मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल

मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल
मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल

मुजफ्फरनगर में एक परिवार ने विधवा बहू को लेकर ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी परिवार में बेटे रोहित की मौत के करीब एक महीने बाद उसकी पत्नी मीनाक्षी की दूसरी शादी करा दी गई। परिवार की ओर से बताया गया कि यह फैसला मीनाक्षी की सहमति से लिया गया। सास सुनीता ने बहू को परिवार की जिम्मेदारी मानने के बजाय उसे बेटी की तरह आगे की जिंदगी शुरू करने का मौका देने का फैसला किया। इस शादी में परिवार के सदस्यों ने उसका साथ दिया और पूरे रीति-रिवाज के साथ उसे नए जीवन के लिए विदा किया।

एक दिन के अंतर से हुई पति और ससुर की मौत

बताया गया कि रोहित और मीनाक्षी की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। दोनों की दो बेटियां भी हैं, जिनमें एक सात साल और दूसरी करीब डेढ़ साल की है। परिवार पर उस समय बड़ा संकट आया जब 14 अगस्त को रोहित के पिता ओमपाल का निधन हो गया। वह कैंसर से जूझ रहे थे और राजमिस्त्री का काम करते थे। परिवार के मुताबिक, पिता की मौत का सदमा रोहित भी नहीं सह सका और अगले ही दिन 15 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई। पति और ससुर को खोने के बाद मीनाक्षी अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ रह गई। इसके बाद सास सुनीता ने बहू और उसकी बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसकी दूसरी शादी कराने का फैसला किया।

मीनाक्षी की रजामंदी से योगेश से तय हुआ रिश्ता

परिवार ने मीनाक्षी की सहमति से राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ उसका रिश्ता तय किया। इसके बाद बुधवार को आर्य समाज मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि मीनाक्षी के देवर मोहित ने अपनी भाभी का देवर बनकर नहीं, बल्कि भाई की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया। सास सुनीता ने भी मीनाक्षी को बेटी की तरह विदा किया। शादी के बाद परिवार ने कहा कि मीनाक्षी उनके लिए हमेशा परिवार का हिस्सा रहेगी और त्योहारों तथा अन्य पारिवारिक अवसरों पर उसे बेटी की तरह बुलाया जाता रहेगा। जरूरत पड़ने पर परिवार उसके साथ खड़ा रहेगा।

शादी के बाद मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने यह विवाह अपनी इच्छा से किया है और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने अपने ससुराल वालों के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी सास ने उन्हें बेटी की तरह समझा और नए जीवन की शुरुआत में साथ दिया। वहीं देवर मोहित ने बताया कि भाभी की आगे पूरी जिंदगी बाकी है और उनकी दो बेटियों का भविष्य भी जुड़ा है।

इसलिए परिवार ने उनकी सहमति से यह फैसला लिया। मोहित ने कहा कि आगे भी मीनाक्षी के साथ पारिवारिक रिश्ता बना रहेगा और किसी परेशानी में परिवार उसकी मदद करेगा। इस परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि मुश्किल परिस्थितियों में किसी महिला को नई जिंदगी शुरू करने का अवसर और परिवार का सहयोग मिलना चाहिए।

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