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  • ‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम

    ‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम

    ‘बस वापस आना चाहती हूं’, दुबई में फंसी झारखंड की मोनिका, नर्स की नौकरी के नाम पर बुलाया, कराया घरों में काम

    झारखंड के रांची की रहने वाली 35 वर्षीय नर्स मोनिका कच्छप के लिए दुबई में नौकरी करने का सपना मुश्किल हालात में बदल गया। बेहतर कमाई और अपनी बीमार मां के इलाज का खर्च उठाने के लिए विदेश में नौकरी की तलाश कर रहीं मोनिका ने इंस्टाग्राम पर एक एजेंसी के विज्ञापन के जरिए संपर्क किया था। आरोप है कि दुबई पहुंचने के बाद उन्हें नर्सिंग की नौकरी के बजाय अलग-अलग घरों में घरेलू काम करने के लिए भेजा गया।

    मोनिका के परिवार ने अब झारखंड सरकार से हस्तक्षेप कर उन्हें दुबई से सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है। मामले में उनके पिता रत्न ने भर्ती एजेंसी से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।

    इंस्टाग्राम के जरिए एजेंट से हुआ संपर्क

    मोनिका के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए प्रियंका आर्या नाम की एजेंट से हुई थी। प्रियंका कथित तौर पर खाड़ी देशों में घरेलू कर्मचारियों की भर्ती का काम करने वाली एजेंसी चलाती हैं। उस समय मोनिका रांची के एक निजी अस्पताल में नर्स के तौर पर काम कर रही थीं और विदेश में बेहतर नौकरी की तलाश में थीं।

    मोनिका ने बताया कि प्रियंका ने उन्हें दुबई में नर्सिंग की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंट के इंस्टाग्राम पेज पर 16 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और यहां यूएई में नौकरी मिलने का दावा करने वाली महिलाओं के वीडियो भी मौजूद हैं। मोनिका के अनुसार, एजेंट के कहने पर उन्होंने अपने दस्तावेज भेजे और अपना मूल पासपोर्ट दिल्ली के एक पते पर भेज दिया था।

    दुबई जाने के बाद बदली पूरी कहानी

    मोनिका ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते दुबई की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपना मन बदल लिया था और पासपोर्ट वापस मांगा। हालांकि, उनका आरोप है कि एजेंट ने पासपोर्ट लौटाने से इनकार कर दिया और उन्हें वीजा व टिकट की जानकारी ऑनलाइन भेज दी।

    इसके बाद मोनिका 3 मई को दिल्ली पहुंचीं और वहां उन्हें अपना पासपोर्ट वापस मिला। 6 मई को वह दुबई पहुंचीं, जहां उन्हें शारजाह जाने के लिए कहा गया। एयरपोर्ट पर एक पाकिस्तानी ड्राइवर उन्हें लेने पहुंचा।

    मोनिका का आरोप है कि एयरपोर्ट पहुंचते ही ड्राइवर ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया। इसके बाद उन्हें एक ऐसे ठिकाने पर ले जाया गया, जहां एजेंसी के जरिए नौकरी के लिए आई अन्य महिलाएं भी रह रही थीं।

    अरबी और अंग्रेजी में दस्तावेज पर लिया अंगूठा

    अगले दिन मोनिका को अजमान स्थित एक ऑफिस ले जाया गया। वहां प्रियंका के पति रितेश कुमार और मोहम्मद मेराज अंसारी मौजूद थे। मोनिका का आरोप है कि वहां उनसे अरबी और अंग्रेजी में लिखे एक दस्तावेज पर अंगूठे का निशान लगवाया गया।

    उन्हें बताया गया कि यह दो साल का नौकरी का सामान्य कॉन्ट्रैक्ट है। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि दस्तावेज में 12,600 दिरहम का कर्ज लेने की बात लिखी थी। आरोप है कि यह रकम ब्याज समेत 14,000 दिरहम चुकाने को कहा गया और भुगतान नहीं करने पर जेल भेजे जाने की धमकी दी गई।

    मोनिका ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी और अरबी भाषा ठीक से समझ नहीं आती थी, इसलिए वह दस्तावेज की वास्तविक जानकारी नहीं समझ पाईं। उनका दावा है कि उन्होंने ऐसा कोई कर्ज लिया ही नहीं था।

    नर्सिंग जॉब के बजाय घरों में कराया काम

    मोनिका के मुताबिक, दुबई पहुंचने से पहले उन्हें नर्स की नौकरी का भरोसा दिया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें एजेंसी से जुड़े लोगों के घर पर घरेलू काम करना पड़ा।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें अलग-अलग घरों में मरीजों और बच्चों की देखभाल के लिए भेजा जाता रहा। अरबी भाषा नहीं आने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और बाद में उन्हें वापस एजेंसी के ऑफिस ले आया जाता था।

    मोनिका का कहना है कि उन्होंने कई बार रितेश और मेराज से भारत वापस जाने की बात कही, खासकर अपनी मां की बीमारी के कारण। लेकिन कथित तौर पर उनसे पहले 14,000 दिरहम चुकाने को कहा गया। मोनिका ने आरोप लगाया कि मेराज ने रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं करने पर उन्हें धमकी दी और कहा कि वह दुबई में ही फंसी रहेंगी और उन्हें कोई काम नहीं मिलेगा।

    पासपोर्ट भी अपने पास रखने का आरोप

    मोनिका के अनुसार, उनका पासपोर्ट भी उन लोगों के पास ही रहा जिन्होंने उनकी यात्रा की व्यवस्था की थी। हालांकि, उन्होंने अपने साथ किसी तरह के शारीरिक या यौन उत्पीड़न से इनकार किया है।

    मोनिका के पिता रत्न ने प्रियंका, रितेश, मेराज और भर्ती एजेंसी AMD ट्रेंड सॉल्यूशन LLC से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी को नौकरी, खाना और रहने की सुविधा का भरोसा देकर विदेश भेजा गया और बाद में उससे जबरन काम कराया गया तथा उसे भारत लौटने से रोका गया।

    परिवार ने सरकार से लगाई बेटी को वापस लाने की गुहार

    रत्न के अनुसार, नौकरी दिलाने के लिए मोनिका ने अप्रैल में यूपीआई के जरिए प्रियंका को 15 हजार रुपये दिए थे। द इंडियन एक्सप्रेस ने प्रियंका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। रत्न ने कहा कि परिवार अपनी बेटी को वापस भारत लाना चाहता है और सरकार से इसमें मदद की अपील कर रहा है।

    एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर पंकज शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दुबई में रह रहीं मोनिका ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा, “मैं बस भारत वापस आना चाहती हूं।”

  • अकबर को किस तरह: का संगीत पसंद था? तानसेन के अलावा इन चीजों में भी थी गहरी दिलचस्पी.

    अकबर को किस तरह: का संगीत पसंद था? तानसेन के अलावा इन चीजों में भी थी गहरी दिलचस्पी.

    अकबर को किस तरह: का संगीत पसंद था? तानसेन के अलावा इन चीजों में भी थी गहरी दिलचस्पी.

    मुगल बादशाह अकबर को आमतौर पर उसकी राजनीतिक और सैन्य उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है, लेकिन उसके व्यक्तित्व का एक दूसरा पहलू भी था। उसे संगीत, कला, खेल, शिकार और तरह-तरह की मनोरंजक गतिविधियों में काफी रुचि थी।

    अकबर के शासनकाल से जुड़े ऐतिहासिक विवरणों में उसके दरबार की संगीत परंपरा और कलाकारों का खास उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि राजकाज की व्यस्तताओं के बीच संगीत और दूसरी गतिविधियां उसके मनोरंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं।

    तानसेन के संगीत का था खास आकर्षण

    अकबर के दरबार से जुड़े सबसे प्रसिद्ध संगीतकारों में तानसेन का नाम आता है। वह दरबारी संगीत परंपरा में ध्रुपद के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे।

    ऐतिहासिक विवरणों में अकबर के दरबार में कई गायकों और वादकों की मौजूदगी का उल्लेख मिलता है। वीणा, रबाब और दूसरे वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां दरबार की संगीत सभाओं का हिस्सा हुआ करती थीं।

    तानसेन की कला से अकबर कितना प्रभावित था, इसका उल्लेख अबुल फजल द्वारा लिखे गए दरबारी विवरणों में भी मिलता है। संगीत अकबर के दरबार की सांस्कृतिक जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था।

    स्वामी हरिदास से जुड़ी कहानी भी है मशहूर

    अकबर और संगीत के संबंध में स्वामी हरिदास से जुड़ी एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक परंपरा भी सुनने को मिलती है। स्वामी हरिदास वृंदावन के प्रसिद्ध संत और संगीत साधक थे तथा उन्हें तानसेन का गुरु माना जाता है।

    लोकप्रिय कथाओं के अनुसार अकबर ने उनके गायन को सुनने के लिए वृंदावन की यात्रा की थी। हालांकि इस घटना से जुड़े सभी विवरणों को समान रूप से प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य नहीं माना जा सकता।

    अकबर को नगाड़ा बजाने का भी शौक था

    संगीत सुनने के साथ अकबर के खुद वाद्ययंत्र बजाने की रुचि का भी उल्लेख मिलता है। कुछ ऐतिहासिक विवरणों में उसके नगाड़ा बजाने के शौक की बात कही गई है।

    फतेहपुर सीकरी में संगीत और मनोरंजन के लिए बनाए गए स्थानों से भी पता चलता है कि शाही दरबार में संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण स्थान हासिल था।

    चौपड़ और पचीसी में भी थी दिलचस्पी

    अकबर के मनोरंजन में खेलों की भी अहम भूमिका थी। फतेहपुर सीकरी में बना विशाल पचीसी का मैदान आज भी इस बात का उदाहरण माना जाता है कि शाही मनोरंजन किस स्तर पर आयोजित किया जाता था।

    ऐतिहासिक विवरणों में शाही खेलों में लोगों को गोटियों के रूप में इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख मिलता है। हालांकि इन घटनाओं से जुड़े लोकप्रिय विवरणों में कई बार कहानी और इतिहास आपस में मिल जाते हैं, इसलिए हर दावे को समान प्रमाणिकता के साथ नहीं देखा जा सकता।

    अकबर को चौगान यानी पोलो का भी शौक था। घुड़सवारी और दूसरे शारीरिक खेल शाही जीवन का हिस्सा थे।

    जानवरों से जुड़े खेलों में भी रुचि

    अकबर के समय शाही दरबार में हाथियों और दूसरे जानवरों को लेकर होने वाली गतिविधियां भी मनोरंजन का हिस्सा थीं। अकबर खुद हाथियों को नियंत्रित करने और उनकी लड़ाइयों को देखने के लिए जाना जाता था।

    शिकार भी शाही जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। विशेष रूप से प्रशिक्षित चीतों का इस्तेमाल शिकार में किया जाता था। शाही शिकार केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि राजकीय शक्ति और सैन्य कौशल से भी जुड़ा हुआ था।

    कबूतर पालने का था शौक

    अकबर को कबूतर पालने और उन्हें उड़ाने में भी रुचि थी। मुगल दरबार में कबूतरबाजी एक लोकप्रिय शाही शगल थी।

    दरबार में अलग-अलग नस्लों के कबूतरों को रखा जाता था और उनकी देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था होती थी। अकबर के कबूतरों के प्रति लगाव का उल्लेख भी कई ऐतिहासिक विवरणों में मिलता है।

    नई तकनीक और हथियारों में भी दिलचस्पी

    अकबर केवल कला और मनोरंजन तक सीमित नहीं था। उसके शासनकाल में हथियारों और सैन्य तकनीक के विकास पर भी ध्यान दिया गया।

    उस दौर में ऐसी तोपों और हथियारों के विकास पर काम हुआ जिन्हें युद्ध के दौरान अपेक्षाकृत आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सके। हालांकि किसी खास हथियार का डिजाइन सीधे अकबर की व्यक्तिगत खोज बताना सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे सैन्य विकास में कारीगरों, इंजीनियरों और दरबारी विशेषज्ञों की भूमिका भी होती थी।

    किताबें पढ़ने के बजाय सुनकर लेता था ज्ञान

    अकबर के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह है कि वह औपचारिक रूप से पढ़-लिख नहीं सकता था, लेकिन उसे ज्ञान और किताबों में गहरी रुचि थी।

    उसके शाही पुस्तकालय में बड़ी संख्या में पांडुलिपियां मौजूद थीं। विद्वान और पाठक उसे किताबें पढ़कर सुनाते थे। इस तरह वह इतिहास, धर्म, दर्शन और दूसरे विषयों पर जानकारी हासिल करता था।

    अलग-अलग धर्मों के विद्वानों से करता था चर्चा

    अकबर ने धार्मिक और दार्शनिक चर्चाओं में भी रुचि दिखाई। फतेहपुर सीकरी में इबादतखाना स्थापित किया गया, जहां विभिन्न धार्मिक परंपराओं से जुड़े विद्वानों के बीच चर्चा होती थी।

    इन चर्चाओं में इस्लाम के अलग-अलग विद्वानों के साथ हिंदू, जैन, ईसाई और अन्य धार्मिक परंपराओं से जुड़े लोगों की भागीदारी का भी उल्लेख मिलता है।

    बाद के वर्षों में अकबर की धार्मिक नीतियों और विचारों में महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई दिए। इसी संदर्भ में दीन-ए-इलाही का नाम भी इतिहास में आता है, हालांकि इसे एक व्यापक संगठित धर्म के बजाय अकबर से जुड़े एक सीमित धार्मिक-नैतिक विचार के रूप में समझना अधिक उचित है।

    अकबर का मनोरंजन सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं था

    अकबर के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक विवरण बताते हैं कि उसके मनोरंजन के तरीके काफी विविध थे। संगीत में तानसेन और दरबारी कलाकारों की प्रस्तुतियां, खेलों में पचीसी और चौगान, शिकार, कबूतरबाजी, जानवरों से जुड़ी गतिविधियां और विद्वानों से चर्चा—ये सभी उसके शाही जीवन के अलग-अलग पहलू थे।

    यही वजह है कि अकबर को केवल एक योद्धा या शासक के रूप में देखना उसके व्यक्तित्व की पूरी तस्वीर नहीं देता। उसके शासनकाल में संगीत, कला, साहित्य और विभिन्न बौद्धिक परंपराओं को भी दरबार में महत्वपूर्ण स्थान मिला।

  • रैपिडो से शुरू हुई पहचान, सोशल मीडिया पर बढ़ी नजदीकी; नाबालिग के गर्भवती होने पर सामने आया गंभीर मामला

    रैपिडो से शुरू हुई पहचान, सोशल मीडिया पर बढ़ी नजदीकी; नाबालिग के गर्भवती होने पर सामने आया गंभीर मामला

    रैपिडो से शुरू हुई पहचान, सोशल मीडिया पर बढ़ी नजदीकी; नाबालिग के गर्भवती होने पर सामने आया गंभीर मामला

    मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में नाबालिग युवती से कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। दहिसर पुलिस ने 19 वर्षीय बाइक-टैक्सी चालक इरफान हमीद शेख के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

    मामले का खुलासा तब हुआ, जब नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी उसके परिवार को मिली। इसके बाद परिवार ने सोनोग्राफी कराई और गर्भावस्था की पुष्टि होने पर युवती से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद युवती ने परिवार को घटना के बारे में बताया और परिजनों ने दहिसर पुलिस से संपर्क किया।

    रैपिडो राइड के दौरान हुई थी पहचान

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, युवती की आरोपी चालक से पहचान एक बाइक-टैक्सी राइड के दौरान हुई थी। आरोप है कि यात्रा के दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए भी संपर्क बना रहा।

    पुलिस का कहना है कि कुछ समय बाद दोनों की मुलाकातें होने लगीं। आरोपी के युवती के घर आने-जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

    आरोप है कि बाद में आरोपी ने युवती को मिलने के लिए बुलाया और उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।

    पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से शुरू की तलाश

    मामला दर्ज होने के बाद दहिसर पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया। मोबाइल फोन और लोकेशन से जुड़ी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों की पड़ताल शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस आरोपी के घर भी पहुंची। पुलिस का आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने उसकी मौजूदगी के बारे में जानकारी छिपाने की कोशिश की।

    भेष बदलकर बाहर भेजने की कोशिश का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी को कथित तौर पर बुर्का पहनाकर महिला के रूप में बाहर निकालने और मुंबई से बाहर भेजने की कोशिश की गई।

    पुलिस को इस संबंध में संदेह होने के बाद आरोपी के माता-पिता से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी की मां से मिली जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया।

    इसके बाद पुलिस टीम ने भिवंडी में कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    मामले की जांच में दहिसर पुलिस की डिटेक्शन टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों का इस्तेमाल किया। जांच अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश करने के बाद आरोपी को भिवंडी से पकड़ा।

    आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    ऐप आधारित बाइक-टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा पर चर्चा

    घटना सामने आने के बाद ऐप आधारित बाइक-टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। खासतौर पर महिला यात्रियों के लिए ड्राइवर वेरिफिकेशन, बैकग्राउंड चेक, ट्रिप मॉनिटरिंग और शिकायत तंत्र जैसे सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    हालांकि, इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    फिलहाल दहिसर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।

  • तीन साल के रिश्ते में आया विवाद, युवक पर जानलेवा हमला; 11 दिन बाद इलाज के दौरान 19 वर्षीय तेजिंदर की मौत

    तीन साल के रिश्ते में आया विवाद, युवक पर जानलेवा हमला; 11 दिन बाद इलाज के दौरान 19 वर्षीय तेजिंदर की मौत

    तीन साल के रिश्ते में आया विवाद, युवक पर जानलेवा हमला; 11 दिन बाद इलाज के दौरान 19 वर्षीय तेजिंदर की मौत

    गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर जिले में 19 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि रिश्ते से जुड़े विवाद के बाद तेजिंदर सिंह पर कुछ युवकों ने हमला किया था। 18 सितंबर को हुई कथित मारपीट में गंभीर रूप से घायल तेजिंदर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब 11 दिन बाद 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है, जो घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    तीन साल से लड़की के संपर्क में था तेजिंदर

    मृतक की पहचान खोखरा गांव निवासी तेजिंदर सिंह के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक, तेजिंदर करीब तीन साल से एक लड़की के संपर्क में था। बाद में दोनों के बीच किसी बात को लेकर तनाव बढ़ गया।

    परिवार का दावा है कि तेजिंदर ने रिश्ता खत्म करने का फैसला लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद होने लगे। कुछ मुलाकातों और बहस का भी परिजनों ने जिक्र किया है। हालांकि, इन घटनाओं का 18 सितंबर को हुए हमले से सीधा संबंध था या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

    मिलने के लिए बुलाने के बाद हमले का आरोप

    परिवार का आरोप है कि 18 सितंबर को तेजिंदर को मिलने के लिए बुलाया गया था। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कई युवकों ने उस पर हमला कर दिया।

    हमले में तेजिंदर के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। परिवार के अनुसार, तेजिंदर को वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था। आखिरकार 29 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    करीब नौ युवकों पर लगाए आरोप

    परिजनों ने इस मामले में करीब नौ युवकों के हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था।

    हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस कथित हमलावरों की भूमिका, घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों और हमले की वजह से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    नाबालिग लड़की से भी पूछताछ

    पुलिस ने मामले में एक नाबालिग लड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान लड़की ने हमले के लिए पैसे देने की बात कही थी, लेकिन कथित तौर पर यह भी कहा कि उसने हत्या के लिए नहीं कहा था।

    यह जानकारी फिलहाल जांच का हिस्सा है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी।

    परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की

    तेजिंदर की मौत के बाद उसके परिजनों ने मामले में नाम सामने आ रहे सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार को लेकर आगे नहीं बढ़ेंगे।

    जांच के लिए बनाई गई SIT

    गुरदासपुर के एसपी मनोज ठाकुर के अनुसार, तेजिंदर के पिता की शिकायत के आधार पर 20 सितंबर को FIR दर्ज की गई थी। परिवार ने स्थानीय स्तर पर चल रही जांच को लेकर असंतोष जताया था।

    इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया। टीम अब घटनास्थल, उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों की भूमिका और हमले से पहले तथा बाद के घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाएगी।

  • सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा, सीढ़ी गिरने से 7 साल की बच्ची की मौत, 3 छात्र घायल

    सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा, सीढ़ी गिरने से 7 साल की बच्ची की मौत, 3 छात्र घायल

    सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा, सीढ़ी गिरने से 7 साल की बच्ची की मौत, 3 छात्र घायल

    बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की सीढ़ी गिरने से बुधवार को सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई और तीन अन्य छात्र घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 10 बजे मानसी पुलिस थाना क्षेत्र के अमनी गांव में हुई।

    मृतक बच्ची की पहचान प्राइमरी स्कूल की पहली कक्षा की छात्रा रितिका कुमारी के रूप में हुई है। डीएम विक्रम विरकर ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को घटना की जांच करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। घायल छात्रों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मानसी के SHO दीपक कुमार ने कहा, “स्कूल की सीढ़ी अचानक गिर गई, जिससे कई छात्र फंस गए। सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।” उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है और आगे की जांच चल रही है।

  • ससुराल से प्रताड़ना और डिप्रेशन: की दवा …होटल में संदिग्ध अवस्था में मिला 25 वर्षीय महिला का शव, मची सनसनी

    ससुराल से प्रताड़ना और डिप्रेशन: की दवा …होटल में संदिग्ध अवस्था में मिला 25 वर्षीय महिला का शव, मची सनसनी

    ससुराल से प्रताड़ना और डिप्रेशन: की दवा …होटल में संदिग्ध अवस्था में मिला 25 वर्षीय महिला का शव, मची सनसनी

    बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक होटल के कमरे में 25 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, घटना सोमवार को सदर थाना क्षेत्र में गोबरसही चौक के पास स्थित एक होटल में हुई। महिला की पहचान बेगूसराय जिले के तेघड़ा निवासी निगम कुमारी के रूप में हुई है। वह गुजरात के अहमदाबाद में एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती थी। 

    सदर थाना प्रभारी नवलेश कुमार आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ”होटल के कमरे से एक महिला का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।” उन्होंने बताया कि घटनास्थल से फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। होटल के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

    अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह होटल का एक कर्मचारी कमरे की सफाई करने गया था। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर होटल के प्रबंधक ने बालकनी से कमरे के भीतर देखा, जहां महिला का शव फंदे से लटका मिला। उन्होंने बताया कि निगम रविवार को अहमदाबाद से बेगूसराय पहुंची थी और उसने तेघड़ा थाने में अपने पति मदन कुमार तथा ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। 

  • कैथल के भाणा गांव में खौफनाक वारदात…16 वर्षीय बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, वजह होश उड़ा देगी

    कैथल के भाणा गांव में खौफनाक वारदात…16 वर्षीय बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, वजह होश उड़ा देगी

    कैथल के भाणा गांव में खौफनाक वारदात…16 वर्षीय बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, वजह होश उड़ा देगी

    पुंडरी के गांव भाणा स्थित सरस्वती ईंट भट्ठे पर गुरुवार रात पारिवारिक विवाद के दौरान 16 वर्षीय बेटे ने अपने पिता की कस्सी से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद भट्ठे पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के निवासी लक्ष्मी प्रसाद जिसकी उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 10 बजे लक्ष्मी प्रसाद का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ने पर उनका 16 वर्षीय बेटा भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने कस्सी से अपने पिता पर हमला कर दिया। कस्सी का वार गले पर लगने से लक्ष्मी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही DSP सुशील प्रकाश, CIA कैथल और पुण्डरी थाना की जांच टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कैथल के नागरिक अस्पताल भेज दिया है।

  • मुनानगर : खेत में लगाई आग और फंस गए तीन भाई,  पुलिस ने दर्ज की FIR, एक साल तक MSP पर फसल बेचने पर रोक जानें पूरा मामला

    मुनानगर : खेत में लगाई आग और फंस गए तीन भाई,  पुलिस ने दर्ज की FIR, एक साल तक MSP पर फसल बेचने पर रोक जानें पूरा मामला

    मुनानगर : खेत में लगाई आग और फंस गए तीन भाई,  पुलिस ने दर्ज की FIR, एक साल तक MSP पर फसल बेचने पर रोक जानें पूरा मामला

    हरियाणा सरकार की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद यमुनानगर जिले में पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। थाना छप्पर क्षेत्र के गांव मंधार में खेत में पराली जलाने के आरोप में तीन भाइयों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।

    यमुनानगर में उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि विभाग द्वारा कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उपायुक्त यमुनानगर की ओर से जिले में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गांव मंधार में हरजीत सिंह, ओंकार सिंह और अवतार सिंह ने अपने खेत में पराली जलाई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रशासन की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना की। कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर छप्पर थाना पुलिस ने तीनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद सामने आई इस घटना के बाद पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना के आरोप में कार्रवाई की है। चालू सीजन में पराली जलाने के मामले में यह जिले की पहली दर्ज प्राथमिकी है।जिला प्रशासन ने यमुनानगर जिला के सभी गांव में निगरानी के लिए नोडल अफसरो की नियुक्ति की है।

    उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि जो भी व्यक्ति खेतों में आग लगाएगा उसे ₹5000 जुर्माना किया जाता है। इसके साथ-साथ एक साल के लिए उसके पोर्टल को भी फसल की खरीद के लिए बंद कर दिया जाता है, उसमें रेड एंट्री कर दी जाती है। उसकी कोई भी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाती। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ यह कार्रवाई भी की गई है।

    उप कृषि निदेशक ने बताया कि देश में हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां पराली प्रबंधन के लिए अर्थात पराली न जलाने के लिए सरकार की तरह की सहायता उपलब्ध करवाती है। इसके बावजूद कोई किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। जो इस मामले में किया गया है। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वह सरकार के नियमों का पालन करें ,पराली जलाने से न सिर्फ पशु पक्षी बल्कि इंसान, बुजुर्ग बच्चे इससे प्रभावित होते हैं खेतों की ऊर्जा शक्ति कम होती है।

  • Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.

    Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.

    Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.

    जेनरेशन Z अपने खान-पान, समझने, काम करने, नए शब्दों के प्रयोग से लेकर यात्रा करने के तरीके तक को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। कई ऐसे शब्द हैं जिनका प्रचलन Gen Z के कारण हुआ है। यात्रा के मामले में भी Gen Z की सोच काफी अलग है। नई पीढ़ी ने अचानक यात्रा की सोच बदल दी है। मूड, पसंद, व्यक्तित्व और साथ जाने वाले लोगों के हिसाब से यात्रा का तरीका भी बदल रहा है। कई ऐसे शब्द हैं जो सफर के लिए काफी प्रचलित हैं। आइए जानते हैं Gen Z ने सफर को किस तरह बदल दिया है और उनकी इसको लेकर क्या सोच है।

    दरअसल, Airbnb और YouGov की साझेदारी में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसका नाम ‘नेवर द सेम: द न्यू रूल्स ऑफ द Gen Z ट्रैवल इन इंडिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार आज के युवा भारतीय यात्रियों के बीच कुछ नए ट्रैवल ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें अचानक छुट्टी पर निकलना, तनाव से राहत के लिए यात्रा करना और अपनी पसंद व व्यक्तित्व के मुताबिक जगह चुनना शामिल है।

    माइक्रो-कैशन

    Gen Z की सफर डिक्शनरी में माइक्रो-कैशन काफी प्रचलित है, यह 24 से 72 घंटे की छोटी यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कोई सालाना बड़ी छुट्टी नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़े समय के लिए ब्रेक लेने का आसान तरीका है। रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z के 66 प्रतिशत लोग यात्रा के कुछ दिन या कुछ सप्ताह पहले ही बुकिंग करते हैं। वहीं, 87 प्रतिशत लोग एक सप्ताह से कम समय की यात्रा पसंद करते हैं।

    रूम रॉटिंग

    रूम रॉटिंग का मतलब है ऐसी यात्रा, जिसमें घूमने-फिरने या जगह को देखने की बजाय आराम करना और ठहरने की जगह पर समय बिताना ही मुख्य उद्देश्य होता है। इसमें यात्री होटल, होमस्टे या किसी अन्य ठहरने की जगह पर आराम से समय बिताते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेन Z के 3 में से 2 यात्री सफर के दौरान कुछ खास न करने के इरादे से घूमने जाते हैं। वहीं, 10 में से 8 लोग अपनी यात्रा का कम से कम आधा समय उस जगह पर बिताते हैं, जहां वे ठहरे होते हैं।

    डी-इन्फ्लुएंस्ड ट्रैवल

    सोशल मीडिया पर डी-इन्फ्लुएंस्ड ट्रैवल का काफी ट्रेंड देखने को मिलता है। इसमें लोकप्रिय जगहों के पीछे भागने के बजाए ऐसी जगहों की तलाश करना है, जो कम चर्चित और अलग हों। यहां भीड़भाड़ से अलग कुछ नया और सुकून भरा अनुभव हासिल करना मुख्य उद्देश्य होता है। रिपोर्ट में बताया गया कि, जेन Z के करीब 95 प्रतिशत यात्री चाहते हैं कि उनकी यात्रा व्यक्तिगत और अलग अनुभव वाली हो और पूरी तरह पहले से तय न हो। वहीं, 90% युवा वायरल जगहों की बजाय कम प्रसिद्ध और अनदेखी जगहों पर जाना पसंद करते हैं।

    मिरर ट्रिप

    मिरर ट्रिप में अपनी पसंद और व्यक्तित्व के हिसाब से यात्रा की जाती है। ऐसी जगह, ठहरने की जगह और अनुभव चुनना, जो आपके व्यक्तित्व और रुचियों को दर्शाते हों। यानी आपको जो चीजें पसंद हैं उसके अनुसार जगह का चुनाव करना। रिपोर्ट के अनुसार, 92% यात्रियों का मानना है कि उनके लिए यह जरूरी है कि यात्रा की जगह उनकी व्यक्तिगत पसंद के मुताबिक हो। वहीं, 87% लोगों का मानना है कि यात्रा उनके व्यक्तित्व और पहचान को दर्शाती हो।

    व्हाई-कैशन

    इसमें यात्री किसी प्रसिद्ध जगह जाने के बजाए किसी खास एहसास को महसूस करने के लिए यात्रा करते हैं। कोई प्रकृति के बीच शांति चाहता है, तो कोई नए खानपान और संस्कृति को जानना चाहता है। किसी को रोजमर्रा की जिंदगी से कुछ दूर रहना पसंद होता है। रिपोर्ट के अनुसार, 67% जेन Z यात्रियों का कहना है कि उनकी कोई भी दो यात्राएं एक जैसी नहीं हैं। यात्रा के दौरान उनके पसंदीदा अनुभवों में खानपान, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।

    लोकल लॉर हंटिंग

    लोकल लॉर हंटिंग का मतलब सफर के दौरान किसी शहर या कस्बे के उन हिस्सों को देखना, जहां आम पर्यटक अक्सर नहीं जाते हैं। इसमें स्थानीय बाजार, किराने की दुकानें, मोहल्ले और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जगहें शामिल हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया कि 81% जेन Z यात्री घूमने के दौरान स्थानीय बाजारों, किराने की दुकानों और आम मोहल्लों जैसे स्थानों को देखना पसंद करते हैं।

    मेंटी बी ट्रैवल

    इसमें जेन Z अपना तनाव दूर करने के लिए यात्रा करते हैं। ऐसी यात्रा का प्लान अक्सर अचानक बनता है। रिपोर्ट के अनुसार, तनाव और काम से होने वाली थकान से राहत पाना जेन Z के बीच यात्रा की योजना बनाने की सबसे बड़ी वजह है।

    साइड-क्वेस्टिंग

    जेन Z साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाने के बजाए छोटी-छोटी यात्राएं करना पसंद करते हैं। साइड-क्वेस्टिंग का अर्थ छोटी यात्रा करना है। रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से करीब 7 जेन Z यात्री एक लंबी सालाना छुट्टी की बजाए तीन छोटी यात्राएं करना पसंद करते हैं।

  • सोनीपत में प्रशासन की ‘बड़ी कार्रवाई, महिला तस्कर के मकान पर चलाया बुलडोजर; भारी पुलिस बल रहा तैनात;

    सोनीपत में प्रशासन की ‘बड़ी कार्रवाई, महिला तस्कर के मकान पर चलाया बुलडोजर; भारी पुलिस बल रहा तैनात;

    सोनीपत में प्रशासन की ‘बड़ी कार्रवाई, महिला तस्कर के मकान पर चलाया बुलडोजर; भारी पुलिस बल रहा तैनात;

    जानकारी के मुताबिक, सोनीपत ड्रेन नंबर-6 के पास आदर्श नगर गली नंबर 6 में बने इस मकान को नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ध्वस्त किया है। प्रशासन के अनुसार, निर्माण अवैध था और नगर निगम की ओर से नोटिस देने के बाद कार्रवाई की गई।बताया गया है कि बिहार निवासी मंजु के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने बुलडोजर से मकान को गिराया। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादयान और सेक्टर 27 थाना प्रभारी सवित कुमार भी तैनात रहे।

    बुलडोजर की यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार और डीसीपी क्राइम नरेन्द्र कादयान की मौजूदगी में की गई। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के संबंध में आदेश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है।ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार के मुताबिक, इसे अवैध पाए जाने पर ध्वस्त कराया गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस तरह के अवैध निर्माण पर आगे भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।