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  • पहले किया किडनैप, फिर नहीं छोड़ा पीछा… फरीदाबाद टीचर हत्याकांड में आरोपी की खौफनाक सनक का खुलासा..

    पहले किया किडनैप, फिर नहीं छोड़ा पीछा… फरीदाबाद टीचर हत्याकांड में आरोपी की खौफनाक सनक का खुलासा..

    पहले किया किडनैप, फिर नहीं छोड़ा पीछा… फरीदाबाद टीचर हत्याकांड में आरोपी की खौफनाक सनक का खुलासा..

    फरीदाबाद के एक स्कूल में सोमवार को एक महिला टीचर को स्कूल की चारदीवारी के भीतर चाकू से गोदकर मार दिया गया. उसको 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से गोदा गया. 26 साल की महिला टीचर ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया. ये हत्या कोई तुरंत नहीं हुई बल्कि एक सोची समझी साजिश थी. हत्या किसने और क्यों की. कत्ल के पीछे वजह क्या रही, वह स्कूल में दाखिल कैसे हुआ सबकुछ डिटेल में जानें.

    दो साल से संध्या का पीछा कर रहा था

    हत्या करने वाले शख्स ने करीब 2 साल तक महिला टीचर का पीछा किया था. आखिरकार वह अपने मंसूबों में कामयाब हो गया. टीचर के परिवार के मुताबिक, आरोपी करीब दो साल तक उसका पीछा कर रहा था. इसी साल की शुरुआत में, उसने कथित तौर पर संध्या को उसके घर से अगवा किया था. उसके पति के साथ भी मारपीट की थी. परिवार ने दूर रहने की चेतावनी दी फिर भी वह नहीं माना और टीचर को परेशान कर रहा था. संध्या आरोपी अमित से बात भी नहीं करती थी. उसने पीछा करने पर उस पर केस करने की भी धमकी दी थी.

    शादीशुदा संध्या से शादी करने की जिद पर अड़ा था

    परिवार वालों के मुताबिक, अमित उसे बार-बार फोन करता था. इसे तंग आकर संध्या के पति ने एक साल पहले उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया था. लेकिन अमित  फिर भी उसका पीछा छोड़ने के लिए तैयार नहीं था. वह टीचर से शादी करना चाहता था. जबकि वह जानता था कि संध्या पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं.

    एकतरफा इश्क में ली टीचर की जा

    उस पर एक तरफा इश्क का जुनून कुछ ऐसा सवार हुआ की हाथों में चाकू थामे वह महिला के स्कूल तक पहुंच गया. उसने फरीदाबाद की संध्या को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि वीडियो देखने वालों की रूह कांप जाए. संध्या 3 अगस्त की सुबह रोज की तरह सिकरौना के सरस्वती सीनियर सेकेंड्ररी स्कूल पहुंची. वह इस बात से पूरी तरह बेखबर थी कि कोई उसकी जान ले सकता है.

    स्कूल पहुंचकर संध्या को बाहर बुलाया

    उसी सुबह विक्की नाम का शख्स साढ़े नौ बजे स्कूल पहुंचकर एक टीचर से बोला कि मैम को बुला दीजिए कुछ बात करनी है. विक्की टीचर संध्या के पति का नाम है तो शख्स की बात पर यकीन कर उन्होंने संध्या को बुला दिया. उसके मुंह पर साफा बांधा था लेकिन किसी को शक नहीं हुआ. क्यों कि कई लोग धूल मिट्टी से बचने के लिए मुंह पर कपड़ा बांध लेते हैं.

    एक मिनट पैंतालीस सेकेंड तक वब बरामदे में चहलकदमी करता रहा. तभी संध्या दरवाजे पर आई. उसने हाथ के इशारे से उसे बाहर आने को कहा. शायद वह इसे पहचान गई इसीलिए वह बाहर नहीं आई. लेकिन शख्स ने उसे जबरदस्ती खींचा और अपना दाए हाथ से चाकू निकाकर संध्या पर ताबड़ तोड़ वार करना शुरू कर दिया.  संध्या बचने की कोशिश में जमीन पर गिर पड़ी.

    32 सेकेंड में 34 बार गोदा

    अगले बत्तीस सेकंड तक सिरफिरा उसे चाकू मारता रहा. टीचर की चीख सुनकर प्रिंसिपल बाहर आए, लेकिन हमलावर ने उनको डरा दिया.कातिल की सनक देखकर पीछे हट गए. स्टाफ के लोग संध्या को आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे. सनकी आशिक की पहचान 21 साल के अमित के तौर पर हुई है. पुलिस ने संध्या की पति की शिकायत पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

    कैसे हुई संध्या और अमित की पहली मुलाकात?

    पूछताछ में पता चला कि संध्या करीब दो साल पहले अमित के ही गांव में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी. दोनों की पहचान उसी दौरान हुई. अमित उससे एक तरफा इश्क करने लगा. लेकिन संध्या उससे छुटकारा पाना चाहती थी. बार-बार चेतावनी देने के बाद भी अमित उसका पीछा करता था. संध्या ने उसे पीछा नहीं छोड़ने पर केस करने की दमकी भी दी. उसने अमित से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी थी. ये बात अमित बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. बस तभी उसने तय कर लिया कि वह संध्या का कत्ल कर देगा. इसी इरादे से वह 3 अगस्त को जेब में चाकू रखकर स्कूल पहुंचा और उसे चाकू से गोद दिया.

    स्कूल में सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल

    जानकारी के मुताबिक, संध्या ने आरोपी के खिलाफ कुछ वक्त पहले  शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन तब उसने सबसे सामने माफी मांग ली थी. दोनों पक्षों में समझौता हो गया था. बावजूद इसके अमित सुधरा नहीं और मौका मिलते ही वह संध्या को परेशान करता रहता था.केस करने की धमकी मिलने पर उसने मन में रंजिश ठान ली.फरीदाबाद में हुई इस वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. वहीं स्कूलों के अंदर सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

  • बाएं हाथ से भूलकर भी न करें ये 3 काम, मान्यता है कि बढ़ सकता है दुर्भाग्य; जानें धार्मिक कारण..

    बाएं हाथ से भूलकर भी न करें ये 3 काम, मान्यता है कि बढ़ सकता है दुर्भाग्य; जानें धार्मिक कारण..

    बाएं हाथ से भूलकर भी न करें ये 3 काम, मान्यता है कि बढ़ सकता है दुर्भाग्य; जानें धार्मिक कारण..

    हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में कुछ कार्यों को विशेष नियमों के साथ करने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि शुभ कार्यों में दाएं हाथ का उपयोग करना अधिक मंगलकारी माना जाता है, जबकि कुछ कार्य यदि बाएं हाथ से किए जाएं तो उनका शुभ फल कम हो सकता है। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

    आइए जानते हैं वे तीन कार्य जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बाएं हाथ से करने से बचना चाहिए।

    1. प्रसाद और भोजन बाएं हाथ से न लें

    धार्मिक मान्यता है कि भगवान का प्रसाद और भोजन हमेशा दाएं हाथ से ग्रहण करना चाहिए। शास्त्रों में दाएं हाथ को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इसलिए प्रसाद लेते समय दाएं हाथ का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

    2. बड़ों का आशीर्वाद बाएं हाथ से न लें

    बुजुर्गों या पूज्य व्यक्तियों का आशीर्वाद लेते समय दोनों हाथ जोड़ना या दाएं हाथ का प्रयोग करना सम्मान का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि बाएं हाथ से आशीर्वाद लेने से शिष्टाचार और धार्मिक मर्यादा का पालन नहीं माना जाता।

    3. दान-पुण्य बाएं हाथ से न करें

    धार्मिक ग्रंथों में दान हमेशा दाएं हाथ से करने की परंपरा बताई गई है। मान्यता है कि श्रद्धा और विनम्रता के साथ दाएं हाथ से किया गया दान शुभ फल देता है। इसलिए दान-पुण्य करते समय दाएं हाथ का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

    धार्मिक मान्यता क्या कहती है?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, दायां हाथ बृहस्पति ग्रह का प्रतीक माना जाता है, जो ज्ञान, धर्म और शुभता से जुड़ा है। वहीं बाएं हाथ को शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो भोग-विलास का कारक माना जाता है। इसी वजह से पूजा, दान, प्रसाद और आशीर्वाद जैसे शुभ कार्यों में दाएं हाथ के प्रयोग की परंपरा चली आ रही है।

    ध्यान रखने योग्य बात

    यदि कोई व्यक्ति स्वाभाविक रूप से लेफ्ट-हैंडेड (बाएं हाथ से काम करने वाला) है, तो यह उसकी सामान्य शारीरिक विशेषता है। धार्मिक मान्यताओं का उद्देश्य किसी व्यक्ति के प्राकृतिक हाथ के उपयोग को गलत ठहराना नहीं है। कई परंपराओं में ऐसे लोगों के लिए व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुसार अलग दृष्टिकोण भी अपनाया जाता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। किसी भी धार्मिक आचरण का पालन अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार करें।

  • दिनदहाड़े मशहूर इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या, दोस्तों संग बैठे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    दिनदहाड़े मशहूर इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या, दोस्तों संग बैठे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    दिनदहाड़े मशहूर इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या, दोस्तों संग बैठे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    दिनदहाड़े मशहूर इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या, दोस्तों संग बैठे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    मैक्सिको में 23 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सीजर गैस्टेलम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात उस समय हुई जब वह अपने दोस्तों के साथ एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट के बाहर बैठे हुए थे। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजर गैस्टेलम टिकटॉक पर अपने कॉमेडी कंटेंट के लिए काफी लोकप्रिय थे और उनके करीब 6 लाख फॉलोअर्स थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान हेलमेट पहने दो हमलावर मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। बाइक चला रहे हमलावर ने सीजर पर नजदीक से गोली चला दी और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने इन्फ्लुएंसर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक जांच और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

    गैंगवार की चपेट में इलाका

    यह घटना मैक्सिको के सिनालोआ राज्य में हुई, जहां लंबे समय से विभिन्न आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है।

    यह घटना पिछले वर्ष चर्चित ब्यूटी इन्फ्लुएंसर वैलेरिया मार्केज की हत्या की भी याद दिलाती है, जिनकी भी मैक्सिको में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

  • चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहती हैं? गाजर, चुकंदर और अदरक से बनी यह देसी ड्रिंक हो सकती है फायदेमंद..

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहती हैं? गाजर, चुकंदर और अदरक से बनी यह देसी ड्रिंक हो सकती है फायदेमंद..

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहती हैं? गाजर, चुकंदर और अदरक से बनी यह देसी ड्रिंक हो सकती है फायदेमंद..

    अगर मौसम बदलने के साथ आपकी त्वचा की चमक कम हो गई है और चेहरा बेजान नजर आने लगा है, तो महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट से पहले खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, त्वचा की असली चमक बाहर से नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में गाजर, चुकंदर, अदरक और नींबू से तैयार एक पौष्टिक ड्रिंक त्वचा को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकती है।

    त्वचा की चमक क्यों होती है कम?

    विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ त्वचा के लिए बेहतर ब्लड सर्कुलेशन, पर्याप्त पोषण और कोशिकाओं की मरम्मत (Cell Repair) जरूरी होती है। जब त्वचा की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंचते हैं, तो त्वचा अधिक स्वस्थ और निखरी हुई दिखाई दे सकती है।

    इस ड्रिंक में क्या-क्या मिलाएं?

    इस हेल्दी ड्रिंक को बनाने के लिए आप इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं:

    • 1 मध्यम आकार की गाजर
    • 1 छोटा चुकंदर
    • 1 इंच अदरक का टुकड़ा
    • आधे नींबू का रस
    • आवश्यकता अनुसार पानी

    सभी सामग्री को अच्छी तरह धोकर मिक्सर में पीस लें। चाहें तो छानकर या बिना छाने भी इसका सेवन कर सकते हैं।

    जानिए किस सामग्री से क्या मिल सकता है फायदा

    गाजर:
    गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे शरीर विटामिन A में बदलता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और सामान्य त्वचा स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    चुकंदर:
    चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स और विटामिन C होते हैं। नाइट्रेट्स शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनने में मदद करते हैं, जिससे रक्त संचार बेहतर हो सकता है। वहीं, विटामिन C कोलेजन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    अदरक:
    अदरक में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

    नींबू:
    नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जो त्वचा की मरम्मत और कोलेजन बनने की प्रक्रिया में मदद करता है।

    नियमित सेवन से मिल सकते हैं ये संभावित लाभ

    संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इस ड्रिंक का सेवन करने से त्वचा के स्वास्थ्य को समर्थन मिल सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ दिख सकती है। हालांकि, किसी भी ड्रिंक को “फेशियल से बेहतर” या “तुरंत ग्लो देने वाला” कहना वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है।

    सेवन से पहले रखें ये बातें

    यदि आपको किडनी स्टोन, लो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, या आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो इस तरह की ड्रिंक को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी घरेलू उपाय या आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • जब भगवान शिव ने पैर के अंगूठे से तोड़ा रावण का अहंकार, तब हुई शिव तांडव स्तोत्र की रचना..

    जब भगवान शिव ने पैर के अंगूठे से तोड़ा रावण का अहंकार, तब हुई शिव तांडव स्तोत्र की रचना..

    जब भगवान शिव ने पैर के अंगूठे से तोड़ा रावण का अहंकार, तब हुई शिव तांडव स्तोत्र की रचना..

    सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करते हैं। मान्यता है कि शिव तांडव स्तोत्र का नियमित जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिव्य स्तोत्र की रचना स्वयं लंकापति रावण ने की थी?

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने एक बार केवल अपने पैर के अंगूठे से रावण का घमंड चकनाचूर कर दिया था। आइए जानते हैं इस प्रसिद्ध कथा के बारे में।

    जब रावण ने उठाने की कोशिश की कैलाश पर्वत

    कथा के अनुसार, एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से भ्रमण करते हुए कैलाश पर्वत के पास पहुंचा। उसी समय भगवान शिव कैलाश पर गहन तपस्या में लीन थे। शिवगणों ने रावण को आगे बढ़ने से रोक दिया और बताया कि इस समय महादेव ध्यान में हैं।

    यह बात रावण को नागवार गुजरी। उसने भगवान शिव के प्रिय वाहन नंदी का अपमान किया और क्रोध में आकर पूरे कैलाश पर्वत को उठाकर लंका ले जाने का प्रयास करने लगा।

    भगवान शिव ने पैर के अंगूठे से दबा दिया कैलाश

    रावण के अहंकार को देखकर भगवान शिव ने बिना क्रोधित हुए अपने पैर के अंगूठे से कैलाश पर्वत को हल्का-सा दबा दिया। पर्वत का भार इतना बढ़ गया कि रावण का हाथ उसके नीचे दब गया।

    रावण ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन वह अपना हाथ बाहर नहीं निकाल सका। दर्द से वह तड़पने लगा और उसका घमंड पल भर में टूट गया।

    ऐसे हुई शिव तांडव स्तोत्र की रचना

    कहा जाता है कि रावण की पीड़ा देखकर नंदी ने उसे भगवान शिव की स्तुति करने की सलाह दी। तब रावण ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव तांडव स्तोत्र की रचना की और भगवान शिव का गुणगान किया।

    रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने कैलाश पर्वत का भार कम कर दिया, जिससे उसका हाथ मुक्त हो गया। इसी घटना के बाद शिव तांडव स्तोत्र को भगवान शिव की सबसे प्रभावशाली स्तुतियों में गिना जाने लगा।

    शिव तांडव स्तोत्र का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव तांडव स्तोत्र का नियमित पाठ करने से—

    • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
    • आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
    • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
    • वाणी में प्रभाव और व्यक्तित्व में तेज आता है।
    • सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    इसका पाठ विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है।

  • मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    बिहार में पिता ने अपने एकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी है। बेटा अपने मां-बाप के बीच हो रहे झगड़े को सुलझाने के लिए गया था। लेकिन गुस्साए पिता ने बेटे का ही गला रेत दिया। इस वारदात के बाद पिता फरार हो गया है। इलाके में घटना को सनसनी फैल गई है।

    बिहार के नवादा जिले में एक पिता ने अपने एकलौते बेटे की हत्या कर दी।

    बिहार में नवादा जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के आंदर बाजार मोहल्ले में सोमवार की सुबह पारिवारिक कलह ने एक मासूम की जान ले ली। पति-पत्नी के बीच हो रहे विवाद के दौरान मां के पास आए छह वर्षीय मासूम की गर्दन उसके ही पिता ने तेज धारदार हथियार से रेत दी। बच्चे को तत्काल नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान कादिरगंज निवासी सुधीर गोस्वामी के पुत्र आजाद कुमार (06) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सुबह करीब 10:30 बजे सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था।

    विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान मासूम आजाद अपनी मां के पास आया और पिता को शांत कराने की कोशिश करने लगा। गुस्से में आपा खो चुके पिता ने तेज धारदार हथियार उसकी गर्दन रेत दी और फरार हो गया। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी को छापेमारी की जा रही है।

    कादिरगंज थाना क्षेत्र के अंदर बाजार मोहल्ले में बेटे आजाद की हत्या के बाद आरोपित पिता सुधीर गोस्वामी हथियार लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और शोक का माहौल है।वहीं घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थानाध्यक्ष अवध किशोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव का अन्वीक्षण रिपोर्ट तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    घूमकर करते थे सिंदूर-टिकली की फेरी

    बताया जाता है कि आरोपित सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी गांव-गांव घूमकर सिंदूर, टिकली तथा महिलाओं के श्रृंगार का सामान बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक आर्थिक तंगी के साथ-साथ पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। चर्चा यह भी है कि आरोपित अपनी पत्नी पर बात-बात पर शक करता था, जिसके कारण घर में आए दिन झगड़ा होता था।

    एकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम

    आजाद परिवार का एकलौता पुत्र था। उसकी तीन बहनें हैं। बेटे की मौत के बाद मां गहरे सदमे में है और बार-बार बेसुध हो जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश व दुख है। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद घटना के कारणों का और स्पष्ट खुलासा होने की संभावना है।

    बेटे से था पिता को प्यार, फिर हत्या पर उठे सवाल

    कादिरगंज में बच्चे की हत्या के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि आरोपित पिता उसे बेहद प्यार करता था। तीन बहनों में आजाद एक मात्र भाई था। परिजनों के मुताबिक कुछ दिनों पूर्व पिता की मौत के कारण आरोपित सुधीर गोस्वामी की पत्नी बच्चों को लेकर मायके जहानाबाद चली गयी थी। इस बीच सुधीर मायके जाकर बेटे को लेकर घर आ गया था। इसके बाद बेटे के मोह में पत्नी भी चली आई थी। सोमवार की सुबह भी बेटे को लेकर सुधीर मार्केट गया और उसे खिला-पिलाकर लेकर आया था। फिर उसकी हत्या क्यों की, यह अब तक अनसुलझा सवाल है। यह भी बात आ रही है कि आरोपित शराब पीता था और फेरी देने नहीं जाता था। इसे लेकर पत्नी से उसकी बराबर नोकझोंक होती थी। एसएचओ के मुताबिक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

  • सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    सिर्फ 5वीं पास, लेकिन साइबर ठगी से बना करोड़पति! 24 लोगों की गैंग खड़ी कर देशभर में फैला रखा था जाल..

    अलवर पुलिस ने ‘साइबर संग्राम अभियान 3.0’ के तहत एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी चौंका देने वाली है। महज 5वीं तक पढ़ा 20 वर्षीय शौकीन कुछ साल पहले आर्थिक तंगी में था, लेकिन साइबर ठगी के दम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।

    ऐसे बनाया करोड़ों का साम्राज्य

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 24 सदस्यों की गैंग बना रखी थी, जो फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट और ऑनलाइन फ्रॉड का पूरा नेटवर्क चलाती थी। ठगी के पैसों से उसने कार, मकान और कृषि भूमि तक खरीद ली। पुलिस ने उसकी ब्रेजा कार भी जब्त कर ली है।

    मेडिकल इमरजेंसी और सस्ते कपड़ों के नाम पर ठगी

    गिरोह सोशल मीडिया पर मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठता था। इसके अलावा महिलाओं के लिए सस्ते सूट-सलवार बेचने के फर्जी विज्ञापन डालकर खुद को कपड़ा फैक्ट्री का मालिक बताता और लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाकर ठगी करता था।

    खुद के नाम पर नहीं था मोबाइल या सिम

    जांच में सामने आया कि आरोपी ने कभी भी अपने नाम से मोबाइल या सिम कार्ड नहीं खरीदा। उसके पास से मिले मोबाइल, सिम और बिल दूसरे लोगों के नाम पर थे। पुलिस को शक है कि फर्जी सिम सप्लाई करने वाला बड़ा नेटवर्क भी इस गैंग से जुड़ा हुआ है।

    पहले भी दर्ज हो चुका था केस

    दो साल पहले आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में चंडीगढ़ में दर्ज एक मामले से उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

    कई राज्यों में फैला था जाल

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जम्मू-कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका है। अब फरार साथियों की तलाश जारी है।

    पुलिस का बड़ा अभियान

    20 जुलाई से 4 अगस्त तक चले विशेष अभियान में अलवर पुलिस ने:

    • 33 साइबर केस दर्ज किए
    • 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया
    • ₹37.67 लाख की ठगी की रकम होल्ड कराई
    • ₹6.55 लाख पीड़ितों को वापस दिलवाए

    पुलिस का कहना है कि 15 अगस्त से पहले जिले के बड़े साइबर अपराधियों पर कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने का अभियान जारी रहेगा।

  • हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत है अलसी की चटनी, जानें फायदे और बनाने का आसान तरीका..

    अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही किसी देसी व पौष्टिक विकल्प की तलाश में हैं, तो अलसी की चटनी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अलसी (Flaxseed) में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

    क्यों फायदेमंद है अलसी की चटनी?

    विशेषज्ञों के अनुसार, अलसी को हल्का भूनकर चटनी के रूप में खाने से इसका स्वाद बेहतर हो जाता है और इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना आसान होता है। अलसी में मौजूद पोषक तत्व शरीर के कई कार्यों में सहायक हो सकते हैं।

    अलसी में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड, डाइटरी फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय स्वास्थ्य, पाचन और संपूर्ण फिटनेस के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

    अलसी की चटनी खाने के संभावित फायदे

    नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर अलसी की चटनी से ये संभावित लाभ मिल सकते हैं:

    • शरीर को प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की अच्छी मात्रा मिलती है।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
    • फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज की समस्या कम करने में सहायक हो सकता है।
    • लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
    • कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है।
    • महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी इसकी भूमिका पर शोध जारी है, हालांकि इस संबंध में और वैज्ञानिक प्रमाणों की आवश्यकता है।

    घर पर ऐसे बनाएं अलसी की चटनी

    अलसी की चटनी बनाना काफी आसान है। इसके लिए आपको चाहिए:

    • 1 कप अलसी के बीज
    • 5–6 लहसुन की कलियां
    • 2–3 सूखी लाल मिर्च
    • 1 छोटा चम्मच जीरा
    • कुछ करी पत्ते
    • स्वादानुसार नमक
    • थोड़ा-सा नींबू का रस

    सबसे पहले अलसी, जीरा और अन्य सामग्री को हल्का भून लें। ठंडा होने के बाद सभी चीजों को मिक्सर में पीस लें। तैयार चटनी को रोटी, पराठे, दाल-चावल या सलाद के साथ खाया जा सकता है।

    सेवन से पहले रखें ये सावधानियां

    अलसी का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या ब्लड थिनर जैसी दवाएं ले रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नए आहार या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें भद्रा, राहुकाल और पूजा के जरूरी नियम..

    रक्षा बंधन हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं। वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस दिन राखी बांधने का शुभ समय और पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण नियम।

    रक्षा बंधन 2026 की तिथि

    • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 9:08 बजे
    • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026, सुबह 9:48 बजे

    राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए ये समय शुभ माना गया है:

    • प्रथम शुभ मुहूर्त: सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक
    • द्वितीय शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:52 बजे से शाम 4:35 बजे तक

    राहुकाल में न बांधें राखी

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता है।

    राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक

    इस अवधि में राखी बांधने से बचने की सलाह दी जाती है।

    क्या इस बार भद्रा का दोष रहेगा?

    रक्षा बंधन पर भद्रा काल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि भद्रा में राखी बांधना पारंपरिक रूप से शुभ नहीं माना जाता। राहत की बात यह है कि 28 अगस्त 2026 को भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, इसलिए राहुकाल को छोड़कर दिन के अन्य समय में राखी बांधी जा सकती है।

    राखी बांधने के पारंपरिक नियम

    • सबसे पहले भगवान या अपने इष्ट देव को राखी अर्पित करें।
    • भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं।
    • भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
    • पूजा की थाली में दीपक जलाकर पहले भगवान और फिर भाई की आरती करें।
    • भाई की दाईं कलाई में राखी बांधें।
    • मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दें।
    • भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहन को उपहार या दक्षिणा भेंट करे।

    रक्षा बंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने के वचन का पावन उत्सव है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न पंचांगों में मुहूर्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    क्या आप जानते हैं Gen Z के इन 4 फिंगर जेस्चर का सीक्रेट? हर इशारे का है अलग मतलब..

    जेन जी जनरेशन के स्लैंग तो खूब वायरल हुए और लोगों ने इसके मतलब भी खोज कर निकाल लिए। लेकिन केवल स्लैंग ही नहीं जेन जी बगैर बोलें भी काफी कुछ बोल जाते हैं और वो आपकी समझ से बाहर हो सकता है। इसलिए जान लें जेन जी के इन हाथ के इशारों का असली मतलब।

    जेन जी हाथ से कर रहे ऐसे 4 इशारे तो समझें इनका मतलब

    जेन जी वो जनरेशन है जो इस समय सबका ध्यान खींच रही है। लेकिन लोग इनकी अच्छी सोच की बजाय इनके स्लैंग और उंगलियों के इशारों पर फोकस कर रहे हैं। सीजेपी वाले प्रोटेस्ट में इनके स्लैंग तो सबकी जुबान पर चढ़ गए लेकिन इनके हाथ वालों इशारों को लोगों ने गंदा समझकर इग्नोर किया। जबकि ये हाथ के इशारे गंदे नहीं बल्कि इशारों-इशारों में अपनी बात को कहने का तरीका हैं। अब कम शब्दों में तो जेन जी अपनी बात बोलते हैं ये तो सभी जान गए लेकिन कई बार ये बिना बोले भी बहुत कुछ बोल जाते हैं, वो भी केवल हाथ के इशारे करके। तो यहां समझें ऐसे ही 4 हैंड गेस्चर जो जेन जी मन की बातों को बताने के लिए करते हैं।जेन जी के हाथ के इशारों की मीनिंग

    दोनों हाथ की पहली उंगली को एक दूसरे से लड़ाना

    अब इस इशारे को देखकर किसी भी तरह की गंदी बात को मन में ना लाएं क्योंकि ये इशारा तो वो ये बताने के लिए करते हैं कि उन्हें शर्म आ रही है। अब मिलेनियल्स की तरह दोनों हथेलियों के बीच शर्माने वाला फैशन तो आउट हो चुका है। तो अब अगर इन्हें शर्म आती है तो ये दोनों हाथ की इंडेक्स फिगर को आपस में टकराकर दिखाते हैं।

    दोनों हथेलियों को ऊपर नीचे हिलाना

    फर्स्ट फिंगर और अंगूठे को टच कर रहे तो ये ‘क्लॉक इट’ है

    दोनों हाथ की इंडेक्स फिंगर और अंगूठे को आपस में मिलाकर बार-बार इशारे करते हैं तो इसे गलत ना समझें, इसका मतलब है क्लॉक इट, यानि कि वो आपकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। तो अगली बार कोई जेन जी सामने आकर यूं उंगलियां हिलाए और बोले क्लॉक इट, तो इसे गलत ना समझें, वो आपकी बातों से सहमत होकर ऐसे इशारे कर रहा।

    मिडिल फिंगर और थंब को जोड़कर बोलते हैं ये

    वहीं अगर पहली उंगली की बजाय वो मिडिल फिंगर और थंब को एक दूसरे से जल्दी-जल्दी मिलाते हैं तो ऐसे इशारे का मतलब बिल्कुल बदल जाता है। दरअसल, जब जेन जी मिडिल फिंगर और थंब को आपस में टकरा रहे होते हैं तो इसका मतलब है कि वो आपकी तारीफ कर रहे हैं। एक तरह से वो आपके लिए ताली बजा रहे हैं। तो बस वो अपनी दो उंगलियों से ही आपके लिए ताली बजा देते हैं। अगली बार आसपास कोई जेनजी आपके लिए इस तरह से उंगलियों को हिलाए तो समझ जाएं कि वो आपकी तारीफ कर रहा और ताली बजा रहा।