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  • रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों में बेवफाई और टूटते परिवारों का अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली वारदात तमिलनाडु के तूतुकुड़ी से सामने आई. यहां सावेरियारपुरम इलाके में एक सिरफिरे और डिप्रेशन के शिकार पिता ने ममता के बाद पिता के साये की उम्मीद लगाए बैठे दो मासूम बच्चों को ऐसी तड़पती हुई मौत दी जिसे सुनकर पूरा इलाका सन्न है. जिस पिता का फर्ज बच्चों की हिफाजत करना था, उसी ने रात के अंधेरे में मौत का ऐसा क्रूर खेल खेला जिसने हंसते-खेलते परिवार को एक झटके में श्मशान बना दिया. पत्नी के किसी और के साथ चले जाने की कड़वाहट ने एक इंसान को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही जिगर के टुकड़ों को करंट की कुर्सी पर सुला दिया और खुद भी मौत को गले लगा लिया.

    खाना खिलाकर सुलाया, फिर बेटों को बनाया मौत का शिकार
    यह दिल दहला देने वाली घटना शुक्रवार रात की है. मृतक की पहचान 40 वर्षीय मैरी माइकल के रूप में हुई है जो पेशे से एक ट्रक ड्राइवर था. उसके साथ ही उसकी 14 वर्षीय बेटी मैरी निरोशा (9वीं क्लास की छात्रा) और 12 वर्षीय बेटा मैरी केनिस्टन (7वीं क्लास का छात्र) भी इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए. पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि शुक्रवार की शाम माइकल हमेशा की तरह अपने बच्चों के लिए खाना लेकर घर आया था. उसने बड़े प्यार से दोनों बच्चों को खाना खिलाया और फिर उन्हें सोने के लिए कह दिया. जैसे ही मासूम बच्चे गहरी नींद में सो गए, डिप्रेशन में डूबे माइकल ने बिजली के जिंदा नंगे तारों को दोनों बच्चों के शरीर से कसकर बांध दिया और उसका कनेक्शन सीधे बिजली के बोर्ड से कर दिया. करंट लगते ही दोनों मासूमों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इसके बाद माइकल ने उसी तार को अपने शरीर पर लपेटकर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया.

    बंद कमरे के भीतर का खौफनाक मंजर
    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माइकल के 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता एंथनी मुथु घर के बाहर सो रहे थे जिन्हें भनक तक नहीं लगी कि अंदर क्या कयामत बीत चुकी है. शनिवार की दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा अंदर से नहीं खुला तो बुजुर्ग पिता को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और पुदुकोट्टई पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. एक ही बेड पर पिता और उसके दोनों मासूम बच्चों की लाशें पड़ी हुई थीं और उनके शरीरों पर बिजली के तार लिपटे हुए थे. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर तूतुकुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन इस दर्दनाक अंत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

  • मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    जब भी हम किसी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, एयरपोर्ट या बड़े सार्वजनिक स्थान के टॉयलेट का उपयोग करते हैं, तो अक्सर एक बात ध्यान में आती है—टॉयलेट के दरवाज़े के नीचे थोड़ा खाली स्थान यानी गैप होता है। कई लोगों को यह डिज़ाइन अजीब लगता है और वे सोचते हैं कि पूरी तरह बंद दरवाज़े क्यों नहीं लगाए जाते। दरअसल, इसके पीछे कई व्यावहारिक और सुरक्षा से जुड़े कारण होते हैं।

    सफाई में आसानी

    पब्लिक टॉयलेट्स में हर दिन बड़ी संख्या में लोग ok? आते हैं, इसलिए उनकी नियमित सफाई जरूरी होती है। दरवाज़े के नीचे गैप होने से सफाई कर्मचारी आसानी से mop या पानी का इस्तेमाल करके पूरे फर्श को साफ कर सकते हैं। इससे हर केबिन का दरवाज़ा खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और सफाई तेजी से हो जाती है।

    इमरजेंसी स्थिति में मदद

    अगर कोई व्यक्ति टॉयलेट के अंदर बेहोश हो जाए, गिर जाए या दरवाज़ा लॉक हो जाए, तो नीचे का गैप बहुत काम आता है। बाहर मौजूद लोग स्थिति का अंदाज़ा लगा सकते हैं और तुरंत मदद पहुंचाई जा सकती है। यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    वेंटिलेशन और बदबू कम करना

    टॉयलेट में नमी और बदबू की समस्या आम होती है। नीचे का खुला हिस्सा हवा के बेहतर सर्कुलेशन में मदद करता है, जिससे बदबू और उमस कम होती है। इससे टॉयलेट का वातावरण अधिक साफ और आरामदायक बना रहता है।

    कम लागत और आसान इंस्टॉलेशन

    पूरी तरह बंद दरवाज़ों की तुलना में इस तरह के पार्टिशन सस्ते होते हैं और जल्दी लगाए जा सकते हैं। बड़े मॉल और सिनेमा हॉल में कई टॉयलेट बनाए जाते हैं, इसलिए यह डिज़ाइन लागत कम करने में मदद करता है।

    सुरक्षा और मॉनिटरिंग

    यह डिज़ाइन गलत गतिविधियों जैसे धूम्रपान, तोड़फोड़ या अन्य दुरुपयोग को रोकने में भी मदद करता है। साथ ही, बाहर खड़े लोगों को यह पता चल जाता है कि टॉयलेट ओक्यूपाइड है या खाली।

  • ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

    ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

    आपकी कार की चाबी जब्त कर सकती है‌ ट्रैफिक पुलिस? जानिए क्या है कानून

    ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

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    Can Constable Take Your Car Keys : आपकी गाड़ी की चाबी क्या ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान निकाल सकती है? इस आर्टिकल में जानिए मोटर व्हीकल एक्ट का असली कानून, कांस्टेबल के अधिकार और अपने लीगल राइट्स एकदम आसान भाषा में।

    Can Constable Take Your Car Keys : सड़कों पर गाड़ी चलाते समय हमारा सामना कभी-न-कभी ट्रैफिक पुलिस से हो ही जाता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि चालान काटने के चक्कर में पुलिस वाले आपकी तरफ झपटा मारकर गाड़ी की चाबी निकाल लेते हैं। उसके बाद मामला थोड़ा गंभीर हो जाता है।

    लोगों के दिमाग में यह सवाल जरूर आता है क्या ऐसे ट्रैफिक पुलिस हमारे गाड़ी से चाबी निकाल सकता है। ऐसे में आज हम बेहद आसान शब्दों में जानतें हैं कि ऐसा कोई नियम है या पुलिस मनमानी करती है।

    ट्रैफिक पुलिस को गाड़ी की चाबी निकालने का अधिकार नहीं

    बता दें, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के किसी भी क्लॉज या धारा में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी या कांस्टेबल को गाड़ी की चाबी निकालने या उसे जब्त करने का अधिकार नहीं है। पुलिस का काम नियमों का उल्लंघन होने पर गाड़ी का चालान काटना, दस्तावेज चेक करना या अधिक गंभीर मामला होने पर गाड़ी को जब्त करना है। मगर, सड़क पर जबरन चाबी छीनना गैर-कानूनी है। कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जा सकती है।

    चाबी निकालने पर क्या करें?

    कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी आपके साथ ऐसा करता है तो सबसे पहले शांत रहें। उनसे बहस या हाथापाई नहीं करें। तुरंत अपने फोन से उस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लें। उसके तुरंत बाद उस पुलिस कर्मी का नाम और उसकी नेम प्लेट पर दिख रहा बैच नंबर नोट करें। आप इस वीडियो और सबूत के साथ पास के पुलिस स्टेशन या ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।

  • कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

    कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

    कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

    गर्मियों में तेज धूप, पसीना और प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा बालों पर पड़ता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में एलोवेरा एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट बालों को गहराई से पोषण देने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं एलोवेरा से बने कुछ आसान और असरदार हेयर मास्क के बारे में।

    एलोवेरा, शहद और नारियल तेल हेयर मास्क

    यह हेयर मास्क स्कैल्प को पोषण देने, डैंड्रफ कम करने और बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके लिए 2 चम्मच एलोवेरा जेल, 2 चम्मच शहद, 2 चम्मच नारियल तेल और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे बालों पर 30 मिनट तक लगाकर रखें और फिर धो लें।

    एलोवेरा और दही का हेयर मास्क

    दही और एलोवेरा का मिश्रण बालों को नमी देने और रूखेपन को कम करने में मदद करता है। 3-4 चम्मच एलोवेरा जेल में 2 बड़े चम्मच दही मिलाकर स्कैल्प और बालों पर लगाएं। 30 से 40 मिनट बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें।

    एलोवेरा और प्याज का रस

    बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह मास्क फायदेमंद माना जाता है। 4 चम्मच प्याज के रस में 2 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं और हल्की मसाज करें। लगभग एक घंटे बाद शैंपू से बाल धो लें।

    एलोवेरा और मेथी का हेयर पैक

    रातभर भिगोई हुई मेथी को पीसकर उसमें 2-3 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। इस मिश्रण को बालों पर लगाकर एक घंटे बाद धो लें। यह बालों को मजबूत और घना बनाने में मदद कर सकता है।

    एलोवेरा, केले और तेलों का पोषण

    केले और एलोवेरा का हेयर मास्क बालों को मुलायम बनाने में मदद करता है। वहीं एलोवेरा, अरंडी का तेल और ऑलिव ऑयल का मिश्रण बालों को हाइड्रेट कर उन्हें सिल्की और चमकदार बना सकता है।

    रूसी और खुजली के लिए एलोवेरा-विनेगर मास्क

    एलोवेरा जेल, एप्पल साइडर विनेगर और शहद का मिश्रण स्कैल्प की खुजली, रूसी और पपड़ी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है। इसे 20 मिनट तक लगाकर रखने के बाद बाल धो लें।

  • गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर की कमिश्नरेट पुलिस ने 29 लाख के गांजा के साथ 5 आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों में दंपती और देवर समेत बिचौलिए शामिल है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थान टिकरापारा में कार्रवाई की गई है।

    गांजा सप्लाई की मिली थी शिकायत

    जानकारी के मुताबिक, कमिश्नरेट पुलिस को 11 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार इलाके में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा सप्लाई करने आने वाले है। सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और एएनटीएफ व टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कमल विहार रोड स्थित शिव मंदिर के सामने नीलगिरी प्लांटेशन के पास घेराबंदी की।

    पुलिस को देखकर भाग रहे थे आरोपी

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला सहित तीन संदिग्ध को सुजुकी एक्सेस वाहन के साथ पकड़ा। पुलिस को देखकर तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन निवासी पंडरी, रायपुर के रूप में बताई। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रखी तीन बोरियों और एक थैले से कुल 46.100 किलोग्राम गांजा मिला। पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले से लाया गया था।

    दो सप्लायर गिरफ्तार

    इस जानकारी के बाद पुलिस ने तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को पकड़ने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की मदद से पुलिस ने रायपुर रेलवे स्टेशन के पास दो संदिग्ध सप्लायरों को घेराबंदी कर धर-दबोचा। तस्करों की पहचान बनमाली तांडी और अनु तांडी निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा) के रूप में की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर रायपुर में कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन को सप्लाई करते थे। इसके बाद रायपुर में गांजे की अवैध बिक्री की जाती थी।

    थाना टिकरापारा में कार्रवाई

    पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना टिकरापारा में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कमलेश सोनवानी के खिलाफ रायपुर और महासमुंद जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से करीब चार मामले दर्ज हैं। राजा टंडन के खिलाफ ओडिशा के टिटलागढ़ क्षेत्र में भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जिसमें वह पहले जेल जा चुका है।

  • सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

    सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

    सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

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    दहेज की मांग ने तोड़ा एक नवविवाहिता का सपना

    शादी हर लड़की के लिए नए जीवन, नए रिश्तों और खुशियों की शुरुआत होती है, लेकिन जब यही रिश्ता दहेज की मांग और प्रताड़ना का कारण बन जाए, तो एक परिवार की उम्मीदें टूटकर बिखर जाती हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां शादी के कुछ ही दिनों बाद एक नवविवाहिता की जिंदगी खुशियों से निकलकर तनाव, अपमान और डर में बदल गई।

    युवती का कहना है कि शादी के बाद उसके ससुराल वाले लगातार महंगी कार और भारी रकम की मांग करने लगे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसके साथ तानों, दबाव और दुर्व्यवहार का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे घर का माहौल इतना खराब हो गया कि उसे हर दिन मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक रात उसके पति ने उसके साथ बेहद अमानवीय और शर्मनाक हरकत की। उसका कहना है कि उसे अपमानित करने के लिए अश्लील तरीके से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह अंदर से पूरी तरह टूट गई। जब उसने इस हरकत का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे डराने-धमकाने की कोशिश भी की गई।

    इतना ही नहीं, युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि घर के एक बड़े सदस्य ने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। जब उसने खुद को बचाने के लिए आवाज उठाई, तो उसे घर से निकाल दिया गया। कुछ समय बाद जब वह अपने परिजनों के साथ वापस ससुराल पहुंची, तो उसके लिए दरवाजा तक नहीं खोला गया। इससे साफ है कि उसे न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि पूरी तरह अकेला छोड़ दिया गया।

    पीड़िता का कहना है कि उस पर अब भी चुप रहने और सब कुछ सहने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की, ताकि उसके साथ हुए अन्याय को सामने लाया जा सके। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी कई घरों में महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद कर रही है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को समय पर न्याय मिले और समाज भी चुप रहने के बजाय अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए।

  • डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    बेंगलुरु में एक महिला ने डिलीवरी एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि पार्सल देने के बाद डिलीवरी एजेंट ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और उनकी मर्जी के बिना फ्लैट के अंदर घुस गया. इसके बाद उसने अश्लील हरकत की. महिला ने पूरी घटना सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

    टॉयलेट जाने के बहाने मांगी एंट्री

    महिला के अनुसार, डिलीवरी एजेंट पार्सल देने उनके घर आया था. पार्सल देने के बाद उसने टॉयलेट इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी.

    महिला ने बताया कि उन्होंने कई बार मना किया और साफ कहा कि वह किसी अनजान व्यक्ति को अपने घर के अंदर आने की अनुमति नहीं देतीं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज्यादा जरूरत हो तो वह पड़ोसियों से मदद ले सकता है. लेकिन आरोप है कि डिलीवरी एजेंट उनकी बात नहीं माना और जबरन घर के अंदर चला गया.

    महिला ने लगाए अश्लील हरकत के आरोप

    महिला का आरोप है कि जब डिलीवरी एजेंट वॉशरूम से बाहर आया तो उसने उनके सामने अश्लील हरकत की. इस घटना के बाद महिला घबरा गईं और खुद को असुरक्षित महसूस करने लगीं.

    महिला ने कहा कि किसी महिला के साफ मना करने के बाद भी उसकी बात को नजरअंदाज करना और जबरन घर में घुसना पूरी तरह गलत है.

    डर के कारण तुरंत उठाया यह कदम

    महिला ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर लिया और घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया. वह दरवाजे के पास ही खड़ी रहीं ताकि जरूरत पड़ने पर बाहर निकलकर मदद मांग सकें.

    उनका कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा किया.

    पुलिस ने शुरू की जांच

    महिला की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने महिला से संपर्क कर घटना से जुड़ी पूरी जानकारी और डिलीवरी एजेंट का विवरण मांगा है.

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    मध्य प्रदेश में इंदौर जिले की मनोरमागंज स्थित डाक कुंज कॉलोनी में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एक ओर पुलिस फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। परिजनों के अनुसार, मां की हत्या के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। बड़ी बेटी अपनी आंखों के सामने मां का खून से लथपथ शव देखने की घटना को भूल नहीं पा रही है, जबकि छोटा बेटा कभी मां को वापस लाने की जिद करता है तो कभी गुस्से में अपने पिता को ‘रावण’ कहकर उसे सजा देने की बात कहता है। मासूम की यह बात सुनकर परिवार के लोग भी भावुक हो जाते हैं।

    वारदात से पहले बनाई थी पूरी योजना

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अखिलेश सैनी कथित तौर पर पूरी तैयारी के साथ घर पहुंचा था। जांच के अनुसार उसने पहले एक बड़ा चाकू खरीदा, फिर दोनों बच्चों के स्कूल जाने का इंतजार किया। घर में पत्नी के अकेले होने पर उसने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उर्मिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी सीधे बेटी के स्कूल पहुंचा। वहां उसने बेटी को कुछ जरूरी सामान और एटीएम कार्ड सौंपते हुए भोपाल जाने की बात कही तथा दोनों बच्चों को मौसी के घर चले जाने के लिए कहा। जब बेटी घर पहुंची तो टीवी तेज आवाज में चल रहा था। लिविंग रूम में मां खून से लथपथ पड़ी थी। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और परिजनों को सूचना दी।

    हत्या से पहले भाई को किया था फोन

    परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ मिनट पहले उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन किया था। उर्मिला ने कहा था कि किसी भी स्थिति में वकील से बात करा दी जाए और उन्हें ऑफिस भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहतीं। उस समय परिवार ने इसे सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद हत्या की सूचना मिलने से सभी स्तब्ध रह गए।

    15 वर्षों से विवादों में था दांपत्य जीवन

    परिवार का कहना है कि 2011 में विवाह के बाद से ही अखिलेश सैनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे। उर्मिला ने अलग-अलग समय पर महिला थाना, जूनी इंदौर थाना और भोपाल में भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। हालांकि, हर बार आरोपी माफी मांग लेता था और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उर्मिला समझौता कर लेती थीं। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पत्नी के मोबाइल फोन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था तथा बिना किसी ठोस आधार के उन पर संदेह करता था। यही वजह थी कि उनका वैवाहिक जीवन लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ था।

    धमकियां भी देता था आरोपी

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उर्मिला को जान से मारने की धमकी देता था। वह अपने एक रिश्तेदार के पुराने हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहता था कि हत्या करने पर भी ज्यादा सजा नहीं होती और वह जेल से बाहर आ जाएगा। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

    आरोपी की तलाश में चार पुलिस टीमें

    एसीपी नीति दंडोतिया ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें बनाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना के बाद वह पैदल ही मौके से निकला और ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। हालांकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में उसकी गतिविधियों के कुछ सुराग मिले हैं। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उर्मिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, जबकि आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ जारी है।

  • पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    Agra Crime News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि जिस मां ने अपने बेटे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया और जीवन भर उसका साथ दिया, उसी बेटे ने उसे जहर मिला खाना खिला दिया.

    इस मामले में बेटे की सास पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, अभी इन आरोपों की जांच चल रही है और पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी.

    छोले की सब्जी में जहर मिलाने का आरोप

    मामला आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के बरपुरा गांव का है. पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे रविन्द्र पर अपनी मां राममूर्ति को जहरीला खाना खिलाने का आरोप लगा.

    पीड़िता के पति रनवीर सिंह का आरोप है कि रविन्द्र ने छोले की सब्जी में जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां को खिला दिया. खाना खाने के बाद राममूर्ति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.

    सास पर भी साजिश का आरोप

    इस मामले में सबसे बड़ा आरोप रविन्द्र की सास फूलवती को लेकर लगाया गया है. एफआईआर के अनुसार, रविन्द्र ने अपने पिता को बताया कि जहरीला पदार्थ उसे उसकी सास ने दिया था. आरोप है कि फूलवती ने उसे गटपुरा गांव बुलाकर जहर की पुड़िया दी और कहा कि अगर वह अपनी मां को रास्ते से हटा देगा, तभी उसकी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. यानी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मां को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश में पत्नी की मां भी शामिल थी.

    जमीन विवाद को बताया जा रहा वजह

    रविन्द्र के भाई मुकेश ने आरोप लगाया है कि परिवार में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. उसका कहना है कि रविन्द्र की सास ने अपनी बेटी को मायके में रोक रखा था और कथित तौर पर शर्त रखी थी कि अगर रविन्द्र अपनी मां को जहर दे देगा, तभी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. इसके बाद आरोप है कि छोले की सब्जी में जहर मिलाकर मां को खिला दिया गया.

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

    पुलिस ने इस मामले में रविन्द्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ बीएनएस की धारा 61, 109 और 123 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. अब मामले की जांच मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर की जा रही है.

    फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है. मामले की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगी.

  • वीजा रिजेक्शन के बाद भी नहीं टूटी उम्मीद! इस मंदिर की मान्यता पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास..

    वीजा रिजेक्शन के बाद भी नहीं टूटी उम्मीद! इस मंदिर की मान्यता पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास..

    वीजा रिजेक्शन के बाद भी नहीं टूटी उम्मीद! इस मंदिर की मान्यता पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास..

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    भारत में आस्था और विश्वास के कई अनोखे रंग देखने को मिलते हैं. भगवान के प्रति लोगों की दीवानगी और श्रद्धा के कई किस्से आपने सुने होंगे. लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है, जहां लोग देवी देवताओं को चढ़ावे में मिठाई या फूल नहीं बल्कि अपना पासपोर्ट और वीजा की फाइल चढ़ाते हैं.

    जी हां, दिल्ली और हैदराबाद में बजरंगबली के कुछ ऐसे ही चमत्कारी मंदिर स्थित हैं. इन मंदिरों को लोग अब वीजा वाले हनुमान जी के नाम से जानने लगे हैं.

    यहां हर रोज सैकड़ों की तादाद में ऐसे युवा और लोग पहुंच रहे हैं, जिनका विदेश जाने का सपना किसी न किसी वजह से अटका हुआ है. लोगों की गहरी मान्यता है कि यहां आकर अर्जी लगाने से अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का वीजा पलक झपकते ही मिल जाता है.

    दिल्ली के नेब सराय में लगती है भक्तों की भारी अदालत

    देश की राजधानी दिल्ली के नेब सराय इलाके में वीजा वाले हनुमान जी का एक बेहद मशहूर मंदिर है. इस मंदिर में आपको आम दिनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी.

    खासकर शनिवार और मंगलवार के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है. दूर दूर से युवा लड़के लड़कियां अपने हाथों में रंग बिरंगे पासपोर्ट और वीजा के जरूरी दस्तावेज लेकर लाइन में खड़े नजर आते हैं.

    भक्तों का अटूट विश्वास है कि अगर किसी का वीजा बार बार रिजेक्ट हो रहा है, या एम्बेसी से कॉल नहीं आ रही है, तो यहां आकर हनुमान जी के चरणों में अपनी फाइल रखने से सारे काम अपने आप बन जाते हैं.

    हैदराबाद के चिलकुर बालाजी मंदिर से शुरू हुई थी यह अनोखी परंपरा

    वीजा वाले भगवान की यह अनोखी और दिलचस्प परंपरा सबसे पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बॉर्डर पर शुरू हुई थी. हैदराबाद के करीब स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर को देश का पहला वीजा मंदिर कहा जाता है.

    ये मंदिर भगवान वेंकटेश्वर यानी बालाजी का है. माना जाता है कि साठ और सत्तर के दशक में जब भारत के आईटी प्रोफेशनल्स और छात्रों का अमेरिका जाने का क्रेज बढ़ा, तब कई युवाओं के वीजा रिजेक्ट होने लगे थे.

    ऐसे में कुछ छात्रों ने यहां आकर मन्नत मांगी और उनका वीजा तुरंत लग गया. बस तभी से इस मंदिर का नाम वीजा बालाजी पड़ गया और आज भी लोग यहां पासपोर्ट लेकर मन्नत मांगने आते हैं.

    पासपोर्ट को भगवान के चरणों में छुआकर लगाई जाती है परिक्रमा

    इन मंदिरों में मन्नत मांगने का तरीका भी बेहद अलग और दिलचस्प है. मंदिर पहुंचने के बाद भक्त सबसे पहले हनुमान जी या बालाजी भगवान के दर्शन करते हैं.

    इसके बाद वे अपने ओरिजिनल पासपोर्ट या वीजा की जेरॉक्स कॉपी को भगवान के चरणों से स्पर्श कराते हैं. कई मंदिरों में मन्नत पूरी करने के लिए भगवान की मूर्ति के इर्द गिर्द 11 या 21 बार परिक्रमा करने का नियम है.

    लोग पूरी श्रद्धा के साथ हाथ में अपनी फाइल थामे भगवान का नाम जपते हुए चक्कर काटते हैं. मंदिर के पुजारियों के मुताबिक भगवान के लिए कोई भी काम असंभव नहीं है, इसलिए वे भक्तों की राह में आने वाली हर कानूनी और कागजी अड़चन को दूर कर देते हैं.

    मन्नत पूरी होने पर नारियल चढ़ाने और धन्यवाद करने दोबारा आते हैं लोग

    सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस दौर में इन मंदिरों की ख्याति अब सात समंदर पार तक पहुंच चुकी है. केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी अपने रिश्तेदारों के जरिए यहां अर्जियां लगवा रहे हैं.

    मंदिर परिसर में आपको ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो अपनी मन्नत पूरी होने के बाद भगवान का शुक्रिया अदा करने आते हैं. नियम के अनुसार जब किसी भक्त का वीजा आ जाता है, तो वह दोबारा मंदिर आकर भगवान को नारियल, मिठाई या लाल चोला चढ़ाता है.

    विज्ञान और आधुनिकता के इस युग में भी ‘वीजा वाले हनुमान जी’ के प्रति लोगों का यह अनोखा भरोसा लगातार बढ़ता ही जा रहा है.