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  • A, B, AB और O, किस ब्लड ग्रुप वालों को रहता है डायबिटीज का सबसे ज्यादा खतरा?

    A, B, AB और O, किस ब्लड ग्रुप वालों को रहता है डायबिटीज का सबसे ज्यादा खतरा?

    A, B, AB और O, किस ब्लड ग्रुप वालों को रहता है डायबिटीज का सबसे ज्यादा खतरा?

    डायबिटीज एक बहुत कॉमन बीमारी है। आज के समय में ज्यादातर लोग आपको इस बीमारी की चपेट में दिखेंगे। यंगस्टर्स और बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में हैं। डायबिटीज का खतरा आमतौर पर बढ़ती उम्र, ज्यादा वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी, खानपान, पारिवारिक इतिहास और लाइफस्टाइल जैसे कारणों से जुड़ा माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में हुए शोध ने ब्लड ग्रुप और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे के बीच एक संभावित संबंध की तरफ भी लोगों का ध्यान खींचा है। डॉ. बता रहे हैं कि किन ब्लड ग्रुप वाले लोगों को रहता है सबसे ज्यादा डायबिटीज का खतरा।

    क्या कहते हैं अनुपम बिस्वास

    रिसर्च के अनुसार, बी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा अन्य ब्लड ग्रुप की तुलना में सबसे ज्यादा रहता है। 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में कई पूर्व अध्ययनों के परिणामों का विश्लेषण किया गया। इसमें बी ब्लड ग्रुप और टाइप 2 डायबिटीज के बीच संबंध पाया गया। अध्ययन के अनुसार, बी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में अन्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में डायबिटीज का खतरा लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा पाया गया। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि बी ब्लड ग्रुप होने से किसी व्यक्ति को डायबिटीज होना तय है। ब्लड ग्रुप केवल एक संभावना को बताता है। अलग अलग अध्ययनों में ए, एबी और ओ ब्लड ग्रुप को लेकर परिणाम पूरी तरह एक जैसे नहीं रहे हैं। कुछ अध्ययनों में ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम देखा गया है, लेकिन इसके पीछे के कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

    ब्लड ग्रुप और डायबिटीज के बीच यह संबंध क्यों दिखाई देता है, इसका निश्चित जवाब अभी उपलब्ध नहीं है। एबी, ओ ब्लड ग्रुप शरीर में ब्लड वेसल्स और कुछ बायोलॉडिकल प्रोसेस से जुड़ा होता है। सूजन, ब्लड में थक्के बनाने की प्रक्रिया और ब्लड वेसल्स के काम करने के तरीके पर इसके संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि, इन संभावित संबंधों को डायबिटीज का सीधा कारण नहीं माना जा सकता। सबसे जरूरी बात यह है कि ब्लड ग्रुप को बदला नहीं जा सकता, लेकिन डायबिटीज के कई प्रमुख जोखिम कारकों को नियंत्रित किया जा सकता है। हेल्दी वेट बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय समय पर ब्लड शुगर लेवल की जांच डायबिटीज से बचाव और उसकी समय पर पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, जिनका वजन अधिक है, पेट के आसपास चर्बी अधिक है या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उनके लिए नियमित जांच महत्वपूर्ण है।

    कब बढ़ सकता है खतरा
    डायबिटीज की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि लंबे समय तक ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ा रहने से शरीर के ब्लड वेसल्स और नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याएं और नसों को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ब्लड ग्रुप ए हो, बी हो, एबी हो या ओ, डायबिटीज की रोकथाम और समय पर पहचान सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

  • शादी के चार महीने बाद: दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या, पति पर आरोप; पहली पत्नी ने की थी आत्महत्या.

    शादी के चार महीने बाद: दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या, पति पर आरोप; पहली पत्नी ने की थी आत्महत्या.

    शादी के चार महीने बाद: दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या, पति पर आरोप; पहली पत्नी ने की थी आत्महत्या.

    बुलंदशहर के नरौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके पति ने लाठी-डंडों से पीटकर उसकी जान ले ली। महिला की शादी आरोपी से करीब चार महीने पहले हुई थी। घटना के बाद से पति फरार बताया जा रहा है।

    मृतका की पहचान 27 वर्षीय खुशबू के रूप में हुई है, जो मेरठ की रहने वाली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    चार महीने पहले हुआ था निकाह

    जानकारी के अनुसार गांव निवासी फहमुद्दीन ऑटो चलाता है। उसकी पहली पत्नी की करीब आठ महीने पहले मौत हो गई थी। बताया गया कि पहली पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पहली पत्नी से उसके दो बेटियां और एक बेटा हैं।

    पहली पत्नी की मौत के बाद फहमुद्दीन ने मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र की रहने वाली खुशबू से दूसरा निकाह किया था। खुशबू भी पहले से तलाकशुदा बताई जा रही है। दोनों की शादी को अभी करीब चार महीने ही हुए थे।

    शादी के बाद से विवाद की बात

    परिजनों के अनुसार खुशबू का वैवाहिक जीवन शुरू से ही ठीक नहीं चल रहा था। आरोप है कि पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। शुक्रवार रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ।

    आरोप है कि कहासुनी के दौरान फहमुद्दीन ने लाठी-डंडों से खुशबू की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पति मौके से फरार हो गया।

    सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया है।

    घटना की सूचना मिलने पर खुशबू के मायके पक्ष के लोग भी उसकी ससुराल पहुंचे। हालांकि खबर लिखे जाने तक थाने में परिवार की ओर

  • घर में पौधे लगा रखे हैं: तो न करें ये 5 वास्तु गलतियां, वरना बढ़ सकता है अशुभ प्रभाव.

    घर में पौधे लगा रखे हैं: तो न करें ये 5 वास्तु गलतियां, वरना बढ़ सकता है अशुभ प्रभाव.

    घर में पौधे लगा रखे हैं: तो न करें ये 5 वास्तु गलतियां, वरना बढ़ सकता है अशुभ प्रभाव.

    घर में हरियाली लाने के लिए लोग तरह-तरह के पौधे लगाते हैं। ज्यादातर लोग पौधे इसलिए भी लगाते हैं कि घर में बरकत और खुशहाली बनी रहे, लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां उनके शुभ प्रभाव को कम कर सकती हैं। वास्तु शास्त्र में पौधों की दिशा, उनकी स्थिति और देखभाल को भी महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में अगर आप भी प्लांट लवर हैं, तो इन सामान्य गलतियों से बचना जरूरी माना जाता है।

    1: गलत दिशा में पौधे रखना

    अगर पौधे बिना दिशा का ध्यान रखे कहीं भी रख दिए जाएं, तो उनका सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। छत पर रखे पौधे घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ही मन को सुकून भी देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, छत पर पौधों को दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।

    2: मनी प्लांट कहीं भी रख देना

    मनी प्लांट को अक्सर लोग जहां जगह मिलती है, वहीं रख देते हैं। जबकि इसे बहुत सोच-समझकर और अच्छी सी जगह पर लगाया जाना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना अधिक शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं।

    3: बोनसाई प्लांट्स

    बोनसाई पौधे देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें घर के अंदर रखना उचित नहीं माना गया है। मान्यता है कि यह विकास की धीमी गति का प्रतीक होता है, इसलिए इसे खुले स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है।

    4: तुलसी की गलत जगह

    तुलसी का पौधा धार्मिक और वास्तु दोनों दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इसे ईशान कोण या पूर्व दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। तुलसी का पौधा वायु को भी शुद्ध करता है। वहीं, इस सही दिशा में रखे तो घर में पॉजिटिव एनर्जी और सुख-शांति हमेशा बनी रहती है।

    5: सूखे पौधों को न हटाना

    कई लोग सूख चुके या मुरझाए पौधों को लंबे समय तक घर में ही रखते हैं। वास्तु अनुसार, ऐसे पौधे नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकते हैं। इसलिए समय-समय पर उन्हें हटाना और पौधों की देखभाल करना जरूरी माना जाता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • क्या आप सिर्फ वीकेंड: पर ही करते हैं एक्सरसाइज? जानें हेल्दी हार्ट के लिए कितने दिन कर’

    क्या आप सिर्फ वीकेंड: पर ही करते हैं एक्सरसाइज? जानें हेल्दी हार्ट के लिए कितने दिन कर’

    क्या आप सिर्फ वीकेंड: पर ही करते हैं एक्सरसाइज? जानें हेल्दी हार्ट के लिए कितने दिन कर’

    आज की व्यस्त जिंदगी में कई लोग पूरे सप्ताह ऑफिस, घर और दूसरी जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में एक्सरसाइज के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोग सोमवार से शुक्रवार तक बिल्कुल एक्सरसाइज नहीं करते और शनिवार-रविवार को एक साथ लंबे समय तक वर्कआउट करके इसकी भरपाई करने की कोशिश करते हैं। लीड कंसल्टेंट- कार्डियोलॉजी डॉक्टर कहते हैं कि इसे आम तौर पर ‘वीकेंड वॉरियर’ एक्टिविटी कहते हैं। लेकिन क्या वीकेंड की एक्सरसाइज फायदेमंद है और हेल्दी हार्ट के लिए कितना वर्कआउट करना चाहिए बता रहे हैं डॉक्टर

    क्या वीकेंड की एक्सरसाइज है फायदेमंद?

    अगर पूरे हफ्ते रोजाना एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो वीकेंड पर की गई फिजिकल एक्टिविटी कुछ न करने से तो बेहतर है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि हफ्ते के बाकी दिनों में आप सिर्फ बैठे रहें। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद अचानक बहुत तेज वर्कआउट करने से मांसपेशियों में चोट और कुछ लोगों में हृदय पर अचानक दबाव बढ़ने की समस्या हो सकती है। कोशिश करें कि आप अपनी डेली रूटीन में आधे घंटे की वॉक को ज़रूर शामिल करें।

    हेल्दी हार्ट के लिए हफ्ते में कितने दिन वर्कआउट करना चाहिए?

    हेल्दी हार्ट के लिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मीडियम तीव्रता वाली एरोबिक फिजिकल एक्टिविटी या 75 मिनट तेज तीव्रता वाली एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। रोज करीब 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक सबसे आसान और बेहतरीन विकल्प है। साथ ही हफ्ते में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज को भी शामिल करें। तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना, साइकिल चलाना और लंबे समय तक बैठने के बीच छोटे-छोटे एक्टिव ब्रेक लेना भी रोजमर्रा की फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर सकता है।

    पूरे सप्ताह अपने आप को रखें एक्टिव

    अगर किसी व्यक्ति के पास सिर्फ शनिवार और रविवार को समय है, तो वह इन दिनों एक्सरसाइज जरूर करे, लेकिन धीरे-धीरे सप्ताह के दूसरे दिनों में भी छोटी अवधि की एक्टिविटी जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि दिल की सेहत के लिए सबसे जरूरी बात है नियमित रूप से एक्टिव रहना। इसलिए सिर्फ वीकेंड पर वर्कआउट करने के बजाय पूरे सप्ताह अपने शरीर को एक्टिव रखें।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन का जश्न एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। हांसी रोड पर 20 वर्षीय युवक कृष की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह अपना जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ घर से बाहर निकला था। देर रात उसके घायल होने की सूचना परिवार को मिली, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो चुकी थी।

    घटना 2 अक्टूबर की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

    जन्मदिन पर दोस्तों के साथ निकला था युवक

    कृष मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से करनाल में रह रहा था। वह हांसी रोड पर गली नंबर-2 के सामने किराये के मकान में रहता था।

    परिजनों के अनुसार 2 अक्टूबर को कृष का 20वां जन्मदिन था। शाम के समय उसने अपने पिता से कुछ पैसे मांगे और दोस्तों के साथ बाहर जाकर जन्मदिन मनाने की बात कही। इसके बाद वह दोस्तों के साथ घर से निकल गया।

    परिवार को देर रात करीब दो बजे सूचना मिली कि कृष घायल हो गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।

    चाकू से हमला करने का आरोप

    बताया जा रहा है कि हांसी रोड के आसपास युवक पर चाकू से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

    फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों और युवक के साथ मौजूद दोस्तों से जानकारी जुटा रही है। हमले में शामिल आरोपितों की पहचान और वारदात की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी आगे की तस्वीर

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

    पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जन्मदिन मनाने के दौरान युवक का किन लोगों से विवाद हुआ था और हमला किस वजह से किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • दिनचर्या में शामिल करें: 5 आदतें, वास्तु के अनुसार जीवन में आने लगेंगे चमत्कारी बदलाव.

    दिनचर्या में शामिल करें: 5 आदतें, वास्तु के अनुसार जीवन में आने लगेंगे चमत्कारी बदलाव.

    दिनचर्या में शामिल करें: 5 आदतें, वास्तु के अनुसार जीवन में आने लगेंगे चमत्कारी बदलाव.

    वास्तु शास्त्र से हमें न केवल दिशाओं का सही ज्ञान मिलता है बल्कि जीवन को सफल बनाने के नियम भी वास्तु शास्त्र में हैं। वास्तु की मानें तो दिनचर्या में कुछ आदतें शामिल करके आप जीवन में चमत्कारी बदलाव ला सकते हैं। ये आदतें आपको सकारात्मकता ऊर्जा से भर सकती हैं और आप असंभव लक्ष्यों को भी प्राप्त कर सकते हैं। जिस तरह सही दिशा में रखी सही वस्तु आपके घर को सकारात्मक ऊर्जा देती है उसी तरह दिनचर्या में कुछ आदतों को शामिल करने से आप भी पॉजिटिव ऊर्जा से भरे रहते हैं। आइए जान लेते हैं कि आपको दिनचर्या में किन आदतों को शामिल करना चाहिए।

    सुबह उठते ही हथेली के दर्शन

    सुबह उठते ही आपको सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों के दर्शन करने चाहिए और अच्छे कार्य करने का विचार मन में लाना चाहिए। माना जाता है कि हथेली के दर्शन करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद आप पर बरसता है और जीवन में सुखद बदलाव आते हैं।

    पितरों का स्मरण

    सुबह स्नान ध्यान के बाद आपको पितरों का स्मरण अश्य करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष का बुरा प्रभाव आप पर नहीं पड़ता और करियर, पारिवारिक जीवन में बेहद सुखद बदलाव आपको देखने को मिलते हैं। वास्तु के अनुसार पितरों के आशीर्वाद से आपका मान-सम्मान भी बढ़ता है।

    सूर्य देव को जल करें अर्पित

    सुबह के समय सूर्य देव को जल अर्पित करने से आपको आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही कुंडली में सूर्य की स्थिति भी मजबूत होने लगती है और आपको समाज में मान-सम्मान मिलता है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा न आपके घर में प्रवेश करती है और ना आपके अंदर।

    प्राणायाम और योग-ध्यान का अभ्यास

    जिस तरह घर को साफ-सुथरा रखने से आपको सुखद अनुभूति होती है वैसे ही योग-ध्यान करने से मन के साथ-साथ आत्मा भी शुद्ध होती है।  इसलिए दिन में कुछ समय आपको योग-ध्यान के लिए अवश्य निकालना चाहिए। ध्यान करने से आपको शारीरिक और मानसिक सुधार तो देखने को मिलता ही है साथ ही घर के अंदर ध्यान करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बहती है और वास्तु दोष दूर हो सकता है।

    सोने से पूर्व मंत्रों का जप

    सोने से पूर्व आपको अपने इष्ट देव को याद करना चाहिए, उनके मंत्रों का जप करना चाहिए। इष्ट देव का पता न हो तो आप गायत्री मंत्र का जप कर सकते हैं या केवल ओम का उच्चारण भी कर सकते हैं। ऐसा करने से मन में चल रहे विचार ठहरने लगते हैं और आपको अच्छी नींद आती है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • जब आप लगातार कम ‘सोते’ हैं तो इससे दिमाग पर कैसा: असर पड़ता है? जानें एक्सपर्ट की राय.

    जब आप लगातार कम ‘सोते’ हैं तो इससे दिमाग पर कैसा: असर पड़ता है? जानें एक्सपर्ट की राय.

    जब आप लगातार कम ‘सोते’ हैं तो इससे दिमाग पर कैसा: असर पड़ता है? जानें एक्सपर्ट की राय.

    अगर आप रोजाना कम नींद लेते हैं या आधी रात तक जागते हैं तो हो सकता है कि शुरुआत में आपको कोई संकेत न दिखाई दें। लेकिन ये आदत धीरे धीरे दिमाग को कमजोर कर रही होती है। दरअसल, कम नींद की वजह से सिर्फ़ दिमाग थकता नहीं है, बल्कि उसकी काम करने की क्षमता भी कम हो जाती है। डॉक्टर कहती हैं कि नींद के दौरान दिमाग़ जानकारी को प्रोसेस करता है, यादों को पक्का करता है और फ़ैसले लेने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले सिस्टम को ठीक रखता है। लेकिन जब आप लगातार नींद कम लेते हैं तो इससे आपके दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है।

    कम नींद लेने से दिमाग पर कैसा असर पड़ता है?

    • ध्यान देने की क्षमता पर असर
      : कम नींद लेने से सबसे पहले ध्यान देने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। नींद की कमी वाले लोगों में ध्यान बनाए रखना और लगातार सही प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाता है। हो सकता है कि आप रोज़मर्रा के काम तो पूरे कर लें, लेकिन आपका ध्यान आसानी से भटक सकता है। इस स्थिति में कोई व्यक्ति काम करने में खुद को सक्षम महसूस कर सकता है, लेकिन सामान्य से ज़्यादा छोटी-छोटी गलतियां कर सकता है।

    • हर समय चिड़चिड़ापन महसूस होना
      : कई रातों तक ठीक से न सो पाने के बाद, छोटी-सी बात में भी लोग ज़्यादा परेशान हो सकते हैं। नींद की कमी से भावनाओं को संभालने की क्षमता पर असर पड़ सकता है, जिससे लोग ज़्यादा चिड़चिड़े या कम सब्र वाले हो सकते हैं। यानी कभी-कभी जिसे हम “खराब मूड” कहते हैं, वह असल में दिमाग का बिना ठीक से आराम किए काम करते रहने का नतीजा होता है।

    • ठीक से कोई भी निर्णय नहीं ले पाना
      : कम नींद की वजह से आपके फ़ैसले लेने की क्षमता में भी बदलाव देखा जा सकता है। जब दिमाग को पूरी नींद नहीं मिलती, तो  सही फ़ैसला लेने, समस्या सुलझाने और सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

    कितनी नींद है ज़रूरी?

    डॉक्टर नेहा पंडिता कहती हैं कि नींद को काम और जागने के बीच का बचा हुआ समय नहीं समझना चाहिए। यह वह समय है जब दिमाग अगले दिन के काम के लिए खुद को तैयार करता है। इसलिए वयस्कों के लिए आम तौर पर सात या उससे ज़्यादा घंटे की नींद की सलाह दी जाती है, हालाँकि हर व्यक्ति की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं। नींद का रेगुलर होना और उसकी क्वालिटी भी मायने रखती है।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • सोनभद्र में 62 वर्षीय ‘वृद्ध’ की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान से हत्या की आशंका.

    सोनभद्र में 62 वर्षीय ‘वृद्ध’ की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान से हत्या की आशंका.

    सोनभद्र में 62 वर्षीय ‘वृद्ध’ की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान से हत्या की आशंका.

    सोनभद्र के घोरावल कस्बे में 62 वर्षीय वृद्ध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 4 में एक भवन की छत पर बने कमरे में वृद्ध का शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में गले पर कसाव के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।

    मृतक की पहचान ओम प्रकाश भारद्वाज के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले थे और घोरावल में भी उनकी जमीन थी। उन्होंने वार्ड नंबर 4 में एक भवन बनवा रखा था, जिसे एक निजी विद्यालय को किराए पर दिया गया था। इसी भवन की छत पर बने कमरे में उनकी संदिग्ध हालत में मौत हुई।

    सुबह कमरे में मिला शव

    परिवार के अनुसार शुक्रवार रात तक सब कुछ सामान्य था। अगले दिन सुबह जब परिजन वहां पहुंचे तो ओम प्रकाश किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। उनकी स्थिति देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान वृद्ध मृत अवस्था में मिले। घटनास्थल की स्थिति और शरीर पर दिखाई दे रहे निशानों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

    गले पर मिले कसाव के निशान

    पुलिस की शुरुआती जांच में वृद्ध के गले पर कसाव के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। इन्हीं निशानों के कारण मौत को लेकर संदेह गहरा गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये निशान किस परिस्थिति में बने और मौत का वास्तविक कारण क्या था।

    मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के साथ फोरेंसिक टीम को भी सूचना दी गई है। टीम घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नमक-लौंग का ये छोटा: सा उपाय ला सकता है घर में बरकत, दूर होगी पैसों की तंगी और बनी रहेगी सकारात्मकता.

    नमक-लौंग का ये छोटा: सा उपाय ला सकता है घर में बरकत, दूर होगी पैसों की तंगी और बनी रहेगी सकारात्मकता.

    नमक-लौंग का ये छोटा: सा उपाय ला सकता है घर में बरकत, दूर होगी पैसों की तंगी और बनी रहेगी सकारात्मकता.

    आजकल हर कोई अच्छी जिंदगी जानी चाहता है, जिसके लिए अच्छी कमाई की जरूरत होती है। बहुत बार लोग पैसा तो कमा लेते हैं, लेकिन वो कहां जाता पता ही नहीं चलता। अगर अच्छी कमाई के बावजूद घर में पैसा टिक नहीं रहा या बार-बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो वास्तु शास्त्र में कुछ आसान उपाय बताए गए हैं। इन्हीं में से एक नमक और लौंग का उपाय भी है, जिसे घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है। जानिए इस उपाय के बारे में।

    नमक और लौंग का महत्व

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की ऊर्जा का असर परिवार की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। मान्यता है कि नमक नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है, जबकि लौंग की सुगंध घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रतीक मानी जाती है।

    ऐसे करें यह उपाय

    इस उपाय के लिए एक कांच की कटोरी लें और उसमें थोड़ा-सा मोटा नमक भर दें। अब उसमें चार या पांच लौंग रखकर घर के किसी ऐसे कोने में रखें, जहां वह सुरक्षित रहे। कई लोग इस उपाय को घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए अपनाते हैं।

    क्या है मान्यता?

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय से घर में नकारात्मकता कम होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति में सुधार, धन की आवक और घर में सुख-शांति बनी रहने में मदद मिल सकती है। साथ ही लौंग की खुशबू से घर का वातावरण भी ताजगी भरा महसूस होता है।

    बाथरूम के लिए भी उपाय

    अगर बाथरूम से जुड़ा कोई वास्तु दोष माना जाता है, तो वहां एक कटोरी में क्रिस्टल नमक भरकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। ध्यान रखें कि समय-समय पर उस नमक को बदलते रहें। मान्यता है कि इससे वहां की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और वातावरण अधिक संतुलित बना रहता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया: किन तीन वजहों से नहीं पीनी चाहिए चाय, जानें हो सकते हैं कौन’

    गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया: किन तीन वजहों से नहीं पीनी चाहिए चाय, जानें हो सकते हैं कौन’

    गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया: किन तीन वजहों से नहीं पीनी चाहिए चाय, जानें हो सकते हैं कौन’

    भारतीय घरों में ज़्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय की गर्म गर्म सिप के साथ होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं चाय का सेवन कुछ लोगों के लिए नुस्कानदायक हो सकता है। गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया है कि किन लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए और ज्यादा चाय पीने से सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।

    चाय पीने से हो सकते हैं कौन से नुकसान?

    चाय में मौजूद टैनिन चाय को डार्क कलर और उसे स्वाद में कड़क बनाते हैं। वैसे तो ये तुरंत एनर्जी को बूस्ट करते हैं लेकिन कुछ देर बाद उतनी ही जल्दी लो डाउन फील करा सकते हैं। दरअसल, चाय में मौजूद टैनिन एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं लेकिन इनका ज़्यादा सेवन करने से गैस्ट्रिक बैरियर इरिटेट होता है जिससे एसिडिटी या जलन महसूस हो सकती है। वहीं, जब चाय में दूध और चीनी मिलाते हैं तो इससे कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ती है, जो इंसुलिन स्तर को प्रभावित कर सकती है।

    किन लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए?

    कुछ मेडिकल कंडीशन में आपको चाय का सेवन करने से बचना चाहिए। गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD जूझ रहे लोगों को खासकर गंभीर स्थिति में चाय पीने से बचना चाहिए। वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी चाय का सेवन सीमित रखना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन प्लेसेंटा के ज़रिए बच्चे तक पहुंच सकता है। अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तब भी चाव का सेवन कम या बंद करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जिन लोगों को एंजायटी या पैनिक अटैक की समस्या है उन्हें बजी कैफीन वाले चाय का सेवन करने से बचना चाहिए।

    क्या है चाय पीने का सही तरीका?

    अगर आपको कोई मेडिकल कंडीशन नहीं है तब भी आप हर रोज दो कप से ज़्यादा चाय न पिएं। अच्छी नींद के लिए आप पांच बजे के बाद चाय न पिएं। चाय में रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल करने से बचें। सुबह उठकर खाली पेट चाय पीना गट हेल्थ के लिए नुकसानदायक है इसलिए सुबह पहले गुनगुना पानी पिएं हल्का नाश्ता करें और फिर चालीस मिनट बाद चाय पियें। चाय को हेवी मील्स के साथ कभी भी न पिएं क्योंकि ये बॉडी में आयरन, ज़िंक और प्रोटीन के अब्सॉर्प्शन को ब्लॉक कर देते हैं। मील लेने से 45 मिनट पहले और बाद में चाय पीने से बचें।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।