Author: contact.satyareport@gmail.com

  • गोरखपुर: नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों ने चुना बाइक चोरी का रास्ता, गाड़ियां खोलकर अलग-अलग बेचते थे पुर्जे

    गोरखपुर: नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों ने चुना बाइक चोरी का रास्ता, गाड़ियां खोलकर अलग-अलग बेचते थे पुर्जे

    गोरखपुर: नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों ने चुना बाइक चोरी का रास्ता, गाड़ियां खोलकर अलग-अलग बेचते थे पुर्जे

    गोरखपुर: दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद नौकरी नहीं मिली तो चार दोस्तों पर मोटरसाइकिल चोरी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घरों के सामने खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। इसके बाद मोटरसाइकिलों को खोलकर उनके अलग-अलग पुर्जे बेच देते थे। मंगलवार को बेलीपार पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिलें और एक बोरे में रखे वाहनों के अलग-अलग पुर्जे बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    बाइक चोरी की शिकायत से खुला मामला

    पुलिस के अनुसार, बेलीपार क्षेत्र के निवासी कुलदीप शाही की मोटरसाइकिल 8 अक्टूबर को उनके घर के सामने से चोरी हो गई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। छानबीन के दौरान चार युवकों के नाम सामने आए।

    मंगलवार को पुलिस को आरोपियों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद टीम ने सुबह करीब चार बजे महोब बंधा मोड़ पर घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। तलाशी और बरामदगी के दौरान चोरी की चार बाइकें तथा एक बोरे में रखे अलग-अलग वाहन पुर्जे मिलने की बात सामने आई।

    चारों आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के सकरैचा निवासी अंगद कुमार यादव, धनघटा थाना क्षेत्र के रजनीली निवासी शिवा कुमार, महुली थाना क्षेत्र के सतहरा निवासी आशुतोष कसौधन और गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के मोहन बेदौली निवासी अतुल राय के रूप में हुई है।

    पुलिस अब बरामद मोटरसाइकिलों और पुर्जों के संबंध में आगे की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों से जुड़े तथ्यों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

  • वजन घटाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, लंबे समय तक रहेगा पेट भरा’

    वजन घटाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, लंबे समय तक रहेगा पेट भरा’

    वजन घटाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, लंबे समय तक रहेगा पेट भरा’

    मोटापा आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गया है। बढ़ते वजन के कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी परेशानियों का खतरा भी बढ़ सकता है। वजन कम करने के लिए कई लोग खाना कम कर देते हैं, लेकिन बहुत कम खाना या जरूरी पोषक तत्वों से दूरी बनाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    वजन घटाने के लिए ऐसी डाइट अपनाना बेहतर है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलें। अंडा, स्प्राउट्स, लौकी, दही और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।

    1. अंडा खाने से मिल सकता है प्रोटीन

    अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को बनाए रखने और पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। अंडे को उबालकर या कम तेल में पकाकर खाना एक अच्छा विकल्प है।

    2. स्प्राउट्स को डाइट में करें शामिल

    अंकुरित मूंग, चना और अन्य स्प्राउट्स में फाइबर, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सलाद या हल्के नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन पेट भरा रखने में मदद कर सकता है। स्प्राउट्स को अच्छी तरह धोएं और संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए जरूरत पड़ने पर पकाकर खाएं।

    3. लौकी है कम कैलोरी वाला विकल्प

    लौकी में पानी की मात्रा अधिक और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। इसे सब्जी, सूप या अन्य घरेलू व्यंजनों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह भोजन की मात्रा बढ़ाने में मदद करती है, जबकि कैलोरी का सेवन अपेक्षाकृत कम रहता है। हालांकि, केवल लौकी खाने से वजन कम नहीं होता; पूरी डाइट का संतुलित होना जरूरी है।

    4. दही से मिल सकता है प्रोटीन और कैल्शियम

    दही में प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। बिना अतिरिक्त चीनी वाला सादा दही वजन नियंत्रित रखने वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह पेट भरने में मदद कर सकता है और शरीर को जरूरी पोषण देता है। स्वाद वाले मीठे दही के बजाय सादा दही चुनना बेहतर हो सकता है।

    5. ओट्स और केला भी हो सकते हैं फायदेमंद

    ओट्स में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन और पेट भरा रखने में मदद करता है। इसे नाश्ते में दूध या दही के साथ खाया जा सकता है। वहीं, केला फाइबर, पोटैशियम और ऊर्जा का स्रोत है। वजन कम करने के दौरान भी केला खाया जा सकता है। इसकी मात्रा अपनी कुल कैलोरी जरूरत और भूख के अनुसार तय करें।

    वजन घटाने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

    • भूखे रहने या भोजन छोड़ने के बजाय संतुलित आहार लें।
    • मीठे पेय, तली हुई चीजें और ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स सीमित करें।
    • नियमित रूप से पैदल चलें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।
    • पर्याप्त नींद लें और रोजाना की दिनचर्या नियमित रखें।
    • वजन घटाने के लिए जल्दबाजी न करें; धीरे-धीरे और लगातार बदलाव अपनाएं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी एक खाद्य पदार्थ से अपने आप वजन कम नहीं होता। परिणाम व्यक्ति की डाइट, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं। यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है या वजन घटाने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

  • ज्यादा नमक खाने से बढ़: सकता है हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा, जानें कितना सेवन है सही

    ज्यादा नमक खाने से बढ़: सकता है हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा, जानें कितना सेवन है सही

    ज्यादा नमक खाने से बढ़: सकता है हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा, जानें कितना सेवन है सही

    नमक खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है। इसमें मौजूद सोडियम शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, नसों से संकेत पहुंचाने और मांसपेशियों को काम करने में मदद करता है। लेकिन जब भोजन में नमक की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    लंबे समय तक अधिक नमक खाने की आदत हाई ब्लड प्रेशर समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए रोजाना नमक की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

    1. हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ सकता है खतरा

    ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोकने का कारण बन सकता है। इससे रक्त की मात्रा बढ़ सकती है और रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है। लंबे समय तक अधिक नमक का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। खासकर उन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, जिन्हें पहले से ब्लड प्रेशर की समस्या है।

    2. दिल की सेहत पर पड़ सकता है असर

    लगातार हाई ब्लड प्रेशर रहने से दिल को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। समय के साथ इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। नमक की मात्रा नियंत्रित रखने से ब्लड प्रेशर को संभालने में मदद मिल सकती है, जो दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।

    3. स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है

    अधिक नमक के सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। इसलिए भोजन में नमक कम रखना और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण है।

    4. किडनी पर भी पड़ सकता है दबाव

    किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाती है। अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार सोडियम का सेवन करना चाहिए।

    एक दिन में कितना नमक खाना चाहिए?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वयस्कों को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक खाने की सलाह देता है। इसमें भोजन में मिलाया गया नमक और पैक्ड खाद्य पदार्थों में मौजूद नमक, दोनों शामिल हैं। यह मात्रा लगभग एक छोटी चम्मच से कम होती है।

    नमक कम करने के लिए अपनाएं ये आदतें

    • खाना बनाते समय नमक की मात्रा सीमित रखें।
    • अचार, पापड़, नमकीन और चिप्स जैसे अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ कम खाएं।
    • पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर सोडियम की मात्रा जांचें।
    • स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, लहसुन, अदरक और अन्य मसालों का इस्तेमाल करें।
    • सेंधा नमक या समुद्री नमक को सामान्य नमक से पूरी तरह सुरक्षित विकल्प न समझें, क्योंकि इनमें भी सोडियम होता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी से जुड़ी बीमारी है, तो नमक की उचित मात्रा के बारे में डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

  • चार साल के मासूम के साथ यौन शोषण का आरोप, करीब 14 वर्षीय पड़ोसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज.

    चार साल के मासूम के साथ यौन शोषण का आरोप, करीब 14 वर्षीय पड़ोसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज.

    चार साल के मासूम के साथ यौन शोषण का आरोप, करीब 14 वर्षीय पड़ोसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज.

    हरियाणा के पिहोवा क्षेत्र में चार साल के बच्चे के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। बच्चे के पिता ने करीब 14 वर्षीय पड़ोसी किशोर पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्चे का इलाज एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल में चल रहा है।

    परिवार की शिकायत के अनुसार, घटना ढांड रोड के पास स्थित एक गांव की है। आरोप है कि घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था और पड़ोस में रहने वाला किशोर दीवार फांदकर घर के अंदर आया था। परिवार के घर लौटने के बाद बच्चा रोने लगा। मां ने जब उससे रोने की वजह पूछी, तो उसने कथित घटना के बारे में बताया।

    बच्चे की बात सुनने के बाद उसकी मां आरोपी किशोर के घर पहुंची। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां किशोर ने महिला के साथ मारपीट करने की कोशिश की। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और बच्चे को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे आगे के इलाज के लिए एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया गया।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    थाना प्रभारी रोहित कुमार के अनुसार, शिकायत के आधार पर आरोपी नाबालिग के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चूंकि आरोपित भी नाबालिग है, इसलिए मामले में उससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया लागू नियमों के अनुसार होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • रात में अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए खाएं ये 5 चीजें, जानें इनके फायदे.

    रात में अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए खाएं ये 5 चीजें, जानें इनके फायदे.

    रात में अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए खाएं ये 5 चीजें, जानें इनके फायदे.

    अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त और गहरी नींद लेना बेहद जरूरी है। नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में खानपान की कुछ आदतें नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। केला, गर्म दूध, चेरी, ओट्स और कीवी जैसे खाद्य पदार्थ रात के भोजन या सोने से पहले हल्के स्नैक के रूप में लिए जा सकते हैं।

    हालांकि, कोई भी खाद्य पदार्थ अच्छी नींद की गारंटी नहीं देता। नियमित दिनचर्या और सोने का सही समय भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    1. केला खाने से मिल सकते हैं फायदे

    केले में पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर के सामान्य कामकाज और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। रात में भूख लगने पर केला हल्के स्नैक का अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, यह दावा करने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि केला खाने से तनाव हार्मोन कम होता है या नींद निश्चित रूप से बेहतर हो जाती है।

    2. गर्म दूध पीना हो सकता है आरामदायक

    कई लोगों को सोने से पहले गर्म दूध पीने से आराम महसूस होता है। दूध में प्रोटीन और ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो शरीर में नींद से जुड़े कुछ रसायनों के निर्माण में भूमिका निभाता है। हालांकि, गर्म दूध का सीधा असर नींद पर कितना पड़ता है, इस पर अभी सीमित प्रमाण उपलब्ध हैं।

    3. चेरी भी हो सकती है उपयोगी

    चेरी में मेलाटोनिन की थोड़ी मात्रा और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। मेलाटोनिन शरीर की नींद-जागने की प्राकृतिक प्रक्रिया से जुड़ा हार्मोन है। कुछ छोटे अध्ययनों में चेरी के सेवन और नींद की गुणवत्ता के बीच संभावित संबंध देखा गया है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर और शोध की जरूरत है।

    4. ओट्स से मिल सकते हैं पोषक तत्व

    ओट्स में फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। यह पेट भरने और संतुलित आहार का हिस्सा बनने में मदद कर सकते हैं। ओट्स में कुछ मात्रा में मेलाटोनिन भी पाया जाता है, लेकिन इसे खाने से गहरी नींद आने का दावा पक्के तौर पर नहीं किया जा सकता। रात में ओट्स खाना चाहें तो कम चीनी वाला विकल्प चुनें और मात्रा सीमित रखें।

    5. कीवी को भी डाइट में कर सकते हैं शामिल

    कीवी विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। कुछ छोटे अध्ययनों में कीवी खाने से नींद की अवधि और गुणवत्ता में संभावित सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी अधिक और बड़े अध्ययनों की जरूरत है।

    अच्छी नींद के लिए इन आदतों का भी रखें ध्यान

    • हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
    • सोने से पहले चाय, कॉफी और अन्य कैफीन वाले पेय से बचें।
    • रात में बहुत भारी भोजन करने से बचें।
    • सोने से पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें।
    • कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।

    यदि लंबे समय तक नींद नहीं आती, रात में बार-बार आंख खुलती है या दिनभर बहुत ज्यादा नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। बताए गए खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन ये अनिद्रा का प्रमाणित इलाज नहीं हैं। लगातार नींद की परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

  • 14 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म के बाद गला घोंटने का आरोप.

    14 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म के बाद गला घोंटने का आरोप.

    नौवीं कक्षा में पढ़ती थी बच्ची, घर से कुछ दूरी पर मिला था शव; पुलिस ने करीब 500 लोगों से पूछताछ के बाद 35 वर्षीय व्यक्ति को पकड़ा

    झारखंड के दुमका जिले में 14 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने एक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और गला घोंटकर उसकी हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची का शव 9 अक्टूबर को कथिकुंड थाना क्षेत्र में उसके घर से करीब 500 मीटर दूर मिला था। घटना के बाद पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर जांच शुरू की थी।

    घर से कुछ दूरी पर मिला था छात्रा का शव

    पुलिस के अनुसार, मृतका नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। 9 अक्टूबर को उसका शव घर से कुछ दूरी पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और बच्ची के माता-पिता से जानकारी लेकर संभावित संदिग्धों की तलाश की।

    करीब 500 लोगों से पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

    पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार के मुताबिक, आरोपी तक पहुंचने के लिए जांच के दौरान करीब 500 लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद 35 वर्षीय व्यक्ति को सोमवार रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। हालांकि, मामले में आरोपों और जांच से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

    चेहरे पर चोट के निशान से मिली मदद

    एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी के चेहरे पर चोट के निशान पाए गए थे। जांचकर्ताओं को आशंका है कि घटना के दौरान बच्ची ने खुद को बचाने की कोशिश की होगी, जिससे आरोपी को चोट लगी हो सकती है। पुलिस ने इन निशानों को जांच के अहम पहलुओं में शामिल किया।

    कपड़े और अन्य सामान बरामद

    कथिकुंड थाना प्रभारी बलराम सिंह के अनुसार, पुलिस ने कथित तौर पर घटना के समय आरोपी द्वारा पहनी गई टी-शर्ट और खून से सना एक तौलिया बरामद किया है। इन वस्तुओं को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

    पुलिस अब बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।

    जांच और न्यायिक कार्रवाई जारी

    नाबालिग की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले से जुड़े साक्ष्यों और परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। बच्ची के परिवार के लिए यह घटना गहरे दुख का कारण बनी हुई है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

  • PM किसान योजना: क्या बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी मिलेंगे ₹2,000? जानिए पात्रता के नियम.

    PM किसान योजना: क्या बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी मिलेंगे ₹2,000? जानिए पात्रता के नियम.

    PM किसान योजना: क्या बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी मिलेंगे ₹2,000? जानिए पात्रता के नियम.

    देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार करते हैं। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। लेकिन उन किसानों के मन में अक्सर सवाल रहता है, जो अपनी जमीन के बजाय किसी दूसरे की जमीन पर बटाई या किराये पर खेती करते हैं। क्या ऐसे किसानों को भी योजना का लाभ मिल सकता है?

    बटाईदार किसानों को क्यों नहीं मिलता योजना का लाभ?

    पीएम-किसान योजना के सामान्य नियमों के अनुसार, लाभ उन पात्र किसान परिवारों को दिया जाता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन का स्वामित्व राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इसलिए, केवल किसी दूसरे की जमीन पर बटाई या किराये पर खेती करने से किसान इस योजना का पात्र नहीं बन जाता।

    इसका मतलब है कि यदि कोई किसान खेत में मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन जमीन का मालिकाना हक उसके नाम पर दर्ज नहीं है, तो वह सिर्फ खेती करने के आधार पर पीएम-किसान की राशि का दावा नहीं कर सकता। हालांकि, अंतिम पात्रता संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और योजना के लागू नियमों के आधार पर तय होती है।

    22वीं किस्त को लेकर जरूरी अपडेट

    इस खबर में किस्त की तारीख को लेकर पुरानी जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की गई थी, जबकि 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई। इसलिए 22वीं किस्त को आगामी किस्त बताना सही नहीं है। <Cite refs={[“turn814278search6″,”turn814278search0”]} />

    पात्र किसान इन दो बातों का रखें ध्यान

    • ई-केवाईसी: पीएम-किसान के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है।
    • भूमि रिकॉर्ड और पात्रता: किसान अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड और योजना में लाभार्थी की स्थिति की जांच आधिकारिक पोर्टल पर कर सकते हैं। <Cite refs={[“turn814278search0″,”turn814278search25”]} />

    योजना से जुड़ी जानकारी के लिए किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं। किसी अनजान संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई किस्त की तारीख पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक घोषणा जरूर जांचें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी और सरकारी स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। पात्रता का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और योजना के नियमों के अनुसार होगा।

  • गुड़हल का फूल बालों: को बना सकता है मुलायम और चमकदार, जानें इस्तेमाल करने का तरीका’

    गुड़हल का फूल बालों: को बना सकता है मुलायम और चमकदार, जानें इस्तेमाल करने का तरीका’

    गुड़हल का फूल बालों: को बना सकता है मुलायम और चमकदार, जानें इस्तेमाल करने का तरीका’

    आजकल बालों का झड़ना, रूखापन, डैंड्रफ और बालों की चमक कम होना आम परेशानियां बन गई हैं। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कई लोग महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, गुड़हल का फूल और इसकी पत्तियां भी पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

    गुड़हल में कुछ ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो बालों और सिर की त्वचा की देखभाल में मदद कर सकते हैं। हालांकि, बालों का झड़ना रोकने या नए बाल उगाने में इसके प्रभाव को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।

    1. बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद

    गुड़हल के फूल और पत्तियों से तैयार पेस्ट बालों को कंडीशन करने में मदद कर सकता है। इसके इस्तेमाल से बालों का रूखापन कम महसूस हो सकता है और वे अधिक मुलायम दिखाई दे सकते हैं। इसका असर बालों की प्रकृति और इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उत्पादों पर भी निर्भर करता है।

    2. बालों की देखभाल में उपयोगी

    गुड़हल में फ्लेवोनॉयड्स और अन्य वनस्पति यौगिक पाए जाते हैं। इनकी मौजूदगी के कारण इसका इस्तेमाल पारंपरिक हेयर केयर में किया जाता रहा है। हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि गुड़हल लगाने से बालों की जड़ें निश्चित रूप से मजबूत होती हैं या बालों का झड़ना बंद हो जाता है।

    3. गुड़हल का हेयर मास्क कैसे बनाएं?

    घर पर गुड़हल का पेस्ट तैयार करने के लिए इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं:

    • गुड़हल के फूल और पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
    • इन्हें थोड़े पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें।
    • पेस्ट को सिर की त्वचा और बालों पर लगाएं।
    • लगभग 15–20 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें।

    पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करें। खुजली, जलन या लालिमा होने पर इसका इस्तेमाल न करें।

    4. बालों का झड़ना कम करने के लिए जरूरी बातें

    बालों का झड़ना पोषण की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारणों या सिर की त्वचा की समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसलिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना उचित नहीं है। संतुलित आहार लें, बालों को बहुत कसकर बांधने से बचें और जरूरत से ज्यादा हीट स्टाइलिंग न करें। यदि बाल लगातार झड़ रहे हों या सिर पर खाली जगह बनने लगे, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। गुड़हल के बालों पर संभावित लाभों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। किसी भी घरेलू उपाय से एलर्जी या जलन हो सकती है, इसलिए इस्तेमाल से पहले सावधानी बरतें।

  • 30 हजार रुपये रिश्वत लेते पंचायत रोजगार सेवक गिरफ्तार, निगरानी टीम ने बिछाया जाल.

    30 हजार रुपये रिश्वत लेते पंचायत रोजगार सेवक गिरफ्तार, निगरानी टीम ने बिछाया जाल.

    30 हजार रुपये रिश्वत लेते पंचायत रोजगार सेवक गिरफ्तार, निगरानी टीम ने बिछाया जाल.

    बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शेखपुरा जिले में निगरानी विभाग की टीम ने एक पंचायत रोजगार सेवक को कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रफुल कुमार के रूप में बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए निगरानी टीम अपने साथ ले गई।

    शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

    मामला शेखपुरा जिले की हजरतपुर मंदरो पंचायत से जुड़ा बताया गया है, जहां प्रफुल कुमार पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ निगरानी विभाग को रिश्वत मांगने से संबंधित शिकायत मिली थी।

    शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले की जांच की। बताया गया कि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष धावा दल गठित किया गया।

    रिश्वत लेते ही निगरानी टीम ने की कार्रवाई

    मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने शेखपुरा में कार्रवाई की तैयारी की। योजना के मुताबिक, टीम आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ने के लिए मौके पर मौजूद थी।

    बताया गया कि जैसे ही प्रफुल कुमार ने कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

    गिरफ्तारी के बाद पूछताछ

    कार्रवाई के बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ ले गई। उससे पूछताछ की जानी थी और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत निगरानी की विशेष अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई।

    इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागीय क्षेत्र में हलचल मच गई। हालांकि, मामले में आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

    भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई अहम

    सरकारी योजनाओं और पंचायत स्तर की सेवाओं से जुड़े कामों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। रिश्वत से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई से जवाबदेही तय करने में मदद मिलती है। इस मामले में भी आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़े आरोपों और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाना चाहिए।

  • आठवीं की छात्रा की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए डांट-फटकार के आरोप

    आठवीं की छात्रा की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए डांट-फटकार के आरोप

    आठवीं की छात्रा की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए डांट-फटकार के आरोप

    छात्रा के परेशान रहने का दावा, परिवार ने की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग; पुलिस स्कूल प्रबंधन से भी कर रही पूछताछ

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि स्कूल में कथित तौर पर डांट-फटकार लगाए जाने के बाद से बच्ची परेशान और गुमसुम रहने लगी थी। हालांकि, छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    घर के कमरे में मृत मिली छात्रा

    यह मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में आठवीं कक्षा की छात्रा आकांक्षा सेन पढ़ती थी। छात्रा ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    स्कूल प्रबंधन पर परिजनों ने क्या आरोप लगाए?

    परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले स्कूल में छात्रा को काफी डांट-फटकार लगाई गई थी। परिवार के मुताबिक, इसके बाद से बच्ची के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा था। वह गुमसुम रहने लगी थी और परेशान दिखाई देती थी।

    परिजनों ने इन परिस्थितियों को लेकर स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि स्कूल में हुई कथित घटना और छात्रा की मौत के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं। इसका पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना के बाद परिजनों ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बयान लिए जा रहे हैं और स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

    परिवार ने की कार्रवाई की मांग

    बेटी की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजन चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की लापरवाही या गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

    फिलहाल पुलिस जांच जारी है। स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और परिजनों के आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के नतीजों की प्रतीक्षा करना आवश्यक है।