
आमतौर पर लोग अच्छी डिग्री, सम्मानजनक नौकरी और आर्थिक सुरक्षा को सफलता की निशानी मानते हैं। लेकिन चीन की एक 31 वर्षीय महिला ने अपने करियर में इतना सब हासिल करने के बाद भी एक ऐसा फैसला लिया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। मेडिसिन में PhD करने वाली लियू जिहान ने अस्पताल की नौकरी छोड़ दी और इसके बाद डिलीवरी राइडर, पब सिंगर और दूसरे छोटे-मोटे काम करने लगीं।
लियू का कहना है कि करियर बदलने के बाद उनकी जिंदगी में तनाव कम हुआ है। अब वह अपनी जरूरतों का खर्च निकालने के साथ-साथ जिंदगी को अपनी पसंद के हिसाब से जीने की कोशिश कर रही हैं।
पढ़ाई के दबाव के बीच हासिल की PhD
लियू चीन के उत्तरी प्रांत हेबेई से हैं। उनका बचपन पढ़ाई और प्रतियोगिता के दबाव के बीच बीता। उन्होंने कुछ समय हेंगशुई हाई स्कूल में भी पढ़ाई की, जो अपने अनुशासन और कड़े शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता है।
इसके बाद उन्होंने सिचुआन यूनिवर्सिटी से मेडिसिन की पढ़ाई की। आगे चलकर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मकाऊ के फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की।
महज 27 साल की उम्र में PhD पूरी करने के बाद लियू ने साल 2022 में अस्पताल में मनोचिकित्सक के तौर पर काम शुरू किया।
मरीजों से मिला प्यार और सम्मान
अस्पताल में काम करने के दौरान लियू को मरीजों से काफी सम्मान मिला। कुछ मरीजों ने उनके लिए हाथ से चिट्ठियां लिखीं और उनके सम्मान में बैनर तक बनाए।
लियू के लिए मरीजों से जुड़ना उनके काम का सबसे अच्छा हिस्सा था। वह मानती थीं कि मरीज की सामाजिक स्थिति या हैसियत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उसे एक इंसान के तौर पर समझा जाए।
उन्हें लोगों से दिल की बात करना और अलग-अलग तरह के लोगों से जुड़ना पसंद था। लेकिन समय के साथ अस्पताल की नियमित दिनचर्या और तय शेड्यूल उन्हें परेशान करने लगा।
प्रतिष्ठित अस्पताल की नौकरी भी छोड़ दी
इस साल फरवरी में लियू ने झुहाई के एक अस्पताल में मनोचिकित्सक और पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर की फुल-टाइम नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
उनके पास PhD थी, सम्मानजनक नौकरी थी और एक स्थिर करियर की राह भी खुली हुई थी। इसके बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि सिर्फ सुरक्षित करियर के लिए ऐसी जिंदगी जीना, जिसमें उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही, उनके लिए सही नहीं है।
नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ समय यात्रा में बिताया। इसके बाद उन्होंने ऐसे कई काम आजमाए, जिनका उनके मेडिकल करियर से कोई सीधा संबंध नहीं था।
कभी नाश्ता बेचा, कभी बनीं डिलीवरी राइडर
लियू ने नाश्ता बेचने का काम किया, डिलीवरी राइडर के तौर पर काम किया और एक पब में सिंगर के रूप में भी परफॉर्म किया।
इन कामों के दौरान उन्हें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों के करीब से मिलने का मौका मिला। रेस्टोरेंट कर्मचारी, डिलीवरी राइडर, पब में काम करने वाले लोग और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले लोग उनकी नई जिंदगी का हिस्सा बने।
लियू के मुताबिक, इन लोगों में उन्हें एक अलग तरह की सकारात्मकता नजर आई। मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वे एक-दूसरे की मदद करते थे और जिंदगी को ज्यादा सहज तरीके से लेते थे।
बोलीं- जिंदगी सिर्फ डिग्री और नंबरों का नाम नहीं
लियू ने महसूस किया कि उनकी पिछली जिंदगी में प्रतियोगिता और उपलब्धियों पर काफी जोर था। उनका मानना है कि युवा अक्सर अच्छे नंबर, डिग्री और करियर की दौड़ में खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल लेते हैं।
उन्होंने बताया कि डिलीवरी राइडर एक-दूसरे को ट्रैफिक और रास्तों की जानकारी देते हैं। वहीं पब में काम करने वाले लोग और छोटे दुकानदार भी जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद करते हैं।
लियू के लिए ऐसे छोटे-छोटे अनुभवों ने जिंदगी को देखने का उनका नजरिया बदल दिया। उनके मुताबिक, सिर्फ उपलब्धियां हासिल करना ही जिंदगी का उद्देश्य नहीं है। लोगों के बीच देखभाल, सहयोग और आपसी जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मेडिसिन से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ा
हालांकि लियू ने मेडिकल क्षेत्र को पूरी तरह नहीं छोड़ा है। वह अब भी पार्ट-टाइम थेरेपिस्ट के तौर पर काम करती हैं। उनका कहना है कि वह अपने काम और निजी जिंदगी के बीच ज्यादा स्वतंत्रता और संतुलन चाहती हैं।
लियू की कहानी इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने उस समय करियर की दिशा बदली, जब उनके पास आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत पेशेवर आधार मौजूद था। उनके लिए यह बदलाव सिर्फ नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं था, बल्कि जिंदगी को अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से देखने की कोशिश भी थी।

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