Category: Gazab

  • चीते की रफ्तार से खाया​​​​​ खाना! महज 30 सेकेंड में पूरा बरीटो चट कर गई महिला, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड..

    चीते की रफ्तार से खाया​​​​​ खाना! महज 30 सेकेंड में पूरा बरीटो चट कर गई महिला, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड..

    चीते की रफ्तार से खाया​​​​​ खाना! महज 30 सेकेंड में पूरा बरीटो चट कर गई महिला, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड..

    Viral Video: जब खाने की बात आती है, तो अधिकतर लोग सुकून से स्वाद लेकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन, दुनिया में कुछ ऐसे महारथी भी हैं, जिनके लिए खाना किसी हाई-स्पीड रेस जैसा होता है। ब्रिटेन की मशहूर कॉम्पिटिटिव ईटर लीया शटकीवर ने एक बार फिर ऐसा ही कारनामा करके पूरी दुनिया को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। लीया ने प्लेट में रखा भारी-भरकम बरीटो महज 30.75 सेकेंड में चट कर एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (GWR) अपने नाम कर लिया है।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही टाइमर शुरू होता है, लीया बिना एक पल गंवाए बरीटो पर टूट पड़ती हैं। लगभग 613 ग्राम भारी मेक्सिकन बरीटो को वह इतनी बड़ी-बड़ी बाइट्स के साथ गटकती हैं कि देखने वालों की सांसें थम जाती हैं। चैलेंज के दौरान सबसे खास बात यह रही कि इतनी तेजी से खाने के बावजूद लीया ने प्लेट या आसपास जरा सा भी खाना नहीं गिराया। घड़ी का कांटा जैसे ही 30.75 सेकेंड पर पहुंचा, लीया ने आखिरी निवाला मुंह में डाला और जजों को यह दिखाने के लिए अपनी जीभ बाहर निकाली कि उनका मुंह पूरी तरह खाली हो चुका है। उनकी इस गजब की स्पीड और सफाई को देखकर वहां मौजूद ऑफिशियल जज भी हैरान रह गए। देखें वीडियो…

    इंसान या ईटिंग मशीन…

    यह पहला मौका नहीं है जब लीया ने यह कारनामा किया हो। दरअसल, इससे पहले भी यह रिकॉर्ड लीया के ही नाम था। हालांकि, साल 2022 में अमेरिका की कॉम्पिटिटिव ईटर मिकी सुडो ने 31.47 सेकेंड में बरीटो खाकर लीया का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। लेकिन, लीया ने हार नहीं मानी और इस बार करीब 2 सेकेंड का समय घटाकर अपना खोया हुआ ताज दोबारा हासिल कर लिया। आपको बता दें कि लीया के नाम खाने से जुड़े 40 से भी ज्यादा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दर्ज हैं, जिनमें 1 मिनट में 8 चुरोस खाना और 1 मिनट में 613 ग्राम स्ट्रॉबेरी खाना शामिल है। वहीं, इस वायरल वीडियो पर यूजर्स जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि इतने समय में तो हम सिर्फ यह तय कर पाते हैं कि खाने की शुरुआत किस तरफ से करनी है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि इतनी जल्दी तो हम एक घूंट पानी भी नहीं पी पाते, इन्होंने पूरा 600 ग्राम का बरीटो कैसे गटक लिया? तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।

  • साढ़े 3 घंटे चला हाई-वोल्टेज​​​​​ ड्रामा! मोबाइल टावर पर चढ़ा 25 साल का युवक, एक महीने से थी नेटवर्क की दिक्कत..

    साढ़े 3 घंटे चला हाई-वोल्टेज​​​​​ ड्रामा! मोबाइल टावर पर चढ़ा 25 साल का युवक, एक महीने से थी नेटवर्क की दिक्कत..

    साढ़े 3 घंटे चला हाई-वोल्टेज​​​​​ ड्रामा! मोबाइल टावर पर चढ़ा 25 साल का युवक, एक महीने से थी नेटवर्क की दिक्कत..

    राजस्थान के डीग जिले के बेढ़म गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान एक 25 वर्षीय युवक जियो कंपनी के मोबाइल टावर पर चढ़ गया. युवक ने नेटवर्क समस्या का समाधान नहीं होने पर टावर से कूदने की धमकी दी. मामले की जानकारी मिलती बड़ी संख्या में ग्रामीण व लोग मौके पर इकट्ठा हो गए.

    टावर पर साढ़े 3 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा- लोगों में हड़कंप मच गया. लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस पर प्रशासन को दी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और करीब साढ़े तीन घंटे तक समझाने के बाद युवक को नीचे उतर गया. इस दौरान मौके पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.

    एक महीने से नेटवर्क में दिक्कत- डीग जिले के बीदाम गांव में बीते 1 महीने से मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बेढ़म निवासी युवक पुष्कर गांव के एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया. युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामले की सूचना प्रशासन व जिओ कंपनी के कर्मचारियों को दी.

    नेटवर्क की दिक्कत की गई दूर- पुलिस और प्रशासन की समझाने के बाद युवक की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर कंपनी के तकनीकी कर्मचारियों को बुलाया गया. तकनीकी कर्मचारियों ने टावर पर चल रही नेटवर्क संबंधी कमियों की जांच कर उन्हें दुरुस्त किया. उसके बाद करीब साढ़े तीन घंटे बाद युवक नीचे उतरा. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने युवक के वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए. साथ ही टावर पर चढ़ने के बाद युवक ने भी अपनी समस्या बताते हुए एक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल किया.

    मांग पूरी हुई तो नीचे उतरा युवक- पुलिस एसएचओ वीरेंद्र ने बताया की करीब साढ़े तीन घंटे तक पुलिस ने युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाया. करीब एक महीने से नेटवर्क बेहद कमजोर चल रहा है. नेटवर्क की समस्या के कारण मोबाइल कॉल, इंटरनेट और ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं. युवक ने महंगे रिचार्ज के बावजूद पर्याप्त नेटवर्क सुविधा नहीं मिलने की बात भी उठाई.

    युवक की मांग पूरी होने के बाद वो नीचे उतरा. कंपनी के कर्मचारियों द्वारा नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए तकनीकी टीम द्वारा काम शुरू किया गया है. इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि युवक नेटवर्क संबंधी समस्या को लेकर युवक टावर पर चढ़ा था. उसकी सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया. मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर मोबाइल कंपनी के अधिकारी पहुंचे और उनके आश्वासन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतर गया.

  • सड़क पर निकला ‘चलता-फिरता घर’,​​​​​ नजारा देखकर दंग रह गए लोग, देखें अतरंगी..

    सड़क पर निकला ‘चलता-फिरता घर’,​​​​​ नजारा देखकर दंग रह गए लोग, देखें अतरंगी..

    सड़क पर निकला ‘चलता-फिरता घर’, नजारा देखकर दंग रह गए लोग, देखें अतरंगी Viral Video

    Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया में रोजाना एक से एक अनोखे वीडियो वायरल होते रहते हैं। कुछ वीडियो तो ऐसे होते हैं, जिन्हें देखकर अच्छे-अच्छों की बोलती बंद हो जाती है। जबकि, कुछ वीडियो को देखकर लोगों को अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। जबकि, कुछ मामले सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ये तो हम सब जानते हैं सड़क पर रोजाना तरह-तरह के वाहन दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ नजारे ऐसे होते हैं जो कैमरे में कैद होते ही वायरल होने लगते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा इस वीडियो में देखने को मिलता है। क्योंकि, इस वीडियो में ऐसा जुगाड़ (Jugaad Video) भिड़ाया गया है, जिसे देखकर लोग दंग रह गए।

    वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं एक वाहन पर सामान इस अंदाज में लदा हुआ दिखाई देता है कि पहली नजर में लगता है जैसे कोई छोटा-मोटा घर ही सड़क पर सफर कर रहा हो। ऊपर तक पहुंचा सामान, चारों तरफ बंधी चीजें और वाहन का अजीबोगरीब लुक इसे आम ट्रैफिक से बिल्कुल अलग बना देता है। सबसे मजेदार बात यह है कि वाहन आराम से सड़क पर आगे बढ़ता नजर आता है। इतना ही नहीं जिस अंदाज में शख्स स्कूटी को चला रहा है, उसे देखकर लोग और भी हैरान हो गए। कई लोगों को तो इस जुगाड़ को देखकर अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो रहा था। आखिर, किस तरह का नजारा था आप खुद इस वीडियो में देख लें…

    सड़क पर दिखा अतरंगी जुगाड़

    इस अनोखा जुगाड़ को देखकर एक पल के लिए आप भी जरूर चौंक गए होंगे। सोच रहे होंगे कि भाई ने तो अलग ही लेवल का माहौल बना दिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को voidx.exee नाम के पेज से शेयर किया गया है। इस जुगाड़ को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं। इसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स के मन में एक ही सवाल आ सकता है कि भाई, इसमें सामान खत्म हुआ था या घर का पूरा स्टोर ही उठा लाए। तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।

     

     

     

     

  • इस दुल्हन ने की तीन​​​​​ शादियां, अब चौथी बार शादीशुदा प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी… गोरखपुर का गजब मामला

    इस दुल्हन ने की तीन​​​​​ शादियां, अब चौथी बार शादीशुदा प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी… गोरखपुर का गजब मामला

    इस दुल्हन ने की तीन​​​​​ शादियां, अब चौथी बार शादीशुदा प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी… गोरखपुर का गजब मामला

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से अजीबोगरीब और हाई वोल्टेज ड्रामे के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं. पीपीगंज पुलिस स्टेशन में जहां तीन शादियों के बाद एक 30 वर्षीय महिला अपने चौथे प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ गई, वहीं दूसरी तरफ गुलरिहा इलाके में शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा.

    पीपीगंज नगर के एक वार्ड की रहने वाली 30 वर्षीय महिला की जिंदगी में प्यार और शादियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. करीब दो साल पहले महिला के पहले पति की मौत हो गई थी. इसके बाद उसने दूसरी शादी की, लेकिन कुछ ही समय बाद दूसरे पति का भी निधन हो गया. इसके बाद महिला ने संतकबीरनगर जिले में तीसरी शादी की. शादी के 4 महीने बाद वह मायके आई और फिर ससुराल जाने के बहाने लापता हो गई. मां की तहरीर पर पीपीगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की. पुलिस ने करीब 6 महीने बाद महिला को उसके चौथे प्रेमी के साथ बरामद कर पीपीगंज थाने पहुंचाया.

    पीड़ित पत्नी ने किया जमकर हंगामा

    महिला का चौथा प्रेमी पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं. जब प्रेमी की पत्नी को इस बात की खबर लगी, तो वह अपने दो छोटे बच्चों और परिवार के साथ थाने पहुंच गई. थाने में प्रेमी की पत्नी रो-रोकर बच्चों की दुहाई देती रही और महिला से अपने पति को छोड़ने की मिन्नतें करती रही. लेकिन महिला और उसका शादीशुदा प्रेमी दोनों एक-दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़े रहे. वहीं महिला का तीसरा पति उसे वापस अपनाने को तैयार नहीं हुआ. पीपीगंज चौकी इंचार्ज आदित्य सिंह ने बताया कि महिला प्रेमी संग जाना चाहती है और तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

    शादी के दबाव से तंग आकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक

    वहीं, गोरखपुर के ही गुलरिहा थाना क्षेत्र से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां शादी का लगातार दबाव बनाए जाने से नाराज एक युवक गुरुवार शाम गांव के पास स्थित ऊंचे मोबाइल फोन टावर पर चढ़ गया. युवक को टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देते देख गांव में भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना पाकर पहुंची डायल 112 पुलिस और ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे तक समझा-बुझाकर काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा. गुलरिहा पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

  • डरावनी या अनोखी परंपरा! आखिर​​​​​ क्यों इंडोनेशिया में शव को साथ रखते हैं..

    डरावनी या अनोखी परंपरा! आखिर​​​​​ क्यों इंडोनेशिया में शव को साथ रखते हैं..

    डरावनी या अनोखी परंपरा! आखिर​​​​​ क्यों इंडोनेशिया में शव को साथ रखते हैं..

    इंडोनेशिया के टोराजा एथनिक ग्रुप के लोग मृत्यु के बाद शवों को अपने साथ रखते हैं। ऐसा करने के पीछे टोराजा जनजाति की एक खास मान्यता है कि ‘मौत एक बड़ी यात्रा का हिस्सा है’।

    Iरीति रिवाजों व परंपराओं के हिसाब से पीढ़ी-दर-पीढ़ी समाज में जब भी किसी शख्स के मृत्यु होती है तो उसके शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। धर्म के मुताबिक सभी अपने रीति-रिवाजों के हिसाब से मृतक के शव का अंतिम संस्कार करते हैं। किसी धर्म में शव को मंत्रों के उच्चारण द्वारा अग्नि को सौंप दिया जाता है। तो कुछ धर्मों में शव को कब्र में दफनाया जाता है। लेकिन अगर आपको पता लगे कि विश्व में एक ऐसी जगह भी है जहां शव को जलाया या दफनाया नहीं जाता बल्कि साथ रखा जाता है। जी हां यह सच है, इंडोनेशिया के टोराजा एथनिक ग्रुप के लोग मृत्यु के बाद शवों को अपने साथ रखते हैं। ऐसा करने के पीछे टोराजा जनजाति की एक खास मान्यता है कि ‘मौत एक बड़ी यात्रा का हिस्सा है’। उनका एक पुराना रिवाज भी है जिसमें वे अपने पूर्वजों के शव को उनकी कब्रों से निकालते हैं,उन्हें साफ़ करते हैं और उन्हें नए कपड़े पहनाते हैं।

    मृत लोगों को माना जाता है बीमार या सोया हुआ

    इंडोनेशिया के साउथ सुलावेसी प्रोविंस पर टोराजा रीजेंसी में कदम रखते ही ज़िंदा लोग मरे हुए लोगों के साथ दिखाई देते हैं। इस इलाके में अंतिम संस्कार का खर्च बहुत ज़्यादा है कि, कुछ लोग अपना पूरा जीवन इसका खर्च जुटाने में ही लगा देते हैं। लेकिन पैसा जुटाने तक शव को ममी बनाकर खास स्थान पर रखते हैं, जिन्हें टोंगकोनान कहते हैं। इस अनोखी परंपरा के तहत मृत लोगों को बीमार या सोया हुआ माना जाता है और कुछ समय तक विशेष तरीको से घर में ही रखा जाता है। परिवार के सदस्य भी ऐसा व्यवहार करते हैं, मानों वह अभी जिंदा हो। इस बात की बानगी करता हुआ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अपनी मृत मां के बाल संभारते दिखाई दे रही है। यह परंपरा मृत्यु और परिवार के सदस्यों के साथ आपसी रिश्ते को भी दर्शाती है।

    कबीला कल्चर भी कहा जाता है, जिसमें शव को बच्चों से मिलवाते हैं

    इंडोनेशिया की टोराजा जनजाति में यह आम रिवाज है। इसे मरे हुए लोगों के साथ रहने का कबीला कल्चर भी कहा जाता है। इस जनजाति के लोगों में अंतिम संस्कार को जश्न के तौर पर मनाया जाता है। बाकी दुनिया से यहां के रीति रिवाज अलग है। जहां अलग-अलग धर्मों के लोग इसे दुख का समय मानते हैं तो वहीं तोराजा कबीला मरे हुए लोगों के लिए दुख नहीं मनाता। बल्कि शव को अपने साथ रखकर उनसे बातचीत करता है। हर 2 साल में उन्हें खाना देना और कपड़े पहनाना शामिल है ताकि उन्हें नई पीढ़ी से दोबारा मिलवाया जा सके। इसे मानेने रिचुअल भी कहा जाता है। शव को सालों तक रखा जाता है। इतना ही नहीं शव के कपड़े बदलकर उन्हें साफ करते हैं, और उन्हें नए कपड़े पहनाते हैं, फिर उन्हें बच्चों या नए लोगों से मिलवाते हैं।

    बच्चों की मौत पर उनके शव के साथ करते हैं ऐसा

    टोराजा रीजेंसी में अगर किसी बच्चे की मृत्यु हो जाती है तो उसके शव को ना ही लोग जलाते थे ना दफनाते थे, बल्कि पेड़ के तने में बच्चे के शव को चुनवा देते थे। इस प्रथा को पासिलिरान या बेबी ट्री बुरियन कहा जाता था। उनका मानना था कि बेबी ट्री इसलिए कहा जाता था क्योंकि उनकी मान्यता थी कि बच्चा प्रकृति में समा जाएगा। लेकिन सरकार ने इस रिवाज का अंत कर दिया दिया। और आखिरी बार यह परंपरा 50 साल पूर्व ही निभाई गई थी।

    टूरिस्ट के लिए वहां क्या कुछ है खास?

    टोराजा रीजेंसी अपने खूबसूरत हरे-भरे नज़ारों के लिए जानी जाती है, लेकिन जो लोग तोराजा ट्रेकिंग के लिए जाते हैं, वे वहाँ सिर्फ़ तस्वीरें खिंचवाने नहीं जाते। वे लोकल कल्चर का अनुभव करने और मौत और अंतिम संस्कार की अनोखी रस्मों को देखने के लिए इस इलाके में आते हैं।

  • फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित एक लग्जरी शॉपिंग मॉल में फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कार्ड दिखाकर प्रवेश करने वाले 24 साल के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पूछताछ में युवक ने दावा किया कि वह अपने परिवार को इंप्रेस करना चाहता था. वह उन्हें यकीन दिलाना चाहता था कि वो PMO के लिए काम करता है. हालांकि, पुलिस को उसकी यह सफाई भरोसेमंद नहीं लग रही है और मामले में दूसरे कारणों की भी जांच की जा रही है.

    सिक्योरिटी से बहस के दौरान खुद को PMO अधिकारी बताया पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान रोहन पारिख (24) के रूप में हुई है. घटना 7 सितंबर की है. रोहन अपने साथ दिलीप कुंडे (49) और एक अन्य व्यक्ति के साथ Jio World Plaza मॉल पहुंचा था. रोहन ने सिक्योरिटी स्टाफ को अपना डिजिटल PMO पहचान पत्र दिखाया, जिसके बाद तीनों को मॉल में प्रवेश मिल गया. मॉल के अंदर तीनों ने एक परफ्यूम और वॉलेट खरीदा और इसके बाद बाहर निकलने लगे. इसी दौरान रोहन के साथ मौजूद दिलीप कुंडे के पास हथियार होने की बात सामने आई. इसके बाद दोनों की मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों से बहस हो गई. इसी दौरान रोहन ने कथित तौर पर खुद को PMO का अधिकारी बताया.

    PMO का फर्जी डिजिटल कार्ड AI से बनाने का शक पुलिस को शक है कि रोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी डिजिटल PMO पहचान पत्र तैयार किया था. पुलिस फिलहाल इस कार्ड से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्ड किस तरह बनाया गया था. पूछताछ में रोहन ने दावा किया कि उसे 2024 में ईमेल के जरिए PMO में किसी पद के लिए चयनित होने की जानकारी मिली थी. पुलिस अब इस ईमेल और उसके दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में उसे PMO से कोई संपर्क या नियुक्ति संबंधी संदेश मिला था या नहीं.

    पीएम मोदी के कार्यक्रम से एक दिन पहले पहुंचा था मॉल इस मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह घटना 7 सितंबर को हुई थी, जबकि अगले दिन यानी 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम मॉल के पास स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में था. पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा मान रही है.

    तीसरे आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया गया है. उनके साथ मौजूद तीसरे व्यक्ति की पहचान बागुल के रूप में हुई है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों की मॉल में पहुंचने की असली वजह क्या थी और फर्जी PMO पहचान पत्र बनाने के पीछे सिर्फ परिवार को प्रभावित करने की वजह थी या कोई दूसरा मकसद.

  • मासूम बच्चे और नन्हे बंदर​​​​​ की अनोखी दोस्ती, नजारा देखकर लोग बोले- यही है सच्चा प्यार..

    मासूम बच्चे और नन्हे बंदर​​​​​ की अनोखी दोस्ती, नजारा देखकर लोग बोले- यही है सच्चा प्यार..

    मासूम बच्चे और नन्हे बंदर​​​​​ की अनोखी दोस्ती, नजारा देखकर लोग बोले- यही है सच्चा प्यार..

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद प्यारा नजारा लोगों का दिल जीत रहा है। इसमें एक छोटे बच्चे और नन्हे बंदर के बीच दिखाई दे रही मासूम दोस्ती लोगों को भावुक कर रही है। दोनों के बीच का अपनापन देखकर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर प्यार लुटा रहे हैं।

    तस्वीरों में एक नन्हा बंदर बिना किसी डर के बच्चे के बिल्कुल करीब नजर आता है। वह बच्चे के साथ बेहद सहज तरीके से समय बिताता दिखाई देता है। वहीं बच्चा भी बंदर को देखकर काफी खुश नजर आ रहा है।

    आमतौर पर इंसानों और जंगली जानवरों के बीच दूरी देखने को मिलती है, लेकिन यहां नन्हे बंदर की मासूमियत और बच्चे की खुशी ने पूरे नजारे को खास बना दिया। दोनों के बीच का भरोसा और अपनापन देखकर ऐसा लगता है जैसे उनकी दोस्ती काफी पुरानी हो।

    लोगों ने जमकर लुटाया प्यार

    यह प्यारा नजारा सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है। इंस्टाग्राम पर इसे ashwin07282 नाम के पेज से साझा किया गया है। इसे लाखों लोग पसंद कर चुके हैं और बड़ी संख्या में यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    एक यूजर ने लिखा कि सच्चा प्यार और भरोसा किसी भाषा का मोहताज नहीं होता। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि मासूमियत की कोई सीमा नहीं होती और इस बच्चे तथा नन्हे बंदर की दोस्ती इसका खूबसूरत उदाहरण है।

    कई लोगों का कहना है कि आज के समय में जब इंसान भी एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे मासूम रिश्ते चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करते हैं।

     

     

     

     

  • 80s का रेट्रो लुक छोड़िए!​​​​​ अब AI के इस ट्रेंड ने मचाया धमाल; आजमाएं ये 5 Prompts

    80s का रेट्रो लुक छोड़िए!​​​​​ अब AI के इस ट्रेंड ने मचाया धमाल; आजमाएं ये 5 Prompts

    80s का रेट्रो लुक छोड़िए!​​​​​ अब AI के इस ट्रेंड ने मचाया धमाल; आजमाएं ये 5 Prompts

    आजकल सोशल मीडिया पर एक नए लेवल का क्रेज देखने को मिल रहा है. लोग AI की मदद से अपनी आज की तस्वीरों को ऐसा लुक दे रहे हैं मानो वो दशकों पुरानी हों, यानी सीधे 1980 के दशक से निकली हुई. यह AI टूल फोटो में उस ज़माने का फैशन, हेयरस्टाइल, लाइटिंग और फोटोग्राफी का पूरा फील भर देता है.

    कोई अपनी फोटो को बॉलीवुड स्टाइल स्टूडियो पोर्ट्रेट जैसा बनवा रहा है, तो कोई पुराने ज़माने की फैमिली एलबम वाली फोटो जैसा लुक चाहता है. इन तस्वीरों में ज़्यादातर घने और उभरे हुए बाल, रंग-बिरंगे, इंडियन क्लोथिंग, भारी-भरकम गहने, हल्की गर्म रोशनी, थोड़ा धुंधलापन (सॉफ्ट फोकस) और फिल्म जैसा हल्का दाना (ग्रेन) नजर आता है-बिल्कुल पुरानी फोटो जैसा एहसास.

    इस ट्रेंड को और भी लोकल टच दिया जा सकता है. जैसे केरल और मलयाली संस्कृति के हिसाब से. बस चेहरे की पहचान वैसी ही रखते हुए, फोटो में क्लासिक सोने के गहने, केरल के पुराने घरों जैसा बैकग्राउंड और उस दौर की हेयरस्टाइल जोड़ी जा सकती है.

    ये रहे कुछ पॉपुलर आइडिया जिसकी मदद से आप अपने लिए वैसे ही तस्वीर को तैयार कर सकते हैं, जैसा आजकल ट्रेंड चल रहे हैं.

    क्लासिक मलयाली फैमिली पोर्ट्रेट: फोटो को 1980 के दशक के केरल के एक आम परिवार जैसा बना दें, जिसमें महिला को कसावु साड़ी और पुरुषों को मुंडु और उस दौर की कमीज में दिखाया जाता है. सादे गहने, पुराने जमाने की हेयरस्टाइल और लकड़ी के फर्नीचर वाला घरेलू माहौल. ये सब मिलाकर एक असली पारिवारिक तस्वीर जैसा एहसास दिया जाता है, न कि सिर्फ किसी फिल्टर वाली मॉडर्न फोटो जैसा.

    Classic Malayali family portrait: I want you to create an authentic Malayali family portrait that captures the essence of a typical family in Kerala during the mid-1980s, evoking nostalgia and cultural authenticity.

    80s का केरल वेडिंग पोर्ट्रेट: इसमें दुल्हन को क्रीम-गोल्ड कसावु साड़ी और पारंपरिक सोने के गहनों में, और दूल्हे को मुंडु व उस दौर की शर्ट में दिखाया जाता है. साधारण वेडिंग-स्टूडियो बैकड्रॉप, गर्म लाइटिंग और हल्का फिल्म ग्रेन इसे और असली बनाता है. बहुत ज्यादा सेपिया या नकली पुरानापन डाले बिना.

    1980s Kerala wedding portrait: I want you to transform a photograph into an authentic Kerala wedding portrait from the 1980s while maintaining the original facial features and identities of the subjects. Your task is to dress the woman in a traditional cream-and-gold kasavu saree, adorned with classic Kerala gold jewellery, and the man in a traditional mundu paired with a period-appropriate shirt. Ensure their hairstyles reflect typical 1980s styles, and include a simple wedding-studio backdrop that complements the scene.

    विंटेज मलयाली महिला पोर्ट्रेट: यहां ग्लैमरस लेकिन असली-सा 80s स्टूडियो लुक दिया जाता है…पारंपरिक साड़ी, सोने के झुमके, चूड़ियां, छोटी बिंदी और उस दौर के घने बाल. रंग हल्के फीके रखे जाते हैं ताकि पुरानापन झलके.

    Vintage Malayali woman portrait: I want you to create a stunning portrait that captures the essence of a vintage Malayali woman while reflecting the glamour of 1980s Kerala studio photography. Think carefully about how to blend authenticity with the glamour of the era, ensuring the final image resonates with both nostalgia and cultural pride. Recreating a vintage Malayali woman portrait that embodies the glamour and authenticity of the 1980s. The deeper tension underneath it: The challenge of merging glamour with genuine cultural representation, reflecting both the beauty of the era and the subject’s true identity.

    80s का कॉलेज-टाइम पोर्ट्रेट: चेहरा और भाव-भंगिमा असली रखते हुए, उस दौर के कपड़े और हेयरस्टाइल दिए जाते हैं — सादा मलयाली लुक. कोशिश यही रहती है कि फोटो बनावटी न लगे, बल्कि लगे जैसे सच में उसी दौर में एनालॉग कैमरे से खींची गई हो.

    1980s Kerala college portrait: I want you to transform the provided photograph into a photorealistic portrait that authentically captures the essence of a college student in 1980s Kerala. A high-resolution digital image that meets the above criteria, ensuring photorealism and authenticity.

    मलयालम सिनेमा से प्रेरित पोर्ट्रेट: इसमें उस दौर के हेयर-मेकअप और कपड़ों के साथ ड्रामैटिक स्टूडियो लाइटिंग दी जाती है, जो पुरानी मलयालम फिल्मों के पोस्टर जैसा फील देती है.

    I want you to create an authentic 1980s Malayalam cinema-inspired studio portrait that captures the essence of that era while keeping the original facial features, identity, and natural expression recognizable. Recreate a photograph while maintaining identifiable features and expressions.

  • 10 दिन अंधेरी सुरंग में​​​​​ फंसे रहे इंजीनियर संजय साह, ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप बना सहारा; जानिए क्या है इसकी शक्ति..

    10 दिन अंधेरी सुरंग में​​​​​ फंसे रहे इंजीनियर संजय साह, ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप बना सहारा; जानिए क्या है इसकी शक्ति..

    10 दिन अंधेरी सुरंग में​​​​​ फंसे रहे इंजीनियर संजय साह, ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप बना सहारा; जानिए क्या है इसकी शक्ति..

    नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में करीब 10 दिनों तक फंसे रहने के बाद इंजीनियर संजय साह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इतने लंबे समय तक अंधेरी सुरंग में बिना सामान्य सुविधाओं के जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करना किसी के लिए भी बेहद मुश्किल स्थिति थी।

    संजय साह के मुताबिक, इस कठिन समय में उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। वह लगातार ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप करते रहे। उनका कहना है कि महामंत्र के जाप से उन्हें मानसिक हिम्मत मिली और मुश्किल हालात में धैर्य बनाए रखने की ताकत मिली। रेस्क्यू के बाद उन्होंने इस अनुभव को जिंदगी का दूसरा मौका बताया।

    क्या है हरे कृष्ण महामंत्र?

    हरे कृष्ण महामंत्र वैष्णव परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम के नामों का स्मरण करने वाला प्रसिद्ध मंत्र है। इसे आमतौर पर इस तरह जपा जाता है—

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण,
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
    हरे राम हरे राम,
    राम राम हरे हरे।।

    यह मंत्र 16 नामों से मिलकर बना है और गौड़ीय वैष्णव परंपरा में इसका विशेष महत्व माना जाता है।

    यह महामंत्र किसने दिया?

    इस मंत्र को किसी एक व्यक्ति द्वारा नया बनाया गया मंत्र नहीं माना जाता। इसकी परंपरा प्राचीन वैष्णव भक्ति से जुड़ी हुई है। हालांकि, इसे व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाने का विशेष श्रेय श्री चैतन्य महाप्रभु को दिया जाता है।

    चैतन्य महाप्रभु ने भगवान के नाम-स्मरण और संकीर्तन को भक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया। बाद में श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने इसी महामंत्र को दुनिया के कई देशों तक पहुंचाया और 1966 में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शसनेस यानी ISKCON की स्थापना की।

    महामंत्र की शक्ति क्या मानी जाती है?

    भक्ति परंपरा में भगवान के नाम का जाप मन को एकाग्र करने और भीतर से शांति व साहस पाने का माध्यम माना जाता है। लगातार मंत्र का स्मरण करने से व्यक्ति का ध्यान डर और तनाव से हटकर एक आध्यात्मिक केंद्र पर टिक सकता है।

    संजय साह के मामले में भी यह महामंत्र उनके लिए कठिन परिस्थितियों में मानसिक सहारे का माध्यम बना। करीब 10 दिनों तक सुरंग में फंसे रहने के दौरान उन्हें न तो यह पता था कि मदद कब पहुंचेगी और न ही बाहर की स्थिति की पूरी जानकारी थी। ऐसे समय में जाप ने उन्हें उम्मीद और धैर्य बनाए रखने में मदद की।

    हालांकि, महामंत्र की आध्यात्मिक शक्ति आस्था का विषय है। इसे वैज्ञानिक रूप से किसी आपदा में जीवन बचाने वाला प्रमाणित उपाय नहीं कहा जा सकता। लेकिन प्रार्थना, मंत्र-जाप और ध्यान जैसी आध्यात्मिक गतिविधियां कई लोगों को कठिन परिस्थितियों में मानसिक संबल और उम्मीद देने का अनुभव कराती हैं।

    संजय साह की कहानी में सबसे खास बात

    हादसे के समय सुरंग में करीब 40 से 45 लोग मौजूद बताए गए। संजय के पास कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी थी। अचानक बाढ़ का पानी और मलबा सुरंग में घुसने लगा तो उन्होंने पहले वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए कहा।

    दूसरों को सुरक्षित रास्ते की ओर भेजने के दौरान वह खुद सुरंग के अंदर फंस गए। इसके बाद करीब 10 दिनों तक उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया।

    इन मुश्किल दिनों में उन्होंने जिस तरह उम्मीद बनाए रखी और लगातार महामंत्र का जाप किया, वह उनकी कहानी का सबसे भावुक पहलू बन गया।

    कभी-कभी मुश्किल समय में इंसान के पास परिस्थितियां बदलने का कोई रास्ता नहीं होता, लेकिन उम्मीद बनाए रखने का एक सहारा जरूर होता है। संजय साह के लिए उस अंधेरी सुरंग में ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप ऐसा ही एक सहारा बना।

  • पति ने अफेयर पर खर्च​​​​​ किए करोड़ों! 180 बार महिला के साथ होटल गया, करोड़ों की इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी

    पति ने अफेयर पर खर्च​​​​​ किए करोड़ों! 180 बार महिला के साथ होटल गया, करोड़ों की इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी

    पति ने अफेयर पर खर्च​​​​​ किए करोड़ों! 180 बार महिला के साथ होटल गया, करोड़ों की इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी

    चीन में एक शादीशुदा शख्स का 7 साल पुराना अफेयर तब कोर्ट तक पहुंच गया, जब पत्नी को पति के रिश्ते और पैसों के लेन-देन का हिसाब मिला. मामला इतना उलझा कि इसमें प्रेम कहानी से ज्यादा बीमा पॉलिसियां, लाखों रुपए के ट्रांसफर और होटल की मुलाकातें सामने आने लगीं. पत्नी का आरोप था कि पति ने शादीशुदा जिंदगी की कमाई का इस्तेमाल अपनी महिला मित्र पर किया. मामला सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ.

    2017 में पत्नी ने पढ़े पति के मैसेज दक्षिण चीन के गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ निवासी गुओ की शादी झेन से हुई थी. दोनों की दो साल की बेटी भी है. साल 2017 में झेन को पति के मोबाइल में एक महिला से चैट मिली. यह महिला ली थी, जो गुओ से 8 साल छोटी और इंश्योरेंस एजेंट थी. मैसेज में ‘मैं तुम्हें मिस करती हूं’ जैसी बातें थीं. इतना ही नहीं, गुओ ने ली को कई बार 520 युआन भी भेजे. चीन में 520 का इस्तेमाल कई बार ‘आई लव यू’ के अर्थ में किया जाता है. यानी पत्नी के सामने शक की पहली घंटी यहीं बज गई थी.

    अस्पताल में मिली बीमा पॉलिसियों ने फिर बढ़ाया शक कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. साल 2024 में झेन अस्पताल में भर्ती थीं. इसी दौरान उन्हें पता चला कि गुओ ने उनके और बेटी के नाम पर मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसियां खरीदी थीं. झेन ने जब पुराने लेन-देन और बीमा रिकॉर्ड खंगाले तो मामला और बड़ा निकला. उनके मुताबिक, गुओ ने करीब 7 साल में ली को 30 लाख युआन से ज्यादा रकम ट्रांसफर की थी.

    50 से ज्यादा पॉलिसियां, 1 करोड़ युआन से ज्यादा प्रीमियम रिकॉर्ड के मुताबिक गुओ ने ली के जरिए 50 से ज्यादा इंश्योरेंस पॉलिसियां खरीदीं. इन पॉलिसियों के लिए उसने 1 करोड़ युआन से ज्यादा का प्रीमियम भी भरा. इसी दौरान ली को अपनी इंश्योरेंस कंपनी में प्रमोशन भी मिला. झेन का आरोप था कि पति ने वैवाहिक संपत्ति का इस्तेमाल इन पॉलिसियों और कथित रिश्ते में किया. उन्होंने गुओ, ली और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर कर प्रीमियम वापस करने की मांग की.

    बिजनेस मीटिंग थी… लेकिन होटल का हिसाब 180 पार ली ने अफेयर के आरोपों से इनकार किया. उसका कहना था कि किसी क्लाइंट से होटल में मिलना अपने आप में गलत नहीं है और मुलाकातें बिजनेस के सिलसिले में थीं. लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में गुओ के बयान ने कहानी को नया मोड़ दे दिया. गुओ ने कथित तौर पर माना कि वह ली के साथ 180 से ज्यादा बार होटल में ठहरा था. उसने यह भी बताया कि उसके पास एक दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी हैं और वह आर्थिक परेशानी में नहीं था.

    कोर्ट ने कहा- रिश्ता अनुचित, लौटाने होंगे करीब 9 लाख युआन कोर्ट ने माना कि गुओ और ली के बीच अनुचित संबंध थे. अदालत ने ली को झेन को करीब 9 लाख युआन के गिफ्ट लौटाने और उस पर ब्याज देने का आदेश दिया. ली की दोबारा सुनवाई की मांग भी खारिज कर दी गई. हालांकि, बीमा पॉलिसियों को रद्द कराकर प्रीमियम वापस लेने का विवाद अभी अलग कानूनी प्रक्रिया में है. इंश्योरेंस कंपनी का कहना है कि गुओ ने लंबे समय तक सोच-समझकर पॉलिसियां खरीदीं और ये फैसले किसी दबाव में नहीं लिए गए थे.