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  • रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की की गैस प्लांट कॉलोनी में युवक आदि राणा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में साजिश की बात सामने आई है। आरोप है कि पुराने विवाद को खत्म करने के बहाने आदि राणा को फोन कर घर बुलाया गया था। उसे भरोसा दिलाया गया कि पुरानी बातों को भूलकर आपसी बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा और इसी बहाने उसे चाय पर बुलाया गया।

    बताया जा रहा है कि आदि राणा को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसे जिस घर पर बुलाया जा रहा है, वहीं उसके साथ जानलेवा वारदात हो सकती है। पुलिस अब घटना से पहले की पूरी गतिविधियों और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

    पुराने विवाद के बाद फिर हुई थी बातचीत

    जानकारी के मुताबिक आदि राणा और लकी पंडित के बीच पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया था। घटना से कुछ समय पहले भी शराब की दुकान के पास आदि राणा के एक दोस्त और लकी पंडित के बीच कहासुनी हुई थी। आसपास मौजूद लोगों ने विवाद को शांत करा दिया था।

    इसके बाद आदि राणा को फोन करके पुराने विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत करने के लिए बुलाया गया। उसे घर आकर चाय पीने और आपसी मतभेद दूर करने की बात कही गई।

    घर पहुंचने के बाद तमंचा देखकर उठाया सवाल

    आरोप है कि आदि राणा जब घर पहुंचा तो वहां लकी पंडित के पास तमंचा मौजूद था। हथियार देखकर आदि राणा ने इस बारे में सवाल किया। बताया जाता है कि इस दौरान उसे कहा गया कि लकी अक्सर तमंचा अपने पास रखता है।

    आदि राणा ने कथित तौर पर हथियार अंदर रखने के लिए कहा। इसी दौरान आरोप है कि लकी पंडित ने अचानक उस पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद आदि राणा गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर गया।

    घायल युवक को अस्पताल ले जाने की गुहार

    घटना के समय आदि राणा के कुछ दोस्त भी आसपास मौजूद बताए जा रहे हैं। गोली चलने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने देखा कि आदि राणा घायल अवस्था में पड़ा है और उसकी सांस चल रही है।

    बताया गया है कि उसके एक दोस्त ने अनिल पंडित से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई। उसने आदि को बचाने के लिए मदद करने और गाड़ी की चाबी देने की बात कही। आरोप है कि इस दौरान उसे जवाब मिला कि अब पुलिस ही उसे लेकर जाएगी।

    पुलिस को दी गई कहानी पर भी उठे सवाल

    पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद घटना को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई। कथित तौर पर पुलिस को बताया गया कि आदि राणा अपने साथियों के साथ हथियार लेकर आया था और छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई।

    हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में इस कहानी पर सवाल उठे। घटनास्थल की जांच, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

    फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी भी खंगाल रही है।

    जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक को किस परिस्थिति में घर बुलाया गया, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

    घटना के बाद कॉलोनी में दहशत

    घर के अंदर गोली चलने और युवक की मौत की घटना के बाद गैस प्लांट कॉलोनी में दहशत का माहौल है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी काफी चर्चा है।

    पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • बाथरूम में रखी 5 चीजें: बन सकती हैं वास्तु दोष का कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती.

    बाथरूम में रखी 5 चीजें: बन सकती हैं वास्तु दोष का कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती.

    बाथरूम में रखी 5 चीजें: बन सकती हैं वास्तु दोष का कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती.

    वास्तु शास्त्र की मानें तो बाथरूम घर का वह स्थान है जहां नकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक रहती है। इसलिए बाथरूम को हमेशा साफ रखना चाहिए। साथ ही बाथरूम में रखी कुछ चीजें भी वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। ये चीजें कौन-कौन सी हैं और इनके होने से क्या दिक्कतें जीवन में आ सकती हैं आइए जानते हैं।

    बाथरूम में रखी ये चीजें पैदा कर सकती हैं वास्तु दोष

    • बाथरूम में आपको कभी भी गिले कपड़े नहीं रखने चाहिए। कई लोगों की आदत होती है कि कपड़ों को बाथरूम में गिला छोड़कर रख देते हैं। वास्तु की मानें तो ऐसा करने से सूर्य की ऊर्जा प्रभावित होती है और भाग्य आपसे रूठ सकता है। इसलिए आप भी यह गलती करने से बचें ताकि सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा आपको मिल सके।
    • बाथरूम के ड्रेन एरिया या फ्लोर पर पड़े बाल भी आपके जीवन में परेशानियों का कारण बन सकते हैं। इससे वास्तु दोष पैदा हो सकता है और साथ ही शनि का बुरा प्रभाव भी आप पर पड़ सकता है। इसलिए बाथरूम में पड़े बालों को आपको हर रोज साफ कर देना चाहिए।
    • आपको बाथरूम में कभी भी टूटा हुआ या दरार वाला शीशा नहीं रखना चाहिए ऐसा शीशा शुभ नहीं माना जाता। वास्तु की मानें तो ऐसा करने से आपको सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
    • बाथरूम में रखी बाल्टी को कभी भी खाली आपको नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां आपके जीवन में पैदा हो सकती हैं। इसलिए कभी भी खाली बाल्टी आपको अपने बाथरूम में नहीं रखनी चाहिए। इसके साथ ही आपको बाथरूम के साथ ही घर के सभी नलों पर भी ध्यान देना चाहिए, घर के नल अगर टपक रहे हैं तो उन्हें तुरंत ठीक करवाना चाहिए। टपकते हुए नल आपकी आर्थिक स्थिति को खराब कर सकते हैं।
    • कुछ चीजों जो अक्सर लोग बाथरूम में जमा करके रख देते हैं वो भी वास्तु दोष का कारण बन सकती है। जैसे इस्तेमाल हो चुका टूथब्रश, पेस्ट, शैंपू की खाली बोतलें आदि आपको इस्तेमाल करने के बाद तुरंत फेंक देनी चाहिए। अगर ये चीजें घर में बाथरूम में पड़ी रहती हैं तो घर की ऊर्जा प्रभावित होती है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • शरीर में फाइबर की: कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत, गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया कमी कैस.

    शरीर में फाइबर की: कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत, गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया कमी कैस.

    शरीर में फाइबर की: कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत, गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया कमी कैस.

    फाइबर हमारे शरीर के लिए बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ, पेट की सेहत को बेहतर बनाने और मल त्याग को आसान बनाने जैसे कई कामों में मदद करता है। डाइट में इसकी कमी होने पर शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है। कैलिफ़ोर्निया में रहने वाले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर  सेठी ने ने ऐसे संकेत बताए जिनसे पता चलता है कि आपकी डाइट में फाइबर की कमी है

    फाइबर की कमी होने पर शरीर देता है ऐसे संकेत

    • खाना खाने के बाद जल्दी भूख लगना: डॉक्टर कहते हैं कि अगर किसी को खाना खाने के तुरंत बाद भूख लगती है, तो हो सकता है कि उस खाने में पर्याप्त फाइबर न हो।

    • खाना खाने के बाद ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ना: डॉक्टर सेठी ने बताया कि घुलनशील फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर सकता है और खाना खाने के बाद ग्लूकोज़ के स्तर में होने वाली तेज़ी को कम करने में मदद कर सकता है।

    • बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना: डॉक्टर सेठी कहते हैं कि फाइबर की कमी होने पर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। बता दें, शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट से जुड़ी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है ।

    • मल का सख्त होना: मल का सख्त होना भी फाइबर की कमी का एक मुख्य संकेत है। डॉक्टर सेठी ने बताया कि फाइबर मल की मात्रा बढ़ाता है और पानी को बनाए रखता है, जिससे मल त्याग करना आसान हो जाता है।

    • मल का ढीला होना:  डॉक्टर के अनुसार, फाइबर सिर्फ कब्ज के लिए नहीं है। घुलनशील, जेल बनाने वाला फाइबर पानी को अवशोषित कर सकता है और ढीले मल को सख्त करने में मदद कर सकता है।

    • कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने के बाद थकान: डॉक्टर कहते हैं कि कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाना खाने के तुरंत बाद थकान महसूस होना शुगर क्रैश का संकेत हो सकता है, जो खाने में फाइबर की कमी की वजह से हो सकता है।

    • नियमित रूप से मल त्याग नहीं होना: फाइबर की मात्रा बढ़ाने से कब्ज़ से पीड़ित लोगों में मल त्याग की फ्रीक्वेंसी में सुधार हो सकता है। डॉक्टर सेठी ने बताया कि कब्ज़ के कारण पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता है, और सही प्रकार और मात्रा में फाइबर लेने से मल की बनावट और नियमितता में सुधार हो सकता है।

  • डायन बताकर महिला’ पर टूटा गांव, गड़े खजाने के शक’ में डंडे-रॉड से पीटा, ओडिशा में भीड़ का हमला

    डायन बताकर महिला’ पर टूटा गांव, गड़े खजाने के शक’ में डंडे-रॉड से पीटा, ओडिशा में भीड़ का हमला

    डायन बताकर महिला’ पर टूटा गांव, गड़े खजाने के शक’ में डंडे-रॉड से पीटा, ओडिशा में भीड़ का हमला

    ओडिशा के भद्रक में अंधविश्वास के नाम पर महिला से कथित हिंसा का मामला सामने आया है. गड़े खजाने और जादू-टोने के शक में प्रियातमा महांती को घर से खींचकर पीटने का आरोप है. शिकायत के मुताबिक, अस्पताल ले जाते समय भी महिला पर हमला किया गया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.

    ओडिशा के भद्रक जिले में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि गड़े हुए खजाने और जादू-टोने के शक में लोगों ने महिला को घर से बाहर खींच लिया और लकड़ी के डंडों और लोहे की रॉड से जमकर पीटा. इस घटना में अलग-अलग उम्र के लोग शामिल होने का आरोप है.

    दरअसल, यह घटना भद्रक ग्रामीण थाना क्षेत्र के बनितिया गांव की बताई जा रही है. मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई दिखाई दे रही है, जबकि महिला को कई लोग घेरकर कथित तौर पर पीट रहे हैं. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है. पुलिस में दर्ज शिकायत और वायरल वीडियो के बाद यह मामला चर्चा में आया है.

    शिकायत के मुताबिक, स्थानीय निवासी प्रियातमा महांती जमीन विवाद के बाद गांव से बाहर रह रही थीं. उनके दो बेटे भी कथित तौर पर बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, जबकि उनके पति राज्य से बाहर रहते हैं. प्रियातमा की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के बाद गांव के कुछ लोगों ने उन पर जादू-टोना करने का शक जताना शुरू कर दिया था.

    गड़े खजाने और तंत्र-मंत्र का लगाया आरोप

    आरोप है कि स्थानीय लोगों को संदेह था कि प्रियातमा ने अपने घर के भीतर इंसानी बलि से जुड़ा अनुष्ठान कर गड़ा हुआ खजाना हासिल किया है. इसी वजह से उन पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करने का शक किया गया. इस अंधविश्वास ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और ग्रामीणों ने महिला को निशाना बना दिया.

    घटना से पहले प्रियातमा से जुड़ी एक नाबालिग लड़की के कथित तौर पर देवी के वशीभूत होने जैसा व्यवहार करने की बात भी शिकायत में कही गई है. इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया. आरोप है कि लोगों ने प्रियातमा को उनके घर से बाहर खींच लिया और उनके साथ बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी.

    हमले के दौरान महिला पर डंडों और लकड़ी के खंभों से वार करने के साथ लोहे की रॉड से भी हमला किए जाने का आरोप है. इतना ही नहीं, उनके घर में तोड़फोड़ करने और वहां रखी नकदी तथा जेवरात लूट लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है. घटना के दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं.

    अस्पताल ले जाते वक्त भी नहीं छोड़ा

    मारपीट में प्रियातमा गंभीर रूप से घायल हो गईं. इसके बाद जब उनके भाई उन्हें इलाज के लिए ऑटो-रिक्शा से अस्पताल ले जा रहे थे, तब भी कथित तौर पर भीड़ ने उन्हें नहीं छोड़ा. आरोप है कि रास्ते में महिला को ऑटो से बाहर खींच लिया गया और दोबारा उनके साथ मारपीट की गई.

    पूरी घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत के साथ घटना का वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में लाया गया है. वीडियो में बड़ी भीड़ के बीच महिला के साथ कई लोगों ने कथित तौर पर मारपीट करते हुए देखा गया है.

    भद्रक के बनितिया गांव में हुई इस घटना ने अंधविश्वास के नाम पर हिंसा और कानून हाथ में लेने के गंभीर सवाल खड़े किए हैं. शिकायत में महिला पर जादू-टोना और गड़े खजाने से जुड़े आरोप लगाए जाने के साथ उसके साथ मारपीट, घर में तोड़फोड़ और नकदी-जेवर लूटने की बात कही गई है. मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी.

  • Dining Table या जमीन: पर बैठकर भोजन करना? वास्तु में छिपा है बड़ा राज, घर में सुख-समृद्धि बनाए रखते हैं ये नियम’

    Dining Table या जमीन: पर बैठकर भोजन करना? वास्तु में छिपा है बड़ा राज, घर में सुख-समृद्धि बनाए रखते हैं ये नियम’

    Dining Table या जमीन: पर बैठकर भोजन करना? वास्तु में छिपा है बड़ा राज, घर में सुख-समृद्धि बनाए रखते हैं ये नियम’

    Bhojan Vastu Niyam: आज के समय में ज्यादातर लोग डाइनिंग टेबल पर खाना खाते हैं, जबकि पुराने समय में जमीन पर बैठकर भोजन करने की परंपरा थी। वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद दोनों में भोजन करने के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं। जो व्यक्ति की सेहत, मानसिक स्थिति और घर की सुख-समृद्धि पर असर डालते हैं। भोजन जमीन पर बैठकर करना शुभ होता है या डाइनिंग टेबल पर? चलिए जानते हैं इसे विषय पर क्या कहता है वास्तु शास्त्र…

    जमीन पर बैठकर भोजन करना क्यों बेहतर

    वास्तु और आयुर्वेद में जमीन पर पालथी मारकर बैठकर भोजन करने को सबसे उत्तम तरीका बताया गया है। इसे सुखासन की मुद्रा कहा जाता है। इस तरह बैठकर खाने से शरीर का संतुलन बना रहता है और पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही व्यक्ति का पृथ्वी तत्व से भी सीधा जुड़ाव रहता है।

    सीधे फर्श पर बैठकर न करें भोजन

    वास्तु अनुसार, कभी भी सीधे जमीन या फर्श पर बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए। भोजन करते समय सूती, ऊनी या कुशा के आसन का इस्तेमाल करना चाहिए। मान्यता है कि नंगे फर्श पर बैठने से शरीर की सकारात्मक ऊर्जा जमीन में चली जाती है।

    भोजन की थाली

    जमीन पर बैठकर भोजन करते समय थाली को सीधे जमीन पर रखने के बजाय छोटी चौकी या स्टैंड पर रखना बेहतर माना गया है। थाली का स्थान बैठने की जगह से थोड़ा ऊंचा होना चाहिए। इससे भोजन के प्रति सम्मान का भाव बना रहता है।

    डाइनिंग टेबल वास्तु नियम

    • डाइनिंग टेबल का आकार चौकोर या आयताकार होना चाहिए। गोल टेबल को ऊर्जा संतुलन के लिए सही नहीं माना जाता।
    • डाइनिंग रूम या डाइनिंग टेबल को घर के पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। भोजन करते समय परिवार के सदस्यों का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
    • डाइनिंग टेबल के सामने दर्पण लगाना चाहिए, जिसमें भोजन दिखाई दे, तो घर में अन्न और धन की वृद्धि होती है। इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    भोजन के लिए कौन-सी दिशा शुभ

    पूर्व दिशा को सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य की दिशा माना जाता है। इस दिशा में मुख करके भोजन करने से पाचन बेहतर रहता है। वहीं, उत्तर दिशा को ज्ञान और धन से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह दिशा शुभ मानी गई है।

    व्यापारियों के लिए पश्चिम दिशा शुभ: वास्तु में पश्चिम दिशा को लाभ और सुख-सुविधाओं की दिशा माना गया है। इस दिशा में मुख करके भोजन करने से व्यापार और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

    इस दिशा में भोजन करने न बैठें

    दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है। इस दिशा में मुख करके भोजन करना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

  • बैड कोलेस्ट्रॉल के ‘अलावा’ भी दिल. को नुकसान पहुंचा सकते हैं ये 6 कारण, जानें कैसे रखें

    बैड कोलेस्ट्रॉल के ‘अलावा’ भी दिल. को नुकसान पहुंचा सकते हैं ये 6 कारण, जानें कैसे रखें

    बैड कोलेस्ट्रॉल के ‘अलावा’ भी दिल. को नुकसान पहुंचा सकते हैं ये 6 कारण, जानें कैसे रखें

    शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का का मतलब है आपके दिल की धमिकयों में ब्लॉकेज की वजह से उसका कमजोर होना। लेकिन क्या आप जानते हैं सिर्फ बैड कोलेस्ट्रॉल की वजह से ही दिल कमजोर नहीं होता है। गोरखपुर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट-कार्डियोलॉजी डॉक्टर सिंह, बता रही हैं बैड कोलेस्ट्रॉल के अलावा किन वजहों से आपका हार्ट कमजोर हो सकता है?

    बैड कोलेस्ट्रॉल के अलावा किन वजहों से हो सकता है हार्ट अटैक:

    • ब्लड प्रेशर –
      हार्ट कमजोर होएं के पीछे हाई बीपी भी एक बहुत बड़ी वजह है। लंबे समय तक हाई बीपी की वजह से धमनियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए, समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाना और इसे नियंत्रित रखना दिल की लंबी उम्र के लिए ज़रूरी है।

    • ब्लड शुगर –
       डायबिटीज या बॉर्डरलाइन शुगर होने पर हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर रक्त वाहिकाओं को कमजोर कर सकता है। इसलिए, सिर्फ कोलेस्ट्रॉल की चिंता करने के बजाय ब्लड शुगर के स्तर पर भी नजर रखना बेहद जरूरी है।

    • नींद की कमी-
      कम सोने या खराब स्लीप पैटर्न के कारण शरीर में तनाव के हॉर्मोन बढ़ते हैं और ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक असर पड़ता है। रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना दिल को रीचार्ज करने और उसे स्वस्थ रखने के लिए एक अचूक उपाय है।

    • सुस्त जीवनशैली – सुस्त या आरामदेह जीवनशैली दिल की मांसपेशियों को कमजोर बना सकती है। नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग या तेज कदमों से वॉक न करने पर शरीर में कैलोरी और चर्बी जमा होने लगती है, जो मोटापे और दिल की बीमारियों को न्योता देती है।

    • तंबाकू और सिगरेट-
       तंबाकू या सिगरेट का सेवन दिल की सेहत के लिए सबसे बड़े और घातक खतरों में से एक है। इसमें मौजूद हानिकारक रसायन धमनियों को संकुचित करते हैं, रक्त के थक्के जमाने में मदद करते हैं और हृदय तक ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित करते हैं। इसलिए दिल को सुरक्षित रखना है, तो तंबाकू उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनाना सबसे जरूरी कदम है।

  • सिलीगुड़ी में गाय चोरी: के शक में भीड़ का तांडव… आधी रात को मॉब लिंचिंग में दो युवकों की मौत, गाड़ी भी फूंकी

    सिलीगुड़ी में गाय चोरी: के शक में भीड़ का तांडव… आधी रात को मॉब लिंचिंग में दो युवकों की मौत, गाड़ी भी फूंकी

    सिलीगुड़ी में गाय चोरी: के शक में भीड़ का तांडव… आधी रात को मॉब लिंचिंग में दो युवकों की मौत, गाड़ी भी फूंकी

    पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में गाय चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद अब दो लोगों की मौत तक पहुंच गया है. माटीगाड़ा के ताराबाड़ी इलाके में शुक्रवार देर रात ग्रामीणों ने कथित तौर पर मवेशी चोरी के शक में एक पिकअप वैन और एक छोटी गाड़ी को घेर लिया. इसके बाद वहां भीड़ जुट गई और मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने पहले पिकअप वैन में आग लगा दी. इसके ड्राइवर शाहिद अख्तर को भी बुरी तरह पीटा गया.

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसके सिर पर किसी भारी पत्थर से वार किया गया था. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. शाहिद अख्तर उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा का रहने वाला था. दूसरी छोटी गाड़ी में चार लोग सवार थे. हालात बिगड़ते देख चारों गाड़ी छोड़कर मौके से भागने लगे. इसके बाद भीड़ ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की और उनका पीछा शुरू कर दिया. चारों ताराबाड़ी से भागते हुए बागडोगरा के धीमल बस्ती इलाके तक पहुंच गए.

    बागडोगरा में भीड़ ने चारों युवकों को पकड़ लिया और कथित तौर पर उनके साथ भी बुरी तरह मारपीट की. पुलिस के मुताबिक, इन चारों में से एक युवक किसी तरह भागकर पानीघाटा पहुंच गया और फिर पुलिस स्टेशन पहुंच गया. वहीं बाकी तीन लोगों को माटीगाड़ा और बागडोगरा पुलिस ने मौके से बचाया.

    मारपीट में घायल तीन लोगों को इलाज के लिए नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया. इलाज के दौरान शाद मोहम्मद नाम के युवक की मौत हो गई. इस पूरे घटनाक्रम में अब दो लोगों की मौत हो चुकी है. एक की मौत मौके पर हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा.

    मृतक पिकअप वैन ड्राइवर शाहिद अख्तर उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा का रहने वाला था. वहीं शाद मोहम्मद समेत दूसरी गाड़ी में सवार बाकी लोग हरियाणा के रहने वाले हैं. वहीं अन्य चार युवकों में आमिर, शाद मोहम्मद, आरिफ और अकरम हैं, जो हरियाणा के रहने वाले हैं. पुलिस पुलिस का कहना है कि अभी पूरे मामले की जांच की जा है. घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है.

    ताराबाड़ी से बागडोगरा तक फैली हिंसा

    इस घटना की शुरुआत माटीगाड़ा के ताराबाड़ी इलाके से हुई, लेकिन इसके बाद मामला बागडोगरा और पानीघाटा थाना क्षेत्रों तक पहुंच गया. ACP ईस्ट अनिर्बान मजूमदार के मुताबिक, पुलिस को सुबह घटना की जानकारी मिली. इसके बाद माटीगाड़ा और बागडोगरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची.

    पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि माटीगाड़ा इलाके में लंबे समय से मवेशियों की चोरी हो रही थी. इसी वजह से ग्रामीणों ने कथित तौर पर संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू की थी. शुक्रवार देर रात पिकअप वैन और दूसरी गाड़ी को इलाके में आते देख लोगों को शक हुआ. इसके बाद दोनों वाहनों को रोक लिया गया और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया. ACP ईस्ट अनिर्बान मजूमदार ने बताया कि घटना की शुरुआत ताराबाड़ी इलाके में हुई थी.

    इसके बाद मामला बागडोगरा और पानीघाटा थाना क्षेत्रों तक फैल गया. पुलिस ने घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों गाड़ियों में सवार लोग कौन थे, वे वहां क्यों आए थे और ग्रामीणों ने उन्हें मवेशी चोरी के शक में क्यों घेरा. साथ ही हिंसा में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है. फिलहाल इस पूरे मामले में दो लोगों की मौत हो चुकी है. एक पिकअप वैन ड्राइवर की मौके पर जान गई, जबकि दूसरे युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

  • बार-बार लगाते हैं ‘पौधे’ फिर भी नहीं पनपते, तो पहले जान लें वास्तु के जरूरी नियम.

    बार-बार लगाते हैं ‘पौधे’ फिर भी नहीं पनपते, तो पहले जान लें वास्तु के जरूरी नियम.

    बार-बार लगाते हैं ‘पौधे’ फिर भी नहीं पनपते, तो पहले जान लें वास्तु के जरूरी नियम.

    Gardening Vastu Tips: ज्यादातर लोगों के लिए घर में पौधे लगाना सिर्फ सजावट का हिस्सा होता है। वहीं वास्तु में पौधों को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पौधों को समृद्धि और सौभाग्य से भी जोड़ा गया है। लेकिन बिना सही जानकारी के पौधे लगाने का वैसा परिणाम नहीं मिलता, जो असल में पौधों से प्राप्त किया जा सकता है। यही वजह है कि अक्सर पौधे पनप ही नहीं पाते या उनकी ग्रोथ नहीं हो पाती। तो चलिए जानते हैं इसे लेकर वास्तु में क्या नियम बताए गए हैं।

    शुभ नक्षत्र और समय का पड़ता है प्रभाव

    वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वाति, उत्तरा, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र में लगाए गए पौधे तेजी से बढ़ते हैं। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय भी पौधारोपण के लिए शुभ होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार पौधे लगाए तो अधिक अच्छे परिणाम मिलते हैं।

    वास्तु नियमों की अनदेखी

    घर बालकनी या गार्डन में पौधे लगाने के बाद भी अगर वे बार-बार सूख जाते हैं या नहीं बढ़ते तो गलत दिशा, समय और देखभाल की कमी के इन वास्तु नियमों की अनदेखी भी इसका कारण हो सकती है।

    1. घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़ा पौधा लगाना सही नहीं माना जाता। बड़े पेड़ों को हमेशा मुख्य द्वार की ऊंचाई से तीन गुना दूरी पर लगाना चाहिए, ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो।
    2. वास्तु के अनुसार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर पर बड़े पेड़ों की भारी छाया पड़ना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर का ऊर्जा संतुलन प्रभावित हो सकता है और वातावरण भारी महसूस हो सकता है।

    पेड़ों को काटने का नियम

    वास्तु शास्त्र में पेड़ों को काटना या स्थानांतरित करना बेहद संवेदनशील माना गया है। अगर किसी कारण से आपको पेड़ हटाना या काटना पड़े, तो माघ या भाद्रपद का समय सबसे उपयुक्त होता है। साथ ही पेड़ हटाने के बाद तीन महीनों के अंदर उसकी जगह नया पौधा लगाना जरूरी माना जाता है।

    पौधों का ग्रहों से संबंध

    वास्तु में पौधों का संबंध अलग-अलग ग्रहों से माना गया है। सूर्य से जुड़े पौधे मजबूत तने वाले होते हैं जैसे शीशम। चंद्र और शुक्र का संबंध लताओं और दूध वाले पौधों से माना जाता है। बृहस्पति ग्रह का कनेक्शन फलदार वृक्षों से होता है। बुध फल रहित हरे-भरे पौधों का प्रतिनिधित्व करता है। शनि का संबंध सूखे, कमजोर और रसहीन पौधों से होता है जबकि राहु केतु कांटेदार झाड़ियों से संबंधित माने जाते हैं।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • अखबार से ‘अक्षर’ नहीं दिखते और रहता है आंखों में दर्द, योग गुरु के इन टिप्स से बढ़ाएं आंखों की सेहत.

    अखबार से ‘अक्षर’ नहीं दिखते और रहता है आंखों में दर्द, योग गुरु के इन टिप्स से बढ़ाएं आंखों की सेहत.

    अखबार से ‘अक्षर’ नहीं दिखते और रहता है आंखों में दर्द, योग गुरु के इन टिप्स से बढ़ाएं आंखों की सेहत.

    आजकल घंटों स्क्रीन पर बिताना और खराब लाइफस्टाइल हमारी आंखों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा हैं। कई बार सुबह अखबार पढ़ते समय अक्षर धुंधले दिखाई देने लगते हैं या कुछ देर पढ़ने के बाद ही आंखों में तेज दर्द और भारीपन महसूस होने लगता है। अगर आप भी अक्सर ऐसी ही समस्या का सामना करते हैं, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। आंखों को आराम देने और उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक कुछ आसान टिप्स और लाइफस्टाइल में किया गया बदलाव आंखों को हेल्दी बनाने में मददगार साबित होता है। अगर आपकी आंखों में लगातार तेज दर्द है या कम दिखने की समस्या हो रही है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और उसके साथ ही कुछ देसी तरीकों को भी अपनाएं आपकी आंखों की रिकवरी फास्ट होगी और आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी।

    योगेंद्र त्राटक: एकाग्रता और आंखों की सेहत के लिए असरदार अभ्यास

    योग में कहा जाता है कि जहां मन होता है, वहीं ऊर्जा प्रवाहित होती है। त्राटक अभ्यास केवल आंखों की एक्सरसाइज नहीं, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने का अभ्यास भी है। आज हमारी आंखें लगातार एक स्क्रीन से दूसरे स्क्रीन और एक नोटिफिकेशन से दूसरे नोटिफिकेशन पर जाती रहती हैं, जिससे आंखों की मांसपेशियों को आराम नहीं मिल पाता। इस अभ्यास के लिए आराम से बैठें और आंखों की सीध में लगभग एक हाथ की दूरी पर जलती हुई मोमबत्ती रखें। बिना जबरदस्ती पलक झपकाए लौ को तब तक देखें, जब तक सहज महसूस हो। जब आंखों में पानी आने लगे, तो आंखें बंद करके दोनों भौंहों के बीच लौ की छवि को देखने की कोशिश करें। इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं। सामान्य रूप से पलक झपकना ठीक है, लेकिन जानबूझकर बार-बार पलकें न झपकाएं।

    यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने, आंखों की अनावश्यक गतिविधियों को कम करने और फोकस बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांकि, यदि आपको ग्लूकोमा, हाल ही में आंखों की सर्जरी हुई है या आंखों में संक्रमण है, तो यह अभ्यास नहीं करें।

    आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज

    शरीर की अन्य मांसपेशियों की तरह आंखों की मांसपेशियां भी नियमित गतिविधि से मजबूत होती हैं। यदि आप पूरे दिन स्क्रीन पर देखते रहते हैं, तो रोज 3 से 5 मिनट आंखों की एक्सरसाइज जरूर करें। धीरे-धीरे आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं, तिरछी दिशा में और फिर गोल-गोल घुमाएं। इसके बाद अपने अंगूठे को चेहरे के पास रखें, पहले उस पर फोकस करें और फिर दूर रखी किसी वस्तु पर नजर डालें। इस पूरी प्रक्रिया को 10 बार दोहराएं। यदि पहली बार कर रहे हैं, तो शुरुआत 5 बार से करें। अंत में दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। इसे पामिंग (Palming) कहा जाता है, जो आंखों की थकान दूर करने का आसान तरीका है।

    गर्म सिकाई से आंखों को दें आराम

    यदि लंबे समय तक पढ़ने या कंप्यूटर पर काम करने के बाद आंखों में भारीपन महसूस हो, तो हल्की गर्म सिकाई फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए एक साफ सूती कपड़े में हल्के भुने हुए अलसी के बीज या चावल भरें और उसे हल्का गर्म करें। इसे 3 से 5 मिनट तक बंद आंखों पर रखें। इससे आंखों के आसपास की छोटी मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है और आंखों को आराम मिलता है।

    आंखों की जलन और सूखेपन के लिए कूलिंग आई पैक

    अगर आंखों में जलन, गर्माहट या सूखापन महसूस हो तो ठंडी खीरे की स्लाइस या शुद्ध एलोवेरा जेल या फिर गुलाब जल में भीगे कॉटन पैड को बंद पलकों पर 10 मिनट के लिए रखें।ध्यान रखें कि एलोवेरा जेल या गुलाब जल सीधे आंखों के अंदर नहीं जाना चाहिए। इनका इस्तेमाल केवल पलकों के ऊपर ही करें।

    स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

    • डिजिटल आई स्ट्रेन आज धुंधला दिखाई देने, आंखों में दर्द, सिरदर्द और थकान की बड़ी वजह बन चुका है। इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
    • स्क्रीन देखते समय बार-बार पलक झपकाना न भूलें, क्योंकि स्क्रीन इस्तेमाल करते समय लोग सामान्य से कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखें सूखने लगती हैं।
    • इसके अलावा स्क्रीन को आंखों की सीध में या थोड़ा नीचे रखें, छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए आंखों पर जोर देने के बजाय फॉन्ट साइज बढ़ाएं और पूरी तरह अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।
    • आंखों की सेहत के लिए डाइट भी है जरूरी है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना आंवला, गाजर, पालक, कद्दू, शकरकंद, भीगे हुए बादाम, अखरोट और रंग-बिरंगे फल व सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें विटामिन A, विटामिन C, ल्यूटिन और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने और लंबे समय तक दृष्टि को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
    • आंखों की रिकवरी का सबसे अच्छा समय नींद के दौरान होता है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना और रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। आंखों की रोशनी अचानक कमजोर नहीं होती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे इसका असर दिखाती हैं। यदि आप रोज सिर्फ 10 मिनट यौगिक अभ्यास करें, स्क्रीन से जुड़े अच्छे नियम अपनाएं और पौष्टिक आहार लें, तो आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी, सुझाव और टिप्स योग गुरु के अनुभवों और सामान्य पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। यह जानकारी किसी भी तरह से योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर की पेशेवर चिकित्सा सलाह, जांच, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। आंखों में दर्द, धुंधलापन या दृष्टि से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या के लिए हमेशा संबंधित डॉक्टर या विशेषज्ञ चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।

  • प्रेमिका के लिए छोले-भटूरे पैक करा रहा था पति, अचानक पहुंच गई पत्नी और फिर बाजार में हुआ हंगामा’

    प्रेमिका के लिए छोले-भटूरे पैक करा रहा था पति, अचानक पहुंच गई पत्नी और फिर बाजार में हुआ हंगामा’

    प्रेमिका के लिए छोले-भटूरे पैक करा रहा था पति, अचानक पहुंच गई पत्नी और फिर बाजार में हुआ हंगामा’

    हापुड़ के बृजघाट इलाके में एक पति-पत्नी के बीच विवाद का ऐसा मामला सामने आया, जिसने बाजार में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति घर से जरूरी काम का बहाना बनाकर निकला था, लेकिन उसकी पत्नी को उसके किसी दूसरी महिला के साथ होने का शक था। इसी शक के चलते पत्नी अपने परिजनों के साथ उसे तलाशते हुए बृजघाट पहुंच गई।

    वहां महिला ने अपने पति को एक दुकान पर छोले-भटूरे पैक कराते हुए देख लिया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मामला सड़क पर ही हंगामे में बदल गया।

    पति पर दूसरी महिला के साथ होने का शक

    जानकारी के मुताबिक, अजय की शादी करीब 14 साल पहले कविता से हुई थी। दोनों के दो बेटे भी हैं। पत्नी का आरोप है कि उसका पति अक्सर रोजगार के सिलसिले में घर से बाहर जाने की बात कहकर निकलता था। कुछ समय से उसे पति की गतिविधियों पर शक हो रहा था।

    बताया गया कि एक दिन पत्नी को जानकारी मिली कि उसका पति बृजघाट के एक गेस्ट हाउस में किसी महिला के साथ ठहरा हुआ है। इसके बाद पत्नी अपने परिजनों को साथ लेकर वहां पहुंच गई।

    छोले-भटूरे ने बढ़ाया शक

    पत्नी जब मौके पर पहुंची तो पति एक दुकान से दो प्लेट छोले-भटूरे पैक करा रहा था। पत्नी ने उससे वहां आने की वजह पूछी। इस पर पति ने कथित तौर पर सफाई दी कि वह घर के विवाद से परेशान होकर अकेले यहां आया था और कुछ समय शांति से बिताना चाहता था।

    लेकिन पत्नी ने सवाल किया कि अगर वह अकेला आया था तो दो प्लेट छोले-भटूरे क्यों पैक कराए जा रहे हैं। इस सवाल के बाद दोनों के बीच बहस और तेज हो गई।

    बाजार में जमा हो गई भीड़

    पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा तो आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कहासुनी के दौरान पत्नी और उसके साथ आए लोगों ने पति के साथ मारपीट भी की। कुछ देर तक बाजार में हंगामे की स्थिति बनी रही।

    मामला बढ़ता देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को समझाने के लिए उन्हें चौकी ले गई।

    पुलिस चौकी में समझौते के बाद शांत हुआ मामला

    पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। बातचीत के बाद पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से मामला शांत हो गया। इसके बाद दोनों अपने घर लौट गए।

    फिलहाल इस मामले में किसी गंभीर कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, बृजघाट बाजार में हुई इस घटना की चर्चा लोगों के बीच बनी हुई है। मामले में पति के किसी दूसरी महिला के साथ होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।