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  • गोरखपुर में रोडरेज के बाद युवती से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज

    गोरखपुर में रोडरेज के बाद युवती से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज

    गोरखपुर में रोडरेज के बाद युवती से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रोडरेज की एक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे अस्पताल के पास कार और बाइक की मामूली टक्कर के बाद कुछ युवकों पर 24 वर्षीय युवती को कार से बाहर खींचकर मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गलत तरीके से छुआ और कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं जोड़ते हुए जांच तेज कर दी है।

    बीमार पिता को अस्पताल ले जाते समय हुआ विवाद

    बताया जा रहा है कि घटना 9 जुलाई की शाम की है। युवती अपने बीमार पिता को इलाज के लिए रेलवे अस्पताल लेकर जा रही थी। इसी दौरान उसकी कार की एक बाइक से हल्की टक्कर हो गई। आरोप है कि बाइक सवार ने अपनी गलती मानने के बजाय युवती पर माफी मांगने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया, जो एक एसयूवी से मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया।

    बीच सड़क पर बाल पकड़कर की मारपीट

    पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे कार से बाहर खींच लिया और बीच सड़क पर लात-घूंसों से हमला किया। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ अभद्रता की गई, कपड़े फाड़ने की कोशिश हुई और जान से मारने के साथ दुष्कर्म की धमकी भी दी गई। आरोपियों ने उसकी कार में भी तोड़फोड़ की, जिससे वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। पूरी घटना के दौरान कार में मौजूद उसके बीमार पिता बेबस होकर यह सब देखते रहे।

    वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ीं गंभीर धाराएं

    घटना के बाद दर्ज कराई गई शुरुआती शिकायत में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या के प्रयास, महिला की लज्जा भंग करने, मारपीट, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ दीं। इसके बाद जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई।

    मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

    पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पीड़िता ने भी दावा किया है कि वह सभी आरोपियों की पहचान कर सकती है। मामले की जांच एक उपनिरीक्षक को सौंपी गई है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    कई टीमों का गठन, पुलिस जुटी जांच में

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

    जांच के बाद सामने आएंगे पूरे मामले के तथ्य

    पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। फिलहाल मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

  • राजाओं का 400 साल पुराना ‘AC’ सिस्टम, आमेर किले का सुख निवास आज भी बना है आकर्षण का केंद्र..

    राजाओं का 400 साल पुराना ‘AC’ सिस्टम, आमेर किले का सुख निवास आज भी बना है आकर्षण का केंद्र..

    राजाओं का 400 साल पुराना ‘AC’ सिस्टम, आमेर किले का सुख निवास आज भी बना है आकर्षण का केंद्र..

     राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेर किले (Amber Fort) में एक ऐसा शाही कमरा है, जहां बिना बिजली और आधुनिक मशीनरी के प्राकृतिक रूप से AC जैसी ठंडक मिलती है. इसे सुख निवास (Sukh Niwas Palace) कहा जाता है. आज से लगभग 400 साल पहले, जब बिजली और एयर कंडीशनर का नामोनिशान नहीं था, राजपूत वास्तुकारों ने पीले-गुलाबी बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से इसे तैयार किया था. इसका डिजाइन इस तरह किया गया था कि बाहर चाहे जितनी भी लू चल रही हो, अंदर बैठे राजा को शिमला जैसी ठंडक का अनुभव होता था.

    यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल यह इमारत वास्तुकला और वाटर मैनेजमेंट का एक अनोखा नमूना है.

    मावठा झील का पानी और हवा का वो विज्ञान, जो बनता है ‘नेचुरल AC’

    इतिहास के दस्तावेजों के अनुसार, आमेर महल के इस सुख निवास का निर्माण कछवाहा शासक राजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था, जिसका बाद में मिर्जा राजा जय सिंह ने जीर्णोद्धार किया. इस महल के बिना बिजली ठंडा रहने के पीछे पूरी तरह वैज्ञानिक दृष्टिकोण है:-

    विंड टनल और वॉटर कैस्केड

    महल की छत पर बने विशाल टैंक में नीचे स्थित मावठा सरोवर से पानी चढ़ाया जाता था. इसके बाद पश्चिमी हवाओं के रुख को ध्यान में रखकर पानी को संगमरमर की बारीक नालियों से झरने के रूप में नीचे गिराया जाता था. जब गर्म हवा इस पानी के ऊपर से गुजरती थी, तो वो तुरंत ठंडी हो जाती थी.

    चंदन के दरवाजों का कमाल

    सुख निवास के प्रवेश द्वार पर चंदन की लकड़ी के नक्काशीदार दरवाजे लगाए गए हैं. ये लकड़ी न सिर्फ ठंडक को कमरे के भीतर लॉक करके रखती है, बल्कि पानी की नमी से मिलकर पूरे कक्ष में एक भीनी-भीनी खुशबू बिखेरती है.

    मोटी दीवारें में बनी संकरी खिड़कियां

    चूने और संगमरमर के मिश्रण से बनी मोटी दीवारें बाहर की गर्मी को अंदर नहीं आने देतीं, जबकि संकरी खिड़कियां हवा के दबाव को बढ़ाकर कूलिंग इफेक्ट पैदा करती हैं.

    Amber Fort

    सालों बाद फिर शुरू हुए सुख निवास के झरने

    अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी में जयपुर जा रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. पुरातत्व विभाग ने 400 साल पुराने इस कूलिंग सिस्टम को पर्यटकों के लिए फिर शुरू कर दिया है.

    आमेर महल के अधीक्षक से खास बातचीत में बताया, ‘काफी सालों से बंद पड़े सुख निवास और शीश महल के झरनों को विभाग के मार्गदर्शन में वापस से शुरू कर दिया गया है. जो सिस्टम उस समय पूरी तरह मैनुअल चलता था, उसमें अब एक खास मैकेनिज्म तैयार करके उसे दोबारा रन किया गया है. इसका उद्देश्य यह है कि देश-विदेश से आने वाले सैलानी उस दौर के राजसी वैभव और बिना बिजली की आरामदायक जिंदगी को साक्षात महसूस कर सकें. इसके साथ ही चारबाग शैली के गार्डन के फव्वारे भी चालू कराए गए हैं.’

    Amer Fort

    सालों से बंद पड़े सुख निवास के इन प्राकृतिक झरनों को प्रशासन ने एक खास मैकेनिज्म तैयार करके फिर से चालू करवा दिया है.

    पर्यटक नेहा बिंद्रा भी इसकी मुरीद हो गईं

    हिमाचल प्रदेश से आमेर घूमने आईं पर्यटक नेहा बिंद्रा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘बाहर भयानक लू चल रही है, लेकिन जैसे ही आप सुख निवास के परिसर में कदम रखते हैं, शरीर को तुरंत राहत मिलती है. 400 साल पुरानी यह तकनीक आज के महंगे एयर कंडीशनर से कहीं बेहतर है.’

    सैलानियों की सुरक्षा के लिए 200 से ज्यादा गार्ड तैनात

    पर्यटन सीजन और गर्मी के दिनों में सुख निवास आमेर किले का सबसे व्यस्त पॉइंट बन जाता है. आमेर प्रशासन के मुताबिक, ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान से बचाने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 160 होमगार्ड और 50 फायर सेफ्टी गार्ड्स को तीन अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है. सुख निवास के ठीक सामने मुगल शैली का ‘चारबाग बगीचा’ और मावठा झील का नजारा सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है.

  • गूगल ड्राइव: गूगल ड्राइव पर लड़कियों के निजी वीडियो रखने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार..

    गूगल ड्राइव: गूगल ड्राइव पर लड़कियों के निजी वीडियो रखने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार..

    गूगल ड्राइव: गूगल ड्राइव पर लड़कियों के निजी वीडियो रखने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार..

    पुलिस ने गूगल ड्राइव क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म पर लड़कियों और महिलाओं की निजी तस्वीरें और वीडियो अवैध रूप से स्टोर करने के आरोप में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक युवक ने अपने गूगल ड्राइव अकाउंट में लगभग 15 लड़कियों की बेहद निजी और अश्लील सामग्री छिपा रखी थी। हालांकि, गूगल ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और निरंतर निगरानी प्रणालियों के माध्यम से इस अवैध सामग्री का पता लगा लिया। सतर्क गूगल प्रबंधन ने तुरंत मामले को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो या स्थानीय साइबर अपराध पुलिस के संज्ञान में लाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध के मोबाइल आईएमईआई नंबर और इंटरनेट आईपी पते का पता लगाकर उसे घेर लिया और हथकड़ी लगा दी।

    गूगल ड्राइव की शर्तें: साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञ चेतावनी

    गूगल ड्राइव को निजी फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन इस पर किस प्रकार की सामग्री साझा की जा सकती है, इस पर सख्त प्रतिबंध हैं। विशेष रूप से, गूगल ड्राइव पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), आतंकवाद से संबंधित सामग्री और कॉपीराइट उल्लंघन वाली सामग्री अपलोड करना या साझा करना गूगल की नीतियों के अनुसार सख्त वर्जित है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अवैध कार्य करने पर उपयोगकर्ता के खाते न केवल तुरंत ब्लॉक कर दिए जाएंगे, बल्कि जानकारी जांच एजेंसियों को भी भेज दी जाएगी। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निजी डेटा संग्रहीत करते समय कानूनी नियमों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

  • फिल्मों जैसी वारदात! थार से ATM मशीन बांधकर कई मीटर तक घसीटा, फिर लेकर हुए फरार..

    फिल्मों जैसी वारदात! थार से ATM मशीन बांधकर कई मीटर तक घसीटा, फिर लेकर हुए फरार..

    फिल्मों जैसी वारदात! थार से ATM मशीन बांधकर कई मीटर तक घसीटा, फिर लेकर हुए फरार..
    ओडिशा एटीएम डकैती

    ओडिशा एटीएम डकैती: ओडिशा राज्य में एटीएम लूट की सबसे साहसिक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बालासोर जिले के तुरिगड़िया बाजार के पास स्थित एक एटीएम को कुछ अज्ञात हमलावरों ने एक नई रणनीति अपनाकर लूटा। आमतौर पर चोर एटीएम केंद्रों में घुसकर गैस कटर से मशीनें तोड़ देते हैं। लेकिन यहां चोरों ने एटीएम मशीन को हॉलीवुड एक्शन फिल्मों की तरह कार से बांध दिया। लूट की इस अनोखी घटना ने स्थानीय स्तर पर काफी सनसनी मचा दी है।

    पुलिस के अनुसार, लुटेरों ने शनिवार तड़के करीब 2 बजे यह घटना को अंजाम दिया। सुनियोजित तरीके से आए हमलावर एक महिंद्रा थार एसयूवी लेकर एटीएम केंद्र पहुंचे। उन्होंने गाड़ी के पिछले हिस्से में एक मजबूत रस्सी या चेन बांधी और उसे अंदर लगे ‘इंडिया वन एटीएम’ मशीन से कसकर बांध दिया। इसके बाद गाड़ी को तेज रफ्तार से आगे बढ़ने दिया गया, जिससे एटीएम मशीन कियोस्क के बेस से बाहर निकल गई।

    ओडिशा में एटीएम लूट: उसे सड़क पर घसीटते हुए नकदी लेकर फरार हो गए!

    जिस इलाके में मंदिर और घर थे, वहां लोग सो रहे थे, तभी चोरों ने एटीएम मशीन को कार से बांधकर करीब 200 मीटर तक सड़क पर घसीटा। फिर उन्होंने कार को एक सुनसान जगह पर रोककर फावड़ों और लोहे की छड़ों से एटीएम मशीन को तोड़ दिया। वे मशीन में मौजूद सारी नकदी लेकर मशीन को वहीं छोड़कर एक थार कार में बैठकर फरार हो गए। सुबह जब स्थानीय लोगों ने मशीन को सड़क पर पड़ा देखा, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

    इस जघन्य लूट की घटना के कुछ दृश्य स्थानीय सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। इन दृश्यों के आधार पर बालासोर जिला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। चोरों द्वारा इस्तेमाल की गई महिंद्रा थार कार की नंबर प्लेट और उनके द्वारा तय किए गए मार्ग के नक्शे के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह काम किसी अंतरराज्यीय चोरों के गिरोह ने किया है।

  • मॉल के बेसमेंट से बरामद हुई युवती की सड़ी-गली लाश, भाई ने बताई चौंकाने वाली बात

    मॉल के बेसमेंट से बरामद हुई युवती की सड़ी-गली लाश, भाई ने बताई चौंकाने वाली बात

    मॉल के बेसमेंट से बरामद हुई युवती की सड़ी-गली लाश, भाई ने बताई चौंकाने वाली बात

    Ghaziabad Murder Case: गाजियाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, गाज़ियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में बन रहे एक मॉल में सात साल की बच्ची की लाश मिलने से हड़कंप मच गया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. फोरेंसिक टीम ने भी सबूत इकट्ठा किए हैं और जांच शुरू कर दी है. परिवार का कहना है कि बच्ची शुक्रवार शाम करीब 7 बजे से लापता थी. परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने देर रात तक उसे ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद, रात करीब 1 बजे बन रहे मॉल के बेसमेंट में उसकी लाश मिली. बता दें की लड़की की लाश की हालत बेहद ही खराब है. अपनी बेटी की हालत देख घर वाले बुरी तरह टूट पड़े और उनमे बेहद ही गुस्सा भरा हुआ है. 

    कोल्ड ड्रिंक का दिया लालच 

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बच्ची के मामा का आरोप है कि उसके छोटे भाई ने इस बात की जानकारी दी थी कि दो युवक जो कंस्ट्रक्शन साइट पर मज़दूरी कर रहे थे बच्ची को कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर ले गए थे. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और जांच शुरू की. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम सबूत इकट्ठा किए हैं. परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है. घटना से जुड़ी हर जानकारी का पता लगाने के लिए आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है.

    जांच में जुटी पुलिस 

    आशंका है कि बच्ची का अपहरण किया गया या उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया, फिर उसके साथ रेप किया गया और बाद में उसे बन रहे मॉल की तीसरी मंज़िल से नीचे फेंक दिया गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. ACP प्रियाश्री पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है. आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर तय की जाएगी. हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • नागपुर में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, ऐप से बुलाई जाती थीं लड़कियां, कई राज्यों से जुड़े तार..

    नागपुर में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, ऐप से बुलाई जाती थीं लड़कियां, कई राज्यों से जुड़े तार..

    नागपुर में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, ऐप से बुलाई जाती थीं लड़कियां, कई राज्यों से जुड़े तार..

    नागपुर के होटल में चल रहा था देह व्यापार का धंधा

    Prostitution racket: महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस ने देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो कथित तौर पर मोबाइल ऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था. अंबाझरी थाना क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विदेशी और विभिन्न राज्यों की पांच महिलाओं को मुक्त कराया गया. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. जांच में सामने आया है कि महिलाओं को अधिक कमाई का लालच देकर इस अवैध गतिविधि में धकेला जा रहा था.

    ऐप के जरिए ग्राहकों तक पहुंचता था नेटवर्क

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी कथित तौर पर ‘लॉग इन पर्सनल मीटिंग’ नामक ऐप का इस्तेमाल कर ग्राहकों से संपर्क करते थे. इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं की उपलब्धता की जानकारी दी जाती थी और सौदे तय किए जाते थे.जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क तकनीक का इस्तेमाल कर ग्राहकों तक पहुंच बनाने का काम कर रहा था. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए थे.

    डिकॉय ऑपरेशन के जरिए की गई कार्रवाई

    पुलिस को इस गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सामाजिक सुरक्षा विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की. इसके तहत बोगस ग्राहक यानी डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया. पंचों की मौजूदगी में गोकुलपेठ स्थित होटल पेटल इन के सामने जाल बिछाया गया. जैसे ही सौदे की पुष्टि हुई, पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया. इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए गए, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है.

    विदेशी महिलाओं समेत पांच पीड़ितों को कराया गया मुक्त

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल पांच महिलाओं को मुक्त कराया. इनमें दो महिलाएं उज़्बेकिस्तान की बताई गई हैं, जबकि तीन अन्य महिलाएं पंजाब, दिल्ली और कोलकाता की रहने वाली हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिलाओं को कम समय में अधिक पैसे कमाने का लालच दिया जाता था. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इन महिलाओं को किसी प्रकार के दबाव या धोखे के जरिए इस नेटवर्क में शामिल किया गया था.

    एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सचिन माणिकराव महाजन नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान समीर उर्फ मनीष उर्फ गगन ठाकुर, राहुल और पूजा के रूप में हुई है. ये सभी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस टीम लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.

    कार्रवाई में 5 लाख रुपये से अधिक का माल जब्त

    पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 5.18 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है.

    जब्त किए गए सामान में शामिल हैं

    • स्विफ्ट डिजायर कार (लगभग 5 लाख रुपये)
    • मोबाइल फोन (करीब 10 हजार रुपये)
    • 8 हजार रुपये नकद
    • पुलिस का मानना है कि जब्त किए गए सामान से नेटवर्क के संचालन से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं.

     इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

    इस मामले में अंबाझरी पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2)(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 और 5 के अंतर्गत भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं, यदि नए तथ्य सामने आते हैं.

    नेटवर्क के पूरे तंत्र की जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके तार किन-किन शहरों या राज्यों से जुड़े हुए थे. साथ ही ऐप के इस्तेमाल, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

  • पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    बिहार के नवादा जिले में एक महिला की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपनी लाड़ली बेटी की शादी में ननद को नहीं दिलाया था. महिला के फैसले से घर और परिवार के लोगों में आक्रोश फैला हुआ था और घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती थी. महिला की हत्या के आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बदले की आग में जल रहे उसके ससुर, देवर और जेठ बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि महिला का पति विदेश में नौकरी करता है जबकि बच्चे घर पर नहीं थे जिसका फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने महिला को बेरहमी से मारना-पीटना शुरू कर दिया जिससे आहत महिला ने प्राण त्याग दिए. इस पूरे हादसे का एक इकलौता गवाह ने घर के सदस्यों को महिला की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

    मृतका के बेटे ने दी गवाही

    यह मामला नवादा जिले के नरहट क्षेत्र के हजरतपुर गांव का बताया जा रहा है जहां इस पूरी वरादात के इकलौते गवाह और महिला के भूपेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बेटे ने गवाही दी कि बहन की शादी में फुआ को निमंत्रण नहीं दिया था जिसके कारण घर में आए दिन विवाद हो रहे थे. सदस्यों में मतभेद रहने लगा था इसलिए मां की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी.

    घर पर अकेला पाकर किया कांड

    45 वर्षीय मृतका पुतुल अपने तीनों बच्चों के साथ गांव के निवास पर अकेली रहती थीं, जबकि पति साउथ अफ्रीका में बेल्डर का काम करते हैं. पुतुल की बेटी की शादी 2 महीने पहले ही हुई थी जिसमें फुआ को न्यौता नहीं दिया था. इससे पहले भी एक मुंडन संस्कार में मृतका की ओर से ननद को निमंत्रण नहीं भेजा था जिसके कारण घर में लंबे समय से लड़ाई-झगड़े हो रहे थे. गुरुवार, देर शाम को भी परिवार के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई थी. महिला को अकेला पाकर ससुर, देवर और पति के बड़े भाई तीनों एक साथ महिला से मारपीट पर उतर आए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

    घटनास्थल से फरार हो गए आरोपी

    मृतका के बेटे ने बताया कि बाबा, चारा और भैसूर ने उसकी मां के साथ बुरी तह से मारपीट की जिससे महिला घायल हो गई थी और कई चोटें भी आईं. महिला की मौत के तुरंत बाद पूरे घर और इलाके में सनसनी फैल गई है. इस वारदात के बाद तीनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया तो शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. फिलहाल मामले की सिरे से जांच-पड़ताल की जा रही है.

    शुरुआती जांच से पता चला कि घटना के वक्त घर में महिला अकेली थी. बच्चे 11 किमी. दूर हिसुआ पढ़ने गए थे. पति विदेश में था. इसलिए तीनों ने मौका देखा और छत फांदकर घर में घुंस आए. तीनों ने मिलकर महिला पर जानलेवा हमले किए, प्रताडना दी और बेरहमी से हत्या कर डाली. बेटे ने बताया कि जब काफी देर तक मां का फोन नहीं लगा तो हालात संदिग्ध लगे जिसके बाद घर की दीवार भी गिरी हुई मिली. बेटे ने बताया कि फुआ के अलावा चाचा से भी वर्षों से विवाद चल रहा था जिसके चलते आना-जाना पूरी तरह से बंद था. फिलहाल घर में मातम पसरा हुआ है. महिला के पति के देश वापस लौटने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा.

  • न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    जापान के इबाराकी प्रीफेक्चर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 42 वर्षीय महिला किसी तरह एक घर से निकलकर पास की दुकान पहुंची, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। उसने दुकान के कर्मचारी को कागज पर लिखकर मदद मांगी। इसके बाद सामने आए आरोपों ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। मामले में 49 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।

    दुकान में लिखित नोट देकर मांगी सहायता

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता आरोपी के घर से निकलकर पास की एक दुकान पहुंची। चूंकि वह बोल नहीं पा रही थी, इसलिए उसने एक लिखित नोट के जरिए अपनी आपबीती बताई और मदद की गुहार लगाई। दुकान कर्मचारी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई।

    होंठ सिलने का आरोप, पुलिस कर रही जांच

    पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि 29 जून को आरोपी ने सुई और धागे की मदद से पीड़िता के होंठ सिल दिए थे, जिससे वह बोल नहीं पा रही थी। इस आरोप के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी ने आरोप स्वीकार किए हैं या नहीं।

    लंबे समय से आरोपी के घर में रह रही थी पीड़िता

    प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीड़िता अप्रैल 2025 से आरोपी के घर में रह रही थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों के बीच क्या संबंध था और किन परिस्थितियों में वह वहां रहने लगी थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह अपनी इच्छा से वहां रह रही थी या किसी दबाव में।

    डर के कारण नहीं निकल सकी बाहर

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय तक भय के कारण घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। मौका मिलने पर वह किसी तरह वहां से निकलकर पास की दुकान पहुंची और लिखित संदेश के माध्यम से मदद मांगी। इसी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

    घर में अन्य लोगों की मौजूदगी की भी जांच

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उस मकान में कई अन्य लोग भी रहते थे, जिनमें महिलाएं और एक किशोर भी शामिल था। पुलिस इन दावों की पुष्टि करने और उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

    कई पहलुओं पर जांच जारी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी के बारे में यह भी दावा किया गया है कि वह पहले जरूरतमंद महिलाओं और युवाओं को रहने की जगह उपलब्ध कराती थी। हालांकि पुलिस इन जानकारियों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। फिलहाल अधिकारियों ने घटना के पीछे की वजह या संभावित मकसद का खुलासा नहीं किया है।

    जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और संभावित कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

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    Bengaluru Triple Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिसने सभी को हैरान कर दिया है. जानकारी सामने आ रही है कि बदले की भावना या शायद मानसिक अस्थिरता के कारण 34 साल के एक व्यक्ति ने एक ही बार में अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया. आरोपी ने अपनी मां, बुजुर्ग दादी और अविवाहित जीजा पर चाकू से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी.

    बताया जा रहा है कि इस तीहरे हत्याकांड के बाद जब आरोपी भागने में नाकाम रहा तो उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी. जिसके बाद एक ही घर में 4 शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.

    कब की है घटना?

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात घटित हुई. पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 34 वर्षीय प्रशांत के तौर पर हुई है. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि वो पेशे से ड्राइवर था. वो अपनी मां मंगलम्मा, बुजुर्ग दादी नंजम्मा और अविवाहित साला सतीश के साथ रहता था. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था तो प्रशांत के सिर पर खूनी गुस्सा सवार हो गया. उसने घर से तेज धार वाला चाकू उठाया और तीनों पीड़ितों को एक-एक करके जानलेवा हमला किया. मदद के लिए चिल्लाने का मौका दिए बिना ही उसने उन्हें घातक चोटें पहुंचाईं. जिसकी वजह से तीनों की मौके पर मौत हो गई.

    आरोपी ने दे दी जान

    मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, इस भयानक और खूंखार हत्याकांड को अंजाम देने के बाद प्रशांत अंधेरे का फायदा उठाकर घर से भागने की कोशिश में था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. घर से आ रही संदिग्ध आवाजों और प्रशांत के घबराए हुए व्यवहार को देखकर स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए. सूझबूझ दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने कातिल प्रशांत को घेर लिया.

    जिसके बाद आरोपी प्रशांत ने वो कदम उठाया. जिससे सभी सन्न रह गए. अपनी जान और पुलिस की हिरासत के डर से प्रशांत वापस घर से अंदर भागा. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और उसे उसी खौफनाक मंजर के बीच फंसा दिया. हालांकि स्थानीय लोगों का इरादा प्रशांत को पुलिस के हवाले करना था. लेकिन आरोपी प्रशांत ने खौफनाक कदम उठा लिया. जब अगली सुबह पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो उन्हें प्रशांत का शव छत के पंखे से लटका हुआ मिला.

    प्रशांत ने क्यों की हत्या?

    इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस अधिकारी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी प्रशांत गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था. हम इस भयानक घटना के असली कारण का पता लगाने के लिए उसके इलाज और मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रहे हैं.

  • झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

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    जमशेदपुर में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एमजीएम थाना क्षेत्र के सिमुलडांगा में बुधवार की रात शराब पिलाकर महिला के साथ दो लोगों ने गैंगरेप किया। इस दौरान विरोध करने पर महिला से मारपीट भी की। पीड़िता का एमजीएम अस्पताल में इलाज कराया गया। पुलिस ने घटना में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, आरोपी का मोबाइल तथा घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद की गई हैं। साथ ही अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।

    ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बुधवार देर रात करीब एक बजे डायल 112 के माध्यम से एमजीएम थाना प्रभारी को सूचना मिली कि सिमुलडांगा गांव के समीप सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी है। इसके बाद पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में एमजीएम थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची और महिला को अस्पताल पहुंचाया।

    पहले मिर्जाडीह ले गए, फिर सिमुलडांगा

    पीड़िता के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे ओमप्रकाश और जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा उसे डिमना चौक से बाइक पर बैठाकर डिमना लेक के पास मिर्जाडीह हाट की ओर ले गए। वहां दोनों ने पहले उसे शराब पिलाई और जबरदस्ती का प्रयास किया। इसके बाद वे डिमना चौक पहुंचे, जहां से फिर शराब खरीदी और महिला को भिलाईपहाड़ी एवं सिमुलडांगा के बीच रूपाईडांगा मैदान के पास सुनसान स्थान पर ले गए। यहां दोनों ने महिला को जबरन शराब पिलाई और स्वयं भी पी। इसके बाद दुष्कर्म किया। विरोध पर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, मुंह, बांह और पीठ पर गंभीर चोटें आई। महिला ने एक आरोपी ओमप्रकाश के चेहरे पर नाखून मार दिया,जो जांच में साक्ष्य साबित हुआ। पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि छह घंटे के भीतर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में मुखियाडांगा में रहने वाला ओमप्रकाश (38) व छोटू गैरेज के नाम से पहचाने जाने वाला जितेंद्र कुमार शर्मा (26) शामिल हैं। दोनों बिहार के रहने वाले हैं।

    पुलिस को रात 1 बजे 112 नंबर पर मिली सूचना

    पुलिस को घटना की सूचना बुधवार रात एक बजे डायल 112 पर मिली थी। पुलिस ने घटनास्थल से शराब की बोतलें, तीन प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लास बरामद किए। वहीं, आरोपी ओमप्रकाश के किराये के मकान से बाइक और मोबाइल जब्त किया। अभियान का नेतृत्व पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार ने किया। छापेमारी में एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास सहित कई पदाधिकारी थे।