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  • 13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    महाराष्ट्र के वाशिम में साहूकारी के खिलाफ सहकार विभाग और पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां लखाला इलाके में रहने वाली दो सगी बहनों के घर पर छापेमारी के दौरान 13 लाख रुपये नकद और करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की 88 किलो चांदी बरामद हुई. टीम ने ब्लैंक चेक, कोरे बॉन्ड, साहूकारी के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर और दूसरे दस्तावेज भी जब्त किए हैं.

    मामला वाशिम के लखाला परिसर का है. अलका वायेचाल और प्रिया वायेचाल नाम की दो सगी बहनों के खिलाफ सब रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत की गई थी. शिकायत में दोनों पर अवैध तरीके से साहूकारी करने का आरोप लगाया गया. शिकायत मिलने के बाद सब रजिस्ट्रार ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी. इसके बाद जिला अधिकारी की देखरेख में सहकार विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाई गईं. टीमों ने दोनों महिलाओं के घरों पर कार्रवाई की.

    कार्रवाई के दौरान टीम को घर से बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी मिली. अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी में 13 लाख रुपये कैश बरामद हुआ. इसके अलावा करीब 88 किलो चांदी भी मिली, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई है.

    लेकिन जांच टीम की नजर सिर्फ कैश और चांदी पर नहीं रुकी. तलाशी के दौरान कई ब्लैंक चेक और कोरे बॉन्ड भी मिले. इसके अलावा साहूकारी के लेनदेन से संबंधित रजिस्टर और दूसरे दस्तावेज भी बरामद किए गए. इन सभी सामान का पंचनामा किए जाने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया.

    इस कार्रवाई में ब्लैंक चेक और कोरे बॉन्ड की बरामदगी भी अहम मानी जा रही है. ये दस्तावेज किस-किस व्यक्ति से जुड़े हैं और इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता था, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

    इसी तरह, साहूकारी के लेनदेन से संबंधित रजिस्टर और दूसरे दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी. इन रिकॉर्ड से कथित तौर पर किए गए लेनदेन, रकम और संबंधित लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है. फिलहाल जब्त किए गए सामान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

    वाशिम के जिला सब रजिस्ट्रार अधिकारी माणिक लटपटे ने बताया कि दोनों महिलाओं के घर पर छापे के दौरान 13 लाख रुपये नकद, लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की 88 किलो चांदी, ब्लैंक चेक, कोरे बॉन्ड और साहूकार लेनदेन से जुड़े रजिस्टर जब्त किए गए हैं. उन्होंने बताया कि सभी सामान को पंचनामा करने के बाद जब्त किया गया है. बरामदगी के आधार और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी.

    प्रशासन ने लोगों से मांगी जानकारी

    कार्रवाई के बाद सहकार विभाग ने वाशिम के लोगों से अवैध साहूकारी की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की है. अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को अपने इलाके में अवैध साहूकारी की जानकारी है तो वह इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कर सकता है.

    सब रजिस्ट्रार माणिक लटपटे ने कहा कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं होगी. प्रशासन का कहना है कि ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अब जांच एजेंसियां बरामद रजिस्टर, चेक और बॉन्ड की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित साहूकारी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इन दस्तावेजों में किन लोगों के लेनदेन दर्ज हैं.

  • रात में हल्दी का ‘दूध’ पीने से सेहत को कौन-कौन से होते हैं फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और डॉक्टर से जानिए..

    रात में हल्दी का ‘दूध’ पीने से सेहत को कौन-कौन से होते हैं फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और डॉक्टर से जानिए..

    रात में हल्दी का ‘दूध’ पीने से सेहत को कौन-कौन से होते हैं फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और डॉक्टर से जानिए..

    क्या आप भी रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीते हैं? दादी-नानी के ज़माने से चला आ रहा यह नुस्खा केवल थकान दूर करने का तरीका नहीं है, बल्कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में इसे सेहत का ‘गोल्डन ड्रिंक’ माना गया है! हल्दी में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और करक्यूमिन (Curcumin) शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, पुरानी सूजन को कम करने और रात में अच्छी नींद लाने में बेहद मददगार साबित होते हैं। लेकिन क्या हर व्यक्ति के लिए रात में हल्दी का दूध पीना फायदेमंद है? आयुर्वेदिक विशेषज्ञों और एलोपैथिक डॉक्टरों के अनुसार, हल्दी के पूरे औषधीय गुण तब मिलते हैं जब इसे सही समय, सही मात्रा और सही तासीर के हिसाब से इसका सेवन किया जाए।

    एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ बिमल झाजर के मुताबिक हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में लंबे समय से घरेलू नुस्खे के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसका सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और बॉडी का मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पका लें और उसे सोने से पहले पिएं तो रात में सुकून की नींद आती है।

    हल्दी में मौजूद कुरकुमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजन कम करने वाला और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। हल्दी फ्री रेडिकल्स से होने वाले सेल डैमेज को कम करने में मदद कर सकती हैं। आइए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और डॉक्टर दोनों से समझते हैं कि रात में हल्दी का दूध पीने से सेहत को कौन कौन से फायदे होते हैं।

    रात में हल्दी का दूध पीने से सेहत पर कैसा होता है असर? एलोपैथिक डॉक्टर से जानिए

    हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक प्रमुख यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजन कम करने वाले और एंटीऑक्सीडेंट गुणों पर रिसर्च हुई है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली कोशिकीय क्षति को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, हल्दी या करक्यूमिन को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता इसका सेवन आप सप्लीमेंट के तौर पर कर सकते हैं।

    हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में अपच समेत पाचन से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। रात में रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से पाचन तंत्र दुरुस्त रखने में मदद मिलती है।

    करक्यूमिन पर हुए कुछ अध्ययनों और मेटा-एनालिसिस में ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों में दर्द और जकड़न जैसे लक्षणों में कुछ सुधार देखा गया है। रोजाना रात में सोने से पहले हल्दी के दूध का सेवन करने से जोड़ों के दर्द और जकड़न से राहत मिलती है।

    हल्दी में मौजूद करक्यूमिन के एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे जैविक गुणों पर रिसर्च हुआ है। रिसर्च के मुताबिक हल्दी के दूध का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

    हल्दी का दूध स्किन की रंगत में भी ला सकता है निखार। करक्यूमिन के एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो स्किन से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में असरदार साबित होते हैं।

    आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक रात में हल्दी का दूध पीने के फायदे

    आयुर्वेदिक एक्सपर्ट राजीव दीक्षित के एक वीडियो में बताया गया है कि हल्दी का दूध सभी के लिए नहीं बना, इसलिए लोग इस हेल्दी ड्रिंक का सेवन अपने शरीर और उसकी प्रकृति को समझकर करें। रात में हल्दी के दूध का सेवन करने से पहले बॉडी का नेचर जरूर समझे, यानी ये जानें कि आपकी बॉडी वात,कफ और पित्त किस नेचर की है।

    अगर मौसम बदलने पर तुरंत सर्दी जुकाम होता है तो आपकी कफ प्रकृति बिगड़ी हुई है ऐसे लोगों को रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना चाहिए। गाय के दूध में ही हल्दी मिलाकर उसका सेवन करें। आधी चुटकी हल्दी का सेवन एक गिलास दूध में पर्याप्त है।

    रात के सोने से पहले एक गिलास गाय का दूध लें और उसमें एक चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाएं और उसमें आधी चुटकी पिसी हुई हल्दी मिलाएं। अगर आप दो हफ्ते तक रोज इस नुस्खे को अपनाते हैं तो आपको कब्ज से राहत मिलेगी।

    अगर वजन नहीं बढ़ता तो रोज हल्दी के दूध का सेवन करें। रोजाना रात में एक गिलास गाय के दूध के साथ आधा चम्मच हल्दी का सेवन आपके मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करेगा और आपका नेचुरल तरीके से वेट गेन करेगा। आयुर्वेद के मुताबिक सुबह उठकर वॉक,एक्सरसाइज,योग प्राणायाम करके आप इस दूध से पूरा फायदा ले सकते हैं।

    अगर आपको गठिया की समस्या है, घुटनों में दर्द और जकड़न है, हड्डियों में कमजोरी,पीठ या कमर में लगातार दर्द रहता है या फिर पूरा शरीर जकड़ा रहता है तो आप हल्दी के दूध का सेवन करें। रात को सोने से पहले एक गिलास गाय के दूध में एक ग्राम अर्जुन की छाल दालें और उसे हल्की आंच पर आधा रहने तक पकाएं। इसमें आधी चुटकी हल्दी और शिलाजीत का रस मिलाकर पिएं आपको जोड़ों के दर्द से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलेगी।

    रात में सुकून की नींद नहीं आती और हर वक्त तनाव रहता है तो आप हल्दी के दूध का सेवन करें। जिन लोगों को पेट से जुड़ी समस्या रहती है वो हल्दी के दूध का सेवन नहीं करें।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और विशेषज्ञों के सुझावों पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह , निदान या इलाज का विकल्प न समझें। यदि आपको पित्त दोष, पथरी , डायबिटीज या हल्दी/दूध से एलर्जी की समस्या है, तो अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

  • Navratri Ashtami 2026 Date: अष्टमी 18 या 19 अक्टूबर? जानें कन्या पूजन कब करें..?

    Navratri Ashtami 2026 Date: अष्टमी 18 या 19 अक्टूबर? जानें कन्या पूजन कब करें..?

    Navratri Ashtami 2026 Date: अष्टमी 18 या 19 अक्टूबर? जानें कन्या पूजन कब करें..?

    Shardiya Navratri 2026: कन्या पूजन की तैयारी कर रहे लोगों के सामने इस बार सीधा सवाल है, पूजा 18 अक्टूबर को करें या 19 अक्टूबर को? सवाल इसलिए उठा है क्योंकि अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह लग जाएगी, लेकिन दिल्ली के लिए पंचांग में दुर्गा अष्टमी और महानवमी, दोनों पर्व 19 अक्टूबर को दर्ज हैं. यहां तिथि शुरू होने का समय और पर्व की तारीख समझना जरूरी है.

    18 अक्टूबर को अष्टमी तिथि कब लगेगी?

    पंचांग अनुसार अष्टमी तिथि रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे शुरू होगी. इससे पहले सप्तमी रहेगी. अष्टमी अगले दिन, सोमवार 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक चलेगी. इसीलिए 18 अक्टूबर को भी अष्टमी तिथि का समय मिलता है और कई लोगों को लगता है कि कन्या पूजन उसी दिन करना चाहिए.

    एक ही दिन अष्टमी और नवमी कैसे?

    19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक अष्टमी रहेगी. उसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे तक चलेगी. यानी दोनों तिथियां एक साथ नहीं चलेंगी. 19 अक्टूबर के दौरान एक तिथि समाप्त होगी और दूसरी शुरू होगी. पंचांग में महानवमी पूजा की तारीख भी 19 अक्टूबर दी गई है.

    ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास बताते हैं कि अष्टमी और नवमी की संधि पर की जाने वाली संधि पूजा का समय दिल्ली के नवरात्रि कैलेंडर में 19 अक्टूबर सुबह 10:27 से 11:15 बजे तक दिया गया है. इसमें अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट आते हैं. यह समय संधि पूजा का है, इसे हर परिवार के कन्या पूजन का अनिवार्य मुहूर्त समझने की जरूरत नहीं है.

    कन्या पूजन किस तारीख को करें?

    दिल्ली के इस पंचांग के अनुसार, अष्टमी पर कन्या पूजन करने वाले 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे से पहले पूजा रखें. नवमी पर कन्या पूजन करने वाले 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद पूजन कर सकते हैं. इस तरह दोनों के लिए तारीख 19 अक्टूबर है, मगर तिथि के अनुसार समय अलग है.

    यदि आपके घर में किसी दूसरे स्थानीय पंचांग या पारिवारिक रीति का पालन होता है, तो पूजन से पहले उसी का मिलान करें. खासकर 18 अक्टूबर को कन्या पूजन की योजना बना चुके लोग यह देख लें कि वे अष्टमी तिथि के आधार पर तारीख चुन रहे हैं या महाष्टमी पर्व की निर्धारित तारीख के आधार पर. दिल्ली में यदि आप रहते हैं तो महाष्टमी की पूजा 19 अक्टूबर 2026 को की जा सकती है.

    अष्टमी 2026 में 18 अक्टूबर को है या 19 अक्टूबर को?दिल्ली में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे तक रहेगी. पूजा की तारीख बताते समय पंचांग और स्थानीय परंपरा का अंतर स्पष्ट करें.

    19 अक्टूबर को नवमी कब शुरू होगी?दिल्ली के पंचांग के अनुसार नवमी सुबह 10:51 बजे शुरू होगी.

    कन्या पूजन 18 को करें या 19 अक्टूबर को?यह इस बात पर निर्भर है कि आपके घर अष्टमी पूजन होता है या नवमी पूजन. 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक अष्टमी और उसके बाद नवमी तिथि रहेगी.

  • मैरिज ब्यूरो को छोड़ा’ पीछे! महिला ने पति ढूंढने के लिए बनाया Google Form, 240 से ज्यादा लोगों ने दिखाई दिलचस्पी.

    मैरिज ब्यूरो को छोड़ा’ पीछे! महिला ने पति ढूंढने के लिए बनाया Google Form, 240 से ज्यादा लोगों ने दिखाई दिलचस्पी.

    मैरिज ब्यूरो को छोड़ा’ पीछे! महिला ने पति ढूंढने के लिए बनाया Google Form, 240 से ज्यादा लोगों ने दिखाई दिलचस्पी.

    आज के दौर में पार्टनर तलाशने के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। कोई डेटिंग ऐप पर प्रोफाइल बनाता है तो कोई मैट्रिमोनी वेबसाइट का सहारा लेता है। लेकिन अमेरिका की एक महिला ने पति की तलाश के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    महिला ने डेटिंग ऐप्स पर घंटों स्वाइप करने के बजाय सीधे Google Form तैयार कर दिया। इस फॉर्म को उसने सोशल मीडिया पर शेयर किया और इसमें संभावित पार्टनर से जुड़े कई सवाल पूछे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें रुचि दिखाई।

    डेटिंग ऐप्स से परेशान होकर निकाला अनोखा तरीका

    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित शार्लोट की रहने वाली 36 वर्षीय एरिन पैटरसन ने पति की तलाश के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया।

    एरिन डेटिंग ऐप्स पर लगातार लोगों की प्रोफाइल देखने और स्वाइप करने से परेशान हो चुकी थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि इस प्रक्रिया में काफी समय खर्च हो रहा है और गंभीर रिश्ते की तलाश भी पूरी नहीं हो पा रही है।

    इसके बाद उन्होंने एक अलग ही तरीका अपनाने का फैसला किया। उन्होंने संभावित पति के लिए एक तरह का ‘आवेदन फॉर्म’ तैयार कर लिया और उसे अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पिन कर दिया।

    फॉर्म में पूछे गए शादी और जिंदगी से जुड़े सवाल

    यह कोई साधारण फॉर्म नहीं था। इसमें संभावित पार्टनर से उनकी जिंदगी, करियर, आदतों और भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे।

    एरिन ने बताया कि वह ऐसे व्यक्ति की तलाश में हैं जो समझदार, दयालु और बातचीत पसंद करने वाला हो। उन्हें ऐसा पार्टनर चाहिए जिसके साथ कॉफी या डिनर पर बैठकर अच्छी बातचीत की जा सके।

    फॉर्म में उम्मीदवारों से उनके करियर गोल, रोजाना की दिनचर्या, फिटनेस रूटीन और शादी को लेकर सोच जैसी चीजों के बारे में भी सवाल किए गए।

    यानी डेटिंग ऐप की तरह सिर्फ फोटो और छोटी सी प्रोफाइल देखने के बजाय एरिन ने संभावित पार्टनर को थोड़ा बेहतर तरीके से समझने के लिए पहले ही कई सवाल पूछ लिए।

    240 से ज्यादा लोगों ने दिखाई दिलचस्पी

    एरिन का यह प्रयोग सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। रिपोर्ट के अनुसार, 240 से ज्यादा लोगों ने फॉर्म भरने में दिलचस्पी दिखाई।

    लोगों को उनका यह तरीका काफी अलग लगा। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे डेटिंग ऐप्स के मुकाबले ज्यादा सीधा और स्पष्ट तरीका बताया।

    एक यूजर ने उनकी पहल की तारीफ करते हुए कहा कि यह काफी साहसिक और अलग विचार है और लोगों को इसके आगे के नतीजे का इंतजार रहेगा। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर यह तरीका सफल रहा तो दूसरे लोग भी पार्टनर तलाशने के लिए ऐसा फॉर्म बना सकते हैं।

    महिला के इस अनोखे प्रयोग ने यह जरूर दिखा दिया कि आज के डिजिटल दौर में प्यार और शादी के लिए पार्टनर तलाशने के तरीके कितने अलग हो सकते हैं। जहां लोग डेटिंग ऐप्स के जरिए रिश्ते तलाश रहे हैं, वहीं एरिन ने अपनी पसंद और उम्मीदों को सवालों के रूप में सामने रखकर संभावित पार्टनर चुनने का नया तरीका अपना लिया।

  • बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार के परिवहन विभाग के SI अमित कुमार गुप्ता पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है. EOU की छापेमारी में 11 प्लॉट, फ्लैट, नकदी और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले.

    आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (SI) अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. EOU की जांच में सामने आया है कि अमित कुमार गुप्ता ने अपनी नौकरी के 13 साल के दौरान वैध आय से करीब 1.49 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की. बुधवार (30 सितंबर) को EOU की टीम ने पटना और आरा स्थित उनके दो ठिकानों पर तलाशी ली. कार्रवाई देर शाम तक जारी रही.

    EOU के मुताबिक, अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है. जांच में करीब 1,49,58,500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य मिलने की बात कही गई है. यह उनकी वैध आय से लगभग 148.10 फीसदी अधिक बताई गई है.

    बिहार सरकार क्यों खरीद रही वॉटर कैनन और वज्र वाहन? सियासी पारा हाई, छात्र संगठन नाराज

    अमित कुमार गुप्ता की नियुक्ति साल 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर हुई थी. उनकी पहली पोस्टिंग दालकोला चेक पोस्ट, पूर्णिया में हुई थी. इसके बाद वह मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया, पटना समेत कई जिलों में प्रतिनियुक्त रहे.

    घर से मिले 3 लाख रुपये कैश

    EOU की टीम ने भोजपुर जिले के अवधपुरी, चेंदवा मोड़ के पास स्थित अमित कुमार गुप्ता के निजी आवास की तलाशी ली. इस दौरान करीब 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक कार भी मिली है.

    तलाशी के दौरान अलग-अलग जिलों में जमीन खरीदने से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. इनमें आरा, पटना और छपरा में खुद और परिजनों के नाम पर खरीदे गए 11 भू-खंडों से संबंधित कागजात शामिल हैं.

    आरा में निर्माणाधीन मकान, पटना में फ्लैट

    जांच के दौरान अवधपुरी में G+3 मकान के अलावा आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान और पटना स्थित साई वरदान सिटी में एक फ्लैट होने की जानकारी भी सामने आई है. EOU को नोएडा की इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े फ्लैट और जमीन में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं.

    तलाशी में अलग-अलग बैंकों के 15 खातों से संबंधित पासबुक और चेकबुक की प्रतियां बरामद हुई हैं. इनमें मौजूद राशि में से लाखों रुपये को फ्रीज कराया गया है. इसके अलावा एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है.

    शेयर और म्यूचुअल फंड में भी निवेश

    EOU के मुताबिक, अमित कुमार गुप्ता के शेयर और म्यूचुअल फंड में करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़े 7 दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा के निवेश की जानकारी है.

    पवन सिंह फिर विवादों में! ‘हरकत’ देख RJD भड़की, यूजर्स बोले- ‘पउआ स्टार’

    तलाशी के दौरान आभूषण खरीदने से जुड़ी कई रसीदें भी मिली हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई पर भी बड़ी रकम खर्च की गई है. उनका एक बेटा दार्जिलिंग के महंगे आवासीय स्कूल में पढ़ रहा है, जबकि बेटी कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रही है.

    EOU अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ अमित कुमार गुप्ता की संपत्तियों और निवेश से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है.

  • विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान उस मुश्किल घड़ी का पूरा अनुभव साझा किया। 2 अक्टूबर को हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और वह खुद भी घायल होकर नीचे गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की।

    हमले के बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन

    रिपोर्टों के मुताबिक, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला किया था। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट के हालात को संभालने की कोशिश की।

    प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने बताया कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि अगर उन्होंने खुद को संभालकर कुछ नहीं किया तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। उन्होंने किसी भी तरह कॉकपिट तक पहुंचकर विमान को संभालने की कोशिश की।

    मुश्किल समय में पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा

    बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि संकट की उस घड़ी में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं और मुश्किल समय में भी इसे याद कर रहे थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि उस समय उनके सामने केवल खुद को बचाने की चुनौती नहीं थी, बल्कि विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा भी बड़ी जिम्मेदारी थी।

    यात्रियों और क्रू ने भी संभाले हालात

    घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट के हालात को नियंत्रित करने में केबिन क्रू, यात्रियों और विमान में मौजूद एक ऑफ-ड्यूटी पायलट की भी भूमिका रही। विमान में 174 लोग सवार थे।

    घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार को ताबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई थी और वह अपने परिवार के संपर्क में थे।

    पीएम मोदी ने परिवार से भी की थी बात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान उनके परिवार का भी जिक्र किया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम ने कहा कि संकट की घड़ी में कैप्टन के धैर्य और तुरंत लिए गए फैसलों से विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा में मदद मिली।

    कैप्टन स्मित मच्छार ने बातचीत के दौरान अपनी संस्कृति और देश से जुड़े होने की बात भी कही। प्रधानमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके इलाज और जरूरत के समय हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

    फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है, जबकि फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई इस घटना की जांच भी चल रही है। घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी विस्तृत तस्वीर जांच पूरी होने के बाद और स्पष्ट होगी।

  • ज्यादा नमक बना रहा है: आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!

    ज्यादा नमक बना रहा है: आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!

    ज्यादा नमक बना रहा है: आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!

    Health Benefits & How to Use It Daily: क्या शाम होते-होते आपकी उंगलियों में अंगूठी टाइट होने लगती है, या सुबह उठते ही चेहरा और पेट फूला हुआ महसूस होता है? अगर हां, तो हो सकता है कि आपकी डाइट में मौजूद ‘सफेद नमक’ आपके शरीर को अंदर से गुब्बारे की तरह फुला रहा हो! दरअसल, ज्यादा सोडियम युक्त सामान्य नमक शरीर में पानी को रोककर रखता है, जिसे मेडिकल भाषा में वॉटर रिटेंशन (Water Retention) या ओडिमा कहा जाता है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि आप नमक खाना पूरी तरह छोड़ दें? बिल्कुल नहीं!

    आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप साधारण रिफाइंड नमक की जगह सेंधा नमक (Rock Salt) को सही तरीके और संतुलित मात्रा में अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं, तो न केवल ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिल सकती है, बल्कि पाचन और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी ने कहा अगर आप रोजाना सेंधा नमक का सेवन करेंगे तो आपकी बॉडी में वाटर रिटेंशन की समस्या कंट्रोल रहेगी और आपकी बॉडी फूली हुई नहीं लगेगी और आप हल्का महसूस करेंगे। आइए जानते हैं सेंधा नमक इस्तेमाल करने की सही विधि और इससे मिलने वाले अद्भुत फायदे।

    सेंधा नमक और आयोडीन युक्त सफेद नमक में अंतर

    सेंधा नमक नेचुरल तरीके से पाए जाने वाले नमक का एक प्रकार है जिसे रॉक साल्ट कहा जाता है। जबकि सामान्य टेबल साल्ट को आमतौर पर प्रोसेस किया जाता है। सफेद नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है, जिसे प्रोसेस और शुद्ध करने के बाद उसमें आयोडीन मिलाया जाता है। दोनों का मुख्य घटक सोडियम क्लोराइड ही है, इसलिए दोनों का अधिक सेवन शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा सकता है। सेंधा नमक का रंग हल्का गुलाबी, सफेद या पारदर्शी हो सकता है और इसमें कुछ खनिज तत्व बहुत कम मात्रा में मौजूद रहते हैं। आयोडीन युक्त नमक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को आयोडीन उपलब्ध कराने में मदद करता है। आयोडीन थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी पोषक तत्व है और इसकी कमी से घेंघा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और आयोडीन की कमी के जोखिम वाले लोगों के लिए पर्याप्त आयोडीन का सेवन जरूरी है।

    सेंधा नमक कैसे वजन करता है कंट्रोल

    आयुर्वेद के अनुसार, नमक का अधिक सेवन शरीर में जल के असंतुलन को बढ़ा सकता है, जिससे शरीर में पानी रुकने यानी वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती है। इससे शरीर में सूजन और वजन अस्थायी रूप से बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है। इसलिए वजन को कंट्रोल रखने के लिए सेंधा नमक हो या सफेद नमक, दोनों का सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। अक्सर हम लोग दिन में चिप्स,कुरकुरे और दूसरे नमकीन हेल्दी मानकर खाते रहते हैं जिनमें भरपूर नमक होता है जो हमारी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। अगर आप बॉडी को एक्टिव रखें, संतुलित डाइट का सेवन करें और पानी का पर्याप्त सेवन करें और साथ ही नमक का सेवन भी कंट्रोल करें तो आसानी से वजन को कम कर सकते हैं।

    सेंधा नमक का सेवन कैसे पाचन को पहुंचाता है फायदा?

    आयुर्वेद में सेंधा नमक को पाचन और अग्नि को प्रभावित करने वाला माना गया है। जब पाचन ठीक रहता है और भोजन का उचित पाचन होता है, तो शरीर में आम यानी अपचित पदार्थ के जमा होने की संभावना कम मानी जाती है। सेंधा नमक को दीपन-पाचन गुणों वाला बताया गया है, इसलिए उचित मात्रा में इसका इस्तेमाल पाचन और भोजन में रुचि को बेहतर करने में मदद करता है। सेंधा नमक का सेवन पाचन अग्नि को बढ़ाने वाला और भोजन में रुचि बढ़ाने वाला माना गया है। इसका इस्तेमाल भूख और पाचन से जुड़ी समस्याओं में असरदार साबित होता है।

    आंखों और दिल के लिए भी है असरदार

    आयुर्वेद के मुताबिक सेंधा नमक का सेवन आंखों से लेकर दिल तक की सेहत में सुधार करता है। आयुर्वेद में इसे जलन कम करने, वात, पित्त तथा कफ यानी तीनों दोषों को संतुलित करने वाला बताया गया है।

    क्या रोजाना सेंधा नमक इस्तेमाल कर सकते हैं?

    सेंधा नमक भी मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड ही है। इसलिए इसे सामान्य नमक की तरह ही सीमित मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं। WHO के मुताबिक केवल नमक का प्रकार बदलने से ज्यादा सोडियम खाने से होने वाले जोखिम खत्म नहीं हो जाते। WHO वयस्कों के लिए कुल नमक का सेवन प्रतिदिन 5 ग्राम से कम रखने की सलाह देता है।

    क्या हाई बीपी में सेंधा नमक बेहतर है?

    सेंधा नमक भी सोडियम वाला नमक है, इसलिए हाई बीपी वाले लोग भी इस नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें। ऐसे लोगों को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार कुल नमक और सोडियम का सेवन कंट्रोल करना जरूरी है।

    किन लोगों को नमक की मात्रा पर खास खास ध्यान देना चाहिए?

    कुछ हेल्थ कंडीशन में नमक का सेवन डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, हृदय रोग या शरीर में बार-बार सूजन जैसी समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा को लेकर खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मामलों में सेंधा नमक को सामान्य नमक से बेहतर समझकर ज्यादा मात्रा में लेना उचित नहीं है। व्यक्ति की बीमारी और दवाओं के अनुसार डॉक्टर अलग-अलग मात्रा की सलाह दे सकते हैं। सेंधा नमक को भोजन में स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे ‘हेल्दी नमक’ समझकर ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प न समझें। सेंधा नमक में भी मुख्य घटक सोडियम ही होता है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), किडनी रोग या हृदय रोग से पीड़ित मरीज डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन की सलाह के बिना अपनी डाइट या नमक के सेवन में बदलाव न करें।

  • शारदीय नवरात्रि में ‘घटस्थापना’ से दुर्गा विसर्जन तक, देखें पूरा तिथि कैलेंडर:

    शारदीय नवरात्रि में ‘घटस्थापना’ से दुर्गा विसर्जन तक, देखें पूरा तिथि कैलेंडर:

    शारदीय नवरात्रि में ‘घटस्थापना’ से दुर्गा विसर्जन तक, देखें पूरा तिथि कैलेंडर:

    Shardiya Navratri 2026 Date: आज चैत्र नवरात्रि का समापन हो रहा है. माता के भक्तों को अब शारदीय नवरात्रि का इंतजार रहेगा. शारदीय नवरात्रि सभी नवरात्रियों में सबसे अधिक लोकप्रिय एवं महत्वपूर्ण नवरात्रि है. इस दौरान दुर्गा पूजा और दशहरा भी मनाए जाते हैं.

    इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और इसका समापन 20 अक्टूबर 2026 को होगा. शारदीय नवरात्रि के दौरान लोग अपने घर जाने के लिए पहले से ही टिकट बुक कर लेते हैं. ऐसे में शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना से लेकर नवमी तिथि और व्रत पारण तक तिथि कैलेंडर, कलश स्थापना मुहूर्त सभी यहां जान लें.

    शारदीय नवरात्रि 2026 तिथि कैलेंडर

    11 अक्टूबर 2026 – प्रतिपदा तिथि, घटस्थापना

    12 अक्टूबर 2026 – द्वितीया तिथि

    13 अक्टूबर 2026 – तृतीया तिथि

    14 अक्टूबर 2026 – चतुर्थी तिथि

    15 अक्टूबर 2026 – पंचमी तिथि

    16 अक्टूबर 2026 – षष्ठी तिथि (दुर्गा पूजा शुरू)

    17 अक्टूबर 2026 – सप्तमी तिथि, महासप्तमी

    18 अक्टूबर 2026 – सप्तमी

    19 अक्टूबर 2026 – दुर्गा अष्टमी तिथि

    20 अक्टूबर 2026 – नवमी तिथि, नवरात्रि व्रत पारण, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी

    शारदीय नवरात्रि घटस्थापना 2026

    अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 रात 9.19 से शुरू होगी और अगले दिन 11 अक्टूबर 2026 को रात 9.30 पर इसका समापन होगा.

    घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 06:19 – सुबह 10:12

    घटस्थापना अभिजित मुहूर्त – सुबह 11:44 – दोपहर 12:31

    पुराणों में शारदीय नवरात्रि का महत्व

    पुराणों के अनुसार, जब महिषासुर नामक असुर ने तीनों लोकों में आतंक मचाया, तब देवताओं की प्रार्थना पर मां दुर्गा प्रकट हुईं और नौ दिनों तक युद्ध कर दसवें दिन उसका वध किया. शारदीय नवरात्रि को अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है.

    शारदीय नवरात्रि में सूर्य दक्षिणायन में होता है, जो साधना, तप और शक्ति अर्जन का समय माना जाता है.

    इन दिनों में साधना करने से आत्मा शुद्ध होती है और ईश्वर के प्रति भक्ति बढ़ती है.

    शारदीय नवरात्रि में देवी के उग्र और शक्तिशाली रूपों की पूजा होती है, जो बुराई के नाश का प्रतीक है.

    पुराणों के अनुसार, इन दिनों की गई भक्ति से पाप समाप्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है.

    शारदीय नवरात्रि में साधना करने से बाधाओं का नाश, शत्रुओं पर विजय और आत्मबल में वृद्धि होती है.

    शारदीय नवरात्रि में क्या-क्या करें

    घटस्थापना (कलश स्थापना): – पहले दिन विधिपूर्वक कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान करें.

    व्रत और उपवास – श्रद्धा अनुसार फलाहार या निर्जल व्रत रखें, जिससे मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं.

    नवदुर्गा की पूजा – हर दिन मां के अलग-अलग स्वरूप (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक) की पूजा करें.

    दान-पुण्य – गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है.

    दुर्गा सप्तशती का पाठ – पूरे नौ दिन या रोजाना इसके अध्यायों का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है. ऐसा संभव न हो तो दुर्गा चालीसा का पाठ करें

    हवन और यज्ञ – अष्टमी या नवमी के दिन हवन करना विशेष फलदायक होता है.

    कन्या पूजन (कन्या भोज) – अष्टमी या नवमी पर छोटी कन्याओं को देवी रूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराएं.

    Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है
  • सिर्फ 1 मिनट की ‘देरी: और हाथ से निकल गई नौकरी! स्पैम फिल्टर बना इंटरव्यू रिजेक्शन की वजह.

    सिर्फ 1 मिनट की ‘देरी: और हाथ से निकल गई नौकरी! स्पैम फिल्टर बना इंटरव्यू रिजेक्शन की वजह.

    सिर्फ 1 मिनट की ‘देरी: और हाथ से निकल गई नौकरी! स्पैम फिल्टर बना इंटरव्यू रिजेक्शन की वजह.

    नौकरी पाने के लिए उम्मीदवार महीनों तैयारी करते हैं और इंटरव्यू के लिए तय समय से पहले ही तैयार होकर बैठ जाते हैं। लेकिन सोचिए, अगर इंटरव्यू के तय समय से सिर्फ एक मिनट पहले ही कॉल आ जाए और फोन का स्पैम फिल्टर उस कॉल को पहचानने में कुछ सेकंड लगा दे, तो क्या आपकी नौकरी का मौका खत्म हो सकता है? सोशल मीडिया पर सामने आई एक ऐसी ही घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है।

    मामला एक उम्मीदवार के फोन इंटरव्यू से जुड़ा बताया जा रहा है। उम्मीदवार के अनुसार, उसका इंटरव्यू सुबह 11 बजे होना तय था। वह निर्धारित समय पर इंटरव्यू के लिए तैयार था, लेकिन हायरिंग मैनेजर ने उसे 11 बजे के बजाय 10 बजकर 59 मिनट पर ही कॉल कर दिया।

    स्पैम फिल्टर की वजह से नहीं उठा कॉल

    उम्मीदवार के फोन में स्पैम कॉल फिल्टर एक्टिव था। ऐसे में अचानक आई कॉल को पहचानने और फोन पर दिखने में कुछ सेकंड लग गए। जब तक उम्मीदवार ने कॉल रिसीव की, तब तक दूसरी तरफ से फोन काट दिया गया।

    उम्मीदवार ने स्थिति को समझते ही तुरंत वापस कॉल करने की कोशिश की। हालांकि, उसकी कॉल सीधे वॉइसमेल पर चली गई और उसे हायरिंग मैनेजर से तत्काल संपर्क नहीं हो सका।

    रिक्रूटर को भेजा मैसेज, फिर मिला चौंकाने वाला जवाब

    उम्मीदवार ने इसके बाद रिक्रूटर को पूरी घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि वह इंटरव्यू के लिए उपलब्ध था, लेकिन फोन के स्पैम फिल्टर की वजह से कॉल रिसीव करने में कुछ सेकंड की देरी हो गई। उम्मीदवार ने इंटरव्यू दोबारा तय करने का अनुरोध भी किया।

    कुछ घंटे बाद कंपनी की तरफ से जो जवाब आया, उसने उम्मीदवार को हैरान कर दिया। बताया गया कि वह निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं था और इसी वजह से उसका आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए रद्द कर दिया गया।

    सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

    इस घटना का दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किए गए एक पोस्ट के जरिए सामने आया। पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों के बीच कंपनियों की हायरिंग प्रक्रिया और उम्मीदवारों के साथ अपनाए जाने वाले रवैये को लेकर बहस शुरू हो गई।

    कई यूजर्स का कहना था कि अगर इंटरव्यू का समय 11 बजे तय था, तो 10:59 बजे की गई कॉल को उम्मीदवार की ओर से देरी मानना उचित नहीं माना जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इतनी छोटी तकनीकी समस्या के कारण किसी उम्मीदवार को पूरी तरह प्रक्रिया से बाहर कर देना सही तरीका है।

    हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह संभावना भी जताई कि कंपनी के पास इंटरव्यू कैंसल करने की कोई दूसरी वजह हो सकती है और एक मिनट की देरी को आधार बनाया गया हो।

    फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और उस पर यूजर्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। कंपनी या संबंधित हायरिंग मैनेजर की ओर से इस घटना को लेकर कोई स्वतंत्र और विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है।

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि ऑनलाइन इंटरव्यू और भर्ती प्रक्रिया में समय की छोटी-सी चूक और तकनीकी दिक्कत भी उम्मीदवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।

     

     

    Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है.

  • भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    बिहार के वैशाली जिले में अपराधियों द्वारा एक युवक को गोली मारने का मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र के बलवा कुंवारी गांव में बदमाशों ने युवक पर लगातार तीन गोलियां चला दीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    भोज में जाने के दौरान आया फोन

    जानकारी के मुताबिक, घायल युवक की पहचान पीयूष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पीयूष भोज खाने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे बुलाया। आरोप है कि बुलाने के बाद वहां मौजूद बदमाशों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी।

    हमले में पीयूष को तीन गोलियां लगीं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

    गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर

    गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पीयूष को आनन-फानन में हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार और सदर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने घायल और उसके परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की।

    पुलिस खंगाल रही घटना की वजह

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पीयूष को किसने बुलाया था और उस पर फायरिंग क्यों की गई। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के साथ घटना के पीछे की वजह का भी पता लगाने में जुटी है।

    लगातार तीन गोलियां चलाए जाने की इस घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।