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  • संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर के खलीलाबाद में पड़ोसियों के साथ हुए विवाद ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन पुरवा मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक भोजनालय में कथित तौर पर बेटे और उसकी मां के साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे 58 वर्षीय पिता को भी हमलावरों ने निशाना बनाया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना के पीछे व्यावसायिक रंजिश का आरोप लगाया है।

    भोजनालय में बेटे और मां के साथ मारपीट का आरोप

    जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पुरवा निवासी शिवम जायसवाल का मोहल्ले में जायसवाल भोजनालय है। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे शिवम अपनी मां के साथ भोजनालय में मौजूद थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी महेंद्र जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, रिंकू जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल कथित तौर पर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शिवम व उनकी मां के साथ मारपीट करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर शिवम के पिता चिरंजीव लाल जायसवाल मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगे।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पिता की मौत

    परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, विवाद के दौरान हमलावरों ने चिरंजीव लाल को भी पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    कारोबार में रंजिश होने का दावा

    मृतक के बेटे शिवम जायसवाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी उनके भोजनालय के कारोबार और बिक्री को लेकर उनसे जलन रखते थे। उनका दावा है कि इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते विवाद हुआ और उनके पिता की जान चली गई।

    हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    पुलिस जांच से स्पष्ट होगी पूरी घटना

    इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना और व्यावसायिक रंजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार करना आवश्यक है।

  • सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    जींद, हरियाणा: विदेश में नौकरी कर रहे एक मर्चेंट नेवी कर्मी को सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती इतनी महंगी पड़ेगी, इसका अंदाजा नहीं था। स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से बातचीत शुरू हुई, फिर व्हाट्सएप पर बातें होने लगीं। धीरे-धीरे भरोसा बढ़ा और शादी की उम्मीद भी जगी। इसी भरोसे के बीच अलग-अलग बहानों से रुपये मांगे गए और युवक ने करीब आठ लाख रुपये दे दिए। लेकिन जब वह विदेश से अपने गांव लौटा और मिलने की बात कही, तो सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पड़ताल की तो कथित पहचान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

    दुबई में शुरू हुई स्नैपचैट पर बातचीत

    शिकायत के अनुसार, जींद जिले के बुढ़ाखेड़ा निवासी युवक मर्चेंट नेवी में एबी के पद पर कार्यरत है। वह 26 फरवरी को नौकरी के सिलसिले में दुबई गया था। मार्च में दुबई में रहते हुए उसकी स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से एक युवती से बातचीत शुरू हुई।

    शुरुआत में सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर भी बातचीत होने लगी। शिकायतकर्ता को भरोसा हो गया कि वह किसी युवती से बात कर रहा है। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उससे अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे जाने लगे।

    शादी का भरोसा देकर अलग-अलग बहानों से मांगे रुपये

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के दौरान सामने वाले ने शादी का भरोसा दिलाया और कई बार आर्थिक मदद के नाम पर रकम मांगी। युवक ने विश्वास करके कुल आठ लाख रुपये दे दिए।

    27 अगस्त को जब वह अपने गांव लौटा, तो उसने ‘कोमल’ से आमने-सामने मिलने की बात कही। आरोप है कि सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इस व्यवहार से युवक को शक हुआ कि जिस व्यक्ति से वह इतने समय से बातचीत कर रहा था, उसकी पहचान कुछ और हो सकती है।

    जांच में युवती नहीं, युवक होने का आरोप

    इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की। उसकी शिकायत के मुताबिक, जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि ‘कोमल’ नाम से बातचीत करने वाली कथित युवती वास्तव में झज्जर जिले के बेरी थाना क्षेत्र के गोच्छी गांव का रहने वाला युवक है।

    आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से संपर्क किया और शादी का भरोसा देकर उससे आठ लाख रुपये ठग लिए। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

    शिकायत मिलने के बाद जींद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी को नामजद करते हुए धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।

    यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। किसी की पहचान की पुष्टि किए बिना शादी या रिश्ते के भरोसे पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। वीडियो कॉल या चैट पर बातचीत होना भी किसी व्यक्ति की असली पहचान और उसके इरादों की गारंटी नहीं है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर शिकायत और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    पानीपत: शादी को अभी महज छह महीने ही हुए थे, लेकिन अचानक एक ऐसी घटना सामने आई जिसने परिवार को चिंता में डाल दिया। समालखा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नवविवाहिता रात के समय घर से लापता हो गई। जब परिजनों ने उसकी तलाश के साथ घर में सामान की जांच की, तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये भी नहीं मिले। इसके बाद पति ने पुलिस से शिकायत की। अब पुलिस महिला की तलाश और पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    रात में अचानक घर से चली गई महिला

    पति की ओर से पुलिस चौकी में दी गई शिकायत के मुताबिक, उसकी शादी करीब छह महीने पहले बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली युवती से हुई थी। परिवार के अनुसार, 7 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे उसकी पत्नी बिना किसी को बताए घर से चली गई।

    महिला के अचानक गायब होने से परिजन परेशान हो गए। उन्होंने घर में उसकी तलाश की और सामान की जांच की। इसी दौरान अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये नहीं मिले। परिवार को आशंका हुई कि महिला जाते समय ये सामान भी अपने साथ ले गई होगी।

    पति की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

    मामले को लेकर महिला के पति ने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल महिला के लापता होने के कारणों और आभूषण व नकदी के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

    समालखा थाना पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। महिला के आने-जाने से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की जांच करते हुए महिला का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

    शादी के छह महीने बाद महिला के अचानक लापता होने और घर से आभूषण व नकदी गायब होने के मामले में अभी कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। महिला किन परिस्थितियों में घर से गई और वह कहां है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध शुरुआती जानकारी पर आधारित है। आभूषण व नकदी ले जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

  • हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इन नोटों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये बताई जा रही है। ये वही नोट हैं, जिन्हें नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद सामान्य चलन से बाहर कर दिया गया था। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि पुलिस बरामद नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के उद्देश्य की जांच कर रही है।

    1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट मिलने से उठे सवाल

    नोटबंदी के कई साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये नोट कहां से जुटाए गए और इन्हें इतनी बड़ी संख्या में किस मकसद से रखा गया था।

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामद खेप में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें अपने कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू की है।

    एक आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुराने नोट उसके पास कैसे पहुंचे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी की जगह और नोटों के संभावित इस्तेमाल के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल किसी बड़े गिरोह या संगठित साजिश की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की क्या स्थिति है?

    केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इन पुराने नोटों का सामान्य लेनदेन में इस्तेमाल अब मान्य नहीं है। ऐसे नोटों के संबंध में कानूनी स्थिति परिस्थितियों और लागू प्रावधानों पर निर्भर कर सकती है।

    इसी वजह से इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों का मिलना जांच का विषय बन गया है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नोट किसके हैं, उन्हें कहां रखा गया था और मामले में कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    जांच के बाद सामने आएगी पूरी कहानी

    फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य पुराने नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के पीछे की वजह का पता लगाना है। आगे की कार्रवाई पूछताछ, बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हो सकती है।

    इस मामले में नोटों के नेटवर्क, किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या उनके इस्तेमाल की योजना को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

  • पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    कुछ रिश्ते बाहर से जितने सामान्य दिखाई देते हैं, उनके पीछे की कहानी उतनी ही उलझी हुई हो सकती है। एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें पति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पत्नी पर गंभीर आरोप लगे। मामला सामने आने के बाद पारिवारिक विवाद, पैसों के लेन-देन और रिश्तों में तनाव को लेकर कई तरह के दावे किए गए।

    बताया गया कि पति-पत्नी के बीच उम्र का अंतर था। दोनों की जिंदगी बाहर से सामान्य नजर आती थी। पत्नी को सजने-संवरने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें व रील साझा करने का शौक था। वह कभी-कभी अपने पति के साथ भी रील बनाती थी। लेकिन परिवार के दावों के मुताबिक, उनके रिश्ते में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था।

    एक घटना ने बदल दी पूरी कहानी

    एक दिन पति की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। आरोप लगाया गया कि घरेलू विवाद के दौरान पत्नी ने पति के शरीर के संवेदनशील हिस्से को दबाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में पत्नी से पूछताछ की गई और घटना को लेकर कई सवाल उठे।

    पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार को लेकर भी चर्चाएं हुईं। उस समय सामने आई खबरों में दावा किया गया कि उसने अपने किए पर पछतावा नहीं होने की बात कही थी। जेल जाने के सवाल पर उसने कथित तौर पर कहा कि वह वहां रहकर एक्सरसाइज करेगी और अपनी फिटनेस पर ध्यान देगी।

    इन कथित बयानों ने लोगों को हैरान किया। हालांकि, किसी व्यक्ति के व्यवहार या बयान को लेकर सामने आई जानकारी की पुष्टि जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

    परिवार ने रिश्तों को लेकर लगाए गंभीर आरोप

    मृतक के परिवार का दावा था कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था। परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि महिला के दूसरे लोगों से भी संबंध थे और इस वजह से दंपती के बीच विवाद होता था।

    परिवार ने यह भी दावा किया कि उनके पास कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिनमें कथित तौर पर दोनों के बीच हुए विवाद और बातचीत दर्ज थी। परिवार के मुताबिक, इन रिकॉर्डिंग को जांच के लिए पुलिस को सौंपने की बात कही गई थी।

    हालांकि, इन दावों की सच्चाई और रिकॉर्डिंग में मौजूद बातचीत का वास्तविक संदर्भ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। किसी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को बिना पुष्टि के सच नहीं माना जा सकता।

    पांच लाख रुपये को लेकर भी उठे सवाल

    इस मामले में पैसों को लेकर भी संदेह जताया गया था। परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, मृतक ने करीब पांच लाख रुपये जमा किए थे। परिवार को आशंका थी कि इस रकम को लेकर भी कोई विवाद हो सकता है।

    परिजनों ने महिला की खर्च करने की आदत और पति की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए थे। हालांकि, जमा रकम का घटना से कोई संबंध था या नहीं, इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध जानकारी से नहीं निकाला जा सकता।

    सोशल मीडिया की जिंदगी और घर के विवाद

    महिला को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और सजने-संवरने का शौक था। वह अपने पति के साथ भी रील बनाती थी। बाहर से देखने पर उनकी जिंदगी सामान्य लग सकती थी, लेकिन परिवार के आरोपों ने उनके निजी रिश्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

    इस कहानी का सबसे गंभीर पहलू यह है कि किसी रिश्ते की असल स्थिति केवल सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरों से नहीं समझी जा सकती। वहीं, पारिवारिक आरोपों और व्यक्तिगत जीवनशैली के आधार पर किसी को अपराधी ठहराना भी उचित नहीं है।

    जांच के बाद ही सामने आ सकती है पूरी सच्चाई

    इस घटना ने कई सवाल खड़े किए थे—क्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था? क्या पैसों का कोई विवाद था? और परिवार की ओर से जिन रिकॉर्डिंग का जिक्र किया गया, उनमें क्या दर्ज था?

    इन सवालों के जवाब केवल ठोस सबूत और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकते हैं। किसी की मौत से जुड़ा मामला बेहद गंभीर होता है और इसमें भावनाओं, आरोपों तथा वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह कहानी उपलब्ध जानकारी और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

  • फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का, पंजाब: पंजाब के फाजिल्का स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) कैंप में एक जवान और उसकी पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी 38 वर्षीय BSF कांस्टेबल दिनेश कुमार बघेल और उनकी 36 वर्षीय पत्नी पिंकी के शव सरकारी आवास में मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जवान पर पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने का आरोप है। घटना का पता उस समय चला, जब उनकी 12 वर्षीय बेटी ने माता-पिता के शव देखे और आसपास के लोगों को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    BSF कैंप के सरकारी आवास में मिले दोनों के शव

    जानकारी के मुताबिक, दिनेश कुमार बघेल उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर थाना क्षेत्र के सांती गांव के रहने वाले थे। वह BSF की 38वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी पिंकी, 12 वर्षीय बेटी अनुष्का और 7 वर्षीय बेटे जयादित्य के साथ फाजिल्का स्थित BSF कैंप के सरकारी आवास में रहते थे।

    बताया जा रहा है कि बुधवार रात ड्यूटी से लौटने के बाद घर में यह घटना हुई। शुरुआती जानकारी में पत्नी की हत्या और जवान की आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    बेटी ने देखा माता-पिता का शव

    घटना का पता उस समय चला, जब दंपती की 12 वर्षीय बेटी अनुष्का ने घर में अपने माता-पिता के शव देखे। यह देखकर वह घबरा गई और उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

    सूचना मिलने के बाद BSF के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। घटना से परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।

    छह महीने पहले परिवार को लेकर आए थे फाजिल्का

    बताया गया है कि दिनेश करीब छह महीने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को अपने साथ फाजिल्का लेकर आए थे। उनकी पत्नी पिंकी उत्तर प्रदेश के सांती गांव में एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करती थीं।

    दिनेश पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। घटना की खबर फिरोजाबाद स्थित परिवार तक पहुंचने के बाद परिजन फाजिल्का के लिए रवाना हो गए। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों का पता लगना बाकी

    पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती जानकारी में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

  • लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक 27 वर्षीय कैफे संचालक की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए उसकी लिव-इन पार्टनर और उससे जुड़ी एक अन्य महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि उनके बेटे को पहले बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और फिर इमारत से नीचे फेंक दिया गया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत, फिर मौत की खबर

    यह घटना हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की बताई गई है। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कैफे संचालक शिवा शर्मा की मां को एक युवती का फोन आया। फोन पर बताया गया कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।

    परिजन घबराकर लोहिया अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शिवा का पता नहीं चला। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि घायल युवक को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया है। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचने पर एंबुलेंस के पास एक ड्राइवर मौजूद था, जो परिजनों को देखकर कथित तौर पर वहां से चला गया।

    बताया गया कि घायल युवक को लेकर एंबुलेंस चालक काफी देर तक अलग-अलग अस्पतालों के बीच चक्कर लगाता रहा। आखिरकार डॉक्टरों ने शिवा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने घटना को लेकर सवाल उठाए और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मां का आरोप, बेटे को प्रताड़ित करने के बाद नीचे फेंका गया

    मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उन्होंने दावा किया कि उसके चेहरे, जबड़े, पसलियों और पैरों पर चोटें थीं। परिवार की ओर से शरीर पर सिगरेट से दागने और खरोंच के निशान होने की बात भी कही गई है।

    परिजनों का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर से जुड़े विवाद के चलते उसे पिछले कई महीनों से परेशान किया जा रहा था। परिवार ने मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां मिलने का भी दावा किया है।

    मां के मुताबिक, घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी एक महिला उनके बेटे की दुकान पर आई थी और कथित तौर पर धमकी दी थी। परिवार ने यह आशंका भी जताई कि घर और दुकान पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले क्या हुआ था और चोटें किन परिस्थितियों में आईं।

    चौथी मंजिल से गिरने की सूचना, पुलिस ने दर्ज किया केस

    पुलिस के अनुसार, युवक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरा था और बाद में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि शिवा खुद नीचे गिरा, उसे धक्का दिया गया या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच में तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।

    हादसा या साजिश, जांच के बाद ही सामने आएगा सच

    कैफे संचालक की मौत के मामले में फिलहाल कई सवाल बने हुए हैं। परिवार इसे हत्या की आशंका से जोड़ रहा है, जबकि घटना की परिस्थितियों और मौत के कारणों का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

    अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि युवक की मौत कैसे हुई। जब तक जांच में ठोस तथ्य सामने नहीं आते, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

  • बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    खुर्जा, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश: पति और तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने गई 30 वर्षीय पिंकी की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, महिला की हत्या उसके प्रेमी रिंकू ने अपने साढ़ू राजेश के साथ मिलकर की। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर अलीगढ़ जिले में एक नलकूप के पास गड्ढे से महिला का शव बरामद किया। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    25 सितंबर को अचानक लापता हो गई थी पिंकी

    पिंकी बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के शहबाजपुर भाल गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी वर्ष 2013 में रामकुमार से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं—आठ वर्षीय बेटी माधुरी, पांच वर्षीय बेटा वंश और तीन वर्षीय बेटा चिंटू।

    पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले पिंकी का गांव के ही रिंकू के साथ प्रेम संबंध शुरू हुआ था। बताया गया कि बाद में पिंकी अपने पति और बच्चों से अलग होकर प्रेमी के साथ रहने लगी थी।

    25 सितंबर को पिंकी अचानक लापता हो गई। इसके बाद उसके परिवार में चिंता बढ़ गई। 28 सितंबर को पिंकी के भाई अशोक ने पुलिस से शिकायत कर बहन के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई।

    मोबाइल कॉल की जांच से सामने आया नाम

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पिंकी के एक मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर अलीगढ़ जिले के अकराबाद थाना क्षेत्र के रामपुर लधउवा गांव निवासी राजेश से पूछताछ की।

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ में राजेश ने रिंकू के साथ मिलकर पिंकी की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

    अलीगढ़ में नलकूप के पास गड्ढे से मिला शव

    पुलिस के मुताबिक, राजेश को पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि रिंकू को शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलीगढ़ जिले के रामपुर लधउवा गांव में एक नलकूप के पास गड्ढे से पिंकी का शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, ताकि मौत से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सके।

    तीन बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार चिंतित

    पिंकी की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार और गांव में शोक का माहौल है। उसके तीनों बच्चे अभी छोटी उम्र के हैं। घटना के बाद परिवार के सामने बच्चों की देखभाल और भविष्य को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।

    पुलिस अब हत्या के पीछे की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।

  • मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    जीरकपुर, मोहाली, पंजाब: पीर मुच्छल्ला के नेचर पार्क के पास जंगल में युवक का सिर कटा शव मिलने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरपाल कश्यप और उसके बेटे राहुल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को शक था कि हरपाल के बेटे बबलू की मौत के पीछे विशाल का हाथ था। इसी रंजिश में विशाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामले में एक अन्य आरोपी मनोज की तलाश जारी है।

    बेटे की मौत के शक में रची हत्या की साजिश

    पुलिस की जांच के अनुसार, करीब एक महीने पहले हरपाल के बेटे बबलू का शव पंचकूला के जंगल क्षेत्र में मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में हरपाल को अपने बेटे की मौत की जानकारी मिली।

    पुलिस का कहना है कि हरपाल को संदेह था कि बबलू के दोस्त विशाल और उसके परिवार की इस घटना में भूमिका हो सकती है। इसी शक के चलते उसने अपने बेटे राहुल और मनोज के साथ मिलकर विशाल को निशाना बनाने की योजना बनाई। हालांकि, बबलू की मौत और विशाल की कथित भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

    दरात से हत्या कर जंगल में फेंका शव

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशाल पर हमला किया और दरात से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। इसके बाद शव को पीर मुच्छल्ला स्थित नेचर पार्क के पास जंगल में फेंक दिया गया।

    आठ अक्टूबर को पार्क के पास सिर कटा शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की पहचान विशाल के रूप में की। शुरुआती तौर पर यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, लेकिन जांच के दौरान संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर हरपाल और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए दरात की बरामदगी और तीसरे आरोपी मनोज की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले हैं आरोपी

    पुलिस के अनुसार, हरपाल कश्यप और उसका बेटा राहुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मैथरा गांव के रहने वाले हैं। दोनों मोहाली के पास जीरकपुर के पीर मुच्छल्ला स्थित शिव नगर में किराये पर रहते थे।

    वहीं, विशाल पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली रोली से प्रेम विवाह किया था। दंपती का करीब 10 महीने का एक बेटा है।

    पत्नी और बच्चे की तलाश के दौरान भी उलझा था मामला

    जांच में विशाल की पत्नी रोली और उनके बच्चे के लापता होने का पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, छह अक्टूबर को रोली अपने बच्चे के साथ दूध लेने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद विशाल पत्नी और बच्चे की तलाश में निकला था।

    वह उस ढाबे पर भी गया, जहां रोली पहले काम करती थी। उसे आशंका थी कि उसकी पत्नी ढाबा संचालक के साथ चली गई है। वहां विशाल का विवाद होने की बात भी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, मनोज भी विशाल के साथ ढाबे पर गया था। जांच में मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। फिलहाल रोली और उसके 10 महीने के बच्चे का पता नहीं चल पाया है। पुलिस उनकी तलाश भी कर रही है।

    तीसरे आरोपी की तलाश, आगे की जांच जारी

    इस मामले की जांच खरड़ सीआईए की टीम कर रही है। पुलिस गिरफ्तार पिता-पुत्र को अदालत में पेश कर रिमांड लेने और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की तैयारी में है। जांच के दौरान हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका और बबलू की मौत से जुड़े संदेह की भी पड़ताल की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और सामने आए आरोपों पर आधारित है। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। आरोपियों के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ, उत्तर प्रदेश: पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ शाखा से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रही एक महिला को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान कविता के रूप में बताई गई है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया।

    हरिद्वार से पकड़ी गई आरोपी महिला

    मिली जानकारी के अनुसार, CBI को बैंक ऋण धोखाधड़ी के इस मामले में कविता की तलाश थी। वह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से अनुपस्थित थी। लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।

    जांच एजेंसी ने तकनीकी सुरागों और लगातार किए गए प्रयासों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। आखिरकार शुक्रवार को टीम ने उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, महिला हरिद्वार में किस स्थान पर रह रही थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़ा है मामला

    यह मामला पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित शाखा से जुड़े कथित 3.63 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले का है। इस प्रकरण में कविता को आरोपी बनाया गया है।

    हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित धोखाधड़ी किस तरीके से की गई थी, ऋण किसके नाम पर लिया गया था या इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका होने का आरोप है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।

    वर्ष 2017 से अदालत में नहीं हुई थी पेश

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, अदालत में पेश नहीं होने के पीछे क्या कारण थे, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    CBI ने तकनीकी जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर उसका पता लगाया। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संचालित होगी।

    गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?

    इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है। अब अदालत के आदेशों और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    फिलहाल, अदालत ने आरोपी के संबंध में क्या आदेश दिया और मामले में अन्य आरोपियों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कथित ऋण धोखाधड़ी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तारी या आरोपी बनाए जाने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।