Author: contact.satyareport@gmail.com

  • स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्कूल से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें नौवीं कक्षा की छात्रा ने प्रभारी प्राचार्य पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। घटना के बाद छात्रा रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया। यह सुनकर परिवार के लोग नाराज हो गए और उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने प्रभारी प्राचार्य को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की थी।

    छुट्टी के बाद छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप

    यह मामला अछोला स्कूल का बताया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के बाद प्रभारी प्राचार्य जीवनलाल देवांगन ने कथित तौर पर नौवीं कक्षा की छात्रा को एक कमरे में बुलाया था। छात्रा ने आरोप लगाया कि उस दौरान उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

    घटना के बाद छात्रा घर पहुंची तो वह रो रही थी। परिजनों ने उससे वजह पूछी, जिसके बाद उसने स्कूल में हुई कथित घटना की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए और मामले को लेकर कार्रवाई करने का फैसला किया।

    परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा

    छात्रा से जानकारी मिलने के बाद परिजन स्कूल से जुड़े आरोपी तक पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रभारी प्राचार्य को पकड़कर तुमगांव पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की।

    पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की जिम्मेदारी थी कि छात्रा के आरोपों से जुड़े तथ्य क्या हैं और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।

    मामले को दबाने की कोशिश का भी आरोप

    इस प्रकरण में परिजनों की ओर से मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया था। इसके अलावा आरोपी के नशे में होने की बात भी कही गई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई थी।

    ऐसे में इन आरोपों को जांच के जरिए स्पष्ट किया जाना जरूरी था। पुलिस को घटना से जुड़े सभी पक्षों की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई करनी थी।

    पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी घटना

    प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं, क्योंकि मामला एक नाबालिग छात्रा से जुड़ा है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले छात्रा के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के नतीजों को देखना जरूरी है।

    फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लिया गया था और पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जानी थी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के दोषी होने या न होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। नाबालिग की पहचान और निजता की रक्षा करना आवश्यक है।

  • बुलंदशहर: गैंगरेप और सहेली की हत्या के मामले में 17 महीने बाद नया मोड़, किशोरी ने कोर्ट में आरोपितों को पहचानने से किया इनकार.

    बुलंदशहर: गैंगरेप और सहेली की हत्या के मामले में 17 महीने बाद नया मोड़, किशोरी ने कोर्ट में आरोपितों को पहचानने से किया इनकार.

    बुलंदशहर: गैंगरेप और सहेली की हत्या के मामले में 17 महीने बाद नया मोड़, किशोरी ने कोर्ट में आरोपितों को पहचानने से किया इनकार.

    बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसकी सहेली की हत्या के मामले में सुनवाई के दौरान नया मोड़ आ गया है। प्रतापगढ़ की रहने वाली मुख्य पीड़िता ने पॉक्सो अदालत में आरोपितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इससे अभियोजन पक्ष के सामने मामला साबित करने की चुनौती बढ़ गई है। अब पुलिस और अभियोजन पक्ष अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केस को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।

    नौकरी की तलाश में आई थीं दोनों सहेलियां

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतापगढ़ की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी अपनी सहेली के साथ नौकरी की तलाश में गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर इलाके में आई थी। आरोप है कि अमित नाम के युवक ने दोनों को कार में बैठाया और अपने साथियों के साथ उनके साथ अभद्रता की।

    शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपितों ने मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में चलती कार से किशोरी की सहेली को बाहर धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद मुख्य पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    खुर्जा पहुंचकर किशोरी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    रिपोर्ट के अनुसार, 7 मई 2025 की सुबह किशोरी आरोपितों के चंगुल से निकलकर खुर्जा पहुंची और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अमित, संदीप समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। बाद की विवेचना में खुर्जा निवासी रिंकू का नाम भी सामने आया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मामला पॉक्सो अदालत में विचाराधीन है।

    अदालत में आरोपितों को पहचानने से इनकार

    इस मामले में सबसे अहम बदलाव तब आया, जब सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आरोपितों को पहचानने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले वह पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दे चुकी थी।

    पीड़िता के अदालत में आरोपितों की पहचान नहीं करने से अभियोजन पक्ष के लिए मामले को साबित करना कठिन हो सकता है। हालांकि, केवल इस घटनाक्रम के आधार पर केस का अंतिम नतीजा तय नहीं माना जा सकता। अदालत अन्य साक्ष्यों और गवाहियों पर भी विचार करेगी।

    फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों पर भरोसा

    रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डिजिटल चैट और जांच में जुटाए गए अन्य सबूतों के आधार पर अभियोजन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

    कानूनी जानकारों के मुताबिक, ऐसे मामलों में तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इनकी स्वीकार्यता और प्रमाणिकता का आकलन अदालत करेगी।

    फिलहाल, मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़िता के बयान में आए बदलाव के बावजूद आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सच्चाई और उनकी जिम्मेदारी का निर्धारण अदालत में पेश किए गए समस्त साक्ष्यों के आधार पर होगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों और जांच से जुड़े विवरणों का अंतिम निर्धारण न्यायालय करेगा।

  • शिवा शर्मा मौत मामले में फरार श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका, सीमा के पास लावारिस मिली कार; तीनों पर 25-25 हजार का इनाम.

    शिवा शर्मा मौत मामले में फरार श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका, सीमा के पास लावारिस मिली कार; तीनों पर 25-25 हजार का इनाम.

    शिवा शर्मा मौत मामले में फरार श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका, सीमा के पास लावारिस मिली कार; तीनों पर 25-25 हजार का इनाम.

    बहराइच/लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में वांछित मॉडल श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की तलाश जारी है। इसी बीच बहराइच के रुपईडीहा में नेपाल सीमा के पास श्रद्धा की कार लावारिस हालत में मिलने की खबर सामने आई है। इसके बाद श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और एक साथी के नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, तीनों ने सीमा पार की है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    छह दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर

    लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे समेत कुछ लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और उसके एक साथी की तलाश की जा रही है। लखनऊ पुलिस ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। घटना के करीब छह दिन बाद भी उनके बारे में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी।

    नेपाल सीमा के पास मिली कार

    बताया जा रहा है कि श्रद्धा की कार बहराइच जिले के रुपईडीहा में नेपाल सीमा के पास लावारिस हालत में मिली। कार मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। हालांकि, सिर्फ कार मिलने से यह साबित नहीं होता कि श्रद्धा और उसके साथी नेपाल भाग गए हैं। उनकी मौजूदा लोकेशन और सीमा पार करने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मृतक की मां ने लगाए थे गंभीर आरोप

    शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया था कि श्रद्धा उनके बेटे को लंबे समय से प्रताड़ित और ब्लैकमेल कर रही थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना से पहले शिवा के साथ मारपीट की गई थी। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए होनी बाकी है।

    शिवा शर्मा कारोबार से जुड़े हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, वह कपड़ों की दुकान और ‘आंगन’ नाम से रेस्टोरेंट भी चलाते थे। श्रद्धा दुबे मॉडलिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।

    पुलिस की जांच पर टिकी नजरें

    फिलहाल पुलिस के सामने श्रद्धा दुबे और अन्य वांछित लोगों का पता लगाने के साथ-साथ शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती है। नेपाल सीमा के पास कार मिलने की सूचना जांच में अहम हो सकती है, लेकिन आरोपियों की मौजूदगी, उनकी गतिविधियों और घटना में उनकी कथित भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों और नेपाल भागने की आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

  • 32 दिन बाद भी मां-बेटे की मौत का रहस्य बरकरार, ई-रिक्शा के नीचे मिले थे शव; दोनों के मोबाइल अब तक गायब.

    32 दिन बाद भी मां-बेटे की मौत का रहस्य बरकरार, ई-रिक्शा के नीचे मिले थे शव; दोनों के मोबाइल अब तक गायब.

    32 दिन बाद भी मां-बेटे की मौत का रहस्य बरकरार, ई-रिक्शा के नीचे मिले थे शव; दोनों के मोबाइल अब तक गायब.

    संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बहजोई में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला 32 दिन बाद भी अनसुलझा है। 11 सितंबर की सुबह संभल रोड पर भवन गांव के पास दोनों के शव ई-रिक्शा के नीचे मिले थे। घटना के बाद से मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि दोनों के मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अब तक न हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है और न ही सड़क हादसे के रूप में मामला दर्ज किया गया है।

    परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

    रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक राकेश की पत्नी होने का दावा करने वाली विमला देवी, उसकी बहन और भांजे ने राकेश के बड़े भाई और भतीजे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार के कुछ सदस्यों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।

    मंगलवार को विमला देवी कुछ लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची थीं। अधिकारियों से मुलाकात नहीं होने के कारण उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

    दोनों मोबाइल फोन कहां गए?

    इस मामले में सबसे बड़ा सवाल मां-बेटे के मोबाइल फोन को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों फोन अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आखिरी बार उनसे कब संपर्क हुआ था और घटना से पहले या बाद में फोन का इस्तेमाल किसने किया।

    पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से अब तक क्या निष्कर्ष निकला है।

    पुलिस को हत्या का ठोस साक्ष्य नहीं मिला

    मामले की प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज कुमार रावत कर रहे हैं। संभल के पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, अब तक की जांच में हत्या की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस को घटना सड़क हादसे जैसी प्रतीत हुई, लेकिन जांच अभी जारी है।

    इसलिए फिलहाल मां-बेटे की मौत को हत्या या दुर्घटना मानकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। घटना के वास्तविक कारण, मोबाइल फोन की स्थिति और परिजनों के आरोपों को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के बयान पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

  • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी जोबनप्रीत मुंबई से गिरफ्तार; 3 पिस्तौल बरामद.

    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी जोबनप्रीत मुंबई से गिरफ्तार; 3 पिस्तौल बरामद.

    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी जोबनप्रीत मुंबई से गिरफ्तार; 3 पिस्तौल बरामद.

    अमृतसर: पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, जालंधर की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने मुंबई एटीएस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे जोबनप्रीत को मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसके पास से तीन पिस्तौल, पांच मैगजीन और 11 कारतूस बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।

    पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उनके अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    विदेश में बैठे हैंडलर्स से संपर्क का आरोप

    डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि जोबनप्रीत कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहा था। उस पर शूटर्स तक हथियार पहुंचाने, फंडिंग करने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभाने का आरोप है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने तरनतारन जिले में रंगदारी से जुड़ी गोलीबारी की तीन घटनाओं में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है। हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका और अन्य लोगों से उसके संपर्कों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है।

    हथियारों की बरामदगी के बाद नेटवर्क की जांच

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और आरोपियों के आपसी संपर्कों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

    पंजाब पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, मैड संधू हत्याकांड में गिरफ्तारी और बरामदगी के

  • मोबाइल से निजी क्लिप निकालकर ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण का आरोप, चिकित्सक समेत 6 लोगों पर FIR.

    मोबाइल से निजी क्लिप निकालकर ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण का आरोप, चिकित्सक समेत 6 लोगों पर FIR.

    मोबाइल से निजी क्लिप निकालकर ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण का आरोप, चिकित्सक समेत 6 लोगों पर FIR.

    भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक महिला के निजी क्लिप कथित तौर पर इंटरनेट पर प्रसारित करने और उनके जरिए लंबे समय तक ब्लैकमेल कर यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक चिकित्सक समेत छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मोबाइल मरम्मत के दौरान निजी क्लिप निकालने का आरोप

    सुरियावां थाना प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक, महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि जनवरी 2024 में उसने अपना मोबाइल फोन देवी लाल की दुकान पर मरम्मत के लिए दिया था। इसी दौरान तीन लोगों ने कथित तौर पर उसके फोन से कई निजी क्लिप निकाल लिए।

    महिला का आरोप है कि इन क्लिप के आधार पर उसे ब्लैकमेल किया गया और करीब दो वर्षों तक उसका यौन शोषण किया गया। शिकायत के अनुसार, पुलिस से संपर्क करने पर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद फिर उठाया मामला

    पुलिस के अनुसार, महिला ने निजी क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद 3 जनवरी 2024 को शिकायत की थी। महिला का आरोप है कि उस समय उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई।

    शिकायत में आगे कहा गया है कि 28 अगस्त 2026 को कुलदीप कुमार बिंद ने कथित तौर पर क्लिप दोबारा प्रसारित किए। इसके बाद पेशे से चिकित्सक धीरज कुमार बिंद पर भी क्लिप बार-बार प्रसारित करने और महिला पर यौन संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया गया है।

    छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

    थाना प्रभारी के मुताबिक, शिकायत और क्लिप के स्क्रीनशॉट के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनमें धीरज कुमार बिंद, कुलदीप बिंद, त्रिभुवन बिंद, अजय कुमार बिंद, अजय कुमार चौहान और देवी लाल शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार, अधिकारियों के पहुंचने से पहले देवी लाल अपनी दुकान बंद कर चला गया था। सभी नामजद लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के हवाले से दी गई जानकारी पर आधारित है। सभी आरोप जांच के अधीन हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

  • नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कैद, 65 हजार रुपये जुर्माना.

    नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कैद, 65 हजार रुपये जुर्माना.

    नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कैद, 65 हजार रुपये जुर्माना.

    सिरसा: हरियाणा के सिरसा जिले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल की अदालत ने सुनाया।

    फरवरी 2023 में दर्ज हुई थी शिकायत

    मामले के अनुसार, पीड़िता की मां ने 23 फरवरी 2023 को पुलिस में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 21 फरवरी को घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि जीवननगर थेड़ी निवासी गुरविन्द्र सिंह उर्फ गुरी कथित तौर पर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।

    शिकायत के आधार पर डिंग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने उपनिरीक्षक सुखविन्द्र कौर के नेतृत्व में टीम गठित की और किशोरी की तलाश की।

    डबवाली बस स्टैंड से बरामद हुई थी किशोरी

    पुलिस ने 5 मई 2023 को किशोरी को डबवाली बस स्टैंड से बरामद किया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए गए। खबर के मुताबिक, मेडिकल जांच के दौरान किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी।

    मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने गुरविन्द्र सिंह को दोषी ठहराया। इसके बाद उसे 20 साल के कठोर कारावास और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले से संबंधित विवरण उसी रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।

  • जंगली बादाम को लेकर किए जाते हैं कई स्वास्थ्य संबंधी दावे, जानें इसके पारंपरिक उपयोग और सावधानियां

    जंगली बादाम को लेकर किए जाते हैं कई स्वास्थ्य संबंधी दावे, जानें इसके पारंपरिक उपयोग और सावधानियां

    जंगली बादाम को लेकर किए जाते हैं कई स्वास्थ्य संबंधी दावे, जानें इसके पारंपरिक उपयोग और सावधानियां

    जंगली बादाम एक ऐसा फल है, जिसके पेड़ समुद्र तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इसके फल का आकार आम बादाम से अलग होता है। यह कुछ क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों, छाल और फल का उपयोग अलग-अलग घरेलू नुस्खों में किए जाने का उल्लेख मिलता है।

    हालांकि, जंगली बादाम की अलग-अलग प्रजातियां होती हैं और इनके गुण भी एक जैसे नहीं होते। इसलिए इसके स्वास्थ्य लाभों से जुड़े दावों को समझना और बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन न करना जरूरी है।

    1. सिरदर्द में राहत का पारंपरिक दावा

    कुछ पारंपरिक नुस्खों में जंगली बादाम की पत्तियों के रस का इस्तेमाल सिरदर्द के लिए बताया जाता है। लेकिन सिरदर्द दूर करने में इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षित मात्रा को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। पत्तियों का रस नाक में डालना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए ऐसा प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

    2. दस्त और पेट दर्द के लिए किया जाता है इस्तेमाल

    जंगली बादाम की कुछ प्रजातियों की पत्तियों और छाल में टैनिन जैसे यौगिक पाए जा सकते हैं। पारंपरिक चिकित्सा में इनका इस्तेमाल दस्त और पेट से जुड़ी परेशानियों के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, इससे दस्त या पेट दर्द ठीक होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

    दस्त होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसे में ओआरएस का घोल लेना महत्वपूर्ण है। यदि दस्त लगातार बने रहें, मल में खून आए या तेज बुखार हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें।

    3. जोड़ों के दर्द और गठिया में उपयोग

    कुछ घरेलू नुस्खों में जंगली बादाम की पत्तियों का लेप जोड़ों पर लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन गठिया या जोड़ों के दर्द में इससे निश्चित लाभ होने के मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। त्वचा पर किसी भी पौधे का लेप लगाने से पहले पैच टेस्ट करें और जलन या खुजली होने पर उसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    4. बुखार में इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी

    पारंपरिक चिकित्सा में जंगली बादाम को बुखार से राहत के लिए भी इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख मिलता है। हालांकि, इसे बुखार का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। बुखार के पीछे संक्रमण सहित कई कारण हो सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक बुखार रहने या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच कराएं।

    जंगली बादाम इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये बातें

    • जंगली बादाम की सही प्रजाति की पहचान करना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग प्रजातियों की सुरक्षा और उपयोग अलग हो सकते हैं।
    • किसी अज्ञात पौधे की पत्तियों, छाल या फल का सेवन न करें।
    • इसके रस को नाक में डालने या बिना चिकित्सकीय सलाह के पीने से बचें।
    • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से दवाएं लेने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और पारंपरिक उपयोगों के उल्लेख पर आधारित है। जंगली बादाम से सिरदर्द, दस्त, गठिया या बुखार का इलाज होने के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

  • फर्जी डिप्लोमा के आरोप में  नेता की बेटी का JE पद पर प्रमोशन रद्द, अब अतिरिक्त वेतन की होगी वसूली.

    फर्जी डिप्लोमा के आरोप में नेता की बेटी का JE पद पर प्रमोशन रद्द, अब अतिरिक्त वेतन की होगी वसूली.

    फर्जी डिप्लोमा के आरोप में  नेता की बेटी का JE पद पर प्रमोशन रद्द, अब अतिरिक्त वेतन की होगी वसूली.

    हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में तैनात पिंकी यादव का जूनियर इंजीनियर (JE) पद पर प्रमोशन रद्द कर दिया गया है। पिंकी यादव भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी हैं। विभागीय जांच में हिमाचल प्रदेश की अरनी यूनिवर्सिटी से प्राप्त उनके सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा को फर्जी बताए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब उन्हें वापस उनके मूल क्लर्क पद पर भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, पिंकी यादव को 10 सितंबर 2025 को डिप्लोमा के आधार पर JE पद पर प्रमोशन मिला था। बाद में विभाग ने उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की सत्यता जांचने के लिए अरनी यूनिवर्सिटी, इंदौरा को पत्र लिखा। विश्वविद्यालय ने 28 जुलाई को जवाब देकर प्रमाणपत्र को फर्जी बताया।

    विश्वविद्यालय से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्य अभियंता देवेंद्र दहिया ने 19 अगस्त को पिंकी यादव को पत्र जारी कर इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनसे जवाब मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद विभाग ने प्रमोशन रद्द करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई।

    क्लर्क पद पर लौटेंगी, अतिरिक्त वेतन की होगी गणना

    मुख्य अभियंता के आदेश के अनुसार, पिंकी यादव को तत्काल प्रभाव से उनके मूल क्लर्क पद पर वापस भेजा जा रहा है। विभाग अब यह हिसाब तैयार कर रहा है कि JE पद पर रहते हुए उन्हें क्लर्क के वेतन की तुलना में कितना अतिरिक्त वेतन और भत्ता मिला।

    विभागीय कार्रवाई के तहत अतिरिक्त भुगतान की गणना के बाद नियमानुसार राशि की वसूली उनके वेतन से किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में वसूली की अंतिम राशि का उल्लेख नहीं है।

    पूर्व जिलाध्यक्ष ने फैसले पर उठाए सवाल

    वहीं, पिंकी यादव के पिता और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव ने अपनी बेटी के प्रमाणपत्रों को सही बताया है। उनका कहना है कि विभाग ने जल्दबाजी में निर्णय लिया है और इस मामले की दोबारा जांच करवाई जाएगी।

    फिलहाल, इस मामले में विभागीय आदेश और विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र को फर्जी बताए जाने की रिपोर्ट अहम आधार हैं, जबकि दयाराम यादव ने इस निष्कर्ष पर आपत्ति जताई है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मामले में सामने आए दावों और विभागीय कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं की गई है।

  • सुबह नींबू पानी पीने से मिल सकते हैं ये फायदे, जानें वजन, पाचन और सेहत पर इसका असर’

    सुबह नींबू पानी पीने से मिल सकते हैं ये फायदे, जानें वजन, पाचन और सेहत पर इसका असर’

    सुबह नींबू पानी पीने से मिल सकते हैं ये फायदे, जानें वजन, पाचन और सेहत पर इसका असर’

    सुबह उठकर गुनगुना नींबू पानी पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। नींबू में विटामिन C और कुछ उपयोगी पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। पानी में नींबू मिलाकर पीने से शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिलती है। हालांकि, इसे हर बीमारी का इलाज या शरीर को डिटॉक्स करने वाला चमत्कारी पेय मानना सही नहीं है।

    1. शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता

    रातभर सोने के बाद सुबह पानी पीना शरीर में तरल पदार्थों की जरूरत पूरी करने में मदद करता है। सादे पानी में नींबू मिलाने से उसका स्वाद बेहतर हो जाता है, जिससे कुछ लोगों के लिए पर्याप्त पानी पीना आसान हो सकता है।

    2. विटामिन C का अच्छा स्रोत

    नींबू में विटामिन C पाया जाता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज, कोलेजन निर्माण और आयरन के अवशोषण में भूमिका निभाता है। हालांकि, केवल नींबू पानी पीने से सर्दी-जुकाम से पूरी तरह बचाव होने की गारंटी नहीं मिलती। संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी हैं।

    3. पाचन में कैसे मिल सकती है मदद?

    सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। पर्याप्त पानी का सेवन कब्ज से बचाव में भी सहायक हो सकता है। लेकिन नींबू पानी गैस, एसिडिटी और कब्ज का निश्चित इलाज नहीं है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या रहती है, उनमें नींबू की खटास परेशानी बढ़ा सकती है।

    4. क्या वजन घटाने में मदद करता है?

    नींबू पानी अपने आप शरीर की चर्बी तेजी से नहीं जलाता। यदि आप मीठे पेय या शक्कर वाले ड्रिंक्स की जगह बिना चीनी का नींबू पानी पीते हैं, तो कैलोरी का सेवन कम हो सकता है। वजन घटाने के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद अधिक महत्वपूर्ण हैं।

    5. किडनी स्टोन के जोखिम में संभावित भूमिका

    नींबू में साइट्रेट पाया जाता है। पर्याप्त मात्रा में साइट्रेट कुछ प्रकार की किडनी स्टोन बनने की आशंका कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, सामान्य नींबू पानी में मौजूद साइट्रेट की मात्रा हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त हो, यह जरूरी नहीं है। जिन लोगों को पहले किडनी स्टोन हो चुका है, उन्हें अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    6. त्वचा की सेहत के लिए उपयोगी

    विटामिन C त्वचा में कोलेजन बनाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। लेकिन केवल नींबू पानी पीने से दाग-धब्बे दूर होने या त्वचा पर प्राकृतिक चमक आने की गारंटी नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और धूप से बचाव भी जरूरी हैं।

    सुबह नींबू पानी पीने का सही तरीका

    • एक गिलास सामान्य या गुनगुने पानी में थोड़ा ताजा नींबू का रस मिलाएं।
    • स्वाद के लिए चीनी मिलाने से बचें, खासकर यदि आप कैलोरी या ब्लड शुगर नियंत्रित रखना चाहते हैं।
    • इसे खाली पेट पीना जरूरी नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार दिन में किसी भी समय पी सकते हैं।
    • नींबू की अम्लीय प्रकृति दांतों के इनेमल को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सेवन के बाद सादे पानी से कुल्ला कर लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। नींबू पानी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का प्रमाणित इलाज नहीं है। लगातार एसिडिटी, पेट की परेशानी या किडनी स्टोन की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।