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  • पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना के राजीव नगर इलाके में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार के अंदर सेवानिवृत्त इंजीनियर का गोली लगा शव बरामद हुआ। कार एक अपार्टमेंट के पास खड़ी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

    मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। वह इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और कोल इंडिया में महाप्रबंधक के पद पर भी काम कर चुके थे। मूल रूप से मोतिहारी के रहने वाले आलोक कुमार सेवानिवृत्ति के बाद रांची में रह रहे थे।

    बहन से मिलने पटना आए थे

    जानकारी के मुताबिक आलोक कुमार कुछ दिन पहले अपनी बहन से मिलने पटना पहुंचे थे। वह राजीव नगर क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में अपने बहनोई के अपार्टमेंट के पास ठहरे हुए थे। बताया गया है कि वह पहले भी कुछ दिन पहले पटना आए थे।

    परिवार के अनुसार उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनका बेटा बाहर रहता है। शनिवार सुबह वह टहलने के लिए निकले थे। इसके बाद उनकी कार में गोली लगा शव मिलने की सूचना सामने आई।

    कार में शव मिलने से मचा हड़कंप

    कार एक इमारत के नीचे खड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार की जांच की। अंदर शव मिलने के साथ ही मौके से पिस्टल बरामद होने की बात भी सामने आई है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।

    हत्या या आत्महत्या, दोनों पहलुओं की जांच

    कार के अंदर गोली लगा शव मिलने और पास से पिस्टल बरामद होने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किस परिस्थिति में चली।

    पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के परिणाम सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

    जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है। मृतक कब पटना पहुंचे, कार को घटनास्थल तक कौन लेकर आया और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

    परिवार के सदस्यों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतक के पास पिस्टल कैसे पहुंची और गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

    फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई राज

    घटनास्थल से बरामद पिस्टल और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा जाएगा। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी रखी है। जांच पूरी होने और वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेवानिवृत्त इंजीनियर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

  • डेटिंग ऐप पर दोस्ती, मिलने बुलाया और फिर बदनाम करने की धमकी… युवक से ऐंठे 25 हजार

    डेटिंग ऐप पर दोस्ती, मिलने बुलाया और फिर बदनाम करने की धमकी… युवक से ऐंठे 25 हजार

    डेटिंग ऐप पर दोस्ती, मिलने बुलाया और फिर बदनाम करने की धमकी… युवक से ऐंठे 25 हजार

    अहमदाबाद में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती के बाद युवक को मिलने बुलाकर कथित तौर पर धमकाने और पैसे ऐंठने का मामला सामने आया है. दो लोगों ने घर में तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई के नाम पर 40 हजार रुपये मांगे. बदनामी और पुलिस शिकायत के डर से युवक ने 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.

    अहमदाबाद में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती के बाद एक युवक से 25 हजार रुपये ऐंठ लिए गए. आरोप है कि दो लोगों ने उसे मिलने के लिए बुलाया और वहां पहुंचने पर बदनाम करने की धमकी दी. दोनों ने ऐप पर युवक से बातचीत करने वाले व्यक्ति को अपना ‘साला’ बताया और घर में हुई तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई के नाम पर उससे पैसे मांगे.

    जानकारी के मुताबिक, बापूनगर में रहने वाला 31 वर्षीय युवक एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट है. शिकायत के मुताबिक, 22 जून को ऑफिस में रहने के दौरान उसके मोबाइल पर ‘Expert’ नाम की यूजर आईडी से डेटिंग ऐप पर मैसेज आया. इसके बाद दो-तीन दिनों तक ऐप के मैसेंजर पर बातचीत होती रही. सामने वाले व्यक्ति ने युवक से मिलने की इच्छा जताई.

    इसके बाद 25 जून की शाम युवक को जशोदानगर के पास स्थित एक अपार्टमेंट में बुलाया गया. वहां पहुंचने पर दो अनजान व्यक्ति उससे मिलने आए. युवक का आरोप है कि दोनों ने बताया कि जिस शख्स से वह ऐप पर बातचीत कर रहा था, वह उनका साला है. इसके बाद उन्होंने परिवार को इस बात की जानकारी मिलने पर घर में तोड़फोड़ किए जाने की बात कही.

    घर में नुकसान का दावा, पुलिस में शिकायत की धमकी

    शिकायत के अनुसार, दोनों शख्स ने दावा किया कि इस कथित तोड़फोड़ में फोन, टीवी समेत दूसरे सामान को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने नुकसान की कीमत 40 हजार रुपये बताई और युवक से इसका आधा खर्च देने को कहा. पैसे नहीं देने पर पुलिस में शिकायत करने की धमकी भी दी गई.

    बदनामी के डर से युवक ने दोनों को किश्तों में कुल 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. आरोप है कि दोनों ने उसके मोबाइल से डेटिंग ऐप भी डिलीट करवा दिया. युवक को लगा कि पैसे देने के बाद मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों ने और नुकसान होने की बात कहकर उससे अतिरिक्त रकम मांगनी शुरू कर दी.

    बार-बार पैसे मांगे जाने के बाद युवक ने आखिरकार अपने दोस्तों को पूरी घटना बताई. दोस्तों की सलाह पर उसने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया. इसके बाद वह वटवा GIDC पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई.

    पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश

    युवक की शिकायत के आधार पर वटवा GIDC पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस आरोपियों की पहचान करने के साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि डेटिंग ऐप के जरिए युवक से संपर्क करने वाले व्यक्ति और अपार्टमेंट में मिले दोनों लोगों के बीच क्या संबंध था.

    फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. युवक ने शिकायत में बताया है कि बदनामी के डर और पुलिस कार्रवाई की धमकी के चलते उसने धीरे-धीरे 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे.

  • अच्छी कमाई के बाद भी: खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय;

    अच्छी कमाई के बाद भी: खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय;

    अच्छी कमाई के बाद भी: खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय;

    अगर कमाई अच्छी होने के बावजूद महीने के अंत तक पैसे खत्म हो जाते हैं, तो घर के माहौल पर भी ध्यान देना चाहिए। वास्तु शास्त्र में घर की व्यवस्था और कुछ दिशाओं को आर्थिक स्थिरता से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि कुछ आसान उपायों से घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    महीने की शुरुआत में सैलरी या कारोबार की कमाई खाते में आते ही आर्थिक स्थिति अच्छी नजर आती है, लेकिन कुछ दिनों बाद बचत के नाम पर कुछ नहीं बचता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो केवल कम कमाई को इसकी वजह मानना सही नहीं है। खर्च करने की आदत और पैसों को संभालने की आदत भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। वहीं, वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा और व्यवस्था को भी आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपाय आजमाए जा सकते हैं।

    आर्थिक समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय

    1. मुख्य द्वार: वास्तु शास्त्र
      में घर के मुख्य द्वार को खास महत्व दिया गया है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश यहीं से होता है। इसलिए दरवाजे के आसपास कूड़ा, पुराने जूते, टूटे सामान या कबाड़ जमा न होने दें। मुख्य द्वार को साफ और रोशन रखें।
    2. टूटी चीजें:
      घर में लंबे समय से पड़ी खराब या टूटी वस्तुओं को वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। टूटे बर्तन, बंद घड़ी, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, टूटा शीशा और बेकार पड़ी चीजें समय-समय पर हटा दें। इससे घर व्यवस्थित रहेगा और अनावश्यक सामान भी जमा नहीं होगा।
    3. नमक:
      वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने से जोड़ा जाता है। कई लोग सप्ताह में एक बार पोछे के पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर घर की सफाई करते हैं। हालांकि, इसे धन बढ़ाने का वैज्ञानिक उपाय नहीं माना जाता। इसे केवल पारंपरिक मान्यता के तौर पर ही अपनाएं।
    4. उत्तर दिशा:
      वास्तु में उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है और इसका संबंध धन-संपत्ति से जोड़ा जाता है। इसलिए इस हिस्से में भारी कबाड़ या अनुपयोगी सामान रखने से बचें। अगर यहां सामान रखा है तो उसे व्यवस्थित करें और बेकार चीजें हटा दें।
    5. तिजोरी की दिशा:
      वास्तु मान्यताओं के अनुसार धन रखने वाली तिजोरी या अलमारी को सही दिशा में रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण दिशा की दीवार के पास तिजोरी रखकर उसका मुंह उत्तर की ओर खुलना शुभ माना जाता है। हालांकि, घर की बनावट अलग-अलग होती है, इसलिए बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। तिजोरी में फटे नोट, बेकार कागज और पुरानी रसीदें जमा न करें।
    6. शाम को जलाएं दीपक:
      सनातन परंपरा में शाम के समय घर में दीपक जलाने की परंपरा रही है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण सकारात्मक रहता है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। शाम के समय घर को साफ रखें और अनावश्यक अंधेरा न रहने दें।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • वजन घटाने के लिए रोजाना 10,000 कदम चलना बेहतर है या जापानी वॉक? जानिए डॉक्टर सौरभ सेठी का वैज्ञानिक पक्ष

    वजन घटाने के लिए रोजाना 10,000 कदम चलना बेहतर है या जापानी वॉक? जानिए डॉक्टर सौरभ सेठी का वैज्ञानिक पक्ष

    वजन घटाने के लिए रोजाना 10,000 कदम चलना बेहतर है या जापानी वॉक? जानिए डॉक्टर सौरभ सेठी का वैज्ञानिक पक्ष

    वजन कम करने और खुद को फिट रखने के लिए ‘वॉक’ यानी पैदल चलना सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है। वजन घटाने और फिट रहने के लिए वॉकिंग को सबसे आसान, सुरक्षित और प्रभावी एक्सरसाइज मानी जाती है। इसे करने के लिए न किसी महंगे उपकरण की जरूरत होती है और न ही जिम जाने की। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि नियमित वॉकिंग से वजन कंट्रोल रहता है, दिल की सेहत में सुधार होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। फिटनेस की दुनिया में सालों से रोजाना 10,000 कदम चलने का नियम बेहद लोकप्रिय रहा है, लेकिन हाल ही में ‘जापानी वॉक’ तेजी से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह पारंपरिक वॉक से कहीं ज्यादा प्रभावी ढंग से पेट की चर्बी (Belly Fat) और वजन को कम करने में मददगार हो सकती है।

    हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से शिक्षित कैलिफोर्निया स्थित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने वजन कम करने के इन दोनों तरीकों की वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर तुलना की और बताया फिट रहने के लिए दस हजार कदम चलना ज्यादा असरदार है या फिर जापानी वॉक। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि जापानी वॉक और दस हजार कदम चलना दोनों तरीके में कौन सा तरीका तेजी से वजन को घटाता है।

    रोज़ 10,000 कदम चलने के क्या फायदे हैं?

    रोजाना 10,000 कदम चलना फिटनेस का एक लोकप्रिय लक्ष्य माना जाता है, जो औसतन 7–8 किलोमीटर के बराबर होता है। नियमित रूप से इतनी वॉक करने से शरीर अधिक सक्रिय रहता है, कैलोरी तेजी से बर्न होती है और वजन कंट्रोल करना आसान होता है। वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक रोजाना पर्याप्त कदम चलने से दिल की सेहत बेहतर होती है, हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। टाइप-2 डायबिटीज और तनाव को कंट्रोल करने में वॉक असरदार साबित होती है।

    2022 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में यूके के 78,430 वयस्कों के रोजाना कदमों और उनकी चलने की गति का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से अधिक कदम चलते थे, उनमें डिमेंशिया का जोखिम कम था। अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन करीब 9,800 कदम चलना डिमेंशिया के खतरे को कम करने से जुड़ा पाया गया। उम्र, फिटनेस, जोड़ों की समस्या और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कदमों की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार नियमित वॉक करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।

    जापानी वॉकिंग तकनीक क्या है?

    जापानी इंटरवल वॉकिंग (Japanese Interval Walking) जापान में विकसित एक विशेष वॉकिंग तकनीक है जिसमें 3 मिनट तेज़ गति से चलने और 3 मिनट सामान्य या धीमी गति से चलने का क्रम लगभग 30 मिनट तक दोहराया जाता है। तेज और धीमी चाल के इस पैटर्न को ही इंटरवल वॉकिंग कहा जाता है।

    वजन घटाने के लिए कौन-सा तरीका ज्यादा बेहतर है?

    हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से शिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार वजन घटाने और फिटनेस के लिए जापानी इंटरवल वॉकिंग पारंपरिक 10,000 कदम चलने की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकती है। इस तकनीक में 3 मिनट सामान्य गति और 3 मिनट तेज़ गति से चलने का क्रम लगभग 30 मिनट तक दोहराया जाता है। इससे कम समय में शरीर की तीव्रता बढ़ती है, जिससे अधिक कैलोरी बर्न हो सकती है।

    डॉ. के मुताबिक, नियमित रूप से इंटरवल वॉकिंग करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने, दिल की कार्यक्षमता सुधारने, स्ट्रोक के जोखिम को कम करने, नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाने और मूड में सुधार करने में मदद मिल सकती है। यह तकनीक जोड़ों पर अपेक्षाकृत कम दबाव डालती है, इसलिए कई लोगों के लिए इसे अपनाना आसान होता है। शुरुआत करने वालों को पहले 3 से 5 मिनट वार्म-अप करना चाहिए, फिर तेज और धीमी चाल के इंटरवल अपनाने चाहिए और अंत में 3-5 मिनट कूल-डाउन वॉक करनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी चिकित्सा विशेषज्ञों के अध्ययनों, सामान्य फिटनेस गाइडलाइंस और डॉ. सौरभ सेठी के वैज्ञानिक तर्कों पर आधारित है। वजन घटाना और फिटनेस एक व्यक्तिगत प्रक्रिया है जो आपकी डाइट, उम्र और शारीरिक क्षमता पर निर्भर करती है। जापानी इंटरवल वॉकिंग और 10,000 कदम चलना दोनों ही सेहत के लिए बेहतरीन हैं। हालांकि, यदि आप घुटनों या जोड़ों के दर्द, रीढ़ की हड्डी की समस्या, दिल की बीमारी या किसी अन्य गंभीर चिकित्सीय स्थिति से जूझ रहे हैं, तो किसी भी नई वॉकिंग तकनीक या एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श जरूर लें। जनसत्ता इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है।

  • किस्मत ने बदली करवट! एक ही दिन में निकले 3 इनाम, लॉटरी टिकट ने कर दिया मालामाल:

    किस्मत ने बदली करवट! एक ही दिन में निकले 3 इनाम, लॉटरी टिकट ने कर दिया मालामाल:

    किस्मत ने बदली करवट! एक ही दिन में निकले 3 इनाम, लॉटरी टिकट ने कर दिया मालामाल:

    किस्मत कब पलट जाए, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां लंबे समय से लॉटरी टिकट खरीद रहे एक व्यक्ति की किस्मत अचानक चमक गई। एक दिन में ही उसके टिकट पर इनाम निकला और अगले दिन दोबारा टिकट खरीदने पर फिर दो इनाम मिल गए।

    यह मामला जयपुर के रहने वाले अशोक कुमार से जुड़ा है, जो फर्नीचर का काम करते हैं। उन्होंने करीब एक महीने पहले ऑनलाइन विज्ञापन देखने के बाद लॉटरी टिकट खरीदना शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें कोई बड़ा इनाम नहीं मिला, लेकिन हाल ही में लगातार निकले इनाम ने उन्हें हैरान कर दिया।

    पहले निकला 50 हजार रुपये का इनाम

    बताया गया कि कुछ दिनों पहले अशोक कुमार की टिकट पर रात के समय 50 हजार रुपये का इनाम निकला। इसके बाद उन्होंने इनाम में मिली राशि से अगले दिन की लॉटरी टिकटें खरीद लीं।

    अगले दिन उनकी किस्मत ने एक बार फिर साथ दिया। अलग-अलग समय की खरीदी गई टिकटों में से दो टिकटों पर इनाम निकला। इनमें एक पर 50 हजार रुपये और दूसरी पर 12 हजार रुपये का पुरस्कार मिला।

    इस तरह बेहद कम समय के भीतर उनकी टिकटों से कुल तीन इनाम निकल आए।

    एक महीने पहले शुरू किया था टिकट खरीदना

    लॉटरी एजेंसी संचालक के मुताबिक, अशोक कुमार ने करीब एक महीने पहले टिकट खरीदना शुरू किया था। उन्होंने ऑनलाइन एजेंसी का विज्ञापन देखने के बाद टिकट लेने की शुरुआत की थी।

    शुरुआती दिनों में उन्हें कोई खास इनाम नहीं मिला, लेकिन हालिया दिनों में लगातार पुरस्कार मिलने से उनकी किस्मत बदलती नजर आई।

    अन्य टिकटों पर भी निकले इनाम

    एजेंसी संचालक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उनकी एजेंसी से बेची गई अन्य टिकटों पर भी कई पुरस्कार निकले हैं। इनमें 50-50 हजार रुपये के कुछ इनाम के अलावा चार-पांच छोटे पुरस्कार भी शामिल बताए गए हैं।

    लगातार पुरस्कार निकलने की खबर के बाद लॉटरी टिकट खरीदने वालों के बीच भी इस घटना की चर्चा हो रही है। हालांकि लॉटरी पूरी तरह संयोग और निर्धारित नियमों पर आधारित होती है, इसलिए किसी टिकट से इनाम निकलने की कोई गारंटी नहीं होती।

  • डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच परिसर में दिनदहाड़े ऐसी वारदात हुई, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. एक महिला डॉक्टर अपने हॉस्टल से गायनेकोलॉजी विभाग की ओर जा रही थीं. रास्ते में पोस्टमार्टम हाउस के पास बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे और कुछ ही सेकंड में उनके गले से करीब एक लाख रुपये की सोने की चेन झपटकर फरार हो गए.

    पीड़ित डॉक्टर डॉ. मधुलिका सिंह ने मामले की शिकायत एसकेएमसीएच ओपी पुलिस से की. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. अस्पताल परिसर में हुई इस वारदात के बाद सबसे पहले CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में काले रंग की बाइक पर सवार दो संदिग्ध नजर आए हैं. पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर बाइक सवारों की पहचान करने में जुटी है.

    डॉ. मधुलिका सिंह कुछ समझ पातीं, बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने उनके गले पर झपट्टा मारा और सोने की चेन खींच ली. इसके बाद दोनों बाइक सवार मौके से फरार हो गए. घटना के बाद कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. डॉक्टर ने घटना की जानकारी पुलिस को दी.

    घटना के बाद पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरे बने. पुलिस ने अलग-अलग कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक काले रंग की बाइक दिखाई दी, जिस पर दो लोग सवार थे. अब पुलिस CCTV फुटेज के जरिए दोनों संदिग्धों के चेहरे और बाइक की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

    SKMCH ओपी प्रभारी पिंटू कुमार ने बताया कि महिला डॉक्टर की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. CCTV फुटेज के आधार पर बाइक और उस पर सवार संदिग्धों की पहचान की जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द चिह्नित कर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.

    इस घटना ने एसकेएमसीएच परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता बढ़ा दी है. अस्पताल परिसर में दिनदहाड़े एक महिला डॉक्टर के साथ चेन स्नेचिंग की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठ रही है. फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. काले रंग की बाइक इस जांच में पुलिस के लिए अहम सुराग बनी हुई है.

  • रान्या राव पर 102.5 करोड़ का जुर्माना, 127 किलो सोने की तस्करी के मामले में कस्टम्स का बड़ा एक्शन.

    रान्या राव पर 102.5 करोड़ का जुर्माना, 127 किलो सोने की तस्करी के मामले में कस्टम्स का बड़ा एक्शन.

    रान्या राव पर 102.5 करोड़ का जुर्माना, 127 किलो सोने की तस्करी के मामले में कस्टम्स का बड़ा एक्शन.

    एक्ट्रेस हर्षवर्धिनी रान्या, जिन्हें रान्या राव के नाम से भी जाना जाता है, और तीन अन्य लोगों पर कस्टम्स ने कुल 270.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई कथित सोना तस्करी के एक बड़े मामले में की गई है. कस्टम्स के मुताबिक, आरोपी एक ऐसे सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारत में 127 किलोग्राम से ज्यादा सोना तस्करी के जरिए पहुंचाया. इस सोने की कुल कीमत करीब 102.5 करोड़ रुपये बताई गई है.

    कस्टम्स के संयुक्त आयुक्त (एयरपोर्ट) संदीप गुंजाल ने 30 सितंबर को इस मामले में आदेश जारी किया. आदेश के मुताबिक, रान्या राव को पूरे कथित तस्करी किए गए सोने के कंसाइनमेंट के लिए जिम्मेदार माना गया और उन पर 102.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, तरुण कोंडुरु राजू पर 62.1 करोड़ रुपये, जबकि साहिल सकरिया जैन और भरत कुमार जैन पर 53.1-53.1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

    यह पूरा मामला 3 मार्च 2025 को सामने आया था, जब रान्या राव दुबई से बेंगलुरु पहुंची थीं. कस्टम्स ने उनकी तलाशी के दौरान करीब 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया था, जिसकी कीमत उस समय करीब 12.6 करोड़ रुपये थी. जांच में सामने आया कि सोना उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाया गया था. इसे पैरों की पिंडलियों और कमर के आसपास, पैंट की जेबों और जूतों के अंदर छिपाकर लाया गया था.

    कस्टम्स के आदेश में रान्या राव को इस मामले की मुख्य आरोपी बताया गया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, तरुण कोंडुरु राजू की भूमिका दुबई में दस्तावेजों से जुड़े काम और सोने की डिलीवरी से जुड़ी थी. वहीं साहिल सकरिया जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में तस्करी के सोने को खपाने और उसकी बिक्री से मिले पैसों का इंतजाम करने का आरोप लगाया गया है. कस्टम्स के अनुसार, भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया गया.

    जांच के दौरान रान्या राव के लावेल रोड स्थित घर की भी तलाशी ली गई थी. इस कार्रवाई में करीब 2.7 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई. इसके अलावा करीब 2.1 करोड़ रुपये कीमत के आभूषण और अन्य कीमती सामान भी मिले थे. कस्टम्स ने इन बरामद चीजों को कथित तौर पर तस्करी किए गए सोने की बिक्री से हासिल रकम से जुड़ा बताया है.

    कस्टम्स ने जब्त किए गए सोने के साथ-साथ नकदी, आभूषण और अन्य सामान को भी जब्त करने का आदेश दिया है. आदेश में कहा गया कि ये संपत्तियां कथित तौर पर तस्करी के सोने की बिक्री से हासिल रकम से जुड़ी हुई थीं. हालांकि, पूरे मामले में सिर्फ 3 मार्च 2025 को पकड़ा गया सोना ही शामिल नहीं है. कस्टम्स के मुताबिक, इससे पहले भी सोने की तस्करी की 14 खेप भारत लाई गई थीं.

    इन 14 पुरानी खेपों में कुल 113 किलोग्राम से ज्यादा सोना होने की बात कही गई है. हालांकि, इन खेपों को कस्टम्स उस समय बरामद नहीं कर सका था. इसी वजह से जांच में सामने आए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन और दूसरे सबूतों को महत्वपूर्ण माना गया. कस्टम्स ने इन सभी तथ्यों को जोड़कर पूरे कथित सिंडिकेट की भूमिका तय की.

    आदेश जारी करते समय जांच अधिकारियों ने 16 घंटे से ज्यादा की एयरपोर्ट CCTV फुटेज देखी. इसके अलावा 152 दस्तावेजों और कई अन्य डिजिटल और लेन देन से जुड़े सबूतों को भी आधार बनाया गया. इन सबूतों के आधार पर कस्टम्स ने चारों आरोपियों की कथित भूमिका और सोने की तस्करी के नेटवर्क को लेकर नतीजे निकाले.

    अब इस आदेश के खिलाफ चारों आरोपी कस्टम्स कमिश्नर (अपील्स) के सामने अपील कर सकते हैं. आदेश की सूचना मिलने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपील दाखिल करने का प्रावधान है. यानी कस्टम्स के इस आदेश के खिलाफ कानूनी चुनौती देने का रास्ता अभी खुला हुआ है.

  • जेंडर बदलकर लड़की बन जाना चाहता था किशोर, बहस के बाद बेरहमी से किया मां का मर्डर, इनसाइड स्टोरी

    जेंडर बदलकर लड़की बन जाना चाहता था किशोर, बहस के बाद बेरहमी से किया मां का मर्डर, इनसाइड स्टोरी

    जेंडर बदलकर लड़की बन जाना चाहता था किशोर, बहस के बाद बेरहमी से किया मां का मर्डर, इनसाइड स्टोरी

    लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में एक नाबालिग द्वारा अपनी मां की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. घटना राजेंद्र नगर चौराहे के पास स्थित विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 की है. पुलिस के मुताबिक, 17 साल के किशोर ने कथित तौर पर अपनी 42 वर्षीय मां गीता भागचंदानी पर लोहे की रिंच से हमला कर दिया. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद किशोर ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी.

    पुलिस के अनुसार, किशोर पिछले कुछ समय से खुद को लड़की के रूप में प्रस्तुत कर रहा था और जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराना चाहता था. इस मामले को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव के हालात थे. परिवार के लोग कथित तौर पर उसके इस फैसले से सहमत नहीं थे और उसे मेडिकल तथा मनोवैज्ञानिक सलाह लेने के लिए कह रहे थे. इसी मुद्दे को लेकर मां और बेटे के बीच विवाद हुआ और मामला कथित तौर पर हिंसा तक पहुंच गया.

    घटना 1 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, किशोर घर पहुंचा और अपनी मां से चाय बनाने के लिए कहा. जैसे ही गीता भागचंदानी रसोई की तरफ जाने लगीं, आरोप है कि किशोर ने पीछे से उन पर लोहे की रिंच से हमला कर दिया. उसने सिर पर लगातार कई वार किए, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल होकर गिर गईं. कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. पुलिस अब फोरेंसिक जांच के जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.

    वारदात के बाद किशोर ने घटना छिपाने या मौके से भागने की कोशिश नहीं की. उसने पहले अपने पिता को फोन किया और इसके बाद डायल 112 पर भी सूचना दी. पुलिस के मुताबिक, उसने फोन पर कहा कि उसने अपनी मां को मार दिया है और पुलिस भेजी जाए. सूचना मिलते ही नाका हिंडोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने फ्लैट के अंदर महिला को मृत पाया, जबकि नाबालिग आरोपी वहीं मौजूद था. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई.

    डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कथित रिंच को कब्जे में ले लिया है. घटनास्थल से दूसरे अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश का साफ पता चलेगा.

    जांच के दौरान पुलिस को किशोर की डायरी और मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, हत्या की तैयारी पहले से किए जाने के संकेत मिले हैं. आरोप है कि किशोर ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए एक मास्टर रिंच और पेपर स्प्रे मंगाया था. इसके बाद उसने AI की मदद से हत्या की कथित योजना तैयार की और उसे अपनी निजी डायरी में भी दर्ज किया. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था.

    पुलिस के मुताबिक, डायरी में वारदात के बाद खून और दूसरे सबूतों को साफ करने से जुड़ी बातें भी लिखी मिली हैं. इसमें गर्म पानी के इस्तेमाल का जिक्र होने की बात कही जा रही है. पुलिस ने डायरी, मोबाइल फोन, कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रिंच और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं. इन सभी चीजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांच एजेंसियां मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित योजना और वारदात के बीच कनेक्शन साफ हो सके.

    मृतका के पति राकेश के मुताबिक, उनका बेटा पिछले करीब 5 से 6 वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था. उसका इलाज मेडिकल कॉलेज और नूर मंजिल जैसे संस्थानों में कराया गया था. परिवार के पास बाल कल्याण समिति से जुड़ा पत्र भी है, जिसमें किशोर की स्थिति और इलाज से संबंधित निर्देश दर्ज होने की बात कही गई है. पिता का कहना है कि इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और परिवार को उसकी देखभाल को लेकर लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.

    पुलिस जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव की बात भी सामने आई है. परिजनों के अनुसार, किशोर करीब 10 से 12 साल की उम्र तक सामान्य व्यवहार करता था, लेकिन बाद में उसके व्यवहार और पसंद में बदलाव दिखाई देने लगा. वह लड़कियों जैसे कपड़े पहनने और सजने-संवरने में रुचि रखता था और खुद को लड़की के पेश करता था. जेंडर पहचान और उसके व्यवहार को लेकर परिवार में कई बार विवाद होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, वह किसी के छूने पर भी गुस्सा करता था.

    परिवार के मुताबिक, लगातार विवाद और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए करीब चार महीने पहले किशोर को अलग रखने का फैसला किया गया था. इसके लिए गणेशगंज में घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक अलग कमरा या फ्लैट किराए पर लिया गया था. उसकी पढ़ाई, कमरे का किराया और रहने-खाने का खर्च पिता की ओर से उठाया जा रहा था. परिवार के अनुसार, बेटे के खर्च के लिए हर महीने पैसे भी भेजे जाते थे. इसके बावजूद मां-बेटे के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था.

    पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन किशोर अपनी मां से मिलने के लिए घर पहुंचा था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि मां उसे सर्जरी के फैसले को लेकर समझाने की कोशिश कर रही थीं और मेडिकल तथा मनोवैज्ञानिक मदद लेने की सलाह दे रही थीं. इसी दौरान दोनों के बीच कथित तौर पर बहस हुई. इसके बाद किशोर ने रिंच से हमला कर दिया. हालांकि पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम की जांच कर रही है. और आखिरी नतीजा फोरेंसिक रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर ही सामने आएगा.

    नाका हिंडोला थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में किशोर में जेंडर डिस्फोरिया से जुड़े संकेत होने की बात सामने आई है. हालांकि इस संबंध में विशेषज्ञों और मेडिकल प्रोफेशनल्स से उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी. पुलिस का कहना है कि किशोर की मानसिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति का आकलन विशेषज्ञों की मदद से किया जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं और हत्या की साजिश किस तरह रची की गई.

    फिलहाल नाबालिग पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने घटनास्थल से बरामद रिंच, कपड़े, मोबाइल फोन और डायरी समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच के जरिए हत्या के पीछे के हालात, विवाद की वजह और वारदात की पूरी टाइमलाइन बनाई जा रही है.

  • ज्यादा ऊंचाई पर जाते:ही कान में सीटी क्यों बजने लगती है? जानें इसके पीछे का विज्ञान,

    ज्यादा ऊंचाई पर जाते:ही कान में सीटी क्यों बजने लगती है? जानें इसके पीछे का विज्ञान,

    क्या आपने कभी पहाड़ों पर जाने, फ्लाइट में सफर करने या बहुत ज्यादा ऊंचाई पर पहुंचने के दौरान कान में सीटी जैसी आवाज महसूस की है? कई लोगों को इस दौरान कान बंद होने, भारीपन या हल्का दर्द भी महसूस होता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे हमारे शरीर और वातावरण के दबाव में होने वाला बदलाव मुख्य वजह है।

    ऊंचाई बढ़ने पर क्या बदलता है?

    जैसे-जैसे हम समुद्र तल से ऊपर की ओर जाते हैं, वातावरण का वायुदाब कम होने लगता है। हमारे कान के अंदर मौजूद मध्य कान में भी हवा का दबाव होता है। सामान्य स्थिति में कान के अंदर और बाहर का दबाव लगभग संतुलित रहता है।

    लेकिन अचानक ऊंचाई बढ़ने पर बाहर का दबाव तेजी से बदलता है, जबकि कान के अंदर का दबाव तुरंत उसी गति से नहीं बदल पाता। इसी असंतुलन की वजह से कान में दबाव, बंद होने जैसा एहसास और कभी-कभी सीटी या भनभनाहट जैसी आवाज सुनाई दे सकती है।

    कान में सीटी जैसी आवाज क्यों आती है?

    कान के अंदर एक पतली झिल्ली होती है, जिसे ईयरड्रम कहा जाता है। बाहर और अंदर के दबाव में अंतर होने पर इस झिल्ली पर खिंचाव पड़ सकता है। इससे सुनने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित होती है और कान में अजीब आवाज, भनभनाहट या सीटी जैसी ध्वनि महसूस हो सकती है।

    इसे आमतौर पर टिनिटस जैसी अनुभूति से जोड़ा जा सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में इसका अनुभव एक जैसा नहीं होता।

    फ्लाइट में यह ज्यादा क्यों महसूस होता है?

    हवाई जहाज के उड़ान भरने और खासकर नीचे उतरने के दौरान केबिन के दबाव में बदलाव होता है। यही कारण है कि यात्रियों को टेकऑफ या लैंडिंग के समय कान बंद होने या आवाज बदलने की शिकायत हो सकती है।

    ऐसे समय पर निगलना, जम्हाई लेना या च्यूइंग गम चबाना कान के अंदर और बाहर के दबाव को संतुल

  • पंचमुखी हनुमान के ‘पांचों’ चेहरों का क्या है रहस्य? हर रूप: देता है अलग आशीर्वाद, ये हैं तस्वीर लगाने की सही दिशा.

    पंचमुखी हनुमान के ‘पांचों’ चेहरों का क्या है रहस्य? हर रूप: देता है अलग आशीर्वाद, ये हैं तस्वीर लगाने की सही दिशा.

    पंचमुखी हनुमान के ‘पांचों’ चेहरों का क्या है रहस्य? हर रूप: देता है अलग आशीर्वाद, ये हैं तस्वीर लगाने की सही दिशा.

    हनुमान जी के पंचमुखी स्वरूप को बेहद शक्तिशाली माना गया है। पंचमुखी हनुमान के पांचों मुख अलग-अलग शक्तियों के प्रतीक हैं। मान्यता है कि इन पांचों रूपों से साहस, सुरक्षा, स्वास्थ्य, समृद्धि, ज्ञान और विजय का आशीर्वाद मिलता है। यही वजह है कि पंचमुखी हनुमान की तस्वीर को घर में रखना भी शुभ माना जाता है। तो चलिए जानते हैं उनके पांच मुखों का महत्व और घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाने की सही दिशा।

    पंचमुखी रूप की कथा

    सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जब अहिरावन भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक ले गया था, तब उन्हें बचाने के लिए हनुमान जी ने पंचमुखी स्वरूप धारण किया। पाताल लोक में पांच दिशाओं में रखे पांच दीपकों को एक साथ बुझाने के बाद ही अहिरावन का अंत संभव था। हनुमान जी ने पांच रूप धारण कर सभी दीपक बुझाए। इस तरह अपनी सूझबूझ और पराक्रम से उन्होंने भगवान राम और उनके अनुज लक्ष्मण को मुक्त कराया।

    पंचमुखी हनुमान के पांचों मुख का महत्व

    1. वानर मुख
      : पंचमुखी हनुमान का मुख्य मुख वानर रूप में होता है। इसे पूर्व दिशा से संबंधित माना जाता है। यह रूप साहस, यश, पवित्रता और भक्ति से जुड़ा है। इसे हनुमान जी की शक्ति और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है।
    2. नरसिंह मुख:
      दक्षिण दिशा की ओर माने जाने वाले सिंह मुख को भगवान नरसिंह का स्वरूप बताया जाता है। यह रूप भय से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
    3. गरुड़ मुख:
      पंचमुखी स्वरूप में पश्चिम दिशा से संबंधित गरुड़ मुख भी शामिल है। मान्यता है कि यह रूप विषैले प्रभावों, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का प्रतीक है।
    4. वराह मुख:
      उत्तर दिशा से जुड़ा वराह मुख भगवान विष्णु के वराह स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। इसे स्वास्थ्य, लंबी आयु, स्थिरता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
    5. हयग्रीव मुख:
      पंचमुखी हनुमान का ऊपर की ओर रहने वाला अश्व मुख भगवान हयग्रीव के स्वरूप से संबंधित माना जाता है। यह ज्ञान, बुद्धि और विजय का प्रतीक है। विद्यार्थियों और ज्ञान की साधना करने वालों के लिए इसे विशेष महत्व दिया जाता है।

    घर में कहां लगाएं पंचमुखी हनुमान की  तस्वीर?

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार , पंचमुखी हनुमान की तस्वीर घर के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ होता है। इसे ड्रॉइंग रूम या लिविंग रूम में भी रखा जा सकता है। दक्षिण दिशा को पंचमुखी हनुमान की तस्वीर के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण में भी इसे लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होने की मान्यता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।