगर कम करने पर ध्यान दें। इसके साथ ही डाइट में पर्याप्त मात्रा में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर शामिल करें। एक्सपर्ट ने बताया लम्बे समय तक हेल्दी रहने के लिए टिकाऊ और संतुलित खानपान जरूरी है ना कि प्रतिबंधित डाइट का सेवन करना।
सभी तरह की शुगर क्या नुकसान पहुंचाती है?
एक्सपर्ट का मानना है कि सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि सभी प्रकार की शुगर समान रूप से नुकसानदायक होती हैं। उदाहरण के लिए एक सेब में मौजूद नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व भी मिलते हैं, जबकि सॉफ्ट ड्रिंक केवल अतिरिक्त कैलोरी देती है और पोषण बहुत कम मिलता है। इसलिए अच्छी हेल्थ के लिए केवल चीनी को दोषी ठहराने की बजाय पूरे खानपान के पैटर्न पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी प्रकार की डाइट या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Vastu Tips For Wealth:
हम सभी के किचन में नमक का होना बहुत आम बात है। खाने में नमक न हो तो कोई भी डिश बेस्वाद हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही साधारण सा नमक आपकी जिंदगी के ‘स्वाद’ को भी बेहतर बना सकता है?
वास्तु शास्त्र में नमक को बहुत चमत्कारी माना गया है। यह सिर्फ खाने का जायका ही नहीं बढ़ाता, बल्कि घर से नेगेटिव एनर्जी को सोखकर सुख-शांति और समृद्धि का रास्ता भी खोलता है। अगर आप भी अक्सर तनाव, पैसों की तंगी या घर में होने वाले झगड़ों से परेशान हैं, तो नमक के ये 5 आसान वास्तु उपाय आपके लिए बहुत काम आ सकते हैं।
नमक के पानी से पोछा लगाना
यह सबसे आसान और असरदार उपाय है। हफ्ते में कम से कम एक या दो बार पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक या सेंधा नमक डालकर घर में पोछा जरूर लगाएं। नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत शक्ति होती है। इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों का मूड भी अच्छा रहता है। गुरुवार के दिन नमक वाले पानी का पोछा लगाने से बचें।
बाथरूम में रखें नमक की कटोरी
वास्तु के अनुसार, घर में सबसे ज्यादा नेगेटिव एनर्जी बाथरूम और टॉयलेट से ही पैदा होती है। एक कांच की कटोरी में डले वाला नमक भरकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें। यह नमक वहां मौजूद सारे कीटाणुओं और बुरी ऊर्जा को अपनी तरफ खींच लेता है। इस नमक को हर 15 दिन में फ्लश कर दें और कटोरी में नया नमक भर दें।
तिजोरी या धन के स्थान पर नमक
अगर आप बहुत मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी पैसा हाथ में नहीं टिकता या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो यह उपाय आपके लिए है। साबुत नमक का एक टुकड़ा लें और उसे एक साफ लाल रंग के कपड़े में बांधकर छोटी सी पोटली बना लें। इस पोटली को अपनी तिजोरी या उस जगह रख दें जहां आप पैसे रखते हैं। वास्तु के अनुसार, यह उपाय धन को आकर्षित करता है और बेवजह के खर्चों पर लगाम लगाता है।
कांच के गिलास में नमक का पानी
कई बार घर में सब कुछ ठीक होते हुए भी अजीब सी बेचैनी या भारीपन महसूस होता है। कांच के एक गिलास में पानी लें और उसमें एक चम्मच नमक मिला दें। इस गिलास को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने (नैऋत्य कोण) में रख दें। अगर पानी सूख जाए, तो गिलास को साफ करके दोबारा नमक का पानी भर दें। यह घर के माहौल को पॉजिटिव बनाता है और सुख-शांति लेकर आता है।
नजर दोष और मानसिक शांति के लिए
अगर घर में अक्सर बिना बात के झगड़े होते हैं, बच्चों को बार-बार नजर लग जाती है या आपको बहुत थकावट महसूस होती है, तो नमक आपकी मदद कर सकता है। नहाने के पानी में चुटकी भर सेंधा नमक मिला लें और उस पानी से नहाएं। इसके अलावा, अगर किसी को नजर लग गई है, तो एक मुट्ठी नमक उसके सिर के ऊपर से 7 बार घुमाकर बहते पानी या वॉश बेसिन में बहा दें। इससे शरीर की सारी नेगेटिविटी निकल जाती है, नजर दोष खत्म होता है और मानसिक शांति मिलती है।
वास्तु से जुड़ी कुछ जरूरी सावधानियां
कांच का इस्तेमाल करें: वास्तु के उपाय करते समय नमक को हमेशा कांच के बर्तन में ही रखें। इसे कभी भी स्टील, लोहे या प्लास्टिक के बर्तन में नहीं रखना चाहिए।
नमक किसी के हाथ में न दें: ऐसा माना जाता है कि कभी भी नमक सीधे किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं देना चाहिए, इससे रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसे हमेशा मेज या प्लेट पर रखें।
इस्तेमाल किया हुआ नमक न खाएं: वास्तु उपायों में इस्तेमाल किए गए नमक को हमेशा बहा दें, उसे कभी भी खाने में या किसी और चीज में इस्तेमाल न करें।
नमक के ये उपाय बहुत ही सरल हैं और इनमें आपका कोई खास खर्च भी नहीं होता। पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ इन उपायों को आजमाकर देखें, आपके घर में भी सुख-शांति और समृद्धि का वास जरूर होगा।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक और खौफनाक हत्याकांड सामने आया है जहां एक शादीशुदा कपल ने अपनी 14 साल की लव मैरिज को अपने गुस्से और जिद के आवेश में खत्म कर दिया है. दंपति के 4 बच्चे बताए जा रहे हैं. दोनों पति-पत्नी के बीच नौकरी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था जिससे नाराज होकर पत्नी अपनी मायके आ गई. पति ने कई बार पत्नी को वापस लाने की भी कोशिश की लेकिन जब दोनों के बीच बात नहीं बनी तो गुस्साए पति ने मायके पहुंचकर अपनी पत्नी और 4 बच्चों की मां की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है जबकि इलाके में सनसनी फैल गई है. इस मामले में मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद आरोपी पति को गिरफ्तार किया जा चुका है.
नौकरी छोड़ने पर हुआ था विवाद
अमर उजाला की रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस ने बताया कि 32 वर्षीय मीनू की शादी 14 साल पहले सन्नी सैनी से हुई थी. दोनों एक साथ फैक्ट्री में काम करते थे. दोनों अलग-अलग जाति से आते थे इसलिए परिवार की सहमति नहीं थी और दोनों ने लव मैरिज कर ली. शादी के बाद पत्नी मीनू ने अपनी नौकरी छोड़ दी और चारों बच्चों की परवरिश में जुट गई. कुछ दिन बाद पति सन्नी भी नौकरी छोड़कर घर बैठ गया. यह बात मीनू को पसंद नहीं आई. घर का खर्चा और बच्चों का पालन पोषण मुश्किल हो गया. पति के फैसले से नाराज होकर पत्नी मीनू अपने मायके आ गई.
20 दिन पहले हुआ था झगड़ा
बताया जा रहा है कि दोनों पति-पत्नी के बीच 20 दिन पहले ही नौकरी छोड़ने के पीछे झगड़ा हुआ था. विवाद को सुलझाने के लिए मीनू के परिजन उसके ससुराल यानी पति सन्नी के घर भी गए थे लेकिन मारपीट की नौबत आ गई जिसके कारण पुलिस बुलानी पड़ी और मामला वहीं ठंडे बस्ते में चला गया. हालांकि मीनू के परिजन उसे वापस ले आए लेकिन चारों बच्चे सन्नी के पास ही रह गए.
चाकू लेकर ससुराल में घुंस आया पति
मृतका पत्नी मीनू की बहन दीपा ने बताया कि बुधवार सुबह नौ बजे, जब घर के सभी सदस्य काम में लगे हुए थे तो मीनू का पति सन्नी तमतमाता हुआ घर के अंदर घुंस आया. दीपा के दोनों बच्चे घर में मौजूद थे जबकि सन्नी के हाथ में चाकू और सिर पर खून सवार था. दोनों बच्चे डर से सहम गए और अपने मामा को सारी बातें बताने भागे कि पीछे से सन्नी ने मीनू की चाकू गोदकर हत्या कर दी. घटना से पहले सन्नी मीनू को मनाने भी आया था लेकिन पत्नी दोनों के बीच बात नहीं बनी जिसके चलते सन्नी काफी नाराज चल रहा था.
रोते-रोते मां को पुकार रहे बच्चे
स्थानीय पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही पति सन्नी को पत्नी के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि दोनों का प्रेम प्रसंद फैक्ट्री में काम के दौरान शुरू हुआ था. दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की थी लेकिन यह रिश्ता इस मोड पर आकर दम तोड़ देगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था. दंपति की एक गलती की वजह से चारों बच्चे अनाथ हो गए. बताया जा रहा है कि चारों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. ननिहाल और ददिहाल पक्ष की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है जबकि पिता को कत्ल के इल्जाम में जेल हो चुकी है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चारों बच्चों की देखभाल कौन करेगा? फिलहाल, पुलिस ने संबंधित मामलों में मुकदमा दर्ज करके आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.